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  • विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश, मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक

    विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश, मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक

    प्रमुख विकास कार्यों को गति दें- मुख्य सचिव विकासशील 

    परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक संपन्न

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में प्रस्तावित विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर रूपरेखा तैयार की गई।

    लागत के स्पष्ट आकलन और समयबद्ध तैयारी पर जोर

            मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लागत तुलनात्मक विश्लेषण में पूरी स्पष्टता रखी जाए, जिससे प्रत्येक परियोजना की लागत का उचित और यथार्थवादी आकलन संभव हो सके। उन्होंने आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की समय रहते पहचान करने और उनकी आवश्यक प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियां पहले से ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    प्रमुख सड़क एवं बुनियादी परियोजनाओं पर हुई चर्चा

           बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। मुख्य रूप से इन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कांकेर जिला में भानुप्रतापपुर-कांकेर-पंखाजूर मार्ग पर पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य। बिलासपुर क्षेत्र में बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण तथा बिलासपुर जिले में फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण का कार्य शामिल है। दुर्ग एवं अन्य परिक्षेत्र में नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर-राजनांदगांव-कवर्धा-फास्टरपुर कुंडा मार्गों तथा कुम्हारी, अहिवारा-धमधा-गंडई-साल्हेवारा मार्गों का उन्नयन एवं चौड़ीकरण कार्य।

            बैठक में शासन के कई वरिष्ठ विभागों के प्रमुख सचिव और सचिव मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश कुमार टोप्पो, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर सहित विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा बैठक संपन्न

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा बैठक संपन्न

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा बैठक संपन्न

    आवास जल्द पूरा करने वाले हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश

    रायपुर, 
     मंत्रालय महानदी भवन में आज मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 और 1.0 के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

            मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि जो हितग्राही अपने आवास का निर्माण कार्य जल्द पूरा कर रहे हैं, उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया जाए।

    प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0

            प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0: बैठक में लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के तहत चल रही आवास निर्माण परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही, भागीदारी में किफायती आवास (AHP) घटक के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण स्थल में परिवर्तन के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0

            इस योजना के तहत लाभार्थी आधारित आवास निर्माण घटक के अंतर्गत पूर्व स्वीकृत परियोजनाओं की कटौती के बाद संशोधित परियोजनाओं की स्वीकृति के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नगरीय प्रशासन विभाग के विभिन्न अन्य प्रस्तावों को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई।

           नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत कुल 2,43,087 मकान स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2 लाख 25, हजार 411 आवास पूरी तरह से पूर्ण हो चुके हैं। 17 हजार 368 आवासों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। वहीं, बीएलसी घटक के अंतर्गत स्वीकृत 2 लाख 6 हजार 118 मकानों में से 1 लाख 96 हजार 144 मकान पूर्ण हो चुके हैं और 9 हजार 666 आवासों का निर्माण विभिन्न चरणों में जारी है।

         बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (राज्य शहरी विकास अभिकरण) सुमित अग्रवाल सहित ऊर्जा, वित्त, आवास एवं पर्यावरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगर तथा ग्राम निवेश, हाउसिंग बोर्ड, हुडको और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • छत्तीसगढ़ में डिजिटल कामकाज और आई-गाट प्रशिक्षण को बढ़ावा, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को मिला सम्मान

    छत्तीसगढ़ में डिजिटल कामकाज और आई-गाट प्रशिक्षण को बढ़ावा, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को मिला सम्मान

    मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति, आई-गाट प्रशिक्षण कोर्स में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को किया सम्मानित

    रायपुर
     मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस, समयबद्ध उपस्थिति और आई-गाट में प्रशिक्षण कोर्स में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया। मुख्य सचिव ने सम्मान प्राप्त करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

               विकासशील ने कहा की मंत्रालय में अधिकारी-कर्मचारी समय पर अपनी उपस्थित दर्ज कर रहे है। मुख्य सचिव ने कहा कि मंत्रालय में 10 बजे से पूर्व आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मुख्य सचिव ने मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को सितम्बर माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। 

                विभागीय श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागों में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग द्वितीय तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग तृतीय स्थान पर रहा। 

            संयुक्त सचिव श्रेणी में आदिम जाति विकास विभाग के भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के अनुपम त्रिवेदी द्वितीय तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिदानंद आलोक तृतीय स्थान पर रहे। उप सचिव श्रेणी में चिकित्सा शि़क्षा विभाग की श्रीमती लवीना पाण्डे प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के दूरदेशी राम सोन्टापर तृतीय स्थान पर रहे।

            अवर सचिव श्रेणी में चिकित्सा शिक्षा विभाग के पूरन लाल साहू प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के भूपेन्द्र सिंह राजपूत द्वितीय, गृृह विभाग के सोनचंद साहू तृतीय स्थान पर रहे। अनुभाग अधिकारी श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विरेन्द्र कुमार प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की श्रीमती पी.दुर्गा द्वितीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के शिवकुमार गोड़ तृतीय स्थान पर रहे।

              सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की श्रीमती वर्षा रानी अग्रवाल प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के बेरनाथ कूजूर द्वितीय, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सुप्रिया बागड़े तृतीय स्थान पर रही। वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के धनेश्वर पटेल प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सलीम शैलेन्द्र टोप्पो द्वितीय, चिकित्सा शिक्षा विभाग की श्रीमती ललीता राय तृतीय स्थान पर रही।

             कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सुप्रतिक्षा खलखो प्रथम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अजय राठिया द्वितीय स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रभु सिंह राठिया तृतीय स्थान पर रहे।  टेक्निकल सेक्शन में चिकित्सा शिक्षा विभाग के राम नरेश पाल प्रथम स्थान पर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के ऋषिकेश मिर्चे द्वितीय स्थान पर तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के सुतृप्ति शर्मा तृतीय स्थान पर रही।

              समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए टॉप-10 में जिन अधिकारियों को सम्मानित किया  गया है उनमें सहायक अनुभाग अधिकारी शिवचरण राठौर, भृत्य सेठलाल यादव, सहायक अनुभाग अधिकारी मीरा, सहायक अनुभाग अधिकारी सुगामीनी वर्मा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अवर सचिव भूपेन्द्र सिंह राजपूत, अनुभाग अधिकारी मंजूषा राजपूत, सहायक अनुभाग अधिकारी दीपक श्रीवास, अनुभाग अधिकारी शिवकुमार गोड़, आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव भूपेन्द्र कुमार राजपूत, अनुभाग अधिकारी महेश कुमार तिवारी है।

                आई-गाट कर्मयोगी में प्रशिक्षण प्राप्त करने में उत्कृष्ट कार्य के लिए इस माह वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की प्रथम स्थान पर सुमंजूषा मिश्रा ने 255 कोर्स, द्वितीय स्थान पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विरेन्द्र धु्रव ने 235 कोर्स किए है। इसी तरह से पशुपालन विभाग के संतोष क्षत्रिय तृतीय स्थान पर रहे। इन्होंने आई-गाट 136 प्रशिक्षण कोर्स किए है। ई-ऑफिस में विभिन्न जिलों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कबीरधाम जिला कार्यालय के अधीक्षक राजेन्द्र सिंह धु्रर्वे, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा, अपर कलेक्टर सुनिशा नेताम मण्डावी, डिप्टी कलेक्टर रामरतन प्रसाद दुबे को सम्मानित किया।

                 विभागाध्यक्ष कार्यालय में ई-ऑफिस व्यक्तिगत रूप से उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रथम स्थान पर उच्च शिक्षा विभाग की आयुक्त सुरीता यादव, द्वितीय स्थान पर लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के बेनीराम साहू, तृतीय स्थान पर वाणिज्यकर विभाग के तेजराम बढ़ई, चौथे स्थान पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक जॉन तिग्गा, पांचवे स्थान पर नगरीय प्रशासन विभाग की सुसौमित्रा प्रधान को सम्मानित किया गया।

  • राजस्थान: मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक, साइबर अपराध रोकने और पीड़ितों को तुरंत राहत देने पर जोर

    राजस्थान: मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक, साइबर अपराध रोकने और पीड़ितों को तुरंत राहत देने पर जोर

    जयपुर
     मुख्य सचिव  वी. निवास ने शुक्रवार को बूंदी जिला कलक्ट्रेट सभागार में जल संचय-जल संवर्धन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, सिंचाई तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के विभिन्न चरणों में हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के तहत वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का उपवन संरक्षक को स्वयं नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कर आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने हिण्डोली-नैनवां, गरड़दा और नवनेरा पेयजल परियोजनाओं सहित ईआरसीपी के तहत संचालित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न परियोजनाओं में संवेदकों के लंबित भुगतान संबंधी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर कार्यों को गति देने को कहा।

    जल संचय-जल संवर्धन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने, कार्यों का नियमित निरीक्षण करने तथा गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत गांवों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली।

    मुख्य सचिव ने किया साइबर थाने का निरीक्षण
    मुख्य सचिव  वी. निवास ने शुक्रवार को बूंदी साइबर पुलिस थाने का निरीक्षण कर साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने थाने के स्वागत कक्ष और अनुसंधान कक्ष का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    मुख्य सचिव ने साइबर थाने में दर्ज प्रकरणों के निस्तारण, अनुसंधान, आरोपियों की गिरफ्तारी, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न पोर्टलों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय तथा समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान से पीड़ितों की मेहनत की कमाई बचाई जा सकती है।

    इस दौरान संभागीय आयुक्त व कोटा जिला कलक्टर  पीयूष समारिया, पुलिस महानिरीक्षक कोटा  हरेन्द्र महावर, जिला कलक्टर  हरफूल सिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक  अवनीश कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर  एच.डी. सिंह, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारू, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग)  रमेश देव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • मुख्य सचिव ने समाधान ऑनलाइन के साथ की विभागीय कार्यों की समीक्षा

    मुख्य सचिव ने समाधान ऑनलाइन के साथ की विभागीय कार्यों की समीक्षा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान

    मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान अंतर्गत धार में समाधान ऑनलाइन के साथ विभागीय कार्यों एवं सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की।

    मुख्य सचिव  बर्णवाल ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से बात करें और शिकायतों का एक्टिव रिव्यू शुरू करें। सौ दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक शिकायत की समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

    समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ता जुबे खां की पुलिस प्रकरण से संबंधित शिकायत सुनी गई। प्रकरण का निराकरण हो चुका था। मुख्य सचिव ने संबंधित थाने द्वारा की गई देरी को लेकर पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक को थानों की समीक्षा करने तथा प्रकरणों में चालान लंबित नहीं रखने और प्रत्येक कार्य के लिए समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।

    शिकायतकर्ता सुरेश कुमावत के घर जलने के प्रकरण में राशि मिलने में हुए विलंब पर मुख्य सचिव ने संबंधित समय के नायब तहसीलदार एवं रीडर की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

    पेयजल योजना अंतर्गत शिकायतकर्ता पप्पू मंडलोई की पाइपलाइन फूटने की शिकायत 107 दिवस से लंबित थी। मुख्य सचिव ने नल-जल योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए सिस्टम विकसित करने तथा जिला पंचायत सीईओ को लगातार निगरानी रखते हुए प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए।

    निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना से संबंधित शिकायतकर्ता मती बसंती पिता पहाड़ की शिकायत का निराकरण हो चुका था। मुख्य सचिव ने सामाजिक न्याय विभाग को निर्देशित किया कि इस प्रकार की सभी लंबित शिकायतों का एक सप्ताह में निराकरण सुनिश्चित करें।

    स्वरोजगार योजना में सब्सिडी नहीं मिलने की शिकायतकर्ता दीप कुमार दांगी तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की किस्त प्राप्त नहीं होने की शिकायतकर्ता कशिश जाधव की शिकायत भी सुनी गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर को संबंधित प्रकरणों में एंबुलेंस की राशि काटने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को एनआरसी में बच्चों को भर्ती कराकर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सबसे अधिक लंबित शिकायत वाले विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर शिकायतों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। प्रत्येक विभाग की अलग-अलग समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण के साथ उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देने को कहा।

    बैठक में स्वामित्व योजना की तैयारियों, प्लॉट रजिस्ट्री प्रदान करने तथा अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन डॉ. सुदाम खाड़े, इंदौर संभागायुक्त  भास्कर लक्षकार, कलेक्टर  राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक  सचिन शर्मा और अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक

    मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक

    रायपुर

     छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न प्रशासकीय विभागों में स्वीकृत, भरे और रिक्त पदों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत विभागवार समीक्षा की गई।

     बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित की जा रही भर्ती परीक्षाओं और भेजे गए इंडेंट (मांग पत्र) की प्रगति की जानकारी ली। इसके साथ ही, विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु वित्त विभाग से मिली सहमति, पूर्व में विज्ञापित पदों की स्थिति तथा अब तक की गई नियुक्तियों का ब्योरा तलब किया गया। बैठक में वर्ष 2027 के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले संभावित पदों और सभी विभागों में अद्यतन (अपडेटेड) भर्ती नियमों की स्थिति पर भी गहनता से चर्चा हुई।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य शासकीय विभागों में भर्ती प्रक्रियाओं को गति देना, नियमों को अद्यतन करना और आने वाले वर्षों के लिए नियोजन की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करना था। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न प्रमुख विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और छत्तीसगढ़ चयन मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

     बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव मती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव  पी.दयानंद, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ चयन मंडल के अधिकारी मौजूद थे।