Category: छत्तीसगढ़

  • जमीनी ताकत से जीत का संकल्पः नई लेदरी में कांग्रेस ने भरी हुंकार, मजबूत संगठन के लिए बना एक्शन प्लान

    जमीनी ताकत से जीत का संकल्पः नई लेदरी में कांग्रेस ने भरी हुंकार, मजबूत संगठन के लिए बना एक्शन प्लान

    जमीनी ताकत से जीत का संकल्पः नई लेदरी में कांग्रेस ने भरी हुंकार, मजबूत संगठन के लिए बना एक्शन प्लान

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    राजनीतिक मजबूती का असली आधार केवल पद नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की ऊर्जा होती है – इसी सोच के साथ नगर पंचायत नई लेदरी में कांग्रेस ने संगठन को नई धार देने का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को आयोजित अहम बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि अब हर मंडल और हर बूथ पर मजबूत, जागरूक और सक्रिय टीम तैयार की जाएगी।

    बैठक में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष विष्णु दास ने स्पष्ट कहा कि संगठन निर्माण का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि हर स्तर पर ऐसी टीम खड़ी करना है जो जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सक्रिय नहीं होंगे, तब तक संगठन की असली ताकत सामने नहीं आ पाएगी।

    मंडल अध्यक्ष राजाराम कोल की उपस्थिति में हुई इस बैठक में संगठन की मजबूती को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस को क्षेत्र में और सशक्त बनाने के लिए बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाना बेहद जरूरी है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपने और नियमित संवाद बनाए रखने की रणनीति तैयार की गई।

    बैठक में सांसद प्रतिनिधि मकबूल अख्तर, हसदेव मंडल प्रभारी लक्ष्मी दास, मंडल सचिव राम भजन, नेता प्रतिपक्ष विकास दीवान, ब्लॉक उपाध्यक्ष शंभु घोष सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्षद अनामिका, अजय लाल, रानी मैना, शेखर टंडन, अंकित खरे, अमर पाव और अन्य कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

    इस बैठक के माध्यम से कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिया है कि अब संगठन को कागजों से निकालकर जमीनी हकीकत में उतारने की तैयारी शुरू हो चुकी है। मजबूत रणनीति और सक्रिय टीम के सहारे पार्टी आने वाले समय में क्षेत्र में
    अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।

  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उम्मीद की नई किरण: पक्के घर से सम्मानजनक जीवन की शुरुआत

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उम्मीद की नई किरण: पक्के घर से सम्मानजनक जीवन की शुरुआत

    नक्सल क्षेत्र में उम्मीद की नई किरण, पक्का घर बना सम्मानजनक जीवन का आधार

    रायपुर
    बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत धर्मावरम ग्राम से एक सकारात्मक बदलाव की कहानी सामने आई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास की नई तस्वीर बयान करती है। कभी नक्सल प्रभावित यह इलाका अब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकास की मुख्यधारा से जुड़ता दिखाई दे रहा है।

    इसी परिवर्तन की मिसाल हैं 60 वर्षीय श्रीमती गुण्डी बुचम्मा, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे एवं खपरैल वाले मकान में कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन व्यतीत किया। बारिश के मौसम में घर की छत से पानी टपकना, असुरक्षा और असुविधा उनके जीवन का हिस्सा था। किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का मकान प्राप्त हुआ है, जिसने उनके जीवन में एक नया आत्मविश्वास और सुरक्षा प्रदान की है। 

    यह पक्का मकान उनके लिए केवल एक आवास नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और स्थायित्व का प्रतीक बन गया है। उनके पुत्र जगत बुचम्मा के अनुसार, अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और दैनिक जीवन में काफी सुविधा महसूस कर रहा है।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में नक्सल प्रभाव के कारण विकास कार्य बाधित होते थे, लेकिन वर्तमान में प्रशासन की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने से योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हुआ है। शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं, जिससे आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।

    धर्मावरम की यह कहानी केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते बीजापुर की तस्वीर है, जहां अब भय और असुरक्षा की जगह विकास, विश्वास और उम्मीद ने ले ली है। शासन की सतत पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की यह प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है।

  • एक जिला एक उत्पाद योजना से आई नई उम्मीद, अदरक की खेती से दोगुना मुनाफा

    एक जिला एक उत्पाद योजना से आई नई उम्मीद, अदरक की खेती से दोगुना मुनाफा

    एक जिला एक उत्पाद योजना से बदली तस्वीर
    अदरक की खेती से दोगुना मुनाफा कमाया

    रायपुर
     सरकार की “एक जिला एक उत्पाद” योजना अब धरातल पर किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी क्रम में बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम बघमरा के युवा प्रगतिशील किसान श्री आकाश चंद्राकर ने अदरक की खेती के माध्यम से सफलता की एक नई मिसाल प्रस्तुत की है। पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ते हुए आकाश चंद्राकर ने “एक जिला एक उत्पाद” योजना से प्रेरित होकर अपने लगभग ढाई एकड़ खेत में अदरक की खेती की शुरुआत की। वैज्ञानिक पद्धतियों और बेहतर प्रबंधन के साथ की गई इस खेती से उन्हें उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त हुआ। साथ ही बाजार में अदरक की अच्छी मांग के कारण उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिला, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    किसानों को प्रोत्साहित करने और खेती की लागत को कम करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत आकाश चंद्राकर को लगभग 49 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें आधुनिक कृषि संसाधन जुटाने, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं तकनीकों का उपयोग करने में सहायता मिली, जिसका सीधा लाभ उत्पादन और गुणवत्ता में दिखाई दिया।

    आकाश चंद्राकर बताते हैं कि अदरक की खेती उनके लिए समृद्धि का नया द्वार बनकर आई है। शासन से प्राप्त अनुदान ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें बेहतर उत्पादन हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।

    “एक जिला एक उत्पाद” के अंतर्गत अदरक को चयनित किए जाने के बाद जिले के अन्य किसान भी इस नगदी फसल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पारंपरिक फसलों की तुलना में अदरक से प्राप्त अधिक शुद्ध लाभ ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। जिला प्रशासन बालोद और उद्यानिकी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सलाह एवं अनुदान से खेती अब घाटे का सौदा नहीं, बल्कि लाभ का माध्यम बनती जा रही है।

    श्री चंद्राकर ने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन की इस पहल से बालोद जिला अदरक उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

  • संघर्ष और भटकाव के बाद मनकू कड़ती की एक नई यात्रा की शुरुआत

    संघर्ष और भटकाव के बाद मनकू कड़ती की एक नई यात्रा की शुरुआत

    संघर्ष और भटकाव के बाद मनकू कड़ती की नई शुरुआत

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में बदलाव की कई कहानियां उभर रही हैं। इन्हीं में से एक कहानी है बीजापुर जिले के छोटे से गांव चेरली के युवक मनकू कड़ती की, जिनका जीवन संघर्ष, भटकाव और फिर सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण बनकर सामने आया है।

    बीजापुर जिले के चेरली गांव में जन्मे मनकू कड़ती का बचपन बेहद कठिन परिस्थितियों में बीता। गरीबी, असुरक्षा और सीमित संसाधनों के बीच उनका परिवार लगातार चुनौतियों से जूझता रहा। पारिवारिक स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई, जब उनके पिता को जेल जाना पड़ा। इस घटना ने मनकू के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला और उनका बचपन अभाव और अस्थिरता के माहौल में बीता।

    इन्हीं परिस्थितियों और नकारात्मक माहौल के प्रभाव में मनकू धीरे-धीरे भटकाव की ओर बढ़ने लगे। उन्हें लगा कि गलत रास्ता ही उन्हें पहचान और सुरक्षा दिला सकता है। हालांकि, उनके भीतर एक द्वंद्व लगातार बना रहा। क्या यही उनका भविष्य है ? यह सवाल उनके मन में बार-बार उठता रहा। समय के साथ मनकू के भीतर आत्मचिंतन की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने महसूस किया कि हिंसा और भय के रास्ते पर चलकर वे अपने जीवन को अंधकार की ओर ले जा रहे हैं। यही एहसास उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने ठान लिया कि अब वे अपनी दिशा बदलेंगे और एक नई शुरुआत करेंगे।

    अप्रैल 2025 में मनकू कड़ती ने साहसिक कदम उठाते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन यही उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सही फैसला साबित हुआ। इस कदम ने उनके लिए मुख्यधारा में लौटने और एक सम्मानजनक जीवन जीने के रास्ते खोल दिए। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने ट्रैक्टर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण लिया, जहां उन्होंने न केवल भारी मशीनों का संचालन सीखा, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास को भी अपने जीवन में अपनाया। निरंतर मेहनत और सीखने की इच्छा ने उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाया। 

    आज मनकू कड़ती एक बदले हुए इंसान के रूप में सामने आए हैं। वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं और समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जहां पहले उनके जीवन में डर और अस्थिरता थी, वहीं अब आत्मविश्वास और नई उम्मीद ने जगह ले ली है। मनकू कड़ती के जीवन की यह नई शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियों और गलत दिशा में बढ़ते कदमों के बावजूद, यदि व्यक्ति दृढ़ निश्चय कर ले तो जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

  • प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए निर्देश, ई-ऑफिस में फाइल प्रस्तुत करते समय नियमों का पालन अनिवार्य

    प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए निर्देश, ई-ऑफिस में फाइल प्रस्तुत करते समय नियमों का पालन अनिवार्य

    ई-ऑफिस में फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ हो प्रस्तुतिकरण: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा  

    नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना एवं नवीन व्यय प्रस्तावों की समीक्षा  

    आधार बेस उपस्थिति प्रणाली – प्रथम स्थान पर आने वालों की प्रशंसा

    समय पर उपस्थित ना होने वालों पर होगी कार्यवाही

    रायपुर
    आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में गत वर्ष के आय-व्यय एवं नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।  

    बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा कुल बजट का 68 प्रतिशत व्यय किया गया है। प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु जो बजट आंबटित किया जाता है उसका पूर्ण लाभ हितग्राही वर्ग को मिलना चाहिए। इसके लिए वर्ष के प्रारंभ से ही एक कार्ययोजना बनाकर उसपर अमल किया जाए। इस हेतु सभी प्रभारी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य संपादित करना चाहिए। बोरा ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय को 80 प्रतिशत किए जाने का लक्ष्य दिया है। 

    प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग प्रगति ओर अग्रसर है। विभागीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को देखते हुए भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025-26 में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान हेतु 732 करोड़, 21 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों हेतु 915 करोड़ तथा अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत 170 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, यह विभाग के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो आगामी दो वर्षोें में इन सभी कार्यों के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के विकास को गति मिलेगी।  

     बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के अलावा आदिम जाति अनुंसधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा छ.ग. राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत आय-व्यय की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त सचिव बी.के.राजपूत, अनुपम त्रिवेदी, वित्त नियंत्रक लाजरूस मिंज, अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस.भोई, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, प्रज्ञान सेठ, एल.आर.कुर्रें, विश्वनाथ रेडडी, श्रीमती मेनका चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

         
    प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में आधार फेस उपस्थिति प्रणाली एवं ई-ऑफिस व्यवस्था की भी समीक्षा की। आधार बेस उपस्थिति प्रणाली में विभाग में सर्वाधिक उपस्थिति वाले अधिकारी-कर्मचारियों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि समय पर नहीं आने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 

    प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में ई-ऑफिस की भी समीक्षा करते हुए कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से प्रशासन में पारदर्शिता एवं कसावट आई है। साथ ही  व्यवस्था सुुदृढ़ करने में बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि अब ई-ऑफिस में फाईल आने के बाद से बहुत ही तीव्र गति से कार्य संचालन संभव हुआ है। अधिकारी फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ ही फाईल को प्रस्तुत करें, ताकि उस पर अंतिम रूप से निर्णय लिया जा सके। 

    उन्होंने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अपरीक्षित नवीन व्यय मद प्रस्तावों तथा विभिन्न विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्रियों के मानकीकरण निर्धारित हो। उन्होंने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जिलावार स्थिति, आवंटित एवं व्यय राशि की भी समीक्षा की।  

    प्रमुख सचिव ने बैठक में भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही छत्तीगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय से प्राप्त आय-व्यय के  आगामी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

  • विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री
    विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान – ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है। 

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

  • वर्ष 2024-25: जल जीवन मिशन के लिए राज्य सरकार ने जारी किए 3000 करोड़ रुपये अग्रिम

    वर्ष 2024-25: जल जीवन मिशन के लिए राज्य सरकार ने जारी किए 3000 करोड़ रुपये अग्रिम

    वर्ष 2024-25 में जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार दे चुकी है 3000 करोड़ का अग्रिम राज्यांश

    रायपुर
    जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही राज्यांश की 3000 करोड़ रुपए की पूरी राशि अग्रिम के रूप में दे दी गई थी, जिसे उस वित्तीय वर्ष के दौरान मिशन के कार्यों के लिए व्यय किया गया था। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में जारी किए गए हैं।

      ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत अब मिशन 2.0 के तहत काम जारी है l राज्य के ग्रामीण परिवारों को 'हर घर नल से जल' योजना के तहत पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने कार्य किए जा रहे हैं l

  • रोजाना चलाने की उठी मांग: चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस पर सांसद ज्योत्सना महंत का रेल मंत्री को पत्र

    रोजाना चलाने की उठी मांग: चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस पर सांसद ज्योत्सना महंत का रेल मंत्री को पत्र

    चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग तेज

    सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही अहम मांग को गंभीरता से उठाते हुए कोरिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11751/11752) को प्रतिदिन संचालित करने की मांग की है।
    सांसद महंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह ट्रेन क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए जीवनरेखा के समान है। कोविड-19 महामारी से पहले यह ट्रेन रोजाना चलती थी, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलती थी। लेकिन वर्तमान में सीमित दिनों में संचालन होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को जल्द से जल्द प्रतिदिन चलाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो।
    जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने सांसद की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह मांग पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ी है। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ शहर सौरव मिश्रा ने भी इसे आम जनता की आवाज बताते हुए कहा कि इस ट्रेन के नियमित संचालन से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।

  • कोरापुट से बस्तर तक कांपी धरती, भूकंप के झटकों का वीडियो सामने आया

    कोरापुट से बस्तर तक कांपी धरती, भूकंप के झटकों का वीडियो सामने आया

    जगदलपुर.

    छत्तीसगढ़ के जगदलपुर/बस्तर संभाग में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। जगदलपुर समेत आसपास के कई इलाकों में जमीन हिलने से लोग घबरा गए और एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

    नैशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप रात 11:31 बजे आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर नीचे स्थित था।

    कुछ सेकंड की दहशत, फिर सामान्य हुआ माहौल
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झटके कुछ सेकंड तक ही महसूस हुए, लेकिन अचानक जमीन हिलने से लोग घबरा गए। कई लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर खड़े हो गए। झटके थमने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।

    CCTV में कैद हुई घटना
    शहर के कई इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों में भूकंप के दौरान की हलचल रिकॉर्ड हुई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झटकों के दौरान पंखे और अन्य सामान हिलते नजर आए, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।

    कम जोखिम वाले क्षेत्र में भूकंप से बढ़ी चिंता
    बस्तर क्षेत्र को अब तक भूकंपीय दृष्टि से अपेक्षाकृत सुरक्षित और कम संवेदनशील माना जाता रहा है, जहां बड़े या बार-बार भूकंप आने की घटनाएं सामान्यतः दर्ज नहीं होतीं। ऐसे में अचानक झटकों का महसूस होना न केवल आम लोगों के लिए डर और आशंका का कारण बना है, बल्कि विशेषज्ञों और भूविज्ञानियों के लिए भी यह एक गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना में कोई सूक्ष्म बदलाव हो रहा है, जिसे अब तक नजरअंदाज किया जाता रहा। भूविज्ञानियों का मानना है कि भले ही यह भूकंप तीव्रता में मध्यम था, लेकिन इसका असर और स्थान महत्वपूर्ण है, इसलिए इस तरह की घटनाओं का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन जरूरी हो जाता है। भविष्य में संभावित जोखिमों का आकलन करने, भूकंपीय गतिविधियों के पैटर्न को समझने और समय रहते आवश्यक सतर्कता बरतने के लिए इस क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग और रिसर्च की जरूरत महसूस की जा रही है।

    प्रशासन सतर्क, स्थिति पर नजर
    भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भूकंप के दौरान घबराएं नहीं, बल्कि सुरक्षित स्थानों पर जाएं। साथ ही भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना के लिए जागरूक और तैयार रहने की सलाह दी गई है।

    भूवैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का विषय
    बस्तर जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस होना वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का विषय बन गया है। विशेषज्ञ अब इस क्षेत्र की भूगर्भीय गतिविधियों पर और गहन नजर रखेंगे, ताकि भविष्य में संभावित जोखिम का आकलन किया जा सके।

  • जशपुर दौरे पर सीएम साय: श्रीरामकथा रसपान में होंगे शामिल

    जशपुर दौरे पर सीएम साय: श्रीरामकथा रसपान में होंगे शामिल

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने गृह जिला जशपुर के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से कुनकुरी रवाना होंगे। इसके बाद वे दोपहर 3 बजे सालिया टोली स्टेडियम में आयोजित प्रभु श्री रामकथा रसपान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे कुनकुरी से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6 बजे तक रायपुर लौट आएंगे।

    आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक
    आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक 6 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। यह बैठक प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में होगी। बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे नया रायपुर में किया जाएगा, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही वित्तीय प्रबंधन को और मजबूत बनाने पर फोकस रहेगा। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की स्थिति का आकलन के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों पर भी चर्चा होगी।

    रायपुर में आज सन टू ह्यूमन साधना सत्र
    सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा ‘सन टू ह्यूमन’ साधना सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह सत्र रायपुर के झूलेलाल गार्डन (कटोरातालाब) में आयोजित होगा। यह साधना सत्र प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक संचालित किया जाएगा।

    सामूहिक रांदल माता पूजा
    श्री गुजराती ब्रह्म समाज महिला मंडल द्वारा सामूहिक रांदल माता पूजा का आयोजन आज किया जा रहा है। यह आयोजन न्यू टिम्बर मार्केट, त्रिमूर्ति नगर स्थित दया भवन में संपन्न होगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे से होगी।

    झूलेलाल मंदिर का स्थापना दिवस
    झूलेलाल मंदिर भोईपारा में मंदिर का स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का आयोजन श्रीराम मंडली एवं श्रीराम युवा मंडली द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे से पूजा-अर्चना शुरू होगी, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।