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  • त्योहारी भीड़ के बीच कासगंज डिपो का बड़ा फैसला, दीपावली पर नहीं रुकेगी बसों की सेवा

    त्योहारी भीड़ के बीच कासगंज डिपो का बड़ा फैसला, दीपावली पर नहीं रुकेगी बसों की सेवा

    कासगंज
     दीपावली पर यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने बसों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। डिपो की सभी 107 बसों को ऑनरूट रखने की योजना बनाई गई है। इसके लिए एआरएम ने वर्कशॉप कर्मियों को बसों की मरम्मत और रखरखाव का काम समय से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

    त्योहार पर नौकरीपेशा लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में अन्य यात्री अपने घरों और गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोडवेज बसों का सहारा लेते हैं। ऐसे में बसों की उपलब्धता बनाए रखना विभाग के सामने चुनौती रहती है। इसे देखते हुए डिपो प्रशासन ने पहले से ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है।

    वर्कशॉप कर्मचारियों के अवकाश रहेंगे निरस्त
    डिपो में कुल 107 बसें हैं। एआरएम ने निर्देश दिए हैं कि दीपावली के दौरान कोई भी बस अनावश्यक रूप से वर्कशॉप में खड़ी न रहे। जिन बसों में तकनीकी खराबी है, उनकी मरम्मत प्राथमिकता से कराई जाए, ताकि सभी बसें यात्रियों के लिए उपलब्ध रहें। बसों की नियमित जांच और रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा गया है।

    त्योहार पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए डिपो ने शुरू की तैयारी
    प्रभारी एआरएम नीरज कुमार ने बताया कि त्योहार के दौरान बसों का संचालन बाधित न हो, इसके लिए वर्कशाप कर्मचारियों के अवकाश भी निरस्त कर दिए गए हैं। कर्मचारियों को जरूरत के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। रोडवेज का प्रयास है कि उपलब्ध बसों का पूरा उपयोग हो और दीपावली पर यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी न उठानी पड़े।

     

  • रोडवेज को मिलेगी नई रफ्तार, बेड़े में शामिल होंगी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें

    रोडवेज को मिलेगी नई रफ्तार, बेड़े में शामिल होंगी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें

    250 नई इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा रोडवेज का बेड़ा

    लखनऊ
     योगी कैबिनेट ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी अहम फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े के सुदृढ़ीकरण के लिए 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रस्तावित है। इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये की प्रावधानित धनराशि को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है।

    प्रस्ताव के तहत 50 सीटर 100 बसें और 41 सीटर 150 बसें खरीदी जाएंगी। इन 250 बसों की कुल खरीद पर करीब 425.50 करोड़ रुपये का वित्तीय व्यय संभावित है। सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली 400 करोड़ रुपये की धनराशि के अतिरिक्त करीब 25.50 करोड़ रुपये का खर्च उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।

    प्रदूषण पर भी लगेगी लगाम
    इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना भी है। सीपीक्यूएम के निर्देशों के अनुसार 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का विस्तार उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने-जाने वाले सार्वजनिक परिवहन को इन पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बनाने में मदद करेगा।

    नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए परिवहन सेवाओं को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के अनुकूल यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आम यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प देंगी।

    लोगों को कई स्तर पर मिलेगा रोजगार
    इसके साथ ही बस बेड़े के विस्तार से चालकों, परिचालकों और तकनीकी रख-रखाव से जुड़े कुशल-अकुशल कर्मियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। बसों की संख्या में वृद्धि से ढाबा, रेस्टोरेंट और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।