Category: छत्तीसगढ़

  • नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में विकास को नई गति, बड़े बोदल सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ

    नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में विकास को नई गति, बड़े बोदल सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ

    रायपुर

    नक्सलवाद से मुक्त बस्तर अंचल में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ गति दी जा रही है। शासन का लक्ष्य दूरस्थ एवं सड़क संपर्क से वंचित बसाहटों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

    इसी दिशा में जगदलपुर विकासखंड में PMGSY-IV के अंतर्गत कुल 9 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनकी कुल लंबाई 33.39 किलोमीटर है। इनमें ग्राम पंचायत बड़े बोदल का एल-139 (सुरनदवाड़ा रोड से बड़े बोदल) मार्ग भी शामिल है। उक्त सड़क की लंबाई 1.80 किलोमीटर तथा स्वीकृत लागत लगभग 192.06 लाख रुपये है। मौसम अनुकूल होते ही आज से मौके पर मशीनरी लगाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

    इस सड़क के निर्माण से बड़े बोदल सहित आसपास की दूरस्थ बसाहटों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी। स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों एवं ग्रामीणों को इसका विशेष लाभ होगा।

    नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर अंतिम छोर पर बसे गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना शासन की प्राथमिकता है। बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास के नए दौर की ओर अग्रसर है।

  • ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक दिखेगी छत्तीसगढ़ की विरासत और विकास की झलक

    ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक दिखेगी छत्तीसगढ़ की विरासत और विकास की झलक

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ की माटी की महक, लोकजीवन के रंग और विकास की उपलब्धियां ‘छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026’ में एक साथ जीवंत होंगी। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव प्रदेश की समृद्ध विरासत, जनसामर्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को समर्पित होगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ’‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’’ रखी गई है। विभागीय विकास प्रदर्शनियां, लोककला एवं शिल्प, राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना की सारंग टीम का रोमांचक एयर शो आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।

    राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री  मनसुख मांडविया होंगे। दूसरे दिन 2 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम राज्यपाल  रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह 3 नवंबर को समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    अटल जी के योगदान को नमन, विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

    पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय  अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। राज्योत्सव उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और राज्य निर्माण से जुड़ी जनआकांक्षाओं को सम्मान देने का अवसर होगा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका और संभावनाओं को भी आयोजन में रेखांकित किया जाएगा। महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने का संदेश राज्योत्सव की थीम को सार्थक बनाएगा।

    विकास प्रदर्शनियों में उपलब्धियों के साथ दिखेंगी भविष्य की संभावनाएं

    राज्य स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में होगा। यहां विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शिल्पग्राम और अन्य गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को प्रस्तुत किया जाएगा।

    विभागीय प्रदर्शनियों में शासन की प्रमुख योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास कार्यों की उपलब्धियों की झलक मिलेगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ मिशन जैसे विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनियां प्रदेश की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराएंगी। शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, शिल्प और कारीगरों के हुनर के विविध रूप देखने को मिलेंगे। राज्योत्सव के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

    सेंध लेक के आसमान में दिखेगा शौर्य और उड़ान कौशल का रोमांच

    राज्योत्सव का विशेष आकर्षण 2 नवंबर को सुबह 11 बजे से नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो होगा। पांच स्वदेशी ‘धु्रव’ हेलीकॉप्टरों के साथ टीम के पायलट सामूहिक उड़ान भरकर आकर्षक हवाई संरचनाओं और साहसिक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। मोर से प्रेरित रंग-सज्जा वाले हेलीकॉप्टरों की उड़ान और उनका सटीक तालमेल दर्शकों को रोमांचित करेगा।

    ग्रुप कैप्टन  अभिजीत कुमार के नेतृत्व वाली सारंग टीम में महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर सु अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर सु अक्षया भी शामिल हैं। यह प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के शौर्य, अनुशासन और उड़ान दक्षता के साथ स्वदेशी विमानन तकनीक की क्षमता का परिचय देगा।

    लोक संस्कृति और सुर-संगीत के नाम होंगी तीन सांस्कृतिक संध्याएं

    राज्योत्सव में तीनों दिन शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। शाम 4 बजे से स्थानीय कलाकार, शाम 7 बजे से राज्य स्तरीय कलाकार और रात 8 बजे से राष्ट्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। छत्तीसगढ़ के लोकगीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां उत्सव को यादगार बनाएंगी।

    1 नवंबर को पार्श्व गायिका सु पलक मुच्छल, 2 नवंबर को पार्श्व गायिका सु स्वस्ति मेहुल और 3 नवंबर को पार्श्व गायक  अभिजीत भट्टाचार्य अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

    जिला मुख्यालयों में भी झलकेगा राज्य निर्माण का गौरव

    प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनियों के साथ राज्योत्सव मनाया जाएगा। इन आयोजनों में स्थानीय संस्कृति और प्रतिभाओं के साथ शासन की योजनाओं तथा जिलों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। नवा रायपुर से लेकर जिला मुख्यालयों तक राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की साझा पहचान, सांस्कृतिक गौरव और विकास में जनभागीदारी का उत्सव बनेगा।

  • संस्कृति का गौरव, समृद्धि का संकल्प और विकास का उत्सव

    संस्कृति का गौरव, समृद्धि का संकल्प और विकास का उत्सव

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ की माटी की महक, लोकजीवन के रंग और विकास की उपलब्धियां ‘छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026’ में एक साथ जीवंत होंगी। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव प्रदेश की समृद्ध विरासत, जनसामर्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को समर्पित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ’‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’’ रखी गई है। विभागीय विकास प्रदर्शनियां, लोककला एवं शिल्प, राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना की सारंग टीम का रोमांचक एयर शो आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।

    राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया होंगे। दूसरे दिन 2 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 3 नवंबर को समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    अटल जी के योगदान को नमन, विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

    पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। राज्योत्सव उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और राज्य निर्माण से जुड़ी जनआकांक्षाओं को सम्मान देने का अवसर होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका और संभावनाओं को भी आयोजन में रेखांकित किया जाएगा। महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने का संदेश राज्योत्सव की थीम को सार्थक बनाएगा।

    विकास प्रदर्शनियों में उपलब्धियों के साथ दिखेंगी भविष्य की संभावनाएं

    राज्य स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में होगा। यहां विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शिल्पग्राम और अन्य गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को प्रस्तुत किया जाएगा।

    विभागीय प्रदर्शनियों में शासन की प्रमुख योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास कार्यों की उपलब्धियों की झलक मिलेगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ मिशन जैसे विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनियां प्रदेश की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराएंगी। शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, शिल्प और कारीगरों के हुनर के विविध रूप देखने को मिलेंगे। राज्योत्सव के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

    सेंध लेक के आसमान में दिखेगा शौर्य और उड़ान कौशल का रोमांच

     राज्योत्सव का विशेष आकर्षण 2 नवंबर को सुबह 11 बजे से नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो होगा। पांच स्वदेशी ‘धु्रव’ हेलीकॉप्टरों के साथ टीम के पायलट सामूहिक उड़ान भरकर आकर्षक हवाई संरचनाओं और साहसिक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। मोर से प्रेरित रंग-सज्जा वाले हेलीकॉप्टरों की उड़ान और उनका सटीक तालमेल दर्शकों को रोमांचित करेगा।

    ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व वाली सारंग टीम में महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर सुश्री अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर सुश्री अक्षया भी शामिल हैं। यह प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के शौर्य, अनुशासन और उड़ान दक्षता के साथ स्वदेशी विमानन तकनीक की क्षमता का परिचय देगा।

    लोक संस्कृति और सुर-संगीत के नाम होंगी तीन सांस्कृतिक संध्याएं

    राज्योत्सव में तीनों दिन शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। शाम 4 बजे से स्थानीय कलाकार, शाम 7 बजे से राज्य स्तरीय कलाकार और रात 8 बजे से राष्ट्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। छत्तीसगढ़ के लोकगीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां उत्सव को यादगार बनाएंगी।

    1 नवंबर को पार्श्व गायिका सुश्री पलक मुच्छल, 2 नवंबर को पार्श्व गायिका सुश्री स्वस्ति मेहुल और 3 नवंबर को पार्श्व गायक श्री अभिजीत भट्टाचार्य अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

    जिला मुख्यालयों में भी झलकेगा राज्य निर्माण का गौरव

    प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनियों के साथ राज्योत्सव मनाया जाएगा। इन आयोजनों में स्थानीय संस्कृति और प्रतिभाओं के साथ शासन की योजनाओं तथा जिलों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। नवा रायपुर से लेकर जिला मुख्यालयों तक राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की साझा पहचान, सांस्कृतिक गौरव और विकास में जनभागीदारी का उत्सव बनेगा।

  • केंद्रीय मंत्री  मनसुख मांडविया करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय करेंगे अध्यक्षता

    केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे अध्यक्षता

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली लोकपरंपराओं, जनजातीय जीवनशैली और कला-संगीत की अनुपम छटा के साथ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ कल 1 नवंबर से होने जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, लोककलाओं और परंपराओं का जीवंत संगम बनेगा। तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकार अपनी लोककलाओं का प्रदर्शन करेंगे, वहीं देश के प्रसिद्ध पार्श्व गायक और गायिकाएं अपनी प्रस्तुतियों से उत्सव की रौनक बढ़ाएंगे।

    राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में 1 नवंबर को शाम 6 बजे केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री  मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव और  विजय शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समारोह में प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

     राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को राज्यपाल  रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर विधायक  राजेश मूणत,  पुरंदर मिश्रा,  मोतीलाल साहू,  सुनील सोनी,  अनुज शर्मा और  इंद्र कुमार साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

      राज्योत्सव का समापन 3 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में होगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।

    पहले दिन पलक मुच्छल के सुरों से सजेगी राज्योत्सव की शाम

     राज्योत्सव के पहले दिन 1 नवंबर को मुख्य मंच पर शाम 5 बजे से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला प्रारंभ होगा। शाम 5 से 6 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार प्रादेशिक एवं राज्यस्तरीय लोकसंगीत की प्रस्तुतियां देंगे। शाम 6 बजे से रायपुर के कलाकार  अनुराग शर्मा अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। शाम 6.30 से 8 बजे तक उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। इसके बाद रात 8 बजे से बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सु पलक मुच्छल अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।

    दूसरे दिन ‘मैं अयोध्या हूं‘ नाट्य मंचन और स्वास्ति मेहुल की संगीतमय प्रस्तुति

    राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को कला और संस्कृति के विविध रंग देखने को मिलेंगे। शाम 6 से 7 बजे तक ‘मैं अयोध्या हूं‘ नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया जाएगा। यह प्रस्तुति भारतीय सांस्कृतिक चेतना और अयोध्या की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत को मंच पर अभिव्यक्त करेगी। शाम 7 से 8 बजे तक रायपुर के कलाकार  सुनील सोनी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद रात 8 बजे से बॉलीवुड पार्श्व गायिका सु स्वास्ति मेहुल के गीतों से राज्योत्सव का मंच गुंजायमान होगा।

    तीसरे दिन पद्म उषा बारले की लोक प्रस्तुति, अभिजीत भट्टाचार्य के गीतों से होगा समापन

      राज्योत्सव के अंतिम दिन 3 नवंबर को शाम 6 से 6.30 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे। शाम 6.30 से 7 बजे तक छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंथी कलाकार पद्म सु उषा बारले की प्रस्तुति विशेष आकर्षण होगी। शाम 7 से रात 9 बजे तक राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रात 9 बजे से बॉलीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक  अभिजीत भट्टाचार्य अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देंगे।

    शिल्पग्राम में तीन दिनों तक दिखेगी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अनुपम छटा

          राज्योत्सव के मुख्य मंच के साथ ही शिल्पग्राम में भी स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। शिल्पग्राम मंच पर प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। तीन दिनों में कुल 30 स्थानीय प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला, लोकसंगीत, नृत्य, नाट्य और विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। शिल्पग्राम में पंडवानी, पंथी, सुआ नृत्य, कथक, ओडिसी, लोकमंच, लोकगीत, भजन, सूफी संगीत, गजल, शास्त्रीय नृत्य और आदिवासी लोकसंगीत जैसी विविध विधाओं को स्थान दिया गया है। इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी कला के प्रदर्शन का व्यापक मंच मिलेगा और दर्शकों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता से परिचित होने का अवसर प्राप्त होगा।

    1 नवंबर को पंडवानी, लोकसंगीत और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां

    शिल्पग्राम में पहले दिन 1 नवंबर को लोकसंगीत एवं गिटार वादन के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। रायपुर के  शिवेन्द्र मंडावी लोकसंगीत एवं गिटार वादन प्रस्तुत करेंगे।  राजीव वास्तव का रिदम बैंड और  संतोष कुमार सिंहा का फ्यूजन बैंड भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। छत्तीसगढ़ की विश्वप्रसिद्ध पंडवानी गायन परंपरा को दुर्ग के  चेतन देवांगन और रायपुर की सु दुर्गा साहू अपनी प्रस्तुतियों से जीवंत करेंगे। सु अनुष्का सुल्ताना शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगी। दुर्ग की मती रजनी रजक लोकमंच एवं ढोलामारू की प्रस्तुति देंगी। बिलासपुर की कु. वंदिता साहू लोकसंगीत तथा सु पायल साहू लोकमंच की प्रस्तुति देंगी। इस प्रकार पहले दिन कुल नौ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी।

    2 नवंबर को ओडिसी, कथक, सुआ और पंडवानी की सांस्कृतिक छटा

           दूसरे दिन 2 नवंबर को शिल्पग्राम मंच पर 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। मती प्रसन्ना अवस्थी लोकसंगीत एवं नृत्य प्रस्तुत करेंगी। सु सुष्मिता दास ओडिसी नृत्य और दुर्ग की सु समप्रिया पूजा निषाद पंडवानी गाथा प्रस्तुत करेंगी। बिलासपुर के  अंकित निर्मलकर सूफी, गजल एवं सुगम गायन की प्रस्तुति देंगे। गरियाबंद की सु मिलवंतीन बाई सुआ नृत्य प्रस्तुत करेंगी। रायपुर की सु मेघा बोस ताम्रकार पारंपरिक लोकसंगीत से दर्शकों को परिचित कराएंगी। सु आंचल पाण्डेय कथक नृत्य, धमतरी की सु रुखमनी दीवान लोकमंच तथा  आदित्य मिश्रा बैंड की प्रस्तुति देंगे। मती विनीता त्रिपाठी कथक नृत्य और  तेजराम साहू लोकमंच की प्रस्तुति देंगे।

    3 नवंबर को पंथी, आदिवासी लोकनृत्य, भजन और कथक का संगम

      राज्योत्सव के अंतिम दिन 3 नवंबर को शिल्पग्राम मंच पर दस सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। रायपुर की सु आस्था भट्ट भजन गायन प्रस्तुत करेंगी। दुर्ग की मती आरती बारले पंथी नृत्य तथा कबीरधाम के  राकेश सेन लोकमंच की प्रस्तुति देंगे। रायपुर के  दिनेश कुमार जांगड़े पंथी नृत्य और सु पूर्णिमा साहू जसगीत एवं जगराता भजन प्रस्तुत करेंगी।  अभिषेक सोनकर आदिवासी लोकसंगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति देंगे। मती दीपाली पाण्डेय कथक समूह नृत्य,  वृद्धुमन वचस्पति भारती सूफी संगीत और सु अनुष्णा रॉय चौधरी कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी।  आनंदकुमार पाण्डेय की नाट्य प्रस्तुति भी कार्यक्रम का आकर्षण होगी।

    लोककलाकारों को मिलेगा व्यापक मंच, नई पीढ़ी होगी सांस्कृतिक विरासत से परिचित

    छत्तीसगढ़ राज्योत्सव केवल राज्य स्थापना दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकपरंपराओं और जनजातीय पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति में पंडवानी, पंथी, सुआ, लोकगीत और आदिवासी नृत्यों का विशेष स्थान है। ये विधाएं प्रदेश के सामाजिक जीवन, लोकआस्था, ऐतिहासिक परंपराओं और सामुदायिक चेतना की अभिव्यक्ति हैं। राज्योत्सव में इन विधाओं को प्रमुखता मिलने से सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहन मिलेगा।

     राज्योत्सव के माध्यम से प्रदेश की कला एवं संस्कृति की विशिष्ट पहचान को देशभर में पहुंचाने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन में पारंपरिक लोककलाओं और आधुनिक संगीत का संगम दर्शकों को विविध सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगा। नवा रायपुर का राज्योत्सव मैदान 1 से 3 नवंबर तक छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता, लोकजीवन और कला-संगीत के भव्य उत्सव का साक्षी बनेगा। यह आयोजन प्रदेशवासियों को अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने और छत्तीसगढ़ की विविधता में एकता का उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करेगा।

  • श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से साकार हुआ छत्तीसगढ़ राज्य का सपना : मुख्यमंत्री  साय

    श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से साकार हुआ छत्तीसगढ़ राज्य का सपना : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवम्बर के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 26 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गौरव का अवसर है। 

    मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ। पृथक राज्य के गठन से प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को नई पहचान मिली तथा विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धेय अटल जी के समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव अनेक मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। यह पहला राज्योत्सव है, जब छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प और डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का अविस्मरणीय योगदान है, जिसे प्रदेश सदैव कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करेगा।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प छत्तीसगढ़ के हर गांव में खुशहाली लाना, प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधनों और जनशक्ति के सामर्थ्य के साथ छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस का यह पावन अवसर अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर वर्ष 2047 तक एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें तथा इसे साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

  • उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिव्यांग धनीराम यादव को प्रदान की स्कूटी, आवागमन होगा आसान

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिव्यांग धनीराम यादव को प्रदान की स्कूटी, आवागमन होगा आसान

    रायपुर

    दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संवेदनशील पहल करते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने विधायक कार्यालय में ग्राम अचानकपुर निवासी दिव्यांग  धनीराम यादव को स्कूटी प्रदान की।  यादव आवास मित्र के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्कूटी मिलने से अब उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में आवागमन करने तथा दैनिक कार्यों के संपादन में काफी सुविधा मिलेगी।

     उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने  धनीराम यादव को स्कूटी प्रदान करते हुए कहा कि दिव्यांगजन भी समाज के अभिन्न अंग हैं। उनकी क्षमता, प्रतिभा और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। सरकार दिव्यांगजनों के सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ऐसे प्रयासों का उद्देश्य दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम बनाना और उन्हें बिना किसी बाधा के अपने कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

     उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति को सुविधा उपलब्ध कराना केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर प्रदान करना भी है। स्कूटी मिलने से  यादव को अपने कार्यों को अधिक सहजता और सुविधाजनक तरीके से करने में मदद मिलेगी। स्कूटी प्राप्त होने पर  धनीराम यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्कूटी मिलने से उनके दैनिक आवागमन की परेशानी कम होगी और आवास मित्र के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करने में भी सहूलियत मिलेगी। यह सहयोग उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

  • छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के रोड शो में 30 पर्यटन हितधारकों और गुजरात के 148 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों की भागीदारी, दोनों राज्यों के बीच पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने पर बनी सहमति

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के रोड शो में 30 पर्यटन हितधारकों और गुजरात के 148 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों की भागीदारी, दोनों राज्यों के बीच पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने पर बनी सहमति

    रायपुर 

     छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों और जनजातीय परंपराओं को देशभर के पर्यटकों तक पहुंचाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के सहयोग से गुजरात के अहमदाबाद स्थित होटल हयात रीजेंसी में भव्य पर्यटन रोड शो का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने गुजरात और छत्तीसगढ़ के पर्यटन व्यवसायियों के बीच व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने के साथ ही पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

    रोड शो में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के 30 पर्यटन हितधारकों तथा गुजरात के 148 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों ने भागीदारी की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गुजरात के पर्यटन व्यवसायियों, यात्रा संचालकों और संभावित निवेशकों को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक पर्यटन केंद्रों, प्राकृतिक आकर्षणों तथा पर्यटन क्षेत्र में विकसित की जा रही नई सुविधाओं और संभावनाओं से परिचित कराना था।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे तथा गुजरात पर्यटन निगम की प्रतिनिधि सु अंकिता परमार की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के उप महाप्रबंधक  पुष्पेन्द्र शर्मा एवं सु पूनम शर्मा सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    चंपारण के धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

    रोड शो का एक प्रमुख आकर्षण महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मभूमि चंपारण को केंद्र में रखकर तैयार की गई पर्यटन विस्तार की रणनीति रही। छत्तीसगढ़ का चंपारण गुजरात के श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में गुजराती श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को व्यापक पर्यटन अवसर में बदलने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने विशेष पहल की है।

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे ने कार्यक्रम में विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए गुजरात के पर्यटन व्यवसायियों को बताया कि चंपारण दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं को राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों से किस प्रकार जोड़ा जा सकता है। उन्होंने चंपारण के साथ सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक महत्ता, बस्तर की अनूठी जनजातीय संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात और प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन गंतव्यों को शामिल करते हुए आकर्षक पर्यटन यात्रा कार्यक्रम विकसित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

    इस पहल का उद्देश्य गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को केवल एक धार्मिक स्थल तक सीमित न रखकर उन्हें छत्तीसगढ़ की विविध पर्यटन संपदाओं से परिचित कराना है। इससे पर्यटकों के प्रदेश में अधिक समय तक ठहरने, स्थानीय पर्यटन सेवाओं का उपयोग बढ़ने तथा होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं हैं।

    30 पर्यटन हितधारकों और 148 यात्रा संचालकों के बीच व्यावसायिक बैठकें, पर्यटन पैकेज और साझेदारी पर चर्चा

    रोड शो के दौरान छत्तीसगढ़ और गुजरात के पर्यटन व्यवसायियों के बीच आयोजित व्यावसायिक बैठकों में उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिली। इन बैठकों में दोनों राज्यों के पर्यटन हितधारकों ने आपसी सहयोग, संयुक्त पर्यटन पैकेज तैयार करने, यात्रा मार्ग विकसित करने, पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने तथा पर्यटन सेवाओं के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

    गुजरात के टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं, प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही गुजरात के पर्यटकों की रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष पर्यटन पैकेज विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    इन बैठकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन सेवा प्रदाताओं को गुजरात के पर्यटन बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। इससे भविष्य में दोनों राज्यों के पर्यटन व्यवसायियों के बीच दीर्घकालिक व्यावसायिक संबंध स्थापित होने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन गंतव्यों तक अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

    पर्यटन निवेश की संभावनाओं पर निवेशकों से संवाद, छत्तीसगढ़ में नए अवसरों की जानकारी

    रोड शो के साथ एक विशेष निवेशक बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें गुजरात के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संभावित निवेशकों के साथ छत्तीसगढ़ में पर्यटन निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, पर्यटन अधोसंरचना के विकास और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

    निवेशकों को छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन संपदाओं के बारे में जानकारी देते हुए प्रदेश में पर्यटन आधारित व्यवसायों के विस्तार की संभावनाओं से अवगत कराया गया। इस संवाद से भविष्य में पर्यटन सुविधाओं के विकास, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति ने मोहा गुजरात के अतिथियों का मन

    रोड शो के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। प्रदेश की लोककलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों और पर्यटन व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अतिथियों ने सराहना की। इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने न केवल अपनी पर्यटन संभावनाओं को प्रस्तुत किया, बल्कि अपनी जीवंत लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की प्रभावशाली झलक भी गुजरात के पर्यटन जगत के सामने रखी।

    मीडिया संवाद में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास और नई पहलों की जानकारी साझा

    आयोजन के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के साथ भी विशेष संवाद किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों, पर्यटन क्षेत्र में संचालित नई पहलों, धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं तथा गुजरात के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ से जोड़ने की रणनीति की जानकारी साझा की गई।

    मीडिया प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं और दोनों राज्यों के बीच पर्यटन संबंधों को बढ़ावा देने के इस प्रयास में विशेष रुचि दिखाई। इस संवाद के माध्यम से गुजरात में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रदेश की सकारात्मक पर्यटन छवि को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।

    गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन साझेदारी का नया अध्याय

    अहमदाबाद में आयोजित यह रोड शो छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। गुजरात के पर्यटन व्यवसायियों, यात्रा संचालकों और निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी ने दोनों राज्यों के बीच पर्यटन सहयोग की संभावनाओं को नई मजबूती प्रदान की है।

    विशेष रूप से चंपारण से जुड़े धार्मिक पर्यटन को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ के अन्य पर्यटन स्थलों तक गुजराती पर्यटकों की पहुंच बढ़ाने की रणनीति आने वाले समय में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय, स्थानीय रोजगार, होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का यह प्रयास प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश के प्रमुख पर्यटन बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है। अहमदाबाद रोड शो से विकसित हुए नए संपर्क और व्यावसायिक संबंध भविष्य में गुजरात से छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तथा प्रदेश को एक आकर्षक और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगे।

  • ‘वोकल फॉर लोकल’ का दिया संदेश, पंडरी बाजार में स्थानीय विक्रेताओं से खरीदे मिट्टी के दीये

    ‘वोकल फॉर लोकल’ का दिया संदेश, पंडरी बाजार में स्थानीय विक्रेताओं से खरीदे मिट्टी के दीये

    रायपुर

    दीपावली का पर्व घरों को रोशन करने के साथ दूसरों के जीवन में खुशियां लाने का भी अवसर है। इसी भावना को साकार करते हुए प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने आज राजधानी रायपुर के पंडरी बाजार में स्थानीय विक्रेताओं से मिट्टी के दीये खरीदकर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दिया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों और छोटे व्यापारियों के उत्पादों को प्राथमिकता देकर उनकी आजीविका को मजबूत बनाने में सहभागी बनें।
             मंत्री  वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब हम स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं, तो केवल वस्तु नहीं, बल्कि उसके पीछे जुड़ी मेहनत, हुनर और परिवार की उम्मीदों को भी सम्मान देते हैं। हमारी छोटी-सी खरीदारी किसी जरूरतमंद परिवार के लिए त्योहार की बड़ी खुशी बन सकती है।

    मंत्री  वर्मा ने कहा कि मिट्टी के दीये भारतीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव के प्रतीक हैं। दीपावली पर इनका उपयोग हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ पारंपरिक कुम्हार व्यवसाय को प्रोत्साहित करता है। स्थानीय शिल्पकारों के हाथों से तैयार वस्तुओं में छत्तीसगढ़ की लोककला और मिट्टी की खुशबू समाहित है।

     राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्थानीय वस्तुओं की मांग बढ़ने से छोटे व्यवसायियों को आर्थिक संबल मिलेगा और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण को गति मिलेगी। कुम्हार और छोटे दुकानदार त्योहारों के दौरान अच्छी बिक्री की उम्मीद रखते हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक वर्ग को उनकी मेहनत का सम्मान करते हुए स्थानीय बाजारों से खरीदारी करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और परिवारों से मिट्टी के दीये, पूजा सामग्री, सजावटी वस्तुएं तथा हस्तशिल्प उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।

    प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि इस पर्व पर हम सभी संकल्प लें कि अपने घर के साथ मेहनतकश परिवारों के जीवन में भी खुशियों का उजाला फैलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दीपावली जलने वाला हर मिट्टी का दीया केवल हमारे घर को रोशन न करे, बल्कि उसे बनाने वाले कुम्हार के घर में भी समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। यही ‘वोकल फॉर लोकल’ की सच्ची भावना और दीपावली का सार्थक संदेश है।

  • लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री  विजय शर्मा

    लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री विजय शर्मा

    रायपुर

    लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी, माना में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने परेड की सलामी ली, मार्च पास्ट का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

        उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर अखंड भारत की आधारशिला रखी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का एकीकरण नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति विश्वास, समर्पण और साझा जिम्मेदारी की भावना का निर्माण भी है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।

    नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता, बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। एक समय देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। आज केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद जगी है। हमारे वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बस्तर में शांति स्थापना की मजबूत आधारशिला रखी है। यह सफलता केवल सुरक्षा बलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर की जनता के विश्वास, सहयोग और शांति की आकांक्षा का भी परिणाम है।

          गृह मंत्री  शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर के प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर पहुंचाना है। बस्तर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बस्तर के नागरिक केवल विकास योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के शांतिपूर्ण, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य के प्रमुख भागीदार हैं।

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस अखंड, सशक्त और एकजुट भारत का स्वप्न देखा था, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम सभी शांति, सुरक्षा, सामाजिक समरसता और विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने का संकल्प लें।

    उप मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, छायाचित्र प्रदर्शनी का किया अवलोकन

     राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों की स्मृति में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद जवानों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया। प्रदर्शनी में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस बल की कार्यप्रणाली, जवानों के शौर्य, साहस और बलिदान के साथ पुलिस विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि बस्तर में स्थापित हो रही शांति के पीछे हमारे वीर जवानों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले शहीदों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

    गुजरात के एकता नगर में छत्तीसगढ़ के वीर जवानों ने दिखाया शौर्य, अनुशासन और पराक्रम

    समारोह के दौरान गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के सीधे प्रसारण का भी सामूहिक अवलोकन किया गया। इस राष्ट्रीय परेड में वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवानों ने अपने अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया।

    इस ऐतिहासिक परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने भी भाग लेकर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के डीएसपी  बृज किशोर यादव ने टू-आईसी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। डीएसपी सु अमृता पैंकरा के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो, डीएसपी  कुलदीप बंजारे के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) तथा डीएसपी  ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवानों ने मार्च पास्ट में भाग लिया। नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन बलों की राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का अवसर रही।

    नाट्य मंचन में जीवंत हुई नक्सलवाद के विरूद्ध संघर्ष से शांति और विकास तक की यात्रा

    राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और शांति स्थापना की यात्रा पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। नाट्य मंचन में नक्सलवाद के उदय, उसके कारण उत्पन्न परिस्थितियों, सुरक्षा बलों के साहसिक अभियानों, वीर जवानों के बलिदान तथा जनता की भावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें छतीसगढ़ के बस्तर के युवा भी कलाकार के रूप में शामिल हुए। प्रस्तुति के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद के भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ने की यात्रा को जीवंत किया गया। उपस्थित जनसमूह ने इस भावपूर्ण प्रस्तुति की सराहना की। माना पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

    इस अवसर पर विधायक  सुनील सोनी एवं  मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  प्रदीप गुप्ता एवं  अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक  अंकित गर्ग सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, शहीद जवानों के परिजन, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

  • CG में नगरीय प्रशासन विभाग की तबादला सूची जारी, 31 अक्टूबर को 100 कर्मचारियों का ट्रांसफर

    CG में नगरीय प्रशासन विभाग की तबादला सूची जारी, 31 अक्टूबर को 100 कर्मचारियों का ट्रांसफर

    रायपुर
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 100 अधिकारियों-कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। यह आदेश 31 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है।

    100 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले
    विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार तबादला सूची में 53 मुख्य नगर पालिका अधिकारी और 24 अभियंता शामिल हैं। इसके अलावा 5 लेखापालों, 4 स्वास्थ्य निरीक्षकों, 4 भृत्यों, 3 कैशियर्स, 3 सहायक ग्रेड-3 तथा एक-एक स्टेनोग्राफर, सहायक राजस्व निरीक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर और वाहन चालक का भी तबादला किया गया है। इस बड़े फेरबदल से नगरीय निकायों में कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।

    तबादला सूची में 53 CMO और 24 अभियंता शामिल
    विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कुल 100 कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं. इनमें सबसे अधिक 53 मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और 24 अभियंताओं के नाम शामिल हैं। 

    इसके अलावा 5 लेखापाल, 4 स्वास्थ्य निरीक्षक, 4 भृत्य, 3 कैशियर और 3 सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों का भी स्थानांतरण किया गया है. वहीं एक-एक स्टेनोग्राफर, सहायक राजस्व निरीक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर और वाहन चालक को भी नई पदस्थापना दी गई है। 

    इस प्रशासनिक बदलाव के बाद प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा. माना जा रहा है कि इससे स्थानीय निकायों के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। 

    तीन निलंबित मुख्य नगर पालिका अधिकारी बहाल
    तबादलों के साथ विभाग ने तीन निलंबित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी बहाल करने का आदेश जारी किया है. इनमें विकास पाटले, विष्णु प्रसाद यादव और जफर खान शामिल हैं। 

    बहाली के बाद तीनों अधिकारियों को अलग-अलग नगरीय निकायों में पदस्थ किया गया है.

        विकास पाटले: नगर पालिका दल्ली राजहरा

        विष्णु प्रसाद यादव: नगर पंचायत वाड्रफनगर

        जफर खान: नगर पंचायत बिलाईगढ़

    विभागीय जांच पर नहीं पड़ेगा असर
    विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तीनों अधिकारियों की बहाली के बावजूद उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी. उनके निलंबन की अवधि के संबंध में फैसला भी जांच के गुण-दोष और उसके निष्कर्षों के आधार पर अलग से लिया जाएगा। 

    इस तरह विभाग ने एक ओर बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं, वहीं दूसरी ओर तीन अधिकारियों को नई पदस्थापना देकर काम पर वापस लाने का रास्ता भी साफ किया है। 

    तीन निलंबित CMO बहाल
    नगरीय प्रशासन विभाग ने 3 मुख्य नगर पालिका अधिकारियों सर्वश्री विकास पाटले, विष्णु प्रसाद यादव और जफर खान के विरुद्ध विभागीय जांच को जारी रखते हुए निलंबन से बहाल किया है। इन्हें क्रमशः दल्ली राजहरा नगर पालिका, वाड्रफनगर नगर पंचायत और बिलाईगढ़ नगर पंचायत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है।