Category: छत्तीसगढ़

  • नक्सल नेटवर्क कमजोर: मिशिर बेसरा संपर्क में, जल्द हो सकता है बड़ा सरेंडर

    नक्सल नेटवर्क कमजोर: मिशिर बेसरा संपर्क में, जल्द हो सकता है बड़ा सरेंडर

    बस्तर.

    बस्तर में दशकों पुराना नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है और 31 मार्च 2026 इसकी समाप्ति की दिशा में निर्णायक तारीख बनती दिख रही है। शीर्ष कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद संगठन की कमर टूट चुकी है। सूत्रों के अनुसार मिशिर बेसरा भी सरेंडर के लिए संपर्क में हैं। पिछले दो वर्षों में 5000 नक्सली नेटवर्क खत्म हुआ, जिसमें 3000 ने आत्मसमर्पण किया, 2000 गिरफ्तार और 500 मारे गए।

    पुनर्वास नीति और विकास कार्यों ने बड़ा असर डाला है। इस संघर्ष में 1416 जवान शहीद हुए। आईईडी के 1277 मामलों में नुकसान हुआ, लेकिन 4580 आईईडी बरामद कर साजिशें नाकाम की गईं। अब बचे नक्सलियों के पास आत्मसमर्पण या समाप्त होने का ही विकल्प बचा है। बस्तर में अब विकास और शांति की नई तस्वीर उभर रही है। नक्सलियों के खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाई से माओवादी संगठन बैकफुट पर हैं। कभी माओवादी संगठनों के शांति अपील के लेटर सामने आ रहे हैं तो कभी सरकार से युद्ध विराम घोषित करने की मांग। इस बीच एक और लेटर सामने आया है। इस बार माओवादी संगठनों ने अपने साथ काम करने वालों को लेटर लिखा है। जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि अगर आपको किसी तरह से डर लगता है को हथियार छोड़ सकते हैं।

    किसके नाम से जारी किया गया है लेटर
    नक्सली संगठन के द्वारा जो लेटर जारी किया है उसमें प्रवक्ता अभय और विकल्प का नाम दिया गया है। सरेंडर कर रहे नक्सलियों को यह लेटर लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों को डर लगता है वह अपने हथियार छोड़ दें लेकिन हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ेंगे।

    क्या है मामला
    दरअसल, कुख्यात नक्सली कमांडर वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने अपने संगठन को एक लेटर लिखा था। इस लेटर में उसने सरेंडर की बात लिखी थी। उसने अपने लेटर में लिखा था कि अब केवल सरेंडर ही एक बेहतर विकल्प है और अब समय आ गया है कि जनता के वास्तविक मुद्दों के लिए आवाज उठाई जाए। उसके इस लेटर के बाद संगठन में फूट पड़ गई थी। कुछ माओवादियों ने इस लेटर का विरोध किया तो कुछ ने कहा कि हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ सकते हैं। बता दें कि सोनू कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के मेंबर है। 

    नक्सलियों के पास केवल सरेंडर ही विकल्प
    छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल के जवान मिशन 2026 के तहत कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के कई टॉप लीडरों को मार गिराया है। वहीं, बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलियों के पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है। उन्हें सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटना चाहिए।

  • पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में ईंधन व गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

    कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा कि जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्यभर में 335 जगह छापेमारी की गई, जिसमें 3 हजार 841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 97 एफआईआर दर्ज की गईं। साथ ही पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों की नियमित जांच के भी आदेश दिए गए हैं।

    सप्लाई पूरी तरह सामान्य
    अधिकारियों और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। गैस सिलेंडर की बुकिंग भी पहले की तरह ही चल रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और सही जानकारी के लिए ऑफिशियल सोर्स का ही सहारा लें।

    जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने बताया कि अवैध भंडारण पर कार्रवाई जारी है और शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

    प्रशासन ने उपभोक्ताओं से निर्धारित अंतराल पर ही गैस बुकिंग करने तथा आवश्यकतानुसार ही उपयोग करने की अपील की है, ताकि सभी को समय पर सुविधा मिल सके।

  • अब गांव में ही सुलझेंगे जमीन विवाद: पटवारी आपके द्वार पहुंचेंगे

    अब गांव में ही सुलझेंगे जमीन विवाद: पटवारी आपके द्वार पहुंचेंगे

    जिले में राजस्व पखवाड़ा का मेगा प्लान जारी

    अब गांव में ही होगा जमीन विवादों का हलः पटवारी पहुंचेंगे आपके द्वार

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। “राजस्व पखवाड़ा” के तहत विस्तृत ग्रामवार शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    इस अभियान के तहत तहसील मनेन्द्रगढ़ सहित जिले के 100 से अधिक गांवों में शिविर लगाए जाएंगे, जहां पटवारी और राजस्व अमला मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे।

    तीन चरणों में चलेगा अभियान

    राजस्व पखवाड़ा को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा:
    01 से 15 अप्रैल 2026
    04 से 18 मई 2026
    01 से 15 जून 2026
    प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं, ताकि अधिकतम ग्रामीणों को लाभ मिल सके।

    सैकड़ों गांवों में पहुंचेगा प्रशासन

    घोषित कार्यक्रम के अनुसार मनेन्द्रगढ़ तहसील के उजियारपुर, बरबसपुर, राधारमणनगर, सोनवर्षा, नवापारा, महाराजपुर, अमृतधारा, चैनपुर, परसगढ़ी, पिपरिया, लालपुर, शंकरगढ़, खोंगापानी, मनेन्द्रगढ़ सहित कई गांवों में शिविर आयोजित होंगे।

    जिलेभर में यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित होगा:
    भरतपुर तहसील: 108 ग्राम
    केल्हारी तहसील: 74 ग्राम
    कोटाडोल तहसील: 75 ग्राम
    चिरमिरी तहसील: 16 ग्राम
    खड़गवां तहसील: 44 ग्राम

    _कुल मिलाकर 376 ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे।

    _मौके पर होगा हर समस्या का समाधान।

    इस विशेष अभियान में निम्न राजस्व मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा:

    _नामांतरण (Mutation)

    _बंटवारा

    _सीमांकन

    _भू-अभिलेख सुधार

    _ऋण पुस्तिका

    _फौती नामांतरण

    साथ ही ग्रामीणों को उनके अधिकारों और राजस्व प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।

    पटवारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

    कलेक्टर के निर्देशन में तैयार इस मेगा प्लान के तहत जिले के कई पटवारियों और राजस्व अधिकारियों को ग्रामवार जिम्मेदारी दी गई है, जो तय तिथियों पर गांवों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे।

    प्रशासन की अपील

    जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने गांव में निर्धारित तिथि पर आयोजित शिविर में पहुंचकर इस जनहितकारी अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं।

    लक्ष्य साफ है “समस्या का समाधान गांव में ही” और ग्रामीणों को राहत देना।

  • पश्चिम एशिया की स्थिति पर CM साय की आज समीक्षा बैठक, जरूरी वस्तुओं और कानून-व्यवस्था पर होगा चर्चा

    पश्चिम एशिया की स्थिति पर CM साय की आज समीक्षा बैठक, जरूरी वस्तुओं और कानून-व्यवस्था पर होगा चर्चा

    CM साय आज लेंगे उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: पश्चिम एशिया की स्थिति के मद्देनज़र आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कानून-व्यवस्था पर रहेगा फोकस

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 28 मार्च को प्रातः 11:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्त रायपुर, सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे।

    यह बैठक वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जा रही है, ताकि राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल, डीजल एवं उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग और संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    मुख्यमंत्री साय कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा करेंगे और अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम संकट उत्पन्न करने की कोशिशों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की जाए।

    बैठक में खाद्य, उद्योग, कृषि, खनिज, परिवहन, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

  • देशभर के चार्टर्ड अकाउंटेंट रायपुर में जुटे, बैंक ऑडिट के उच्च मानकों पर फोकस

    देशभर के चार्टर्ड अकाउंटेंट रायपुर में जुटे, बैंक ऑडिट के उच्च मानकों पर फोकस

    रायपुर.

    इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की सीआईआरसी रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, रायगढ़ और कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “आरोहण” एलिवेटिंग स्टैंडर्ड्स ऑफ बैंक ऑडिट का आयोजन आज होटल बेबीलोन कैपिटल, VIP चौक, रायपुर में हुआ। इस कार्यक्रम में देशभर से 1500 से अधिक सीए ने भाग लिया है।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विशिष्ट अतिथि के रूप में दिवाकर पी. सिंह, जनरल मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा, प्रोग्राम डायरेक्टर सीए पंकज शाह, सीए अभय छाजेड़ (सीसीएम), प्रोग्राम कन्वेनर सीए संजय बिल्थारे , प्रोग्राम को-कन्वेनर सीए सुरेश कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। ये सभी सम्मानित व्यक्तित्व डिग्निटरीज़ के रूप में उपस्थित थे और उन्होंने अपने अनुभव, मार्गदर्शन तथा विचारों से आयोजन की गरिमा और महत्व को बढ़ाया।

    कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि बैंक ऑडिट सम्मेलन से सीए को नए नियम, RBI गाइडलाइन, काम करने का सही तरीका और नए टूल्स की आसान जानकारी मिलती है, जिससे उनका काम बेहतर और आसान हो जाता है। इसमें एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा करते हैं, जिससे रियल लाइफ सिचुएशन समझ में आती हैं। नए नियमों और बदलावों की जानकारी समय पर मिलती है। नेटवर्किंग का मौका मिलता है, जिससे नए कॉन्टैक्ट्स बनते हैं। कुल मिलाकर, यह सीए के प्रोफेशनल ग्रोथ में बहुत मदद करता है।

    विशिष्ट अतिथि दिवाकर पी. सिंह, जनरल मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा ने राष्ट्रीय सम्मेलन में मजबूत ऑडिट प्रणाली के महत्व पर जोर दिया। बदलते RBI नियमों के पालन, प्रभावी जोखिम प्रबंधन और पारदर्शिता की आवश्यकता बताई। उन्होंने फ्रॉड पहचान, डिजिटल बैंकिंग के जोखिम और ऑडिट में AI की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को नई तकनीक अपनाने और प्रोफेशनल एथिक्स बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उनका भाषण ऑडिट की गुणवत्ता सुधारने, आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने और बैंकिंग प्रणाली में विश्वास बनाए रखने पर केंद्रित था।

    रायपुर शाखा की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्य, महत्व एवं सदस्यों के व्यावसायिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बैंक ऑडिट के बढ़ते महत्व, गुणवत्ता पूर्ण रिपोर्टिंग एवं बदलते नियामकीय परिदृश्य में अद्यतन रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सचिव सीए ऋषिकेश यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सदस्यों के लिए प्रेरित किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए पहले दिन के सत्र का समापन किया।
    इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग क्षेत्रों के प्रोफेशनल सीए उपस्थित होंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य आज के युग के सीए को सही मार्गदर्शन देना है। सीए लोकेश गुप्ता ने IRAC नियम और एडवांस की स्क्रूटनी पर कहा कि बैंकों को आय की सही पहचान, एसेट क्लासिफिकेशन और प्रोविजनिंग नियमों का पालन करना चाहिए। समय-समय पर loans की गहन जांच, NPA पर नियंत्रण और पारदर्शिता बनाए रखना बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाता है।

    सीए अभय छाजेड़ ने बैंक ऑडिट में डॉक्यूमेंटेशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सही और पूर्ण दस्तावेज ऑडिट की विश्वसनीयता बढ़ाते हैं। प्रैक्टिकल इश्यूज़ जैसे इनकम्प्लीट रिकॉर्ड्स, समय की कमी और कंप्लायंस चैलेंजेस को समझकर ऑडिटर्स को सतर्कता, सटीकता और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    सीए डी प्रेमनाथ ने CBS ऑडिट में अपडेटेड AI टूल्स के उपयोग को और विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि AI टूल्स बड़े डेटा को जल्दी एनालाइज करके अनयूजुअल ट्रांजैक्शन, फ्रॉड पैटर्न्स और रिस्क एरियाज़ पहचानने में मदद करते हैं। इससे मैनुअल काम कम होता है और एक्यूरेसी बढ़ती है। रियल टाइम मॉनिटरिंग से ऑडिटर्स तुरंत इश्यूज़ पकड़ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि AI के साथ ह्यूमन जजमेंट जरूरी है, ताकि फाइनल ऑडिट सही और बैलेंस्ड रहे।

    सीए नयन कोठारी ने अलएफएआर के तहत रिपोर्टिंग की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि सही, स्पष्ट और पूरी रिपोर्टिंग बहुत जरूरी है। इससे बैंक की स्थिति, रिस्क और कमियों का सही पता चलता है। अच्छी रिपोर्टिंग से मैनेजमेंट और रेगुलेटर को सही निर्णय लेने में मदद मिलती है और ट्रांसपेरेंसी बनी रहती है।

    इस कार्यक्रम में रायपुर आईसीएआई मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा, वाइस चेयरमैन सीए रवि जैन, सेक्रेटरी सीए ऋषिकेश यादव, कोषाध्यक्ष सीए शीतल काला, सिकासा चेयरमैन सीए संस्कार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सीए विकास गोलछा, कार्यकारिणी सदस्य सीए आयुषि अग्रवाल, एक्स ऑफिसियो सीए पंकज शाह शामिल थे। कार्यक्रम में प्रायोजक के रूप में ITSA हॉस्पिटल, बैंक ऑफ बड़ौदा, श्री राम ज्वेलर्स एवं टैक्समैन का विशेष सहयोग रहा।

  • कर्नाटक का जलवा कायम! 8 गोल्ड समेत 12 मेडल जीतकर टॉप पर, मेजबान छत्तीसगढ़ पीछे

    कर्नाटक का जलवा कायम! 8 गोल्ड समेत 12 मेडल जीतकर टॉप पर, मेजबान छत्तीसगढ़ पीछे

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ की मेजबानी में रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया है। इसमें कर्नाटक की टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 8 गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में टॉप पर जगह बना ली है। वहीं, ओडिशा की टीम 5 गोल्ड, एक सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज के साथ दूसरे नंबर पर काबिज है।

    असम की टीम 2 गोल्ड और 3 सिल्वर के साथ तीसरे नंबर पर चल रही है। वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ की टीम अब तक दो सिल्वर और ब्रॉन्ज लेकर 6वें नंबर पर चल रही है। गुरुवार को स्वीमिंग इवेंट में छत्तीसगढ़ की ओर से खेलते हुए अनुष्का भगत ने 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली में सिल्वर हासिल किया। इसके पहले अनुष्का ने 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में सिल्वर जीता था। वहीं हॉकी में छत्तीसगढ़ को हार का सामना करना पड़ा, जबकि फुटबॉल का मैच ड्रॉ रहा। वेटलिफ्टिंग में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी खाता भी नहीं खोल सके।

    मैडल टेली – अब तक छत्तीसगढ़ को नहीं मिला कोई गोल्ड
    राज्य    गोल्ड    सिल्वर    ब्रॉन्ज    कुल

    कर्नाटक    8    3    1    12
    ओडिशा    5    1    8    14
    असम    2    3    0    5
    मिजोरम    1    1    0    2
    त्रिपुरा    0    2    2    4
    छत्तीसगढ़    0    2    1    3

  • समीक्षा बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने की अहम चर्चा

    समीक्षा बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने की अहम चर्चा

    खाद्य विभाग की सचिव  रीना बाबा साहब कंगाले ने ली समीक्षा बैठक

    कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय, दैनिक समीक्षा से व्यवस्था होगी मजबूत

    गैस आपूर्ति – प्राथमिकता के आधार पर होगा वितरण

    रायपुर 
    प्रदेश में गैस की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले ने समीक्षा बैठक ली।

    बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को विगत माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी प्रदाय किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।

    जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय एवं गोदामों में पुलिस एवं होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां तथा रेस्टोरेंट शामिल हैं।

    बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता एवं वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।

    इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक – केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक – केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

    छत्तीसगढ़ में जनजातीय शक्ति का खेल महाकुंभ: देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक – केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

    खेल प्रतिभाओं को नया आसमान देने सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर, बस्तर और सरगुजा बने राष्ट्रीय खेल संगम के केंद्र

    देशभर से 9 खेल विधाओं में 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 2500 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ की धरती  एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता सुसाइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने—जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में खेलों को लेकर उत्साह और प्रयास दोनों दोगुने हैं। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
    उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
    जनजातीय संस्कृति, इतिहास और गौरव से जुड़ा आयोजन
    मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, बल्कि यह जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि भी है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का अवलोकन करने का आग्रह भी किया।

    केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक है और आने वाले वर्षों में भी यह श्रृंखला जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन शैली है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों ने खेलों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत से अधिक युवा आबादी में अपार क्षमता है और अब खेल प्रतिभाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों से भी उभर रही हैं। 

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज ने सदैव देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा मिल रही है और ‘ट्राइबल गेम्स’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक है और देशभर से आए खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरा छत्तीसगढ़ उत्साहित है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय प्रतिभाओं को विश्व मंच तक ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।

    इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकासशील सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण,  बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: पापाराव समेत कई माओवादी करेंगे सरेंडर, गृहमंत्री विजय शर्मा रहेंगे मौजूद

    नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: पापाराव समेत कई माओवादी करेंगे सरेंडर, गृहमंत्री विजय शर्मा रहेंगे मौजूद

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ से नक्सल खात्मे की तय डेडलाइन 31 मार्च 2026 से करीब एक सप्ताह पहले खूंखार नक्सली पापाराव ने मंगलवार को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। उसने आधुनिक हथियार एके-47 के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस ने सरेंडर की पुष्टि नहीं की है। कल 25 मार्च को जगदलपुर में बस्तर आईजी सुंदरराज पी के सामने कुल 18 नक्सली सरेंडर करेंगे।

    11 पुरुष और सात महिला नक्सली समेत कुल 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। नक्सली अपने साथ 8 AK-47 और अन्य हथियार भी लेकर पहुंचे। उम्मीद है कि सरकारी कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा भी शामिल हो सकते हैं। उनके सामने नक्सलियों के सरेंडर की आधिकारिक तौर पर घोषणा की जायेगी। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में डीकेएसजेडसी मेंबर पापाराव समेत डीवीसीएम और एसीएम रैंक के नक्सली शामिल हैं। नक्सली कई किलोमीटर पैदल चलकर जंगल के रास्ते बीजापुर पहुंचे। फिर बस से नक्सलियों को जगदलपुर लाया गया। बताया जाता है कि पापा राव एके-47 समेत कई आधुनिक हथियारों से लैस रहता है। वह वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) का सदस्य है। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस संबंध में बड़ा बयान देते हुए कहा कि नक्सली पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म होगा। अब छत्तीसगढ़ में बड़े कैडर का एक भी नक्सली नहीं बचा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

    गृहमंत्री के सामने आज सरेंडर करेगा कुख्यात नक्सली पापाराव
    छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा आज जगदलपुर दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 9:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। जगदलपुर में गृहमंत्री की मौजूदगी में कुख्यात नक्सली पापा राव सरेंडर करेंगे। यह सरेंडर कार्यक्रम प्रशासन और पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरेंडर और पुनर्वास नीति को बढ़ावा दे रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। इस सरेंडर को नक्सल उन्मूलन अभियान में एक अहम उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

    नक्सलियों का रणनीतिकार है पापा राव
    सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पापा राव को लेने के लिए पुलिस बल की टीम इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र के एक गोपनीय स्थान के लिए रवाना हो चुकी है। पापा राव लंबे समय से नक्सलियों का रणनीतिकार रहा है। वह कई बड़े नक्सली वारदात में शामिल रहा है। जिनमें कुटरू-बेदरे रोड पर हुआ आईईडी ब्लास्ट भी शामिल है। इसमें आठ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस हमले का मास्टरमाइंड पापा राव को माना जाता है। इसके साथ ही एंबुश लगाने और फोर्स पर हमले की रणनीति बनाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। उसकी पत्नी उर्मिला भी पीएलजीए बटालियन की सदस्य थी, वह एक मुठभेड़ में मारी गई थी।

    1990 के दशक से माओवादी आंदोलन से जुड़ा पापा राव
    बता दें कि पापा राव का असली नाम मंगू दादा या चंद्रन्ना है। वह सुकमा जिले के निमलगुड़ा गांव का रहने वाला है। 56 वर्ष से अधिक उम्र का यह नक्सली 1990 के दशक से माओवादी आंदोलन से जुड़ा हुआ था। 

    …तो खत्म हो जायेगा नक्सलवाद
    पापा राव के सरेंडर या ढेर होने से पश्चिम बस्तर डिवीजन में नक्सलवाद की पूरी संरचना ताश के पत्ते की तरह बिखरकर टूट जायेगी। बस्तर में अब सिर्फ 100-125 नक्सली बचे हैं। हालांकि कोई बड़ा नक्सली कमांडर नहीं बचा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार के नक्सल अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जायेगी। बता दें कि अब तक 500 से ज्यादा नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। 

  • मुख्यमंत्री का ऐलान: खल्लारी रोप-वे दुर्घटना में पीड़ितों को मिलेगी सहायता, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई

    मुख्यमंत्री का ऐलान: खल्लारी रोप-वे दुर्घटना में पीड़ितों को मिलेगी सहायता, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई

    खल्लारी रोप-वे दुर्घटना: मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुई रोप-वे दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालु के परिजन को 5 लाख रुपए एवं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके।

    मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।