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  • जयपुर में जमीन के उपयोग को लेकर सख्ती, आवासीय से व्यावसायिक उपयोग के लिए देनी होगी अतिरिक्त फीस

    जयपुर में जमीन के उपयोग को लेकर सख्ती, आवासीय से व्यावसायिक उपयोग के लिए देनी होगी अतिरिक्त फीस

    जयपुर
    कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोग के लिए रूपांतरण (90-ए) कराने के बाद अब उसके उपयोग को मनमर्जी से नहीं बदला जा सकेगा। नगरीय विकास विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जमीन का जिस प्रयोजन (काम) के लिए रूपांतरण कराया गया है, पट्टा भी उसी प्रयोजन के लिए जारी होगा। यदि कोई व्यक्ति बाद में जमीन का उपयोग किसी दूसरे काम के लिए करना चाहता है तो उसे पहले 90-ए के पुराने आदेश के अनुसार पट्टा लेना होगा। इसके बाद भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अपनानी होगी और निर्धारित शुल्क भी जमा कराना होगा।

    कुछ मामलों में जमीन का 90-ए आवासीय उपयोग के लिए कराया जाता रहा, लेकिन बाद में व्यावसायिक उपयोग का पट्टा मांगा जा रहा था। इसके लिए नए सिरे से भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अपनाने और निर्धारित शुल्क जमा कराने के बजाय पुराने 90-ए आदेश में ही संशोधन कर पट्टा जारी किया जाता रहा। इससे नए उपयोग के लिए देय शुल्क और प्रीमियम सरकार को नहीं मिल पा रहा था।

    जयपुर विकास प्राधिकरण में सीटीपी के एक पुराने पत्र का हवाला देकर 90-ए के आदेश में संशोधन कर दूसरे उपयोग के लिए पट्टा जारी किया जा रहा था। जबकि नियमों में पुराने आदेश में इस तरह संशोधन करने का कोई प्रावधान नहीं है। अब विभाग ने आदेश जारी कर ऐसी व्यवस्था पर रोक लगा दी है।

    मास्टर प्लान से अलग उपयोग के लिए भी यही प्रक्रिया
    आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 90-ए के आदेश में उल्लेखित उपयोग के बजाय मास्टर प्लान, जोनल प्लान या डीपीसीआर के अनुसार किसी अन्य प्रयोजन के लिए पट्टा या लीज-डीड चाहिए तो भी पहले मूल भू-रूपांतरण आदेश में स्वीकृत उपयोग के अनुसार ही पट्टा जारी होगा। इसी तरह पट्टा या लीज-डीड में दर्ज उपयोग से अलग प्रयोजन के लिए भी नियमों के अनुसार भू-उपयोग परिवर्तन कराना होगा।

    यदि आवेदक 90-ए का आदेश जारी होने के बाद पट्टा या लीज-डीड जारी नहीं कराना चाहता तो वह आदेश निरस्त कराने के लिए आवेदन कर सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित कृषि भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में मूल खातेदार का नाम ही दर्ज किया जाएगा। इस स्थिति में जमा कराया गया भूमि रूपांतरण शुल्क और प्रीमियम लौटाया नहीं जाएगा।

  • इंदौर में 28 अक्टूबर को होगा राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव, ₹2,753 करोड़ की परियोजनाओं पर रहेगा फोकस

    इंदौर में 28 अक्टूबर को होगा राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव, ₹2,753 करोड़ की परियोजनाओं पर रहेगा फोकस

    अर्बन कॉन्क्लेव 2026
    इंदौर में 28 अक्टूबर को आयोजित होगा राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव

    अर्बन चैलेंज फंड की 2,753.10 करोड़ रूपये की परियोजनाओं को मिलेगा नया आयाम

    बैंक अनुबंध और लेटर ऑफ अवार्ड होंगे जारी

    इंदौर 

    मध्यप्रदेश में समृद्ध एवं आधुनिक नगरीय अधोसंरचना के सर्वांगीण विकास, निवेश प्रोत्साहन तथा प्रदेश के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित बनाने के ध्येय से आगामी 28 अक्टूबर, 2026 को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय 'अर्बन कॉन्क्लेव' का आयोजन किया जा रहा है। कॉन्क्लेव में 'अर्बन चैलेंज फंड' के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख नगरीय विकास परियोजनाओं की भौतिक प्रगति, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़े दूरगामी रणनीतिक पहलुओं पर गहन विचार-मंथन किया जाएगा। यह कॉन्क्लेव प्रदेश के शहरी परिदृश्य को नई ऊँचाइयों पर ले जाने तथा नगरीय विकास की भावी दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। अर्बन कॉन्क्लेव में ‘अर्बन चैलेंज फंड' के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों के साथ अनुबंध किये जाएँगे तथा संबंधित एजेंसियों को 'लेटर ऑफ अवार्ड' प्रदान किए जाएँगे ।

    अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रदेश के विभिन्न नगरों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की कुल स्वीकृत लागत 2,753.10 करोड़ रूपये है। इस वित्तीय नियोजन के माध्यम से इंदौर, उज्जैन और रीवा की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को गति दी जा रही है। इसके अंतर्गत इंदौर शहर की जलप्रदाय व्यवस्था के वितरण तंत्र के सुदृढ़ीकरण तथा सीवरेज नेटवर्क एवं उपचार संयंत्रों के व्यापक उन्नयन कार्य शामिल हैं। इसी श्रृंखला में धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी उज्जैन में 'एकीकृत मंदिर क्षेत्र विकास' की महत्वाकांक्षी परियोजना तथा रीवा नगर की सर्वसमावेशी जलप्रदाय योजना के कार्यों को धरातल पर उतारा जा रहा है।

    कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों में आधारभूत सुविधाओं के अभूतपूर्व विस्तार, आधुनिक शहरी अधोसंरचना के निर्माण तथा वित्तीय संसाधनों के सर्वाधिक प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग की संभावनाओं को नए आयाम दिए जा रहे हैं। अर्बन चैलेंज फंड से संचालित ये परियोजनाएं न केवल शहरों में जन-सुविधाओं का विस्तार कर 'ईज़ ऑफ लिविंग' के उच्च मानक स्थापित करेंगी, बल्कि नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाते हुए क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी संबल प्रदान करेंगी।

    राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव शहरी विकास के क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, प्रमुख निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, नवोन्मेषी स्टार्टअप्स तथा ऊर्जावान युवाओं को मध्यप्रदेश में सृजित हो रही अपार विकास संभावनाओं से सीधे जुड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। कॉन्क्लेव में सहभागिता के इच्छुक निवेशक, स्टार्टअप्स एवं युवा आधिकारिक वेब पोर्टल ugconclave.mp.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन (Registration) करा सकते हैं। राज्य सरकार की इस दूरदर्शी पहल से मध्यप्रदेश के शहरों में सतत्, समावेशी एवं आधुनिक विकास का नया अध्याय प्रारंभ होगा। 

  • शहरों के विकास के लिए बड़ा प्लान! Vipul Goel ने 6240 करोड़ रुपये के निवेश का किया दावा

    शहरों के विकास के लिए बड़ा प्लान! Vipul Goel ने 6240 करोड़ रुपये के निवेश का किया दावा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ प्रमुख रणनीतिकार की भूमिका में रहे शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रदेश की जनता विकास और सुशासन की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है।

    उन्होंने शहरी निकायों में भाजपा की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकारों के कल्याणकारी फैसलों को देते हुए भरोसा दिलाया कि शहरों के विकास में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। विपुल गोयल ने कहा कि भाजपा ने हर शहरी निकाय का अलग संकल्प पत्र जारी किया था, जिसे धरातल पर लागू करने की प्रक्रिया चुनाव नतीजे आते ही शुरू हो चुकी है। शहरी निकायों में जीत हासिल करने वाले जनप्रतिनिधियों के सम्मान के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विपुल गोयल ने कहा कि हमारी सरकार का विजन और लक्ष्य स्पष्ट है।

    बजट 6249 करोड़ रुपये किया गया
    शहरों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले साल के मुकाबले बजट में 23.01 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 6240.97 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरी निकायों की जीत केवल चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि हरियाणा की जनता द्वारा विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भाजपा की राजनीति पर जताया गया मजबूत विश्वास है। विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा की जनता ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि वह ऐसी सरकार चाहती है जो जनता के बीच रहकर जनता के हित में कार्य करे और विकास को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखकर उसे धरातल तक पहुंचाने का कार्य करे।

    शहरी निकाय चुनाव से विधानसभा चुनाव की दिशा होगी तय
    उन्होंने दावा किया कि शहरी निकाय चुनाव से साल 2029 में होने वाले विधानसभा चुनाव की दिशा अभी से तय हो गई है, हालांकि इसमें किसी तरह का संशय नहीं था, लेकिन भाजपा को पूरी तरह से जिताकर और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों को बुरी तरह से हराकर लोगों ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।
    निकाय मंत्री ने कहा कि भाजपा ने हर निकाय क्षेत्र में सरकार और संगठन के प्रमुख नेताओं की जिम्मेदारी लगाई थी। ग्रास रूट पर पार्टी के मेहनती कार्यकर्ताओं ने पूरे जी-जान और संकल्प के साथ काम किया। पार्टी हमेशा ऐसे कार्यकर्ताओं की आभारी है, जो जनता के बीच जाकर सरकार और संगठन के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हैं। विपुल गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी निरंतर इस दिशा में प्रयासरत हैं कि हरियाणा में जनसुविधाओं से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था अधिक सशक्त, आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बने, ताकि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक विकास को आत्मसात कर सके।