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  • 700 मॉडल स्कूलों में हर मंगलवार होगा विषयवार टेस्ट, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

    700 मॉडल स्कूलों में हर मंगलवार होगा विषयवार टेस्ट, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

    पटना
    राज्य में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में संचालित 700 मॉडल स्कूलों के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी विद्यालय को गोद लेकर उसकी शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और शिक्षण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इस संबंध में शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने सभी जिलों को निर्देश दिया।

    उन्होंने बुधवार को वर्चुवल मीटिंग में मॉडल स्कूलों की आधारभूत संरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में सभी जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

    कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा
    उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को अधिकारियों की टीम मॉडल स्कूलों का निरीक्षण करेगी। अधिकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

    निरीक्षण से संबंधित फोटो एवं वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रसारित किए जाएंगे। निरीक्षण के लिए अधिकारियों की जिलावार सूची तैयार की गइ है।

    हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट
    प्रगति जांच के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट, एक माह में चार सचिव ने कहा कि मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट आयोजित किया जाएगा। हर कक्षा के बोर्ड पर प्रश्न लिखे जाएंगे। इसके लिए अलग से प्रश्नपत्र जारी नहीं किया जाएगा।

    एक माह में चार विषयों का टेस्ट लिया जाएगा। शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर विद्यार्थियों को फीडबैक देंगे, ताकि उनकी प्रगति का पता चल सके और आवश्यक सुधार किया जा सके। मंगलवार को अवकाश होने पर बुधवार को टेस्ट आयोजित किया जाएगा।

  • मॉडल स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन और बेहतर परीक्षा परिणाम पर सरकार का फोकस

    मॉडल स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन और बेहतर परीक्षा परिणाम पर सरकार का फोकस

    जयपुर
    स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने सोमवार को शासन सचिवालय में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल योजना सहित विभिन्न आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अध्यापकों एवं विद्यार्थियो की उपस्थिति, विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के नामांकन,मानव संसाधन,आधारभूत सुविधाओं तथा निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव यादव ने प्रदेश के मॉडल स्कूलों में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मॉडल स्कूलों के परीक्षा परिणामों में और सुधार के लिए विषयवार विश्लेषण एवं आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन भवनों में भूमि, बिजली, पानी एवं अन्य लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करते हुए कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भवन निर्माण के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।

    एसीएस ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल छात्रावास, पीएम-जनमन एवं डीएजेजीयूए के अंतर्गत संचालित एवं निर्माणाधीन छात्रावासों की प्रगति की भी समीक्षा की। केजीबीवी में कुल 51 हजार 950 विद्यार्थियों की क्षमता के विरुद्ध 46 हजार 668 बालिकाएं नामांकित हैं। वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों सहित अन्य आवासीय संस्थानों में भी नामांकन की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

    बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत स्वीकृत किए गए आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। नए आवासीय विद्यालयों/छात्रावासों के लिए कार्य स्वीकृत है, जिनमें से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होकर विद्यार्थी रह रहे हैं। छात्रावासों में वॉशिंग मशीन एवं स्वचालित रोटी मेकर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा केजीबीवी में थ्री-फेज विद्युत कनेक्शन से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं
    मॉडल स्कूलों में स्मार्ट एवं वर्चुअल कक्षाएं, 20 कम्प्यूटर वाले कम्प्यूटर लैब, सीसीटीवी कैमरे, छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन, डिस्पेंसरी एवं इन्सीनेरेटर सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण, मासिक अभिभावक-शिक्षक बैठक, स्काउट-गाइड, कला एवं शिल्प, विज्ञान मेले, गणित ओलंपियाड, योग ओलंपियाड, स्कूल बैंड एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।

    प्रदेश के 27 शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े जिलों के 134 ब्लॉकों में 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल संचालित हैं। इन विद्यालयों में कुल 57 हजार 565 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 28 हजार 957 बालक एवं 28 हजार 608 बालिकाएं हैं। विद्यालयों में बालिकाओं के लिए 55 प्रतिशत तथा बालकों के लिए 45 प्रतिशत सीटों का प्रावधान है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कुल 514 छात्रावास/आवासीय इकाइयां स्वीकृत हैं, जिनमें 422 संचालित हैं तथा 92 निर्माणाधीन अथवा लंबित हैं। केजीबीवी के 389 में से 377 संचालित हैं, जबकि 12 पर कार्य प्रगति पर है। स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों के 25 छात्रावासों में 22 संचालित हैं और 3 निर्माणाधीन हैं।

     

  • बिहार की हर पंचायत में बनेगा मॉडल स्कूल और बाजार

    बिहार की हर पंचायत में बनेगा मॉडल स्कूल और बाजार

    अरवल.

    बिहार सरकार ने आम बजट पेश किया है जिसमें प्रत्येक पंचायत में एक मॉडल स्कूल की स्थापना करने की प्रावधान लाया है। जिले में 64 पंचायत हैं, सभी पंचायत में मॉडल स्कूल के होने से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को निजी स्कूल के जैसा शिक्षा सरकारी स्कूल में मिलेगा।

    सरकार ने डिजिटल शिक्षा का बढ़ावा देने के लिए भी बजट जारी किया है। डिजिटल शिक्षा मिलने से विद्यार्थी घर पर ही स्कूल के सिलेबस मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ सकेंगे। जिले में मेडिकल कॉलेज की घोषणा सरकार ने की है। मेडिकल कॉलेज बन जाने से जिलेवासियों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। अभी जिले भर में कहीं भी ट्रामा सेंटर या फिर गंभीर रूप से बीमार लोगों का इलाज के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार की घोषणा
    इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार का निर्माण का भी घोषणा इस बजट में हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। शहरी क्षेत्र में पेयजल, सीवरेज की और राष्ट्रीय मानक के अनुसार ठोस कचड़ा प्रबंधन की व्यवस्था करने का भी बजट पास हुआ है। अरवल नगर परिषद में सीवरेज और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है। अब इसकी व्यवस्था हो जाएगी, जिससे शहर स्वच्छ और सुंदर बनेगा। प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके निर्माण होने से बेरोजगार रोजगार करने के लिए कला सीखेंगे जिससे पलायन रुकेगा। बजट को लेकर आम लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।

        इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मॉडल विद्यालय की स्थापना करने का निर्णय बहुत ही अच्छा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर में सुधार होगा।
    -चंदन कुमार

        ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा देने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई को बच्चे अच्छी तरह और जल्दी समझ लेंगे, साथ ही स्कूल का सिलेबस ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
    -अरविंद कुमार

        प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर की स्थापना करने के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। युवा को स्किल देखकर रोजगार देने की भी बात कही गई है। इस केंद्र की स्थापना हो जाने से युवाओं को रोजगार मिलेगा जिससे पलायन रुकेगा।
    -यशवंत कुमार

        इस बजट के बाद जिले में मेडिकल कॉलेज बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिससे जिलेवासियों को बड़ा राहत मिलेगा।
    -सुषमा कुमारी

        स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार विकसित करने का घोषणा किया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा स्थानीय किसानों को होगा। किसान उचित दाम पर अपना उत्पाद बाजार में बेच सकेंगे।
    -गुड़िया देवी

        शहरी क्षेत्र में सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करने की बात इस बजट में कही गई है। शहर में कचरा प्रबंधन और सीवरेज की व्यवस्था नहीं है। यह दोनों व्यवस्था हो जाने पर शहर साफ और सुंदर दिखेगा।
    -अन्नू कुमारी