महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा पर सख्ती, 105 फूड कारोबारियों पर कार्रवाई; मुंबई के 28 प्रतिष्ठान भी शामिल

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 मुंबई
दिवाली के त्योहार से पहले महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाते हुए 105 फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं. इस कार्रवाई में कई बड़े फूड ब्रांड और क्विक कॉमर्स कंपनियां भी शामिल हैं। 

FDA ने 4 और 5 नवंबर को राज्यभर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया था. इस दौरान अकेले मुंबई में 28 फूड बिजनेस लाइसेंस निलंबित किए गए. कार्रवाई की जद में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म झेपटो के वर्ली आउटलेट और ब्लिंकिट(Blink Commerce Pvt Ltd) भी आए हैं. इसके अलावा बिरयानी बाय किलो, टॉसिन पिझा के वर्ली आउटलेट और जंबो बर्गर जैसे फूड आउटलेट्स पर भी कार्रवाई की गई है। 

खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए FDA ने महाराष्ट्र में सात प्रतिष्ठानों को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है. इनमें पुणे के तीन, अमरावती के दो और मुंबई व कोंकण क्षेत्र के एक-एक प्रतिष्ठान शामिल हैं. मुंबई के बोरीवली स्थित राजधानि बिरयानी सेंटर को FSSAI नियमों के उल्लंघन के चलते बंद करने का आदेश दिया गया है। 

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर ने आउटलेट को दी चेतावनी
वहीं, नागपुर के कामठी रोड स्थित D-Mart आउटलेट पर भी कार्रवाई हुई. यहां लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया. दिवाली से पहले चलाए गए इस अभियान में FDA ने 69 से अधिक प्रतिष्ठानों से 1.35 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य का खाद्य स्टॉक जब्त किया है. अधिकारियों को इस स्टॉक के असुरक्षित या मिलावटी होने का संदेह है. इसके अलावा प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान तीन FIR दर्ज की गईं. मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और दो वाहनों को भी जब्त किया गया। 

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने साफ चेतावनी दी है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री से किसी व्यक्ति की मौत होने की स्थिति में कानून के तहत आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले FDA की इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। 

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