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  • जयपुर में हंगामे के बाद NEET-PG परीक्षा रद्द, प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए नई डेट घोषित

    जयपुर में हंगामे के बाद NEET-PG परीक्षा रद्द, प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए नई डेट घोषित

    जयपुर
    राजस्थान के जयपुर में नीट पीजी परीक्षा के दौरान बड़ी अव्यवस्था सामने आई है. सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन (iDZ) परीक्षा केंद्र पर ऐन परीक्षा के वक्त बिजली गुल हो जाने से हड़कंप मच गया. जिसके चलते इस सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गई है. अब इस केंद्र के परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा पांच सितंबर को होगी। 

    परीक्षा देने पहुंचे डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर बार-बार बंद हुए. जिससे परीक्षा प्रभावित हुई. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे निर्धारित था. उन्होंने आरोप लगाया कि दो घंटे की परीक्षा में करीब 10 बार बाधा पहुंची. इस दौरान सेंटर पर कोई अधिकारी नजर नहीं आया. छात्रों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पेपर लीक होने की आशंका भी जताई। 

    नौ बजे की परीक्षा 10 बजे शुरू होने का आरोप
    अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा सुबह नौ बजे की बजाए 10 बजे शुरू हो सकी. इसके बाद कंप्यूटर छह से सात बार बंद हुए. दैनिक भास्कर के अनुसार, छात्रों ने कहा कि कुछ कंप्यूटर्स पर दोबारा स्क्रीन शुरू होने के बाद तीन से चार सवाल दिखाई दिए. जबकि कुछ छात्रों के सिस्टम पर 5 से 6 सवाल आने के बाद फिर कंप्यूटर बंद हो गए। 

    पेपर लीक का जताया
    विरोध कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान बार-बार सिस्टम बंद होने और अलग-अलग कंप्यूटरों पर सवाल दिखाई देने के बाद उन्हें परीक्षा की गोपनीयता पर भी संदेह है। 

    AIAPGET के दौरान भी चली गई थी लाइट
    एनटीए की ओर से आयोजित किया जा रहा ‘ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट’ (AIAPGET) 2026 के दौरान भी जयपुर में लाइट गुल हो जाने का मामला हुआ था. जिसके चलते एनटीए ने इस केंद्र पर परीक्षा स्थगित कर दी थी. यह परीक्षा 1 सितंबर को आयोजित होगी। 

  • पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत, आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों को दी गई श्रद्धांजलि

    पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत, आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों को दी गई श्रद्धांजलि

    चंडीगढ़

    पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। सीएम भगवंत मान सदन में पहुंच गए हैं। विधानसभा में नीट परीक्षा लीक के बाद जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। स्पीकर ने कहा कि केंद्र सरकार को अपना सिस्टम और मजबूत करना चाहिए ताकि बच्चों को इस तरह जान न गंवानी पड़े। इस पर भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि आप अपनी गलतियों को भी स्वीकार करें। केंद्र सरकार कार्रवाई कर रही है लेकिन पंजाब सरकार क्या कर रही है।

    पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 10 अगस्त तक चलेगा और भगवंत मान सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी मानसून सत्र है। सत्र के शुरू में दिवगंत लोगों को श्रद्वाजंलि दी गई।

    इस मौके नीट परीक्षा के पेपर लीक और उससे उपजे तनाव के कारण जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को भी पंजाब विधानसभा में भी श्रद्वाजंलि दी गई। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए अपने सिस्टम को मजबूत करे कि पेपर लीक न हो। स्पीकर ने कहा कि बच्चों की जानें गई है। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

    पहले दिन सरकार पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश कर सकती है। हालांकि इससे पहले कांग्रेस विधायकों के तीखे तेवर है।

    इससे पहले विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने कहा कि अकाल तख्त साहिब की ओर से 29 जून को जारी किए गए हुकमनामे का पालन किया जाएगा। वह पंजाब के मुख्यमंत्री को संबोधित नहीं करेंगे और न ही किसी मुद्दे पर उन्हें जवाब देंगे। अकाल तख्त के निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री को पंथ दोषी ही माना जाएगा।

    कोटली ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान वह शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में अब तक छह बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं।

    हंगामेदार रहने के आसार
    इस बार का विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा समेत विपक्षी दल कानून व्यवस्था, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े कानून, पेपर लीक, नशे, किसानों के मुद्दों और बढ़ते कर्ज जैसे मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

    कांग्रेस ने बनाई रणनीति
    कांग्रेस विधायक चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की अध्यक्षता में बैठक कर विधानसभा सत्र की रणनीति तैयार की गई। बैठक में तय किया गया कि किन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा जाएगा और सदन में विपक्ष की भूमिका कैसी रहेगी।

    बेअदबी कानून पर संशोधन की संभावना कम
    इस बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान से जुड़े कानून में संशोधन की संभावना कम मानी जा रही है। पिछले सप्ताह अकाल तख्त ने इस मामले पर धार्मिक और कानूनी विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की थी। यह कमेटी अगले दो महीनों में पंजाब सरकार के साथ बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास करेगी। ऐसे में सरकार फिलहाल इस मुद्दे पर जल्दबाजी करने के पक्ष में नजर नहीं आ रही है।

    अकाल तख्त के निर्देश भी रहेंगे चर्चा में
    इस सत्र के दौरान अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के निर्देश भी चर्चा का विषय बन सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'पंथ दोषी' घोषित किए जाने के बाद उन्होंने सभी सिख विधायकों से सदन में मुख्यमंत्री को संबोधित न करने और उनकी ओर न देखने के निर्देश दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सिख विधायक इन निर्देशों का किस तरह पालन करते हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी में है।

     

  • NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा, CBI ने NTA के 3 विशेषज्ञों सहित 13 के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

    NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा, CBI ने NTA के 3 विशेषज्ञों सहित 13 के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

     नई दिल्ली

    NEET UG परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने बड़ी कार्रवाई की है. CBI ने मंगलवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. यह चार्जशीट CBI की आर्थिक अपराध शाखा की तरफ से दाखिल की गई है. CBI सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट को आगे की सुनवाई के लिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। 

    CBI ने जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें यश यादव, मंगलिलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं. CBI ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 अहम सबूतों को शामिल किया है. जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच के दौरान पेपर लीक की पूरी कड़ी का पता लगाया गया है। 

    चार्जशीट में इन 13 आरोपियों के नाम हैं…

    1)  मनीषा मंधारे – NTA बायोलॉजी विशेषज्ञ

    2)  प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी – NTA केमिस्ट्री विशेषज्ञ

    3)  मनीषा संजय हवालदार – NTA फिजिक्स विशेषज्ञ

    4)  मनीषा संजय वाघमारे – बिचौलिया

    5)  धनंजय निवृत्ति लोखंडे – बिचौलिया

    6)  शुभम माधुकर खैरनार – बिचौलिया

    7)  यश यादव – बिचौलिया

    8)  मंगलिलाल बिवाल – बिचौलिया

    9)  विकास बिवाल – बिचौलिया

    10)  दिनेश बिवाल – बिचौलिया

    11)  डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे – बिचौलिया

    12)  शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर – RCC कोचिंग इंस्टीट्यूट, लातूर के मालिक

    13)  तेजस हर्षदकुमार शाह – APMA कोचिंग इंस्टीट्यूट, पुणे में फिजिक्स फैकल्टी और COO

    चार्जशीट में शामिल किए गए 360 गवाह और 43 अहम सबूत
    एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि लीक हुए प्रश्नपत्र के स्रोत और उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने वाले लोगों की पहचान की गई है. CBI के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, सबूत मिटाने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई की गई है. इस मामले में BNS 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(a) के तहत भी कार्रवाई की गई है। 

    वहीं पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 की धारा 10 के साथ धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. 12 मई को दर्ज हुई थी FIR CBI के मुताबिक, यह मामला 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद सामने आया था. इसके बाद केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 मई 2026 को CBI को शिकायत दी थी. इसी शिकायत के आधार पर उसी दिन एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई. जांच के लिए CBI ने 72 अधिकारियों और 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की कई टीमें बनाई थीं। 

    आरोपियों के बैंक खाते और डीमैट खाते किए गए फ्रीज
    एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 जगहों पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान CBI ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और अन्य अहम सबूत बरामद किए. इन सभी की फॉरेंसिक जांच कराई गई. 13 लोगों की हुई गिरफ्तारी CBI के मुताबिक, इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को हुई थी. अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA से जुड़े केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के तीन विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। 

    जांच में कई बिचौलियों की पहचान हुई है. आरोप है कि इन लोगों ने लीक प्रश्नपत्र हासिल कर आगे अभ्यर्थियों तक पहुंचाया. CBI ने दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों को भी गिरफ्तार किया है. इन पर लीक पेपर खरीदने और उसका इस्तेमाल करने का आरोप है. डिजिटल सबूतों की हुई जांच CBI ने जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाते को भी फ्रीज किया है. एजेंसी को डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की राय और विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिली है. CBI का कहना है कि इन रिपोर्टों से यह पुष्टि हुई है कि परीक्षा से पहले ही लीक हुए प्रश्नों का प्रसार किया गया था। 

    फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई
    CBI ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है. एजेंसी का कहना है कि फॉरेंसिक विश्लेषण और सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है. चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी. अदालत में पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 

  • 21 जून को NEET री-एग्जाम, परीक्षा केंद्रों पर हाईटेक सुरक्षा; गेट पर लगेगी बड़ी घड़ी

    21 जून को NEET री-एग्जाम, परीक्षा केंद्रों पर हाईटेक सुरक्षा; गेट पर लगेगी बड़ी घड़ी

    भोपाल

    नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 21 जून को है। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रदेश के सभी केंद्रों पर CCTV कैमरे और जैमर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए हर सेंटर के बाहर एक बड़ी घड़ी लगाई जाएगी।

    भोपाल में कुल 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस के साथ रेलवे भी तैयारी कर रहा है। 32 केंद्र प्रभारियों के साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को वन-टू-वन मीटिंग की। इसमें बताया गया कि कई बार दो से तीन सेंटरों के नाम एक जैसे होते हैं, जिससे परीक्षार्थी कन्फ्यूज हो जाते हैं। इसलिए उन्हें केंद्र का नाम और स्थान क्लियर रखें।

    हमीदिया रोड पर जो सेंटर हैं, उसके रास्ते में लोग गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स को देरी हो सकती है। इसलिए पुलिस गाड़ियों को तुरंत हटा दें। पुराने शहर में मेट्रो का काम चल रहा है। बैरिकेडिंग में सेंटर का नाम छिप सकता है। इसलिए सेंटर की ओर रास्ता दिखाने वाले बोर्ड लगेंगे।

    भोपाल में 13 हजार 774 छात्र देंगे परीक्षा
    भोपाल में 13 हजार 774, छिंदवाड़ा 4303, गुना में 1839, विदिशा में 1709, नर्मदापुरम में 1283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के आने की संभावना है।

    देखिए ट्रेन का शेड्यूल
    रेलवे इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह स्पेशल ट्रेन इंदौर एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से भोपाल आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगी।

    गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन का संचालन 20 जून को किया जाएगा। ट्रेन इंदौर स्टेशन से सुबह 11.25 बजे प्रस्थान कर फतेहाबाद में दोपहर 12 बजे, बड़नगर में दोपहर 12.42 बजे, रतलाम में 1.30 बजे, नागदा में दोपहर 2.23 बजे, उज्जैन में दोपहर 3.25 बजे, मक्सी में शाम 4.30 बजे, शुजालपुर में शाम 5.21 बजे, सीहोर में शाम 6 बजे, बैरागढ़ स्टेशन पर शाम 6.18 बजे और शाम 5 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंचेंगी।

    इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल–रतलाम स्पेशल ट्रेन 20 जून 2026 को भोपाल स्टेशन से शाम 7.40 बजे प्रस्थान कर संत हिरदाराम नगर में रात 8.08 बजे, सीहोर में रात 8.34 बजे, शुजालपुर में रात 8.59 बजे, मक्सी में रात 9.59 बजे, उज्जैन में रात 11.05 बजे एवं अगले दिन नागदा रात 12.05 बजे आगमन कर गंतव्य स्टेशन रतलाम रात 12.55 बजे पहुंचेगी।

    ऐसा रहेगा कोच कम्पोजिशन 

    ट्रेन में 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआर/डी सहित कुल 17 कोच रहेंगे। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए और उनके आवागमन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ये स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

  • पंजाब सरकार की खास तैयारी, NEET री-एग्जाम के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट; प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में CAPF तैनात

    पंजाब सरकार की खास तैयारी, NEET री-एग्जाम के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट; प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में CAPF तैनात

    चंडीगढ़ 

    पंजाब और केंद्र सरकार ने नीट री-एग्जाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर फुलप्रूफ तैयारियां कर दी हैं। सरकार ने परीक्षा संचालन के लिए सख्त एसओपी जारी की है और सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

    उधर, छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पंजाब में बठिंडा से चंडीगढ़ तक नीट स्पेशल ट्रेन चलाने के साथ कुछ अन्य ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला किया है। रेलवे ने इसके लिए बाकायदा शेड्यूल भी जारी कर दिया है।

    अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी
    पंजाब में करीब 25 हजार छात्रों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। पंजाब सरकार ने छात्रों और उनके एक अभिभावक के लिए पंजाब रोडवेज और पनबस की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

    पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी जिम्मेदारी
    नीट की परीक्षा सामग्री को कस्टोडियन बैंक से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी गई है। केंद्र और राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 19 जून को तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी विभागों के साथ बैठक करें। परीक्षा में केंद्र सरकार की सभी गाइडलाइन का पालन किया जाए, ताकि छात्र बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें।

    इन 5 बड़े पॉइंट्स में समझें प्रशासनिक तैयारी:
        परीक्षा केंद्र: प्रदेशभर में नीट री एग्जाम के लिए 16 जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पिछली बार भी इतने ही परीक्षा केंद्र थे। पंजाब के कुछ जिलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए हैं तो स्टूडेंट्स को उनकी च्वाइस के हिसाब से परीक्षा केंद्र एलॉट किए गए हैं।

        नो-पावर कट: डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन का कहना है कि परीक्षा के दौरान बिजली की सप्लाई बाधित न हो इसके लिए पीएसपीसीएल को पहले ही सख्त हिदायतें जारी कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान पीएसपीसीएल नो पावर कट सुनिश्चित करेगा।

        मेडिकल टीमें तैनात: परीक्षा केंद्रों के बाहर फर्स्ट-एड किट और जरूरी दवाओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैद रहेंगी। लुधियाना जिले में 15 परीक्षा केंद्रों के लिए मेडिकल टीम गठित कर दी गई हैं।

        फायर ब्रिगेड अलर्ट: डीसी ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी घटना में तुरंत बचाव कार्य किए जा सकें।

        पुलिस कमिश्नर को जिम्मा: कस्टोडियन बैंक से प्रश्नपत्र व आंसरसीट परीक्षा केंद्रों तक ले जाने के लिए पुलिस को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रश्नपत्र व आंसरसीट ले जाने वाले व्हीकल को एस्कॉट करके ले जाया जाएगा। डीसी ने बताया कि लुधयाना जिले में शहरी क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसपी की रहेगी।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी
    परीक्षा से एक दिन पहले और परीक्षा के दिन यानी 20 और 21 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। डिप्टी कमिश्नरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।

    सीएपीएफ के 2 सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे
    डिप्टी कमिश्नर (DC) हिमांशु जैन ने बताया कि परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए इस बार विशेष रणनीति तैयार की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) के दो सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। ये जवान सबसे पहले कस्टोडियन बैंक पहुंचकर वहां से परीक्षा सामग्री वाले वाहनों को सुरक्षा घेरा (एस्कॉर्ट) के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगे।

    पंजाब के लिए स्पेशल 'परीक्षा स्पेशल ट्रेन'
    नॉर्दर्न रेलवे ने पंजाब के छात्रों के लिए एक विशेष अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। ट्रेन नंबर 04556/04555 (बठिंडा–चंडीगढ़–बठिंडा स्पेशल) 21 जून (परीक्षा के दिन) सुबह 05:30 बजे बठिंडा कैंट से रवाना होगी और सुबह 11:00 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में यही ट्रेन चंडीगढ़ से शाम 07:10 बजे चलेगी।

    यह स्पेशल ट्रेन भुच्चू, रामपुरा फूल, तपा, बरनाला, धूरी, नाभा, पटियाला, राजपुरा, सरहिंद, फतेहगढ़ साहिब, न्यू मोरिंडा, खरड़ और मोहाली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें कुल 14 डिब्बे होंगे, जिनमें 12 जनरल कोच शामिल हैं, ताकि बिना रिजर्वेशन के भी छात्र और अभिभावक आसानी से यात्रा कर सकें।

    इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली रूट पर चलने वाली कई इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए अस्थायी रूप से अतिरिक्त जनरल और स्लीपर कोच जोड़े जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी तय करने वाले छात्रों को सीट या बर्थ उपलब्ध हो सके।

    सरकारी बसों में मुफ्त सफर
    पंजाब सरकार ने नीट परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा देने का फैसला किया है। परीक्षा के दिन परीक्षार्थी पंजाब रोडवेज और पनबस (PUNBUS) की सरकारी बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगे। बस में सफर के दौरान छात्रों को कंडक्टर को अपना NEET-UG एडमिट कार्ड और एक सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) दिखाना होगा। सरकार ने छात्रों के साथ एक अभिभावक को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है।

    NEET-UG परीक्षा NTA व केंद्र सरकार की तरफ से जारी SOP…

    1. सुरक्षा और गोपनीयता:
    CAPF और स्थानीय पुलिस का पहरा: कस्टोडियन बैंक (जहां पेपर रखे जाते हैं) से लेकर परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय परीक्षा सामग्री को लाने-ले जाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सशस्त्र जवान और स्थानीय पुलिस तैनात रहेगी। परीक्षा सामग्री को विशेष वाहनों में पूरी सुरक्षा के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक एस्कॉर्ट किया जाएगा।

    सीसीटीवी और जैमर्स: परीक्षा के दौरान पेपर लीक या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी सर्विलांस और हाई-पावर जैमर्स लगाए जाएंगे।

    2. परीक्षा केंद्र पर एंट्री और चेकिंग
    बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
    : डमी कैंडिडेट की पहचान के लिए एंट्री गेट पर और परीक्षा हॉल के अंदर उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशनअनिवार्य है।

    कड़ी तलाशी : उम्मीदवारों की मेटल डिटेक्टर के जरिए सघन तलाशी ली जाती है। स्टूडेंट्स अपने साथ एडमिट कार्ड, एक आईडी कार्ड, पारदर्शी पानी की बोतल, एक साधारण पारदर्शी बॉलपॉइंट पेन ले जाने की अनुमति रहेगी।

    3. सख्त ड्रेस कोड
    कपड़े: हल्के कपड़े, हाफ स्लीव शर्ट पहन सकेंगे। फुल स्लीव शर्ट नहीं पहन सकेंगे। कपड़ों में बड़े बटन, हुड या जेबें नहीं होनी चाहिए।

    जूते-चप्पल: केवल कम हील वाले सैंडल या चप्पल पहनने की अनुमति होती है। मोटे सोल वाले जूते पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

    गहने और धातु की वस्तुएं: किसी भी प्रकार के आभूषण या धातु की वस्तुएं पहनकर आने की सख्त मनाही है।

    4. प्रतिबंधित वस्तुएं
    इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, माइक्रोफोन, पेजर, स्मार्ट वॉच, हेल्थ बैंड, कैलकुलेटर आदि।

    स्टेशनरी: कोई भी लिखित सामग्री, कागज के टुकड़े, ज्योमेट्री/पेंसिल बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, लॉग टेबल, स्कैनर या इलेक्ट्रॉनिक पेन।

    अन्य वस्तुएं: वॉलेट, गॉगल्स, हैंडबैग, बेल्ट, कैप या कोई भी खाने-पीने की सामग्री (डायबिटिक मरीजों के लिए विशेष छूट के साथ)।

  • 2 भाइयों से शुरू हुआ NEET लीक कांड! डॉक्टर से 30 लाख में खरीदा पेपर, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

    2 भाइयों से शुरू हुआ NEET लीक कांड! डॉक्टर से 30 लाख में खरीदा पेपर, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

     जयपुर

    राजस्थान के सीकर से जुड़े NEET 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को लगातार बड़े खुलासे मिल रहे हैं. जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला हुआ था और परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे जा रहे थे. मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पेपर लीक के पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हैं। 

    सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला है कि गुरुग्राम के एक डॉक्टर से जमवारामगढ़ निवासी दो भाई मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने 26 और 27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपये में कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदा था. इसके बाद दिनेश बिवाल ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद 29 अप्रैल को यही पेपर कई अन्य छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया। 

    बिवाल के 4 बच्चों का पिछले साल नीट में हुआ था चयन
    जांच में यह भी सामने आया है कि दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले साल NEET में चयन हुआ था. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें करीब एक महीने पहले ही जानकारी मिल गई थी कि परीक्षा का पेपर लीक होकर उपलब्ध कराया जाएगा. इसी भरोसे पर उन्होंने पहले से तैयारी कर रखी थी। 

    मामले में एक और बड़ा खुलासा देहरादून से गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार मंडवारिया को लेकर हुआ है. जांच एजेंसियों के अनुसार राकेश ने करीब 700 छात्रों तक पेपर पहुंचाने का काम किया था. बताया जा रहा है कि पेपर पहले डिजिटल माध्यम से भेजा गया और बाद में उसका प्रिंट निकालकर भी बेचा गया. जांच एजेंसियां अब उन छात्रों और अभिभावकों की पहचान करने में जुटी हैं जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देकर पेपर हासिल किया था। 

    सीकर, जो देशभर में मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग के बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता है, अब जांच एजेंसियों के रडार पर है. जांच में सामने आया है कि यहां कुछ छात्रों और कोचिंग संचालकों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप बना रखे थे, जिनके जरिए प्रश्नपत्र और उत्तर साझा किए गए. एजेंसियां अब इन ग्रुप्स के एडमिन और सदस्यों की डिजिटल डिटेल खंगाल रही हैं। 

    पेपर लीक से छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा
    इस मामले में हरियाणा से यश यादव नाम के आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उसने भी छात्रों को पेपर बेचने का काम किया था. पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पेपर आखिर मूल स्रोत से कैसे बाहर आया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। 

    पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है. कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए लगातार छापेमारी और पूछताछ की जा रही है।