Category: मनोरंजन

  • Bigg Boss Tamil 10 में विजय सेतुपति के बयान पर बवाल, CM विजय से जोड़ने पर मेकर्स ने दी सफाई

    Bigg Boss Tamil 10 में विजय सेतुपति के बयान पर बवाल, CM विजय से जोड़ने पर मेकर्स ने दी सफाई

    साउथ एक्टर विजय सेतुपति के रियलिटी शो बिग बॉस तमिल 10 में नया बवाल मचा है. विजय के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. बात इतनी आगे बढ़ गई कि बाद में चैनल को सामने आकर सफाई देनी पड़ी. लोगों ने सेतुपति के कमेंट को सीएम विजय जोसेफ से कनेक्ट किया. उन्होंने माना कि सेतुपति ने विजय को तंज कसा है.

    विजय सेतुपति के बयान पर बवाल
    दरअसल, हालिया एपिसोड में होस्ट विजय सेतुपति ने शो बिग बॉस तमिल की कंटेस्टेंट शाथिगा से लीडरशिप को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे वादे करना, फिर मुश्किलें आने पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराकर भाग जाना..ये नेतृत्व नहीं, बल्कि लोगों के साथ धोखा है. अपनी इस स्टेटमेंट में विजय ने किसी का नाम नहीं लिया था. किसी नेता, पार्टी या संगठन का जिक्र नहीं किया. लेकिन सोशल मीडिया पर बवाल मच गया. कुछ यूजर्स ने इसे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख विजय से जोड़ा. फिर क्या था.. विजय के समर्थकों ने सेतुपति को निशान पर लिया.

    उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी शो के मंच को राजनीतिक कमेंट्री के लिए यूज किया जा रहा है. टीवीके और सीएम विजय के समर्थकों का हल्ला सुनकर मेकर्स को रिएक्ट करना पड़ा. बिग बॉस तमिल 10 की ओर से सफाई पेश की गई.

    स्टेटमेंट के मुताबिक, ये एक एंटरटेनिंग शो है. जो तय फॉर्मेट, थीम और गेम के माहौल के हिसाब से प्रेजेंट किया गया है. शो में दिखाई जाने वाली सिचुएशन, बातचीत, भावनाएं, कंटेस्टेंट्स के बीच होने वाली चर्चाएं इसकी कहानी का हिस्सा हैं. इन्हें उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए. मेकर्स ने दर्शकों से कहा कि वो किसी भी बातचीत या एक्सप्रेशन को किसी दूसरे शख्स के लिए ओपिनियन या कमेंट ना समझें. शो में कही गई किसी भी बात का बाहरी व्यक्ति, संगठन, संस्था, विचारधारा से कोई लिंक नहीं है. इसे किसी घटना पर टिप्पणी, समर्थन या विरोध के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए.

    DMK नेता ने साधा निशाना
    इस विवाद के बीच DMK नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने विजय समर्थकों पर कमेंट किया है. उन्होंने विजय के समर्थकों को असभ्य कहा. साथ ही आरोप लगाया कि विजय के सपोटर्स कानून-व्यवस्था की परवाह नहीं करते. नेता ने विजय सरकार की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए.

  • ‘रामबोला’ नाम पर छिड़ा विवाद, एक ही दिन दो फिल्मों का ऐलान; जानें किसके नाम है टाइटल

    ‘रामबोला’ नाम पर छिड़ा विवाद, एक ही दिन दो फिल्मों का ऐलान; जानें किसके नाम है टाइटल

     'हनुमान अंश' फिल्म की जादुई सफलता से मेकर्स की खुशी का ठिकाना नहीं है. नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म की सक्सेस को देखते हुए 'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने गणेष चतुर्थी के शुभ मौके पर अपनी अगली फिल्म का ऐलान किया, जो महाकवि तुलसीदास के जीवन पर आधारित होगी. फिल्म का नाम 'रामबोला' होगा.

    रामबोला पर विवाद क्यों?
    विशाल चतुर्वेदी ने अपनी अपकमिंग फिल्म की घोषणा के साथ ही इसका नाम भी अनाउंस कर दिया. उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म का नाम 'रामबोला' होगा. विशाल चतुर्वेदी ने प्रोडक्शन हाउस महावीर जैन के साथ मिलकर रामबोला नाम की फिल्म बनाने का ऐलान करके फैंस को बड़ा तोहफा दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्टर भी शेयर किया.

    लेकिन उसी दिन एक दूसरे डायरेक्टर और डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने भी 'रामबोला' नाम से एक और फिल्म का ऐलान कर दिया. अनाउंसमेंट पोस्ट में बताया गया कि 'रामबोला' फिल्म डॉक्टर चंद्रप्रकाश के निर्देशन में बनेगी, जबकि इसे मधु मंटेना और मंदिरा द्विवेदी प्रोड्यूस करेंगी.  

    'रामबोला' नाम से एक साथ एक ही दिन दो फिल्में अनाउंस होने पर फिल्म के टाइटल को लेकर विवाद खड़ा हो गया. अब सवाल यह उठता है कि आखिर फिल्म का टाइटल किसे मिलेगा?

    किसे मिलेगा टाइटल?
    दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में महावीर जैन से जुड़े एक करीबी सूत्र के हवाले से बताया गया है कि 'रामबोला' टाइल 'हनुमान अंश' बनाने वाले विशाल चतुर्वेदी को ही मिलेगा, क्योंकि यह टाइटल उन्हीं के नाम पर रजिस्टर है. सूत्र ने आगे बताया कि विशाल ने कुछ समय पहले 'रामबोला' फिल्म को लेकर महावीर जैन से मुलाकात की थी. आपसी सहमति से फिल्म बनाने पर बात हुई. फिल्म के राइट्स भी विशाल चतुर्वेदी और महावीर जैन प्रोडक्शन के पास हैं.

    लेकिन कहानी में एक और ट्विस्ट है. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का दावा है कि 'रामबोला' फिल्म के टाइटल के राइट्स उनके पास हैं. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्होंने 'रामबोला' पिल्म को लेकर महावीर जैन से मुलकाता की थी. उन्होंने महावीर जैन को मेल पर वीडियो भी भेजा था.

    हालांकि, टाइटल पर छिड़े विवाद के बीच IMPAA  'इंडियन मोशन पिक्चर आर्टिस्ट एसोसिएशन ने एक नोट जारी कर बताया है कि 'रामबोला' टाइटल विशाल चतुर्वेदी के नाम से रिजस्टर है. 23 जून को विशाल ने एसोसिएशन की मीटिंग में रामबोला टाइटल रजिस्टर करवाया था.
     

  • 78वें Emmy Awards में सितारों का जलवा, जीन स्मार्ट ने पांचवीं बार जीता अवॉर्ड; पत्नी जैंडाया संग पहुंचे टॉम हॉलैंड

    78वें Emmy Awards में सितारों का जलवा, जीन स्मार्ट ने पांचवीं बार जीता अवॉर्ड; पत्नी जैंडाया संग पहुंचे टॉम हॉलैंड

     लंदन 
    78वें प्राइमटा
    इम एमी अवार्ड्स समारोह में टेलीविजन जगत के दिग्गज सितारे 14 सितंबर को लॉस एंजिल्स के पीकॉक थिएटर में एक साथ जुटे. समारोह की मेजबानी 'लॉ एंड ऑर्डर: स्पेशल विक्टिम्स यूनिट' की स्टार मारिस्का हार्गिटे ने की. भारत में इसका प्रसारण 15 सितंबर की सुबह हुआ. एचबीओ मैक्स के मेडिकल ड्रामा 'द पिट' को 25 नॉमिनेशन मिले और यह सबसे बड़ा दावेदार बनकर उभरा. इसके बाद 'हैक्स' को 24 नॉमिनेशन मिले. 'विडोज बे', 'प्लुरिबस', 'बीफ सीजन 2' और 'डीटीएफ सेंट लुइस' अन्य प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। 

    जीन स्मार्ट ने 'हैक्स' के लिए बेस्ट कॉमेडी सीरीज का पुरस्कार जीतकर एमी अवॉर्ड्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया. यह इस श्रेणी में उनकी लगातार पांचवीं जीत थी और इसके साथ ही वह किसी शो के हर सीजन के लिए एमी अवॉर्ड जीतने वाली पहली कलाकार बन गईं. इस जीत के साथ ही उनके कुल एमी अवॉर्ड्स की संख्या आठ हो गई और वह जूलिया लुईस-ड्रेफस, क्लोरिस लीचमैन और एलिसन जैनी के साथ रिकॉर्ड बुक में शामिल हो गईं। 

    मैथ्यू राइस के लिए भी वह रात यादगार रही. उन्होंने 'द बीस्ट इन मी' के लिए लिमिटेड या एंथोलॉजी सीरीज या मूवी में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार जीता. इस जीत ने उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, क्योंकि वे तीनों श्रेणी में मुख्य अभिनय के लिए एमी पुरस्कार जीतने वाले पहले कलाकार बन गए. उन्होंने एक ही साल में दो कैटेगरी में बेस्ट एक्टर पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया, क्योंकि उन्हें एप्पल की 'विडोज बे' के लिए भी नॉमिनेट किया गया था। 

    नोआ वाइल ने 'द पिट' के लिए ड्रामा सीरीज में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता, जिससे उन्हें इस श्रेणी में लगातार दूसरी बार एमी पुरस्कार मिला. रिया सीहॉर्न ने 'प्लुरिबस' के लिए ड्रामा सीरीज में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अपना पहला एमी पुरस्कार जीता, जबकि एलिसन जैनी ने 'द डिप्लोमैट' के लिए सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार जीता। 

    एमी अवार्ड्स 2026 फुल विनर्स लिस्ट

    ड्रामा सीरीज

    बेस्टर एक्टर (ड्रामा सीरीज )

        नोआ वाइल – द पिट

    बेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज)

    रिया सीहॉर्न – प्लुरिबस

    सपोर्टिंग एक्टर (ड्रामा सीरीज)

        टॉम पेल्फ्रे – कार्य

    सपोर्टिंग एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज)

        एलिसन जैनी – द डिप्लोमैट

    ड्रामा सीरीज (निर्देशन)

    साउल मेट्ज़स्टीन – धीमे घोड़े

    कॉमेडी सीरीज

    बेस्ट एक्टर (कॉमेडी सीरीज)

        मैथ्यू राइस – विडो बे

    बेस्ट एक्ट्रेस (कॉमेडी सीरीज)

        जीन स्मार्ट – हैक्स

    सपोर्टिंग एक्टर (कॉमेडी सीरीज)

        स्टीफन रूट – विडो'ज बे

    सपोर्टिंग एक्ट्रेस (कॉमेडी सीरीज)

        केट ओ'फ्लिन – विडो'ज बे

    बेस्ट लेखक (कॉमेडी सीरीज)

        केटी डिपोल्ड – विडोज़ बे (एपिसोड: वेलकम टू विडोज़ बे!)

    लिमिटेड सीरीज या एंथोलॉजी या मूवी

    बेस्ट एक्टर

        मैथ्यू राइस – द बीस्ट इन मी 

    बेस्ट एक्ट्रेस

        सैली फील्ड – रिमार्कब्ली ब्राइट क्रिएचर्स

    सपोर्टिंग एक्टर

        डेविड हार्बर – डीटीएफ सेंट लुइस

    सपोर्टिंग एक्ट्रेस

        लिंडा कार्डेलिनी – डीटीएफ सेंट लुइस

    बेस्ट डायरेक्टर

        स्टीवन कॉनराड – डीटीएफ सेंट लुइस

    बेस्ट राइटिंग

        डीटीएफ सेंट लुइस

    अन्य प्रमुख कैटेगरी

    रियलिटी कंपीटिशन सीरीज

    द ट्रैटर्स

    वैरायटी सीरीज

        द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट

    वैरायटी सीरीज लेखन

        द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट

    टेलीविजन फिल्म

        रिमार्कब्ली ब्राइट क्रिएचर्स

    वैरायटी स्पेशल (पूर्व-रिकॉर्डेड)

        द मपेट शो

    आउटस्टैंडिंग एनिमेटेड कार्यक्रम

        साउथ पार्क

    गेस्ट एक्टिंग कैटेगरी

    ड्रामा सीरीज में गेस्ट एक्ट्रेस

        शैलेन वुडली – पैराडाइज

    गेस्ट एक्टर

        अर्नेस्ट हार्डन जूनियर – द पिट

    कॉमेडी सीरीज में गेस्ट एक्ट्रेस

        बेट्टी गिलपिन – विडो'ज बे

    कॉमेडी सीरीज में गेस्ट एक्टर

        रॉब रेनर – द बेयर

    क्रिएटिव आर्ट्स एमी अवार्ड्स के तहत मुख्य समारोह से पहले कई एमी कैटेगरी के पुरस्कारों की घोषणा की गई. इन पुरस्कारों ने इस साल के कई सबसे बड़े शो और कलाकारों के कुल पुरस्कारों में इजाफा किया। 

    पुरस्कार समारोह में 'द पिट' और 'हैक्स' प्रमुख दावेदारों में बने रहे, जबकि 'विडोज बे', 'प्लुरिबस' और 'डीटीएफ सेंट लुइस' ने भी अहम पुरस्कार जीते. मुख्य समारोह में कई चर्चित जीतें दर्ज हुईं, जिनमें जीन स्मार्ट की ऐतिहासिक पांचवीं 'हैक्स' जीत और नोआ वाइल की 'द पिट' के लिए लगातार दूसरी बार मुख्य अभिनेता का एमी पुरस्कार शामिल है। 

    2026 के एमी पुरस्कारों में 'द ट्रेटर्स' ने रियलिटी कॉम्पिटिशन सीरीज का पुरस्कार जीता, जबकि 'द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट' ने वैरायटी सीरीज और वैरायटी सीरीज के लिए लेखन का पुरस्कार अपने नाम किया। 

    टॉम हॉलैंड का डेब्यू
    टॉम हॉलैंड के लिए यह पहला एमी इवेंट था. वह पत्नी जैंडाया को सपोर्ट करने गए थे, जो 2026 की दो बड़ी हिट फिल्मों – 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' और 'द ओडिसी' में उनकी को-स्टार थीं. जैंडाया का नाम तब लिया गया, जब 'सैटरडे नाइट लाइव' के स्टार मार्सेलो हर्नांडेज ने कॉमेडी सीरीज के लिए 'आउटस्टैंडिंग डायरेक्टिंग' का अवॉर्ड दिया. इसके बाद कैमरा जैंडाया पर जूम हुआ और हॉलैंड उनके पीछे मुस्कुराते हुए दिखे। 

    एमी अवार्ड्स 2026 का आयोजन कहां हुआ ?
    78वां प्राइमटाइम एमी अवार्ड्स समारोह लॉस एंजिल्स के डाउनटाउन में स्थित LA LIVE के पीकॉक थिएटर में आयोजित किया गया. समारोह की मेजबानी मारिस्का हार्गिटे ने की, जिसका अमेरिका में एनबीसी पर सीधा प्रसारण किया गया और पीकॉक पर इसे स्ट्रीम किया गया। 

    भारत में दर्शकों के लिए, 2026 एमी अवार्ड्स का सीधा प्रसारण जियो हॉटस्टार पर किया गया. मुख्य समारोह 15 सितंबर को सुबह 5:30 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू हुआ, जबकि रेड कार्पेट और प्री-शो सुबह 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू हुए. लाइव प्रसारण के बाद समारोह को ऑन डिमांड भी देखा जा सकता है। 

  • पुणे के नवलें ब्रिज के पास मराठी एक्ट्रेस कल्याणी नंदकिशोर की कार रोककर पैसे ऐंठने की कोशिश

    पुणे के नवलें ब्रिज के पास मराठी एक्ट्रेस कल्याणी नंदकिशोर की कार रोककर पैसे ऐंठने की कोशिश

    मराठी एक्ट्रेस कल्याणी नंदकिशोर ने अपने साथ हुए एक डरावने सड़क हादसे का खुलासा किया है. एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि मुंबई से सातारा जाते वक्त पुणे के नजदीक नवलें ब्रिज के पास कुछ लोगों ने उनकी कार को जानबूझकर टक्कर मारी और इसके बाद उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की.

    कल्याणी के मुताबिक, कार रोकने के बाद इन लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें जबरदस्ती अपनी गाड़ी में ले जाने की कोशिश भी की. इस दौरान उनके हाथ पर चोट के निशान आए. एक्ट्रेस ने वीडियो में इस घटना को लेकर महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए.

    नवलें ब्रिज के पास क्या हुआ?
    कल्याणी ने बताया कि वह मुंबई से सातारा की तरफ जा रही थीं. इसी दौरान नवलें ब्रिज के पास कुछ लोगों ने उनकी कार को जानबूझकर टक्कर मारकर रोक लिया. उनका आरोप है कि इसके बाद उनसे पैसे की मांग की गई.

    मामला यहीं नहीं रुका. कल्याणी के मुताबिक, उन लोगों ने उन्हें जबरदस्ती अपनी कार में ले जाने की कोशिश की. खुद को बचाने की कोशिश में उनके हाथ पर चोट भी आई. एक्ट्रेस ने अपनी आपबीती बताते हुए यह सवाल भी उठाया कि अगर एक महिला के साथ सड़क पर ऐसी स्थिति पैदा हो जाए तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है.

    रात 11 बजे पहुंचीं थाने, सुबह 6 बजे तक चली शिकायत की प्रक्रिया
    कल्याणी ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में बताया कि उन्होंने इस मामले में नरहे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी वर्षा देशमुख और ठिटे साहेब का सहयोग के लिए शुक्रिया भी अदा किया.

    हालांकि, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर एक्ट्रेस ने सवाल जरूर उठाए. कल्याणी के मुताबिक, वह रात करीब 11 बजे पुलिस स्टेशन पहुंची थीं और सुबह 6 बजे तक वहीं रहीं. उन्होंने सोशल मीडिया वीडियो में अपने अनुभव को साझा करते हुए यह भी बताया कि पुलिस शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया उनके लिए कितनी लंबी रही.

    सुप्रिया सुले ने की सख्त कार्रवाई की मांग
    इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले को गंभीरता से लेने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की.

    सुप्रिया सुले ने लिखा कि पुणे के नवलें ब्रिज इलाके में कुछ लोगों के कल्याणी नंदकिशोर की कार रोककर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की घटना सामने आई है. उन्होंने इसे बेहद गंभीर और आपत्तिजनक घटना बताया.

    सुले ने पुणे की कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताई और कहा कि गृह विभाग के अधीन आने वाले इलाके में इस तरह नागरिकों को परेशान किया जाना चिंता का विषय है. उन्होंने राज्य के गृह मंत्री से मामले को गंभीरता से लेने और संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की.

    कल्याणी ने महाराष्ट्र सरकार से भी लगाई गुहार
    कल्याणी नंदकिशोर ने अपने वीडियो के आखिर में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से भी इस मामले में सख्त कदम उठाने की अपील की है. फिलहाल एक्ट्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और दर्ज शिकायत के बाद मामले को लेकर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है. कल्याणी ने जिस तरह अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर साझा की है, उससे सड़क पर महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं.

  • अमेरिका से लौटने के बाद गोविंदा ने बच्चों के साथ मिलकर घर पर बप्पा के किए दर्शन

    अमेरिका से लौटने के बाद गोविंदा ने बच्चों के साथ मिलकर घर पर बप्पा के किए दर्शन

    बॉलीवुड एक्टर गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहुजा के रिश्ते को लेकर पिछले कुछ समय से खबरें सुर्खियों में हैं. ऐसे में इस साल गणेश चतुर्थी पर दोनों एक साथ नजर नहीं आए, जिसने चर्चाओं को और बढ़ा दिया.

    सोमवार 14 सितंबर को सुनीता आहुजा ने अपने बच्चों टीना अहूजा और यशवर्धन अहूजा के साथ घर पर गणपति बप्पा का स्वागत किया. इस दौरान गोविंदा अमेरिका में थे, इसलिए वो पूजा में शामिल नहीं हो सके. सुनीता ने पैपराजी से बातचीत में कहा था, 'गोविंदा जी अमेरिका में हैं, रात को वापस आएंगे. अगर थके हुए, तो आज दर्शन के लिए नहीं आएंगे, कल आएंगे. ये उनका घर है, तो उन्हें आना ही है.'

    देर रात अमेरिका से वापस लौटने के बाद गोविंदा सीधे परिवार के पास गए और गणपति के दर्शन किए. उन्होंने बच्चों टीना और यशवर्धन के साथ मिलकर पूजा-अर्चना की और बप्पा से आशीर्वाद लिया. लेकिन इस बार सुनीता आहूजा इन तस्वीरों और वीडियो में नजर नहीं आईं.

    गोविंदा-सुनीता में दूरियां
    एक एजेंसी से बातचीत में गोविंदा ने बताया कि उनके परिवार में गणपति मनाने की परंपरा सालों पुरानी है, जो उनकी मां से चली आ रही है. उन्होंने कहा, 'अब मेरा बेटा यशवर्धन इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है.' गोविंदा ने बेटे के उज्ज्वल भविष्य और बेटी टीना के लिए भी प्रार्थना की. गोविंदा ने कहा कि गणपति बाप्पा से प्रार्थना है कि हमें रिद्धि-सिद्धि प्रदान करें. हमारी जिंदगी में किसी तरह का कलेश, कष्ट और बाधा ना आए. हालांकि, इस दौरान उन्होंने पत्नी सुनीता का जिक्र नहीं किया.  

    गोविंदा और सुनीता आहूजा के शादीशुदा रिश्ते को लेकर पिछले कुछ महीनों से तरह-तरह की खबरें आ रही हैं. सुनीता ने दिसंबर 2024 में बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की थी, लेकिन 19 अगस्त 2026 को उन्होंने इसे वापस ले लिया. इसके अलावा सुनीता ने गोविंदा और एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के कथित रिश्ते को लेकर भी सवाल उठाए थे. इस पर गोविंदा की तरफ से कानूनी नोटिस जारी किया गया है. उनके टीम ने साफ किया है कि गोविंदा अपने निजी जीवन को लेकर फैलाई जा रही झूठी खबरों और AI से बनाए गए कंटेंट के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का दावा ठोक सकते हैं.

  • अभिनेता रोहित रॉय के टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ बताने वाले बयान पर छिड़ी बहस

    अभिनेता रोहित रॉय के टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ बताने वाले बयान पर छिड़ी बहस

    टीवी को लेकर एक्टर रोहित रॉय का ‘डस्टबिन मीडियम’ वाला बयान इन दिनों खूब चर्चा में है. रोहित ने कहा कि टीवी पर बनाया गया कंटेंट अक्सर ऐसा होता है जिसे आज देखा और कल भुला दिया जाता है. उनके मुताबिक टीवी में अब पहले जैसी क्रिएटिविटी नहीं बची है और फिल्म कलाकारों की तुलना में टीवी कलाकारों में भी वह ‘ग्रेस’ और ‘क्लास’ नजर नहीं आती.

    बयान पर विवाद होना लाजमी है, लेकिन क्या रोहित की पूरी बात को खारिज कर देना चाहिए? शायद नहीं. क्योंकि उनके बयान में एक चुभता हुआ सवाल जरूर छिपा है- क्या आज का टीवी अपने शानदार इतिहास से दूर चला गया है?

    टीवी की शुरुआत ही ‘मसाले’ से नहीं, मकसद से हुई थी
    भारतीय टेलीविजन के इतिहास को देखें तो शुरुआत बेहद मजबूत थी. 7 जुलाई 1984 को दूरदर्शन पर ‘हम लोग’ आया, जिसे भारत का पहला लंबा चलने वाला हिंदी सोप ओपेरा माना जाता है. इसकी कहानी किसी महल या करोड़पति परिवार की नहीं, बल्कि एक आम मिडिल क्लास परिवार के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की थी.

    ‘हम लोग’ सिर्फ मनोरंजन नहीं था. इसमें परिवार, शराब की लत, महिलाओं की स्थिति, रोजगार और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दे कहानी के साथ बुने गए थे. हर एपिसोड के बाद अशोक कुमार दर्शकों से सीधे संवाद करते थे. टीवी उस दौर में कहानी भी सुनाता था और समाज से बात भी करता था.

    इसके बाद आया ‘बुनियाद’. 1986 में रमेश सिप्पी के निर्देशन में शुरू हुए इस शो ने विभाजन की त्रासदी और उसके बाद की पीढ़ियों की कहानी को परिवार के जरिए दिखाया. इसकी भाषा जमीन से जुड़ी थी और किरदार सिर्फ अच्छे-बुरे के खांचे में नहीं बंटे थे. यही वजह थी कि ‘बुनियाद’ को आज भी भारतीय टीवी के सुनहरे दौर की मिसाल माना जाता है.

    बुनियाद शो की एक तस्वीर
    फिर ‘शांति’, ‘हसरतें’ और ‘सांस’ जैसे शो आए, जिन्होंने टीवी की दुनिया को और विस्तार दिया.‘शांति’ में एक महिला पत्रकार की कहानी थी, जबकि ‘हसरतें’ ने विवाह और एक्स्ट्रा-मैरिटल रिश्तों जैसे संवेदनशील विषय को बेबाकी से छुआ. ‘सांस’, जिसे नीना गुप्ता ने लिखा और निर्देशित किया, रिश्तों में दरार और एक्स्ट्रा मैरिटल संबंधों की कहानी थी. उस समय टीवी पर रिश्ते सिर्फ सास-बहू की लड़ाई तक सीमित नहीं थे.

    फिर सास-बहू ने बदला खेल
    2000 के आसपास ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ और ‘कहानी घर घर की’ जैसे शोज ने टीवी की तस्वीर बदल दी. इसमें कोई शक नहीं कि इन सीरियल्स ने टीवी को जबरदस्त पॉपुलैरिटी दी. ‘कहानी घर घर की’ अपने दौर में लगातार टॉप रेटेड शोज में रही और कई मौकों पर 10 से ज्यादा TVR तक पहुंची.

    समस्या सास-बहू ड्रामा के होने में नहीं थी. समस्या तब शुरू हुई जब एक सफल फॉर्मूला ही पूरी इंडस्ट्री का फॉर्मूला बन गया.

    एक ही घर, दर्जनों रिश्ते, पीढ़ियों की छलांग, बदले की आग, पुनर्जन्म, प्लास्टिक सर्जरी, मरकर वापस लौटना और हर कुछ मिनट में नया ट्विस्ट- कहानी आगे बढ़ने के बजाय कई बार सिर्फ एपिसोड खींचने लगी.

    वायरल होने की होड़ ने भी बिगाड़ी साख
    आज स्थिति और दिलचस्प है. टीवी के पास पहले से कहीं ज्यादा प्लेटफॉर्म, तकनीक और टैलेंट है. लेकिन सोशल मीडिया के दौर में कई बार कहानी से ज्यादा ‘वायरल सीन’ महत्वपूर्ण हो जाता है.

    ऐसे सीन जो सिर्फ इसलिए बनाए जाते हैं कि उनका छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर घूमे, अगले दिन मीम बने या लोग कहें- ‘ये क्या देख लिया!’ समस्या यहीं है. जब कंटेंट का लक्ष्य कहानी सुनाने के बजाय सिर्फ ट्रेंड करना हो जाए तो माध्यम की साख कमजोर होती है.

    अनुपमा शो का एक सीन
    लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि टीवी ‘डस्टबिन’ है.

    टीवी को याद करने की नहीं, अपनी जड़ें पहचानने की जरूरत है
    रोहित रॉय खुद उस दौर से आए हैं जब ‘स्वाभिमान’ जैसे शो टीवी पर पहचान बनाते थे. आज भी टीवी से निकले कई कलाकार फिल्मों और ओटीटी में अपनी जगह बना चुके हैं. टीवी ने कलाकारों को घर-घर पहचान दी है और करोड़ों दर्शकों को रोज मनोरंजन दिया है. इसलिए असली सवाल यह नहीं कि टीवी डस्टबिन है या नहीं. सवाल यह है कि क्या टीवी अपने पुराने लेखकों, मजबूत किरदारों और जमीन से जुड़ी कहानियों वाली परंपरा को फिर से पकड़ सकता है?

    ‘हम लोग’ ने समाज की बात की थी. ‘बुनियाद’ ने इतिहास को परिवार के जरिए समझाया. ‘हसरतें’ ने रिश्तों के ग्रे शेड्स दिखाए और ‘सांस’ ने विवाह की जटिलताओं को पर्दे पर उतारा. हमारा मतलब सीधा है कि- टीवी की बुनियाद कमजोर नहीं थी. शायद जरूरत सिर्फ इतनी है कि आज के मेकर्स कचरे में से वायरल सीन चुनने के बजाय उस बुनियाद की तरफ दोबारा लौटें. क्योंकि अच्छा टीवी कभी डस्टबिन नहीं था और अच्छा टीवी आज भी डस्टबिन बनने से बच सकता है.

     

  • महिलाओं के समर्थन में खुलकर बोलीं नायला ग्रेवाल, कहा- एक-दूसरे का साथ देना बेहद जरूरी

    महिलाओं के समर्थन में खुलकर बोलीं नायला ग्रेवाल, कहा- एक-दूसरे का साथ देना बेहद जरूरी

    मुंबई 
     'थप्पड़' जैसी फिल्म में काम कर चुकीं अभिनेत्री नायला ग्रेवाल ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हैं, जो समाज से जुड़े जरूरी सवाल उठाएं। उनका मानना है कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सिनेमा में लगातार जगह मिलनी चाहिए। बातचीत में नायला ने कहा कि फिल्मों में जब महिलाओं की जिंदगी, उनकी परेशानियों और उनके अधिकारों से जुड़ी बातें सामने आती हैं, तो उन पर समाज में बातचीत भी शुरू होती है। आईएएनएस से बात करते हुए नायला ने कहा, ''महिलाओं से जुड़े मुद्दे मेरे लिए काफी मायने रखते हैं। मैं इस विषय को लेकर खुद काफी जागरूक हूं और ऐसी फिल्म में काम करना चाहती हूं, जो महिलाओं से जुड़े मुद्दों को विस्तार से दिखाए। पिछले कुछ सालों में इस तरह की फिल्मों की संख्या में थोड़ी कमी आई है और अब पहले की तरह महिलाओं से जुड़े जरूरी विषयों पर पर्याप्त फिल्में देखने को नहीं मिल रही हैं।''

     नायला ने इस दौरान 'थप्पड़' फिल्म की को-स्टार तापसी पन्नू की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ''मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मुझे 'थप्पड़' जैसी फिल्म में काम करने का मौका मिला। अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में तापसी ने घरेलू हिंसा और एक थप्पड़ के जरिए रिश्ते में सम्मान और बराबरी जैसे मुद्दों को सामने रखा था। तापसी ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनकर महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की है।''

    अभिनेत्री ने तापसी की आने वाली फिल्म 'गांधारी' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''यह फिल्म बच्चों की तस्करी जैसे मुद्दे पर बात करती है और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की अहमियत बताती है। मैं खुद भी ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हूं, जो इस सोच को आगे बढ़ाएं और लोगों को इन मुद्दों के बारे में सोचने पर मजबूर करें।''

    इसी बात को आगे बढ़ाते हुए नायला ने महिलाओं की एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ''महिलाओं को दूसरी महिलाओं का साथ देना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। अगर महिलाएं ही एक-दूसरे को सपोर्ट नहीं करेंगी, तो फिर इस बदलाव की शुरुआत कौन करेगा। मेरी नजर में यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की बात नहीं है बल्कि समाज में महिलाओं के लिए बेहतर माहौल बनाने की जिम्मेदारी सभी की है।''

    अभिनेत्री ने कहा, ''महिलाओं से जुड़े जरूरी मुद्दों पर फिल्म बनाने से पहले सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों के बारे में सोचना सही नहीं है। ऐसी कहानियों की अहमियत उनकी कमाई से कहीं ज्यादा होती है। यह सवाल नहीं होना चाहिए कि फिल्म में कौन सा बड़ा पुरुष स्टार है या फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना कमा पाएगी। अगर कहानी जरूरी है, तो उसे सामने आना चाहिए।''

  • 4000 करोड़ की ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज, भक्ति के बीच उठे ये बड़े सवाल

    4000 करोड़ की ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज, भक्ति के बीच उठे ये बड़े सवाल

    नितेश तिवारी की 4000 करोड़ वाली 'रामायण' से उम्मीदें सिर्फ एक फिल्म जितनी नहीं हैं. ये वो कहानी है जिसे भारत का बच्चा-बच्चा जानता है, जिसके किरदारों से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है और जिसके हर नए रूप से लोगों की उम्मीदें भी जुड़ जाती हैं. ऐसे में गणेश चतुर्थी के शुभ मौके पर जब फिल्म का पहला गाना 'जय जय राम' रिलीज हुआ, तो जाहिर है उत्सुकता भी जबरदस्त थी.

    एआर रहमान का संगीत, अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज और डॉ. कुमार विश्वास के बोल… कागज पर ये कॉम्बिनेशन किसी म्यूजिकल धमाके से कम नहीं लगता. गाना शुरू होता है और पहली ही सुनवाई में मन को सुकून देता है. राम-सिया की प्रेम कहानी, शादी, अयोध्या की गलियां, फूल बरसाती प्रजा, राम का योद्धा रूप… विजुअल्स भी भव्य हैं. रणबीर कपूर और साई पल्लवी की जोड़ी स्क्रीन पर खूबसूरत लगती है.

    लेकिन यहीं से मेरे मन में एक सवाल उठता है- इसमें नया क्या है?
    क्योंकि गाने की सबसे बड़ी ताकत ही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है. 'राम सिया राम… सिया राम जय जय राम' की वही जानी-पहचानी धुन कानों में पड़ते ही बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं. ये वही भाव है जिससे हम सालों से जुड़े हुए हैं. 1975 में जसपाल सिंह की आवाज और रवींद्र जैन के लिखे-संगीतबद्ध भजन की लोकप्रियता ऐसी है कि इसे सुनते ही भावुक होना लगभग तय है.

    रामायण के गाने जय जय राम का एक सीन
    तो फिर सवाल ये है कि हमें गाना पसंद आया या उस पुरानी धुन से जुड़ी हमारी भावनाओं ने इसे पसंद करवा दिया?

    मेरी नजर में 'जय जय राम' यहीं थोड़ा फिसल जाता है. मैं ये नहीं कहती कि ये पूरा गाना ही नाउम्मीदी वाला है या कॉपी किया है लेकिन जैसे ही वो पार्ट आता है जिसे हमने बचपन से सुना है, मन में अलग ही भावनाएं उमड़ने लगती हैं. फिर मैं इस गाने को रणबीर की रामायण के रूप में नहीं देख पाती.

    क्योंकि जिस 4000 करोड़ के बजट, इतनी बड़ी स्टारकास्ट और एआर रहमान जैसे ऑस्कर विजेता संगीतकार के साथ इतना बड़ा संसार रचा है, वहां संगीत में भी अपनी एक अलग पहचान की उम्मीद थी. लेकिन पुरानी धुन का सहारा लेते ही गाना कहीं न कहीं री-क्रिएशन जैसा महसूस होने लगता है.

    ऊपर से टीजर और ट्रेलर की तरह गाने में भी कहानी के लगभग हर बड़े पड़ाव को ठूंस दिया गया है. सीता स्वयंवर से राम-सिया विवाह, राज्याभिषेक की तैयारी से वनवास और फिर लक्ष्मण-भरत के त्याग तक… सब कुछ दिखाने की कोशिश है. यानी गाना कम और पूरी रामायण की झलक ज्यादा लगती है. ये वही दिक्कत है जो फिल्म के टीजर और ट्रेलर में भी नजर आई थी- हर चीज दिखा देने की बेचैनी. 'रामायण' जैसी कहानी में तो शायद ठहराव ज्यादा खूबसूरत होता.

    रामायण के गाने जय जय राम का एक सीन
    गणेश चतुर्थी पर दर्शकों को गाने के रूप में 'भेंट' देने की भावना अच्छी है. लेकिन इस भेंट में मेकर्स की अपनी मौलिक छाप उतनी साफ नहीं दिखती, जितनी इस फिल्म से उम्मीद है. रणबीर का राम, साई पल्लवी की सीता और पूरी दुनिया भले ही नई हो, लेकिन संगीत सुनते ही हम पुराने राम के पास लौट जाते हैं.

    और शायद यही 'जय जय राम' की सबसे बड़ी विडंबना है- गाना सुनकर रोंगटे तो खड़े होते हैं, लेकिन फिल्म की अपनी आवाज सुनाई नहीं देती. अगर यही भक्ति, वही भाव और वही जुड़ाव किसी बिल्कुल नई धुन के साथ पैदा होता, तो शायद इस 4000 करोड़ की 'रामायण' के पहले गाने की बात ही कुछ और होती.

  • राम मंदिर दर्शन के बाद कबीर दुहन सिंह का बड़ा संकेत, अयोध्या पर बन सकती है नई फिल्म

    राम मंदिर दर्शन के बाद कबीर दुहन सिंह का बड़ा संकेत, अयोध्या पर बन सकती है नई फिल्म

    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ यहां फिल्म इंडस्ट्री की दिलचस्पी भी बढ़ती दिखाई दे रही है. ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों को मिल रहे दर्शकों के प्यार के बीच अब साउथ के एक्टर कबीर दुहन सिंह भी अयोध्या पहुंचे हैं. लखनऊ में एक अहम मीटिंग के बाद अयोध्या पहुंचे कबीर ने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया और अपनी अगली फिल्म को लेकर भी बड़ा संकेत दिया.

    लखनऊ की मीटिंग के बाद पहुंचे अयोध्या
    कबीर दुहन सिंह ने बताया कि वह लखनऊ में एक मीटिंग के सिलसिले में आए थे. अयोध्या इतनी करीब हो और हनुमान जी के दर्शन किए बिना लौट जाएं, ऐसा वह नहीं कर सकते. उन्होंने कहा- लखनऊ में एक मीटिंग के लिए आया था. इतने पास होने के बाद भी हनुमान जी को बिना राम-राम बोले नहीं जा सकता था. चाहे मैं 200 या 300 किलोमीटर की दूरी पर रहूं, हनुमान जी के दर्शन के लिए जरूर आऊंगा.

    कबीर ने बताया कि वह पिछले महीने भी अयोध्या आए थे. इस बार भी उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए और इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की.

    अयोध्या और राम मंदिर पर बन सकती है नई फिल्म
    कबीर की इस अयोध्या यात्रा को उनकी अगली फिल्म से जोड़कर भी देखा जा रहा है. एक्टर ने लखनऊ में हुई मीटिंग को लेकर कहा कि बातचीत काफी अच्छी रही है और जल्द ही वह दोबारा यहां आ सकते हैं.

    उन्होंने कहा- लखनऊ में बहुत अच्छी मीटिंग हुई है. हनुमान जी की कृपा से सब हो रहा है. बहुत जल्द दोबारा आएंगे. उनके इस बयान से साफ संकेत मिल रहे हैं कि अयोध्या और राम मंदिर की पृष्ठभूमि से जुड़ा कोई नया फिल्मी प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हो सकता है. हालांकि, अभी फिल्म के नाम, कहानी या बाकी कलाकारों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

    ‘हनुमान अंश’ को लेकर कबीर ने कही ये बात
    अयोध्या में कबीर ने हालिया फिल्म ‘हनुमान अंश’ का भी जिक्र किय. उन्होंने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा कि यह बेहद शानदार मूवी है. एक्टर ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने फिल्म को दो-तीन हफ्ते तक नहीं देखा था, लेकिन जब लोगों ने इसे देखना शुरू किया तो फिल्म को लेकर माहौल बदल गया और यह सिनेमाघरों में चलने लगी.

    ‘हनुमान अंश’ बाबा नीम करौली की कहानी से प्रेरित फिल्म है और इसमें आध्यात्मिकता के साथ आस्था और भक्ति का पहलू देखने को मिलता है. फिल्म को दर्शकों से मिल रहे रिस्पॉन्स के बीच अब धार्मिक और आध्यात्मिक कहानियों पर बनने वाली फिल्मों को लेकर भी इंडस्ट्री में नया उत्साह नजर आ रहा है.

    कौन हैं कबीर दुहन सिंह?
    कबीर दुहन सिंह साउथ की कई फिल्मों में काम कर चुके हैं, वो खासतौर से विलेन का किरदार निभाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने साल 2015 में तेलुगु फिल्म 'जिल' (Jil) से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इसके अलावा उनकी फिल्मों की लिस्ट में 'वेदलम्' (Vedalam), 'सरदार गब्बर सिंह', 'बंगाल टाइगर', 'पैलवान' (Pailwaan) और समांथा स्टारर 'शकुंतलम' (जिसमें उन्होंने किंग असुर का रोल निभाया था) शामिल हैं.

    आगे बनेंगी महाप्रभु जगन्नाथ और राधा-कृष्ण से जुड़ी फिल्में
    ‘हनुमान अंश’ के बाद धार्मिक और आध्यात्मिक सिनेमा का दायरा और बड़ा होता नजर आ रहा है. आने वाले समय में महाप्रभु जगन्नाथ पर आधारित फिल्म भी दर्शकों के सामने आएगी. इसके अलावा प्रेमानंद महाराज के जीवन और विचारों से प्रेरित ‘राधा अंश’ नाम की फिल्म बनने की तैयारी है.

    इतना ही नहीं, राधा-कृष्ण की अमर प्रेम कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाने की तैयारी भी चल रही है. आने वाले दिनों में बॉलीवुड और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भक्ति, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जुड़ी कहानियों का एक नया फिल्मी दौर देखने को मिल सकता है.

  • गणेश चतुर्थी पर बप्पा की भक्ति में डूबे बॉलीवुड सितारे, अनन्या से काजोल तक ने शेयर की झलकियां

    गणेश चतुर्थी पर बप्पा की भक्ति में डूबे बॉलीवुड सितारे, अनन्या से काजोल तक ने शेयर की झलकियां

    आज 14 सितंबर को देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. आम लोगों के साथ-साथ बॉलीवुड सेलेब्स भी बप्पा की भक्ति में डूबे नजर आए. सितारों ने सोशल मीडिया पर गणपति बप्पा के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर कर फैंस को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी हैं.

    अनन्या पांडे ने शेयर किया पोस्ट
    एक्ट्रेस अनन्या पांडे ने इंस्टाग्राम पर गणेश चतुर्थी के सेलिब्रेशन की कुछ झलकियां शेयर की हैं. फोटोज में वो अपनी फैमिली संग गणपति बप्पा की पूजा करती नजर आईं. अनन्या सूट में बेहद ही खूबसूरत लग रही थी.

    रितेश देशमुख और जेनेलिया ने मनाई गणेश चतुर्थी
    एक्टर रितेश देशमुख और जेनेलिया ने भी अपने घर में बप्पा का स्वागत किया. उन्होंने इंस्टाग्राम पर गणेश चतुर्थी के सेलिब्रेशन की तस्वीरें शेयर की हैं. फोटोज में दोनों अपने बच्चों और परिवार संग इस त्यौहार को मनाते नजर आ रहे हैं.

    काजोल ने शेयर की फोटो
    एक्ट्रेस काजोल ने भी अपने घर गणपति बप्पा का वेलकम किया. गणेश चतुर्थी के मौके पर काजोल ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की है, जिसमें वो बप्पा की मूर्ति के साथ सेल्फी लेती नजर आईं.

    महिमा मकवाना ने दिखाई सेलिब्रेशन की झलक
    एक्ट्रेस महिमा मकवाना ने भी अपने परिवार संग गणेश चतुर्थी मनाई. उन्होंने इंस्टाग्राम पर सेलिब्रेशन की कई तस्वीरें शेयर की हैं. साड़ी पहने महीमा हाथ जोड़कर पोज देती नजर आईं.

     दिशा परमार ने भी शेयर की फोटो
     दिशा परमार और राहुल वैद्य ने भी हर साल की तरह इस बार अपने घर बप्पा का स्वागत किया. दिशा ने इंस्टाग्राम पर फोटो भी शेयर की है.

    सुनीता आहूजा ने बच्चों संग मनाई गणेश चतुर्थी
    गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के कई फोटोज और वीडियो सामने आए हैं, जिसमें गणपति बप्पा की आरती करती नजर आ रही हैं. इस दौरान उनके बेटे यशवर्धन और बेटी टीना भी मौजूद थे. उन्होंने पैप्स को प्रसाद भी बांटा.