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  • ट्रेन टिकट बुकिंग में नहीं होगी देरी, IRCTC का Master List और पेमेंट वाला ये तरीका आएगा काम

    ट्रेन टिकट बुकिंग में नहीं होगी देरी, IRCTC का Master List और पेमेंट वाला ये तरीका आएगा काम

    पटना
    IRCTC Booking Tips: कंफर्म ट्रेन टिकट की बुकिंग कई बार रफ्तार का खेल बन जाती है। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में सीटें तेजी से भरती हैं। ऐसे में यात्रियों के पास तेज इंटरनेट होने के बावजूद टिकट वेटिंग में चली जाती है। इसकी एक बड़ी वजह बुकिंग के दौरान जानकारी भरने और पेमेंट में लगने वाला अतिरिक्त समय भी है।

    अगर आप अक्सर IRCTC से टिकट बुक करते हैं तो बुकिंग शुरू होने से पहले थोड़ी तैयारी आपके काम को काफी आसान बना सकती है।

    IRCTC Ticket Booking यात्रियों की जानकारी पहले से सेव रखने और पेमेंट का विकल्प तैयार रखने से बुकिंग प्रक्रिया तेज हो सकती है। आइए जानते हैं वे दो काम, जिन्हें पहले कर लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

    पहला काम: पहले से तैयार रखें पैसेंजर की डिटेल
    IRCTC पर टिकट बुक करते समय यात्रियों की जानकारी भरने में काफी समय लग सकता है। नाम, उम्र, जेंडर, पहचान संबंधी जानकारी और बर्थ प्रेफरेंस जैसी डिटेल दर्ज करते-करते कई बार बुकिंग की रफ्तार धीमी हो जाती है। इसी दौरान उपलब्ध सीटें तेजी से कम हो सकती हैं।

    इस परेशानी से बचने के लिए यात्री पहले से Master List तैयार रख सकते हैं। IRCTC अकाउंट के प्रोफाइल सेक्शन में उपलब्ध इस सुविधा के जरिए उन यात्रियों की जानकारी सेव की जा सकती है, जिनके लिए आप अक्सर टिकट बुक करते हैं।

    Master List से बचेगा बुकिंग का समय
    IRCTC Ticket Booking एक बार यात्रियों की जानकारी सेव हो जाने के बाद टिकट बुक करते समय हर डिटेल दोबारा टाइप करने की जरूरत कम हो जाती है।

    संबंधित यात्री को सूची से चुनकर बुकिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। इससे खासकर एक से अधिक यात्रियों की टिकट बुक करते समय सुविधा मिलती है।

    कंफर्म टिकट की बुकिंग में समय काफी अहम होता है। इसलिए बुकिंग खुलने से पहले Master List तैयार रखना एक छोटी लेकिन काम की तैयारी हो सकती है। इससे टिकट बुकिंग के दौरान अनावश्यक टाइपिंग में समय नहीं जाता।

    दूसरा काम: पेमेंट के लिए पहले से रहें तैयार
    टिकट बुकिंग का आखिरी और सबसे अहम चरण पेमेंट होता है। कई बार यात्री ट्रेन और सीट चुनने के बाद पेमेंट स्टेज पर पहुंचते हैं, लेकिन बैंकिंग प्रक्रिया, ओटीपी या पेमेंट विकल्प चुनने में अतिरिक्त समय लग जाता है। इस दौरान बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

    इसलिए टिकट बुक करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका पसंदीदा और भरोसेमंद पेमेंट विकल्प आसानी से उपलब्ध हो।

    IRCTC पर उपलब्ध सेव किए गए पेमेंट विकल्प का इस्तेमाल करने से हर बार भुगतान संबंधी जानकारी दोबारा दर्ज करने की जरूरत कम हो सकती है।

    बुकिंग से पहले ये तैयारी रखें पूरी
    कंफर्म टिकट के लिए सिर्फ तेज इंटरनेट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। बुकिंग शुरू होने से पहले यात्री की जानकारी, यात्रा की तारीख, ट्रेन, क्लास और बर्थ संबंधी पसंद तय रखें। साथ ही लॉगिन पहले से कर लेना भी बुकिंग प्रक्रिया को आसान बना सकता है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि टिकट बुकिंग के समय बार-बार जानकारी खोजने या टाइप करने में समय न गंवाएं। Master List और तैयार पेमेंट विकल्प इसी तैयारी का हिस्सा हैं, जिससे बुकिंग प्रक्रिया ज्यादा तेज और व्यवस्थित हो सकती है।

    त्योहारों में और बढ़ जाती है तैयारी की जरूरत
    त्योहारों, छुट्टियों और गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में टिकट की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा रहती है।

    ऐसे समय में उपलब्ध सीटें तेजी से भर सकती हैं। इसलिए बुकिंग शुरू होने से पहले पूरी तैयारी रखना और प्रक्रिया को समझ लेना यात्रियों के लिए खास तौर पर उपयोगी है।

    हालांकि कोई भी तरीका कंफर्म टिकट की गारंटी नहीं देता। सीट की उपलब्धता ट्रेन, तारीख, कोटा और मांग जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

    लेकिन पहले से जानकारी तैयार रखने और पेमेंट प्रक्रिया को आसान बनाने से बुकिंग के दौरान होने वाली देरी को जरूर कम किया जा सकता है।

  • लालू यादव की बढ़ी मुश्किलें! IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट ने 8 अन्य आरोपियों के साथ तय किए आरोप

    लालू यादव की बढ़ी मुश्किलें! IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट ने 8 अन्य आरोपियों के साथ तय किए आरोप

    नई दिल्ली/पटना

     IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के ताजा आदेश के बाद लालू परिवार के लिए कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं. कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. जबकि 7 आरोपियों को आरोपों से बरी किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर 2026 को होगी. लेकिन आखिर यह मामला है क्या? इसकी शुरुआत कब हुई? रेलवे के होटलों से लेकर पटना की जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग तक पूरा मामला कैसे पहुंचा? और अब लालू परिवार के सामने आगे क्या कानूनी चुनौती है? आइए हर सवाल का जवाब समझते हैं। 

    क्या है IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग घटना, कैसे बढ़ेगी लालू परिवार की मुश्किलें जानें

    क्या है IRCTC होटल मामला?
    यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी के BNR होटलों के संचालन के ठेके से जुड़ा है. CBI का आरोप है कि इन दोनों होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका निजी कंपनी सुजाता होटल्स को देने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं की गईं. एजेंसी के अनुसार, इस कथित लाभ के बदले पटना में जमीन का लेन-देन हुआ। 

    जमीन का क्या कनेक्शन है?
    जांच एजेंसियों के मुताबिक होटल टेंडर और पटना की जमीन के बीच कथित लेन-देन इस केस का सबसे अहम हिस्सा है. CBI ने आरोप लगाया कि पटना की बेशकीमती जमीन पहले एक कंपनी के जरिए खरीदी गई. बाद में उसका प्रभावी नियंत्रण लालू परिवार से जुड़ी कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स तक पहुंचा. एजेंसी ने जमीन की कीमत और जिस कीमत पर सौदा हुआ. उसमें बड़े अंतर का भी आरोप लगाया है. यही कथित लेन-देन बाद में ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बना। 

    मामला कब शुरू हुआ?
    इस मामले की जड़ें 2004-05 के दौर में हैं. उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। मार्च 2004 में रेलवे के दो होटलों के प्रबंधन से संबंधित प्रक्रिया IRCTC को सौंपी गई थी. मई 2004 में लालू रेल मंत्री बने। इसके बाद होटल संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ी. CBI के मुताबिक 2005-06 में टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कर सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाया गया। 

    CBI ने केस कब दर्ज किया?
    कई वर्षों बाद यह मामला 2017 में फिर सामने आया. जुलाई 2017 में CBI ने FIR दर्ज की. एजेंसी ने लालू यादव और अन्य पर पद के कथित दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और होटल टेंडर में अनियमितता के आरोप लगाए. इसके बाद CBI ने जांच आगे बढ़ाई और अप्रैल 2018 में चार्जशीट दाखिल की. इसमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया। 

    ED की एंट्री कब हुई?
    CBI की FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की. अगस्त 2018 में ED ने PMLA के तहत लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. यहीं से यह मामला सिर्फ कथित भ्रष्टाचार या टेंडर विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग केस के रूप में भी अदालत पहुंच गया। 

    आज कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    10 सितंबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया. वहीं 7 आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया गया. कोर्ट ने प्रथमदृष्टया लालू यादव द्वारा रेल मंत्री के पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को मुकदमा आगे बढ़ाने लायक माना. आरोप तय किए गए आरोपियों में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, पीसी गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर शामिल हैं। 

    क्या लालू यादव और तेजस्वी दोषी साबित हो गए?
    नहीं…यह सबसे जरूरी कानूनी बात है. कोर्ट द्वारा आरोप तय करना दोषी करार देना नहीं होता. इसका मतलब है कि अदालत ने प्रथमदृष्टया मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार माना है. अब ट्रायल में अभियोजन पक्ष को अपने आरोप सबूतों के जरिए साबित करने होंगे. बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार होगा. इसलिए फिलहाल लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी या अन्य आरोपियों को दोषी कहना सही नहीं होगा। 

    अब लालू परिवार की मुश्किलें कैसे बढ़ सकती हैं?
    आरोप तय होने के बाद मामला ट्रायल की ओर बढ़ेगा. अभियोजन पक्ष सबूत और गवाह पेश करेगा.इसके बाद बचाव पक्ष उन सबूतों को चुनौती देगा. लालू परिवार के लिए चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले में कथित होटल टेंडर, जमीन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को अदालत में साबित करने की कोशिश होगी. हालांकि इसका अंतिम परिणाम ट्रायल के बाद ही सामने आएगा। 

    क्या यह Land-for-Jobs केस ही है?
    नहीं…दोनों मामले अलग हैं. IRCTC मामला रांची और पुरी के रेलवे होटलों के कथित टेंडर में अनियमितता और उससे जुड़े जमीन के लेन-देन पर केंद्रित है. वहीं Land-for-Jobs केस में रेलवे में नौकरी देने के बदले कथित तौर पर जमीन लेने के आरोप हैं. दोनों मामलों में लालू परिवार के सदस्यों के नाम सामने आने के कारण अक्सर इन्हें एक साथ देखा जाता है, लेकिन कानूनी तौर पर दोनों अलग मामले हैं। 

    अब अगली सुनवाई कब होगी?
    राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई की तारीख तय की है. अब अदालत में मामले की ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 

     

  • ट्रेन टिकट बुकिंग होगी फास्ट! IRCTC करने जा रहा बड़ा बदलाव, यात्रियों को मिलेगी राहत

    ट्रेन टिकट बुकिंग होगी फास्ट! IRCTC करने जा रहा बड़ा बदलाव, यात्रियों को मिलेगी राहत

     नई दिल्‍ली
    भारतीय रेलवे टूरिज्‍म कैटेरिंग एंड टूरिज्‍म कॉर्पोरेशन (IRCTC) एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है. यह बदलाव टिकट बुकिंग सिस्‍टम को लेकर है. इस बादलाव के बाद आपके टिकट बुकिंग की क्षमता बढ़ जाएगी और तेजी से टिकट बुकिंग होगी. इससे पीक टाइम में भी टिकट बुकिंग करने को लेकर दिक्‍कतें नहीं होंगी। 

    दरअसल, भारतीय रेलवे (IRCTC) एक मेजर टेक्‍नोलॉजी अपग्रेड पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश ऑलनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग को फास्‍टर और रिलाइबल बनाना है. खासकर तब जब पीक बुकिंग टाइम के दौरान डिमांड हाई पर रहती है। 

    इन बदलावों से वेबसाइट के अचानक धीमे होने, भारी ट्रैफिक और सेवा में रुकावट जैसी समस्‍याओं का समाधान होने की उम्‍मीद है, जिनका सामना यात्रियों को तब करना पड़ता है जब हजारों यूजर्स एक साथ टिकट बुक करने का प्रयास करते हैं। 

    IRCTC अपने टिकट बुकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करेगा
    इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, IRCTC अपनी नेक्स्ट जेनरेशन ई-टिकटिंग (NGET) प्लेटफॉर्म को सपोर्ट करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की योजना बना रहा है. इस अपग्रेड में सर्वर, स्‍टोरेज, नेटवर्किंग और सॉफ्टवेयर समेत कई चीजें शामिल हैं. अपग्रेड होने के बाद प्लेटफॉर्म की क्षमता काफी बढ़ जाएगी, जो हर मिनट पहले से कई गुना टिकट बुक करेगी। 

    हर मिनट कितने बुकिंग की होगी क्षमता? 
    IRCTC ने कहा है कि उसकी मौजूदा सिस्‍टम पहले ही लगभग 37,000 टिकट प्रति मिनट की क्षमता तक पहुंच चुकी है. अब सॉफ्टवेयर में अपग्रेड के बाद, यह क्षमता संभावित रूप से 1 लाख टिकट प्रति मिनट से ज्‍यादा हो सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्पोरेशन ने अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्‍टम के इंफ्रा के आधुनिकीकरण में लगभग 150 करोड़ रुपये का निवेश भी किया है। 

    नया बैकअप सिस्‍टम 
    IRCTC बुकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के किसी एक हिस्से के काम करना बंद कर देने की स्थिति में रुकावट नहीं होगी या कम होगी, क्‍योंकि इसकी जगह पर एक्टिव आपदा रिकवरी सिस्‍टम पर भी काम चल रहा है. सरल शब्दों में कहें तो, इस सिस्‍टम को दो प्रोजेक्‍ट सेटअपों के साथ डिजाइन किया गया है जो सेवा को सुचारू रूप से चला सकते हैं। 

    अगर एक सिस्‍टम में कोई समस्या आती है, तो दूसरा सिस्‍टम ट्रैफिक को संभालना जारी रख सकती है, जिससे यात्रियों के बुकिंग प्लेटफॉर्म से बाहर होने की संभावना कम हो जाती है. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, IRCTC आपदा रिकवरी सुविधा के लिए सिकंदराबाद को स्थान के रूप में विचार कर रहा है. कंपनी ने उच्च मांग वाले बुकिंग अवधियों के दौरान, जब यात्री सीमित सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे होते हैं, तो थोड़े समय के रुकावट के महत्व पर जोर दिया है। 

    सिस्‍टम को सरल बनाया गया
    IRCTC की नई वेबसाइट से बुकिंग प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से बाधित करने वाले कई तत्वों को हटा दिया गया है. इनमें अनावश्‍यक CAPTCHA जांच, पॉप-अप और चमकते ग्राफिक्स को कम कर दिया गया है, जिससे यात्रियों के लिए एक सरल इंटरफेस तैयार हुआ है. इसका उद्देश्‍य यूजर्स को उलझने के बजाय अपनी यात्रा का चयन करने और बुकिंग पूरी करने पर फोकस करने में आसानी देना है। 

  • IRCTC ने लॉन्च की नई BETA वेबसाइट, 22 साल बाद यूजर्स को मिलेंगे कई नए स्मार्ट फीचर्स

    IRCTC ने लॉन्च की नई BETA वेबसाइट, 22 साल बाद यूजर्स को मिलेंगे कई नए स्मार्ट फीचर्स

    नई दिल्ली
    अगर आप ट्रेन टिकट बुक करने के लिए IRCTC की वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. रेलवे ने नई IRCTC वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च कर दिया है। 

    इस नए वर्जन को आम लोगों के लिए टेस्टिंग के तौर पर जारी किया जा रहा है ताकि यूजर्स इसका इस्तेमाल करें और अपने फीडबैक दे सकें. रेलवे का कहना है कि लोगों के फीडबैक के बाद इसमें और सुधार किए जाएंगे. बाद में यही नया पोर्टल सभी यूजर्स के लिए लॉन्च होगा। 

    2002 से चल रही वेबसाइट अब बदलेगी

    IRCTC की वेबसाइट पहली बार साल 2002 में शुरू हुई थी. आज यह हर दिन औसतन 14.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग हैंडल है. इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर करोड़ों लोग हर महीने टिकट बुक करते हैं। 

    IRCTC वेबसाइट का नया लुक
    अब करीब 24 साल बाद इसकी डिजाइन और काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया जा रहा है ताकि टिकट बुक करना आसान और तेज हो सके। 

    क्लीन और आसान यूजर इंटरफेस
    रेल मंत्रालय के मुताबिक नई वेबसाइट का सबसे बड़ा बदलाव इसका नया डिजाइन है. वेबसाइट पहले के मुकाबले ज्यादा क्लीन दिखेगी. स्क्रीन पर बेवजह के पॉप-अप, चमकती हुई चीजें और ध्यान भटकाने वाले एलिमेंट नहीं होंगे. इससे यूजर जरूरी जानकारी पर आसानी से ध्यान दे पाएंगे और टिकट बुकिंग का अनुभव बेहतर होगा.

    बार-बार Captcha भरने की परेशानी होगी कम
    नई वेबसाइट में सबसे बड़ा बदलाव Captcha को लेकर किया गया है. टिकट बुक करते समय कई बार यूजर्स को बार-बार कैप्चा भरना पड़ता था, जिससे बुकिंग में समय लगता था। 

    नए बीटा वर्जन में इस परेशानी को काफी हद तक कम किया गया है. इससे खासकर तत्काल टिकट बुक करने वाले लोगों को राहत मिल सकती है। 

    सभी क्लास की सीट एक साथ दिखेंगी
    नई वेबसाइट में सीट उपलब्धता देखने का तरीका भी बदला गया है. अब अलग-अलग क्लास में सीट देखने के लिए बार-बार बदलने की जरूरत नहीं होगी. यूजर एक ही जगह पर अलग-अलग क्लास की सीट उपलब्धता देख सकेंगे. इससे सही विकल्प चुनना पहले से आसान होगा। 

    IRCTC ने चेकआउट प्रोसेस को भी आसान बनाया है. पहले टिकट बुक करते समय कई स्क्रीन और कई स्टेप पूरे करने पड़ते थे. नई वेबसाइट में इन्हें कम किया गया है. यानी टिकट बुक करने में कम समय लगेगा और पूरी प्रक्रिया पहले से तेज होगी। 

    बार-बार पैसेंजर्स की जानकारी भरने की जरूरत नहीं
    अगर आप अक्सर एक ही लोगों के लिए टिकट बुक करते हैं, तो नई वेबसाइट में यह काम भी आसान हो जाएगा. इसमें सेव किए गए यात्री की जानकारी दोबारा इस्तेमाल की जा सकेगी. हर बार नाम, उम्र और दूसरी जानकारी फिर से भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

    रेल मंत्रालय ने बताया कि इस नई वेबसाइट के डिजाइन में मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) जयपुर के छात्रों के सुझाव भी शामिल किए गए हैं. छात्रों ने वेबसाइट को ज्यादा आसान और यूजर फ्रेंडली बनाने के लिए कई सुझाव दिए थे. उन्हीं सुझावों के आधार पर यह नया बीटा वर्जन तैयार किया गया है। 

    अभी सिर्फ बीटा वर्जन, बाद में होगा पूरा लॉन्च
    सरकार का कहना है कि फिलहाल यह सिर्फ बीटा वर्जन है. इसका मकसद यूजर्स से फीडबैक लेना है. लोगों के सुझाव मिलने के बाद वेबसाइट में और सुधार किए जाएंगे. इसके बाद कुछ ही हफ्तों में नया IRCTC पोर्टल पूरी तरह लॉन्च किया जाएगा। 

    नए पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन से भी जुड़ेगी वेबसाइट
    रेल मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि नई वेबसाइट को जल्द ही नए पैसेंजर रिजर्वेशन (PRS) से जोड़ा जाएगा. यही सिस्टम पूरे देश में रेलवे टिकट बुकिंग को संभालता है. इस सिस्टम को भी मॉडर्न बनाया जा रहा है ताकि ज्यादा ट्रैफिक के दौरान भी वेबसाइट बेहतर तरीके से काम कर सके। 

    बीटा वेबसाइट कहां मिलेगी?
    नई बीटा वेबसाइट को https://www.irctc.co.in/eticket/ पर जाकर इस्तेमाल कर सकेंगे. मौजूदा IRCTC वेबसाइट के होमपेज पर भी बीटा वर्जन का लिंक दिया जाएगा, ताकि लोग आसानी से नई वेबसाइट को आजमा सकें। 

    नई वेबसाइट का मकसद सिर्फ नया लुक देना नहीं है, बल्कि टिकट बुकिंग को तेज, आसान और कम परेशानी वाला बनाना है. अगर बीटा टेस्टिंग सफल रहती है, तो आने वाले हफ्तों में करोड़ों रेलवे यात्रियों को यही नया IRCTC पोर्टल इस्तेमाल करने को मिलेगा।