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  • महिला टी20 वर्ल्ड कप 2028 को लेकर PCB की योजना, भारत के मैचों के लिए UAE हो सकता है न्यूट्रल वेन्यू

    महिला टी20 वर्ल्ड कप 2028 को लेकर PCB की योजना, भारत के मैचों के लिए UAE हो सकता है न्यूट्रल वेन्यू

    नई दिल्ली
    पाकिस्तान महिला टी20 वर्ल्ड कप 2027 के सभी मुकाबले अपने देश में आयोजित करना चाहता है, लेकिन भारतीय टीम के मैच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कराए जाने की संभावना है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भारत के मैचों के लिए तटस्थ वेन्यू पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है.

    आईसीसी के मुताबिक, 12 टीमों का यह टूर्नामेंट 7 सितंबर से 1 अक्टूबर 2028 तक खेला जाएगा. पाकिस्तान को मुख्य मेजबान बनाया गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चाहता है कि भारत से जुड़े मुकाबलों को छोड़कर बाकी मैच, जिनमें नॉकआउट मुकाबले भी शामिल हैं, पाकिस्तान में आयोजित हों.

    भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के तहत, जब भी इनमें से कोई देश आईसीसी या एशियाई टूर्नामेंट की मेजबानी करता है, तो दूसरी टीम अपने मैच तटस्थ स्थान पर खेलती है. 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भी यही व्यवस्था लागू हुई थी. तब भारतीय टीम ने अपने सभी मुकाबले UAE में खेले और दुबई में खिताब जीता, जबकि पाकिस्तान में 15 में से 10 मैच आयोजित हुए.

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, 'पाकिस्तान चाहता है कि महिला टी20 वर्ल्ड कप में भी यही व्यवस्था अपनाई जाए. उन्होंने यूएई को व्यावहारिक विकल्प बताया, क्योंकि पाकिस्तान से दुबई की यात्रा आसान है और इससे लॉजिस्टिक्स का खर्च भी कम हो सकता है.

    भारतीय महिला टीम के टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण तक पहुंचने की उम्मीद है. PCB अधिकारी के मुताबिक, अगर भारत फाइनल में जगह नहीं बना पाता है, तो खिताबी मुकाबला लाहौर में आयोजित किया जा सकता है. हालांकि, यह पाकिस्तान की योजना है, आईसीसी का आधिकारिक फैसला नहीं.

    टूर्नामेंट की मेजबानी से पाकिस्तान को आयोजन शुल्क और अन्य खर्चों के लिए आईसीसी से फंड मिलेगा. पीसीबी को उम्मीद है कि इससे देश में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. इसी बीच 12 अक्टूबर से 12 नवंबर तक आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2028 ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में आयोजित किया जाना है.

  • भारत-न्यूजीलैंड दूसरे टी20 से पहले टीम इंडिया को झटका, ईशान किशन चोटिल

    भारत-न्यूजीलैंड दूसरे टी20 से पहले टीम इंडिया को झटका, ईशान किशन चोटिल

    नई दिल्ली
    शनिवार (24 अक्टूबर) को भारत और न्यूजीलैंड के बीच क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाना है. इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम को झटका लगा है. स्टार बल्लेबाज ईशान किशन इंजरी से परेशान हैं और इस मुकाबले में वो भाग नहीं लेंगे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इस बात की जानकारी दी है.

    बीसीसीआई की विज्ञप्ति में कहा गया, 'भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले से बाहर हो गए हैं. उन्हें पहले टी20 मैच के दौरान दाएं पैर की मांसपेशियों में खिंचाव आया था. ईशान को लो-ग्रेड राइट एडडक्टर स्ट्रेन हुआ है. बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी चोट पर नजर रख रही है और उनकी रिकवरी की निगरानी कर रही है.'

    अब ईशान किशन की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की पूरी संभावना है. भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी ईशान की चोट की जानकारी देते हुए बताया कि पहले टी20 में उनका पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करना भी इसी परेशानी से जुड़ा था.

    बैटिंग कोच ने ईशान को लेकर क्या कहा?
    सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैंने भी इस बारे में काफी अटकलें देखी हैं. ईशान की ग्रोइन में खिंचाव था, इसी वजह से बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया गया. कल के मैच में भी उनके खेलने की उम्मीद कम है. अगर ईशान नहीं खेलते हैं, तो वैभव निश्चित रूप से उनकी जगह लेने के मजबूत दावेदारों में शामिल हैं.'

    ईशान किशन की चोट ने वैभव सूर्यवंशी के लिए टीम में जगह बनाने की संभावना बढ़ा दी है. अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन नियमित ओपनर हैं और टीम मैनेजमेंट फिलहाल दोनों के प्रदर्शन से संतुष्ट है. अगर वैभव की प्लेइंग-11 में एंट्री होती है, तो संजू सैमसन तीसरे नंबर पर बैटिंग करते नजर आ सकते हैं.

    पहले टी20 से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा था कि उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा. उन्होंने कहा था, 'वह अभी बहुत युवा हैं और उनके पास मौके पाने के लिए कई साल हैं. ऐसा नहीं है कि उन्हें तुरंत टीम में शामिल कर लिया जाए, क्योंकि हमारे दोनों ओपनर लगातार रन बना रहे हैं और उन्होंने विश्व कप भी जिताया है.'

    श्रेयस अय्यर ने विदेशी परिस्थितियों में खेलने के अनुभव को भी अहम बताया था. उनके मुताबिक, 'यहां खेलने से उन्हें इन पिचों और परिस्थितियों को समझने का मौका मिलेगा. अगली बार जब वह यहां आएंगे, तो बेहतर तैयारी के साथ उतर सकेंगे और पहली बार इन हालात में खेलने वाले दूसरे खिलाड़ियों की मदद भी कर पाएंगे.'

    तिलक वर्मा ने की थी तीसरे नंबर पर बैटिंग
    न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में तिलक वर्मा को ईशान से पहले तीसरे नंबर पर भेजा गया था. तिलक ने 11 गेंदों में छह रन बनाए, जबकि ईशान किशन तीन गेंदों पर एक रन बनाकर आउट हो गए थे. तिलक को माइकल ब्रेसवेल और ईशान को मिचेल सेंटनर ने पवेलियन भेजा. हालांकि, भारत ने 226 रनों का लक्ष्य चार विकेट शेष रहते हासिल कर लिया था. अब दूसरे मुकाबले में ईशान की उपलब्धता और वैभव के चयन पर नजरें रहेंगी.

    वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स (RR) की ओर से IPL (इंडियन प्रीमियर लीग( 2026 में 776 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया था. भारत के लिए अब तक आठ टी20 इंटरनेशनल मैचों में वह 246 रन बना चुके हैं. उनका स्ट्राइक रेट 186.36 रहा है और उनके नाम पर दो अर्धशतक दर्ज हैं. उन्होंने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में खेला था, जहां वह श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में उतरे थे. इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली.

  • टी20 के तूफानी स्टार वैभव टेस्ट में भी मचाएंगे धमाल? पनेसर और क्लार्क आमने-सामने

    टी20 के तूफानी स्टार वैभव टेस्ट में भी मचाएंगे धमाल? पनेसर और क्लार्क आमने-सामने

    नई दिल्ली
    भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपने बल्ले के दम पर लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी टी20 सीरीज के लिए टीम का हिस्सा थे. लेकिन उन्हें एक भी मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया.

    दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में टीम के लिए कुछ अहम पारियां खेलकर टेस्ट के लिए भी अपनी दावेदारी ठोकने का काम किया था. हालांकि, अभी भी क्रिकेट के कुछ दिग्गजों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी टेस्ट के खिलाड़ी नहीं हैं.

    ऐसे में सवाल यह है कि क्या वैभव सिर्फ टी20 के स्टार हैं या वे टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी धाक जमा पाएंगे? पूर्व इंग्लैंड स्पिनर मोंटी पनेसर ने वैभव की तकनीक पर सवाल उठाए हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क उनके समर्थन में उतर आए हैं.

    मोंटी पनेसर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी अपनी मौजूदा बैटिंग तकनीक के सहारे तीनों फॉर्मेट (टी20, वनडे और टेस्ट) में लंबे समय तक कामयाब नहीं हो सकते. पनेसर ने एक पॉडकास्ट पर कहा कि वे वैभव को टेस्ट क्रिकेट में सफल होते नहीं देखते.

    पनेसर के मुताबिक मौजूदा दौर में हैरी ब्रुक जैसे गिने-चुने खिलाड़ी ही हैं जो टेस्ट और टी20 दोनों फॉर्मेट में टॉप-10 में शामिल हैं. पनेसर का साफ कहा कि वैभव के पास अभी लाल गेंद के क्रिकेट (टेस्ट) के हिसाब से सही तकनीक नहीं है.

    क्या कहते हैं वैभव के आंकड़े
    अगर वैभव के आंकड़ों पर नजर डालें तो टी20 में उनका प्रदर्शन किसी सपने जैसा है. उन्होंने सभी टी20 मैचों में 216.32 के तूफानी स्ट्राइक रेट और करीब 43 की औसत से 1670 रन बनाए हैं. लेकिन फर्स्ट-क्लास यानी रेड-बॉल क्रिकेट में उनके आंकड़े थोड़े फीके हैं, जहां उन्होंने 17 पारियों में महज 23.47 की औसत से 399 रन ही बनाए हैं.

    माइकल क्लार्क ने क्या कहा?
    दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क पनेसर के इस दावे से बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखते. क्लार्क का मानना है कि वैभव जैसा प्रतिभावान खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में अपना दबदबा बना सकता है.

    उन्होंने विराट कोहली और एबी डिविलियर्स की मिसाल देते हुए कहा कि ये दिग्गज टी20 के खतरनाक बल्लेबाज होने के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट के भी महान खिलाड़ी रहे हैं.

    क्लार्क के मुताबिक अगर वैभव टेस्ट क्रिकेट में कदम रखते हैं तो उन्हें देखना बेहद रोमांचक होगा, बशर्ते वे खुद टेस्ट क्रिकेट खेलने के इच्छुक हों.

  • वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू ने चौंकाया, 15 की उम्र में रोज कमा रहे 1.5-2 करोड़ रुपये

    वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू ने चौंकाया, 15 की उम्र में रोज कमा रहे 1.5-2 करोड़ रुपये

    नई दिल्ली
    मौजूदा समय में वैभव सूर्यवंशी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट से लेकर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खुद की शुरुआती प्रतिभा का परिचय दिया है। मात्र 15 साल की उम्र में उन्होंने वह सब हासिल कर लिया है, जिसके लिए कई लोगों की पूरी जिंदगी बीत जाती है। आईपीएल 2026 में दमदार प्रदर्शन करने और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, मोस्ट वैल्यूवल प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट और ऑरेंज कैप जीतने के बाद उनकी ब्रांड वैल्यू में भी काफी इजाफा हुआ है। बिहार के समस्तीपुर से आने वाले वैभव सूर्यवंशी अब रोजाना 1.5 करोड़ से अधिक रुपये कमा रहे हैं। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से इतने रिकॉर्ड टूटे कि इससे क्रिकेट के सभी ट्रेडिशनल रूल धरे के धरे रह गए। आईपीएल सीजन 2026 के बीच में ही सूर्यवंशी की कहानी सिर्फ बल्ले से उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार में उनकी कीमत को लेकर भी चर्चा तेज हो गई।

    हौलिहान लोके की आईपीएल वैल्यूएशन स्टडी 2026 (Houlihan Lokey’s IPL Valuation Study 2026) के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी की लोकप्रिया सचिन तेंदुलकर के बराबर है। यह आम तौर पर पूरी फ्रेंचाइजी का मूल्यांकन करने के लिए बनाई गई रिपोर्ट है। इसने 15 वर्षीय खिलाड़ी के लिए तर्क दिया है कि प्रसारण के दौरान उसकी लोकप्रियता सचिन तेंदुलकर के बराबर है। इसने एक और अहम बात भी कही है। वह यह कि आज सूर्यवंशी को साइन करने वाला कोई भी ब्रांड असल में एक दशक की अप्रमाणित क्षमता को दांव पर लगा रहा है।

    लंबे निवेश का कोई निश्चित आधार नहीं है
    हालांकि, वैभव पर एक दशक तक दांव लगाने के लिए शर्तें, दर, संरचना, कानूनी आधार और निकास खंड की आवश्यकता होती है। एचटी डिजिटल ने पिछले महीने इस प्रस्ताव की जांच की और पाया कि यह फिलहाल एक जोखिम ज्ञापन के करीब है। इसके नियम अभी बाजार में नहीं लिखे गए हैं।

    सूर्यवंशी के लिए यह बात बन सकती है असुरक्षा
    कागज पर सूर्यवंशी का रेट कार्ड उन खिलाड़ियों के रेट कार्ड के बराबर है जो अपने करियर के दस साल पूरे कर चुके हैं। लेकिन अभी तक उनके पास इस वैल्यू को बनाए रखने का कोई निश्चित आधार नहीं है। सूर्यवंशी के पास फिलहाल, इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि 18 साल के होने पर उनके अनुबंधों का क्या होगा और न ही इस बात की कोई स्पष्ट जवाबदेही है कि अगर उन्हें सलाह देने वाले लोग गलत साबित होते हैं तो क्या होगा। जिस तरह से उनका मूल्य बढ़ रहा है उस तरीके से व्यावसायिक ढ़ांचा अभी तक नहीं बन पा रहा है। सूर्यवंशी फिलहाल प्रतिदिन 1.5-2 करोड़ रुपये कमाते हैं।

    फिलहाल सूर्यवंशी की कमाई 1.5 से दो करोड़ प्रतिदिन
    एएमपी स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट के संस्थापक और सीईओ इंद्रनील दास ब्लाह ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि "आईपीएल से पहले वास्तव में कोई तय स्टैंडर्ड नहीं था। यह बिल्कुल नया है कि वह (वैभव सूर्यवंशी) प्रतिदिन लगभग 1.5 करोड़ रुपये चार्ज कर रहे हैं।" साल 2025 में शानदार प्रदर्शन के बाद सूर्यवंशी की तुलना तेंदुलकर से पहले ही की जा रही थी। इस साल की शुरुआत में अंडर-19 विश्व कप फाइनल में उनके 175 रनों ने इस तुलना को और भी पुख्ता कर दिया। आयरलैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत द्वारा खेली गई सीरीज में वैभव सूर्यवंशी की उपस्थिति ने टिकटों की बिक्री में भी होड़ लगा दी।

    दो साल तक यही प्रदर्शन रहा तो कमाई दोगुनी
    दास ब्लाह ने उन्हें पहले ही शुभमन गिल, ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे बड़े क्रिकेटरों की लिस्ट में रखा है। हालांकि, वह यह भी मानते हैं कि सूर्यवंशी की बल्लेबाजी शैली इन सबसे उन्हें अलग भी बनाती है। अगर अगले दो वर्षों में उनका प्रदर्शन बरकरार रहता है, तो दास ब्लाह को उम्मीद है कि एंडोर्समेंट से होने वाली कमाई दोगुनी होकर 3-4 करोड़ रुपये प्रतिदिन हो जाएगी। ऐसे में वह देश के सबसे बड़े सेलिब्रिटीज के बराबर हो जाएंगे। फिलहाल, ब्रांड किसी व्यक्ति के पूरे करियर के काम पर दांव नहीं लगा रहे हैं, बल्कि लगभग एक असाधारण सीजन और वर्तमान मूल्यों पर दांव लगा रहे हैं।

    परिवार और राजस्थान रॉयल्स पर है देखरेख की जिम्मेदारी
    बता दें कि 1.5 करोड़ प्रतिदिन की फीस लेने वाले सूर्यवंशी का अभी तक कोई औपचारिक एजेंट नहीं है। उनका परिवार उनके व्यावसायिक मामलों को संभालता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें राजस्थान रॉयल्स के अपने व्यावसायिक सिस्टम का पूरा समर्थन मिला हुआ है। इसी फ्रेंचाइजी ने उन्हें खोजा, उनका पालन-पोषण किया और दुनिया के सामने एक उभरता हुआ सितारा बनाया। दास ब्लाह ने कहा, "राजस्थान रॉयल्स के सिस्टम ने उनका ख्याल रखा है। ऐसा लगता है कि उन्हें खुद को जरूरत से ज्यादा उजागर न करने के बारे में सही सलाह मिल रही है।" फिलहाल, दास ब्लाह को इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती। जेएसडब्ल्यू और मुंबई इंडियंस के आरआईएसई ने भी पहले इसी फ्रेंचाइजी के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया है। वैभव सूर्यवंशी अभी 18 साल के नहीं हुए हैं ऐसे में उनके पैरेंट्स को सहयोग और साथ अपेक्षित है।

  • वैभव सूर्यवंशी की दावेदारी के बीच रहाणे बोले, टॉप-3 में बदलाव न करें

    वैभव सूर्यवंशी की दावेदारी के बीच रहाणे बोले, टॉप-3 में बदलाव न करें

    नई दिल्ली
    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20I सीरीज से पहले टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर को लेकर बहस तेज हो गई है. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत की है, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे वैभव को फिलहाल टॉप-3 में जगह देने के पक्ष में नहीं हैं.

    अजिंक्य रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर साफ कहा कि भारत को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने वाले टॉप-3 के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए. उनके मुताबिक अभी टीम के बल्लेबाजी क्रम के साथ प्रयोग करने की जरूरत नहीं है. रहाणे के मुताबिक अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन टॉप-3 बल्लेबाज होने चाहिए.

    अजिंक्य रहाणे ने कहा, 'मुझे लगता है कि टॉप-3 वही होना चाहिए, जो वर्ल्ड कप में खेला था.' रहाणे ने संजू सैमसन के मामले में भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि सैमसन ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और कुछ खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर करना सही नहीं था. रहाणे चाहते हैं कि विकेटकीपर बल्लेबाज को एक और मौका मिले.

    सैमसन को और मौका मिले: रहाणे
    अजिंक्य रहाणे ने आगे कहा, 'सैमसन ने अच्छा किया है, लेकिन दो या तीन खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया. मैं चाहता हूं कि उन्हें एक और मौका मिले. अभिषेक और ईशान ने भी हमारे लिए अच्छा किया है.'

    वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20I सीरीज में दो अर्धशतक लगाए और ''प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने. इसके बाद उनके टॉप ऑर्डर में शामिल होने की चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि, अजिंक्य रहाणे का मानना है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उन्हें जल्दबाजी में किसी स्थापित खिलाड़ी की जगह नहीं दी जानी चाहिए.

    अजिंक्य रहाणे ने अपनी पसंद बताते हुए कहा, 'वैभव को अपने मौके मिलेंगे और उसका समय आएगा. लेकिन फिलहाल मुझे लगता है कि टॉप-3 सैमसन, अभिषेक और ईशान होने चाहिए.'

    वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. वो भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे. अब वह टीम में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में हैं. दूसरी ओर, जिम्बाब्वे सीरीज से आराम के बाद संजू सैमसन की वापसी ने टॉप ऑर्डर में प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है.

    अफगानिस्तान के ख‍िलाफ टी20I सीरीज के खिलाफ भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर.

  • श्रेयस अय्यर कप्तान, तिलक वर्मा उपकप्तान; एशियन गेम्स टीम में बड़ा बदलाव

    श्रेयस अय्यर कप्तान, तिलक वर्मा उपकप्तान; एशियन गेम्स टीम में बड़ा बदलाव

    नई दिल्ली
    एशियन गेम्स 2026 के लिए टीम इंडिया में कुछ फेरबदल हुए हैं. पुरुष सेलेक्शन कमेटी ने 15 सदस्यीय टीम चुनी है, जिसमें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी मौका दिया गया है. वहीं स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या इस टीम में जगह नहीं बना पाए हैं. टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में रहेगी, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन और ईशान किशन संभालेंगे.

    वैभव सूर्यवंशी को मिला एशियन गेम्स का टिकट
    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह एक और बड़ा मौका है. 15 सदस्यीय एशियन गेम्स टीम में उन्हें शामिल किया गया है. वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भी चुना गया है.

    यानी सेलेक्टर्स ने युवा वैभव पर लगातार भरोसा कायम रखा है. एशियन गेम्स में उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के बड़े मंच पर अपनी बल्लेबाजी दिखाने का मौका मिलेगा.

    हार्दिक पंड्या टीम से बाहर
    एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम में हार्दिक पंड्या का नाम नहीं है. टीम में ऑलराउंडर के तौर पर शिवम दुबे, नीृतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर को जगह दी गई है.

    टीम में गेंदबाजी विभाग की कमान जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर के हाथों में होगी. इनके अलावा वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई स्पिन विभाग को मजबूत करेंगे.

    हर्षित राणा की जगह यश ठाकुर की एंट्री
    सेलेक्शन कमेटी ने हर्षित राणा को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया है. हर्षित राणा रिहैबिलिटेशन के दौरान अच्छी तरह आगे बढ़ रहे थे, लेकिन 7 सितंबर को मैच सिमुलेशन में गेंदबाजी करते समय उन्हें रेक्टस फेमोरिस स्ट्रेन हो गया.

    इसके बाद उन्हें चोट के कारण अफगानिस्तान T20I सीरीज और एशियन गेम्स, दोनों टीमों से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को शामिल किया गया है.

    यश ठाकुर का रिकॉर्ड क्या कहता है?
    27 साल के यश ठाकुर हाल ही में भारत के जिम्बाब्वे दौरे पर T20I डेब्यू कर चुके हैं. उन्होंने वहां दो मुकाबले खेले और चार विकेट अपने नाम किए. यश का घरेलू T20 रिकॉर्ड भी अच्छा है. उन्होंने 76 टी20 मैचों में 114 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनकी इकोनॉमी रेट 8.20 रही है. अब यश के सामने लगातार दो बड़े मौके हैं. वह अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज में भारत की टीम का हिस्सा होंगे और इसके बाद एशियन गेम्स के लिए भी उपलब्ध रहेंगे.

    अफगानिस्तान सीरीज की टीम भी बदली
    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम में 15 खिलाड़ी हैं. श्रेयस अय्यर कप्तान और तिलक वर्मा उपकप्तान हैं. टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर शामिल हैं.

    अफगानिस्तान T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर.

    एशियन गेम्स की 15 सदस्यीय टीम: एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम में भी 15 खिलाड़ी चुने गए हैं. इसमें वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर दोनों को जगह मिली है.

    एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर.

    बीसीसीआई  सचिव देवजीत सैकिया की ओर से जारी बयान में हर्षित राणा के चोटिल होने और यश ठाकुर को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किए जाने की जानकारी दी गई.

    ध्यान रहे एश‍ियन गेम्स 19 स‍ितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेंगे, जहां भारतीय टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में 28 स‍ितंबर को खेलेगी. वहीं अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ टी20 सीरीज 13 स‍ितंबर से शुरू हो रही है. बाकी दो मैच 15 और 17 स‍ितंबर को होंगे. अफगान‍िस्तान सीरीज के सारे मैच द‍िल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में होने हैं.

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को देखने उमड़ा हुजूम, आउट होते ही खाली हुआ स्टेडियम

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी को देखने उमड़ा हुजूम, आउट होते ही खाली हुआ स्टेडियम

     चेन्नई
    दलीप ट्रॉफी (2026-27) फाइनल के पहले दिन (6 सितंबर) चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम पूरी तरह वैभव सूर्यवंशी के रंग में रंगा नजर आया. 15 साल के इस युवा बल्लेबाज को देखने के लिए करीब 12 हजार दर्शक चेपॉक पहुंचे और पूरे दिन उनके नाम के नारे लगाते रहे. वैभव ने भी 37 गेंदों में 44 रनों की तेज पारी खेलकर फैन्स का भरपूर मनोरंजन किया. हालांकि, उनके आउट होते ही कई दर्शक स्टेडियम से निकल गए. लेकिन वैभव ने दिन का खेल खत्म होने के बाद जो किया, उसने वहां मौजूद फैन्स का दिल जीत लिया l

    ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच जारी इस मुकाबले के लिए चेपॉक में सुबह से ही दर्शकों की भीड़ जुटने लगी थी. BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) ने फाइनल को बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से चेन्नई इसलिए शिफ्ट किया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा फैन्स मैदान में आकर मुकाबला देख सकें. इस फैसले का असर मैच शुरू होने से पहले ही दिखाई देने लगा. C, D और E ब्लॉक के निचले स्टैंड सुबह 9:30 बजे तक भर गए थे. दर्शकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए TNCA (तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन) को तीन और स्टैंड खोलने पड़े l

    स्टेडियम में मौजूद फैन्स लगातार वैभव सूर्यवंशी का नाम लेकर उनका हौसला बढ़ा रहे थे. कई दर्शक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की पीली जर्सी में भी नजर आए. वैभव ने शुरुआत में तेज गेंदबाजों के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन इसके बाद उन्होंने रफ्तार पकड़ ली. मोहम्मद सिराज के खिलाफ तो वैभव ने अपना आक्रामक अंदाज खुलकर दिखाया. सिराज के एक ओवर में वैभव ने 14 रन बटोरे. वैभव और अभिनमन्यु ईश्वरv ने मिलकर 100 रन की ओपनिंग साझेदारी पूरी की l

    शॉर्ट गेंद पर फंसे वैभव सूर्यवंशी
    साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ रणनीति बदलते हुए उन्हें डीप मिडविकेट और लॉन्ग लेग की दिशा में बड़े शॉट खेलने के लिए उकसाया. वैभव ने कुछ देर तक इस जाल में फंसने से परहेज किया, लेकिन चामा मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे. उस गेंद पर वैभव ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर डीप मिडविकेट की तरफ चली गई. वहां मौजूद सब्स्टीट्यूट फील्डर तनय त्यागराजन ने उनका कैच पकड़ लिया. वैभव ने 37 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें पांच चौके के अलावा एक छक्का शामिल रहा l

    वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शक बाहर निकलने लगे. इनमें कई ऐसे फैन्स थे, जो खास तौर पर 15 वर्षीय बल्लेबाज को देखने चेपॉक पहुंचे थे. लेकिन दिन का खेल खत्म होने पर वैभव ने उन्हें निराश नहीं किया. शाम करीब 5:03 बजे खिलाड़ी पवेलियन की ओर लौटने लगे तो वैभव कुछ देर मैदान पर रुके और उस स्टैंड की तरफ चले गए, जहां से पूरे दिन उनका नाम पुकारा जा रहा था. फैन्स ने बाड़ के दूसरी तरफ से कैप, नोटबुक, कागज और जर्सी आगे बढ़ाई. वैभव ने भी बिना जल्दबाजी किए उनको ऑटोग्राफ दिए l

  • सिराज के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने मचाई तबाही, 44 रन बनाकर हुए आउट

    सिराज के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने मचाई तबाही, 44 रन बनाकर हुए आउट

    नई दिल्ली
    दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में ईस्ट जोन का सामना साउथ जोन से है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में सबकी निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर हैं, जो ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा हैं. ईस्ट जोन की ओर से वैभव ने पहली पारी में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 37 बॉल पर 44 रन बनाए l  

    वैभव सूर्यवंशी को तेज गेंदबाज चामा मिलिंद ने सब्स्टीट्यूट प्लेयर तनय त्यागराजन के हाथों कैच आउट किया. वैभव शॉर्ट पिच गेंद पर छक्का लगाकार अर्धशतक पूरा करना चाहते थे. वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन के बीच पहले विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी हुई l

    वैभव सूर्यवंशी ने नजरें जमाने में देर नहीं लगाई. पारी के तीसरे ओवर में मोहम्मद सिराज की पहली गेंद पर उन्होंने शानदार चौका लगाया. वहीं छठे ओवर में एमडी निधीश को दो चौके जड़े. अगले ओवर में वैभव ने सिराज के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किया और कुल 14 रन (2 छक्का और एक चौका) बटोरे l

    खिताबी मुकाबले में टॉस ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने जीता और पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया. ईस्ट जोन ने अपनी प्लेइंग-11 में सिर्फ एक बदलाव किया. जबकि साउथ जोन ने चार परिवर्तन किए. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और युवा बैटर देवदत्त पडिक्कल भी साउथ जोन की प्लेइंग-11 का हिस्सा हैं l

    वैभव सूर्यवंशी नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 8 रन बना पाए थे. हालांकि उन्होंने तब गेंदबाजी में जरूर दो विकेट झटके. इसके बाद सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में वैभव का बल्ला जमकर गरजा. वैभव ने पहली पारी में 92 और दूसरी पारी में 40 रन बनाए. वैभव ने इस दौरान एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया. वैभव दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए थे l

    ईस्ट जोन की प्लेइंग-11: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, ईशान किशन (विकेटकीपर/कप्तान), शिखर मोहन, अनुकूल रॉय, मोहम्मद कौनैन कुरैशी, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार l

    साउथ जोन की प्लेइंग-11: रिकी भुई, नारायण जगदीशन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा मिलिंद और एमडी निधीश l

  • ‘बेबी बॉस’ पर BCCI की खास नजर, वैभव सूर्यवंशी समेत 10-15 युवा खिलाड़ियों का बनेगा भविष्य

    ‘बेबी बॉस’ पर BCCI की खास नजर, वैभव सूर्यवंशी समेत 10-15 युवा खिलाड़ियों का बनेगा भविष्य

    नई दिल्ली
    महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है. बोर्ड अब 'बेबी बॉस' के मौजूदा प्रदर्शन के बजाय उनके लंबे इंटरनेशनल करियर पर ध्यान दे रहा है. बीसीसीआई चाहता है कि वैभव अपनी प्रतिभा को सही दिशा में आगे बढ़ाएं और आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के लिए लगातार योगदान दें l  

    गुरुवार (3 सितंबर) को मुंबई में हुई बीसीसीआई की हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने वैभव के भविष्य को लेकर बोर्ड की सोच स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि बीसीसीआई इस युवा खिलाड़ी को बेहद गंभीरता से देख रहा है और उसके करियर के हर कदम पर नजर रखी जा रही है l  

    देवजीत सैकिया ने कहा, 'हम चाहते हैं कि वैभव सूर्यवंशी या उनके जैसे किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का करियर आगे बढ़े और वह सचिन तेंदुलकर या अतीत के दूसरे दिग्गज खिलाड़ियों की तरह लंबे समय तक देश की सेवा करें l  

    वैभव पर दबाव ना बने: सैकिया
    देवजीत सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड वैभव से तुरंत नतीजे हासिल करने के बजाय उनके विकास को प्राथमिकता दे रहा है. बीसीसीआई की कोशिश है कि कम उम्र में मिली सफलता के बाद वैभव पर जरूरत से ज्यादा दबाव ना आए और वह लगातार अपने खेल में सुधार करते रहें l

    देवजीत सैकिया कहते हैं, 'हम बहुत सावधानी बरत रहे हैं कि वह हर सही कदम आगे बढ़ाएं, ताकि यह सिर्फ एक सीरीज या एक साल की कहानी बनकर न रह जाए.'

    IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में जगह मिली. इसके बाद वैभव भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने. इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 151 रन बनाकर जोरदार वापसी की l

    घरेलू क्रिकेट में भी वैभव सूर्यवंशी का शानदार फॉर्म जारी है. दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में उन्होंने सेंट्रल जोन के खिलाफ 81 गेंदों में 92 रन बनाए. इस पारी के दौरान वह टूर्नामेंट के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने. दूसरी पारी में भी उन्होंने 40 रन बनाए और ईस्ट जोन को फाइनल में पहुंचाने में योगदान दिया l

    वैभव एक खास टागेट ग्रुप में
    बीसीसीआई की योजना केवल वैभव सूर्यवंशी तक सीमित नहीं है. देवजीत सैकिया के मुताबिक बोर्ड ने करीब 10-15 उभरते खिलाड़ियों को एक खास टारगेट ग्रुप में रखा है. इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट की लगातार निगरानी की जा रही है l

    देवजीत सैकिया ने बताया, 'हम सिर्फ वैभव को नहीं देख रहे हैं. हमारे टारगेट ग्रुप में करीब 10-15 खिलाड़ी हैं. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण उनके भविष्य, ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं. l

    वैभव सूर्यवंशी फिलहाल 13 सितंबर से शुरू होने वाली अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा हैं. इसके अलावा वह एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी शामिल हैं, जहां वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की भूमिका निभाएंगे l

  • Vaibhav Suryavanshi रचेंगे इतिहास! भारत में डेब्यू करते ही बनाएंगे बड़ा रिकॉर्ड, उम्र सिर्फ 15 साल

    Vaibhav Suryavanshi रचेंगे इतिहास! भारत में डेब्यू करते ही बनाएंगे बड़ा रिकॉर्ड, उम्र सिर्फ 15 साल

    मुंबई 

    अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है. टी-20 टीम में वैभव सूर्यवंशी का भी नाम है, हाल ही में वैभव ने इंग्लैंड दौरे पर टी-20 टीम में खेलकर भारत के लिए डेब्यू किया था. ऐसा कर वैभव भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने हैं. वैभव ने सचिन तेंदुलकर के सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था. तेंदुलकर ने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच 16 साल और 75 दिन की उम्र में खेला था. वहीं, वैभव ने साल 2026 में इग्लैंड के खिलाफ जब अपना पहला मैच खेला तो वैभव की उम्र 15 साल और 99 दिन थी। 

    अब एक बार फिर वैभव इतिहास रचने वाले हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज में जैसे ही वैभव कोई मैच खेलेंगे तो वह भारत में भारत की ओर से सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे. इस समय यह कारनामा पीयूष चावला के नाम है. पीयूष ने अपना डेब्यू भारत में ही खेलकर दिया था. पीयूष चावला ने जब अपना पहला मैच खेला था तो उनकी उम्र 17 साल और 75 दिन थी. पीयूष ने मोहाली में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेलकर अपना पहला मैच भारत में खेला था। 
     
    भारत में सबसे कम उम्र में पहला मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी

        पीयूष चावला 17 साल 75 दिन- मोहाली में, 9 मार्च, 2006 vs इंग्लैंड (टेस्ट) 
        हरभजन सिंह- 17 साल 265 दिन- बेंगलुरु, 25 मार्च 1998 vs ऑस्ट्रेलिया(टेस्ट)
        विजय मेहरा- 16 साल 265 दिन- मुंबई, 2 दिसंबर 1955 vs न्यूजीलैंड (टेस्ट)

    अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी*, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर*, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह*, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा