
गुरुग्राम
गुरुग्राम में सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। इस एलिवेटेड रोड के निर्माण से द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे आपस में जुड़ जाएंगे। इससे दिल्ली से मुंबई आवागमन आसान हो जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से इसके लिए अगले सप्ताह तक टेंडर जारी कर दिए जाने की उम्मीद है।
जीएमडीए ने पिछले महीने करीब 775 करोड़ रुपये के टेंडर दस्तावेज बनाकर हरियाणा सरकार को भेजे थे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से गठित इंफ्रास्ट्रक्चर एवं इंजीनियरिंग कमेटी इन टेंडर दस्तावेजों की जांच कर रही है। उम्मीद है कि तीन से चार दिन के अंदर इन दस्तावेज को मंजूरी मिल जाएगी। इसके तुरंत बाद जीएमडीए की तरफ से इस एलिवेटेड रोड के निर्माण के टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। मार्च में जारी हुए टेंडर को डीपीआर में कमी की वजह से इस टेंडर को रद्द कर दिया था। टेंडर आवंटन के 30 महीने के अंदर यह परियोजना पूरी होगी।
चार लेन का बनेगा एलिवेटेड रोड
द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर हाईवे से गुरुग्राम-सोहना हाईवे की तरफ चार-चार लेन का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। एलिवेटेड रोड के नीचे एसपीआर पर तीन-तीन लेन की मुख्य सड़क और दो-दो लेन की सर्विस रोड तैयार होगी।
क्लोवरलीफ भी बनेगा
एलिवेटेड रोड को गुरुग्राम-सोहना हाईवे के एलिवेटेड रोड से जोड़ने के लिए वाटिका चौक पर क्लोवरलीफ तैयार किया जाएगा। अगले दो सप्ताह के अंदर एस्टीमेट बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद टेंडर दस्तावेज को मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार के पास भेजा जाएगा।
गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की डीपीआर बन रही
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने के लिए गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर भी एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना है। जीएमडीए ने डीपीआर तैयार करने के लिए एक कंपनी को टेंडर आवंटित किया है। अगले दो माह में डीपीआर तैयार हो जाएगी, जिसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा।
प्रवीण चौधरी, मुख्य अभियंता, जीएमडीए, ''एसपीआर पर एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए टेंडर दस्तावेज तैयार हैं। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। अगले सप्ताह में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। ‘’
गुरुग्राम में हरित क्षेत्र का होगा रखरखाव
इसके साथ ही जीएमडीए ने गुरुग्राम में बख्तावर चौक से लेकर सुभाष चौक तक मुख्य सड़क के दोनों तरफ हरित क्षेत्र के रखरखाव की योजना बनाई है। इसके तहत करीब तीन करोड़ रुपये की लागत आएगी। अगले महीने में इस योजना के तहत टेंडर जारी हो जाएगा। ठेकेदार को चार महीने के अंदर काम पूरा करना होगा। 12 महीने तक देखरेख की जिम्मेदारी ठेकेदार की रहेगी।



