Category: छत्तीसगढ़

  • विधायक ने गुणवत्ताहीन निर्माण को तुड़वाया

    विधायक ने गुणवत्ताहीन निर्माण को तुड़वाया

    सीतापुर.

    भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो कुछ दिनों से एक अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने क्षेत्र में जारी विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले और भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया हुआ है। विधायक टोप्पो मंगलवार को मैनपाट ब्लॉक के दौरे पर पहुंचे थे।

    इस दौरान गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य पाए जाने पर विधायक ने तत्काल उसे तुड़वाया और दोबारा निर्माण करने का आदेश जारी किया। इस दौरान विधायक टोप्पो ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि, निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह सीधे तौर पर क्षेत्र के विकास से जुड़ा मामला है।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, अपने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए विधायक रामकुमार टोप्पो ग्राम ग्राम करमहा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे चल रहे रिटर्निंग वॉल के निर्माण का निरीक्षण किया और रिटर्निंग वॉल की बारीकी से जांच की। दीवार के निर्माण में गुणवत्ता की कमी और घटिया सामग्री का उपयोग देखकर विधायक आक्रोशित हो गए। विधायक रामकुमार टोप्पो ने निरीक्षण के दौरान ही अधिकारियों को इस निर्माण कार्य को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से मानक स्तर पर बनाने का निर्देश दे दिया।

    रिटर्निंग वॉल के निरीक्षण के बाद विधायक टोप्पो ग्राम करमहा में ही सड़क पर बने एक नवनिर्मित पुल का निरीक्षण पहुंचे। इस दौरान उन्हें वहाँ भी खामियां नजर आई। विधायक रामकुमार टोप्पो ने पुल को भी तत्काल प्रभाव से तोड़कर दोबारा बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। विधायक टोप्पो के इस अवतार को देखे क्षेत्र के ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

     

  • भिलाई में सफाई कर्मचारी की बेटी से गैंगरेप, 7 साल तक कई बार मिटाई हवस, दो गिरफ्तार, 4 की तलाश जारी

    भिलाई में सफाई कर्मचारी की बेटी से गैंगरेप, 7 साल तक कई बार मिटाई हवस, दो गिरफ्तार, 4 की तलाश जारी

    भिलाई
     छतीसगढ़ से भिलाई से सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक सफाई कर्मचारी के बेटी के साथ गैंगरेप जैसे जघन्य घटना को अंजाम दिया दिया गया। करीब 7 साल तक आरोपियों ने युवती को अपनी हवस का शिकार बनाया और रेप करते रहे। पुलिस ने इस संगीन मामले में विभाग के दो कर्मचारी, होटल मैनेजर, ठेकेदार और सांसद कार्यालय में अटैच रहे कर्मचारी के साथ ही  6  आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है
    नियमित करने का झांसा देकर करके रहे दुष्कर्म

    दरअसल सरकारी कार्यालय में सफाई का काम करने वाली लड़की के साथ ये खेल खेला गया। लड़की को नियमित नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके साथ सालों तक हद पार की गई। सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभाग के ही दो कर्मचारियों, के साथ  होटल मैनेजर, ठेकेदार और सांसद कार्यालय में अटैच रहे कर्मचारी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

    आपको बता दें कि यह मामला अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 के बीच का है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के साथ जब ये शुरु हुआ तो वो नाबालिग थी और फिर कई साल तक ये चलता रहा । आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 65(1), 70(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और 12 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, जबकि बाकी चारों की तलाश अभी भी जारी है।
    लड़की का वीडियो बनाने का भी है आरोप

    पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि आरोपियों ने उसके अश्लील फोटो और वीडियो भी बनाए थे। इनको वायरल करने की धमकी दी जाती थी जिससे वो चुप रही। जानकारी के मुताबिक लड़की को आश्वासन दिया जाता रहा कि उसकी स्थायी नौकरी लगवाई जाएगी लेकिन इस दौरान शोषण होता रहा । जब स्थाई  नौकरी नहीं लगी तो उसने पूरी घटना अपनी मां को बताई। लिहाजा छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दो को गिरफ्तार कर लिया गया है, और बाकियों की तलाश जारी है।

  • रायपुर में धान खरीदी घोटाला, 104 बोरी को 850 बताकर समिति प्रभारी ने सरकार को 7 लाख का नुकसान पहुंचाया, FIR दर्ज

    रायपुर में धान खरीदी घोटाला, 104 बोरी को 850 बताकर समिति प्रभारी ने सरकार को 7 लाख का नुकसान पहुंचाया, FIR दर्ज

    रायपुर

    जिला रायपुर के उरला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हारी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में धान खरीदी के दौरान बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। समिति प्रभारी पर 850 बोरी धान की फर्जी एंट्री कर करीब सात लाख छह हजार 909 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में उरला थाने में आरोपित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कुम्हारी (पंजीयन क्रमांक 1383) में जनवरी 2025 से पदस्थ प्राधिकृत अधिकारी जागेश्वर प्रसाद वर्मा ने उरला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि समिति में ग्राम कुम्हारी, चिखली, पठारीडीह और कन्हेरा के किसानों से धान खरीदी की जाती है।

    धान खरीदी के दौरान बोरी की गिनती, पावती बनाना और रजिस्टर में एंट्री करने की जिम्मेदारी समिति प्रभारी कृष्णा साहू की थी, जबकि कंप्यूटर आपरेटर आनलाइन एंट्री कर किसानों के खातों में भुगतान करता है।

    नोडल अधिकारी की सूचना से खुलासा

    20 जनवरी 2026 को कंप्यूटर आपरेटर और शासन से नियुक्त नोडल अधिकारी श्रृंखला शर्मा (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी) ने लिखित सूचना दी कि समिति में 746 बोरी धान की हेराफेरी की गई है। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धरसींवा के प्रबंधक एवं विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में समिति के दस्तावेजों की जांच की गई।

    जांच के दौरान धान खरीदी पंजी, कैश बुक, हमाली पंजी, टोकन पर्ची और तौल पत्रक का मिलान किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

    104 की जगह 850 बोरी की एंट्री

    जांच में पाया गया कि किसान आलोक शर्मा केवल 104 बोरी धान (28 बोरी मोटा धान और 76 बोरी सरना धान) बिक्री के लिए लाया था, लेकिन समिति प्रभारी ने तौल पत्रक और रिकार्ड में 850 बोरी धान की एंट्री कर दी। इस फर्जी एंट्री के आधार पर किसान के खाते में 7,06,909.60 रुपये का भुगतान आनलाइन ट्रांसफर कर दिया गया।

    इससे समिति को 850 बोरी धान और सात लाख से अधिक की आर्थिक क्षति हुई।

    किसान और कर्मचारियों के बयान

    किसान आलोक शर्मा ने लिखित बयान में कहा कि उसने केवल 104 बोरी धान ही बेचा था और यदि खाते में अतिरिक्त राशि आई है तो वह राशि लौटाने को तैयार है। समिति में कार्यरत कर्मचारियों और हमालों के बयान भी हेराफेरी की पुष्टि करते हैं।

    समिति प्रभारी ने स्वीकार की गलती

    पूछताछ के दौरान आरोपित समिति प्रभारी कृष्णा साहू ने बयान में स्वीकार किया कि उससे 104 की जगह 850 बोरी की पावती दर्ज हो गई।

    इन धाराओं में मामला दर्ज

    उरला थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318 (4), 337, 338, 339 और 340 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक रामनाथ चंद्रवंशी को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, धान खरीदी प्रक्रिया में शामिल अन्य कर्मचारियों और बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

  • बजट से जनता को नहीं मिला लाभ: भूपेश बघेल बोले—इसीलिए शेयर बाजार हुआ धराशायी

    बजट से जनता को नहीं मिला लाभ: भूपेश बघेल बोले—इसीलिए शेयर बाजार हुआ धराशायी

    रायपुर

    केंद्रीय बजट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया भी आ गई है. उन्होंने इस बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि देश में इस बजट से किसी को कुछ नहीं मिला है, और छत्तीसगढ़ को अडानी के लिए छोड़ दिया गया है.

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि केंद्रीय बजट का प्रतिगामी असर दिखाई दे रहा है. न कृषि, ना उद्योग, न रोजगार और न ही मजदूरों के लिए इसमें कुछ है. यही वजह है कि शेयर मार्केट के साथ सब कुछ भी धराशाई हो गया है. मिडिल क्लास के लिए भी कुछ नहीं है. इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव नहीं किया गया है. शराब महंगी हो गई है और मछली सस्ता हो गया है, बस यही बजट में दिखा है. शराब की दुकानें बढ़ा दी, ऊपर से शराब महंगी हो गई. इसका मतलब अब अवैध शराब और बढ़ेगी.

    प्रदेश में डबल इंजन की सरकार धान खरीदी नहीं कर पाई. 31 तारीख निकल गई, किसान सड़कों पर थे. वहीं प्रदेश में धान खरीदी पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेता अपना बचत धान नहीं बेच पाए तो दूसरों का क्या ही होगा. मोदी खुद बोले थे कि ये मोदी की गारंटी है कि 31 सौ क्विंटल में सबका धान खरीद जाएगा, लेकिन किसी का धान बिक नहीं पाया. छोटे किसानों को समर्पण कराया गया, और बड़े किसानों को टोकन नहीं मिला, स्थिति यह है.

  • विकसित भारत की ओर निर्णायक पहल: केंद्रीय बजट 2026-27 पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया

    विकसित भारत की ओर निर्णायक पहल: केंद्रीय बजट 2026-27 पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।

    कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

    बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

    युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
    स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

    महिला सशक्तिकरण को नई दिशा

    लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।

    उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा

    देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

    कर सुधार और आम जनता को राहत

    आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।

    अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।