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  • अनंत चतुर्दशी चल समारोह पर पुलिस की पैनी नजर, 22 सेक्टर में बांटी सुरक्षा व्यवस्था

    अनंत चतुर्दशी चल समारोह पर पुलिस की पैनी नजर, 22 सेक्टर में बांटी सुरक्षा व्यवस्था

     इंदौर
     अनंत चतुर्दशी के ऐतिहासिक झांकी चल समारोह को लेकर इंदौर पुलिस ने सुरक्षा का पूरा खाका तैयार कर लिया है। बुधवार को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर आपातकालीन इंतजामों की समीक्षा की। इस बार पुलिस व्यवस्था को छह संभाग, 12 जोन और 22 सेक्टर में बांटकर मैदान में उतारा जाएगा।

    प्रमुख स्थानों पर वाच टावर, ड्रोन, सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन कैमरों से निगरानी होगी। चल समारोह के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वाच टावर बनाए जाएंगे। यहां पुलिसकर्मी सीसीटीवी और पीए सिस्टम के जरिए लगातार निगरानी करेंगे।

    प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों की बहुमंजिला इमारतों पर भी पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिसकर्मी दूरबीन और कैमरों से नजर रखेंगे। ड्रोन यूनिट भी पूरे समारोह के दौरान सक्रिय रहेगी। ड्रोन से मिलने वाले फुटेज पर वाचर्स नजर रखेंगे और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित पुलिस टीम को तत्काल दी जाएगी।

    बदमाशों पर खास नजर
    पुलिस के अनुसार चिह्नित गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी तरह का विवाद, उपद्रव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों को झांकियों और अखाड़ों के सभी वाहनों की फिटनेस और मैकेनिकल जांच पहले कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    विद्युत व्यवस्था का सुरक्षा प्रमाणपत्र भी लेना होगा। प्रत्येक वाहन के लिए वैध लाइसेंस वाले चालक के साथ स्पेयर ड्राइवर रखने को कहा गया है। चल समारोह में शामिल वाहन चालकों की ब्रीद एनालाइजर से जांच होगी। शराब या अन्य नशे के सेवन की पुष्टि होने पर चालक को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।

     

  • गणेश झांकी चल समारोह में बदलाव, रायपुर में सड़क के एक हिस्से पर ही होंगे स्वागत मंच

    गणेश झांकी चल समारोह में बदलाव, रायपुर में सड़क के एक हिस्से पर ही होंगे स्वागत मंच

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर में 27 सितंबर की रात निकलने वाली गणेश झांकी के दौरान भीड़ और भगदड़ की स्थिति रोकने के लिए इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी. सड़क के केवल एक हिस्से में ही मंच लगाने की अनुमति होगी, जबकि दूसरा हिस्सा झांकियों की आवाजाही के लिए खाली रखा जाएगा.

    मंच का आकार भी निर्धारित किया जाएगा और बड़े मंच लगाने की अनुमति नहीं होगी. फिलहाल गणेश झांकी को पुराने रूट शारदा चौक, जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, कोतवाली और सदरबाजार से निकालने की तैयारी है. हालांकि, कुछ झांकी समितियों ने कोतवाली से सप्रे शाला रोड, बूढ़ातालाब होते हुए पुरानी बस्ती तक वैकल्पिक मार्ग का सुझाव दिया है. समितियों का कहना है कि सदरबाजार की सड़क संकरी है और दोनों ओर दुकानें व मकान होने के कारण भीड़ बढ़ने पर भगदड़ का खतरा बना रहता है. कई मकान जर्जर हालत में भी हैं.

    वहीं सप्रे शाला रोड अपेक्षाकृत चौड़ी है, लेकिन एक ओर तालाब होने के कारण वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने होंगे. गणेश झांकी के रूट को लेकर पुलिस ने समितियों की बैठक बुलाई है. बैठक में दोनों मार्गों पर चर्चा और रायशुमारी के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा. विसर्जन के लिए जाने वाली गणेश प्रतिमाओं को शारदा चौक या गुरुनानक चौक से ही झांकी मार्ग में प्रवेश दिया जाएगा. पुरानी बस्ती, लाखेनगर, अश्वनी नगर और सुंदर नगर रोड से सीधे प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. झांकियों के गुजरने के बाद जरूरत के मुताबिक बीच के रास्तों से प्रवेश दिया जा सकेगा या प्रतिमाओं को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा. झांकी के दौरान निकालने और आतिशबाजी जैसे करतब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. स्वागत या डांस के लिए झांकी को बीच रास्ते में रोकने की अनुमति नहीं होगी. झांकी को धीमी गति से लगातार आगे बढ़ाना होगा, ताकि किसी एक स्थान पर भीड़ जमा न हो.

    झांकी में डीजे के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी है. धुमाल, बैंड-बाजा और साउंड सिस्टम का इस्तेमाल अनुमति मिलने के बाद निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा. गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भी पुलिस-प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी. फूहड़ गाने बजाने पर संबंधित झांकी समिति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. तात्यापारा चौक स्थित श्री भारतीय समाज समिति के कुशल गेड़ेकर ने कहा कि सदर बाजार से पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से झांकी निकलती आ रही है और प्रशासन का हमेशा सहयोग मिलता रहा है. उन्होंने कहा कि किसी को नुकसान न हो, इसके लिए समिति प्रशासन के साथ है और तय गाइडलाइन के अनुसार ही झांकी निकाली जाएगी.

    गंजपारा स्थित श्रीश्री विनायक गणेशोत्सव समिति के अध्यक्ष लवी ठाकुर ने कहा कि कुछ दिन पहले सदर बाजार में एक बिल्डिंग गिर चुकी है और कई मकान जर्जर हालत में हैं. तेज डीजे साउंड से भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. ऐसे में बूढ़ापारा की ओर से झांकी निकालना उचित रहेगा. उन्होंने कहा कि जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के साथ बैठक कर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी. सेंट्रल जोन डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने झांकी के रूट को लेकर बताया कि सभी समितियों की बैठक बुलाई गई है. बैठक में रूट को लेकर चर्चा और रायशुमारी के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि झांकी के दौरान नशे और डीजे को लेकर पुलिस की सख्ती रहेगी.

  • कचहरी चौक में सजा भव्य गणेश दरबार, 100 फीट के पंडाल में गणेश संग बालाजी और जगन्नाथ के दर्शन

    कचहरी चौक में सजा भव्य गणेश दरबार, 100 फीट के पंडाल में गणेश संग बालाजी और जगन्नाथ के दर्शन

    जांजगीर चांपा
     गणेश चतुर्थी के दिन घर घर बप्पा का आगमन हो गया है. पंडालों में भी गणेश जी विराजमान हो गए हैं. छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में कचहरी चौक पर भव्य गणेश पंडाल बनाया गया है. 100 फीट के इस गणेश पंडाल में सोमवार को 20 फीट के गणपति बप्पा विराजमान हुए. गणेश जी की स्थापना विधि विधान से की गई। 

    क्यों खास है कचहरी चौक का गणेश पंडाल
    जिला मुख्यालय के कचहरी चौक पर इस बार तिरुपति बालाजी मंदिर के तर्ज पर पंडाल बनाया गया है. पंडाल 100 फीट ऊंचा और 80 फीट चौड़ा है. इस पंडाल को कोलकाता से आए कारीगरों ने दिनरात की मेहनत से बनाया है. पंडाल को खूबसूरत झालरों से सजाया गया है।

        समिति पिछले 18 साल से गणेश उत्सव मना रही है. तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया है -अवि सिंह, सदस्य, गणेश उत्सव समिति 

    मां पार्वती और पिता शंकर के साथ 20 फीट के गणपति
    कचहरी चौक के राजा के रूप में भगवान गणेश की लगभग 20 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है. भगवान गणेश के साथ मां पार्वती और भगवान शंकर भी है. इसके अलावा तिरुपति बालाजी, भगवान जगन्नाथ के दर्शन भी श्रद्धालुओं को मिलेंगे. भटगांव के कलाकारों ने सभी प्रतिमाओं को तैयार किया है. कलाकारों ने सभी मूर्तियां मिट्टी से बनाई है. साथ ही जल प्रदूषण करने वाले कैमिकल रंगों का भी उपयोग नहीं किया है। 

        कचहरी चौक के गणेश को देखने को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. लोग बढ़चढ़ कर भगवान गणपति के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. समिति के कार्यकर्ताओं में भी काफी उत्साह है-भूपेंद्र नेमी, सदस्य, गणेश उत्सव समिति 

    गणेश पंडाल में कोलकाता का लाइट एंड साउंड शो
    जांजगीर चांपा गणेश उत्सव समिति हर साल कुछ नया कर लोगों को आकर्षक झांकी दिखाने का प्रयास करती है. इस बार आकर्षक पंडाल के साथ ही कोलकाता का लाइट एंड साउंड शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो आज से शुरू होगा। 

  • गणेश चतुर्थी पर इंदौर-उज्जैन में भव्य आयोजन, खजराना गणेश पहनेंगे 7 करोड़ के गहने; महाकाल का गणेश स्वरूप में श्रृंगार

    गणेश चतुर्थी पर इंदौर-उज्जैन में भव्य आयोजन, खजराना गणेश पहनेंगे 7 करोड़ के गहने; महाकाल का गणेश स्वरूप में श्रृंगार

    इंदौर / उज्जैन 

    गणेश चतुर्थी पर आज गणपति बप्पा की स्थापना होगी। घरों से लेकर बड़े गणेश मंदिरों और पंडालों तक उत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इंदौर के खजराना गणेश, उज्जैन के चिंतामन गणेश समेत प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजन, श्रृंगार और दर्शन की तैयारिया में जुटे। 

    इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में करीब 7 करोड़ के स्वर्ण आभूषण भगवान को धारण कराए जाएंगे। इससे पहले रविवार को ब्रह्ममुहूर्त में भगवान को हीरे जड़ित नेत्र धारण करा दिए गए। बड़ा गणपति मंदिर में भी भगवान का आकर्षक श्रृंगार होगा। 25 फीट ऊंचे गणपति की रोजाना एक घंटे संगीतमय आरती होगी।

    उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर की खास परंपराओं में से एक मंदिर के पीछे उल्टा स्वास्तिक बनाना है। श्रद्धालु भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाकर अपनी मनोकामना मांगते हैं। मान्यता पूरी होने के बाद श्रद्धालु अनाज, लड्डुओं या अन्य प्रसाद से तुलादान करते हैं।

    भस्म आरती में बाबा महाकाल को रजत आभूषण के साथ भांग-चंदन अर्पित

    उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के चार बजे भस्म आरती के दौरान मंदिर के पट खुले। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन-अभिषेक किया गया।

    गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। बाबा को रजत आभूषण धारण कराकर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित किया गया, जिसके बाद भगवान गणेश के स्वरूप में श्रृंगार किया गया।

    प्रथम घंटाल बजाकर भगवान का ध्यान और मंत्रोच्चार किया गया। हरिओम का जल अर्पित करने के बाद कपूर आरती हुई। श्रृंगार पूरा होने पर ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला धारण कराई गई। मोगरे और गुलाब के फूलों से बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया।

    भगवान महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।

    ईको-फ्रेंडली मूर्तियों की बढ़ी मांग
    पर्यावरण के प्रति जागरूकता के चलते इस बार बाजारों में मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी ईको-फ्रेंडली मूर्तियों का क्रेज सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। मूर्तिकारों ने पौधे वाले गणेश (प्लांट गणेश) भी तैयार किए हैं, जिनमें बीज मिलाए गए हैं ताकि विसर्जन के बाद गमले में पौधा उग सके। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बप्पा की भक्ति करना चाहते हैं।

    गणेशोत्सव में वृंदावन के किशोरी शरण बांधेंगे समां
    शहर स्थित अग्रवाल धर्मशाला में मराठा एसोसिएशन एवं श्री गणेश मराठा मंडल के तत्वावधान में भव्य श्री गणेश महोत्सव का शुभारंभ आज से हो रहा है। अपनी भव्यता और वैदिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध इस उत्सव में प्रात: 11 बजे श्री गणेश मूर्ति की स्थापना की जाएगी तथा रात्रि 11:30 बजे महाआरती संपन्न होगी। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वृंदावन से पधार रहे सुप्रसिद्ध भजन गायक किशोरी शरण होंगे, जो अपनी सुमधुर भजनों से समां बांधेंगे। मंडल के अध्यक्ष श्रितोष पाटील, उपाध्यक्ष कार्तिक मराठा, महामंत्री सूरज मराठा और कोषाध्यक्ष सुमित मराठा ने बताया कि बप्पा के भव्य श्रृंगार, दर्शन व सेवा कार्य को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर प्रणय मराठा, रितिक, श्रेयश, किशोर, अरविंद, संतोष, संजय, तानाजी, सुरेश, अण्णा, राजकुमार, दिनकर राव, नथुलाल, नंदकुमार, किशन, सोमनाथ, देवांग गुप्ता, सुमित अग्रवाल और कमल शर्मा सहित समस्त मराठा मंडल के सदस्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

  • गणेश चतुर्थी पर बड़ा तोहफा, आंध्र प्रदेश में गणेश पंडालों को मुफ्त बिजली देगी सरकार

    गणेश चतुर्थी पर बड़ा तोहफा, आंध्र प्रदेश में गणेश पंडालों को मुफ्त बिजली देगी सरकार

    अमरावती

    गणेश चतुर्थी से पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. राज्य में गणेश उत्सव के लिए लगाए जाने वाले सभी पंडालों को मुफ्त बिजली दी जाएगी. आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने इसकी जानकारी दी. सरकार के इस फैसले से गणेश उत्सव मनाने वाले आयोजकों को बिजली के खर्च से राहत मिलेगी। 

    नारा लोकेश ने ट्वीट कर बताया कि इस गणेश चतुर्थी पर आंध्र प्रदेश के सभी गणेश पंडालों को मुफ्त बिजली दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह सुविधा पूरे राज्य में लागू होगी. इससे पंडाल लगाने वालों को बिजली के बिल का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। 

    नारा लोकेश ने इस बड़ी राहत का ऐलान करते हुए कहा कि उत्सव की भव्यता को बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है. हर साल गली-मोहल्लों में पंडाल सजाने वाली समितियों का एक बड़ा बजट बिजली कनेक्शन, मीटर और बिल भरने में खर्च हो जाता था. सरकारी ऐलान के बाद अब पंडालों को रोशनी के लिए जेब खाली नहीं करनी पड़ेगी। 

    त्योहारी सीजन में लोगों को राहत देने का यह अकेला फैसला नहीं है. इससे ठीक एक दिन पहले महाराष्ट्र से भी गणेश भक्तों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई थी. PWD मिनिस्टर शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले ने जानकारी दी थी कि मुंबई से कोंकण जाने वाले लोगों को नेशनल हाईवे पर कोई टोल टैक्स नहीं देना होगा। 

    महाराष्ट्र में मुंबई से कोंकण जाने वाले गोवा हाईवे और पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर 11 सितंबर से 27 सितंबर तक टोल वसूली पूरी तरह बंद रहेगी. इससे सिंधुदुर्ग या कोल्हापुर की तरफ अपने पैतृक गांव जा रहे परिवारों के 650 से 700 रुपये तक बचेंगे. साथ ही टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से भी छुटकारा मिलेगा. दक्षिण से लेकर पश्चिम तक, सरकारों के इन फैसलों से गणेशोत्सव की खुशियां दोगुनी हो गई हैं।