Tag: Major tragedy

  • पटाखों ने बस में मचाई तबाही! धू-धू कर जली सुपर आनंद बस, 20 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

    पटाखों ने बस में मचाई तबाही! धू-धू कर जली सुपर आनंद बस, 20 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

    बालोद

    छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा-बालोद मुख्य मार्ग पर सोमवार रात एक चलती हुई यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते यह बस आग के गोले में तब्दील हो गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। समय रहते यात्री बस से उतर गए, इसलिए किसी के हताहत होने की घटना सामने नहीं आई है।

    बस के भीतर और पिछली डिक्की में भारी मात्रा में पटाखे भरे हुए थे, जो आग की चपेट में आने के बाद एक के बाद एक जोरदार धमाकों के साथ फटने लगे। इन धमाकों की गूंज से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। 

  • भोज खाने जा रहे बच्चों की नाव नदी में समाई, वैशाली में 8 बच्चों की दर्दनाक मौत

    भोज खाने जा रहे बच्चों की नाव नदी में समाई, वैशाली में 8 बच्चों की दर्दनाक मौत

    वैशाली

    जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। रामपुर श्यामचंद पंचायत में भोज खाने जा रहे लोगों से भरी एक नाव नदी में डूब गई।

    इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि स्थानीय निवासियों की मदद से कई अन्य लोगों को पानी से बाहर निकाला गया।

    कैसे हुआ हादसा?

    जानकारी के अनुसार, लगभग आधा दर्जन से अधिक लोग एक नाव पर सवार होकर भोज खाने के लिए जा रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक नाव अनियंत्रित होकर पानी में डूब गई।
    अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

    घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को बाहर निकाला। हादसे के शिकार लोगों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राघोपुर फतेहपुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद 8 लोगों को मृत घोषित कर दिया।

    10 से 15 साल थी मृतकों की उम्र

    बताया जा रहा है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र लगभग 10 से 15 वर्ष के बीच थी। मौतों की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

     

  • सत्य निकेतन में 4 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 3 लोगों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

    सत्य निकेतन में 4 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 3 लोगों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

    नई दिल्ली

     राजधानी दिल्ली में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। साउथ कैंपस थाना क्षेत्र के सत्य निकेतन इलाके में दोपहर करीब 1:30 बजे एक पांच मंजिला इमारत (ब्वायज पीजी हॉस्टल) अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।

    इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और बचाव अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ की टीमों ने लाइफ डिटेक्टर, प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स, काम्बी कटर और हाइड्रोलिक उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

    अधिकारियों के अनुसार, मलबे की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति न दबा हो। राजधानी के दक्षिण-पश्चिम जिले स्थित सत्य निकेतन क्षेत्र में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे आधी सदी पुरानी एक पांच मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

    लड़कों के इस पीजी हॉस्टल के जमींदोज होने से मलबे में कई छात्र और श्रमिक फंस गए। हादसे के तुरंत बाद राहत कार्य के लिए पहुंची राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम के आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित कर्मी इन लोगों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध हुए।

    लाइफ डिटेक्टर और स्निफर डॉग्स से तलाश

    मलबे के नीचे दबे लोगों की सटीक स्थिति का पता लगाने के लिए एनडीआरएफ ने लाइफ डिटेक्टर, प्रशिक्षित खोजी कुत्तों और हाइड्रोलिक तकनीकों का सहारा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों व अन्य छात्रों से मिली जानकारियों के आधार पर रेस्क्यू टीम ने लक्षित स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

    मलबे में रास्ता बनाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों का प्रयोग

    राहत कार्य में NDRF के करीब 70 जवानों और दो टीमों ने मोर्चा संभाला, जबकि दो अतिरिक्त टीमों को रिजर्व में रखा गया। मलबे को काटने और सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए डायमंड चेन सॉ, काम्बी कटर, प्लाज्मा कटर और हाइड्रोलिक जैक का उपयोग किया गया। इसके अलावा, ढहे हुए ढांचे को स्थिर रखने और जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई-स्ट्रेंथ इन्फ्लेटेबल बैग्स लगाए गए।

    15 से 30 मिनट में सुरक्षित निकाले गए लोग

    सटीक लोकेशन मिलने के बाद एनडीआरएफ कर्मियों ने अत्यंत सावधानी से कार्रवाई करते हुए एक बेहोश व्यक्ति को महज 15 मिनट में बाहर निकाला। वहीं, होश में मौजूद दो अन्य लोगों को 30 मिनट के भीतर सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।

    NDRF की 16वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर सुनील सिंह और डीआईजी ऑपरेशंस सतविंदर सिंह सूडान ने खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली। अधिकारियों के अनुसार, मलबे के पूरी तरह से साफ होने और अंतिम व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।