Tag: UP elections

  • मिशन-2027 के लिए BJP का मेगा प्लान तैयार, हर कमिश्नरी में रैली करेंगे PM मोदी

    मिशन-2027 के लिए BJP का मेगा प्लान तैयार, हर कमिश्नरी में रैली करेंगे PM मोदी

    लखनऊ
    यूपी में भाजपा के लिए चुनावी माहौल बनाने का मोर्चा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह संभालेंगे। प्रधानमंत्री हर कमिश्नरी में चुनावी रैलियां करेंगे। गृहमंत्री भी प्रदेशभर में चुनावी सभाएं करेंगे। इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की भी सभाएं और कार्यक्रम होंगे। यह सिलसिला 20 नवंबर के बाद शुरू हो जाएगा। शनिवार को प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों-प्रभारियों और जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारियों की बैठक में मिशन-2027 का खाका खींचा गया।

    भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सीख को जमीन पर उतारने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े की मौजूदगी में शनिवार को मेराथन बैठक हुई। इसमें 360 डिग्री पर चुनाव अभियान को गति देने पर चर्चा की गई। पार्टी अब प्रदेश में चुनावी माहौल गर्माएगी। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कमिश्नरी स्तर पर रैलियां कराने का फैसला किया गया है। गृहमंत्री अमित शाह पहले चरण में क्षेत्रवार सभाओं और बूथ सम्मेलनों के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे। नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य नेताओं की भी रैलियां और कार्यक्रम होंगे।

    हर कार्यकर्ता करेगा 50 परिवारों से संपर्क: तावड़े
    राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि हमें डोर टू डोर जनसम्पर्क के लिए योजना तैयार करनी है। पार्टी घर-घर सम्पर्क अभियान के तहत प्रत्येक 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपेगी। 2017 से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए बारीकी से प्रत्येक कार्ययोजना पर काम करना है। उन्होंने कहा कि विधानसभा स्तर पर प्रवासी प्रभारियों की नियुक्ति का काम शीघ्र पूर्ण किया जाए।

    फिर कमल खिलाने के लिए झोंके ताकत: पंकज
    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पुनः प्रचंड बहुमत के साथ कमल खिलाने के लिए हमें अपनी पूरी क्षमता झोंक देनी होगी। अब समय आ गया है कि हम पूरी ऊर्जा के साथ चुनावी मोड में उतर जाएं। तीन नवंबर से प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत विशाल पदयात्राएं निकाली जाएंगी।

    फिर कमल खिलाने के लिए झोंके ताकत: पंकज
    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पुनः प्रचंड बहुमत के साथ कमल खिलाने के लिए हमें अपनी पूरी क्षमता झोंक देनी होगी। अब समय आ गया है कि हम पूरी ऊर्जा के साथ चुनावी मोड में उतर जाएं। तीन नवंबर से प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत विशाल पदयात्राएं निकाली जाएंगी।

    पार्टी का कंटेंट लाएं, सिर्फ फोटो नहीं: धर्मपाल
    प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर जिलाध्यक्षों की क्लास ली। बताया कि पार्टी की ओर से भेजे गए कंटेंट को कितने लोगों ने पोस्ट या रीपोस्ट किया। चेताया कि सिर्फ अपनी फोटो पोस्ट करने से काम नहीं चलेगा। तरीका बदलें। लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान के तहत क्षेत्रीय स्तर पर निकलने वाली सभी पदयात्राएं कम से कम 25 हजार जनसमूह के साथ निकलेगी।

  • यूपी विधानसभा चुनाव और बोर्ड परीक्षा की तारीखों में टकराव, मार्च-अप्रैल में हो सकता है मतदान

    यूपी विधानसभा चुनाव और बोर्ड परीक्षा की तारीखों में टकराव, मार्च-अप्रैल में हो सकता है मतदान

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पिछली बार फरवरी-मार्च में हुआ था। इस बार फरवरी में चुनाव कराने पर संकट मंडराने लगा है। यह संकट सोमवार को जारी हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के कारण हुआ है। बोर्ड ने अपना परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। 5 फरवरी से 24 फरवरी तक परीक्षाएं आयोजित होंगी। ऐसे में दोनों एक साथ कराना संभव नहीं है। अगर विधानसभा चुनाव पिछली बार की तरह फरवरी में कराने का फैसला होता है तो परीक्षाएं दो महीने टालनी होंगी और नया कार्यक्रम जारी करना होगा। पिछली बार 10 फरवरी से 7 मार्च तक चुनाव हुए थे और नतीजे 10 मार्च को आए थे।

    यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में 51 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं परीक्षा के लिए सरकारी व निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। यही स्कूल विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। नवंबर में अपर मुख्य निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग व दिसंबर में भारत निर्वाचन आयोग की टीम यूपी के चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आएगी।

    विधानसभा चुनाव के लिए आयोग के पास मई तक का समय
    फिलहाल, तैयारियां तेजी से चल रही हैं लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव कराने के लिए आयोग के पास अभी पर्याप्त वक्त भी है। यूपी में 18वीं विधानसभा की पहली बैठक 23 मई को हुई थी। ऐसे में 22 मई 2026 को यूपी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में यह भी हो सकता है कि चुनाव कुछ चरणों में अब मार्च-अप्रैल में हों। फिलहाल फरवरी में अगर विधानसभा चुनाव हुए तो फिर बोर्ड परीक्षा टलेगी। अब आगे विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम ही बताएगा कि बोर्ड परीक्षाएं तय किए गए शेड्यूल से होंगी या फिर विधानसभा चुनाव पहले आयोजित किए जाएंगे।

    दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाएगी सरकार
    वहीं, विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी की योगी सरकार दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाने की तैयारी कर रही है। सूत्र बताते हैं कि शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के साथ ही चुनाव के दरमियान भी वेतन, पेंशन और तय खर्चे की व्यवस्था होने तक के लिए यह अंतरिम बजट लाया जाएगा। पहले माना जा रहा था कि सरकार अनुपूरक के बाद विशेष सत्र में अंतरिम बजट पेश करेगी। हालांकि, अब संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर में ही अंतरिम बजट भी लाया जाएगा। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद योगी सरकार ने 26 मई को बजट पेश किया था।

  • यूपी में 2027 चुनाव का मंथन तेज, विनोद तावड़े गोरखपुर और प्रयागराज में करेंगे समीक्षा

    यूपी में 2027 चुनाव का मंथन तेज, विनोद तावड़े गोरखपुर और प्रयागराज में करेंगे समीक्षा

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश के चुनावी कुरुक्षेत्र में राजनीतिक सेनाएं मोर्चा संभालने लगी हैं। समाजवादी पार्टी जहां पीडीए एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रभावी नैरेटिव गढ़कर चुनावी अस्त्र को धार देने में जुटी है।

    वहीं भाजपा एक साथ तीन मोर्चों (अभियान, संगठनात्मक समीक्षा एवं छह क्षेत्रों में संघ के साथ समन्वय बैठकों) के सहारे चुनावी रथ हांक रही है।

    वहीं, पार्टी पर सहयोगी दलों को अपने पाले में रखने का दबाव है। दो बार लखनऊ और एक बार कानपुर में मैराथन मंथन करने के बाद अब प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े 17 और 18 सितंबर को गोरक्ष क्षेत्र में डेरा डालेंगे, वहीं 21 से 23 सितंबर तक प्रयागराज मथेंगे।

    भाजपा की रणनीति के मुताबिक राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और विनोद तावड़े एक माह की कसरत में सभी प्रशासनिक मंडलों एवं पार्टी की दृष्टि से गठित क्लस्टरों की समीक्षा कर रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को दे देंगे। इन बैठकों में बूथों का राजनीतिक प्रबंधन भी परखा जाएगा।

    बूथों पर जुटाए गए राजनीतिक समीकरणों एवं प्रभावी जातियों की समीक्षा होगी। गोरखपुर एवं प्रयागराज क्षेत्र में होने वाली बैठकों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि यहां पर वर्ष 2022 एवं 2024 के चुनाव में भाजपा कई सीटों पर हारी या संघर्ष करती नजर आई।

    यूपी में भी बिहार का फॉर्मूला दोहराएंगे विनोद तावड़े? 2027 में हैट्रिक लगाने को सरकार का मास्टरप्लान – will vinod tawde replicate the bihar formula in up too the governments …

    पिछले चुनाव में बीजेपी को लगा था झटका
    यहां का राजनीतिक गणित पहले सपा और बसपा के साथ रहा है, लेकिन 2014 से यह भाजपा के पाले में झुकता नजर आया। पिछले विधान सभा में भाजपा को झटका लगा। पार्टी नहीं संभली तो 2024 लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

    गोरक्ष एवं प्रयाग के आसपास की सीटों पर कुर्मी, निषाद, राजभर, मौर्य, केवट, मल्लाह, प्रजापति समेत आधा दर्जन ओबीसी जातियों की बड़ी संख्या है। कई सीटों पर सवर्णों में आपसी द्वंद भाजपा के लिए चिंता का सबब बन रहा है।

    यूपी की राजनीति, बिहार से अलग
    भले ही तावड़े बिहार का चुनावी तानाबाना समझकर प्रभाव छोड़ने में सफल रहे, लेकिन यूपी की राजनीतिक चाल कई मायनों में बिहार से अलग है। अगर वह बड़ी संख्या में टिकट बदलने के संकल्प के साथ यूपी आए हैं तो पहले यहां का वातावरण समझना होगा। संगठन एवं कार्यकर्ताओं में नया भरोसा जगाना होगा।