Category: छत्तीसगढ़

  • जांजगीर का रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर

    जांजगीर का रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर

    रायपुर

    जांजगीर का रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर

    छत्तीसगढ़ के जांजगीर नगर में स्थित विष्णु मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से ‘नकटा मंदिर’ भी कहा जाता है, प्रदेश की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। महानदी अंचल की ऐतिहासिक भूमि पर निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के कारण सदियों से जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

    कलचुरी काल की स्थापत्य विरासत

    इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में कलचुरी शासकों के काल में प्रारंभ हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र कला, स्थापत्य और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। मंदिर की संरचना नागर शैली में निर्मित है, जिसमें ऊँचा शिखर, अलंकृत गर्भगृह तथा सुसज्जित मंडप की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हालांकि निर्माण कार्य किसी अज्ञात कारण से अधूरा रह गया, किंतु जो संरचना आज विद्यमान है, वह उस युग की समृद्ध कला और स्थापत्य कौशल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है।

    अद्वितीय शिल्पकला और सूक्ष्म नक्काशी

    मंदिर की दीवारों, स्तंभों और आधार भागों पर की गई बारीक नक्काशी अत्यंत आकर्षक है। इनमें विभिन्न पौराणिक प्रसंग, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, गंधर्व, अप्सराएँ और अलंकारिक रूपांकन उकेरे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्तियों के अनुपात, भाव-भंगिमा और अलंकरण शैली से तत्कालीन शिल्पियों की उच्च कोटि की दक्षता का परिचय मिलता है। प्रत्येक आकृति मानो किसी कथा का दृश्य रूपांतरण हो, जो भारतीय धर्म और संस्कृति की गहराई को अभिव्यक्त करता है।

    अधूरापन: रहस्य और किंवदंती

    मंदिर के अधूरे रह जाने को लेकर कई मत प्रचलित हैं। कुछ इतिहासकार इसे राजनीतिक अस्थिरता या सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हैं, जबकि स्थानीय लोककथाओं में इसे दैवीय संकेत या अलौकिक कारणों से संबंधित बताया जाता है। यद्यपि सटीक कारणों का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है, किंतु यही अधूरापन इस मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह अधूरी रचना भी पूर्ण सौंदर्य का अनुभव कराती है और दर्शकों को इतिहास के उस कालखंड में ले जाती है, जब कला और आस्था का अद्भुत संगम हुआ करता था।

    आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

    आज यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थल होने के साथ-साथ पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में इस मंदिर का विशेष स्थान है। पुरातात्विक महत्व के कारण इसे संरक्षित स्मारक के रूप में देखा जाता है और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंदिर परिसर में खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो समय ठहर गया हो और पत्थरों में इतिहास बोल रहा हो।

    विरासत जो अधूरी होकर भी पूर्ण है

    जांजगीर का विष्णु मंदिर यह संदेश देता है कि विरासत केवल पूर्ण संरचनाओं में ही नहीं, बल्कि अधूरी कहानियों में भी जीवित रहती है। इसकी भव्यता, शिल्प और रहस्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते रहेंगे। अधूरा होकर भी यह मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

  • माँ बम्लेश्वरी धाम में चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान बढ़ाएं सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था: कलेक्टर

    माँ बम्लेश्वरी धाम में चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान बढ़ाएं सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था: कलेक्टर

    डोंगरगढ़.

    माँ बम्लेश्वरी मंदिर में 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तय की गई। बैठक में विधायक हर्षिता बघेल और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    कलेक्टर ने कहा कि नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुविधा के लिए पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई और यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और व्यवस्थित पार्किंग पर विशेष जोर दिया गया। अंजोरा से अछोली तक सेवा पंडाल लगाने, जहां श्रद्धालुओं को विश्राम, चाय-नाश्ता और भोजन की सुविधा उपलब्ध हो, इसके निर्देश भी दिए गए।
    स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सा विभाग को ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयों और मरहम-पट्टी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। मंदिर के ऊपर और नीचे डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। पदयात्रियों के पैरों में छाले जैसी समस्याओं को देखते हुए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था विशेष रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था के मद्देनजर मेला स्थल और मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी, साथ ही क्विक रिस्पांस टीम भी सक्रिय रहेगी। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक, रेडियम पट्टी और अस्थायी गति अवरोधक लगाए जाएंगे। असामाजिक तत्वों पर सख्त नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
    रोपवे के फिटनेस सर्टिफिकेट और मेंटेनेंस की समीक्षा की गई तथा ट्रस्ट से आवश्यक जानकारी ली गई। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिष्ठान्न और अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। डोंगरगढ़ को प्लास्टिक मुक्त रखने और मंदिर परिसर व सीढ़ियों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। मेले की संपूर्ण व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • CM साय ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों के साथ खेली होली

    CM साय ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों के साथ खेली होली

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” और “महामूर्ख सम्मेलन 2026” में शामिल हुए. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करने का पावन अवसर भी है. यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन और गिले-शिकवे भुलाकर नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है.

    बिलासपुर सहित जिलेभर में सोमवार देर रात शुभ मुहूर्त पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया गया. मोहल्लों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. पंडितों के अनुसार भद्राकाल की वजह से देर रात का मुहूर्त अत्यंत शुभ माना गया, इसलिए बड़ी संख्या में लोगों ने इसी समय होलिका दहन किया. होलिका दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया. प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि त्योहार शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके.

    बुधवार को मनाई जाएगी होली
    चंद्र ग्रहण के कारण इस वर्ष रंगों की होली बुधवार को मनाई जाएगी. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक ग्रहण काल में रंग खेलने की परंपरा नहीं है, इसलिए धर्मशास्त्रों के अनुसार ग्रहण समाप्ति और शुद्धि के बाद ही होली खेलना शुभ माना जाता है. ग्रहण के चलते मंगलवार को मंदिरों के कपाट भी निर्धारित समय तक बंद रहेंगे. ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान-दान और पूजन का विशेष महत्व बताया गया है.

    होली पर्व को लेकर लोगों में उत्साह
    बुधवार को रंगों का पर्व धूमधाम से मनाए जाने की तैयारी है. बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की खरीदारी तेज रही. लोगों में होली को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि होली आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.

  • संशोधन के बाद जमीन की नई गाइड लाइन दर घोषित

    संशोधन के बाद जमीन की नई गाइड लाइन दर घोषित

    दुर्ग.

    संशोधन उपरांत जमीन की नई गाइडलाइन दर घोषित कर दी गई है नवीन दर के अनुसार शहर में स्टेशन रोड पटेल चौक से फरिश्ता काम्प्लेक्स, ग्रीन चौक तक की जमीन सबसे महंगी है वहीं करहीडीह के जमीन की दर सबसे कम है.

    जारी नई गाइड लाइन दर के मुताबिक स्टेशन रोड पटेल चौक से फरिश्ता काम्प्लेक्स, शिवममाल होते ग्रीन चौक तक मुख्य मार्ग के जमीन की दर प्रति वर्ग मीटर 1 लाख 55 हजार एवं मुख्य मार्ग से अंदर 50 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर है. इसी प्रकार शनिचरी बाजार से भाजपा कार्यालय होते माजार तक भी मुख्य मार्ग की जमीन प्रति वर्ग मीटर 1 लाख 55 हजार वहीं अंदर की 45000 रुपए प्रतिवर्ग मीटर है जबकि करहीडीह में सबसे कम 7500 रुपए प्रतिवर्ग मीटर दर निर्धारित है.

    संशोधन के बाद वृद्धि दर को रखा सौ प्रतिशत से नीचे
    यहाँ यह बताना लाजिमी है कि पूर्व में नवम्बर माह में घोषित जमीन की दरों में 400 से 500 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई थी इसे लेकर लोगों बहुत रोष व्याप्त था. इसके विरोध में आंदोलन भी हुए इसके बाद इसमें पुनर्विचार पश्चात अब वृद्धि दर को सौ प्रतिशत से नीचे रखा गया जानकारों के अनुसार दुर्ग शहर में संशोधन पश्चात यह वृद्धि औसत लगभग 50 प्रतिशत तक आ गया है. नवम्बर में घोषित दर में कहीं 6500 से 6000 रुपए प्रतिवर्ग मीटर को 15000 प्रति वर्ग मीटर कर दिया था, इसे 11000 प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है.

    ऐसे ही अलग-अलग क्षेत्रों अलग-अलग तरीके से 100 प्रतिशत से नीचे रखा गया. वहीं कंडिका खतम करने से छोटी बड़ी सभी कालोनियों में जमीन की दर बराबर हो गई थी. इससे कई जगहों अप्रत्याशित तरीके से जमीन की दर बड़ गई थी. इसमें भी सुधार किया गया. ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमीन की दरें कई गुना बढ़ गई थी इसे भी नवम्बर में घोषित दर से कम किया गया है.

  • गरीबों के राशन में गड़बड़ी पर हटाए गए दो संचालक

    गरीबों के राशन में गड़बड़ी पर हटाए गए दो संचालक

    जगदलपुर.

    राशन वितरण में गड़बड़ी पर जगदलपुर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। शहर की दो दुकानों के संचालक हटाए गए। स्टॉक और वितरण में भारी अंतर मिला। ग्रामीण क्षेत्रों की चार दुकानों की जांच जारी है। दोषियों पर निलंबन और एफआईआर की तैयारी है। कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है। गरीबों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

    पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर है। कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप है। प्रशासनिक सख्ती का असर दिखने लगा है। पीडीएस व्यवस्था पटरी पर लाने की कोशिश तेज है। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच में शॉर्टेज की पुष्टि के बाद यह कदम उठाया गया। कार्रवाई से राशन दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। विभागीय जांच में कई दुकानों पर राशन की कमी पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष भी 66 राशन दुकानों में शॉर्टेज का मामला सामने आया था। इसके बावजूद सुधार नहीं होने पर इस बार सीधे निलंबन की कार्रवाई की गई।

    एसडीएम को सौंपी जिम्मेदारी
    प्रशासन ने हर ब्लॉक में कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम को सौंपी है। जिन दुकानदारों ने समय पर राशन वितरण या राशि जमा नहीं की, उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। कुछ दुकानदारों को पूर्व में चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन लापरवाही जारी रहने पर निलंबन किया गया।

    नई एजेंसियों को सौंपी जा रही दुकानें
    सूत्रों के मुताबिक, कई स्थानों पर नई एजेंसियों से राशन दुकानों का संचालन कराया जा रहा है, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारु रह सके। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई संभव है।

  • होली पर हुड़दंगियों का वीडियो भेजने पर विधायक देंगे 21 हजार का इनाम

    होली पर हुड़दंगियों का वीडियो भेजने पर विधायक देंगे 21 हजार का इनाम

    दुर्ग.

    होली का त्यौहार नजदीक है। ऐसे में हुडदंगियों पर लगाम लगाने पुलिस प्रशासन लगातार नशे के कारोबारियों और शांति व्यवस्था भंग करने वाले बदमाशों पर कार्रवाई कर रही है। वहीं शांति पूर्ण और सौहार्द्र पूर्ण ढंग से होली का त्योहार सम्पन्न हो सके, इसके लिए दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने एक नई पहल की है।

    विधायक रिकेश सेन ने होली के दिन हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने पर 21 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। ऐसा करने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले विधायक हैं। बता दें कि रिकेश सेन इसी तरह अपने अलग-अलग तरह के योजनाओं के लिए चर्चा में बने रहते हैं। वहीं शांति से होली का पर्व मनाने नई पहल की है। उन्होंने हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने की अपील लोगों से की है। वीडियो भेजने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। उन्हें विधायक 21 हजार देकर सम्मानित करेंगे।

    विधायक सेन ने साफ कहा है कि हुड़दंग मचाने वालों की खैर नहीं होगी। महिलाओं, बहनों को छेड़ने पर भी तुरंत पुलिस या विधायक कार्यालय में सूचना दें। आरोपियों को पुलिस सबक सिखाएगी। हुड़दंग मचाने वालों को साल दो साल जमानत मिलना मुश्किल होगा।

  • छत्तीसगढ़ में आज से 7 मार्च तक मनेगा जन औषधि सप्ताह

    छत्तीसगढ़ में आज से 7 मार्च तक मनेगा जन औषधि सप्ताह

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में आज से 7 मार्च तक जन औषधि सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “जन औषधि : सस्ती भी, भरोसेमंद भी” रखी गई है। सप्ताहभर प्रदेशभर में विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहां मुफ्त जांच की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

    लोगों को जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं और उनके लाभ के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 6 मार्च को राजधानी रायपुर में जन औषधि पदयात्रा निकाली जाएगी। वहीं 7 मार्च को रायपुर में राज्य स्तरीय जन औषधि दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    राजनांदगांव दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री साय
    रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजनांदगांव जिले के दौरे पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11 बजे सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे। दोपहर 1 बजे वे डोंगरगढ़ के नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित फाल्गुन महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4 बजे रायपुर स्थित अपने निवास लौटेंगे।

  • 106830 किसानों को आज होगा 407 करोड़ का भुगतान

    106830 किसानों को आज होगा 407 करोड़ का भुगतान

    दुर्ग.

    जिले के समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर की राशि 407 करोड़ 89 लाख 82 हजार का आज भुगतान होगा. इससे कुल 106830 किसान लाभान्वित होंगे. इसमें कामन धान 15351 व ग्रेड ए पर 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी.

    योजनांतर्गत जिले में वर्ष 2025-26 के कृषक उन्नति योजनांतर्गत विकासखण्ड- दुर्ग के 25057 कृषकों को 8703.03, पाटन 44122 कृषकों को 16995.87 लाख एवं धमधा के 37651 कृषकों को राशि 15090.54 लाख रुपए भुगतान की जा रही है. खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि 731 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) का राशि 711 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जायेगा.

  • भिलाई स्टील प्लांट के एचएसएलटी ठेका श्रमिकों की पेंशन शुरु

    भिलाई स्टील प्लांट के एचएसएलटी ठेका श्रमिकों की पेंशन शुरु

    भिलाई नगर.

    बीएसपी में एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के प्रयास से 110 श्रमिकों को पेंशन मिलना शुरु हो गया है. उन्हें 2700 रु. प्रतिमाह पेंशन मिल रहा है तथा लगभग 170000 रु. मिलना प्रारंभ हो गया है. सेवानिवृत्त एचएसएलटी श्रमिकों ने इंटक के प्रयास के लिए इंटक आफिस जाकर आभार जताया.

    भिलाई इस्पात संयंत्र में साफ-सफाई एवं उत्पादन कार्य में विगत 40 वर्षों से कार्य करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. ईपीएफ के केवाईसी लंबित रहने के कारण लगभग 10 वर्षों से प्रयासों के बावजूद उनका पेंशन प्रारंभ नहीं हो पा रहा था. इस संबंध में ठेका श्रमिकों से ने स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) कार्यालय में अध्यक्ष संजय कुमार साहू संपर्क किया. विगत दो वर्षों के सतत प्रयासों तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के उच्च प्रबंधन, सीएलसी ठेका प्रकोष्ठ, वित्त विभाग एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन रायपुर के सहयोग से 250 ठेका श्रमिकों में से 110 श्रमिकों का पेंशन प्रारंभ हो गया है. शेष श्रमिकों की प्रक्रिया प्रगति पर है.

  • रायपुर: राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल, उन्नत तकनीक से टमाटर उत्पादन और मुनाफा बढ़ा

    रायपुर: राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल, उन्नत तकनीक से टमाटर उत्पादन और मुनाफा बढ़ा

    रायपुर : राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल : उन्नत तकनीक से टमाटर खेती में बढ़ा उत्पादन और मुनाफा

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने और केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

    जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान श्री सुनील भगत ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में टमाटर की उन्नत खेती कर सफलता हासिल की है। उन्होंने विभागीय परामर्श के बाद जीके देशी किस्म का टमाटर लगाया, जिससे प्रति एकड़ लगभग 9 टन उत्पादन प्राप्त हुआ।

    किसान श्री भगत ने बताया कि वे मौसम के अनुसार सब्जी फसलों की खेती करते हैं। वर्तमान सीजन में उन्होंने लगभग 85 हजार 500 रुपये का टमाटर विक्रय किया। कुल लागत व्यय निकालने के बाद उन्हें 55 हजार 500 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। वे अन्य विभागीय योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं और अब ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    श्री सुनील भगत की सफलता से ग्राम पंचायत टेम्पू सहित आसपास के गांवों के किसान भी प्रेरित हुए हैं। कई किसान अब उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने और विभागीय योजनाओं से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकें।

    राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के किसानों को न केवल आधुनिक खेती की दिशा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।