Tag: 8th Pay Commission

  • 8वें वेतन आयोग का नया गणित: 7% इंक्रीमेंट और 2.0 फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ेगी सैलरी?

    8वें वेतन आयोग का नया गणित: 7% इंक्रीमेंट और 2.0 फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ेगी सैलरी?

    नई दिल्ली

    8वें वेतन आयोग की बैठकें जारी हैं और कर्मचारी अपनी मांग आयोग के सामने रख रहे हैं. इसी में से ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) जैसे कुछ कर्मचारी समूह 8th Pay Commission के तहत 7 फीसदी सालाना वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे है. इसके साथ ही फिटमेंट फैक्‍टर भी लागू करने की मांग रख रहे हैं।  

    इन कर्मचारी संगठनों की मांग
    वहीं, नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO) जैसे अन्य समूहों ने 6% वार्षिक वेतनवृद्धि की सिफारिश की है। 

    1 से लेकर 3 साल तक कितनी बढ़ेगी सैलरी?
    ऐसे में एक कैलकुलेशन के माध्‍यम से समझते हैं कि अगर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी हर साल 7 फीसदी बढ़ती है और फिटमेंट फैक्‍टर को 2.0 फीसदी रखा जाता है तो 1 से लेकर 3 साल तक आपकी सैलरी कितनी हो जाएगी। 

    बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी
    सबसे पहले बेसिक पे में 2.0 फ‍िटमेंट फैक्टर को लागू करने के बाद आपकी बेसिक सैलरी दोगुना हो जाएगी. मतलब- अगर आपकी बेसिक ₹18,000 है तो यह ₹36,000 हो जाएगी। 

        ₹21700  से बढ़कर ₹43400
        ₹25,500 से बढ़कर ₹51,000
        ₹35,400 से बढ़कर ₹70,800
        ₹44,900 से बढ़कर ₹89,800
        ₹56,100 से बढ़कर ₹1,12,200

    डबल नहीं होगी सैलरी
    बेसिक पे डबल होने का ये मतलब नहीं है कि आपकी कुल सैलरी भी डबल हो जाएगी, क्योंकि 8th CPC में DA, HRA और दूसरे अलाउंस का कैलकुलेशन नए तरीके से होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों की कुल सैलरी 31 फीसदी तक बढ़ सकती है. अब इसमें 7 फीसदी का इंक्रीमेंट जोड़ दें तो आइए जानते हैं कुल कितनी सैलरी हो जाएगी? 

    7% इंक्रीमेंट पर कितनी सैलरी बढ़ जाएगी? 
    मान लीजिए अगर किसी का बेसिक पे 18,000 रुपये है और इसपर 2.0 फिटमेंट फैक्‍टर लागू होकर 8वें वेतन आयोग के तहत इसका कुल बेसिक 36000 रुपये हो गया है तो अब इसमें डीए, एचएआर शामिल होगा. अब मान लीजिए DA और HRA और अन्‍य अलाउंस जोड़ने के बाद कुल सैलरी 50,000 रुपये हो जाती है तो 

    •     पहले साल 7% इंक्रीमेंट के बाद कुल सैलरी 53,500 रुपये होगी 
    •          दूसरे साल 7% इंक्रीमेंट के बाद कुल सैलरी 57,245 रुपये होगी
    •     तीसरे साल 7 फीसदी इंक्रीमेंट पर कुल सैलरी 61,252.17 रुपये होगी.

    आयोग का फॉर्मूला तय करेगा कितनी बढ़ सकती है सैलरी
    गौरतलब है कि यह सिर्फ एक अनुमानित कैलकुलेशन है. Pay Commission में 7% एनुअल इंक्रीमेंट और 2.0 फिटमेंट फैक्‍टर को अगर मंजूरी दी जाती है तो यह पे कमीशन के फॉर्मूले पर भी निर्भर करेगा कि कर्मचारियों की कितनी सैलरी बढ़ेगी. यह कैलकुलेशन मौजूदा चर्चा के आधार पर किया गया है। 

  • फिटमेंट फैक्टर 2 से 4 तक की मांग: 8वें पे कमीशन से बढ़ सकती है बेसिक सैलरी में भारी उछाल

    फिटमेंट फैक्टर 2 से 4 तक की मांग: 8वें पे कमीशन से बढ़ सकती है बेसिक सैलरी में भारी उछाल

     नई दिल्ली
    8वां पे कमीशन इस समय लगातार कर्मचारी और उनके संगठनों से बातचीत कर रहा है। सबसे अधिक किसी एक बात पर निगाह है तो वह फिटमेंट फैक्टर्स है। अधिक फिटमेंट फैक्टर होने की स्थिति में बेसिक पे उतना ही बढ़ जाएगा। जिसकी वजह से कर्मचारी संगठन लगातार अधिक फिटमेंट फैक्टर की डिमांड कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई भी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। आइए जानते हैं कि फिटमेंट फैक्टर कैसे सैलरी को प्रभावित करेगा।

    फिटमेंट फैक्टर कैसे प्रभावित करेगा सैलरी
    मौजूदा समय में लेवल एक के अधिकारियों का बेसिक पे 18000 रुपये है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2 रहता है तब की स्थिति में मिनिमम बेसिक पे 36000 रुपये हो सकता है। वहीं, 2.5 फिटमेंट फैक्टर रहने की स्थिति में 45000 रुपये बेसिक पे पहुंच जाएगा। वहीं, फिटमेंट फैक्टर तीन रहने की स्थिति में बेसिक पे 54000 रुपये हो सकता है।

    वहीं, लेवल 13 के कर्मचारी जिनका बेसिक पे इस समय 123100 रुपये है। 2 फिटमेंट फैक्टर रहने की स्थिति बेसिक पे 246200 रुपये हो सकता है। फिटमेंट 2.5 रहने की स्थिति में मिनिमम बेसिक पे 307750 रुपये हो सकता है।

    8वां वित्त आयोग लगातार कर रहा है मीटिंग
    पे कमीशन की तरफ से देश के अलग-अलग शहरों में मीटिंग हो रही है। दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और फिर उसके बाद उत्तर प्रदेश में 8वे वित्त आयोग की मीटिंग हो चुकी है। आगे बंगाल और उड़ीसा में 8वें पे कमीशन की मीटिंग प्रस्तावित है। बता दें, 8वें वित्त आयोग का गठन नवंबर 2025 किया गया था। इस आयोग के पास 18 महीने का समय पर है। इस दौरान कंपनी को रिपोर्ट जमा कर देना है।

    फिटमेंट फैक्टर को लेकर उम्मीद जताई जा रही है
    8वें पे कमीशन को कर्मचारी सगंठनों की तरफ से जमा किए गए मेमोरेंडम में 4 के करीब फिटमेंट फैक्टर भी रखने की मांग हुई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा मार्केट के हिसाब से सरकारी कर्मचारियों और बेहतर सैलरी मिलनी चाहिए। अब देखना है कि आयोग कितना फिटमेंट फैक्टर तय करता है।

    फिटमेंट फैक्टर के अलावा कर्मचारी संगठनों की तरफ से मौजूदा डीए कैलकुलेशन का फॉर्मूले भी बदलाव की डिमांड की जा रही है। बता दें, पे कमीशन का गठन हर 10 साल में किया जाता है।

  • सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग से पहले बड़ा फैसला संभव, जानें ताजा अपडेट

    सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग से पहले बड़ा फैसला संभव, जानें ताजा अपडेट

     नई दिल्‍ली

    केंद्र सरकार के कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन उससे पहले ही उन्‍हें सैलरी में बढ़ोतरी का तोहफा मिल सकता है. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 8वां वेतन आयोग आने से पहले एक बार फिर कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी हो सकता है। 

    जुलाई नजदीक आने और महंगाई के उच्च स्तर पर बने रहने के कारण, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जल्द ही अपने महंगाई भत्ते में एक और बढ़ोतरी देखने की उम्मीद बढ़ रही है. हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन महंगाई के नए आंकड़ों ने एक नए संशोधन की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। 

    क्‍यों बढ़ रही वेतन बढ़ोतरी की उम्‍मीद? 
    दरअसल, केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ता संशोधित करती है. आमतौर पर जनवरी और जुलाई से इन बढ़ोतरियों को लागू किया जाता है. यह भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई से निपटने में मदद करने के लिए है। 

    अंतिम महंगाई भत्ता (DA) दर की गणना औद्योगिक कामगारों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है, जो खुदरा कीमतों में होने वाले बदलावों पर नजर रखता है. आवश्यक आंकड़े उपलब्ध होने के बाद, सरकार कैबिनेट की मंजूरी लेने से पहले संशोधित दर की गणना करती है. चूंकि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें अभी तक लागू नहीं की गई हैं, इसलिए कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के ढांचे के तहत महंगाई भत्ता (DA) में संशोधन मिलता रहेगा। 

    नया महंगाई का आंकड़ा क्‍या दिखाता है? 
    आंकड़ों के अनुसार, मई में कुल खुदरा महंगाई दर 3.93% रही, जो अप्रैल में 3.48% थी. ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 3.74% से बढ़कर 4.25% हो गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में महंगाई 3.16% से बढ़कर 3.53% हो गई. फूड महंगाई में भी बढ़ोतरी हुई है। 

    फूड महंगाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है. अखिल भारतीय उपभोक्ता फूड प्राइस इंडेक्‍स (CFPI) के अनुसार, मई में फूड इन्‍फ्लेशन 4.78% रही, जबकि अप्रैल में यह 4.20% थी. ग्रामीण क्षेत्रों में यह बढ़कर 4.85% हो गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.66% तक पहुंच गई। 

    कुल महंगाई दर और फूड प्रोडक्‍ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की लागत पर दबाव बना हुआ है. हालांकि महंगाई भत्ता (DA) की गणना सामान्य कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स के बजाय CPI-IW पर आधारित है, फिर भी ये आंकड़े बताते हैं कि महंगाई दर का रुझान जारी है, जिससे एक और DA बढ़ोतरी की घोषणा की संभावना को सपोर्ट मिलता है। 

    अभी कर्मचारियों को कितना डीए मिल रहा है? 
    केंद्र सरकार ने आखिरी बार अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ता (DA) में संशोधन किया था, जिसमें 1 जनवरी, 2026 से प्रभाव से 2 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई थी. इस संशोधन के बाद, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) बेसिक सैलरी के 58% से बढ़कर 60% हो गई. जुलाई 2026 से लागू होने वाले अगले महंगाई भत्ते (DA) संशोधन की घोषणा अभी बाकी है. हालांकि, नए महंगाई के आंकड़े से यह जानकारी मिलती है कि महंगाई भत्ते में अभी 2 से 3 फीसदी तक इजाफा हो सकता है।  

    अभी 8वें वेतन आयोग का प्रॉसेस कहां तक बढ़ा? 
    जहां एक ओर कर्मचारी आगामी वेतन संशोधन पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 8वें वेतन आयोग को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं. पिछले कुछ महीनों में, कर्मचारी यूनियन और अन्‍य समूहों ने कई मांगें रखी हैं. इनमें महंगाई दर के अनुसार न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाना, भत्तों में संशोधन करना, वेतन संरचना में सुधार करना और पेंशन संबंधी लाभों में बदलाव करना शामिल है. हालांकि, सरकार ने अभी तक नए वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया है। 

  • केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन पर बड़ा अपडेट, 8वें पे कमीशन से बढ़ी उम्मीदें

    केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन पर बड़ा अपडेट, 8वें पे कमीशन से बढ़ी उम्मीदें

    नई दिल्ली
    8वें पे कमीशन को लेकर अब प्रक्रिया काफी तेज हो गई है। वित्त आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकें कर रहा है। कर्मचारी संगठनों से लगातार राय मांगी जा रही है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाह वित्त आयोग की बैठकों और इससे जुड़ी जानकारी पर बनी हुई है।

    केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की फिटमेंट फैक्टर पर सबसे अधिक निगाह है। 6वें और 7वें वित्त आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर ही केंद्र में रहा था। इसी से सैलरी संशोधन, डीए अन्य सभी कैलकुलेट किया जाएगा। बता दें, 28 फरवरी 2014 को 7वें वित्त आयोग का गठन किया गया था। लेकिन इसके लागू होने में 21 महीने का समय लगा था। 19 नवंबर 2015 को 7वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट जमा की थी।

    8वें वित्त आयोग की बात करें तो इसका गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग के पास रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीने का समय है। रिपोर्ट्स के अनुसार पे कमीशन 25 जुलाई 2027 तक सभी पक्षों से बातचीत के आधार पर तय रिपोर्ट को जमा कर सकता है। जिसपर अंतिम फैसला सरकार की तरफ से लिया जाएगा।

    क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
    एक तरह से फॉर्मूला होता है जिसके कैलकुलेशन के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी का पता चलता है। इसी फॉर्मूला के जरिए पुराने बेसिक पे की जगह नया रिवाइज बेसिक सैलरी तय किया जाता है।
    कैसे प्रयोग होता है फॉर्मूला?

    मौजूदा बेसिक पे x फिटमेंट फैक्टर = नया बेसिक पे
    सातवें बेसिक पे के वक्त पर फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। जिसके बाद मिनिमम बेसिक सैलरी केंद्रीय कर्मचारियों की 7000 रुपये से बढ़कर 18000 रुपये के स्तर पर पहुचं गया। बता दें, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी में हर 10 साल में एक बार इजाफा होता है।

    इस बार कितना फिटमेंट फैक्टर रह सकता है?
    अभी तक 8वें पे कमीशन के लिए कोई आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर का ऐलान नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 2.28 से 3.83 फिटमेंट फैक्टर इस बार तय किया जा सकता है।

    पहले के समय में फिटमेंट फैक्टर नहीं हुआ करता था। जिसकी वजह से पे कमीशन की तरफ से सैलरी रिवीजन के लिए अलग-अलग फैक्टर्स को आधार बनाया जाता था। जिसके बाद कोई फैसला होता था। हालांकि, तब भी मूल में कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और भत्ता ही होते थे। जिसे मार्केट के अनुसार बढ़ाया जाता था। बता दें, 8वें पे कमीशन के फैसलों का असर 1.1 केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा।

  • 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की बैठकें शुरू, सैलरी पर नए प्रस्ताव पर चर्चा

    8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की बैठकें शुरू, सैलरी पर नए प्रस्ताव पर चर्चा

     नई दिल्‍ली

    देश के 45 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. आठवें वेतन आयोग के तहत रिपोर्ट तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है, आयोग ने अब जमीनी स्‍तर पर काम शुरू कर दिया है, जो अलग-अलग राज्‍यों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों और एसोसिएशन से मुलाकात कर रहा है, ताकि 8वें वेतन आयोग के तहत उनकी मांगों और प्रस्‍तावों पर अच्‍छे से चर्चा कर सके। 

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आठवें वेतन आयोग ने अपनी पहली आमने-सामने की बैठक उत्तराखंड के कर्मचारी संगठनों के साथ शुक्रवार को पूरा किया. इसके बाद आयोग 28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में बड़ी बैठक करेगा. साथ ही मई महीने में आयोग की टीम पुणे और महाराष्‍ट्र के अन्‍य ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर उनका फीडबैक लेगी। 

    फिटमेंट फैक्‍टर को लेकर क्‍या है मांग?
    8वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के सामने कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने फिटमेंट फैक्‍टर को लेकर बड़ी मांग रखी है. फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की गई है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आ सकता है। 

    5 यूनिट की फैमिली 
    एक बदलाव 5 यूनिट फैमिली को लेकर है, क्‍योंकि अभी तक 3 यूनिट की फैमिली मानकर भत्ता तय किया जाता है. लेकिन अब यूनियन की मांग 5 यूनिट की फैमिली मानकर किया जा रहा है. इसके साथ ही महंगाई भत्ता का कैलकुलेशन 12 महीने के एवरेज को आधार बनाने का प्रस्‍ताव दिया गया है. इसके अलावा, कुछ स्‍केल पे को आपस में मिलाने का भी प्रस्‍ताव है। 

    बेसिक सैलरी को लेकर क्‍या है मांग? 
    वेतन आयोग सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य सेवा शर्तों की भी समीक्षा कर रहा है. कर्मचारी आयोग का कहना है कि इन भत्तों में भी सुधार की आवश्‍यकता है. इसके साथ ही बेसिक पे को भी बढ़ाने का प्रस्‍ताव रखा गया है. आयोग ने मिनिमम बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्‍ताव दिया गया है। 

    कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग? 
    जनवरी 2025 में सरकार ने आयोग का गठन किया था, जिसे 18 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करनी हैं. अभी 30 अप्रैल तक फीडबैक के लिए विंडो खुला हुआ है. इसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, फिर फिटमेंट फैक्‍टर पर फैसला लिया जाएगा। 

  • केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग ने दिया महत्वपूर्ण अपडेट, पूरा प्लान किया साझा

    केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग ने दिया महत्वपूर्ण अपडेट, पूरा प्लान किया साझा

    नई दिल्ली

    केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग ने एक बड़ा अपडेट दिया है। दरअसल, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन जारी कर आगे की बैठकों के बारे में बताया है। वेतन आयोग के मुताबिक 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक दिल्ली में होने वाली बैठकों में भाग लेने और आयोग से बातचीत करने के लिए बड़ी संख्या में अनुरोध प्राप्त हुए हैं। हालांकि, सीमित समय और व्यस्त कार्यक्रम के कारण सभी अनुरोधों को स्वीकार कर पाना संभव नहीं है।

    हालांकि, वेतन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों के दौरान अधिकतम संख्या में यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और विभिन्न एसोसिएशनों से संवाद करने का प्रयास किया जाएगा लेकिन हर संगठन को समय देना कठिन हो सकता है। वेतन आयोग का कहना है कि आने वाले महीनों में दिल्ली के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी बैठकें आयोजित की जाएगी।

    इन बैठकों के बारे में वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी दी जाएगी। आयोग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर से बाहर के इच्छुक हितधारक अपने राज्य या नजदीकी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में आयोग से मुलाकात के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के संगठनों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें दिल्ली आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
    पिछले साल वेतन आयोग का गठन

    बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था। जनवरी महीने में ऐलान के बाद नवंबर में वेतन आयोग के चेयरमैन और अन्य सदस्यों का गठन हुआ। वहीं, इसी साल फरवरी में वेतन आयोग ने आधिकारिक वेबसाइट को लॉन्च किया है। वेतन आयोग इस वेबसाइट पर हर जरूरी अपडेट साझा करेगा।
    18 महीने का इंतजार

    वेतन आयोग के गठन के बाद 18 महीनों में सिफारिशों की रिपोर्ट सरकार को सौंपना है। यह सरकार को तय करना है कि वह वेतन आयोग की सिफारिशें अक्षरश: मान लेगी या संशोधन करेगी। बहरहाल, वेतन आयोग पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से अपनी मांगें और सुझाव रखने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

    8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न कर्मचारी संघों में उत्सुकता बनी हुई है। वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों में संशोधन, पेंशन सुधार और सेवा शर्तों में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर कई संगठन आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन आयोग अब सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में बैठकों का दौर शुरू हुआ है। आगामी महीनों में होने वाली बैठकों के आधार पर वेतन और पेंशन से जुड़े बड़े फैसलों की दिशा तय हो सकती है।

  • कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला, 8वें वेतन आयोग की दिशा में अहम कदम

    कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला, 8वें वेतन आयोग की दिशा में अहम कदम

    जयपुर

    राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामदानी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे।

    नई ग्राम पंचायतों को मिला बड़ा तोहफा

    राज्य के 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामदानी गांवों के किसानों को अब खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा।

    होमगार्ड की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी

    शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों के लिए राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ की घोषणा भी की है। इसके अलावा, शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का काम जल्द ही शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और पंचायतों के लिए इन घोषणाओं के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा और विकास को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।