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  • 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की पढ़ाई होगी आसान, बिहार में लॉन्च हुआ ‘विद्या साथी’ ऐप; 24×7 मिलेगा शिक्षक सपोर्ट

    9वीं से 12वीं तक के छात्रों की पढ़ाई होगी आसान, बिहार में लॉन्च हुआ ‘विद्या साथी’ ऐप; 24×7 मिलेगा शिक्षक सपोर्ट

     पटना
    सम्राट सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए 'बिहार विद्या साथी' ऐप लॉन्च (Bihar Vidya Sathi App) किया है। 24 अगस्त को सीएम सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) ने पटना से इस ऐप का शुभारंभ किया और छात्रों ने ऐप का ट्रायल भी लिया।

    इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि छात्र अब फ्री में जेईई-नीट तक की तैयारी घर बैठे कर सकेंगे।

    चलिए अब इस ऐप के फीचर्स के बारे में आपको बताते हैं। इसी के साथ हम 'बिहार विद्या साथी' ऐप (Bihar Student Education App) को लेकर पूछे जा रहे तमाम सवालों के जवाब भी देंगे।

    1. इस ऐप से किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
    बिहार के 9वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए यह ऐप (Vidya Sathi App) लॉन्च किया गया है। कक्षा 9वीं-10वीं के विद्यार्थियों के लिए सभी विषयों में तथा कक्षा 11वीं-12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए लाइव ट्यूटर सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा।

    2- कितने छात्रों को मिलेगा लाभ?
    सरकार की इस योजना से राज्य के सभी 38 जिलों के लगभग 3 लाख छात्रों को सीधा फायदा होगा।

    3- कैसे मिलेगा लाभ?
        इस इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म (ऐप) पर छात्रों को डिजिटल स्टडी मटेरियल और AI-पावर्ड टूल्स मिलेंगे।
        छात्र अपनी सुविधानुसार शिक्षकों का चुनाव कर सकेंगे और उनसे 'वन-ऑन-वन' (डायरेक्ट) सवाल पूछ सकेंगे।

    4- क्या ऐप के लिए कोई शुल्क लगेगा?
    यह बिहार सरकार की एक पहल है, इसलिए छात्रों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क (फ्री) होगी। इसका कोई भी चार्ज नहीं लगेगा।

    5- क्या सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों को ऐप का एक्सेस मिलेगा?
        शुरुआत में नहीं। अभी इसे राज्य के 700 'सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों' के लिए लॉन्च किया गया है।
        मुख्यमंत्री के अनुसार, भविष्य में इसका विस्तार राज्य के अन्य स्कूलों में भी किया जाएगा।

    6- छात्र JEE-NEET की तैयारी भी कर सकेंगे
    इस ऐप पर सिर्फ बिहार बोर्ड का सिलेबस ही नहीं, बल्कि JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exam) की तैयारी के लिए भी डिजिटल मटेरियल और अनलिमिटेड प्रैक्टिस सेट उपलब्ध होंगे।

    7. शिक्षक 24×7 ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे
        छात्रों के डाउट सॉल्व करने के लिए लगभग 75,000 शिक्षक 24×7 (चौबीसों घंटे) उपलब्ध रहेंगे।
        छात्र कहीं से भी और कभी भी ऑनलाइन आकर अपने सवालों के जवाब पा सकेंगे।

    ऐप को लॉन्च करने का उद्देश्य
    बिहार सरकार के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके और उन्हें घर बैठे ही बेहतरीन शिक्षकों का मार्गदर्शन मिल सके।

    'बिहार विद्या साथी' ऐप का मूल मकसद है कि मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विद्यालय की पढ़ाई के अतिरिक्त 24 घंटे सातों दिन ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिले। इसके माध्यम से छात्र/छात्राएं मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की आसानी से तैयारी कर सकते हैं। – सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

     

  • बिहार में डिजिटल शिक्षा की नई पहल, 75 हजार शिक्षक देंगे ऑनलाइन सहयोग

    बिहार में डिजिटल शिक्षा की नई पहल, 75 हजार शिक्षक देंगे ऑनलाइन सहयोग

     पटना
     बिहार के विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने नई डिजिटल पहल शुरू की है।

    CM सम्राट चौधरी ने सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में 24×7 इंटरैक्टिव प्लेटफार्म 'बिहार विद्या साथी' का शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।

    'बिहार विद्या साथी' के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी और कहीं से भी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।

    3 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में राज्य के सभी 38 जिलों के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों को इस सुविधा से जोड़ा गया है। इससे करीब 3 लाख विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

    कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्लेटफार्म पर 24 घंटे लाइव शिक्षक उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थी अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार शिक्षक का चयन कर सकेंगे और वन-टू-वन संवाद के माध्यम से पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।

    75 हजार शिक्षक देंगे व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग
    'बिहार विद्या साथी' के तहत करीब 75 हजार शिक्षक विद्यार्थियों को व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराएंगे। कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए सभी विषयों की पढ़ाई में सहायता मिलेगी।

    वहीं, कक्षा 11वीं और 12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को लाइव ट्यूटर सपोर्ट के साथ बिहार बोर्ड, जेईई और नीट की तैयारी के लिए डिजिटल अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    AI टूल्स से बेहतर होगी कॉन्सेप्ट लर्निंग
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक AI टूल्स के माध्यम से विद्यार्थियों की कॉन्सेप्ट लर्निंग को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों को असीमित अध्ययन और अभ्यास की सुविधा भी मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि फिलहाल यह व्यवस्था 700 मॉडल विद्यालयों से शुरू की जा रही है। इसके अनुभव और परिणाम के आधार पर इसे आगे राज्य के अन्य विद्यालयों तक भी विस्तारित किया जाएगा।

    'जहां भी हों, सवाल का जवाब और शिक्षक का सहयोग साथ हो'
    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस डिजिटल प्लेटफार्म का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान होना चाहिए और ज्ञान व कौशल के माध्यम से उन्हें अपने जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

    उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी जहां भी हों, जब भी पढ़ें, उनके सवाल का जवाब और शिक्षक का सहयोग हमेशा उनके साथ हो।

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस प्लेटफार्म का उपयोग अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता मजबूत करने और अपने जीवन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए करें।

    छात्राओं ने दिया ऐप के इस्तेमाल का डेमो
    कार्यक्रम के दौरान 'बिहार विद्या साथी' ऐप पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर की छात्राओं जाह्नवी और जिया ने ऐप के इस्तेमाल का डेमो प्रस्तुत किया।

    उन्होंने प्लेटफार्म से मिलने वाली सुविधाओं और इसके लाभों के बारे में जानकारी दी और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एस.एम. समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।