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  • MP ट्रांसको की टीम ने खराब मौसम में बहाल की ग्वालियर-औरैया इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन

    MP ट्रांसको की टीम ने खराब मौसम में बहाल की ग्वालियर-औरैया इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन

    एमपी ट्रांसको की टीम ने प्रतिकूल मौसम में बहाल की ग्वालियर-औरैया इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन

    मालनपुर और मेहगांव के 220 केवी सबस्टेशनों को मिलती है आपूर्ति

    ग्वालियर

    मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस टीम ने ग्वालियर-औरैया (उत्तर प्रदेश) 220 केवी इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन के मेजर ब्रेकडाउन को प्रतिकूल मौसम के बीच दुरुस्त कर लाइन को पुनः चालू कर दिया। यह लाइन ग्वालियर क्षेत्र के मेहगांव तथा औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर के 220 केवी सबस्टेशनों को विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में ट्रांसमिशन लाइन को शीघ्र बहाल करना पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।

    145 किलोमीटर लंबी लाइन में सघन पेट्रोलिंग से मिला फाल्ट

    उत्तर प्रदेश स्थित पीजीसीआईएल के औरैया सबस्टेशन से ग्वालियर तक आने वाली इस 220 केवी इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन का रखरखाव एमपी ट्रांसको द्वारा किया जाता है। हाल ही में आई तेज बारिश और तूफान के दौरान भिंड जिले की गोहद तहसील के बिरखाड़ी गांव के समीप लाइन के दो टावरों के हार्डवेयर क्षतिग्रस्त हो गए थे तथा मिड-स्पान जॉइंट फेल हो गया था। करीब 145 किलोमीटर लंबी इस लाइन में फाल्ट का पता लगाने के लिए टीम ने सघन पेट्रोलिंग की, जिसके बाद फाल्ट का स्थान चिन्हित किया गया।

    खेत, कीचड़ और लगातार बारिश के बीच चला मरम्मत अभियान

    फाल्ट ऐसे क्षेत्र में मिला जहां धान की फसल खड़ी थी। लगातार बारिश, तेज हवा और कीचड़ के कारण टावरों तक पहुंचना कठिन था। खड़ी फसल के कारण राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने थीं। इन परिस्थितियों में मरम्मत कार्य की योजना बनाकर सुधार कार्य शुरू किया गया।

    67 घंटे में पूरा किया सुधार कार्य

    मुख्य अभियंता (अति उच्च दाब मेंटेनेंस)  डी.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में पूरी टीम ने लगातार 67 घंटे कार्य कर लाइन को बहाल किया। सुधार कार्य में दोनों टावरों के क्षतिग्रस्त डिस्क इंसुलेटर बदलना, ओपीजीडब्ल्यू और कंडक्टर को नीचे उतारना तथा मिड-स्पान जॉइंट की मरम्मत शामिल थी। ये तकनीकी कार्य लगभग 45 मीटर की ऊंचाई पर प्रतिकूल मौसम के बीच संपादित किए गए।

    औद्योगिक और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है लाइन

    ग्वालियर-औरैया 220 केवी इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन के दोनों सर्किटों से लगभग 200-200 मेगावाट विद्युत मालनपुर और मेहगांव के 220 केवी सबस्टेशनों को प्राप्त होती है। यह आपूर्ति क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों, कृषि उपभोक्ताओं तथा घरेलू विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देती है। लाइन के बहाल होने से क्षेत्र को पुनः सामान्य विद्युत आपूर्ति मिलने लगी है।

  • राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में एमपी ट्रांसको के स्टॉल को द्वितीय पुरस्कार

    राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में एमपी ट्रांसको के स्टॉल को द्वितीय पुरस्कार

    भोपाल 

    बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल में 22 से 26 सितंबर 2026 तक आयोजित 13 वे राज्य स्तरीय भोपाल विज्ञान मेले में ऊर्जा विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के स्टॉल को सरकारी क्षेत्र की श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। ट्रांसमिशन प्रणाली से संबंधित विविध तकनीकी मॉडलों, आधुनिक संचार एवं निगरानी व्यवस्थाओं तथा जानकारीपरक प्रदर्शनों के कारण एमपी ट्रांसको का स्टॉल मेले के दौरान आगंतुकों और विद्यार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।

    आधुनिक तकनीकों और मॉडलों का हुआ प्रदर्शन

    स्टॉल पर ट्रांसमिशन लाइनों के मॉडल के साथ गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआईएस), एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (एआईएस), ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, ओपीजीडब्ल्यू संचार प्रणाली, एसएलडीसी एवं स्काडा डिस्प्ले, रिमोट वीडियो सर्विलांस व्यवस्था, आयसोलेटर के रिमोट संचालन, फॉल्ट लोकेटर, भूमिगत केबल प्रणाली, पाइल फाउंडेशन, स्कैफोल्डिंग तथा आपातकालीन बहाली प्रणाली (ईआरएस) के मॉडल प्रदर्शित किए गए। चालू ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस में उपयोग किए जाने वाले हॉट सूट मॉडल ने भी आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

    इन अधिकारियो ने प्राप्त किया एम पी ट्रांसको की तरफ से पुरस्कार

    एमपी ट्रांसको की ओर से भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रदीप सिंह राघव एवं राजेश शांडिल्य, अधीक्षण अभियंता सुधीर नेमा सहित अन्य अधिकारियों ने पुरस्कार प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि विज्ञान मेले में एनटीपीसी, भारत पेट्रोलियम की मध्यप्रदेश इकाई सहित विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने भी भाग लिया था।

  • एमपी ट्रांसको ने मूंदी एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर

    एमपी ट्रांसको ने मूंदी एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 केवी सबस्टेशन मूंदी (खंडवा) में 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊजीकृत किया है। इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से मूंदी सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 90 एमवीए की हो गई है जिससे जहाँ सबस्टेशन में बढ़ते लोड का उचित प्रबंधन किया जा सकेगा, वहीं मूंदी सबस्टेशन में दूसरा ट्रांसफार्मर लगने से निमाड़ अंचल के इस क्षेत्र के ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ता, फ्लेक्सेविलिटी और विश्वसनीयता प्रदान हुई है।

    ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि 132 के वी सबस्टेशन मूंदी में वर्तमान और भविष्य में बढते लोड को देखते हुए 40 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त 50 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इस क्षमता वृद्धि से मूंदी सबस्टेशन से जुड़े हजारों घरेलू, कृषि विद्युत उपभोक्ताओं को सीधा लाभ होगा अब उन्हें और अधिक गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध रहेगी। एमपी ट्रांसको खंडवा के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  सुरेंद्र सोलंकी ने बताया कि 132 के वी मूंदी सबस्टेशन में इस अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर को स्थापित कर ऊर्जीकृत करने से खंडवा जिले की ट्रांसफार्मेसन कैपेसिटी में बढोत्तरी

    2342 एम वी ए की हो गई है, वही मूंदी सब स्टेशन की ट्रांसफार्मेसन कैपेसिटी बढ़कर 90 एमवीए की हो गई है।  सोलंकी ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी खंडवा जिले में अपने 7 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिनमें 400 केवी सबस्टेशन छैगांव माखन, 220 केवी सबस्टेशन छनैरा, तथा 132 केवी के खंडवा, मूंदी, सिंगोट, छैगांव माखन एवं पंधाना सबस्टेशन शामिल है।400 केवी सबस्टेशन की क्षमता 630, 220 केवी की 1000 तथा 132 केवी सब स्टेशनों की क्षमता 712 एम वी ए की है जिससे खंडवा जिले की कुल क्षमता 2342 एम वी ए की हो गई है।

    एमपी ट्रांसको की ट्रांसपोर्टेशन कैपेसिटी बढ़कर हुई 85448 एमवीए

    एमपी ट्रांसको प्रदेश में अपने 417 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिसमें 400 केवी के 14 सब स्टेशन, 220 केवी के 88 सबस्टेशन एवं 132 केवी के 315 सबस्टेशन शामिल हैं।

    एमपी ट्रांसको के प्रदेश में कुल 1056 पावर ट्रांसफार्मर क्रियाशील है जिसमें 400 केवी के 41, 220 के वी वोल्टेज लेवल के 220 और 132 के वी के 795 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इस 50 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से एमपी ट्रांसको की कुल ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी (पारेषण क्षमता) बढ़कर 85488 एमवीए की हो गई है।

     

  • MP में बिजली ट्रांसमिशन को मिली रफ्तार, अगस्त में 6 नई लाइनें स्थापित; 135 सर्किट किलोमीटर का रिकॉर्ड

    MP में बिजली ट्रांसमिशन को मिली रफ्तार, अगस्त में 6 नई लाइनें स्थापित; 135 सर्किट किलोमीटर का रिकॉर्ड

    एमपी ट्रांसको ने अगस्त माह में 135 सर्किट किलोमीटर की 6 नई ट्रांसमिशन लाइनें पूर्ण कर स्थापित किया नया कीर्तिमान

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में अगस्त माह में हुई लगातार भारी वर्षा और चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्थितियों के बावजूद मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अगस्त माह में कुल 135.90 सर्किट किलोमीटर लंबाई की 132 केवी की कुल 6 ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण एवं सेकंड सर्किट के कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। इसमें रेलवे के लिए तैयार की गई एक महत्वपूर्ण लाइन भी शामिल है।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर अमले को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय एवं सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार हो रही वर्षा के बीच एमपी ट्रांसको के अभियंताओं एवं कर्मचारियों ने समर्पण और दक्षता के साथ कार्य करते हुए यह उपलब्धि अर्जित की है। इन कार्यों के पूर्ण होने से प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा भविष्य की बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

    अगस्त माह में 6 महत्वपूर्ण लाइने हुई पूर्ण

    एम पी ट्रांसको के मुख्य अभियंता के. एम. सिंघल ने बताया कि अगस्त माह में 132 केवी डबल सर्किट सिंगल स्ट्रिंग आलोट–ताल ट्रांसमिशन लाइन के सेंकड सर्किट का 19.56 सर्किट किलोमीटर, गंज बासौदा–सहरवासा लाइन के सेंकड सर्किट का 28.92 सर्किट किलोमीटर तथा कैमोर–बरही लाइन के सेंकड सर्किट का 32.40 सर्किट किलोमीटर कार्य पूर्ण किया गया।

    उन्होंने बताया कि 132 केवी सब स्टेशन सनावद से आरटीएस निमारखेड़ी तक 15.90 सर्किट किलोमीटर लंबी 132 केवी डबल फेज डबल वायर रेलवे ट्रैक्शन लाइन का निर्माण कार्य गंभीर निर्माण चुनौतियां के कारण लंबी अवधि से पूर्ण नहीं हो पा रहा था, जिसे स्थानीय प्रशासन के सहयोग से रेल्वे के इस लाईन कार्य को भी गहन वर्षाकाल मे पूर्ण किया गया।

    इसके अतिरिक्त बिलकिसगंज–मुगालिया छाप लाइन के सेंकड सर्किट का 17.27 सर्किट किलोमीटर तथा रतनगढ़–सिंगोली लाइन के सेंकड सर्किट का 21.85 सर्किट किलोमीटर निर्माण कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

     

  • एमपी ट्रांसको ने सीहोर में किया 50 एमवीए क्षमता का दूसरा पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत: ऊर्जा मंत्री  तोमर

    एमपी ट्रांसको ने सीहोर में किया 50 एमवीए क्षमता का दूसरा पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत: ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल 

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने सीहोर जिले की पारेषण व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय बनाते हुए 132 केवी सब स्टेशन, गोपालपुर में 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत किया है। साथ ही सब स्टेशन की ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 90 एमवीए हो गई है।

    ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि अब तक इस सब स्टेशन में केवल एक पॉवर ट्रांसफार्मर कार्यरत था। बढ़ते विद्युत भार तथा पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए दूसरा ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। दो पॉवर ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता से लोड प्रबंधन बेहतर होगा तथा किसी एक ट्रांसफार्मर के रखरखाव अथवा तकनीकी कारणों से बंद रहने की स्थिति में भी विद्युत पारेषण प्रभावित नहीं होगा।

    ऊर्जीकृत हुआ 27वां एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज पॉवर ट्रांसफार्मर

    एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शांडिल्य ने जानकारी दी कि इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के साथ ही सीहोर जिले में कार्यरत एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज पॉवर ट्रांसफार्मरों की संख्या 27 हो गई है। जिले में एमपी ट्रांसको 11 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कार्य संचालित कर रही है। इनमें 400 केवी आष्टा, 220 केवी बुधनी तथा 132 केवी गोपालपुर, शाहगंज, सलकनपुर, इछावर, सीहोर, श्यामपुर और नसरुल्लागंज सहित अन्य सब स्टेशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 2607 एमवीए हो गई है।

    एमपी ट्रांसको की ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 85,398 एमवीए

    एमपी ट्रांसको प्रदेश में 417 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कार्य संचालित कर रही है, जिनमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 तथा 132 केवी के 315 सब स्टेशन शामिल हैं।

    कंपनी के प्रदेशभर में कुल 1,055 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं, जिनमें 400 केवी स्तर के 41, 220 केवी स्तर के 220 तथा 132 केवी स्तर के 794 पॉवर ट्रांसफार्मर शामिल हैं। गोपालपुर में 50 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत होने से एमपी ट्रांसको की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 85,398 एमवीए हो गई है।