Category: छत्तीसगढ़

  • अधिक धान उत्पादन के लिए कृषि विभाग का अभियान तेज, हरी खाद से खेतों में वृद्धि

    अधिक धान उत्पादन के लिए कृषि विभाग का अभियान तेज, हरी खाद से खेतों में वृद्धि

    हरी खाद से लहलहाएंगे खेत: धान उत्पादन बढ़ाने कृषि विभाग का विशेष अभियान तेज

    "रासायनिक उर्वरकों का विकल्प बन रही हरी खाद, 176 हेक्टेयर में विस्तार का लक्ष्य तय"

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    जिले में मृदा की सेहत सुधारने और धान उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने खरीफ सीजन में हरी खाद और जैव उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग का मानना है कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है।

    अभियान के तहत किसानों को रोपा पद्धति से धान की खेती से पहले खेतों में ढैंचा, सन जैसी शीघ्र बढ़ने वाली दलहनी फसलों की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन फसलों को एक निश्चित अवस्था में मिट्टी में पलटने से मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ती है और प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों की पूर्ति होती है।

    कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ढैंचा एक अत्यंत प्रभावी हरी खाद है, जिससे प्रति हेक्टेयर 30 से 40 किलोग्राम तक नाइट्रोजन प्राप्त हो सकती है। इसकी बुवाई 35 से 45 दिन पहले की जाती है और 2 से 3 फीट ऊंचाई होने पर इसे मिट्टी में मिला दिया जाता है, जो कुछ ही दिनों में सड़-गलकर फसल के लिए पोषक तत्व उपलब्ध कराती है।

    जिले में इस अभियान के तहत कुल 176 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद के उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। इसमें मनेन्द्रगढ़ के लिए 62 हेक्टेयर, खड़गवां के लिए 52 हेक्टेयर और भरतपुर के लिए 62 हेक्टेयर निर्धारित किए गए हैं।
    कृषि विभाग किसानों को हरी खाद के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करा रहा है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस पहल का लाभ उठाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारें और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करें।

  • कैंसर से जूझ रही महिला को जिला अस्पताल में भर्ती, कलेक्टर ने दिए उपचार के निर्देश

    कैंसर से जूझ रही महिला को जिला अस्पताल में भर्ती, कलेक्टर ने दिए उपचार के निर्देश

    कैंसर पीड़ित महिला को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती, कलेक्टर ने बेहतर उपचार के दिए निर्देश

    मरीज को बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा में करवाया जायेगा एडमिट

    थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित है महिला, बीते नवंबर एम्स में करवाई गई थी कीमोथेरेपी

    एक साल तक रायपुर में एम्स व मेकाहारा में इलाज के बाद टाटा मेमोरियल मुंबई में भी हुआ है उपचार
    रायपुर

    काटाबहरा (नगवाही) निवासी समलू मरकाम जिनकी पत्नी कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित है और चलने फिरने में असमर्थ है। उन्हें बाइक में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। यहां कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने मामला संज्ञान में आते ही तत्काल एम्बुलेंस बुलवा कर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपचार के लिए निर्देशित किया। महिला को बेहतर उपचार के लिए रायपुर में एडमिट करवाया जाएगा।

        मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 11 नवंबर को ग्राम कांटाबहरा (नगवाही) के श्री समलु मरकाम द्वारा थायराइड कैंसर पीड़ित पत्नी श्रीमती कपूरा मरकाम को उपचार के लिए बाइक में लिटा कर उपचार के लिए ले जाने की सूचना संज्ञान में आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम 12 नवंबर को पीड़िता के घर पहुंची और उसे 108 एम्बुलेंस में बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा रायपुर भेजा गया। यहां महिला को कैंसर रिसर्च युनिट में भर्ती कराया गया है जहां कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज हुआ। 

       उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में पीड़िता के स्वास्थ्य समस्या की जानकारी मिलने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेगांखार/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला विकासखण्ड बोड़ला स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा पीड़ित कपूरा मरकाम पति समलू मरकाम के ग्राम काटाबहरा (नगवाही) के निवास स्थान पर जाकर निरीक्षण करने पर पाया गया कि श्री समलू मरकाम द्वारा अपनी पत्नी कपूरा मरकाम के गले का गांठ में दर्द होने पर प्राथ. स्वा. रेगांखर जंगल में ईलाज के लिए ले जाया गया। वहां पदस्थ डाक्टर द्वारा जिला स्वासस्थ्य विभाग के अधिकारियों से मरीज के बीमारी के संबंध में चर्चा कर उपचार के लिए रायपुर रिफर किया गया। जहां वर्ष 2024 में एक वर्ष तक एम्स, मेकाहारा तथा डीकेएस अस्पताल सहित कुछ निजी अस्पतालों में ईलाज चला। इसके पश्चात जनवरी 2025 में टाटा मेमोरियल मुंबई में एक माह तक ईलाज चला। वहां से ईलाज उपरांत घर लाया गया। पीड़िता की परेशानी पुनः बढ़ने पर उन्हें 12 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा रायपुर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास ईलाज के लिए ले जाया गया। जहां वे 12 और 13 नवंबर को मेकाहारा में भर्ती रही और 14 से 19 नवंबर 2025 तक एम्स में भर्ती कर कीमोथेरेपी दी गई। जिसके पश्चात 20 नवंबर को मरीज को वापस घर लाया गया। जिसके पश्चात घर पर रहकर वह स्वास्थ्य लाभ ले रही थी। जिसके पश्चात महिला को आज फिर स्वास्थ्य खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां से उन्हें रायपुर में एडमिट करवाया जाएगा।

  • राशन कार्डधारकों के लिए अलर्ट: e-KYC पूरा किए बिना नहीं मिलेगा तीन महीने का अनाज

    राशन कार्डधारकों के लिए अलर्ट: e-KYC पूरा किए बिना नहीं मिलेगा तीन महीने का अनाज

    राजनांदगांव.

    अप्रैल से जून माह तक तीन माह का चावल एक साथ जारी किया जाएगा। लेकिन इसके लिए हितग्राहियों को ई केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए जिले के 498 राशन दुकानो में ई केवासी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी ई केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए है।

    जानकारी अनुसार राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत आम नागरिकों और राशनकार्ड धारियों की सुविधा हेतु एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के तहत जिले के समस्त पात्र हितग्राहियों को अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एकमुश्त प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले में संचालित सभी 498 उचित मूल्य दुकानों में तीन माह के कोटे का खाद्यान्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की लगभग सभी दुकानों में चावल का भंडारण पूर्ण कराया जा रहा है. ताकि हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

    खाद्य विभाग ने जिले के समस्त राशनकार्डधारियों से अपील की है कि, वे अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकानों पर जाकर तीन माह का चावल एकमुश्त प्राप्त कर सकते हैं। वितरण के दौरान यदि किसी भी हितग्राही को कोई समस्या आती है या दुकान संचालक द्वारा अनियमितता बरती जाती है. तो वे तत्काल अपने क्षेत्र के संबंधित खाद्य निरीक्षक अथवा जिला खाद्य कार्यालय, राजनांदगांव में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एक राष्ट्र एक राशनकार्ड” योजना के तहत हितग्राहियों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत आवश्यक है। खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने बताया कि, जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में एकाईसी की सुविधा उपलब्ध है, जो कि पूर्णतः निःशुल्क है।

    राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपनें अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ईकेवाईसी पूर्ण किया जा सकेगा। इसके आलावा फेस ईकेवाईसी एप्प जो कि गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है के माध्यम से शेष सदस्यों ई केवाईसी कराया जा सकता है।

  • जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार 
    होगा।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

    दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव

    सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’

    स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए  बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध

    छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर
     
    छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।
     
    कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। 
     
    मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।

     फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।

     इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के  नारों से गूंज उठा।

     इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर द्वारा तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प एवं छिंदनार के ग्राम वासियों द्वारा लौह शिल्प की कलाकृतियां दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम मानदेशी  फाउंडेशन द्वारा विभिन्न खेल जैसे रस्साकस्सी, बालिवाल, कबड्डी, दौड़ के विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों मोमेन्टो प्रदान किया। 
     
    इस अवसर पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र है, जहां के बच्चों में अपार प्रतिभा है। सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों को खेलों के प्रति जो प्रेरणा मिल रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बस्तर के बच्चे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। कलेक्टर ने युवाओं पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि खेल, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी प्रतिभागियों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक  गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, डीएफओ रामकृष्ण रगंनाथा वाय, सहित जनप्रतिनिधि, सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

  • दिव्यांगजनों के लिए बड़ी सुविधा: प्रमाणन और रिन्यूअल कैंप आज से, तीन फेज में चलेगा अभियान

    दिव्यांगजनों के लिए बड़ी सुविधा: प्रमाणन और रिन्यूअल कैंप आज से, तीन फेज में चलेगा अभियान

    उत्तर बस्तर कांकेर.

    जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के हित में विशेष पहल करते हुए निःशुल्क सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, नवीनीकरण एवं प्रमाणीकरण शिविर का आयोजन 22 अप्रैल से किया जा रहा है. कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन में यह शिविर एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के सामाजिक दायित्व के अंतर्गत तथा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम  जबलपुर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा.

    उपसंचालक समाज कल्याण क्षमा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे. पहला शिविर 22 अप्रैल को लाइवलीहुड कॉलेज गोविंदपुर कांकेर में, दूसरा 23 अप्रैल को भानुप्रतापपुर और तीसरा शिविर 24 अप्रैल को कोयलीबेड़ा में आयोजित होगा. सभी शिविर प्रातः 10 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित किए जाएंगे.

    शिविर में दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, चिन्हांकन, प्रमाणीकरण, पेंशन संबंधी समस्याओं का निराकरण एवं हितग्राहियों का सत्यापन किया जाएगा. साथ ही जिन दिव्यांगजनों के मेडिकल प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड नहीं बने हैं, उनका मौके पर ही पंजीयन एवं समाधान किया जाएगा. निःशुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए पात्र दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता अन्य सहायक उपकरण हेतु तथा 100 प्रतिशत दिव्यांग नेत्र सुगम्य केन, स्मार्टफोन के लिए आय प्रमाण-पत्र, जिनकी सभी स्रोतों से मासिक आय 22,500 रुपये से कम है, उन्हें आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड, बैंक खाता विवरण एवं आधार की छायाप्रति साथ लाना अनिवार्य होगा. शिविर में ऐसे दिव्यांग जिनका मेडिकल प्रमाण-पत्र नहीं बना है, उनका मेडिकल यूडीआईडी, अन्य पेंशन विषयक समस्या का समाधान समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा.

    शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों का प्रमाणीकरण, नवीनीकरण, यूडीआईडी कार्ड बनने से दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता एवं त्वरित लाभ मिलेगा. शिविर में आने से पूर्व अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक या अपडेट करा लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.

  • Raipur में नई शुरुआत: PNG गैस पाइपलाइन से सीधे घरों तक पहुंचेगी रसोई गैस

    Raipur में नई शुरुआत: PNG गैस पाइपलाइन से सीधे घरों तक पहुंचेगी रसोई गैस

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर में नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने का कार्य जल्द शुरू होगा. इसके लिए हरियाणा सिटी गैस कंपनी को पेट्रोलियम मंत्रालय ने अधिकृत किया है. वर्तमान में यह कार्ययोजना शहर में प्रारंभिक दौर में है. (Raipur PNG Service) संबंधित एजेंसी को शहर में गैस पाइप लाइन डालने से पहले नियम अनुसार नगर निगम से एनओसी लेनी होगी.

    साथ ही निर्धारित दर अनुसार शुल्क भी जमा करना होगा, ताकि इस कार्य से नागरिकों को शहर में प्राकृतिक गैस लाइन की सुविधा केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप जल्द मिले. इस दौरान किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न होने पाए. मंगलवार को निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसी सिलसिले में गांधी सदन के सभागार में हरियाणा सिटी एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और दस जोन के जोन कमिश्नरों के साथ बैठक की.

    निगम आयुक्त विश्वदीप ने हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि को निर्देशित किया है कि वह निगम के संबंधित जोनों के जल और नगर निवेश विभाग के जोन अधिकारियों से तालमेल रखकर शहर में गैस पाइप लाइन डालने का कार्य करें. उन्होंने ये भी कहा कि पेयजल पाइप लाइन किसी भी हालत में क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए, साथ ही शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को तत्काल मरम्मत किया जाना चाहिए, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए. बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त ने सभी अभियंताओं को निर्देशित किया कि नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने के कार्य दौरान शहर गर्मी के मौसम में नागरिकों असुविधा न हो यह ध्यान रखें.

    बैठक में अपर आयुक्त पंकज शर्मा, दस जोन के जोन कमिश्नर, नगर निवेश विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नितीश झा, उप अभियंता नगर निवेश रविप्रभात साहू, हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

  • फील्ड ड्यूटी पर खास इंतजाम: प्रगणकों को पहले प्याज और टॉवेल, बाद में नींबू शरबत का इंतजार

    फील्ड ड्यूटी पर खास इंतजाम: प्रगणकों को पहले प्याज और टॉवेल, बाद में नींबू शरबत का इंतजार

    गरियाबंद.

    43 डिग्री तापमान में फील्ड प्रैक्टिकल पर निकलने से पहले प्रगणकों को लू से बचाने तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने प्याज और टॉवेल भेंट किए. वहीं लौटने पर डिहाइड्रेशन से बचाने नींबू शरबत की भी व्यवस्था की गई. तहसीलदार ने कहा कि बोले यह अभियान जितना महत्वपूर्ण उससे जुड़े एक एक कर्मी उतने ही महत्वपूर्ण हैं.

    जनगणना 2027 से पूर्व 1 मई से 30 मई तक होने वाले मकान सूचिकरण और डिजिटल डेटा कलेक्शन कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता लाने प्रगणकों को आज देवभोग तहसील में दूसरे चरण का फील्ड प्रैक्टिकल को कराया गया. घोघर और लाटापारा ग्राम में 50-50 प्रगणक इस अभ्यास के लिए पहुंचे थे.

    गांव में जाने से पहले तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने अपने टीम में शामिल जनगणना प्रभारी विजय कश्यप, मास्टर ट्रेनर सुशील अवस्थी, गिरीश चंद्र बेहेरा के साथ मिलकर लाटापारा में प्रगणकों को सफेद टॉवेल और प्याज भेंट किया. निकलने से पहले नाश्ता और लौटने पर निबू शरबत भी पिलाया ताकि कोई भी प्रगणक डिहाइड्रेशन का शिकार न हो. इस नवाचार के जरिए जनगणना अभियान के जिम्मेदार अफसर ने स्वास्थ्य का ख्याल रख प्रगणकों का दिल जीत लिया. इंतजमात देख प्रगणकों के चेहरे खिल गए. प्रगणकों ने इस व्यवस्था के लिए अभियान प्रमुख के प्रति कृतज्ञता जाहिर किया और फील्ड में दोगुने उत्साह के साथ काम करते नजर आए.

    तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने कहा कि अभियान के साथ-साथ इससे जुड़े प्रत्येक कर्मी महत्वपूर्ण हैं. 43 डिग्री से ज्यादा तापमान में प्रगणकों को गणना का अभ्यास करना था. तपती दोपहरी में काम के दौरान सेहत न बिगड़े इसका ख्याल हमें रखना है. इसके लिए हमने छोटा सा प्रयास किया है. मई महीने भर चलने वाले इस अभियान में भी पूरी तैयारी के साथ प्रगणकों को मैदान में उतारा जाएगा.

    पूरे अभियान में मिलेंगे अतरिक्त 25 हजार, एंड्रॉयड 12 वर्जन जरूरी
    तय गाइडलाइन के मुताबिक, प्रगणकों को पूरे अभियान के लिए 25 हजार का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा ट्रेनिंग अवधि का भी प्रतिदिन 400 रूपये का भुगतान होगा. प्रत्येक प्रगणकों को मोबाइल के जरिए पेपर लेस वर्क करना है. जिसके लिए एंड्रॉयड 12 वर्जन की अनिवार्यता किया गया है. ग्रामीण अंचल में सेवा देने वाले कई प्रगणकों के पास यह वर्जन उपलब्ध नहीं था, ऐसे में उन्हें नए वर्जन का मोबाइल खरीदी करना पड़ रहा है. जारी आदेश के मुताबिक नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रगणकों को 1 हजार जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 3 साल कारावास सजा का भी प्रावधान किया गया है.

  • जशपुर पहुंचे CM साय, आज रात बगिया में ठहरेंगे; दौरे को लेकर बढ़ी हलचल

    जशपुर पहुंचे CM साय, आज रात बगिया में ठहरेंगे; दौरे को लेकर बढ़ी हलचल

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर दौरे पर रहेंगे. निर्धारित समय के मुताबिक, सीएम दोपहर 12 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और स्टेट प्लेन से जशपुर के लिए रवाना होंगे. दोपहर 1 बजे जशपुर के आगडीह एयर स्ट्रीप में लैंड करेंगे. दोपहर 1:30 करमगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे एक निजी कार्यकम में शामिल होंगे.

    इसके बाद करीब 3 बजे ग्राम ढ़ोढ़ीबाहर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. शाम 6 बजे ग्राम बंदरचुआ में एक शोक कार्यकम में शामिल होंगे. इसके बाद बन्दरचूआ से अपने निजी निवास बगिया के लिए होंगे रवाना। आज रात सीएम जशपुर में ही विश्राम करेंगे.

    नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक का दूसरा दिन
    प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की उपमुख्यमंत्री अरुण साव समीक्षा कर रहे हैं. आज बैठक का दूसरा दिन है. आज राजधानी में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री साव मैराथन बैठकें करेंगे. इस दौरान सभी निकायों में विकास कार्यों की  प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की लेंगे जानकारी। मानसून से पहले निकायों में तैयारी को लेकर समीक्षा की जाएगी. 

  • बाल आयोग का बड़ा कदम, ‘सार्थक अभियान’ से बच्चों के भविष्य को मिलेगा नया बल

    बाल आयोग का बड़ा कदम, ‘सार्थक अभियान’ से बच्चों के भविष्य को मिलेगा नया बल

    सार्थक अभियान’ को मिला बल, बच्चों के भविष्य के लिए बाल आयोग का बड़ा कदम

    अरुण साव जी की मानवीय संवेदनशीलता पर आभार

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी के सहयोग से जूडो खिलाड़ी रंजीता को मिलेगी मदद

    आयोग अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा की "सार्थक" पहल रंग लाई 

    रायपुर
    माननीय उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी से छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने भेंट की । उन्होंने छत्तीसगढ़ के बाल गृह कोंडागांव की पूर्व छात्रा कु रंजीता कुरैठी के बारे में बताया कि उसने जूडो में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीते हैं और भारतीय दल में शामिल रही है । डॉ वर्णिका शर्मा ने माननीय अरुण साव जी को बताया कि इस बच्ची को प्रशिक्षण हेतु जापान भेजने और मासिक रूप से अतिरिक्त पोषक आहार के लिए राशि की जरूरत है । माननीय अरुण साव उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने फौरन अपनी संवेदनशीलता दिखाई और बच्ची से तुरंत वीडियो कॉल पर बात की । उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था के निर्देश दिए । डॉ वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा आरम्भ किए गए सार्थक अभियान के तहत पिछले बाल देखरेख संस्थाओं को छोड़कर जाने वाले अट्ठारह वर्ष की आयु के बालक बालिकाओं के भविष्य निर्माण के लिए आयोग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं । इसी कड़ी में ये प्रयास भी शामिल है । डॉ वर्णिका शर्मा ने आयोग की ओर से माननीय उपमुख्यमंत्री जी की इस सार्थक और संवेदनशील  पहल के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है । इस अवसर पर डॉ वर्णिका शर्मा ने बच्चों के खेल मैदानों को सुरक्षित करने ,आवारा कुत्तों से बच्चों के बचाव और नगरीय क्षेत्र में खुले गड्ढे के चारों ओर बाड़ी लगाकर बच्चों को बचाने के संबंध में भी बातचीत की । उपमुख्यमंत्री जी ने इन विषयों को तत्काल आगामी विभागीय बैठक में शामिल करते हुए ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

  • रायपुर: ग्राम माकड़ी में आयोजित हुआ जनसमस्या निवारण शिविर, 13 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत

    रायपुर: ग्राम माकड़ी में आयोजित हुआ जनसमस्या निवारण शिविर, 13 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत

    रायपुर : ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन

    विधायक सुउसेण्डी ने 13 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों की दी सौगात

    शासकीय महाविद्यालय सहित 18 निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

    रायपुर 

    राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को  कोंडागांव जिले के ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक सुलता उसेंडी उपस्थित रहीं। 

    विधायक सुउसेंडी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकास कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों को व्यक्तिगत योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है। महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक गांव के सर्वांगीण विकास हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से क्षेत्र स्वस्थ बस्तर की दिशा में अग्रसर है, जिसके तहत विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

    उन्होंने सभी ग्रामवासियों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जब घर-घर पहुंचे, तो उन्हें सही जानकारी प्रदान करें, ताकि सभी के लिए स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त समाज के निर्माण के लिए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया। साथ ही युवाओं सहित सभी नागरिकों से अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

    कलेक्टर ने कहा कि माओवादमुक्त होने के पश्चात शासन द्वारा बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से सघन स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु बस्तर मुन्ने अभियान के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, योजनाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करने के लिए ‘नियद नेल्लानार 2.0’ की भी शुरुआत की जा रही है।

    विधायक ने प्री. मेट्रिक आश्रम में क्लास रूम निर्माण कार्य लागत 19 लाख रूपए, कन्या आश्रम में क्लास रूम निर्माण कार्य लागत 19.39 लाख रूपए, प्री. मे. बालक छात्रावास में क्लासरूम निर्माण लागत 19.39 लाख रूपए, लैब निर्माण कार्य लागत 22.89 लाख रूपए, नीति आयोग द्वारा लाइब्रेरी निर्माण कार्य 42 लाख रूपए, हीरावण्डी से बालेंग तक पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य लंबाई 6.50 किलोमीटर लागत 685.29 लाख रूपए और शासकीय महाविद्यालय माकड़ी निर्माण कार्य लागत 465.84 लाख रूपए सहित कुल लागत 13 करोड़ 79 लाख रूपए के 18 विकास कार्यो का भूमिपूजन किया  

    27 हितग्राहियों को मिली आवास की चाबी
    शिविर में ग्रामवासियों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 27 हितग्राहियों को आवास निर्माण पूर्ण होने पर प्रतीकात्मक चाबी वितरित, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को 07 छड़ी और 10 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति, शिक्षा विभाग द्वारा 12 जाति प्रमाण पत्र और गणवेश वितरण, श्रम विभाग द्वारा 07 श्रम कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 46 राशन कार्ड, उद्यान विभाग द्वारा  वर्मी बेड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा  किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा  05 हितग्राहियों को उड़द बीज वितरण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 04 हितग्राहियों को पोषण किट और 02 गोद भराई कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इसी प्रकार पशुधन विभाग द्वारा श्रीमती योगश्वरी प्रधान को राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता योजना से 70 हजार, उन्नत मादा वत्स पालन योजना अंतर्गत दीपेन्द्र साहू को 14 हजार 625 रूपए और श्रीमती सुपोती मरकाम को 17 हजार 550 रूपए, त्रयी सुकर योजना अंतर्गत मंगलु मरकाम और मुकेश नेताम 09-09 हजार रूपए की अनुदान राशि दी गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, सहकारी समिति द्वारा 06 नवीन केसीसी धारक किसानों को ऋण स्वीकृति और राजस्व विभाग द्वारा 09 किसानों को डिजिटल किसान किताब का वितरण किया गया।

    इस अवसर पर पूर्व विधायक सेवकराम नेताम, दीपेश अरोरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जुगबती पोयाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रदमा बघेल एवं श्रीमती भगवती नेताम, जनपद उपाध्यक्ष बैसाखु कोर्राम, दीपेश अरोरा, जनपद सदस्य पन्नालाल नेताम, पूजा शर्मा, विरेन्द्र प्रधान, श्रीमती रूखमणी पोयाम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, जनपद पंचायत सीईओ गजेंद्र धुरडे, सरपंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।