Tag: Manu Bhaker

  • मनु भाकर का मेडल सपना टूटा, ईशा सिंह ने फाइनल में पहुंचकर जगाई उम्मीद

    मनु भाकर का मेडल सपना टूटा, ईशा सिंह ने फाइनल में पहुंचकर जगाई उम्मीद

    नई दिल्ली
     एशियाई खेल 2026 के 10वें दिन भारत के लिए निशानेबाजी के मैदान से मिली-जुली खबरें आई हैं। महिलाओं की 25 मीटर एयर पिस्तौल स्पर्धा में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर क्वालिफिकेशन राउंड से ही बाहर हो गई हैं। वहीं, भारत की होनहार निशानेबाज ईशा सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप 8 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर पदक की उम्मीदों को जीवित रखा है।

    मनु भाकर का निराशाजनक अभियान
    टूर्नामेंट में बड़ी उम्मीद के रूप में उतरीं मनु भाकर क्वालिफिकेशन में केवल 579 अंक ही जुटा सकीं, जो उन्हें फाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं था। वे 11वें स्थान पर रहकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। यह एशियन गेम्स मनु के लिए बेहद निराशाजनक रहा, इससे पहले वे महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्तौल इवेंट में भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थीं और 5वें स्थान पर रही थीं। इस तरह मनु इस बार बिना किसी पदक के स्वदेश लौटेंगी।

    ईशा सिंह फाइनल में, राही सरनोबत की चूक से टूटा टीम मेडल का सपना
    ईशा सिंह ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन संयम दिखाते हुए कुल 580 अंक हासिल किए और आठ खिलाड़ियों के फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। भारत महिलाओं की टीम स्पर्धा में पदक जीतने की मजबूत स्थिति में था, लेकिन राही सरनोबत का निशाना अहम मौके पर चूक गया। सरनोबत ने चौथी सीरीज में महज 39 अंक का बेहद खराब स्कोर किया, जिसके बाद भारत की पोडियम पर जगह बनाने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं।

  • मनु भाकर और तूर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, नागोया एशियन गेम्स में करेंगे भारत की अगुवाई

    मनु भाकर और तूर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, नागोया एशियन गेम्स में करेंगे भारत की अगुवाई

    नई दिल्ली
    भारत के अभियान प्रमुख (Chef de Mission) सहदेव यादव ने शुक्रवार को मनु के ध्वजवाहक बनने की पुष्टि की. उन्होंने कहा, ‘मनु भाकर एक ध्वजवाहक होंगी.’ इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने तूर के दूसरे ध्वजवाहक होने की पुष्टि की.

    मनु भाकर के लिए यह जिम्मेदारी खास है. पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे. वह स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनी थीं, जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक जीते. वहीं तूर पिछले दो एशियाई खेलों में शॉटपुट का स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. अब नागोया में दोनों भारत की अगुवाई करते हुए तिरंगा थामेंगे.

    उद्घाटन से पहले ही समारोह में रुकावट
    शनिवार को होने वाले आधिकारिक उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को नागोया में पारंपरिक फ्लैग होस्टिंग समारोह आयोजित किया जाना था. इसमें भारत समेत पांच दलों को हिस्सा लेना था. लेकिन समारोह शुरू होने से पहले ही इसमें देरी हो गई और बाद में इसे अचानक रोक दिया गया.

    यमन, उत्तर कोरिया, फिलिस्तीन, भारत और तिमोर-लेस्ते के प्रतिनिधिमंडल गार्डन पियर पर मौजूद थे. भारत की ओर से चार डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरत कमल, लिजो डेविड थोट्टन, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत भी वहां मौजूद थे.

    स्थानीय आयोजकों ने देरी के लिए किसी एक टीम से जुड़ी ‘कुछ परेशानी’ का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि स्थिति को करीब 15 मिनट में सामान्य करने की कोशिश की जाएगी. करीब 20 मिनट की देरी के बाद समारोह शुरू भी हुआ, लेकिन कुछ ही देर में इसे फिर रोकना पड़ा.

    शरत कमल और अंजलि भागवत मंच की ओर बढ़ चुके थे, लेकिन कार्यवाही रुकने के बाद उन्हें वापस प्रतीक्षा क्षेत्र में लौटना पड़ा. आयोजकों ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर किस टीम से जुड़ी क्या परेशानी थी.

    नागोया में पहले भी उठ चुके हैं सवाल
    फ्लैग होस्टिंग समारोह में हुई यह रुकावट ऐसे समय आई है, जब नागोया एशियाई खेलों की आयोजन व्यवस्था पहले से ही चर्चा में है. खिलाड़ियों और अधिकारियों की ओर से आवास और परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं.

    इस बार पारंपरिक गेम्स विलेज की जगह खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए कंटेनर शैली के आवास, होटल और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप समेत अलग-अलग जगहों पर ठहरने की व्यवस्था की गई है. कमरों के आवंटन में देरी और ट्रेनिंग वेन्यू तक पहुंचने में परेशानी की बातें भी सामने आई हैं.

    भारतीय MMA खिलाड़ी वरुण सान्याल ने आवास व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी. भारत के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने भी व्यवस्थाओं में कुछ मिसमैनेजमेंट की बात स्वीकार की थी. बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने बताया था कि भारतीय दल के कुछ सदस्यों को एक मौके पर बस के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा.

    अब शुक्रवार की फ्लैग होस्टिंग में हुई रुकावट ने आयोजन व्यवस्था को लेकर चर्चा को और बढ़ा दिया है. हालांकि इसकी वजह के बारे में आयोजकों की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है.

    शनिवार को तिरंगे के साथ भारत की एंट्री
    एशियाई खेलों का आधिकारिक उद्घाटन शनिवार, 19 सितंबर को होना है. कई खेलों की प्रतियोगिताएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, लेकिन उद्घाटन समारोह के साथ खेलों का औपचारिक आगाज होगा.