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  • छत्तीसगढ़ होम गार्ड्स, फायर और SDRF जवानों के लिए Bank of Baroda की बड़ी सौगात, मिलेंगे आकर्षक सैलरी बेनिफिट्स

    छत्तीसगढ़ होम गार्ड्स, फायर और SDRF जवानों के लिए Bank of Baroda की बड़ी सौगात, मिलेंगे आकर्षक सैलरी बेनिफिट्स

    छत्तीसगढ़ होम गार्ड्स, फायर और एसडीआरएफ के जवानों के लिए बैंक ऑफ़ बड़ौदा लाया आकर्षक सैलरी बेनिफिट्स

    रायपुर
     नगर सेना, अग्निशमन, आपातकालीन सेवाएँ एवम् SDRF छत्तीसगढ़ और बैंक आफ बड़ौदा के मध्य 6 अक्टूबर 2026 को MOU संपादित किया गया है । इसमें विभाग के समस्त ऐसे निम्न आय वर्ग के स्वयंसेवकों एवम् कर्मचारियों,  जिन्हें 10 हजार से 50 हजार के मध्य वेतन/मानदेय वेतन प्राप्त होता है, के लिए जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना एवम् अन्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है। इससे लाभान्वित होने वाले कर्मचारी/स्वयंसेवक अपना वेतन एकाउण्ट (खाता) बैंक आफ बड़ौदा के अपने जिला शाखा में खुलवा सकते हैं। सभी इकाई प्रमुखों को बैंक से समन्वय स्थापित कर उक्त कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण करने निर्देशित किया गया है।

        छत्तीसगढ़ राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) द्वारा विशेष वेतन लाभ (Salary Benefits) की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत जवानों और उनके परिवारों को कई बेहतरीन वित्तीय और बीमा सुरक्षा लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।

    प्रमुख विशेषताएँ एवं मिलने वाले लाभ

                छत्तीसगढ़ राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों को 1 लाख तक का जीवन बीमा कवर, 40 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा,  40 लाख तक का हवाई दुर्घटना बीमा कवर, ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त कवर- मूल व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (PAI) का 25% अतिरिक्त कवर (10 लाख तक), दिव्यांगता लाभ- पूर्ण/स्थायी विकलांगता पर 40 लाख तक और आंशिक विकलांगता पर 30 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    परिवार और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं 

               राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों  के पुत्री की विवाह के लिए 4 लाख तक की सहायता, बच्चों की शिक्षा के लिए 4 लाख तक का लाभ दिया जाएगा।

    खाता और कार्ड की विशेषताएं

             राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों  को  जीरो बैलेंस (Zero Balance) तिमाही औसत शेष (QAB) की सुविधा, लाइफटाइम फ्री रुपे प्लेटिनम डेबिट कार्ड (Rupay Platinum Debit Card) और सिलेक्ट वेरिएंट का मुफ्त क्रेडिट कार्ड प्रदाय किया जाएगा। उनके   परिवार के लिए 4 खातों तक और जीवनसाथी (पति-पत्नी) के खाते के लिए जीरो बैलेंस के साथ मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड की सुविधा के अलावा अन्य बैंकिंग सुविधाएं में मुफ्त चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट (DD), आरटीजीएस (RTGS), नेफ्ट (NEFT) और एटीएम का असीमित उपयोग पूरी तरह नि:शुल्क है।

              बैंक ऑफ़ बड़ौदा की इस पहल से राज्य की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे इन जवानों और उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक मजबूती और सहूलियतें प्राप्त होंगी।

  • गौरीघाट में बड़ा हादसा टला, 4 की क्षमता वाली मोटरबोट में सवार थे 8 होमगार्ड जवान

    गौरीघाट में बड़ा हादसा टला, 4 की क्षमता वाली मोटरबोट में सवार थे 8 होमगार्ड जवान

     जबलपुर
     मध्य प्रदेश में भारी वर्षा से जबलपुर स्थित बरगी बांध के 13 जलद्वार खोले जाने से उफनती नर्मदा नदी के गौरीघाट में शुक्रवार शाम को होमगार्ड की पेट्रोलिंग मोटरबोट पलट गई।

    हादसे के समय मोटर बोट में क्षमता से अधिक बचाव दल के सदस्य सवार थे। नर्मदा में दल के सदस्य मोटरबोट से गश्त कर रहे थे, तभी तेज बहाव के कारण नाव अनियंत्रित होकर बहने लगी।

    कुछ होमगार्ड जवान तैरकर बाहर आए, जबकि बाकी को मौके पर मौजूद स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने अपनी नावों की मदद से सुरक्षित निकाला। पुलिस ने भी बचाव अभियान चलाकर जवानों को निकाला।

    सामने आया है कि मोटरबोट की क्षमता चार से पांच होती है, लेकिन उस पर चालक सहित 12 होमगार्ड जवान सवार थे। जो मोटरबोट पलटी, उसमें बैठने की व्यवस्था नहीं रहती है, फिर भी जवानों को उसमें बैठाकर तेज प्रवाह के बीच ले जाया गया।

    मझधार में इंजन खराब होने की बात सामने आई है। इससे गश्ती बोट की तकनीकी फिटनेस और जांच में लापरवाही माना जा रहा है। हालांकि चालक को छोड़कर बाकी सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी।

    बताया जा रहा है कि मोटरबोट श्रद्धालुओं की सुरक्षा और घाट पर निगरानी के लिए पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान बोट नदी में डूब गई। चालक की लापरवाही की बात भी कही जा रही है।

    होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने मामले की जांच कराने बात कही है। याद आया बरगी डैम हादसागौरीघाट में नाव पलटने की घटना ने जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे की याद दिला दी।

    30 अप्रैल की शाम बरगी डैम के क्रूज में सवार 32 में नौ लोगों की मौत हो गई थी। लापता लोगों की तीन दिन तक तलाश चलने के बाद मृतकों की संख्या 13 हो गई थी। शेष को बचा लिया गया था। हादसे की जांच एकल सदस्यीय आयोग कर रहा है।

    बरगी बांध के गेट खुलने के बाद पेट्रोलिंग कर रही थी टीम
    होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ठाकुर ने बताया- बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर अलर्ट जारी किया गया है। होमगार्ड्स की टीम को ग्वारीघाट पर तैनात किया गया है, लेकिन पेट्रोलिंग के दौरान नर्मदा नदी के बीच में इंजन में खराबी आ गई। सभी जवान ड्यूटी पर थे। लाइफ जैकेट पहने हुए थे। घटना के बाद नाव नदी में डूब गई।

    उन्होंने बताया कि यह सही है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि चालक की गलती के कारण हादसा हुआ। इस संबंध में चालक से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाव में 10 से 11 लोग सवार थे।

    क्षमता से करीब दोगुने जवान सवार थे
    गौरीघाट थाना प्रभारी के अनुसार, हादसे के समय मोटरबोट को भानु नामक जवान चला रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बोट में करीब 8 जवान सवार थे, जबकि उसकी क्षमता केवल 4 लोगों की थी। यानी बोट में निर्धारित क्षमता से करीब दोगुने जवान सवार थे।

    अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए
    मोटरबोट की क्षमता से अधिक जवानों के सवार होने की बात सामने आने के बाद होमगार्ड अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि पेट्रोलिंग के दौरान बोट में निर्धारित क्षमता से अधिक जवान कैसे सवार हुए। इंजन खराब होने के बाद सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम मौजूद थे।

     

  • एक्शन के बाद नई व्यवस्था: धनबाद में होमगार्ड भर्ती टेस्ट में गैजेट्स ले जाना मना

    एक्शन के बाद नई व्यवस्था: धनबाद में होमगार्ड भर्ती टेस्ट में गैजेट्स ले जाना मना

    धनबाद.

    होमगार्ड बहाली को लेकर शहर के मेमको मोड़ स्थित मेगा स्पोर्ट्स कंप्लेक्स में शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के दौरान प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के नहीं होने पर उपायुक्त आदित्य रंजन के स्तर से कार्रवाई हाने के बाद बुधवार यानी तीसरे दिन स्थितियां बदली हुई नजर आयीं।

    सुबह से ही सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अपने काम पर तैनात दिखे। यहां तक की परीक्षा के दौरान हर जगह सख्त निगरानी रखी जा रही थी। निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था है। इस दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन मौजूद थे और हर कार्य की निगरानी खुद की।

    इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर जाने पोर रोक
    बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हर एक गतिविधि पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों को आदेश दिया है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर अंदर प्रवेश न करें। परीक्षा केंद्र के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। साथ ही, दौड़ और अन्य शारीरिक स्पर्धाओं की निरंतर वीडियोग्राफी कराई जा रही है।

    दौड़ के लिए आरएफआइडी का उपयोग
    दौड़ के सटीक समय के मापन के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) चिप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय बायोमेट्रिक हाजिरी और आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इससे फर्जी अभ्यर्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

    शांतिपूर्ण चल रही परीक्षा
    परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट एनआइसी पर प्रदर्शित की जाएगी।
    – आदित्य रंजन, उपायुक्त धनबाद