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  • कर्ज में डूबा मध्य प्रदेश, इनोवा हाइब्रिड पर वित्त विभाग का इनकार

    कर्ज में डूबा मध्य प्रदेश, इनोवा हाइब्रिड पर वित्त विभाग का इनकार

    इंदौर
    मध्य प्रदेश सरकार का खजाना इन दिनों नई गाड़ियां खरीदने की अनुमति नहीं दे रहा है। दोनों उप मुख्यमंत्रियों जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल ने इनोवा क्रिस्टा हाइब्रिड कार की मांग की है।

    गृह विभाग के स्टेट गैरेज की ओर से इसके लिए बजट का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया था, जिसे बजट की कमी बताकर लौटा दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि नए वाहन अभी नहीं लिए जा रहे हैं, इसलिए फिलहाल पुराने वाहनों की मरम्मत कराकर काम चलाया जाए।

    द्वितीय अनुपूरक बजट की तैयारी, अनावश्यक खर्च पर रोक
    दरअसल द्वितीय अनुपूरक बजट की तैयारी में जुटे वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा कोई प्रस्ताव न भेजा जाए, जिससे राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अनावश्यक भार पड़े। राज्य सरकार पर कर्ज भी पांच लाख 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बता दें कि प्रदेश के मंत्रियों और अधिकारियों के लिए जो वाहन खरीदे जाते हैं, वे हाइब्रिड नहीं होकर बेस मॉडल के होते हैं।

     

  • पिछली सरकारों के दौर के गुंडाराज पर निशाना साधते हुए योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की

    पिछली सरकारों के दौर के गुंडाराज पर निशाना साधते हुए योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की

    लखनऊ
     यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए न्यायिक व्यवस्था और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया। नए भवन की चाभी सौंपे जाने के अवसर पर डिप्टी सीएम ने अधिवक्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का गौरवशाली इतिहास पूरे देश की न्यायिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। प्रयागराज एक ओर आस्था का संगम है, तो दूसरी ओर न्याय की समृद्ध परंपरा का प्रतीक। राजनीतिक संदर्भ जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि हर पांच वर्ष में जनता की अदालत में जाते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा, ‘आप सबका मुकदमा लड़ते हैं, हम 2027 का मुकदमा आपकी अदालत में छोड़कर जा रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि सरकार के अच्छे कार्यों को आपका समर्थन, न्याय और आशीर्वाद मिलेगा।’

    प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए केशव मौर्य ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कानून का राज केवल कागजों पर था और जमीन पर गुंडाराज चलता था। प्रयागराज इसका प्रमुख केंद्र बना हुआ था। आज योगी सरकार की नीति स्पष्ट है, निर्दोष को छेड़ा नहीं जाएगा और दोषी को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाती है, लेकिन उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिवक्ता एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं।

    डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि न्याय व्यवस्था में प्राथमिकता यही होनी चाहिए कि कानून सबके लिए समान हो, चाहे कोई गरीब हो या प्रभावशाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में ‘ईज ऑफ लिविंग’ के साथ-साथ डिजिटल व्यवस्था और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ‘ईज ऑफ जस्टिस’ को बढ़ावा मिल रहा है। पुराने औपनिवेशिक कानूनों को हटाकर नए न्याय-केंद्रित आपराधिक कानून लागू करना देश की न्याय प्रणाली में युगांतरकारी बदलाव है। ​उपमुख्यमंत्री ने बार और बेंच के समन्वय की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को सम्मान, सुरक्षा और आधुनिक कार्य सुविधाएं देना सरकार का संकल्प है, ताकि आम नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिल सके।

    चुनौतियों का सामना कर कानून व्यवस्था में किया बदलाव
    वहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम ने प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के पूर्व की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद किस तरह से इन चुनौतियों का सामना कर कानून और न्याय व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया।

  • स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने चिकित्साधिकारियों को दिए निर्देश

    स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने चिकित्साधिकारियों को दिए निर्देश

    लखनऊ
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को आवास पर वर्चुअल बैठक की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभियान के तहत आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य सेवा, स्वास्थ्य और जनकल्याण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत होने वाले सभी कार्यक्रमों का प्रभावी, व्यवस्थित और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले चिकित्सा अधिकारियों, कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन प्रदेशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी दिन शाम 7 बजे बजे प्रदेश की सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर ‘आशीर्वाद का दीपक’ प्रज्वलित किया जाएगा। इसके माध्यम से सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में व्यापक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आमजन को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, जांच सुविधाओं तथा स्वास्थ्य विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

    कार्ययोजना करें तैयार
    उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जिले में अभियान की गतिविधियों की कार्ययोजना पहले से तैयार की जाए और सभी कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना अभियान की प्राथमिकता होनी चाहिए।

    इनकी रही उपस्थिति
    वर्चुअल बैठक में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, मंत्री सोमेंद्र तोमर, उपाध्यक्ष, भाजपा, उत्तर प्रदेश कामेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।