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  • जयपुर में भारत टैक्सी की मार्केटिंग तेज होगी, 53,766 ड्राइवर पंजीकृत; मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

    जयपुर में भारत टैक्सी की मार्केटिंग तेज होगी, 53,766 ड्राइवर पंजीकृत; मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

    जयपुर
    राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में रविवार को नेहरू सहकार भवन में भारत टैक्सी के संचालन, सेवाओं की गुणवत्ता एवं राइड संख्या में वृद्धि के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने राज्य में भारत टैक्सी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए इसके संचालन को अधिक प्रभावी, प्रतिस्पर्धी एवं जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने भारत टैक्सी के अधिकारियों को आगामी 2 माह में 5,000 राइड प्रतिदिन तक बढ़ाने के लक्ष्य के अनुरूप इसके लिए समर्पित टीम गठित करने, प्रभावी प्रोत्साहन (इंसेंटिव) मॉडल विकसित करने तथा आगामी 15 दिवस में व्यापक मार्केटिंग एवं कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भारत टैक्सी का प्रचार-प्रसार करने, स्टैंडी स्थापित करने, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से प्रचार गतिविधियां संचालित करने तथा जयपुर नगर निगम के सहयोग से मार्केटिंग को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, परिवहन,नगर निगम, डेयरी आदि विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग प्राप्त करने पर भी जोर दिया।

    मुख्य सचिव ने खुद मोबाइल ऐप पर परखी सुविधा
    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्वयं अपने मोबाइल फोन पर भारत टैक्सी ऐप का अवलोकन किया तथा इसकी कार्य प्रणाली एवं उपयोगकर्ता अनुभव में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक राइड की समीक्षा करने तथा यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।

    राजस्थान के मुख्य सचिव श्रीनिवास ने भारत टैक्सी के संचालन की दैनिक मॉनिटरिंग, पोर्टल पर नियमित प्रगति रिपोर्ट दर्ज करने तथा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रतिदिन समीक्षा एवं समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, सारथियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति का सतत आंकलन करने तथा सेवाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    जयपुर में वर्तमान में भारत टैक्सी पर 53,766 ड्राइवर पंजीकृत
    बैठक में बताया गया कि जयपुर में वर्तमान में भारत टैक्सी पर 53,766 ड्राइवर पंजीकृत हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राइड संख्या में वृद्धि के लिए ठोस एवं परिणामोन्मुखी प्रयास करने के निर्देश दिए। इस दौरान सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, राजफेड के एमडी सौरभ स्वामी, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पुरुषोत्तम शर्मा, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा, आरसीडीएफ एमडी श्रुति भारद्वाज सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • चंडीगढ़ में आज शुरू होगी ‘भारत टैक्सी’ सेवा, ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कमीशन; जानें फायदे

    चंडीगढ़ में आज शुरू होगी ‘भारत टैक्सी’ सेवा, ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कमीशन; जानें फायदे

     चंडीगढ़
     Bharat Taxi News: चंडीगढ़ में आज से भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत हो रही है। आज सेक्टर 9 में मौजूद नई यूटी सचिवालय इमारत में आयोजित कार्यक्रम में इसका शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल तथा केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    डिजिटल शुभारंभ के बाद भारत टैक्सी (Bharat Taxi App Launched) वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। भारत टैक्सी से लोगों को क्या फायदा होगा, ड्राइवरों को यह कैसे फायदा पहुंचाएगी, ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवाओं से यह सर्विस कैसे अलग है, क्या यह सरकार द्वारा जारी एक नई पहल है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब यहां जानते हैं।

    लेकिन इससे पहले जानना जरूरी है कि हाल ही में चंडीगढ़ में कई नामी टैक्सी सेवाओं के लाइसेंस छह महीने के लिए रद किए गए हैं। इसके कुछ दिनों बाद ही प्रशासन केंद्रशासित प्रदेश में भारत टैक्सी की शुरुआत कर रहा है।

    ओला-उबर जैसी सेवाओं पर लगी रोक
    पिछले सप्ताह चंडीगढ़ प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया। इसके अनुसार, केंद्रशासित प्रदेश में एप आधारित कैब-बाइक टैक्सी सेवाओं वाली कंपनियों पर छह महीने की रोक लगा दी गई। ओला, इन-ड्राइव, उबर, रैपिडो का एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किया गया है।

    क्यों लिया यह फैसला?
    कैब और टैक्सी ड्राइवरों के करीब 100 दिन से चल रहे धरने और 15 दिन की भूख हड़ताल के बीच स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने यह फैसला लिया है।

    अब जानिए क्या है भारत टैक्सी सेवा
    भारत टैक्सी सेवा सरकार की एक नई पहल है, जिसकी शुरुआत 2 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली से हुई थी । इसका उद्देश्य कॉ-ओपरेटिव टैक्सी प्लेटफॉर्म पर प्राइवेट कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाना है।

    सरकार इस एप के जरिए यात्रियों और ड्राइवर दोनों के हितों का ध्यान रख रही है। सरकार के इस एप के जरिए टैक्सी चालकों को केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था के हिस्सेदार के रूप में जोड़ा जाएगा।

    ड्राइवरों को क्या होगा फायदा?
    भारत टैक्सी सेवा का उद्देश्य तकनीक आधारित परिवहन सेवा में सहकारिता की भावना को लागू करना और ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाना है।

    प्रशासन के अनुसार, इस पहल से सहकारी मॉडल का विस्तार परिवहन क्षेत्र में होगा, जिससे चालकों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें उनकी भागीदारी और हिस्सेदारी सुनिश्चित हो सकेगी। यानी ड्राइवर खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार होंगे। खास बात है कि इसमें ड्राइवरों को कोई कमीशन नहीं देना होगा। इसके साथ ही राइडर को एक्सीडेंट और इंश्योरेंस कवरेज जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।

    भारत टैक्सी एप से ड्राइवर को फायदे
        किराया ड्राइवर के बैक अकाउंट में जाएगा।
        एप में कंपनी का कोई वॉलेट नहीं है।
        ड्राइवर कर्मचारी नहीं , बल्कि हिस्सेदार होंगे।
        एप में कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं है।
        किराए में कोई फेरबदल नहीं होता।

    यात्रियों को क्या होगा फायदा?
    भारत टैक्सी एप का किराया अन्य टैक्सी सेवाओं की तुलना में 30 फीसदी (Bharat Taxi fare) तक कम है। वहीं, इस एप के जरिए यात्रियों की सुरक्षा, विशेषतौर पर महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस किया गया है।

    गलत व्यवहार पर यात्री भारत टैक्सी एप के हेल्प-सपोर्ट सेक्शन में जाकर राइड से संबंधित कोई भी शिकायत दर्ज करवा सकता है। खास बात है कि 150 से ज्‍यादा महिला ड्राइवर ‘बाइक दीदी’ योजना के तहत प्लेटफॉर्म से जुड़ी हैं, इससे महिलाएं महिला कैप्टन या ड्राइवर का भी चुनाव कर सकती हैं।

        कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं।
        महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस।
        अन्य टैक्सी सेवाओं से 30 फीसदी तक सस्ता।
        राइड बुक करना काफी आसान।
        कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं।
        वाहन को ट्रैक करना काफी आसान।

    किन शहरों में जारी है भारत टैक्सी एप की सेवाएं?
    भारत टैक्सी एप की शुरुआत दिल्ली में  हुई। आज इसे चंडीगढ़ में लॉन्च किया जा रहा है। इसके साथ ही जयपुर और राजकोट जैसे शहरों में भी इसका संचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इस सहकारी मॉडल को उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में भी चलाए जाने की प्रक्रिया जारी है।

    कैसे करें डाउनलोड?
    भारत टैक्सी एप (Bharat Taxi booking) को गुगल प्ले स्टोर या आईओएस से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। जिसके बाद यूजर अपनी ई-मेल आईडी या फिर मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर सकता है।

    वहीं, राइडर्स भारत टैक्सी ड्राइवर एप डाउनलोड कर अपना आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन से जुड़े अन्य डॉक्यूमेंट अपलोड कर वेरिफाई के बाद सर्विस शुरू कर सकते हैं।

  • Tri-City को मिली नई टैक्सी सेवा की सौगात, अगस्त के दूसरे सप्ताह से शुरू होगी ‘भारत टैक्सी’

    Tri-City को मिली नई टैक्सी सेवा की सौगात, अगस्त के दूसरे सप्ताह से शुरू होगी ‘भारत टैक्सी’

    चंडीगढ़.

    ट्राईसिटी में टैक्सी सेवा का नया विकल्प जल्द मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी भारत टैक्सी सेवा अगस्त के दूसरे सप्ताह में चंडीगढ़ से शुरू होने की तैयारी में है। फिलहाल अभी ट्राईसिटी के करीब 11 हजार टैक्सी चालकों का पंजीकरण किया जा चुका है और लगातार नए चालक इस प्लेटफाॅर्म से जुड़ रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि भारत टैक्सी के शुभारंभ के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ आने की संभावना है। हालांकि, उनके कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। गृह मंत्री शाह ही सहकारिता मंत्री हैं। सेक्टर-18 के टैगोर थियेटर में लॉन्चिंग कार्यक्रम रखा जाएगा। पंजाब के गवर्नर एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद रहेंगे। परियोजना को सफल बनाने के लिए उन्नति कोआपरेटिव और सहकार भारती मिलकर टैक्सी चालकों का पंजीकरण, प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी करा रहे हैं। केवल टैक्सी ही नहीं, बल्कि ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों को भी इस प्लेटफाॅर्म से जोड़ा जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम दूरी के लिए भी सस्ती और सुविधाजनक परिवहन सेवा मिल सके।

    इन शहरों में शुरू हो चुकी है सेवा
    भारत टैक्सी की शुरुआत सबसे पहले दिल्ली-एनसीआर से की गई। इसके बाद गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और राजकोट सहित कुछ अन्य शहरों में भी सेवा शुरू की जा चुकी है। अब चंडीगढ़ इस राष्ट्रीय नेटवर्क का अहम केंद्र बनने जा रहा है, जहां से पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के लिए भी इसका विस्तार किया जाएगा।

    ओला-उबर से कैसे अलग है भारत टैक्सी
    भारत टैक्सी को देश का पहला सहकारी (कोआपरेटिव) टैक्सी प्लेटफार्म माना जा रहा है। अन्य एग्रीगेटर कंपनियों की तरह इसमें ड्राइवरों से भारी कमीशन नहीं लिया जाएगा। इस माडल में टैक्सी चालक स्वयं सहकारी संस्था के सदस्य होंगे और व्यवस्था के हिस्सेदार भी बनेंगे। सरकार का दावा है कि इससे चालकों की आय बढ़ेगी और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी मिलेगा। यात्रियों के लिए भी यह माडल फायदेमंद माना जा रहा है। किराया अधिक पारदर्शी रहेगा और सर्ज प्राइसिंग जैसी शिकायतें कम होंगी। स्थानीय स्तर पर अधिक वाहन उपलब्ध होने से प्रतीक्षा समय घटने की भी उम्मीद है।

    उन्नति कोआपरेटिव और सहकार भारती के अनुसार भारत टैक्सी की शुरुआत को शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो ट्राईसिटी के हजारों टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों को स्थायी रोजगार का बेहतर विकल्प मिलेगा, जबकि यात्रियों को कम लागत पर सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

  • भारत टैक्सी की एंट्री, बिना कमीशन ड्राइवर और कम किराये का मिलेगा फायदा

    भारत टैक्सी की एंट्री, बिना कमीशन ड्राइवर और कम किराये का मिलेगा फायदा

    जयपुर 
    भारत टैक्सी ऐप के जरिए यात्रियों को कम किराया और 'शेक टू एसएमएस' जैसी सुरक्षा सुविधा देने के साथ चालकों को बिना कमीशन काम करने का मौका दिया जा रहा है। इस सहकारी कंपनी का दावा है कि यात्रियों को 10 से 15 प्रतिशत तक सस्ता किराए की सुविधा, सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी और चालकों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। अगले कुछ महीनों में पूरे जयपुर में 24 घंटे सेवा उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि, सेवा अभी शुरुआती चरण में है। यही वजह है कि शहर के अधिकांश बाहरी इलाकों में यात्रियों को भारत टैक्सी आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही। बीते एक महीने में जयपुर से करीब 36 हजार चालकों ने पंजीकरण कराया है, लेकिन फिलहाल केवल 3400 वाहन ही संचालन में हैं।

    यात्रियों के लिए क्या है खास?
    किराया कम- अन्य एग्रीगेटर कंपनियों की तुलना में यात्रियों से 10 से 15 प्रतिशत तक कम किराया। पीक आवर्स या बारिश जैसी परिस्थितियों में भी सर्ज प्राइसिंग लागू नहीं होगी यानी दिन, रात या व्यस्त समय में किराया नहीं बढ़ेगा।

    सुरक्षा का अहसास- ऐप में 'शेक टू एसएमएस' फीचर में तीन इमरजेंसी मोबाइल नंबर दर्ज किए जा सकते हैं। आपात स्थिति में यदि यात्री मोबाइल को जोर से हिलाता है तो उसकी लाइव लोकेशन स्वतः इन तीनों नंबरों पर भेज दी जाएगी। कंपनी का दावा है कि यह फीचर महिलाओं और अकेले सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा देगा।

    इन इलाकों में टैक्सी सेवा शुरू
    फिलहाल जयपुर के मालवीय नगर, दुर्गापुरा, टोंक रोड, सोडाला और जवाहर सर्किल जैसे इलाकों में भारत टैक्सी आसानी से मिल रही है। वहीं वैशाली नगर, प्रतापनगर, मान्यावास, भांकरोटा, आगरा रोड और सीकर रोड जैसे क्षेत्रों में अभी टैक्सी की उपलब्धता कम है, इसलिए यात्रियों को कैब मिलने के लिए थोड़ा ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि आने वाले कुछ महीनों में पूरे जयपुर में 24 घंटे टैक्सी सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

    कुछ महीनों में 24 घंटे सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य
    "भारत टैक्सी अभी शुरुआती चरण में है। अगले कुछ महीनों में पूरे जयपुर में 24 घंटे सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। हमारा फोकस यात्रियों को सस्ता और सुरक्षित सफर देने के साथ चालकों को बिना कमीशन बेहतर आय उपलब्ध कराना है।"

    — अभिषेक चारण, सिटी हेड, भारत टैक्सी, जयपुर

  • भजनलाल ने लॉन्च की भारत टैक्सी, ड्राइवरों को मिलेगा स्वामित्व अधिकार

    भजनलाल ने लॉन्च की भारत टैक्सी, ड्राइवरों को मिलेगा स्वामित्व अधिकार

     जयपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत टैक्सी नागरिकों को रोजगार देने के साथ ही स्वामित्व और सम्मान प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। व्यक्ति में स्वामित्व की भावना विकसित होने से उसकी कार्यक्षमता, आत्मविश्वास और समर्पण भी कई गुना बढ़ जाता है और यही भावना भविष्य में छोटे उद्यमियों को बड़े उद्योगपति बनने की दिशा में प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता आधारित स्वामित्व मॉडल है, जिसके माध्यम से सारथी अब मालिक भी बन रहे है।

    मुख्यमंत्री शनिवार को एचसीएम रीपा में भारत टैक्सी के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की दूरदर्शी सोच से देश में ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प नए आयाम स्थापित कर रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार भी इसी सोच को धरातल पर लागू कर रही है तथा सहकारिता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। हमारी सरकार ने लगभग 10 लाख नए सदस्यों को सहकारी संस्थाओं से जोड़ने का कार्य किया है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय सहकारिता सीमित लोगों के नियंत्रण का माध्यम बन गई थी।

    मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी को दिखाई हरी झंडी
    कार्यक्रम में सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव द्वारा आरसीडीएफ, नगर निगम, जयपुर मेट्रो एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इस दौरान 6 सर्वश्रेष्ठ सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने भारत टैक्सी के 100 से अधिक कैब, बाइक और ऑटो के समूह को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    सारथी के अधिकारों की रक्षा और भविष्य की सुरक्षा होगी सुनिश्चित
    उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में वाहन चालक सारथी के रूप में स्वयं भागीदार और सहस्वामी हैं। इससे उनकी आय पर किसी प्रकार के अतिरिक्त कमीशन या अन्य कटौती नहीं होगी और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में पांच लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

    भारत टैक्सी से जुड़े 30 हजार से अधिक सारथी
    उन्होंने कहा कि जयपुर में भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉन्च के बाद अब तक 30 हजार से अधिक सारथी इससे जुड़ चुके हैं तथा लगभग सात लाख ग्राहक इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा बन चुके हैं। इसके माध्यम से प्रतिदिन हजारों यात्राएं पूरी हो रही हैं। यह सहकारिता आधारित डिजिटल मॉडल के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत टैक्सी देश ही नहीं, बल्कि विश्व का सबसे सफल सहकारिता आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित भारत-2047 और विकसित राजस्थान-2047 के विजन के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय के विकास का रोडमैप तैयार कर रही है। इसमें स्थानीय संसाधनों, कृषि उत्पादन, हस्तशिल्प, वस्त्र उद्योग, रोजगार संभावनाओं तथा प्रोसेसिंग इकाइयों के विकास को प्राथमिकता दी गई है, ताकि गांवों में रोजगार बढ़े।

    उन्होंने कहा कि राजस्थान जीरा, ईसबगोल, सरसों सहित अनेक उपज में देश के अग्रणी राज्यों में है। हमारी सरकार द्वारा कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सकेगी। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी राजस्थान लगातार प्रगति कर रहा है। ढाई वर्षों में दूध संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा आगामी वर्षों में इसे और विस्तार दिया जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां मरुस्थल, झीलें, वन्यजीव अभयारण्य, ऐतिहासिक दुर्ग, हवेलियां तथा प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। भारत टैक्सी के माध्यम से पर्यटकों को सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 4 जुलाई को जयपुर मेट्रो फेज-2 का वर्चुअल शिलान्यास किया था। जयपुर में मेट्रो विस्तार से भी भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म को लाभ मिलेगा।

    सहकारिता बन रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला
     केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री
    केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र देश के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता अब केवल ऋण और साख समितियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कृषि, डेयरी, मत्स्य, बीमा, निर्यात और परिवहन सहित अनेक क्षेत्रों में आमजन के सशक्तीकरण का आधार बन रही है। सहकारिता आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन चुकी है।
    उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद देश में सहकारिता क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। पिछले पांच वर्षों में मंत्रालय द्वारा पैक्स के कम्प्यूटरीकरण, ई-पैक्स व्यवस्था, बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के विस्तार तथा किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए नई संस्थाओं का गठन शामिल है।

    केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय की एक अभिनव पहल है, जिसमें ‘सारथी ही मालिक’ की अवधारणा को साकार किया गया है। इस व्यवस्था में टैक्सी चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी संस्था का सदस्य और भागीदार भी होगा। उसे यात्रा का भुगतान सीधे प्राप्त होने के साथ-साथ संस्था के लाभांश में भी हिस्सेदारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब तक देशभर में लगभग 8 लाख सारथी और 41 लाख ग्राहक इस सेवा से जुड़ चुके हैं तथा प्रतिदिन करीब 11 हजार यात्राएं इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित हो रही हैं। दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान में इस सेवा का शुभारंभ हुआ है तथा आने वाले समय में इसे देश के 500 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा।

    सहकारिता में नवाचारों के लिए राजस्थान बना देश का मॉडल राज्य
    उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान आज देश में सहकारिता में नवाचारों के लिए आदर्श बनकर उभरा है, जो अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में स्वीकृत 200 गोदामों में से 120 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। साथ ही, राज्य में 5 हजार 600 से अधिक पैक्स का ई-पैक्स में रूपांतरण किया जा चुका है तथा इन पर 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन संपन्न हो चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।

    केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि राजस्थान में लगभग 4 हजार 900 पैक्स बहु-व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ चुके हैं तथा सामान्य सेवा केंद्र, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान उत्पादक संगठन और जन औषधि केंद्र जैसी सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही, लगभग 6 हजार 750 पैक्स भारतीय बीज सहकारी समिति (बीबीएसएसएल) के सदस्य बन चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के आग्रह पर बीबीएसएसएल की टिशू कल्चर प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के तत्काल निर्देश दिए, यह सहकारिता क्षेत्र के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 6 जुलाई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस समारोह में राजस्थान को सहकार सदस्यता अभियान, अन्न भंडारण योजना, ई-पैक्स गठन, पैक्स के कम्प्यूटरीकरण सहित अनेक नवाचारों में देश में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर एकमात्र राज्य के रूप में प्रतिनिधित्व का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

    कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सचिव सहकारिता मंत्रालय डॉ. आशीष कुमार भूटानी, अध्यक्ष सहकार टैक्सी कॉ-ऑपरेटिव लि. जयेन मेहता सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में भारत टैक्सी के सारथी उपस्थित रहें।

  • स्वदेशी भारत टैक्सी ऐप से सस्ती और सुरक्षित यात्रा का दावा, जीरो कमीशन मॉडल

    स्वदेशी भारत टैक्सी ऐप से सस्ती और सुरक्षित यात्रा का दावा, जीरो कमीशन मॉडल

    जयपुर
    सहकार सप्ताह के छठवें दिन सहकार भवन में युवाओं के लिये सहकारिता की महत्ता एवं भारत टैक्सी सेवा पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ​की अध्यक्षता एसएलडीबी (SLDB) के प्रबंध निदेशक जितेंद्र शर्मा ने की । इस दिन को यूथ दिवस (युवा दिवस) के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।

    शर्मा ने बताया कि भारत टैक्सी भारत की अपनी टैक्सी है। इस सेवा में कोई भी विदेशी प्रदाता सम्मिलित नहीं है। इस स्वदेशी टैक्सी ऐप ने बहुत कम समय में बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी एप्प से पहली राइड बुकिंग करने पर उपभोक्ता को अमूल आइसक्रीम का एक विशेष कूपन जारी किया जायेगा, जिसे ब्लिंकिट से मंगवाया जा सकेगा।

    उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी सेवा एक किफायती एवं सुरक्षित सेवा है, जिसमें किराया अन्य सेवा प्रदाताओं की तुलना में 10 प्रतिशत तक कम है। भारत टैक्सी का किराया सर्ज फ्री प्राइसिंग पर आधारित है और इसमें टैक्सी ड्राइवर के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित किया गया है।

    भारत टैक्सी के नोडल अधिकारी भोमाराम ने कहा कि उपभोक्ता द्वारा भारत टैक्सी की बुकिंग को किसी कारण से केन्सिल भी करना पडता है तो उससे किसी प्रकार का कैंसिलेशन चार्ज वसूला नहीं जायेगा। महिला की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने एवं उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिये महिला ड्राइवर्स को भी रोजगार के विशेष अवसर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ड्राइवर्स का पुलिस वेरिफिकेशन पूर्ण होने पर ही उन्हें भारत टैक्सी सेवा से जोडा गया है।

    भारत टैक्सी सेवा जीरो कमीशन मॉडल पर काम करता है, जिससे ड्राइवर्स को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को भी कम मूल्य पर बेहतर, सुरक्षित एवं विश्वसनीय सेवा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सहकारिता और स्वदेशी के इस अनूठे संगम की सराहना की गई और युवाओं से इस स्वदेशी मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया गया।