Tag: Darbhanga Airport

  • मिथिला के युवाओं के लिए खुशखबरी, अब दरभंगा में मिलेगी कमर्शियल पायलट बनने की ट्रेनिंग

    मिथिला के युवाओं के लिए खुशखबरी, अब दरभंगा में मिलेगी कमर्शियल पायलट बनने की ट्रेनिंग

     दरभंगा
    बिहार सहित मिथिला के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। दरभंगा एयरपोर्ट ( Darbhanga Airport ) पर कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने दरभंगा एयरपोर्ट पर कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) दे दिया है। इससे पायलट बनने की चाह रखने वाले युवाओं को स्थानीय स्तर पर एविएशन ट्रेनिंग मिल सकेगी।

    बिहार सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग ने दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ( BJP MP Gopal Jee Thakur ) को एक पत्र के जरिए इसकी जानकारी दी। बीजेपी सांसद को लिखे पत्र में बताया कि राज्य सरकार के अनुरोध पर रक्षा मंत्रालय ने जरूरी एनओसी जारी कर दी है। विभाग ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, दरभंगा एयरपोर्ट पर पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    बता दें, इसी साल 18 अप्रैल को हुई एक समीक्षा बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने विभाग को निर्देश दिए थे कि दरभंगा एयरपोर्ट पर एफटीओ स्थापित करने के लिए कदम उठाए जाएं। बिहार सरकार ने नागरिक उड्डयन विभाग से इसकी मांग की। नागरिक उड्डयन विभाग ने 14 मई को केंद्रीय रक्षा मंत्रालय से संपर्क किया और इसके लिए जरूरी सहमति और एनओसी मांगी थी।

    दरभंगा सांसद और दरभंगा एयरपोर्ट सलाहकार समिति के चेयरमैन डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दरभंगा में कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ा है। रक्षा मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय से एनओसी मिल गई है। उन्होंने कहा कि पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से मिथिला के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।

    पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से उत्तर बिहार और मिथिला के युवाओं को विमानन क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। पायलट बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं को अब प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।

    गोपाल जी ठाकुर, सांसद, दरभंगा

     

    दरभंगा एयरपोर्ट से जुड़ी कुछ खास बातें

    • मिथिला नरेश महाराज कामेश्वर सिंह ने 1938 में अपने निजी इस्तेमाल के लिए दरभंगा में एक रनवे बनवाया था।
    • 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध के बाद महाराज कामेश्वर सिंह ने इस रनवे को वासुसेना के हवाले कर दिया।
    • यहां एयरफोर्स ने अपना बेस बनाया और इस रनवे का इस्तेमाल किया।
    • केंद्र सरकार की 'उड़ान' योजना के तहत इस रनवे को दरभंगा एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया।
    • आम यात्रियों के लिए व्यावसायिक उड़ानें आधिकारिक रूप से 8 नवंबर 2020 से शुरू की गईं।

    गोपाल जी ठाकुर ने पीएम मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह का जताया आभार
    डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़ान' ने दरभंगा को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • छठ पर घर लौटने वालों की जेब पर बड़ा असर, दरभंगा की हवाई टिकट ₹30 हजार के पार

    छठ पर घर लौटने वालों की जेब पर बड़ा असर, दरभंगा की हवाई टिकट ₹30 हजार के पार

    दरभंगा
     दीपावली और छठ में अभी करीब एक माह का वक्त है। लेकिन दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई टिकटों का दाम आसमान छू रहा है। यह हाल दरभंगा से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जाने वाली सभी उड़ानों में है। अन्य दिनों में दरभंगा एयरपोर्ट से विभिन्न हवाई मार्ग पर टिकटों का दाम सामान्य रहता है। लेकिन जैसे ही दीपावली और छठ का नजदीक पहुंचने लगता है।

    एयरलाइंस कंपनियां टिकटों के दाम में तीन से चार गुणा वृद्धि कर देती है। इससे त्योहार पर घर लौटने की चाह रखने वाले यात्रियों की खुशियों पर पानी फिरने लगता है। कई यात्री तो टिकटों की कीमत सुनकर भौचक रह जाते हैं। ऐसे में हवाई सफर की योजना त्याग ट्रेन या अन्य साधन से घर लौटने की जुगत में हैं।

    हवाई मार्ग पर टिकटों की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल
    दीपावली आठ नवंबर और छठ महापर्व 14 व 15 नवंबर को है। पांच से 13 नवंबर के बीच दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु हवाई मार्ग पर टिकटों की कीमत अप्रत्याशित उछाल है।

    खासतौर पर मुंबई से दरभंगा आनेवाले यात्रियों की जेब को ज्यादा चपत लग रही है। दीपावली और छठ के दौरान मुंबई से दरभंगा के लिए स्पाइसजेट में 30,196 रुपये, अकासा में 27,600 रुपये और इंडिगो में 24,871 से लेकर 25,801 रुपये में एक टिकट उपलब्ध हो रहा है। इस अवधि में दरभंगा से लौटने पर स्पाइसजेट, इंडिगो और अकासा के विमान में सात से लेकर नौ हजार रुपये में टिकट है।

    हैदराबाद से दरभंगा के लिए इंडिगो में 22,894 रुपये
    दिल्ली से दरभंगा के लिए स्पाइसजेट में 16,593 से लेकर 21,430 रुपये, इंडिगो में 17,557 से लेकर 19,498 रुपये और अकासा में 18,542 से लेकर 20,042 रुपये प्रति टिकट लिए जा रहे हैं। वापसी में स्पाइसजेट, इंडिगो और अकासा में पांच से आठ हजार रुपये लग रहा है। बेंगलुरु से दरभंगा आने पर अकासा में 23,527 रुपये लग रहा है। जबकि बेंगलुरु वापसी में 7,374 रुपये खर्च हो रहा है।

    हैदराबाद से दरभंगा के लिए इंडिगो में 22,894 रुपये लिए जा रहे हैं। दरभंगा से हैदराबाद जाने पर इंडिगो में 7,872 रुपये में टिकट उपलब्ध है। जबकि दरभंगा और कोलकाता के बीच कोई सीधी फ्लाइट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों से कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए 26,601 रुपये की वसूली की जा रही है।

    छह नवंबर से शुरू मुंबई की उड़ान में सीटें फुल
    छह नवंबर से दरभंगा से मुंबई के लिए अकासा क्यूपी 2011 की उड़ान की शुरुआत होगी, लेकिन अभी से ही मुंबई से उड़ान भरकर दरभंगा पहुंचने वाली अकासा की फ्लाइट में सीटें फुल होने लगी हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, छह से 10 नवंबर तक मुंबई दरभंगा हवाई मार्ग पर अकासा के विमान फुल चल रहे हैं।

    हाल के दिनों में दरभंगा मुंबई हवाई मार्ग पर अकासा की उड़ान में विस्तार की घोषणा के साथ ही एक टिकट की बुकिंग 14 हजार में हो रही थी। लेकिन अब अकासा के विमान में छह नवंबर से एक टिकट की खरीदारी करने पर 27,600 रुपये चुकाना पड़ रहा है। जबकि दरभंगा और मुंबई के बीच अकासा के उड़ान की विस्तार की घोषणा से यात्रियों में पर्व त्योहार के मौके पर टिकट दाम में राहत की उम्मीद जगी थी। लेकिन उनकी उम्मीदों पर तुषारापात हो सकता है।