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  • ICC का बड़ा ऐलान! वर्ल्ड कप 2026 नए फॉर्मेट में खेला जाएगा, 57 मैच और 12 वेन्यू तय

    ICC का बड़ा ऐलान! वर्ल्ड कप 2026 नए फॉर्मेट में खेला जाएगा, 57 मैच और 12 वेन्यू तय

    मुंबई 

    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने 30 जुलाई 2026 को आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 से जुड़े कई बड़े ऐलान किए। वर्ल्ड कप का फॉर्मेट पहले ही बदला जा चुका है और अब इस बात की पुष्टि हो गई है कि कितने मैच, कितने मैदानों पर और कहां-कहां आयोजित होंगे। 2023 में 10 टीमों ने हिस्सा लिया था, लेकिन 2027 के विश्व कप के लिए 14 टीमें क्वालीफाई करेंगी। आईसीसी के इवेंट में क्या कुछ हुआ? उसके बारे में जान लीजिए।

    वर्ल्ड कप का नया फॉर्मेट
    वनडे विश्व कप और टी20 विश्व कप के लिए नया फॉर्मेट आईसीसी ने पहले ही जारी कर दिया था। पुराने फॉर्मेट के हिसाब से 54 मैच फाइनल तक होने थे, लेकिन नए फॉर्मेट में फाइनल तक 57 मैच आयोजित होंगे। 2 टीमें पहले 3 मैचों के बाद ही बाहर हो जाएंगी। नए फॉर्मेट में ऐसा ही प्रावधान किया गया है, क्योंकि 12, 13 और 14वें रैंक की टीमों को सुपर सीरीज खेलनी होगी। इसे जो टीम जीतेगी, वह राउंड 2 यानी सुपर 12 में एंट्री करेगी। इसके बाद राउंड 2 में दो ग्रुप बनाए जाएंगे, जिनकी टॉप 3-3 टीमें और दोनों ग्रुप से चौथी टॉप टीम सुपर 7 में पहुंचेगी, जहां से चार सेमीफाइनलिस्ट निकलेंगे।

    वर्ल्ड कप 2027 के लिए नया लोगो
    आईसीसी ने साउथ अफ्रीका में आयोजित किए एक स्पेशल इवेंट में मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का आधिकारिक लोगो जारी किया। 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप के लोगो से यह लोगो मिलता-जुलता है। एक जैसी शेप रखी गई है, लेकिन कुछ-कुछ एलिमेंट चेंज किए गए हैं। (लोगो आप स्टोरी की मैन इमेज में देख सकते हैं)

    वर्ल्ड कप 2027 के मेजबान?
    आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के मेजबान देशों की बात करें तो साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया इस टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे। साउथ अफ्रीका के 8, जिम्बाब्वे के 3 और नामीबिया के एक शहर में इसके मैचों का आयोजन होना है।

    वर्ल्ड कप 2027 के वेन्यू?

    साउथ अफ्रीका

    वांडरर्स स्टेडियम (जोहान्सबर्ग)

    सेंचुरियन (त्शवाने)

    न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड (केप टाउन)

    किंग्समीड क्रिकेट ग्राउंड (डरबन)

    सेंट जॉर्ज पार्क (गकबेरहा)

    मैंगाउंग ओवल (ब्लोमफोंटेन)

    बोलैंड पार्क (पार्ल)

    बफ़ेलो पार्क (कुगोम्पो सिटी)
    जिम्बाब्वे

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब (हरारे)

    क्वींस स्पोर्ट्स क्लब (बुलावायो)

    फाले मोसी-ओ-तुन्या इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (विक्टोरिया फॉल्स)
    नामीबिया

    नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड (विंडहोक)
    50 ओवर का यह बड़ा टूर्नामेंट 24 साल बाद अफ्रीका में वापस आ रहा है। 2003 में, साउथ अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और केन्या ने आठवें मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप को होस्ट किया था। यह 14वां एडिशन इस टूर्नामेंट का है। दुनिया की टॉप 14 टीमों को होस्ट करने के लिए तैयार 2027 के लिए तीन होस्ट देश ‘थ्री नेशंस, वन हार्टबीट’ ब्रांड के तहत उम्मीद, डाइवर्सिटी और कम्युनिटी की भावना से एकजुट हैं।

  • ICC का ऐतिहासिक फैसला, अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला क्रिकेटरों के सपनों को मिला नया जीवन

    ICC का ऐतिहासिक फैसला, अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला क्रिकेटरों के सपनों को मिला नया जीवन

     नई दिल्ली

    ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) ने अफगानिस्तान की र‍िफ्यूजी महिला क्रिकेटरों के लिए बड़ा कदम उठाया है. ICC ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2030 तक इन खिलाड़ियों को आधिकारिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट खेलने का अवसर मिले। 

    2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद कई महिला क्रिकेटरों को देश छोड़ना पड़ा था और वे ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों में शरण लेने को मजबूर हुई थीं। 

    ICC के अनुसार इन खिलाड़ियों के लिए एक डेवलपमेंट रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिसमें नियमित कोचिंग, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग, अंतरराष्ट्रीय मैचों और टूर का अनुभव शामिल होगा। 

    उद्देश्य यह है कि 2030 तक वे ICC के क्वालिफिकेशन इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार हों. अफगानिस्तान की र‍िफ्यूयी महिला टीम की खिलाड़ी फिरोजा अमीरी ने ICC के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें अपने भविष्य के लिए एक ठोस लक्ष्य मिला है. उनका मानना है कि यह पहल केवल क्रिकेट नहीं, बल्कि उन महिलाओं के अधिकारों और सपनों के लिए भी बड़ी उम्मीद लेकर आई है। 

    ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान की रेफ्युजी महिला क्रिकेट टीम को बचाए रखने में अहम भूमिका निभाई है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कई खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए मानवीय वीजा (Humanitarian Visa) दिलाने में मदद की. इसके साथ ही खिलाड़ियों को क्रिकेट क्लबों और ट्रेनिंग प्रोग्राम से भी जोड़ा गया है। 

    जनवरी 2025 में इस टीम ने निर्वासन (Exile) के बाद मेलबर्न में 'अफगान विमेंस XI' के नाम से अपना पहला मुकाबला खेला, जो उनके लिए नई शुरुआत का प्रतीक बना। 

    इसके बाद ICC ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया , ECB (इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड)  और BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के साथ मिलकर एक विशेष सहायता कार्यक्रम शुरू किया। 

    इस पहल के तहत खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, विश्वस्तरीय कोचिंग, फिटनेस सपोर्ट और जिन देशों में वे रह रही हैं, वहां नियमित ट्रेनिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

    ICC का यह फैसला महिला क्रिकेट के भविष्य को मजबूत करने के साथ-साथ विस्थापित खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। 

    हाल के वर्षों में अफगान महिला खिलाड़ियों के समर्थन की मांग लगातार उठती रही है और अब 2030 का लक्ष्य उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की उम्मीद को नई मजबूती देता है। 

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मैच फिक्सिंग की संभावना, ICC ने जांच शुरू की, संदिग्ध खिलाड़ी पर नजर

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मैच फिक्सिंग की संभावना, ICC ने जांच शुरू की, संदिग्ध खिलाड़ी पर नजर

    मुंबई 

    भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान हुए एक मैच पर फिक्सिंग के आरोप लगे हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट इसकी जांच कर रही है। बता दें, 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब भारत ने जीता था। फाइनल में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया था। भारत घर पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश भी बना था। इस टूर्नामेंट के दौरान जिस मुकाबले पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे हैं वह मैच न्यूजीलैंड वर्सेस कनाडा का है, जो 17 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया था।

    यह घटनाक्रम कनाडा के पब्लिक ब्रॉडकास्टर CBC पर 10 अप्रैल को दिखाई गई 43 मिनट की डॉक्यूमेंट्री के बाद हुआ है, जिसका टाइटल “करप्शन, क्राइम और क्रिकेट” है, जिसमें क्रिकेट कनाडा में गवर्नेंस के मुद्दों से जुड़े कई आरोप लगाए गए हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, जिस मैच पर नजर है, वह कनाडा का न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रुप-स्टेज का मैच है।

    न्यूजीलैंड के लक्ष्य का पीछा करने के पांचवें ओवर पर फोकस है, जिसे कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा ने फेंका, जिन्हें टूर्नामेंट से ठीक तीन हफ्ते पहले कप्तान बनाया गया था।

    बाजवा ने एक नो-बॉल और एक वाइड से शुरुआत करने के बाद ओवर में 15 रन दिए। न्यूजीलैंड ने 174 रन के टारगेट को 15.1 ओवर में आठ विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया, और शुरुआती ब्रेकथ्रू के बाद कोई और विकेट नहीं गंवाया।

    इस विवादित ओवर के अलावा, ICC कनाडा के पूर्व कोच खुर्रम चौहान से जुड़े एक रिकॉर्डेड टेलीफोन कॉल की भी जांच कर रहा है। चौहान का आरोप है कि क्रिकेट कनाडा के सीनियर बोर्ड के सदस्यों ने उन पर नेशनल टीम के लिए कुछ खास खिलाड़ियों को चुनने का दबाव डाला था। उनका यह भी दावा है कि मैच फिक्स करने की कोशिश की गई थी।

    ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने डॉक्यूमेंट्री को माना है, लेकिन ऑपरेशनल प्रोसीजर का हवाला देते हुए खास आरोपों पर कमेंट करने से मना कर दिया है।

    ESPNcricinfo के मुताबिक एफग्रेव ने कहा, “ACU को CBC के ब्रॉडकास्ट किए गए प्रोग्राम के बारे में पता है। अपने तय ऑपरेटिंग प्रोसीजर के हिसाब से, ACU इसमें शामिल किसी भी आरोप की असलियत पर कमेंट करने की हालत में नहीं है। ICC सदस्यों से जुड़े गवर्नेंस मामलों पर ICC अपने स्टैंडर्ड संवैधानिक प्रोसेस के अनुसार, जहां वे उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, विचार करता है।”

  • ICC लगाएगी बैन, बांग्लादेश क्रिकेट में नया बखेड़ा, सरकार को दी गई चेतावनी

    ICC लगाएगी बैन, बांग्लादेश क्रिकेट में नया बखेड़ा, सरकार को दी गई चेतावनी

     नई दिल्ली 

    बांग्लादेश क्रिकेट में इस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि बोर्ड के मामलों में हस्तक्षेप से इंटरनेशनल लेवल पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

    दरअसल, खेल मंत्रालय ने पिछले साल हुए BCB चुनाव में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है. इस कमेटी को 11 मार्च से 15 कार्यदिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. जांच में 'अनियमितता, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग' जैसे आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

    क्रिकइंफो की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक- BCB ने अपने बयान में साफ किया कि इस मामले को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल (ICC) के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है. बोर्ड का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए क्रिकेट बोर्ड में सरकारी दखल ICC के नियमों के खिलाफ माना जाता है, जिससे बांग्लादेश पर बैन का खतरा भी पैदा हो सकता है. इससे पहले जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों पर इसी वजह से कार्रवाई हो चुकी है. ध्यान रहे ICC ने पहले भी सरकारी दखल के लिए जिम्बाब्वे और श्रीलंका समेत कई क्रिकेट बोर्ड को सस्पेंड किया था।

    सरकार से सीधे बातचीत की मांग
    BCB ने कहा कि वह शिकायत करने से पहले नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल से सीधे बात करना चाहता है, ताकि गजट के 'इरादे और असर' को समझा जा सके. साथ ही बोर्ड ने जांच कमेटी को पूरी तरह खत्म करने की मांग भी रखी है, ताकि क्रिकेट की स्थिरता बनी रहे।

    तमीम इकबाल के आरोप से भड़का विवाद
    पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर चुनाव प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया. तमीम का दावा था कि चुनाव से पहले अमीनुल ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ जिलों के काउंसलर बदलने को कहा. इसके अलावा नामांकन की तारीख दो बार बढ़ाने का भी आरोप लगाया गया. हालांकि, अमीनुल इस्लाम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

    चुनाव के बाद भी नहीं थमा बवाल
    1 अक्टूबर को तमीम इकबाल ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी. 6 अक्टूबर को चुनाव हुए, लेकिन इसके बाद भी विवाद थमा नहीं. ढाका क्लब अधिकारियों और कई अन्य समूहों ने चुनाव में 'इंजीनियरिंग' का आरोप लगाया. नतीजों के कुछ घंटों के भीतर ही खेल मंत्रालय को अपने एक निदेशक उम्मीदवार को वापस लेना पड़ा. उनके राजनीतिक संबंध सोशल मीडिया पर सामने आ गए।

    ढाका लीग का बहिष्कार
    BCB चुनाव के बाद हालात और बिगड़ गए. ढाका के कई क्लब (कैटेगरी-2) ने मौजूदा बोर्ड को 'गैरकानूनी' करार दिया और 2025-26 सीजन की ढाका लीग का बहिष्कार कर दिया।