Category: मनोरंजन

  • बिग बॉस 20’ में काजी तौकीर की एंट्री, 20 साल बाद फिर चमका ‘फेम गुरुकुल’ का सितारा

    बिग बॉस 20’ में काजी तौकीर की एंट्री, 20 साल बाद फिर चमका ‘फेम गुरुकुल’ का सितारा

    बिग बॉस 20’ में इस बार कई चर्चित चेहरे नजर आ रहे हैं. इन्हीं में से एक नाम काजी तौकीर का भी है. काजी भले ही लंबे समय बाद टेलीविजन पर दिखाई दे रहे हों, लेकिन मनोरंजन की दुनिया से उनका रिश्ता काफी पुराना है. साल 2005 में उन्होंने सिंगिंग रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ जीतकर रातो-रात अपनी अलग पहचान बनाई थी.

    ‘फेम गुरुकुल’ से मिली पहचान
    काजी तौकीर ने ‘फेम गुरुकुल’ में रूपरेखा बनर्जी के साथ हिस्सा लिया था. शो में दोनों की गायकी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. अंत में काजी ने वोटिंग में इतिहास रचते हुए फेम गुरुकुल की ट्रॉफी अपने नाम की. शो में अरिजीत सिंह भी प्रतियोगी के तौर पर नजर आए थे. हालांकि, उस समय अरिजीत शो में छठे स्थान पर रहे. अरिजीत ने भले ही शो नहीं जीत, लेकिन आज वो क्या हैं, ये दुनिया जानती है.

    शो के दौरान काजी और अरिजीत के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी. दोनों ने साथ में अपने करियर की शुरुआत की और समय के साथ यह रिश्ता और मजबूत होता गया. काजी, अरिजीत को अपना दोस्त ही नहीं, बल्कि भाई भी मानते हैं. यही वजह है कि आज भी दोनों के बीच खास बॉन्डिंग देखने को मिलती है. अरिजीत, काजी को सपोर्ट भी कर रहे हैं.

    अरिजीत ने किया दोस्त को सपोर्ट
    काजी तौकीर के ‘बिग बॉस 20’ में पहुंचने पर अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शुभकामनाएं दीं. उन्होंने काजी को अपना ‘रॉकस्टार’ बताते हुए कहा कि वो पहली बार ‘बिग बॉस’ देखेंगे और इसकी वजह उनके दोस्त काजी होंगे. अरिजीत का ये अंदाज फैंस को काफी पसंद आया.

    अरिजीत के इस सपोर्ट से साफ है कि दोनों की दोस्ती आज भी कायम है. जहां अरिजीत बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय गायकों में शामिल हो चुके हैं, वहीं काजी ने संगीत के साथ अभिनय और टेलीविजन में भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है. वो फिल्म ‘फैंटम’ के फेमस गाने ‘अफगान जलेबी’ से भी जुड़े रहे हैं.

    अब काजी तौकीर ‘बिग बॉस’ के घर में अपनी जिंदगी का नया अध्याय शुरू कर रहे हैं. शो में उनका बेबाक अंदाज, पुरानी यादें और मनोरंजन से भरपूर व्यक्तित्व दर्शकों का ध्यान खींच रहा है. करीब दो दशक बाद रियलिटी टीवी पर उनकी वापसी ने लोगों को उनके पुराने दिनों की याद दिला दी है. काजी बिग बॉस में कभी अपनी सिंगिंग और एक्टिंग से लोगों का मनोरंज कर रहे हैं. कई बार उन्हें उनकी हरकतों के लिए रोस्ट भी किया जा रहा है, लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. काजी उटा-पटांग हरकतें करके लाइमलाइट में बने हुए हैं. उन्होंने कैमरे पर भी बोला कि वो एक्ट कर रहे हैं.

    फेम गुरुकुल में उन्होंने अपनी सिंगिंग से रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हासिल की थी. कमाल की बात ये है कि उस वक्त सोशल मीडिया भी नहीं था. अब सोशल मीडिया भी है और टीवी पर काजी भी. उन्हें उनके फैन्स का बेइंतिहा सपोर्ट मिल रहा है. सलमान खान के शो पर उनका अतरंगी अंदाज फैन्स को काफी पसंद आ रहा है.

    काजी के लिए ‘बिग बॉस’ सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि खुद को नई पीढ़ी से दोबारा जोड़ने का मौका भी है. देखते हैं कि आगे चलकर वो शो में क्या कमाल करते हैं.

  • सिर्फ 2 करोड़ के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 160 करोड़ के पार पहुंची कमाई

    सिर्फ 2 करोड़ के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 160 करोड़ के पार पहुंची कमाई

    बॉक्स ऑफिस पर आए दिन नए-नए रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन जब कोई बिना किसी शोर-शराबे और तामझाम के आई फिल्म इतिहास रच दे, तो हर कोई हैरान रह जाता है. आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों देशभर के सिनेमाघरों में धूम मचा रही है. 7 अगस्त को बिना किसी बड़े प्रचार-प्रसार के रिलीज हुई इस धार्मिक फिल्म ने उत्तर और पश्चिम भारत के दर्शकों को खींचकर थिएटर्स तक ला खड़ा किया है.

    जहां एक ओर यश की बड़े बजट वाली फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी, वहीं महज 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'हनुमान अंश' ने 160 करोड़ रुपये से ज्यादा का शानदार कारोबार कर लिया है. अब सवाल ये उठता है कि फिल्म इंडस्ट्री से बाहर के लोगों और बाबा के भक्तों द्वारा बनाई गई यह छोटी सी फिल्म आखिर लोगों के दिलों को इतना कैसे छू रही है, क्या इसके पीछे कोई चमत्कार है या कोई और कारण?

    नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म
    विशाल चतुर्वेदी के लेखन और निर्देशन में बनी यह फिल्म लक्ष्मी नारायण शर्मा, जिन्हें दुनिया नीम करौली बाबा के नाम से जानती है, के जीवन को बेहद सादगी के साथ प्रस्तुत करती है. फिल्म दर्शकों को उनके बचपन के दिनों में ले जाती है, जब मात्र 12 साल की उम्र में उन्होंने ध्यान लगाना और साधु का जीवन अपनाना शुरू कर दिया था. इसके बाद उनकी अध्यात्म यात्रा और भविष्य देखने की दिव्य शक्तियों से लेकर उनकी बढ़ती प्रसिद्धि तक के हर पहलू को बहुत सुंदर तरीके से दिखाया गया है.

    फिल्म का मुख्य फोकस नीम करौली बाबा के जीवन की उन महत्वपूर्ण घटनाओं पर है, जो उनके चमत्कारों और आम लोगों के जीवन पर पड़े सकारात्मक प्रभाव से जुड़ी हैं. फिल्म कहीं से भी किसी संत की जीवनी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती हुई नजर नहीं आती. मेकर्स का मकसद किसी बड़े तकनीकी सिनेमा से चौंकाना नहीं, बल्कि बाबा की महान शख्सियत से लोगों को रूबरू कराना है. ठीक बाबा की जिंदगी की तरह इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी भी इसकी सादगी ही है.

    फिल्म के एक्टर का कमाल काम
    फिल्म का मूल उद्देश्य दर्शकों को गुरु की शिक्षाओं और उनकी आध्यात्मिक शक्तियों का अहसास कराना है. मुख्य किरदार में नए कलाकार शोभिनव सत्या ने कमाल का काम किया है. उन्होंने एक ऐसे साधु का किरदार निभाया है जो हर मुश्किल, अपमान या कठिन परिस्थिति में भी मुस्कुराता रहता है. ठीक वैसे, जैसे रामायण में अरुण गोविल राम के किरदार में दिखाई दिए थे. बिना किसी दिखावे और सीधे-सादे अंदाज में बनी इस फिल्म को देखकर बाबा के पुराने भक्त तो खुश हो ही रहे हैं, साथ ही नए दर्शक भी उनके जीवन और विचारों से गहराई से जुड़ रहे हैं.

    सिनेमा की दुनिया में एक अलग पहचान
    रजनीश (ओशो) पर बनी अमेरिकी डॉक्यूमेंट्री 'वाइल्ड वाइल्ड कंट्री', वेब सीरीज 'आश्रम' या 'MSG: द मैसेंजर ऑफ गॉड' जैसी फिल्मों की भीड़ के बीच 'हनुमान अंश' एक बिल्कुल अलग एक्सपीरियंस देती है. यह किसी कमर्शियल सुपरहीरो की तरह मुख्य किरदार को महिमामंडित नहीं करती, बल्कि एक आम इंसान की अंदरूनी अच्छाई और मूल्यों पर भरोसा जताती है. यही वजह है कि एक साधारण जीवन जीने वाले संत की यह कहानी आज करोड़ों लोगों के दिलों में उतर चुकी है.

    क्या सिनेमा जगत में शुरू होगा नया दौर?
    फिल्म की इस अभूतपूर्व सफलता को देखकर अब यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में दूसरे आध्यात्मिक गुरुओं पर भी फिल्में बनाने का एक नया ट्रेंड शुरू होगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल देश का दर्शक नीम करौली बाबा की सादगी और शिक्षाओं के प्रभाव में पूरी तरह से लीन नजर आ रहा है.

    खैर, ताज्जुब की बात तो यह है कि अपने पांचवें हफ्ते में ही फिल्म ने अकेले 55 करोड़ रुपये कमा डाले हैं, जो भारतीय सिनेमा में अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड है. धार्मिक लोग इसे हनुमान जी का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे इस तरह से भी देख रहे है कि हाल फिलहाल में रिलीज हुई फिल्मों का कंटेंट कमजोर है, ये ही वजह है कि दर्शक हनुमान अंश की तरफ पहुंचे. बाकी काम सोशल मीडिया के प्रचार-प्रसार, नेताओं-अभिनेताओं की तारीफों ने पूरा कर दिया.

  • बिग बॉस 20 में ईशा रिक्खी का बादशाह पर इशारों में तंज, बोलीं- ‘मैंने अपनी जिंदगी में बहुत अच्छा रेड फ्लैग देखा है’

    बिग बॉस 20 में ईशा रिक्खी का बादशाह पर इशारों में तंज, बोलीं- ‘मैंने अपनी जिंदगी में बहुत अच्छा रेड फ्लैग देखा है’

    इस साल की शुरुआत में सिंगर बादशाह की पर्सनल लाइफ तब चर्चा में आई जब ईशा रिक्खी के साथ उनकी शादी की तस्वीरें ऑनलाइन सामने आईं. बाद में इस कपल ने सोशल मीडिया पर अपने अलग होने की घोषणा की. अब, ईशा सलमान खान के शो 'बिग बॉस 20' में एक कंटेस्टेंट हैं, जहां अलग होने के बावजूद उन्होंने बादशाह पर इशारों-इशारों में तंज कसा है.

    जब घर की लड़कियों ने गुल्लू को 'रेड फ़्लैग' (खतरनाक या गलत इंसान) कहा, तो उन्होंने कहा, 'क्या तुमने इतना अच्छा रेड फ्लैग देखा है?' ईशा ने तुरंत जवाब दिया, 'मैंने अपनी जिंदगी में बहुत अच्छा रेड फ्लैग देखा है.' हालांकि उन्होंने यह कहकर बात संभालने की कोशिश की कि वह अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात नहीं कर रही थीं, लेकिन घर के बाकी सदस्यों ने उन्हें चिढ़ाया और वह शरमाती हुई दिखीं.

    ईशा ने पूछा चीटिंग पर सवाल
    इसके बाद ईशा ने शो में मौजूद लड़कों से पूछा, 'जो लोग चीट करते हैं, उनके लिए तो 'मूव ऑन' करने का कोई गेम ही नहीं होता, है ना? आपको क्या लगता है, जो लोग चीट करते हैं उन्हें बुरा लगता है? खासकर प्लेबॉय टाइप के लोग?'

    गुल्लू ने जवाब दिया, 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि उन्होंने किसे चीट किया है. अगर वह व्यक्ति महत्वपूर्ण था, तो भले ही वह आदमी दिखाए कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा, लेकिन वह जरूर रात में बैठकर सोचता है कि मैंने गलत किया और काश चीजें ठीक हो जाती.'

    जैसे ही यह क्लिप ऑनलाइन सामने आया, कई यूजर्स को यकीन हो गया कि ईशा बादशाह की बात कर रही थीं. एक कमेंट में लिखा था, 'क्या उन्होंने बादशाह को प्लेबॉय कहा?' दूसरे ने कमेंट किया, 'लगता है वह किसी दिन उनके कॉल का इंतजार कर रही हैं.' एक फैन ने यह भी लिखा, 'क्या बादशाह ने सच में उन्हें चीट किया था?'

    खैर,  इससे पहले, बिग बॉस 20 के प्रीमियर पर ईशा ने बादशाह से अपने अलग होने के बारे में बात की और कहा, 'मुझे प्यार हो गया था. मुझे लगा, 'बस यही है. मैं इसी की तलाश में थी.' वह सिर्फ एक 'ग्रीन फ्लैग' (सही इंसान) नहीं थे; वह तो पूरा 'ग्रीन फॉरेस्ट' (बहुत ही अच्छा इंसान) थे. मैं शादी करके बसना चाहती थी, इसलिए मैंने बहुत कोशिश की. लेकिन कुछ अनुभव आपको बदल देते हैं. जब आपका भरोसा टूटता है, तो आप ऐसे मोड़ पर पहुंच जाते हैं, जहां आप खुद पर सवाल उठाने लगते हैं और सोचते हैं, 'मुझसे कहां गलती हुई?' मैंने जो कुछ भी सहा, उसने मुझे तोड़ दिया. मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती. मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैं अपनी ही कहानी में एक 'साइड कैरेक्टर' बन गई.'

    ईशा रिक्खी और बादशाह के बारे में
    रैपर बादशाह और पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिक्खी ने अपनी शादी की बात 2026 में सामने आने से पहले अपने रिश्ते को लोगों की नजरों से दूर रखा था. मार्च में शादी की तस्वीरें ऑनलाइन सामने आईं, जब ईशा की मां ने इस प्राइवेट सेरेमनी की कुछ झलकियां शेयर की. बाद में ईशा ने इंस्टाग्राम AMA के दौरान कन्फर्म किया कि उनकी शादी बादशाह से हुई थी, और उन्होंने उन्हें अपना 'पति देव' भी कहा. हालांकि, उनकी शादी ज्यादा समय तक नहीं चली.

    बाद में इस कपल ने सोशल मीडिया पर एक जॉइंट स्टेटमेंट में अपने अलग होने की बात कही और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हुए प्राइवेसी की अपील की. ​​बादशाह ने लिखा, 'ईशा रिक्खी और मैंने आपसी सहमति से अलग होने और अपनी-अपनी राहों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. यह फैसला आपसी सम्मान के साथ लिया गया है, और हम सभी से गुजारिश करते हैं कि इस समय हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें.'

  • ‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन का बड़ा दांव, मोहनलाल की फिल्म से बिल्कुल अलग होगी कहानी

    ‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन का बड़ा दांव, मोहनलाल की फिल्म से बिल्कुल अलग होगी कहानी

    अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 का धांसू ट्रेलर देखकर मन में लड्डू तो फूटे होंगे. दृश्यम फ्रेंचाइजी की फिल्मों का इंतजार जो रहता है. ट्रेलर के साथ क्लियर हो गया कि ये दृश्यम की हिंदी फ्रेंचाइजी की आखिरी फिल्म होगी. इसके बाद विजय सालगांवकर की कहानी को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. दूसरी अच्छी बात ये रही कि अजय की ये फिल्म मोहनलाल की दृश्यम 3 से बिल्कुल अलग है. पूरी कहानी को नए सिरे से लिखा गया है.

    अजय देवगन का स्मार्ट मूव
    इसलिए अगर आपने साउथ की दृश्यम 3 देखी है, तो आपको कहीं से कोई स्पॉयलर नहीं मिला है. वैसे अच्छा ही है दृश्यम 3 की कहानी बिल्कुल अलग है, वरना अजय की फिल्म क्रिटिक्स के घेरे में आ सकती थी. क्योंकि सीधी बात, नो बकवास.. मोहनलाल की दृश्यम 3 इस फ्रेंचाइजी की सबसे कमजोर फिल्म है. दृश्यम फैन होने के नाते जब मैंने एक्साइटेड होकर मोहनलाल की मूवी देखी तो सिर पकड़ लिया. क्योंकि इंटरवल तक फिल्म घनघोर बोर करती है. फिर सेकंड पार्ट में ट्विस्ट देने के चक्कर में कहानी ऐसी घुमाई गई है जो आपका सिर चकरा देगी.

    मोहनलाल की स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है. लेकिन स्क्रीनप्ले वीक है. ये फिल्म देखकर मेकर्स से बस यही पूछने का मन करेगा कि आखिर ये क्यों बनाई? साउथ में इसे मिक्स्ड रिव्यू मिले हैं. मूवी बस फ्रेंचाइजी के ठप्पे और मोहनलाल के फैंडम की बदौलत वर्ल्डवाइड 242 करोड़ के करीब बिजनेस करने में कामयाब रही. लेकिन ये फिल्म लोगों का दिल तोड़ गई.

    क्या है कहानी?
    दृश्यम 2 में पुलिस को चकमा देने के बाद जॉर्जकुट्टी अपने परिवार के साथ नॉर्मल लाइफ जीने की कोशिश कर रहा है. कहानी साढ़े चार साल आगे बढ़ती है. जॉर्जकुट्टी केबल टीवी ऑपरेटर से फिल्म प्रोड्यूसर बन चुका है. उसकी लिखी हुई फिल्म ब्लॉकबस्टर हुई है. वो फैमिली संग ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा है. लेकिन कहते हैं ना क्रिमिनल को कभी चैन नहीं आता. उसके अंदर की बेचैनी और पकड़े जाने का डर उसे खोखला कर देता है. जॉर्जकुट्टी का भी यही हाल है.

    पत्नी और बेटियों को वो दिखाता है कि सब नॉर्मल है, लेकिन उसका सुकून छिना हुआ है. पुरानी केस फाइल खुलने और परिवार पर खतरा आने का डर उसे चैन की सांस नहीं लेने देता. उसकी बेटी अंजू केस की वजह से मेंटली डिस्टर्ब रहती है. जॉर्जकुट्टी अपने बेटी की शादी करवाना चाहता है. लेकिन अंजू का अतीत उसका घर नहीं बसने दे रहा है.

    दूसरी तरफ, वरुण के माता-पिता यानी गीता और प्रभाकर बेटे के लिए अब न्याय नहीं, उसकी मौत का बदला चाहते हैं. प्रभाकर पूर्व पुलिसकर्मी सहदेवन और नए पुलिस अधिकारी थॉमस बास्टिन संग मिलकर जॉर्जकुट्टी की जिंदगी नर्क बनाने की प्लानिंग करता है. उसने जॉर्जकुट्टी के खिलाफ ऐसा जाल बिछाया कि उसमें अंजू भी फंस गई. कहानी में ऐसे ट्विस्ट आए कि जॉर्जकुट्टी सरेंडर करने को मजबूर हो जाता है. लेकिन उसके ऐसा करने के पीछे की वजह शॉकिंग है.

    इस बार जॉर्जकुट्टी खुद को दांव पर लगाकर अपनी फैमिली को बचाता है. पुलिस और वरुण के पेरेंट्स के साथ शह-मात के इस खेल को खत्म करने के लिए अंत में जॉर्जकुट्टी जो करता है, वो देखकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी. क्लाइमैक्स में आया ट्विस्ट सबसे बड़ा शॉकर है.

    कहां रह गई कमी?
    फिल्म में वो सब चीजें मिसिंग हैं जो पहले और सेकंड पार्ट में भरपूर थी. मोहनलाल की दृश्यम 3 में थ्रिल, सस्पेंस और ट्विस्ट्स की कमी है. पहले पार्ट में सरप्राइज फैक्टर ना के बराबर है. सेकंड पार्ट में बस क्लाइमैक्स आपको चौंकाएगा. उससे पहले वहां भी निल बट्टे सन्नाटा है. स्क्रीनप्ले स्लो और फ्लैट है. मेकर्स ने दृश्यम 3 तो बना दी, लेकिन कहानी पर होमवर्क करना भूल गए. फिल्म में ऐसा कोई ट्विस्ट नहीं है जो आपको सोचने को मजबूर करे या दिमाग हिला डाले. तीसरे पार्ट में डायरेक्टर जीतू जोसेफ ने सस्पेंस से ज्यादा इमोशन और ड्रामे को घुसाया. यहीं से सारी गड़बड़ हुई. फिल्म को बस जलेबी की तरह गोल-गोल घुमाया गया है.

    मलाल बस इस बात का है कि जॉजकुट्टी इस बार इमोशंस में ज्यादा बहा. वो अपने क्राइम को छिपाने के लिए माइंड गेम नहीं खेल पाया. मानो सालों से परिवार को बचाते हुए अब वो थक चुका है. इस बार उसने दिमाग से नहीं दिल से बाजी चली. कहानी जॉर्जकुट्टी के अपराधबोध पर ज्यादा फोकस करती है, यही खेल खराब हुआ.

    मोहनलाल को सलाम..गजब एक्टिंग
    बस देखने लायक अगर कुछ है तो वो मोहनलाल की जानदार एक्टिंग है. उन्हें स्क्रीन पर देखना सुकून देता है. जिस ठहराव और सहजता के साथ उन्होंने इस कॉम्पलेक्स कैरेक्टर को निभाया है, वो काबिलेतारीफ है. उनके कंधों पर ये फिल्म 242 करोड़ कमा पाई, वरना तो ऐसी कमजोर थ्रिलर फिल्म का पिटना तय था. मोहनलाल ने जिस तरह अपने दो इमोशंस, डर और सेलिब्रेशन को पर्दे पर दिखाया है, उनको बिग सैल्यूट.

    बाल-बाल बचे अजय!
    मोहनलाल की दृश्यम सीरीज के शुरुआती दो पार्ट हिंदी में बिल्कुल सेम बनाए गए हैं. लेकिन तीसरे पार्ट को लेकर कहानी में पेंच फंसा. हिंदी दृश्यम 3 का स्क्रीनप्ले बिल्कुल नया है. इसे अभिषेक पाठक, आमिल कीयान खान और परवेज शेख ने मिलकर लिखा है. अभिषेक ही मूवी के डायरेक्टर भी हैं. अजय की फिल्म का ट्रेलर, इसकी स्टारकास्ट में शामिल नए चेहरे कहानी को फ्रेश वाइब दे रहे हैं. उम्मीद है ये साउथ की दृश्यम 3 को देखकर हुए अफसोस की भरपाई करेगी. अजय की फिल्म 2 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है. अजय ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट में कहा कि वो चाहते हैं मोहनलाल और जीतू जोसेफ उनकी बनाई दृश्यम 3 देखें.

    तो देखते हैं दृश्यम 3 वर्सेज दृश्यम 3 में कौन बाजी मारेगा?

  • 34वें दिन भी ‘हनुमान अंश’ की दहाड़, ₹200 करोड़ के बेहद करीब पहुंची फिल्म

    34वें दिन भी ‘हनुमान अंश’ की दहाड़, ₹200 करोड़ के बेहद करीब पहुंची फिल्म

    ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर वो खेल कर दिया है, जिसकी शायद शुरुआत में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. जिस फिल्म की शुरुआत महज 10 लाख से हुई थी, वही अब 34वें दिन भी सिनेमाघरों में ऐसी दहाड़ रही है कि बड़े-बड़े बजट वाले फिल्मों के मेकर्स भी आंकड़े देखकर माथा पकड़ लें. बुधवार यानी 34वें दिन फिल्म ने 10.25 करोड़ नेट कमा डाले. यानी एक दिन पहले के 10.75 करोड़ के मुकाबले सिर्फ 4.7 फीसदी की गिरावट.

    और सबसे दिलचस्प बात? फिल्म की इंडिया नेट कमाई 153.13 करोड़ पहुंच गई है, जबकि इंडिया ग्रॉस 180.95 करोड़ हो चुका है. अब 200 करोड़ का आंकड़ा दूर जरूर है, लेकिन नामुमकिन बिल्कुल नहीं लगता.

    34वें दिन भी 10 करोड़ से ज्यादा, आखिर रुक क्यों नहीं रही फिल्म?
    सोचिए, कोई फिल्म थिएटर में 34 दिन बिता चुकी हो और पांचवें हफ्ते में भी सोमवार से बुधवार तक लगातार करीब 10 करोड़ रोज कमा रही हो. यही कारनामा ‘हनुमान अंश’ कर रही है.

    34वें दिन फिल्म ने 7,810 शोज के जरिए 10.25 करोड़ नेट कमाए और ऑक्यूपेंसी करीब 35 फीसदी रही. मंगलवार को 10.75 करोड़ और सोमवार को 10 करोड़ आए थे. यानी वीकडेज में भी फिल्म की पकड़ अभी ढीली नहीं पड़ी है.

    पांचवें हफ्ते का हाल तो और भी दिलचस्प है-
    5वें शुक्रवार: 10 करोड़
    5वें शनिवार: 16.50 करोड़
    5वें रविवार: 22.75 करोड़
    5वें सोमवार: 10 करोड़
    5वें मंगलवार: 10.75 करोड़
    5वें बुधवार: 10.25 करोड़

    यानी पांचवें हफ्ते में ही फिल्म 61 करोड़ जोड़ चुकी है. अब आप समझ सकते हैं कि मामला सिर्फ किसी एक दिन के उछाल का नहीं है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी अलग ही लय पकड़ ली है.

    2 करोड़ के आसपास की फिल्म और 180 करोड़ का कारोबार!
    ‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ इसकी कमाई नहीं, बल्कि इसका कम बजट से ब्लॉकबस्टर तक का सफर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ के आसपास बताया गया है. इसके मुकाबले लगभग 181 करोड़ का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन बेहद बड़ा फर्क दिखाता है. बॉलीवुड में जहां करोड़ों रुपये प्रमोशन और स्टार फीस में उड़ जाते हैं, वहीं ‘हनुमान अंश’ ने कंटेंट, आस्था और माउथ पब्लिसिटी के सहारे ऐसा खेल खेला कि फिल्म की कमाई थमने का नाम ही नहीं ले रही.
    34वें दिन गिरावट के बावजूद ₹200 करोड़ की ओर ‘हनुमान अंश’! प्रेमानंद

    महाराज का आशीर्वाद या कहानी का कमाल?
    यहां कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट यही है कि ‘हनुमान अंश’ ने शुरुआत में कोई धमाका नहीं किया था. फिल्म ने पहले दिन महज 10 लाख कमाए थे. शुरुआती दिनों में कमाई बेहद धीमी रही, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों की जुबान पर फिल्म का नाम चढ़ने लगा. फिर सिनेमाघरों में भीड़ बढ़ी और फिल्म ने ऐसा पलटवार किया कि अब इसे सरप्राइज ब्लॉकबस्टर कहा जा रहा है.

    पहले जहां लोग पूछ रहे थे- ये फिल्म चलेगी भी? और वहीं अब सवाल है- 200 करोड़ कब पहुंचेगी? यही तो बॉक्स ऑफिस का असली मसाला है.

    प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद भी चर्चा में क्यों?
    अब आते हैं उस सवाल पर, जिसने इस फिल्म की कहानी को सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहने दिया. फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने फिल्म बनाने से पहले प्रेमानंद महाराज से मार्गदर्शन लिया था. फिल्म की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अनुप्रिया ने प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात और उनसे मिले आशीर्वाद का जिक्र किया है.

    लेकिन यहां एक दिलचस्प बात भी है. प्रेमानंद महाराज ने मेकर्स को सलाह दी थी कि संत के जीवन को फिल्मी लोकप्रियता के लिए तोड़-मरोड़कर पेश न किया जाए और बिना पुष्टि की बातें जोड़ने से बचा जाए. यानी कहानी में मसाला डालने से ज्यादा जोर ईमानदारी और श्रद्धा पर था.

    अब फिल्म का प्रदर्शन देखकर फैंस के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या नीम करोली बाबा की कहानी, फिल्म की नीयत और मिले आध्यात्मिक आशीर्वाद ने इस सफर को खास बना दिया? इसका जवाब आस्था रखने वाला दर्शक अपने हिसाब से देगा, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़े जरूर अपनी कहानी सुना रहे हैं.

    ‘हनुमान अंश’ की असली ताकत क्या है?
    फिल्म नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित है. कहानी एक ऐसे युवा साधक की यात्रा दिखाती है, जो भगवान राम की तलाश में निकलता है और आगे चलकर नीम करोली बाबा के रूप में अपनी आध्यात्मिक पहचान बनाता है.

    फिल्म को किसी बड़े सुपरस्टार का सहारा नहीं मिला. इसके बावजूद लोगों के बीच चर्चा बढ़ती गई. यही वजह है कि इसकी सफलता को माउथ पब्लिसिटी से भी जोड़ा जा रहा है. और शायद यही इस फिल्म का सबसे बड़ा गेमचेंजर बना- जिसने देखा, उसने दूसरे को बताया. फिर दूसरे ने देखा… और बात फैलती चली गई.

    11 सितंबर को विदेशों में खुलेगी फिल्म, अब असली खेल बाकी!
    भारत में 34 दिनों तक धुआंधार कमाई करने के बाद अब ‘हनुमान अंश’ की नजर ओवरसीज मार्केट पर है. फिल्म 11 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज होने वाली है.

    भारत में इंडिया ग्रॉस करीब 180.95 करोड़ पर पहुंच चुका है. अब अगर फिल्म घरेलू सिनेमाघरों में कुछ और दिन मजबूत बनी रहती है और ओवरसीज से भी अच्छा रिस्पॉन्स आता है, तो इसका कुल ग्लोबल आंकड़ा और तेजी से ऊपर जा सकता है.

    हालांकि एक बात साफ समझना जरूरी है- 200 करोड़ इंडिया ग्रॉस और 200 करोड़ इंडिया नेट दो अलग-अलग माइलस्टोन हैं. अभी 200 करोड़ का आंकड़ा ग्रॉस के हिसाब से ज्यादा करीब है. नेट कलेक्शन 153.13 करोड़ है. इसलिए 200 करोड़ क्लब की बात करते समय किस आंकड़े की बात हो रही है, यह साफ रखना जरूरी है.

    क्या ‘हनुमान अंश’ 200 करोड़ पार करेगी?
    फिलहाल गणित फिल्म के पक्ष में है. 180.95 करोड़ इंडिया ग्रॉस से 200 करोड़ तक पहुंचने के लिए करीब 19.05 करोड़ और चाहिए. पांचवें हफ्ते में भी फिल्म के रोजाना 10 करोड़ के आसपास कमाने को देखते हुए यह आंकड़ा पहुंच से बाहर नहीं दिखता. लेकिन बॉक्स ऑफिस में आखिरी फैसला हमेशा दर्शक करते हैं.

    अगर वीकडेज में फिल्म की पकड़ बनी रहती है और ओवरसीज रिलीज से भी फायदा मिलता है, तो ‘हनुमान अंश’ का अगला बड़ा पड़ाव 200 करोड़ ही दिखाई दे रहा है. और सबसे मजेदार बात यही है, जिस फिल्म को शुरुआती दिनों में देखकर शायद किसी ने इतना बड़ा तूफान आने की उम्मीद नहीं की थी, वही अब बॉक्स ऑफिस पर बड़े-बड़े नामों को पीछे छोड़ने की कहानी लिख रही है.

    इसे चमत्कार कहिए, आस्था का असर कहिए, माउथ पब्लिसिटी कहिए या दमदार कहानी का कमाल- ‘हनुमान अंश’ ने फिलहाल बॉक्स ऑफिस का पूरा खेल ही पलट दिया है.

  • टॉम क्रूज का नया अवतार, ‘डिगर’ का फाइनल ट्रेलर हुआ रिलीज

    टॉम क्रूज का नया अवतार, ‘डिगर’ का फाइनल ट्रेलर हुआ रिलीज

     फिल्म ‘डिगर’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। इसमें टॉम क्रूज बहुत ही अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म में उनका किरदार एक्शन के साथ कॉमेडी करता दिखाई देगा।
    हॉलीवुड फिल्म ‘डिगर’ का फाइनल ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज कर दिया गया है। ट्रेलर में टॉम क्रूज बेहद अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। यह किरदार उनकी बाकी फिल्मों से काफी अलग होगा। जानें कैसा है ट्रेलर?

    ‘डिगर’ के ट्रेलर में क्या खास?  

    • फिल्म ‘डिगर’ हॉलीवुड की बहुप्रतिक्षित फिल्मों में से एक है। इसकी शूटिंग काफी वक्त से चल रही थी। मगर अब जाकर मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया है। जानिए इसमें क्या है खास?
    • ट्रेलर में टॉम क्रूज को एक तेल व्यापारी डिगर रॉकवेल के किरदार में दिखाया गया है।
    • डिगर काफी अमीर और घमंडी किस्म का इंसान है।
    • उसके अपने कामों की वजह से दुनिया खतरनाक आपदा की तरफ बढ़ रही है।
    • जब उसे यह पता चलता है तो वह दुनिया को यह सबकुछ समझाने की कोशिश में लग जाता है।
    • फिल्म के ट्रेलर में कई जबरदस्त एक्शन सीन दिखाए गए हैं।

    टॉम क्रूज ने अपनाया नया लुक
    फिल्म ‘डिगर’ का ट्रेलर लॉन्च होने के बाद से ही अभिनेता टॉम क्रूज का लुक फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म में वो भूरे बाल और आर्टिफिशियल मेकअप के साथ नजर आ रहे हैं। वहीं उनका वजन भी कुछ बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है। फिल्म में वह काॅमिक अंदाज में इस मुसीबत से लड़ते दिख रहे हैं।

    कब रिलीज होगी ‘डिगर’ ?
    फिल्म ‘डिगर’ 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टॉम क्रूज के अलावा फिल्म की कास्ट में रिज अहमद, जॉन गुडमैन, सैंड्रा हुलर और जेसी पामन्स शामिल हैं। फिल्म का निर्देशन एलेजांद्रो जी. इनारितु ने किया है। वहीं फिल्म की कहानी अलेक्जेंडर डिने लारिस जूनियर और निकोलस गियाकोबोन ने लिखी है। फिल्म का निर्माण  इनारितु , मैरी पैरेंट, टॉम क्रूज और माइकल शार्प ने मिलकर किया है।

  • यामी गौतम बनीं खूबसूरत डायन, ‘नई नवेली’ का टीजर मचा रहा तहलका

    यामी गौतम बनीं खूबसूरत डायन, ‘नई नवेली’ का टीजर मचा रहा तहलका

    यामी गौतम अब ऐसी नई नवेली बनकर आ रही हैं, जिसे देखकर भूत-प्रेत भी शायद अपना रास्ता बदल लें! उनकी आने वाली हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘नई नवेली’ का टीजर रिलीज हो गया है और इसमें यामी का अंदाज देखकर आप भी कहेंगे- ये भूतनी है या खूबसूरती की आफत?

    टीजर में यामी मोहिनी के किरदार में नजर आ रही हैं और उनकी एंट्री ही ऐसी है कि पूरा माहौल सेट हो जाता है. सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है उनका ये धांसू डायलॉग- ‘2 डायन, 3 पिशाच और 4 भूत तो मैं सुबह नाश्ते में खा जाती हूं…’

    बस फिर क्या था, सोशल मीडिया पर यामी के इस अवतार की चर्चा शुरू हो गई. फैंस का कहना है कि भूतनी इतनी खूबसूरत होगी तो डरने के बजाय लोग उसे देखते ही रह जाएंगे. ऐसा पहली बार हो रहा है जब यामी किसी हॉरर कॉमेडी फिल्म का हिस्सा बनी हों.

    मोहिनी बनीं यामी, लेकिन ये कोई सीधी-सादी भूतनी नहीं!
    ‘नई नवेली’ में यामी गौतम का किरदार काफी हटकर बताया जा रहा है. वह फिल्म में एक क्रूर डायन के अवतार में नजर आएंगी. यानी इस बार यामी न तो किसी सीधी-सादी लड़की के किरदार में हैं और न ही ऐसी हीरोइन जो भूत से डरकर भागती नजर आए. यहां तो मामला उल्टा है. भूत डरेंगे या मोहिनी से डरेंगे? टीजर देखकर यही सवाल दिमाग में घूमने लगता है.

    फिल्म में भारतीय पौराणिक कथाओं और लोककथाओं को हॉरर और कॉमेडी के तड़के के साथ पेश किया जाएगा. यानी डर भी होगा, हंसी भी आएगी और देसी कहानी का मजा भी मिलेगा.

    टीजर ने फैंस को किया एक्साइटेड
    मेकर्स ने टीजर शेयर करते हुए लिखा-  देवियों और सज्जनों, मोहिनी की तरफ से एक छोटी-सी रिक्वेस्ट. इसके साथ ही फिल्म की रिलीज डेट भी सामने रख दी गई है. ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर 2026, यानी दशहरे के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी. दिलचस्प बात ये है कि फिल्म का मोशन टीजर और फर्स्ट लुक पहले ही 20 अगस्त को रिलीज किया जा चुका था. लेकिन अब नए टीजर में यामी के मोहिनी अवतार की झलक ने एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है.

    ‘नई नवेली’ को आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि फिल्म का निर्देशन बालाजी मोहन ने किया है. फिल्म में यामी के अलावा आदिनाथ एम कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता रजवार, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुष्मिता मुखर्जी नजर आएंगे. फिल्म में सिर्फ यामी की खूबसूरती और मोहिनी का खौफ नहीं होगा, बल्कि एक बड़ा और दमदार सपोर्टिंग कास्ट भी देखने को मिलेगा.

    यामी का नया अवतार, पिछली फिल्मों से बिल्कुल अलग
    यामी गौतम ने अपने करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी पहचान बनाई है. हाल के वर्षों में उन्हें ‘ओएमजी 2’, ‘आर्टिकल 370' और ‘धूम धाम’ जैसी फिल्मों में देखा गया है.

    ‘आर्टिकल 370’ में उन्होंने एक सख्त और मिशन पर निकली अधिकारी का किरदार निभाया था, जबकि ‘धूम धाम’ में उनका अंदाज एक्शन और कॉमेडी से भरा हुआ था. वहीं ‘ओएमजी 2’ में भी उन्होंने गंभीर विषय वाली कहानी का हिस्सा बनकर अपनी रेंज दिखाई. अब ‘नई नवेली’ में वह सीधे डायन बनकर दर्शकों के सामने आने वाली हैं. और यही इस फिल्म को खास बनाता है.

    डराएगी भी, हंसाएगी भी!
    हॉरर-कॉमेडी का फॉर्मूला बॉलीवुड में नया नहीं है, लेकिन ‘नई नवेली’ को भारतीय लोककथाओं और पौराणिक कहानियों से जोड़कर मेकर्स इसे अपना देसी ट्विस्ट देने की कोशिश कर रहे हैं. ऊपर से यामी का मोहिनी वाला अंदाज और उनके मुंह से निकलते खतरनाक डायलॉग फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा रहे हैं.

    अब सवाल ये है कि 16 अक्टूबर को जब मोहिनी बड़े पर्दे पर आएगी, तो दर्शक डरेंगे, हंसेंगे या फिर यामी की खूबसूरती में ही खो जाएंगे? फिलहाल टीजर देखकर तो इतना जरूर लग रहा है कि इस बार भूतों की शामत आने वाली है!

  • रामानंद सागर के पोते लाएंगे श्रीमद्भागवतम् की भव्य कहानी, जारी हुआ पहला टीजर पोस्टर

    रामानंद सागर के पोते लाएंगे श्रीमद्भागवतम् की भव्य कहानी, जारी हुआ पहला टीजर पोस्टर

    बॉलीवुड में आज तक सैकड़ों धार्मिक और पौराणिक फिल्में बनी हैं, लेकिन आज तक कोई निर्माता-निर्देशक श्रीमद्भागवत् को रुपहले पर्दे पर साकार नहीं कर सका. लेकिन अब ये बड़ा कारनामा होना तय हो गया है. श्रीमद्भागवतम् के पहले पार्ट ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरत’ का पहला टीजर पोस्टर आज जारी कर दिया गया. रामानंद सागर के पोते आकाश सागर और अमृत सागर द्वारा सह निर्देशित पोस्टर में भगवान श्रीकृष्ण के हाथ की एक झलक दिख रही है. फिल्म अगले साल रिलीज होगी.

    क्या है फिल्म की कहानी?
    भारत के सबसे पूजनीय धर्मग्रंथों में से एक भागवत महापुराण पर आधारित है, जिसे दुनियाभर में करोड़ों लोग पढ़ते और श्रद्धा से देखते हैं. इसके पहले पार्ट में जुड़े ‘विष्णुरत’ का अर्थ है—‘विष्णु द्वारा संरक्षित’. यही भाव फिल्म की आध्यात्मिक और सिनेमाई यात्रा की बुनियाद भी है. फिल्म का पहला पोस्टर इसकी दुनिया की पहली झलक पेश करता है, जिसमें ईश्वरीय संरक्षण के भाव को केंद्र में रखा गया है.

    फिल्म के बारे में सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट कर्ताधर्ता और निर्देशक जोड़ी आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा ने कहा- इस फिल्म के सह-निर्देशक होने के साथ-साथ हम दोनों भाई हैं और भागवत की कहानियां सुनते हुए ही बड़े हुए हैं. हमारा मानना है कि करोड़ों भारतीयों के लिए ये कथाएं केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं, बल्कि हमारी वर्षों पुरानी स्मृति का हिस्सा हैं.

    'हमारे दादाजी ने रामायण को पर्दे पर उतारा था. वो एक ऐसा धारावाहिक साबित हुआ, जिसके जरिए पूरी एक पीढ़ी ने इस महाकाव्य का आध्यात्मिक अनुभव किया. लेकिन उन्होंने जो किया, उसे हम दोबारा नहीं बना सकते और न ही ऐसा करने की हमारी कोशिश है. हर पीढ़ी को अपनी सिनेमाई भाषा खुद खोजनी होती है, जो उसके समय के माध्यम और संभावनाओं के अनुरूप हो.'

    ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I विष्णुरत’ की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है और अब ये प्रोडक्शन के अंतिम दौर में है. इस फिल्म का भव्य प्रोडक्शन डिजाइन, आधुनिक फिल्म निर्माण तकनीक और विशिष्ट विजुअल ग्रामर के जरिए एक ऐसी सिनेमाई दुनिया रची जा रही है, जिसे पहले कभी इस रूप में नहीं देखा गया. इस दुनिया की जड़ें मूल ग्रंथ की प्रामाणिकता में हैं, जबकि इसका पैमाना और कल्पनाशीलता उसके विराट स्वरूप के अनुरूप रखी गई है.

    आकाश-अमृत कहते हैं- पिछले 6 वर्षों से हम दोनों ने पहले भागवत को समझने की कोशिश की, उसके बाद ही खुद को इस बात के लिए तैयार किया कि इसे पर्दे के लिए लिखा जा सकता है. इस यात्रा में हमें महसूस हुआ कि पार्ट I ‘विष्णुरत’ को एक पारंपरिक फिल्म की तरह नहीं बनाया जा सकता. मूल ग्रंथ की विराटता और कल्पनाशीलता एक बहुत बड़े सिनेमाई कैनवास की मांग करती है.

    उन्होंने आगे कहा- सदियों से हमारे चित्रों, मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों में ईश्वर ने अलग-अलग स्वरूप लिए हैं. हमारी कोशिश उन छवियों के प्रति सच्चे रहने की है, जिन्हें देखते, पहचानते और जिनकी आराधना करते हुए हम बड़े हुए हैं. हमारा उद्देश्य केवल नया दिखाने के लिए उन्हें नए रूप में गढ़ना नहीं है, बल्कि आज सिनेमा में उपलब्ध तकनीक और संभावनाओं की मदद से उन्हें यथार्थ, प्रामाणिकता और भव्यता के साथ जीवंत करना है. ‘विष्णुरत’ के जरिए हमारी कोशिश उसी परिचित और पवित्र दृश्य-स्मृति को जीवंत करने और दर्शकों को भागवत महापुराण का अनुभव अब तक के सबसे विशाल सिनेमाई कैनवास पर कराने की है.

    सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरात’ 2027 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में सभी प्रीमियम फॉर्मेट्स में रिलीज होगी.

  • सनी देओल के हनुमान अवतार के लिए 2 महीने चला शूट, ‘रामायण’ में होगा विशाल अग्नि सीक्वेंस

    सनी देओल के हनुमान अवतार के लिए 2 महीने चला शूट, ‘रामायण’ में होगा विशाल अग्नि सीक्वेंस

    रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है. फिल्म में कौन सा किरदार कैसा दिखेगा, इसे लेकर हर दिन नई चर्चा सामने आ रही है. लेकिन जिस किरदार की झलक के लिए दर्शक सबसे ज्यादा इंतजार कर रहे हैं, वो हैं सनी देओल के हनुमान.

    अभी तक मेकर्स ने सनी देओल के हनुमान अवतार को पूरी तरह पर्दे से छिपाकर रखा है. लेकिन अब फिल्म से जुड़ी एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है. दावा है कि फिल्म में हनुमान जी के लंका जाने वाले एपिसोड पर एक बेहद विशाल अग्नि सीक्वेंस तैयार किया गया है. खास बात ये है कि इस एक सीक्वेंस को तैयार करने में टीम को करीब दो महीने लग गए.

    लंका पहुंचेगा सनी देओल का हनुमान अवतार!
    नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में सनी देओल भगवान हनुमान का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे. फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है और मेकर्स विजुअल्स में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते. इसी का अंदाजा उस सीक्वेंस से लगाया जा सकता है, जिसमें हनुमान जी के लंका पहुंचने का प्रसंग दिखाया जाएगा.

    इस सीक्वेंस से जुड़ी जानकारी ऋषभ त्यागी ने शेयर की है. उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का अब तक का सबसे बड़ा फायर सीक्वेंस बताया है.

    दो महीने तक शूट हुआ आग वाला सीक्वेंस
    ऋषभ त्यागी ने बताया कि टीम ‘रामायण’ के एक ऐसे फ्रेम पर काम कर रही थी, जिसमें हनुमान जी लंका जाते हैं. उनके मुताबिक, यह उनकी जिंदगी का अब तक का सबसे बड़ा आग वाला सीक्वेंस है और शायद भारतीय सिनेमा में फिल्माए गए सबसे बड़े फायर सीक्वेंस में से एक हो सकता है. उन्होंने बताया कि इस सीक्वेंस को फिल्माने में करीब दो महीने का वक्त लगा.

    स्क्रीन पर कुछ मिनट या उससे भी कम समय के लिए दिखाई देने वाले इस हिस्से के पीछे मेकर्स ने करीब दो महीने की मेहनत झोंक दी है. और जब फिल्म में सनी देओल जैसे स्टार का हनुमान अवतार पहली बार इतने बड़े पैमाने पर दिखाई देगा, तो जाहिर है कि फैंस की नजरें इसी सीक्वेंस पर टिकी रहेंगी.

    सबसे हाईटेक सीक्वेंस में से एक होने का दावा
    ऋषभ त्यागी ने इस सीक्वेंस को बेहद हाईटेक भी बताया है. उनके मुताबिक, इसे तैयार करना काफी महत्वाकांक्षी काम था और यह भारतीय सिनेमा में फिल्माए गए सबसे हाईटेक सीक्वेंस में से एक है. अब तक फिल्म के ट्रेलर और प्रमोशनल मटीरियल में रामायण के कई किरदारों की छोटी-छोटी झलकियां देखने को मिली हैं, लेकिन हनुमान जी के रूप में सनी देओल को मेकर्स ने अभी तक पूरी तरह रिवील नहीं किया है. यही वजह है कि सनी के हनुमान अवतार को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बज बना हुआ है.

    फिलहाल यह पूरी तरह साफ नहीं है कि लंका वाला यह विशाल सीक्वेंस ‘रामायण: पार्ट 1’ में दिखाया जाएगा या पार्ट 2 में. हालांकि, मौजूदा चर्चा के मुताबिक सनी देओल फिल्म के पहले पार्ट के आखिर की तरफ नजर आ सकते हैं. वहीं दूसरे पार्ट में उनका किरदार काफी ज्यादा बड़ा होने की उम्मीद है.

    अगर ऐसा होता है तो पहले पार्ट में हनुमान के रूप में सनी की एंट्री ही फिल्म के सबसे बड़े सिनेमाई पलों में से एक बन सकती है.

    रणबीर राम, साई पल्लवी सीता और यश रावण
    ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में हैं. साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं, जबकि यश रावण के रोल में नजर आएंगे. फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं और इसे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक के तौर पर तैयार किया जा रहा है.

    फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके विजुअल स्केल और वीएफएक्स को लेकर है. ऐसे में हनुमान और लंका से जुड़ा इतना बड़ा फायर सीक्वेंस फिल्म के विजुअल ट्रीटमेंट को और खास बना सकता है.

    कब रिलीज होगी ‘रामायण’?
    ‘रामायण’ की रिलीज को लेकर भी बड़ा अपडेट है. फिल्म 6 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज होने वाली है. वहीं भारत में यह दिवाली के मौके पर 8 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. रिलीज के दौरान फिल्म की टक्कर हॉलीवुड की चर्चित मॉन्स्टर फिल्म ‘गॉडजिला माइनस जीरो’ से होने की बात कही जा रही है.

    फिलहाल फैंस को सबसे ज्यादा इंतजार एक ही चीज का है- सनी देओल को हनुमान के रूप में पहली बार पर्दे पर देखने का. और अगर सच में दो महीने की मेहनत से तैयार किया गया लंका का ये विशाल अग्नि सीक्वेंस उतना ही भव्य निकला, जितना दावा किया जा रहा है, तो सनी देओल की एंट्री ‘रामायण’ के सबसे चर्चित सीन्स में शामिल हो सकती है.

    अब बस सवाल इतना है- मेकर्स सनी के हनुमान को कब तक पर्दे के पीछे छिपाकर रखते हैं?

  • सलमान खान की ‘काला हिरण’ पर फिर हाई कोर्ट में सुनवाई, 30 सितंबर को होगा अगला फैसला

    सलमान खान की ‘काला हिरण’ पर फिर हाई कोर्ट में सुनवाई, 30 सितंबर को होगा अगला फैसला

    सलमान खान और फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का विवाद एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट में फिल्म की रिलीज को लेकर सुनवाई हुई, जहां जस्टिस ज्योति सिंह ने मेकर्स से सीधा सवाल किया कि- फिल्म कब रिलीज हो रही है?

    प्रोड्यूसर अमित जानी की ओर से पेश वकील ने कहा कि उन्हें इस बारे में निर्देश लेने होंगे. वहीं मेकर्स की तरफ से कोर्ट में फिल्म की रिलीज को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई. उनका कहना था कि फिल्म अभी रिलीज करने की स्थिति में ही नहीं है और उसे सेंसर सर्टिफिकेशन के लिए CBFC के पास भेजना बाकी है. यहां तक कि फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज नहीं हुआ है.

    कोर्ट के आदेश में भी दर्ज किया गया कि फिल्म फिलहाल रिलीज योग्य स्थिति में नहीं है और इसकी सामग्री को अभी सेंसर बोर्ड से प्रमाणित किया जाना बाकी है. हालांकि, सलमान खान की ओर से पेश वकील ने कहा कि OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज के लिए सेंसर सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं होती. इसके बाद कोर्ट ने OTT रिलीज को भी अपने आदेश के दायरे में शामिल किया है. अब इस मामले में मेकर्स को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करना है, जबकि अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी.

    फिलहाल ‘काला हिरण’ की रिलीज को लेकर मामला पूरी तरह साफ नहीं हुआ है. फिल्म बड़े पर्दे पर आएगी या OTT का रास्ता अपनाएगी, इस पर भी कानूनी पेंच बना हुआ है.

    आखिर सलमान खान ‘काला हिरण’ फिल्म से इतने नाराज क्यों हैं?

    अब जरा पूरे मामले की शुरुआत समझिए….
    ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ कोई आम फिल्म नहीं है. इस फिल्म को लेकर सबसे बड़ा विवाद यही है कि इसकी कहानी और प्रमोशनल मटीरियल का कनेक्शन सलमान खान के 1998 के काला हिरण मामले से जोड़ा जा रहा है.

    फिल्म के सामने आने के बाद सलमान की टीम ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट में उनकी शख्सियत और पहचान का इस्तेमाल किया जा रहा है. एक्टर ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करते हुए फिल्म की रिलीज, प्रमोशन और इससे जुड़े दूसरे कामों पर रोक की मांग की थी. उनकी याचिका में इसे उनके पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स का उल्लंघन बताया गया था.

    मामला सिर्फ इतना नहीं था कि फिल्म का नाम ‘काला हिरण’ है. फिल्म के पोस्टर और प्रमोशनल मटीरियल में दिखाए गए किरदार को लेकर भी सलमान की टीम ने आपत्ति जताई. आरोप था कि किरदार की शक्ल-सूरत और कुछ पहचान वाली चीजों के जरिए दर्शकों को सीधे सलमान खान की याद दिलाई जा रही है.

    1998 का वो काला हिरण केस फिर क्यों आया चर्चा में?
    1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान राजस्थान में काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया था. इस केस ने सलमान खान की जिंदगी में लंबी कानूनी लड़ाई को जन्म दिया.

    अब ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ इसी विवाद से प्रेरित बताई जा रही है. फिल्म को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक इसमें काले हिरण से जुड़े मामले के साथ कोर्टरूम ड्रामा, अपराध और उससे जुड़े दूसरे विवादों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है. फिल्म में लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े एंगल की चर्चा भी हुई है.

    यही वजह है कि सलमान खान की टीम को डर है कि फिल्म में दिखाई गई कहानी उनके बारे में लोगों की धारणा और उनकी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है.

    कोर्ट ने पहले भी मेकर्स को दिया था झटका
    यह पहली बार नहीं है जब इस फिल्म को लेकर कोर्ट में हंगामा हुआ है. जून में सलमान खान की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के मेकर्स को नोटिस जारी किया था. बाद की सुनवाई में फिल्म के प्रमोशनल मटीरियल को लेकर भी कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. जुलाई में हाई कोर्ट ने ‘काला हिरण’ के टीजर से जुड़े सोशल मीडिया लिंक और प्रोड्यूसर अमित जानी के कुछ इंटरव्यू हटाने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने सलमान की प्रतिष्ठा को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की थी.

    यानी मामला सिर्फ ‘फिल्म रिलीज होगी या नहीं’ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फिल्म के पोस्टर, टीजर और प्रमोशन तक कोर्ट की नजर पहुंच चुकी है.

    अमित जानी भी पीछे हटने को तैयार नहीं
    दूसरी तरफ फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी लगातार अपना पक्ष रखते आए हैं. मेकर्स का रुख रहा है कि फिल्म एक वास्तविक विवाद से प्रेरित कहानी है और इसे सीधे सलमान खान की बायोपिक नहीं माना जाना चाहिए. विवाद बढ़ने के बाद जानी ने दिल्ली हाई कोर्ट के कुछ आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी थी.

    यानी एक तरफ सलमान खान अपनी पहचान और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ फिल्म के मेकर्स भी प्रोजेक्ट को बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं.

    अब 30 सितंबर को क्या होगा?
    फिलहाल ताजा सुनवाई के बाद गेंद फिर कोर्ट के पाले में है. मेकर्स को दो हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करना है और 30 सितंबर को अगली सुनवाई होगी. सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म अभी सेंसर सर्टिफिकेशन के स्टेज तक भी नहीं पहुंची है. ऐसे में फिलहाल रिलीज को लेकर कोई साफ तस्वीर नहीं है.

    लेकिन इतना जरूर है कि ‘काला हिरण’ सिर्फ एक फिल्म नहीं रह गई है. एक तरफ सलमान खान का नाम, 1998 का बेहद चर्चित काला हिरण केस और उनकी पर्सनैलिटी राइट्स की लड़ाई है, तो दूसरी तरफ फिल्म मेकर्स का दावा और रिलीज की कोशिश.

    अब असली सवाल यही है- क्या ‘काला हिरण’ सिनेमाघरों तक पहुंच पाएगी, या सलमान खान की कानूनी लड़ाई फिल्म की रिलीज पर भारी पड़ेगी? इसका अगला बड़ा जवाब 30 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई में मिल सकता है.