Category: मनोरंजन

  • बिग बॉस में रीति तिवारी को लेकर नया ट्विस्ट, सिंगर एकम बावा ने किए बड़े दावे

    बिग बॉस में रीति तिवारी को लेकर नया ट्विस्ट, सिंगर एकम बावा ने किए बड़े दावे

    भोजपुरी सुपरस्टार और नेता मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी जब से बिग बॉस में गई हैं, तभी से उनका पूरा परिवार लाइमलाइट में है. शो में रीति तिवारी को दर्शकों का खास रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा. काजी तौकीर और उदिति सिंह को गाली देने पर रीति को जमकर ट्रोलिंग झेलनी पड़ रही है. इस बीच कहानी में एक नया और बड़ा ट्विस्ट आ गया है.

    रीति को लेकर सिंगर का बड़ा दावा
    सिंगर एकम बावा ने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट शेयर करके ये दावा किया है कि मनोज तिवारी की एक्स वाइफ रानी तिवारी संग वो रिश्ते में थे. इस लिहाज से एकम बावा ने रीति को अपनी बेटी बताया.

    एकम बावा ने रीति तिवारी और उनकी मां को लेकर कई बड़े दावे भी किए हैं. एकम ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने रीति की मां से शादी की थी. उन्होंने यह भी कहा कि बिग बॉस में रीति झूठ बोल रही हैं.

    एकम बावा ने दावा किया है कि वो साल 2020 से 2025 के बीच रानी और रीति के साथ एक ही फ्लैट में रह रहे थे. उन्होंने दावा किया कि रीति अपनी मां के साथ उनके रिश्ते से अच्छी तरह वाकिफ थीं. बावा के मुताबिक, शादी के बंधन में बंधने से पहले वो और रानी 2020 से 2022 तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे थे. अपने इन दावों और रिश्तों को साबित करने के लिए बावा ने रीति और उनकी मां रानी के साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी बतौर सबूत शेयर की हैं.

    रीति को सिंगर ने बताया झूठा
      रीति ने शो में ये दावा किया था कि उन्हें पिता मनोज तिवारी से खर्चे के लिए हर महीने सिर्फ 25,000 रुपये मिलते हैं. रीति के इस दावे को भी सिंगर ने झूठा बताया है. उन्होंने कहा- जिसके पास 4-5 लाख रुपये के हैंडबैग हों… उसके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां हैं. रेंज रोवर का तो महीने का खर्चा ही 2.5 से 3 लाख रुपये का है. आप 25,000 रुपये की बात कर रहे हैं?

    एकम बावा ने आगे दावा किया कि रीति एक बड़े टर्नओवर वाली स्पोर्ट्स कंपनी चलाती हैं और मुंबई में उसके अपने महंगे फ्लैट्स भी हैं. उस पर निशाना साधते हुए बावा ने कहा- लोगों को बेवकूफ बनाना बंद कीजिए. आप बिग बॉस के घर में जाकर दूसरों को गालियां दे रही हैं. बच्चे इस तरह की हरकतें नहीं करते. इस तरह की बातें आपके व्यक्तित्व को बिल्कुल शोभा नहीं देतीं.

    सिंगर ने रीति तिवारी के संस्कारों पर भी सवाल उठाए. सिंगर ने दावा किया- रीति, मनोज तिवारी की बेटी हैं. लेकिन ऑन पेपर लीगली मैं रीति का बाप हूं. रीति की मां ने दूसरी शादी मेरे साथ की. रीति जिस तरह की बातें कर रही है, मुझे बहुत शर्म आ रही है. काजी भाई को कितनी गालियां दे रही है.

    बता दें कि रानी तिवारी ने कभी भी एकम बावा संग अपनी शादी को कंफर्म नहीं किया. उन्होंने न ही अब तक एकम के दावों पर रिएक्ट किया है. सिंगर के दावों की हम पुष्टि नहीं करते हैं.
     

  • Bigg Boss में रीति तिवारी पर भड़के सलमान खान, बोले- ‘आपको कोई नहीं जानता था’

    Bigg Boss में रीति तिवारी पर भड़के सलमान खान, बोले- ‘आपको कोई नहीं जानता था’

    लगता है कि इस हफ्ते का 'वीकेंड का वार' बीजेपी सांसद और भोजपुरी एक्टर मनोज तिवारी की बेटी रीति के लिए बड़ा मुश्किल होने वाला है. घर में उनका बर्ताव हर दिन बिगड़ता दिख रहा है. उदिति सिंह और काजी तौकीर को एक रैप बैटल के दौरान उन्होंने भद्दी गालियां दी थीं. सोशल मीडिया पर तो रीति सबके निशाने पर है हीं, मगर अब शो के होस्ट सलमान खान से भी उन्हें डांट सुननी पड़ रही है.

    बिग बॉस के वीकेंड का वार एपिसोड की क्लिप्स इस समय बाहर आ रही हैं, जिसमें सलमान खान मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी पर जमकर बरस रहे हैं. सुपरस्टार का कहना है कि उनका ये बर्ताव सही नहीं है, वो काजी से जलती हैं. उनका किया डिस (diss) टास्क काफी बेकार था. उन्होंने काजी और उदिति की बेइज्जती की. इस बात पर सलमान ने बाकी घरवालों की भी क्लास लगाई कि क्यों किसी ने रीति को उस समय टोका नहीं, जबकि वो अपनी सारी हदें पार कर गई थीं.

    सलमान के निशाने पर रीति तिवारी
    अब एक नए प्रोमो में सलमान ने रीति तिवारी के रवैये पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि मनोज तिवारी की बेटी शो में एक रॉकस्टार बनने का सपना लेकर आई थी. लेकिन जो उनकी भाषा है, वो उन्हें कहीं और लेकर जा रहा है. उनकी इन बातों से रीति पर फर्क पड़ेगा, साथ ही उनके पिता मनोज तिवारी पर भी सवाल उठेंगे. सलमान ने रीति से सवाल करते हुए कहा- कोई भी आपको तबतक नहीं जानता था जबतक आप बिग बॉस में आईं. ये हकीकत है? जिसपर रीति ने भी हामी भरी.

    आगे सलमान ने रीति से सीधे शब्दों में कहा- देखो, आप मनोज तिवारी की बेटी हैं. अभी तक तो बाहर सब यही बोल रहे होंगे ना कि ये उनकी बेटी है, तो उनके फेम के जरिए आप बिग बॉस में आईं. एक तरह से नेपोटिज्म के सहारे आपको शो मिला. लोग कह रहे हैं कि कोई इसे जानता नहीं, पहचानता नहीं है. उन्होंने ये तक कहा कि नेपोटिज्म की लड़की है, तो सलमान इसपर चीखेगा या चिल्लाएगा नहीं. ऐसी परिस्थिति को हैंडल करने के दो तरीके हैं. एक है- भाई बजाओ, दूसरा समझाओ. आप इन दोनों में से कौनसा चुनना पसंद करेंगी?

    अब देखना है कि आज की रात सलमान खान का गुस्सा रीति तिवारी पर कितना फूटता है. क्या रीति के बर्ताव पर उनके पिता मनोज तिवारी कुछ कहेंगे?

  • ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद मेकर्स से माफी मांग रहे बॉलीवुड के लोग, प्रोड्यूसर ने बताया कारण

    ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद मेकर्स से माफी मांग रहे बॉलीवुड के लोग, प्रोड्यूसर ने बताया कारण

    नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश 50 दिनों में इतिहास रच चुकी है. मेकर्स ने जो प्रॉफिट इससे कमाया है, वो हर बड़ी बजट की फिल्म से कई गुना बड़ा है. हालांकि उनका मकसद अभी पूरा खत्म नहीं हुआ है. वो चाहते हैं कि फिल्म 100 दिनों तक थिएटर्स में लगी रहे. इतनी बड़ी सक्सेस के बीच बॉलीवुड के कुछ लोग भी फिल्म के मेकर्स से माफी मांग रहे हैं. लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? इसका खुलासा खुद प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने किया है.

    सिद्धार्थ कन्नन संग बातचीत में फिल्म हनुमान अंश प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया कि डायरेक्टर ने कई बड़े लोगों से इस फिल्म मैं पैसा लगाने के लिए मुलाकात की थी. हालांकि तब किसी ने उनकी मदद नहीं की. लेकिन अब चूंकि फिल्म इतनी बड़ी सक्सेस बन गई, तो वही लोग डायरेक्टर-प्रोड्यूसर को कॉल करके माफी मांग रहे हैं.

    सफलता से पहले छोड़ा साथ
    अनुप्रिया ने कहा- शुरुआत से ही, मेरे फिल्म से जुड़ने से पहले भी हनुमान अंश की टीम पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए कई लोगों के पास इनवेस्टमेंट मांगने गई थी, लेकिन किसी ने भी पैसे लगाने के लिए हामी नहीं भरी. जबकि इसके लिए बहुत बड़े इनवेस्टमेंट की जरूरत भी नहीं थी.

    'फिल्म रिलीज होने से पहले कुछ ही लोगों ने हमारा साथ दिया था, लेकिन ज्यादातर लोगों को इस प्रोजेक्ट पर भरोसा नहीं था. उन्हें लगता था कि ये छोटे बजट की फिल्म है, डायरेक्टर की ये पहली फिल्म है और कलाकार भी नए हैं. उन्हें लगा कि फिल्म आएगी और चली जाएगी. लोगों को इस फिल्म की कामयाबी पर भरोसा नहीं था.'

    बॉलीवुड को हुआ अफसोस
    प्रोड्यूसर ने आगे फिल्म की रिलीज के बाद बदले माहौल पर कहा- बहुत से प्रोड्यूसर्स ने हमसे कॉन्टैक्ट किया है, जो हमारे लिए बहुत अच्छी बात है. उन्होंने हमें फिल्म की सफलता के लिए बधाई दी है. कुछ तो मेरे पास आए और बोले कि सबसे पहले मैं आपसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि ये फिल्म हमारे पास आई थी. हमें अफसोस है कि हम आपके साथ नहीं जुड़ पाए. ये मेरी सबसे बड़ी गलती थी.

    'आपने हमें ये एहसास कराया है कि एक छोटी फिल्म भी बहुत कुछ हासिल कर सकती है. आपने पूरी इंडस्ट्री को एक बड़ी सीख दी है. आपको जो भी मदद चाहिए, हम आपके साथ हैं. हालांकि मैं उन्हें इसके लिए दोष नहीं देती, क्योंकि उस वक्त यह बहुत छोटे बजट की फिल्म थी.'

    बात करें फिल्म हनुमान अंश की, तो इसने अभी तक 370 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है. अब ये 400 करोड़ पार जाने की तैयारी में है.

  • सुनील पाल का सलमान खान पर हमला, बोले- पहले ‘बिग बॉस’ बंद करिए, ये ‘गटर शो’ है

    सुनील पाल का सलमान खान पर हमला, बोले- पहले ‘बिग बॉस’ बंद करिए, ये ‘गटर शो’ है

    कॉमेडियन सुनील पाल अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. अब उन्होंने सलमान खान और उनके होस्ट किए जाने वाले रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ पर तीखा हमला बोला है. सुनील पाल ने शो के कंटेंट और इसमें शामिल होने वाले कंटेस्टेंट्स पर सवाल उठाते हुए इसे ‘गटर शो’ तक कह दिया. उन्होंने सलमान खान से कहा कि अगर वो लोगों को सलाह दे रहे हैं, तो पहले उन्हें अपने शो के कंटेंट पर ध्यान देना चाहिए.

    सलमान पर साधा निशाना
    मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील पाल ने सलमान खान की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी. सलमान ने ‘बिग बॉस 20’ के वीकेंड का वार एपिसोड में सेलिब्रिटीज को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने और बॉडी शेमिंग का मुद्दा उठाया था. उन्होंने ट्रोल्स को फटकार लगाते हुए कहा था कि किसी के लुक या काम को लेकर अपमानजनक बातें नहीं करनी चाहिए.

    सलमान की इस बात पर सुनील पाल ने कहा कि सलमान खान को स्टार दर्शकों और देश की जनता ने बनाया है. उनके मुताबिक, लोगों ने सलमान की फिल्में देखीं और उन्हें लगातार प्यार दिया, तभी वह आज इतने बड़े स्टार हैं. सुनील ने सलमान के साथ शाहरुख खान और दूसरे बड़े सितारों को भी नसीहत देते हुए कहा कि अब उन्हें बदलते समय और दर्शकों की पसंद को समझना चाहिए.

    ‘बिग बॉस पहले बंद करिए’
    सुनील पाल ने कहा कि भाईजान, पहले ‘बिग बॉस’ को बंद करिए. उन्होंने शो को ‘गटर शो’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें छपरी लोगों को स्टार बना दिया जाता है, जिनका व्यवहार और विवाद समाज के लिए सही उदाहरण नहीं हैं. कॉमेडियन ने ये भी कहा कि शो से जुड़े हर व्यक्ति को आलोचना के लिए तैयार रहना चाहिए. उनके अनुसार, ‘बिग बॉस’ में आने वाले कुछ कंटेस्टेंट्स अपने विवादों और आपत्तिजनक व्यवहार के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन शो उन्हें बड़े मंच पर पहुंचा देता है.

    सुनील पाल ने कहा कि शो में शामिल कुछ लोग समाज के लिए गलत उदाहरण हैं, फिर भी उन्हें लोकप्रियता और स्टारडम मिल जाता है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि सलमान खान अलग-अलग मुद्दों पर अपनी सुविधानुसार रुख बदलते हैं.

    यह पहली बार नहीं है जब सुनील पाल ने किसी रियलिटी शो या मनोरंजन जगत की बड़ी हस्ती पर टिप्पणी की हो. इससे पहले वह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में कुछ कॉमेडियंस को बुलाए जाने पर भी सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर शो के मेकर्स और अमिताभ बच्चन पर निशाना साधा था.

  • शाहरुख से भी ज्यादा अमीर हैं ‘रामायण’ के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा

    शाहरुख से भी ज्यादा अमीर हैं ‘रामायण’ के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा

    बॉलीवुड के सबसे अमीर सितारों में कौन-कौन शुमार है, इसका खुलासा हो गया है. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 रिलीज हुई है. इसमें किंग शाहरुख खान ने बाजी मारी है. वो सबसे अमीर बॉलीवुड स्टार हैं. उनकी नेटवर्थ 10,000 करोड़ रुपये है. 2025 में उनकी दौलत 12,490 करोड़ थी. पिछले साल की तुलना में बादशाह की कमाई में 2,490 करोड़ रुपये की गिरावट आई है. लेकिन क्या आप जानते हैं किंग खान से ज्यादा नेटवर्थ रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की है. वो 16,000 करोड़ के मालिक हैं.

    किससे अमीरी में पिछड़े शाहरुख?
    इस लिस्ट के मुताबिक, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के पिता नरेश मल्होत्रा 16,000 करोड़ रुपये की कमाई के साथ लिस्ट में शामिल हैं. नरेश मल्होत्रा पेशे से फिल्म प्रोड्यूसर हैं. उन्होंने मूवी 'दुनिया मेरी जेब में', 'शहंशाह', 'सहरी बाघा' जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया था. वो विजुअल इफेक्ट्स कंपनी प्राइम फोकस से जुडे़ हुए हैं. नमित के दादा दी एम. एन. मल्होत्रा फेमस सिनेमैटोग्राफर थे. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 के मुताबिक, मल्होत्रा परिवार की संपत्ति में 279 फीसदी का बड़ा इजाफा हुआ है. मल्होत्रा परिवार की कुल संपत्ति करीब 16,000 करोड़ रुपये हो गई है. नमित का परिवार हुरुन लिस्ट में 232वें नंबर पर है. नमित घर से सबसे बड़े बेटे हैं. वो प्रोड्यूसर होने के अलावा विजुअल इफेक्ट्स के बिजनेस से भी जुड़े हुए हैं.

    कैसे शुरू हुई नमित की जर्नी?
    नमित फिल्मी फैमिली से आते हैं. इसलिए वो बचपन से सिनेमा की दुनिया के आसपास पले बढ़े हैं. उन्होंने एक्टिंग-डायेक्शन के बजाय टक्निकल और विजुअल इफेक्ट्स के फील्ड को चुना. महज 19 साल की उम्र में उन्होंने पिता के गैराज में एक छोटा सा वीडियो वर्कशॉप शुरू किया था. अपने स्टार्टअप को बाद में उन्होंने पिता नरेश मल्होत्रा के प्रोडक्शन बैनर 'वीडियो वर्क्स' के साथ मर्ज किया. दोनों कंपनियों के मर्जर के बाद इसका नाम प्राइम फोकस रखा गया. नमित ने प्राइम फोकस को ग्लोबल लेवल पर प्रमोट किया.

    उनकी कपनी का कोराबार लंदन, न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स और वैंकूवर जैसे बड़े शहरों में फैला. कुछ वक्त बाद प्राइम फोकस का विलय ब्रिटेन की विजुअल इफेक्ट्स कंपनी डबल नेगेटिव (DNEG) के साथ हुआ. DNEG ने हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों के विजुअल इफेक्ट्स पर काम किया है. इनमें इंसेप्शन, ड्यून, इंटरस्टेलर जैसी मूवीज शामिल हैं. फिलहाल नमित मल्होत्रा DNEG के चेयरमैन और सीआईओ हैं.

    नमित बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर हैं. इसके विजुअल इफेक्ट्स पर उनकी कंपनी ने काम किया है. रणबीर कपूर की फिल्म 2 पार्ट्स में बनेगी. इसका पहला पार्ट इसी साल दिवाली पर रिलीज होगा.

    कहां से होती है शाहरुख की कमाई?
    किंग खान एक्टर होने के साथ बिजनेमैन भी हैं. वो फिल्मों के अलावा ब्रैंड प्रमोशन, एंडोर्समेंट्स, बिजनेस से पैसा कमाते हैं. उनका खुद का प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट है. वो आईपीएल की टीम नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स से जुड़े हुए हैं. इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर अमिताभ बच्चन (4,000 करोड़ रुपये) तीसरे पर सलमान खान (3,000 करोड़ रुपये) और चौथे नंबर पर ऋतिक रोशन (2,500 करोड़ रुपये) हैं.

  • परिणीति चोपड़ा का OTT डेब्यू फीका! ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ में ट्विस्ट तो बहुत, रोमांच गायब

    परिणीति चोपड़ा का OTT डेब्यू फीका! ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ में ट्विस्ट तो बहुत, रोमांच गायब

    परिणीति चोपड़ा का ओटीटी डेब्यू हो गया है. उनकी सीरीज शक: ट्रस्ट नो वन आज नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई. सीरीज की कहानी ऐसी है, जिसे हम पहले सुन भी चुके हैं. यह अमेरिका के फिलाडेल्फिया की बच्ची डेलिमार वेरा (Delimar Vera) की जिंदगी से प्रेरित है.

    डेलिमार वेरा फिलाडेल्फिया की वही छोटी बच्ची जो 10 दिन की उम्र में गायब हो गई थी और वर्षों बाद अपनी मां से मिली. कहानी भावुक है, अविश्वसनीय है और इतनी सिनेमाई है कि इसमें बहुत ज्यादा सजावट की जरूरत ही नहीं है. लेकिन परिणीति की सीधे-सादे भावनात्मक आधार वाली सीरीज को तकरीबन 40-40 मिनट के सात एपिसोड में खींचा गया है और यहीं से परेशानी शुरू होती है.

    यह कहानी दो घंटे की एक कसी हुई फिल्म की हकदार थी. इसके बजाय मेकर्स इसे थ्रिलर, इमोशनल फैमिली ड्रामा, रिश्तों, रहस्य और कई जगह लगभग सुपरनैचुरल कहानी बनाने की कोशिश करते हैं. इसमें किडनैपिंग है, गैरकानूनी सरोगेसी है, बेवफाई है, सास-बहू का ड्रामा है, तंत्र-मंत्र है, हैलुसिनेशन हैं और इतने सारे राज हैं कि हर किरदार कुछ न कुछ छिपाता नजर आता है.

    कभी-कभी कहानी को सब कुछ देने की जरूरत नहीं होती. ‘शक’ के केंद्र में एक मां है, जो अपनी उस बेटी को तलाश रही है जिसे जन्म के वक्त अगवा कर लिया गया था. उसे यकीन है कि उसकी बच्ची जिंदा है और एक दिन उसकी जिंदगी में वापस आएगी. इतना भर अपने आप में एक मजबूत कहानी है लेकिन शो लगातार इसमें नई परतें जोड़ता जाता है, मानो मेकर्स को डर हो कि सिर्फ मां-बेटी की यह कहानी दर्शकों को बांधे नहीं रख पाएगी.

    नतीजा यह होता है कि थ्रिलर लगातार ट्विस्ट तो देता रहता है, लेकिन वह सबसे जरूरी चीज भूल जाता है जिसकी एक अच्छे थ्रिलर को जरूरत होती है, जिज्ञासा.

    दूसरे या तीसरे एपिसोड तक आपको काफी हद तक अंदाजा हो जाता है कि कहानी किस दिशा में जाने वाली है. इसके बाद आप यह जानने के लिए उत्सुक नहीं रहते कि हुआ क्या है. आप बस यह इंतजार करते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ और कैसे हुआ और जब दर्शक मोटे तौर पर रहस्य सुलझा चुका हो, लेकिन किरदार कई एपिसोड तक उसी रहस्य के आसपास घूमते रहें, तो सस्पेंस रोमांच की जगह धैर्य की परीक्षा लेने लगता है.

    ‘शक’ यानी संदेह शायद यही इस शो का सबसे बड़ा मिस्ड प्वॉइन्ट है. शो चाहता है कि दर्शक हर किसी पर शक करे लेकिन खुद मुख्य किरदार को शायद ही कभी किसी पर वास्तव में शक करने की ठोस वजह दी जाती है और यह पूरी तरह उसकी गलती नहीं, बल्कि कमजोर लेखन का नतीजा है.

    फिर आते हैं राज. यहां लगभग हर किसी के पास कोई न कोई राज है. कागज पर देखें तो ये सभी मसाले एक बेहद दिलचस्प और पल-पल करवट लेने वाली कहानी के लिए पर्याप्त हैं लेकिन ‘शक’ एक साथ मां की भावनात्मक कहानी भी बनना चाहता है और हर किरदार के इर्द-गिर्द घूमता ट्विस्ट से भरा थ्रिलर भी. इसी कोशिश के बीच कहानी कहीं अपना रास्ता खो देती है.

    लेखन कई जगह सुविधानुसार कहानी को आगे बढ़ाता नजर आता है. एक पुलिस अफसर है, लेकिन भावनात्मक एंगल बनाने के लिए उसे बीमार कर दिया जाता है और फिर वह टैरो कार्ड पढ़ने लगता है. टैरो कार्ड के जरिए वह न सिर्फ मुख्य किरदार को उम्मीद देता है, बल्कि कहानी को अगले खुलासे की तरफ भी धकेलता है. यह सब किरदार के स्वभाव से स्वाभाविक रूप से निकलता हुआ कम और ऐसा ज्यादा लगता है जैसे लेखकों को कहानी पूरी करने के लिए एक और मोहरा चाहिए था.

    यही बात कुछ ज्यादा नाटकीय दृश्यों पर भी लागू होती है, खासकर तेज लाल रोशनी और हैलुसिनेशन वाले हिस्सों पर. ये दृश्य माहौल के भीतर से थ्रिल पैदा करने के बजाय सीधे ऐलान करते हैं कि ‘अब थ्रिलर शुरू हो गया है.’ कई जगह इनका जरूरत से ज्यादा नाटकीय होना अनजाने में हास्यास्पद भी लगने लगता है.

    दुर्भाग्य से कहानी का भावनात्मक पक्ष भी उतनी मजबूती से असर नहीं छोड़ पाता, जितना उसे छोड़ना चाहिए था. मां का दर्द आपको उस गहराई से महसूस नहीं होता, जिसकी इस कहानी को जरूरत है. उसकी बेटी के खोने का दुख आपको भीतर तक नहीं तोड़ता. यहां तक कि जब वह दूसरे लोगों के बच्चों में अपनी बेटी को तलाशने की बेचैनी दिखाती है, तब भी वे दृश्य दिल तोड़ने के बजाय कई बार बनावटी और परेशान करने वाले लगते हैं.

    परिणीति चोपड़ा के हिस्से कुछ अच्छे पल जरूर आते हैं. खासकर कमजोर और भावुक दृश्यों में वह अपने किरदार के गुस्से के नीचे छिपे दुख की झलक दिखाने में सफल रहती हैं. लेकिन ज्यादातर समय वह अपने किरदार को इतने तीखे और लगभग हमेशा गुस्से से भरे हावभाव के साथ निभाती हैं कि दर्द और बदले की भावना के बीच का फर्क धुंधला पड़ जाता है.

    ताहिर राज भसीन ग्रे शेड वाले किरदार में अपने चरित्र को पर्याप्त रूप से डरावना बनाए रखते हैं. सोनी राजदान यहां सरप्राइज पैकेज हैं. उनके मासूम चेहरे और किरदार के कामों के बीच का विरोधाभास कई जगह वाकई बेचैन करने वाला असर पैदा करता है. हरलीन सेठी, सुमीत व्यास और अनुप सोनी को भी मजबूत किरदार मिले हैं और वे अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय करते हैं. वहीं जेनिफर विंगेट को शायद सबसे दिलचस्प मौका मिला है अपनी रेंज दिखाने का. ‘बेहद’ के बाद एक बार फिर उन्हें किरदार के अलग-अलग रंग तलाशने का मौका मिलता है और वह साबित करती हैं कि असमान लेखन के बावजूद दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचने की उनमें पूरी क्षमता है.

    शिमला भी खूबसूरत नजर आता है. लेकिन बस खूबसूरत। कहानी में ये लोकेशन कभी किरदार नहीं बन पाती. इतने खास माहौल वाले शहर में सेट थ्रिलर में पहाड़, धुंध और अकेलापन कहानी के तनाव को कई गुना बढ़ा सकते थे. लेकिन यहां वे ज्यादातर खूबसूरत बैकड्रॉप बनकर रह जाते हैं.

    सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा और रेंसिल डी'सिल्वा दोनों पहले मजबूत काम से जुड़े रहे हैं, लेकिन यहां कहानी को ‘थ्रिलर’ बनाने की कोशिश खुद कहानी पर हावी होती नजर आती है. मेकर्स आपको एक ऐसा मुकम्मल ड्रामा देना चाहते हैं, जिसकी मांग असल कहानी ने कभी की ही नहीं थी. वे इसमें रहस्य भी चाहते हैं, भावनाएं भी, रोमांस भी, पारिवारिक राज भी, सुपरनैचुरल रंग भी और एक चमत्कार भी और ‘शक’ को सब कुछ बनाने की कोशिश में वे उसे असल में बहुत कम बना देते हैं.

    सात एपिसोड देखने के बाद सबसे बड़ा रहस्य यह नहीं रह जाता कि बेटी को किसने अगवा किया था. असली सवाल यह रह जाता है कि आखिर इस कहानी को सात एपिसोड की जरूरत थी ही क्यों?

  • ₹1.5 करोड़ की फिल्म ने कमाए ₹366 करोड़, प्रोड्यूसर को मिल सकते हैं ₹50 करोड़!

    ₹1.5 करोड़ की फिल्म ने कमाए ₹366 करोड़, प्रोड्यूसर को मिल सकते हैं ₹50 करोड़!

    बॉलीवुड में हर साल बड़ी-बड़ी फिल्मों पर करोड़ों रुपये लगाए जाते हैं, लेकिन कभी-कभी छोटा बजट भी ऐसा कमाल कर देता है कि बड़े-बड़े रिकॉर्ड पीछे छूट जाते हैं. 2026 की सरप्राइज हिट बनकर सामने आई ‘हनुमान अंश’ इसका ताजा उदाहरण है. महज 1.5 करोड़ रुपये से थोड़े ज्यादा बजट में बनी ये फिल्म सिनेमाघरों में 7 हफ्ते पूरे कर चुकी है और अभी भी कमाई का सिलसिला जारी है.

    खास बात ये है कि फिल्म की एक प्रोड्यूसर ने इसमें 50 लाख रुपये लगाए थे और अब उनका दावा है कि उन्हें 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का फायदा हो सकता है.

    1.5 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने मचा दिया तहलका
    ‘हनुमान अंश’ इस साल की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट्स में से एक बन गई है. फिल्म ‘धुरंधर 2’ और ‘बॉर्डर 2’ के बाद 2026 की तीसरी सबसे बड़ी हिट बताई जा रही है. फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज हुए 7 हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन इसकी रफ्तार अभी थमती नजर नहीं आ रही. फिल्म की एक प्रोड्यूसर अनूप्रिया नागर ने हाल ही में फिल्म के बजट और अपनी कमाई को लेकर खुलासा किया है.

    उनके मुताबिक, फिल्म को बनाने में 1.5 करोड़ रुपये से थोड़े ज्यादा खर्च हुए थे और उन्होंने खुद इसमें 50 लाख रुपये लगाए थे.

    प्रोड्यूसर ने लगाए 50 लाख, अब मिलेंगे 50 करोड़?
    सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत में अनूप्रिया नागर ने अपने निवेश के बारे में खुलकर बताया. उन्होंने कहा- मैंने पूरी फिल्म के बजट का एक-तिहाई हिस्सा लगाया था. मैंने फिल्म में 50 लाख रुपये लगाए और बजट 1.5 करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा था. फिल्म की कमाई की बात करें तो ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक-'हनुमान अंश’ ने पहले 47 दिनों में 366.45 करोड़ रुपये ग्रॉस कमा लिए हैं.

    जब अनुप्रिया से पूछा गया कि फिल्म से उन्हें कितना रिटर्न मिलेगा, तो उन्होंने बताया कि मुनाफे का चार हिस्सों में बंटवारा होगा. उन्होंने कहा, “मुझे मुनाफे का एक-चौथाई हिस्सा मिलेगा. सबसे पहले डिस्ट्रीब्यूटर अपना हिस्सा लेंगे. उसके बाद हमें दूसरे खर्चों का भुगतान करना होगा और टैक्स भी देना होगा. फिर जो भी रकम बचेगी, उसे हम चारों के बीच बांटा जाएगा.

    50 लाख लगाने वाली अनुप्रिया को मिल सकते हैं 50 करोड़
    जब अनुप्रिया से पूछा गया कि वह व्यक्तिगत तौर पर फिल्म से कितनी कमाई कर सकती हैं, तो उन्होंने कहा कि अभी तक के हिसाब से उन्हें कम से कम 50 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ये आंकड़ा अभी सैद्धांतिक है, क्योंकि फिल्म की OTT, म्यूजिक और सैटेलाइट डील अभी बाकी है.

    अनुप्रिया ने कहा- अभी तक ऐसा लग रहा है कि मैं 50 करोड़ रुपये कमाऊंगी. लेकिन ये सब सैद्धांतिक है. हमें अभी OTT, म्यूजिक और सैटेलाइट डील करनी बाकी है. अगर आगे फिल्म की डिजिटल, सैटेलाइट और म्यूजिक डील भी अच्छी रही, तो कमाई का गणित और बड़ा हो सकता है.

    50 करोड़ मिले तो क्या करेंगी अनूप्रिया?
    अब सवाल ये था कि अगर अनूप्रिया को 50 करोड़ रुपये मिलते हैं, तो वह इस पैसे का क्या करेंगी? इस पर उनका जवाब भी काफी दिलचस्प था. उन्होंने कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि इतनी बड़ी रकम को कैसे संभालना है और वह इसका इस्तेमाल समाज के लिए करना चाहती हैं.

    अनुप्रिया ने कहा- मुझे यह भी नहीं पता कि इतने पैसे को कैसे संभालना है, इसलिए मुझे लगता है कि इसका सबसे अच्छा तरीका समाज को वापस देना है. उन्होंने आगे बताया कि वह अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी शुरू करना चाहती हैं, ताकि ऐसी और कहानियां दर्शकों तक पहुंचा सकें. उनका फोकस रीजनल फिल्मों और वेब सीरीज बनाने पर होगा, लेकिन वह इन्हें बड़े बजट के बजाय छोटे बजट में बनाना चाहती हैं.

    अनुप्रिया ने कहा- मैं छोटे बजट में फिल्में बनाना चाहती हूं, क्योंकि मैं जानती हूं कि ‘हनुमान अंश’ सिर्फ इसलिए बन पाई क्योंकि इसका बजट छोटा था. अगर मेरा बजट बहुत बड़ा होता, तो मुझे नहीं लगता कि यह फिल्म इस तरह बन पाती. मैं यह सुनिश्चित करना चाहती हूं कि अपनी प्रोडक्शन कंपनी के लिए पैसे का एक निश्चित हिस्सा बचाकर रखूं.

    डायरेक्टर ने 14 साल तक सुनाई थी ये कहानी
    ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी के लिए भी ये फिल्म किसी सपने के सच होने जैसी है. अनुप्रिया ने बताया कि विशाल पिछले 14 साल से इस कहानी को बनाना चाहते थे. उन्होंने कई OTT प्लेटफॉर्म्स को इसकी कहानी सुनाई थी, लेकिन बात नहीं बन पाई.

    अनुप्रिया ने कहा- उन्होंने 14 लंबे सालों तक इस कहानी को बनाने की कोशिश की. उन्होंने कई OTT प्लेटफॉर्म्स को इसकी कहानी सुनाई थी. रागिनी सोना और नम्रता सिंह (को-प्रोड्यूसर्स) ही वो लोग थीं, जिन्होंने फिल्म पर भरोसा दिखाया और कहा कि चलिए इसे बनाते हैं. अनुप्रिया खुद प्रोजेक्ट से पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान जुड़ी थीं. उस वक्त फिल्म की टीम को कुछ फंड की जरूरत थी और उन्होंने इसमें निवेश किया.

    डायरेक्टर ने नहीं ली कोई फीस, अब चारों में बंटेगा मुनाफा
    अनुप्रिया ने फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की फीस को लेकर भी बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि फिल्म का बजट बेहद कम था, इसलिए विशाल ने फिल्म बनाते वक्त कोई फीस लेने से इनकार कर दिया था.

    अनुप्रिया ने कहा- हमारा बजट बहुत कम था, इसलिए उन्होंने कहा कि वह फिल्म बनाते समय कोई फीस नहीं लेंगे. लेकिन कंपनी में हम सभी बराबर के पार्टनर हैं, इसलिए अगर हम अच्छा कर रहे हैं, तो हम चारों भी अच्छा करेंगे. डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म के शुरुआती दौर में फीस नहीं ली, लेकिन अब फिल्म के मुनाफे में वह बाकी तीन पार्टनर्स के बराबर हिस्सेदार हैं.

    पहली फिल्म में ही विशाल ने कर दिया कमाल
    अनुप्रिया ने विशाल चतुर्वेदी की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को विशाल पर भरोसा था और उन्हें खुशी है कि एक फर्स्ट-टाइम डायरेक्टर को यह मौका मिला.

    उन्होंने कहा- हम सभी को विशाल पर भरोसा था. वह पहली बार फिल्म डायरेक्ट कर रहे हैं और मुझे खुशी है कि उन्हें यह मौका मिला. उन्होंने कितनी खूबसूरत डायरेक्शन की है और कितनी शानदार स्क्रिप्ट लिखी है.

    अभी OTT डील होना बाकी है
    ‘हनुमान अंश’ की सिनेमाघरों में कमाई भले ही जबरदस्त चल रही हो, लेकिन फिल्म की OTT डील अभी तक नहीं हुई है. इसके अलावा म्यूजिक और सैटेलाइट डील भी बाकी है. ऐसे में फिल्म की आगे की कमाई और प्रोड्यूसर्स को मिलने वाले मुनाफे पर अभी पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है.

    लेकिन फिलहाल 1.5 करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा के बजट वाली इस फिल्म का 366 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन अपने आप में इसकी सबसे बड़ी कहानी बन चुका है.

  • ‘Tenzing’ का दमदार ट्रेलर रिलीज, एवरेस्ट फतह की अनकही कहानी दिखाएगी फिल्म

    ‘Tenzing’ का दमदार ट्रेलर रिलीज, एवरेस्ट फतह की अनकही कहानी दिखाएगी फिल्म

    एवरेस्ट की चोटी पर खड़े दो इंसान दुनिया के लिए शायद एक ही तस्वीर हैं. नाम हैं एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नॉर्गे लेकिन इतिहास की उस मशहूर तस्वीर के पीछे एक कहानी ऐसी भी है, जिसमें सिर्फ बर्फ, पहाड़ और मौत का खतरा नहीं था, बल्कि पहचान, बराबरी, वर्ग और अपने सपने को अपना कहने की जिद भी थी. एप्पल ओरिजिनल फिल्मस की आने वाली फिल्म Tenzing का ट्रेलर इसी अनकही कहानी को सामने लाता है.

    पहली नजर में यह एक माउंटेनियरिंग एडवेंचर फिल्म लगती है, लेकिन कुछ ही मिनटों में साफ हो जाता है कि निर्देशक जेनिफर पीडम का मकसद सिर्फ एवरेस्ट की ऊंचाई दिखाना नहीं है. वह उस आदमी के भीतर उतरना चाहती हैं, जिसके लिए यह पहाड़ दुनिया की सबसे ऊंची चोटी भर नहीं, बल्कि आस्था और जिंदगी का हिस्सा था.

    फिल्म में तेनजिंग नॉर्गे का किरदार जेंडन फुंत्सोक ने निभाया है जबकि हॉलीवुड स्टार टॉम हिडलस्टन माउंटेनियर एडमंड हिलेरी के किरदार में हैं जबकि विलियम डफोए ब्रिटिश अभियान के लीडर कर्नल जॉन हंट के रोल में हैं. ट्रेलर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि कहानी को सिर्फ हिलेरी और तेनजिंग के एवरेस्ट फतह तक नहीं समेटा गया है. यहां तेनजिंग एक ऐसे शख्स के तौर पर दिखाई देते हैं जो वर्षों तक ब्रिटिश अभियानों में काम करते रहे, लेकिन उनके लिए सिर्फ किसी और के अभियान का हिस्सा बनना पर्याप्त नहीं था.वह उस पहाड़ पर चढ़ना चाहते थे, जिसे बचपन से अपना मानते आए थे.

    यहीं से फिल्म का असली संघर्ष शुरू होता है. ब्रिटिश पर्वतारोही एवरेस्ट को एक ऐसी चोटी की तरह देखते हैं जिसे इंसान को जीतना है, जबकि तेनजिंग के लिए वह आस्था का सवाल है. वह उसे चोमोलुंगमा यानी पवित्र देवी के तौर पर पूजते हैं. इस तरह एक ही पहाड़ को देखने के दो बिल्कुल अलग नजरिए. ट्रेलर इस फर्क को बहुत खूबसूरती से पकड़ता है.

    तेनजिंग की नजर में यह प्रकृति के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि उसके साथ एक रिश्ता है. यही वजह है कि फिल्म का एवरेस्ट सिर्फ एक लोकेशन नहीं बल्कि कहानी का एक जीवित किरदार महसूस लगता है. इस कहानी में एक और अहम लड़ाई है, सम्मान की लड़ाई.

    1953 के ब्रिटिश अभियान में तेनजिंग को सिर्फ सामान ढोने वाले शेरपा की भूमिका तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं था. कहानी में वह चाहते हैं कि उन्हें बाकायदा क्लाइंबिंग टीम का मेंबर माना जाए. यही छोटी-सी लगने वाली मांग फिल्म के बड़े सामाजिक और ऐतिहासिक सवाल को सामने लाती है कि जिस व्यक्ति को उस पहाड़ का रास्ता सबसे ज्यादा पता है, क्या उसे सिर्फ इसलिए पीछे रखा जा सकता है क्योंकि वह ब्रिटिश नहीं है? फिल्म इसी सवाल को बिना भाषण दिए कहानी के भीतर रखने की कोशिश करती दिखती है.

    ट्रेलर में एडमंड हिलेरी की भूमिका में टॉम काफी सधे नजर आए हैं. फिल्म दोनों को प्रतिद्वंद्वी बनाने के बजाय दो अलग दुनिया से आए ऐसे लोगों के रूप में देखती है, जिनके बीच धीरे-धीरे सम्मान और भरोसा पैदा होता है. ऊंचाई पर पहुंचते-पहुंचते वर्ग और पद की सीमाएं पीछे छूट जाती हैं और दो पर्वतारोही एक-दूसरे के साथी बनते हैं. यही शायद फिल्म का सबसे मानवीय हिस्सा है कि इतिहास ने दोनों के नाम एक साथ लिखे, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए दोनों को अलग-अलग रास्तों से गुजरना पड़ा था.

    फिल्म का एक और खूबसूरत किरदार तेनजिंग का परिवार और विशेष रूप से उनकी पत्न ही. उनकी पत्नी सिर्फ उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उनके सपने को समझने और उसे आगे बढ़ाने वाली शख्सियत के रूप में दिखाई देती हैं. ट्रेलर में पहाड़ की तरफ बढ़ते तेनजिंग के साथ घर-परिवार और उस सपने की कीमत भी दिखाई देती है. इस वजह से एवरेस्ट की चढ़ाई सिर्फ रोमांच नहीं रह जाती. हर कदम के साथ यह सवाल भी चलता है कि एक आदमी अपने सबसे बड़े सपने के लिए कितना कुछ पीछे छोड़ सकता है.

    फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट भी ट्रेलर की बड़ी ताकत है. बर्फ से ढके पहाड़, पतली हवा में तेज होती सांसें, खामोशी को चीरती हवाएं और एवरेस्ट की खतरनाक ऊंचाइयां सब मिलकर दर्शक को उस वातावरण में ले जाने की कोशिश करते हैं. खासतौर पर पहाड़ के एरियल विजुअल और बर्फ की आवाज एक गजब अनुभव है.

    फिर भी तेनजिंग का सबसे बड़ा आकर्षण यही है कि यह एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि को दूसरे नजरिए से देखने की कोशिश करती है, जिसे दुनिया दशकों से एक ही तस्वीर में देखती आई है. एवरेस्ट पर पहुंचने की कहानी हम जानते हैं, लेकिन उस चोटी तक पहुंचने से पहले तेनजिंग को अपनी जगह बनाने के लिए कितनी बार शुरू से शुरुआत करनी पड़ी, यह कहानी कम कही गई है. फिल्म उसी खाली जगह को भरने की कोशिश करती है.

  • ‘लव एंड वॉर’ से रणबीर कपूर का फर्स्ट लुक आउट, इश्क में घायल दिखे एक्टर

    ‘लव एंड वॉर’ से रणबीर कपूर का फर्स्ट लुक आउट, इश्क में घायल दिखे एक्टर

    संजय लीला भंसाली की 'लव एंड वॉर' उन बड़ी फिल्मों में से एक है, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है. इस फिल्म में इंडस्ट्री के तीन सबसे बड़े और बेहद टैलेंटेड स्टार्स जैसे रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, और विक्की कौशल लीड रोल में हैं.

    इस तरह से भंसाली अपनी दमदार कास्ट के साथ दर्शकों के लिए एक बेहतरीन और कभी न भूलने वाली वन-ऑफ-अ-काइंड सिनेमैटिक स्पेक्टेकल बना रहे हैं.  बेसब्री से फिल्म से जुड़ी अपडेट का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए अब मेकर्स ने फिल्म की मच अवेटेड पहली झलक पेश कर दी है. जी हां, फिल्म से रणबीर कपूर का फर्स्ट लुक पोस्टर आउट कर दिया गया है.

    इश्क में घायल दिखे रणबीर
    रणबीर कपूर जारी किए गए फर्स्ट लुक पोस्टर में बहुत अच्छे लग रहे हैं. वो एक अलग किरदार में परफेक्शन के साथ डूबे हुए नजर आ रहे हैं. संजय लीला भंसाली के हर प्रोजेक्ट की तरह इस प्रोजेक्ट में भी भव्यता और बारीकी से हर एक बात पर ध्यान दिया गया है, जिसका सबूत यह पोस्टर है. पोस्टर से ये साफ है कि फिल्म सिल्वर स्क्रीन पर अपना जादू चलाने वाली है.

    रणबीर इस तरह के अवतार में पहले कभी नहीं देखे गए हैं. दर्शकों ने भी लव एंड वॉर में उनके इस तरह के लुक की उम्मीद नहीं की थी. कहना होगा कि भंसाली ने इस बार भी अपना कमाल दिखाया है, जिससे दर्शक हैरान रह गए हैं. एक बार फिर म्यूजिक के मामले में भंसाली अपनी कमाल के परफेक्शन को दर्शकों के सामने पेश कर रहे हैं.

    मेकर्स ने सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है- वो रूतबा, वो रौब, वो जुनून! संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर 21 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है.

    संजय लीला भंसाली द्वारा स्क्रीन पर रोमांस लाते देखना किसी ट्रीट से कम नहीं होता, ऐसे में दर्शक लव एंड वॉर के जरिए लंबे समय के बाद फिर से प्यार का जादू देखने के साथ महसूस करने वाले हैं. ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि पोस्टर ने फिल्म की रिलीज के लिए एक्साइटमेंट को अलग लेवल पर पहुंचा दिया है.
     

  • समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट 2’ पर विवाद, मुकेश छाबड़ा के खिलाफ शिकायत

    समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट 2’ पर विवाद, मुकेश छाबड़ा के खिलाफ शिकायत

    समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. कास्टिंग डायरेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. शो के लेटेस्ट एपिसोड में गलत भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर मुकेश छाबड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. शिकायत में मामले की जांच की मांग की गई है.

    क्या है पूरा मामला?
    लेटेस्ट एपिसोड में एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, भुवन बाम, मुकेश छाबड़ा और स्टैंड-अप कॉमेडियन कौस्तुभ अग्रवाल बतौर पैनलिस्ट शामिल हुए. शिकायतकर्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ये शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 22 सितंबर 2026 की शाम मुंबई के एक होटल के कमरे में लैपटॉप पर नेटफ्लिक्स देखते समय यह एपिसोड देखा. इसी दौरान उन्होंने मुकेश छाबड़ा की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई.

    शिकायत के मुताबिक, छाबड़ा को कहते हुए सुना गया- मेरे आराम नगर में आओ, **…
    श्रीवास्तव ने इस टिप्पणी को “बेहद अनुचित, आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाली” बताया है. उन्होंने मामले की जांच की मांग की है और कहा है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए.

    शिकायत में जांच की मांग
    शिकायत में यह भी साफ तौर पर कहा गया है कि मामले के कई पहलुओं की अभी पुष्टि होनी बाकी है. इसमें बयान की वास्तविकता, आवाज और व्यक्ति की पहचान, पूरी बातचीत का संदर्भ और सही टाइमस्टैम्प शामिल हैं. शिकायतकर्ता ने ओरिजनल और बिना एडिट किए गए वीडियो की जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि टिप्पणी वास्तव में किसने, किस संदर्भ में और कब की थी.

    इसके अलावा, शिकायत में नेटफ्लिक्स इंडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ता ने पूछा है कि प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम करने से पहले कंटेंट की समीक्षा और मंजूरी किस तरह दी गई. उन्होंने नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट प्रमुख मोनिका शेरगिल की भूमिका की भी जांच करने का अनुरोध किया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगर टिप्पणी सही साबित होती है, तो इससे दर्शकों की गरिमा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े सवाल उठ सकते हैं. हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं. रिपोर्ट में भी ये पुष्टि नहीं की गई है कि टिप्पणी किसने की, उसका संदर्भ क्या था या वीडियो में वास्तव में क्या कहा गया था.

    पहले भी विवादों में रहा है शो
    ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ इससे पहले भी विवादों में रह चुका है. फरवरी 2025 में शो के पहले सीजन के एक एपिसोड में कंटेंट क्रिएटर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया की माता-पिता और सेक्स से जुड़ी टिप्पणी पर काफी विवाद हुआ था.

    विवाद बढ़ने के बाद समय रैना के यूट्यूब चैनल से शो का पहला सीजन हटा दिया गया था.