Tag: JPSC merit scam

  • ओएमआर शीट में हेराफेरी और सीट बेचने का आरोप, जेपीएससी घोटाले में सीआईडी ने पेश किए सबूत

    ओएमआर शीट में हेराफेरी और सीट बेचने का आरोप, जेपीएससी घोटाले में सीआईडी ने पेश किए सबूत

     रांची
     झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता, ओएमआर शीट में हेराफेरी, पेपर लीक सहित विभिन्न मामलों की जांच कर रही सीआईडी ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है।

    जिनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, एजेंसी के अन्य कर्मी उस्मान व एबाद शामिल हैं।

    सीआईडी ने चार्जशीट के साथ इन आरोपितों के विरुद्ध पुख्ता सबूत कोर्ट में प्रस्तुत की है। इसमें दस्तावेज के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्य व आरोपितों के बयान भी हैं, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि इन आरोपितों ने एक आपराधिक साजिश के तहत जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता की, सीट बेची, अयोग्य अभ्यर्थियों को रुपये लेकर उत्तीर्ण करवाया।

    इस सुनियोजित साजिश के चलते मेधावी अभ्यर्थी उक्त परीक्षा में सफल नहीं हो सके। जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआइडी ने 21 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी। ठीक अगले ही दिन बुधवार (22 जुलाई) को सीआईडी थाना में कांड संख्या 16/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

    इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अलावा झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 की धाराएं भी लगाई गईं थीं।

    22 जुलाई को ही सीआईडी ने जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता सहित उपरोक्त पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजी थी।

    इन पांचों ही आरोपितों की गिरफ्तारी के 90 दिन 19 अक्टूबर को पूरे हो गए। इससे पहले ही सीआईडी ने इनपर चार्जशीट कर दी है। अब सीआईडी की चार्जशीट पर कोर्ट की प्रक्रिया शुरू होगी।

    ओएमआर शीट में हेराफेरी का खुलासा, कुछ अभ्यर्थी भी हुए हैं गिरफ्तार
    जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में आरोपितों के बयान में भी यह खुलासा हो चुका है कि आरोपितों ने ओएमआर शीट में हेराफेरी की है। सीआईडी ने पूर्व में छापेमारी के दौरान जेपीएससी कार्यालय से डिजिटल उपकरण, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क व अन्य कागजी दस्तावेज को भी जब्त की थी। सभी दस्तावेज की जांच व उसकी समीक्षा की जा चुकी है।

    कुछ दस्तावेज की फोरेंसिक से जांच भी कराई गई थी। सीआइडी ने सभी सबूत कोर्ट में पेश की है। सीआइडी ने उन अभ्यर्थियों के नामों का भी जिक्र है, जिनके ओएमआर शीट में हेराफेरी की पुष्टि हो चुकी है।

  • JPSC परीक्षा घोटाले में CID का शिकंजा, 7 फरार आरोपियों की तलाश तेज; वारंट-कुर्की की तैयारी

    JPSC परीक्षा घोटाले में CID का शिकंजा, 7 फरार आरोपियों की तलाश तेज; वारंट-कुर्की की तैयारी

     रांची
     जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआइडी ने जांच शुरू होने से लेकर अब तक पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते सहित 20 आरोपितों को जेल भेज दिया है।

    सात ऐसे आरोपित भी हैं, जो जांच शुरू होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। अगर समय रहते वे सीआइडी के सामने उपस्थित नहीं हुए तो जांच एजेंसी सीआइडी की विशेष अदालत से उपरोक्त संदिग्धों, आरोपितों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट, कुर्की जब्ती आदि भी करेगी।

    इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनकी तलाश के सीआइडी ने पांच दिनों में कई दिनों तक दबिश दी, लेकिन इनका पता नहीं चल सका। इन आरोपितों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता, कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी सहित कई गंभीर आरोप हैं।

    ये सभी आरोपित सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 के संदिग्ध हैं। इनपर पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी, अवैध लेन-देन, सेटिंग कर परीक्षा पास कराने आदि के आरोप हैं।

    गिरफ्तार 20 आरोपितों से पूछताछ व छानबीन में इन आरोपितों के नाम सामने आए हैं। इन आरोपितों में रांची के नामकुम का रहने वाला आदित्य पांडेय, टाटीसिलवे निवासी पवन कुमार सिंह, पलामू के बारालोटा निवासी रविशंकर कुमार, पलामू के ही हमीदगंज निवासी संतोष कुमार सिंह, बोकारो सेक्टर 3 निवासी सानन्द प्रकाश, कोर्रा हजारीबाग का रहने वाला लालू कुमार यादव और बेंगाबाद गिरिडीह का सौरभ कुमार पांडेय शामिल है। जाचं में कई प्रभावशाली लोगों के जुड़े होने के भी संकेत हैं, जिसकी जांच चल रही है।

    जेएसएससी सीजीएल परीक्षा मामले में पूर्व के केस डायरी पर भी नए सिरे से जांच
    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी मामले की जांच कर रही सीआइडी ने पूर्व में जांच के दौरान अक्टूबर 2025 में 12 अहम और तकनीकी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल करने के सुझाव दिए थे।उपरोक्त केस डायरी पर नए सिरे से भी जांच जारी है।

    पूर्व में जब्त मोबाइल से फोरेंसिक डेटा निकालकर उसकी जांच की जा रही है। इस मामले के अन्य आरोपित विनय शाह और अनीश कुमार के आधार कार्ड के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि उनके नाम पर कोई अन्य नया सिम कार्ड तो जारी नहीं कराया गया था।

    प्राथमिकी व गवाहों के बयानों में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा तिथि से 2-3 दिन पूर्व छात्रों को आसनसोल के सिन्धी होटल, नियामतपुर के विवाह भवन सहित मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू (नेपाल) तक ले जाकर प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। सीआइडी इन सभी ठिकानों का भौतिक सत्यापन भी कर रही है।