पंजाबराज्य

नशा तस्करी के खिलाफ चंडीगढ़ में बड़ा एक्शन, 58 हॉटस्पॉट पर होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़.

चंडीगढ़ में अब ड्रग तस्करों की खैर नहीं। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई दोनों को और सख्त किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशा तस्करों पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं।

चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में नशे की रोकथाम को लेकर हुई बैठक में प्रशासक ने शहर में नशे की सप्लाई और बिक्री रोकने को पहली प्राथमिकता बनाने के आदेश दिए। बैठक में पुलिस अफसरों की ओर से बताया गया कि शहर में नशे की बिक्री या इस्तेमाल की शिकायत वाले 58 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस की नजर है। इसके अलावा पहले नशे से जुड़े मामलों में शामिल रहे आरोपितों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कई चिह्नित नशा तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है और कई न्यायिक हिरासत में हैं।

सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस
प्रशासक ने पुलिस को नशे की सप्लाई करने वालों, पेडलरों और नशा बेचने या इस्तेमाल होने वाले स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ साइबर विशेषज्ञ, कानूनी विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई।

बीट सिस्टम मजबूत होगा, लापरवाही पर कार्रवाई
कटारिया ने थानों के बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त और अचानक निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल स्टोरों की भी होगी निगरानी
नशे की रोकथाम के लिए मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, जिनमें नशे की लत लगाने वाले या नियंत्रित पदार्थ होते हैं और जो बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के बेची जा सकती हैं।

जनता बनेगी पुलिस की ‘आंख और कान’
बैठक में नशे से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने के लिए गोपनीय और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत ऐसा सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग नशे की बिक्री या संदिग्ध नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दे सकें। इसका उद्देश्य जनता को पुलिस की ‘आंख और कान’ के रूप में जोड़ना है।

नशामुक्ति के लिए परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास तथा परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button