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  • सब्जियों और अनाज में मिल रहे खतरनाक रंग! हरी मिर्च, मटर और रागी खरीदते समय रहें सावधान

    सब्जियों और अनाज में मिल रहे खतरनाक रंग! हरी मिर्च, मटर और रागी खरीदते समय रहें सावधान

    पटना
     बाजार में हरी-भरी सब्जियां, चमकदार मटर और आकर्षक दिखने वाले अनाज देखकर अक्सर हम उनकी गुणवत्ता का अंदाजा लगा लेते हैं। लेकिन जरूरी नहीं कि जो खाद्य पदार्थ दिखने में जितना अच्छा हो, वह उतना ही शुद्ध भी हो। इन्हें ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए कुछ मामलों में कृत्रिम रासायनिक रंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    हरी सब्जियों और मटर में मेलाचाइट ग्रीन, जबकि रागी में रोडामाइन बी जैसे रंगों की मिलावट सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है।

    ऐसे में खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर जागरूक रहना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है कि रंगों की मिलावट का शुरुआती संकेत जानने के लिए आपको किसी महंगी मशीन या लैब की जरूरत नहीं है।

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की DART पुस्तिका में बताए गए कुछ आसान परीक्षणों की मदद से घर पर ही संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच की जा सकती है।

    हरी मिर्च और सब्जियों की चमक देखकर न हों धोखा, ऐसे पकड़ें नकली रंग
    हरी मिर्च, पालक और दूसरी हरी सब्जियां अगर जरूरत से ज्यादा चमकदार या अस्वाभाविक रूप से गहरी हरी दिखाई दें तो सावधान हो जाएं। संभव है कि उन्हें आकर्षक दिखाने के लिए मेलाचाइट ग्रीन जैसे कृत्रिम रंग का इस्तेमाल किया गया हो।

    घर पर ऐसे करें जांच:

    • सबसे पहले सफेद रुई के दो छोटे फाहे लें।
    • एक फाहे को सामान्य पानी और दूसरे को खाने में इस्तेमाल होने वाले वनस्पति तेल में भिगो लें।
    • अब हरी मिर्च या सब्जी की बाहरी सतह को दोनों फाहों से अलग-अलग रगड़ें।
    • यदि रुई पर साफ हरा रंग उतरता दिखाई दे तो यह कृत्रिम रंग की मौजूदगी का संकेत हो सकता है।
    • एक और आसान तरीका: सफेद ब्लाटिंग पेपर को हल्का गीला करें और उस पर सब्जी का छोटा टुकड़ा रखें। कुछ देर बाद यदि कागज पर हरे रंग की छाप दिखाई देती है तो सब्जी में बाहरी रंग होने की आशंका हो सकती है।

    हरी मटर को पानी में डालकर 30 मिनट में करें जांच
    हरी मटर को देखकर यह पहचानना हमेशा आसान नहीं होता कि उसका रंग प्राकृतिक है या उसे कृत्रिम तरीके से रंगा गया है। कई बार मटर के दानों को ज्यादा ताजा और आकर्षक दिखाने के लिए बाहरी रंग का इस्तेमाल किया जा सकता है।
    घर पर जांचने का तरीका बेहद आसान है:

    • एक पारदर्शी कांच का गिलास लें।
    • उसमें थोड़ी मात्रा में हरी मटर डालें।
    • अब गिलास में पर्याप्त साफ पानी भर दें।
    • मटर को पानी में अच्छी तरह मिलाएं और करीब 30 मिनट तक बिना हिलाए छोड़ दें।
    • इसके बाद गिलास के पानी को ध्यान से देखें।
    • यदि पानी में हरा रंग घुलता हुआ दिखाई दे तो मटर पर कृत्रिम रंग चढ़ाए जाने की आशंका हो सकती है। प्राकृतिक मटर से सामान्य स्थिति में इस तरह तुरंत रंग नहीं निकलना चाहिए।

    रागी में खतरनाक रोडामाइन बी की मिलावट ऐसे पहचानें
    रागी को सेहत के लिए उपयोगी मोटा अनाज माना जाता है। लेकिन इसे ज्यादा आकर्षक दिखाने के लिए इसकी बाहरी सतह पर कृत्रिम रंग लगाए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसमें रोडामाइन बी जैसे रंग की मौजूदगी को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    रागी की जांच के लिए अपनाएं ये स्टेप:

    • सफेद रुई के दो फाहे लें।
    • एक फाहे को पानी और दूसरे को वनस्पति तेल में भिगोएं।
    • रागी के कुछ दानों को अलग-अलग फाहों से रगड़ें।
    • अब दोनों फाहों को ध्यान से देखें।
    • यदि रुई पर गुलाबी, लाल या अन्य असामान्य रंग उतरता दिखाई दे तो रागी में कृत्रिम रंग होने का संदेह हो सकता है। ऐसे खाद्यान्न का इस्तेमाल करने से पहले उसकी गुणवत्ता की पुष्टि जरूर करें।

    चावल और दूसरे अनाजों में मिलावट पकड़ने के लिए अपनाएं यह तरीका
    सिर्फ सब्जियां ही नहीं, बल्कि चावल और दूसरे खाद्यान्न भी मिलावट से अछूते नहीं हैं। इन्हें चमकदार और आकर्षक बनाने के लिए दानों की बाहरी सतह पर कृत्रिम रंग लगाया जा सकता है।

    घर पर ऐसे करें परीक्षण:

    • एक पारदर्शी कांच का गिलास लें और उसमें साफ पानी भरें।
    • अब पानी में दो छोटे चम्मच चावल या जांचे जाने वाले खाद्यान्न डालें।
    • दानों को पानी में अच्छी तरह मिलाएं।
    • इसके बाद पानी के रंग पर ध्यान दें।
    • यदि पानी में तुरंत रंग फैलने लगे या रंग की परत दिखाई देने लगे तो अनाज पर बाहरी रंग चढ़ाए जाने की आशंका हो सकती है। सामान्य खाद्यान्नों से आमतौर पर इस तरह तुरंत रंग नहीं निकलता।

    मिलावट का संदेह हो तो क्या करें? इन बातों का रखें ध्यान
    घरेलू जांच खाद्य पदार्थों में मिलावट का शुरुआती संकेत दे सकती है, लेकिन इसे किसी भी तरह की मिलावट का अंतिम वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मानना चाहिए। कुछ खाद्य पदार्थों का प्राकृतिक रंग भी पानी या रुई पर आ सकता है। इसलिए केवल एक परीक्षण के आधार पर किसी दुकानदार या उत्पाद को मिलावटी घोषित करना उचित नहीं है।

    • जरूरत से ज्यादा चमकदार और अस्वाभाविक रंग वाले खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें।
    • खुले खाद्यान्न खरीदने के बजाय विश्वसनीय दुकानदार और प्रमाणित ब्रांड को प्राथमिकता दें।
    • खाद्य पदार्थों को इस्तेमाल करने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
    • यदि मिलावट का संदेह हो तो उस खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
    • पुष्टि के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग या मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच कराएं।