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  • प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव पर जूता फेंका, सांसद ने लगाया जानलेवा हमले की साजिश का आरोप

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव पर जूता फेंका, सांसद ने लगाया जानलेवा हमले की साजिश का आरोप

    नई दिल्ली

    पूर्णियां के सांसद राजेश रंजन ऊर्फ पप्पू यादव दिल्ली स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे इस दौरान वहां हंगामा हो गया. राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर उनके खिलाफ FIR के मामले पर पप्पू यादव बयान दे रहे थे तभी एक अनजान व्यक्ति ने उनके खिलाफ बयान दिया. पप्पू यादव ने आरोप एक अनजान शख्स उनके साथ धक्का-मुक्की की और वह चाकू लेकर भी आया था। 

    पप्पू यादव ने खुद शख्स को पकड़ा
    प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान पप्पू यादव ने खुद उस शख्स को अपने बाहों में दबोच लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस शख्स ने धमकियां दी और जूते भी फेंके. घर पर हुए हमले पर कहा, "मैंने पहले ही कई FIR दर्ज कराई हैं… मेरे वकील भी यहां मौजूद हैं. मैं डरूंगा नहीं. अगर कोई मुझे मारना चाहता है, तो मार दे। 

    हंगामे से पहले प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में दिए गए चढ़ावे के कथित गबन को दर्शाने वाले उनके नाटक के बाद उन्हें 'जिंदा जलाने' की धमकी दी जा रही है। 

    इस नाटक के दौरान पप्पू यादव ने साधु का वेश धारण किया था, जिसमें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कई विपक्षी नेताओं ने भी भाग लिया था. इस नाटक से भाजपा, हिंदू संगठनों और संतों की नाराजगी भड़क उठी है और बनारस में उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया। 

    पूर्णियां सांसद ने कहा कि आरोप लगाया कि अब मुझे गालियां दी जा रही हैं और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं. यहां तक ​​कि (मुझे मारने वाले को) इनाम भी घोषित किया गया है। 

    पप्पू यादव के वकील ने क्या कहा? 
    पप्पू यादव के वकील ने इस घटना को लेकर कहा, "आज की घटना बहुत निंदनीय है. ये दिल्ली पुलिस की विफलता दिखाती है, दिल्ली पुलिस की षड्यंत्रगर्दी दिखाती है कि कैसे दिल्ली पुलिस सत्ता पक्ष के साथ मिलकर 6 बार चुने गए सांसद के खिलाफ षड्यंत्र में सहयोग कर रही है. इसे पुलिस की विफलता कहें या संयोग कहें या क्या कहें. पिछले दो दिनों से हम लगातार शिकायत कर रहे हैं कि 6 बार के चुने हुए सांसद के खिलाफ किस प्रकार का षड्यंत्र रचा जा रहा है. उनके खिलाफ ट्विटर पर खुलेआम ट्वीट किए जा रहे हैं… आज इतनी शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा पूर्ण आश्वासन दिए जाने के बाद कि पूर्ण सुरक्षा का इंतजाम किया जाएगा, सिर्फ और सिर्फ यहां पर मुट्ठी भर 3 या 4 पुलिस कर्मी मौजूद थे. इसके बाद  मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में जिस तरह से यहां चाकू लाया गया है। 

    कौन है आरोपी शख्स? 
    पप्पू यादव के यहां घुसने वाले शख्स का नाम सुमित है. वह बुलंदशहर का रहने वाला है. सुमित ने पप्पू यादव को जूता फेंककर मारा था. उसी समय उसे पकड़ लिया गया.  पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह चाकू लेकर आया था. पुलिस के मुताबिक, जब सुमित को पप्पू यादव के लोगों ने सौंपा तो उसके साथ में एक चाकू भी सौंपा था. आरोपी के मुताबिक, संतों के अपमान को लेकर उसके मन में नाराजगी थी। 

  • चुनावी नतीजों से पहले पप्पू यादव का ऐलान: BJP जीती तो राजनीति से पीछे हटेंगे

    चुनावी नतीजों से पहले पप्पू यादव का ऐलान: BJP जीती तो राजनीति से पीछे हटेंगे

    पटना
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए दो चरणों में मतदान संपन्न हो चुका है और अब सभी को नतीजों का इंतजार है। लेकिन इससे पहले सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इसी बीच बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए ऐलान किया कि अगर बंगाल चुनाव में BJP की जीत होती है, तो वह अपना संघर्ष छोड़ देंगे।

    पप्पू यादव का ऐलान
    सांसद पप्पू यादव ने एग्जिट पोल के उन अनुमानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिनमें बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अगर बंगाल में बीजेपी जीत जाती है तो हम सेवा, मदद और इंसाफ के लिए संघर्ष छोड़ देंगे।' हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही अपना अटूट विश्वास भी प्रकट किया और कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बंगाल की जनता ने बीजेपी का पूरी तरह सफाया कर दिया है।

    तेजस्वी यादव का ममता को समर्थन और बीजेपी पर प्रहार
    पप्पू यादव के अलावा बिहार के कई अन्य नेताओं णे भी बंगाल चुनाव ओर अपनी प्रकातिक्रिया दी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बंगाल चुनाव को लेकर दावा किया है कि इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत तय है। उन्होंने कहा कि जनता ममता बनर्जी को फिर से मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है और टीएमसी को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यहाँ तक कह दिया कि भाजपा की हार में ही देश की जीत है।

    दो चरणों में संपन्न हुआ मतदान, अब 4 मई का इंतजार
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान दो चरणों में आयोजित किया गया है। पहले चरण की वोटिंग के बाद, दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम (EVM) में कैद हो गई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

  • गिरफ्तारी के बाद सांसद पप्पू यादव की बिगड़ी तबीयत

    गिरफ्तारी के बाद सांसद पप्पू यादव की बिगड़ी तबीयत

    पटना.

    पटना में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। 32 साल पुराने एक मामले में पुलिसिया कार्रवाई के बाद न सिर्फ विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, बल्कि सांसद की बिगड़ती सेहत भी पूरे घटनाक्रम को संवेदनशील बना रही है। गिरफ्तारी के बाद रात भर चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम ने इस मामले को कानून से आगे सियासत के केंद्र में ला दिया है।

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस सबसे पहले सांसद को IGIMS लेकर गई, जहां से आज सुबह उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया। वहीं से अभी अभी IGIC में रेफर किया गया है बताया जा रहा है कि पुलिस ने बीती रात पटना स्थित आवास से सांसद पप्पू यादव को हिरासत में लिया। सांसद ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय कई पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। पप्पू यादव ने अपनी खराब तबीयत का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध भी किया।

    IGIMS से PMCH तक: इलाज को लेकर विवाद
    गिरफ्तारी के बाद पुलिस सबसे पहले सांसद को IGIMS लेकर गई, जहां से आज सुबह उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया। पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज और उनके निजी सचिव ने दावा किया कि IGIMS में उन्हें पूरी रात बेड नहीं मिला और स्ट्रेचर पर रखा गया। इलाज में लापरवाही के आरोपों ने मामले को और तूल दे दिया है।

    ‘साजिश’ का आरोप, प्रशासन कटघरे में
    सांसद के समर्थकों और उनके सचिव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि नीट छात्रा के समर्थन में आवाज उठाने की वजह से पप्पू यादव को निशाना बनाया जा रहा है। यहां तक कहा गया कि उनके साथ साजिशन व्यवहार किया जा रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।

    कानूनी प्रक्रिया पर वकील ने उठाए सवाल
    पप्पू यादव के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई को कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि 1995 के मामले में सांसद पहले ही जमानत पर थे। बेल टूटने के बाद पुलिस ने नोटिसों को जानबूझकर दबाया और बिना धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए सीधे धारा 83 के तहत कुर्की और गिरफ्तारी की गई, जो कानून के खिलाफ है।

    कोर्ट में आज पेशी, जमानत या जेल पर फैसला
    अब सभी की नजरें आज होने वाली कोर्ट पेशी पर टिकी हैं। पप्पू यादव की कानूनी टीम जमानत के लिए अर्जी दाखिल करने की तैयारी में है। अगर अदालत राहत देती है तो सांसद को रिहाई मिल सकती है, अन्यथा उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। हालांकि, उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अस्पताल के कैदी वार्ड में रखने का विकल्प भी खुला माना जा रहा है।

    स्वास्थ्य बनाम कानून: सियासत के बीच फंसा मामला
    एक ओर कानून अपना रास्ता तय कर रहा है, तो दूसरी ओर सांसद की तबीयत और राजनीतिक आरोप इस मामले को और जटिल बना रहे हैं। आने वाले घंटों में कोर्ट का फैसला न सिर्फ पप्पू यादव के भविष्य को तय करेगा, बल्कि बिहार की सियासत में भी इसका असर साफ दिखेगा।

  • पप्पू यादव की तबीयत हुई बिगड़ी, गिरफ्तारी के बाद IGIMS से PMCH भेजा गया

    पप्पू यादव की तबीयत हुई बिगड़ी, गिरफ्तारी के बाद IGIMS से PMCH भेजा गया

    पूर्णिया 

    बिहार की राजधानी पटना में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस टीम ने उन्हें मंदिरी स्थित आवास से कई घंटे की मशक्कत के बाद हिरासत में लिया और पहले मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई. गिरफ्तारी के बाद उन्हें IGIMS अस्पताल लाया गया, जहां बताया गया कि उन्हें लंबे समय तक स्ट्रेचर लेटाया गया और बेड उपलब्ध नहीं कराया गया. बाद में उन्हें आगे की जांच के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया.

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी करीब तीन दशक पुराने मामले से जुड़ी है. यह केस गर्दनीबाग थाने में वर्ष 1995 में दर्ज हुआ था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लेकर सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया और यह तथ्य किराए के समय छुपाया गया.

    अदालत में लगातार पेश नहीं होने के कारण पहले गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, फिर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया गया. इसके बाद भी पेशी नहीं होने पर कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश दिया और कार्रवाई तेज हो गई.

    पप्पू यादव का पुलिस पर आरोप

    गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका थी कि पुलिस उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है. उनका कहना था कि वे सीधे कोर्ट जाएंगे और पुलिस स्टेशन नहीं जाएंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई और उन्हें लगा जैसे अपराधियों की तरह व्यवहार किया जा रहा हो.

    तीन दशक पुराने मामले पर पप्पू यादव हुए अरेस्ट

    फिलहाल पुलिस उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए ले गई है. करीब तीन दशक पुराने इस विवाद में हुई ताजा कार्रवाई को राज्य की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है और मामले पर सभी की नजर बनी हुई है.