Category: छत्तीसगढ़

  • नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई

    नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई

    राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में होगा अलग से संचालनालय का गठन

    नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न

    रायपुर
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में  विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में अलग से संचालनालय गठन,नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास लिए प्रतिबद्ध है। हम उनकी चिंता कर नये विकास का कार्य कर रही है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी संख्या निवास करती है, जिनमें  लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह निवासरत है। हमारी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है। 

    हमारी सरकार समाज के महत्वपूर्ण किन्तु विकास में पीछे रह गये इन वर्गों के सामाजिक सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित है।

    संकल्प को पूर्ण करने हेतु हमारी सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग,मंत्रालय गठित किया है, जिससे इन वर्गों के विकास के लिए गति प्रदान की जा सके तथा इनके लिए नवाचार योजनाओं को लागू किया जा सके। इसके अतिरिक्त इन वर्गों के समस्याओं पर सम्यक रुप से विचार कर समस्या का समाधान किया जा सके, जिससे यह समाज भी विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सके। 

    पिछड़ा वर्ग के विकास हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भी गठित किया गया है। इसके लिए लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड तथा तेलघानी विकास बोर्ड भी गठित किया गया है।

    इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विभाग ने नवीन मुख्य बजट में इन वर्गों के शैक्षणिक विकास हेतु छात्रावास, आश्रम, प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थान स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति विद्यार्थी के खाते में सीधे भुगतान किया जा रहा है। इस हेतु रुपये 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भुगतान की व्यवस्था को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु नवाचार करते हुए निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से छात्रवृत्ति की स्वीकृति एवं भुगतान चालू वर्ष में ही किये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता की योजना मुख्य बजट में लाई गई है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेल्वे, बैंकिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के छ.ग. राज्य के भौगोलिक एवं प्राकृतिक संरचनाओं के अध्ययन तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संबंध में अभिरुचि के विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रावधान किया गया है।
    उन्होंने कहा कि हमने मुख्य बजट में नवीन योजना मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लाई गई है, जिसके माध्यम से जिन विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है, उनको अध्ययन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान में 55 विभागीय छात्रावास स्वीकृत है। वर्तमान में नवीन बजट में 06 जिलों (रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर, धमतरी, रायपुर, जशपुर) में अन्य पिछड़ा वर्ग पो. मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किये गये है।

    इस दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

    उक्त बैठक में उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल,राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री  ओपी चौधरी, मुख्य सचिव  विकासशील,मुख्यमंत्री के प्रमुख  सचिव  सुबोध सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • CM साय का नववर्ष और नव संकल्प का संदेश, चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा पर दी शुभकामनाएं

    CM साय का नववर्ष और नव संकल्प का संदेश, चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा पर दी शुभकामनाएं

    नववर्ष, नव ऊर्जा और नव संकल्प का संदेश: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने दी चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर और गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं

    रायपुर
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने इस मंगल अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी पावन अवसर से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के साथ पूरे देश में मनाया जाता है।

    उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नव शुरुआत और उत्सवधर्मिता का संदेश देता है।

    मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी जैसे विविध स्वरूपों में प्रदेश की आस्था और संस्कृति गहराई से रची-बसी है। यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को सशक्त बनाती है।

    उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है। देवी उपासना केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि सामाजिक समरसता, सकारात्मक सोच और आंतरिक चेतना का भी संचार करती है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहे।

  • Heat Wave Alert: रायपुर में स्कूलों का समय बदला, बच्चों को मिलेगी गर्मी से राहत

    Heat Wave Alert: रायपुर में स्कूलों का समय बदला, बच्चों को मिलेगी गर्मी से राहत

    रायपुर.

    तेज धूप और गर्मी को देखते हुए रायपुर जिले में भी स्कूल का समय बदल दिया गया है। जिले के समस्त शासकीय और निजी स्कूल अब सुबह 7.30 बजे से पूर्वान्ह 11.30 बजे तक संचालित होंगे। परीक्षा और कार्यालयीन समय यथावत रहेगा। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण कई जिलों में स्कूल का समय बदल गया है।

    मंगलवार को रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने भी गर्मी को देखते हुए स्कूल का समय बदलने का आदेश जारी किया। जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय द्वारा जारी आदेश के अनुसार रायपुर जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय स्कूल एक पाली वाले सोमवार से शनिवार तक प्रातः 7.30 बजे से पूर्वान्ह 11.30 तक संचालित होंगे। इसी तरह ऐसे स्कूल जो दो पाली में संचालित हो रहे हैं, वहां प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूल सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तथा हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों का संचालन पूर्वान्ह 11.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक होगा। परीक्षा और कार्यालयीन समय में किसा प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। यह आदेश 20 मार्च से प्रभावशील होगा।
    बता दें कि इन दिनों कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा चल रही है। इसके बाद स्थानीय कक्षाओं पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी, छठवीं, सातवीं और 9वीं-11वीं की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

     

  • समरसता का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली मिलन समारोह में भाग लिया

    समरसता का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली मिलन समारोह में भाग लिया

    रंगों में घुला समरसता का संदेश: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होली मिलन समारोह में हुए शामिल

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में होली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह पर्व आपसी मनमुटाव को भुलाकर रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हमें इस अवसर पर अपने भीतर की नकारात्मकताओं को त्यागकर सकारात्मकता को अपनाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

    उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने   कहा कि होली का त्योहार परिवार और समाज के साथ मिलकर आनंद और अपनत्व के साथ मनाने की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं।

    इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा मंत्री  खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक  किरण देव,  मोतीलाल साहू,  अनुज शर्मा, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, धमतरी महापौर  रामू रोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।

  • स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया

    स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया

    स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

    रायपुर
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य  संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक  रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

  • पर्यावरण संरक्षण, जैव संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने सरकार प्रतिबद्ध: मंत्री  कश्यप

    पर्यावरण संरक्षण, जैव संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने सरकार प्रतिबद्ध: मंत्री कश्यप

    मंत्री  केदार कश्यप के विभागों के लिए 3 हजार 622 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

    पर्यावरण संरक्षण, जैव संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने सरकार प्रतिबद्ध: मंत्री  कश्यप

    वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना हेतु मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 

    वन आवरण के मामले में राज्य देश में तीसरे स्थान पर

    वन्यप्राणी संरक्षण एवं संवर्धन तथा उनके रहवास विकास हेतु 320 करोड़ रूपए का प्रावधान 

    ग्रामीण बस योजना, ई-मॉनिटरिंग और किसानों को ब्याज मुक्त ऋण 

    80 मार्गों पर लगभग 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा 

    रायपुर
     वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप के विभागों से संबंधित 3 हजार 622 करोड़ 86 लाख 35 हजार रूपए की अनुदान मांगे विधानसभा में पारित की गई। इसमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लिए 2 हजार 867 करोड़ 30 लाख रूपए, सहकारिता विभाग के लिए 389 करोड़ 40 लाख 85 हजार रूपए, परिवहन विभाग के लिए 243 करोड़ 50 लाख 50 हजार रूपए और राज्य विधानमंडल के लिए 122 करोड़ 65 लाख रूपए शामिल हैं। 

    मंत्री  कश्यप ने अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि हमारी सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए आगामी वर्षा ऋतु में लगभग 3.50 करोड़ पौधे रोपने और वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही बिगड़े बांस वनों के पुनरोद्धार के लिए 80 करोड़ रुपये और बिगड़े वनों के सुधार के लिए 310 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 की परिकल्पना की है, जिसका उद्देश्य प्रदेश को पूर्ण विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाना है। 

    इसी तरह नदी तटों पर भू-क्षरण रोकने के लिए 7 करोड़ रुपये तथा भू-जल संरक्षण योजना के लिए 120 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के किनारे वृक्षारोपण के लिए भी 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदन में कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए 320.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि बाघ संरक्षण के लिए ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ योजना के तहत 23.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    मंत्री  कश्यप ने बताया कि दूरस्थ अंचलों में निवासरत वनवासियों को बारहमासी आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वन मार्गों में रपटा पुल-पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। इस योजनांतर्गत इस वर्ष 5 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही सड़कें तथा मकान निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए का बजट प्रास्तावित है। इसी तरह काष्ठ एवं बांस कूपों के विदोहन के उपरांत प्राकृतिक पुनरोत्पादन को बढ़ावा देने इस योजना के लिए 300 करोड़ रूपए का बजट रखा गया है। वहीं ए.एन.आर. योजनांतर्गत भी 300 करोड़ रूपए का प्रावधान है। इसी तरह वनवासियों को उनके मालिकाना हक की भूमि में ईमारती  लकड़ी के विदोहन के लिए 183 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  कश्यप ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना हेतु मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसी तरह कांगेर वैली नेशनल पार्क को यूनेस्को से विश्व विरासत स्थल के रूप में चिन्हांकन हेतु चयनित किया गया है। वहीं वन विभाग में मानव संसाधन में वृद्धि करने के लिए वनरक्षकों 1484 एवं सहायक ग्रेड-3 के 50 पदों पर भर्ती की जा रही है।  

    मंत्री  कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरणपादुका वितरण योजना को फिर से शुरू किया गया है। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 44.25 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है और भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वन आवरण के मामले में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।

     मंत्री  कश्यप ने बताया कि राज्य में जैव विविधता संरक्षण और वेटलैंड विकास को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल की जा रही हैं। बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य का पहला एवं भारत वर्ष का 96वाँ रामसर स्थल अधिसूचित किया गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से राज्य की जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और जल जीवन के प्रति हमारे सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत हुई है।

    इसी प्रकार छत्तीसगढ अंजोर विजन-2047 के ज्ञमल डपसमेजवदमे ठल 2030 के अनुरूप वर्ष 2030 तक 20 वेटलैण्ड्स को रामसर स्थल के रूप में नामित करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा। इसी परिप्रेक्ष्य में बेमेतरा जिले के गिधवा-परसदा वेटलैण्ड कॉम्पलेक्स को रामसर स्थल अधिसूचित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है।

    परिवहन-सहकारिता-संसदीय कार्य  

    मंत्री  कश्यप ने सदन में परिवहन, सहाकारिता और संसदीय कार्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा में कहा कि ग्रामीण परिवहन व्यवस्था, सहकारिता क्षेत्र और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिसके तहत परिवहन विभाग के लिए 243.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार ने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना” को विस्तार देने की घोषणा की है। योजना के तहत बस संचालकों को तीन वर्षों तक मासिक कर में पूर्ण छूट और अधिकतम 26 रुपये प्रति किलोमीटर की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्तमान में वनांचल के 80 मार्गों पर 81 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे लगभग 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है।

    परिवहन मंत्री  कश्यप ने बताया कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत एएनपीआर और रडार कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए आठ नए जिलों में ई-ट्रैक केंद्र स्थापित करने हेतु 15 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया है। राज्य में वर्तमान में 347 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं और पेट्रोल पंपों तथा सार्वजनिक स्थानों पर नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इसी तरह राज्य के 5 नवीन जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में परिवहन कार्यालय की स्थापना की जाएगी, इसके लिए 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

    मंत्री  कश्यप ने सहकारिता विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि इस बजट में विभाग के लिए 572 करोड़ रुपये का कुल बजट प्रस्तावित किया गया है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2025-26 में अब तक 15.55 लाख किसानों को 7,822 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है। इसके अलावा 515 नई पैक्स समितियों के लिए गोदाम-सह-कार्यालय भवन निर्माण और अन्न भंडारण अवसंरचना विकसित करने हेतु 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह राज्य सहकारी संघ द्वारा सहकारी शिक्षा अंतर्गत डिप्लोमा इन को-ऑपरेटिव्ह मैनेजमेंट का कोर्स चलाया जा रहा है। इसके संचालन के लिए बजट में 01 करोड़ 10 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को बेहतर वित्तीय सुविधाएँ मिल सकेंगी। 

    मंत्री  कश्यप ने संसदीय कार्य विभाग की चर्चा में कहा कि संसदीय कार्य विभाग विधानसभा सचिवालय एवं राज्य शासन के सभी विभागों के मध्य समन्वय आदि का कार्य करता है। विभाग द्वारा माननीय सदस्यों, पूर्व सदस्यों के वेतन भत्ते तथा पेंशन आदि से संबंधित कार्य सम्पन्न किए जाते हैं, इसके लिए 122 करोड़ 65 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। 

    अनुदान मांगों की चर्चा में सदस्य सर्व विक्रम मंडावी, अजय चन्द्राकर, प्रबोध मिंज, चैतराम अटामी, धर्मजीत सिंह, मती संगीता सिन्हा और मती सावित्री मंडावी ने हिस्सा लिया। साथ ही अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के मांग और सुझाव दिए।

  • मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर आने पर CM साय ने छात्रों को दी शुभकामनाएं

    मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर आने पर CM साय ने छात्रों को दी शुभकामनाएं

    मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान: मुख्यमंत्री  साय ने द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल के छात्रों को दी बधाई और शुभकामनाएं

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से  शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल रायपुर के छात्रों ने सौजन्य मुलाकात की।

    मुख्यमंत्री  साय ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आपकी इस उपलब्धि से न केवल आपके विद्यालय, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय और एक बड़ी उपलब्धि है।

    इस अवसर पर स्कूल के संचालक  सिद्धार्थ सिंह, कमांडेंट (सेवानिवृत्त) कर्नल  आर.के. वर्मा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।

    उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष शिक्षा मंत्रालय एवं रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर के सैनिक स्कूल भाग लेते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है।

    यह प्रतियोगिता जिला स्तर से प्रारंभ होकर राज्य स्तरीय, जोन स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाती है।छत्तीसगढ़ दक्षिण जोन का हिस्सा है, जिसमें केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के सैनिक स्कूल शामिल होते हैं।

  • CM साय ने कहा, कान्यकुब्ज समाज छत्तीसगढ़ के विकास में निभा रहा है अहम भूमिका

    CM साय ने कहा, कान्यकुब्ज समाज छत्तीसगढ़ के विकास में निभा रहा है अहम भूमिका

    कान्यकुब्ज समाज छत्तीसगढ़ के विकास में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह समाज प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के आशीर्वाद भवन में आयोजित कान्यकुब्ज शिक्षा मंडल के होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।  इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु राम से विशेष संबंध है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि  रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक रामभक्तों को अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन कराए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों का दर्शन कराया गया है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए राज्यभर में समाधान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला तथा कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों सहित सभी आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। 

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के अध्यक्ष  संजय वास्तव, कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल के अध्यक्ष  सुरेश मिश्रा, पत्रकार शिरीष मिश्रा, राजेश मिश्रा अरविन्द अवस्थी, मोहन तिवारी, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कान्यकुब्ज समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

  • बाल विवाह मुक्त बनने की दिशा में एमसीबी जिला, 60 ग्राम पंचायतों की शानदार सफलता

    बाल विवाह मुक्त बनने की दिशा में एमसीबी जिला, 60 ग्राम पंचायतों की शानदार सफलता

    बाल विवाह मुक्त बनने की राह पर एमसीबी जिला, 60 ग्राम पंचायतों की उल्लेखनीय उपलब्धि

    एमसीबी
    जिले में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत बड़ी उपलब्धि सामने आई है। संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर के पत्र क्रमांक 33/10568/मवादि/मि.वा./सारा/2025-26 दिनांक 09 सितम्बर 2025 के निर्देशानुसार ऐसे ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है, जहां विगत दो वर्षों में बाल विवाह का कोई भी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ हो। इसी के तहत जिले के विभिन्न विकास खंडों से प्रस्ताव प्राप्त हुए और नियमानुसार जांच के बाद संबंधित दस्तावेज महिला एवं बाल विकास विभाग को प्राप्त हुए। इसके पश्चात 06 मार्च 2026 को दावा-आपत्ति के लिए पत्र जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित तिथि तक महिला एवं बाल विकास विभाग जिला एमसीबी कार्यालय में कोई भी दावा या आपत्ति प्राप्त नहीं हुई।

    हालांकि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से कुछ ग्राम पंचायतों में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर ब्लॉक खड़गवां के ग्राम पंचायत आमालाड, मुकुन्दपुर और दुग्गी, ब्लॉक भरतपुर के ग्राम पंचायत सेमरिया तथा ब्लॉक मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पंचायत डंगौरा और चिमटीमार को सूची से विलोपित कर दिया गया है। कलेक्टर की अनुशंसा के आधार पर चयनित ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को तीन चरणों में बाल विवाह मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा तथा आगे की प्रक्रिया के तहत जिले के अन्य पंचायतों और नगरीय निकायों को भी प्रमाण पत्र प्रदान कराया जाएगा।

     बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ की ग्राम पंचायत चौघड़ा, तेन्दूडांड, बंजी, बिहरापुर, भलौर, हस्तिनापुर, पिपरिया, चिरईपानी, चैनपुर, कठौतिया, छिपछिपी, सेमरा, बुन्देली, सिरौली, भौता, शंकरगढ़, बॉही, बिरौरीडांड, गरूणडोल, बुलाकीटोला, घाघरा, उजियारपुर, बौरीडांड, महाई, बेलबहरा, डुगला, रोझी, चनवारीडांड, मनवारी, डोडकी, केल्हारी, रोकड़ा, ताराबहरा, केराबहरा, परसगढ़ी, डिहुली और कछौड शामिल हैं। इसके साथ ही विकासखण्ड भरतपुर की ग्राम पंचायत बरहोरी, चांटी, ओहनिया, नेरूआ, बड़गांव कला, केसौड़ा, डोमहरा और कुदरा तथा विकासखण्ड खड़गवां की ग्राम पंचायत बोडेमुडा, छोटेकलुआ, पेण्ड्री, बरदर, गिद्धमुड़ी, अखराडांड, जड़हरी, मंगोरा और बेलकामार ग्राम पंचायत भी इस सूची में शामिल हैं। जिले में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और आमजन की सक्रिय भागीदारी के कारण बाल विवाह रोकने की दिशा में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है, जो समाज में जागरूकता और बेटियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान: बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति की ओर हो रही प्रगति

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान: बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति की ओर हो रही प्रगति

    बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    ‘आदि परब’ जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने का बेहतर आयोजन

    ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिला ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ पुरस्कार

    मुख्यमंत्री ने 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे अटायर शो का लिया आनंद

    जनजातीय विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और शोधार्थियों के लिए 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण

    हर्षोल्लास के साथ ‘आदि परब’ का हुआ समापन

    रायपुर 
    हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं। बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘आदि परब’ की थीम ‘परंपरा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिले ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के आयोजन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की व्यापकता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और पारंपरिक व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। हमारी लोक परंपराएँ ही हमारी असली पहचान हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्थित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह जी की जीवनगाथा को समर्पित है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन के विभिन्न अवसरों पर पहने जाने वाले पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है। आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होगा।

    उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज देश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जैसे नेतृत्व के कारण आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी समाज की बेटी मती द्रौपदी मुर्मु को अवसर मिला, जो पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। अति पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) हमारी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के जनजातीय गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही इन क्षेत्रों के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

    इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जनजातीय समाज के गौरव के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित संग्रहालय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह देश का ऐसा डिजिटल संग्रहालय है जिसका अध्ययन करने देश और विदेश से लोग आ रहे हैं। संग्रहालय में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय नायकों और आंदोलनों की जीवंत प्रस्तुति की गई है, जो समाज के गौरव को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि सरकार 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार ने एफआरए के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया है।

    इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने ‘परंपरा से पहचान तक’ की थीम पर आयोजित ‘आदि परब’ के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमने नक्सलवाद की पीड़ा को नजदीक से देखा है और अब डबल इंजन की सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘आदि परब’ के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले जनजातीय समाज के  अंकित साकिनी और  डायमंड ध्रुव को सम्मानित किया। साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन NIT और IIT में हुआ है। मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए चेक भी प्रदान किए।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने सरगुजा क्षेत्र के जनजातीय इतिहास पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया तथा पारंपरिक वेशभूषा में सजे जनजातीय युवाओं द्वारा प्रस्तुत अटायर शो का आनंद लिया।

    कार्यक्रम में विधायक  प्रबोध मिंज एवं  इन्द्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष  रूपसिंह मण्डावी, छत्तीसगढ़ राज्य औषधि एवं पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, आदिम विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर, टीआरटीआई की संचालक तमी हिना नेताम सहित बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।