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  • रामनगरी में दीपोत्सव की आहट से खिल उठे कारोबार, घाटों पर चाय-समोसा और झालमुड़ी बेचने वालों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    रामनगरी में दीपोत्सव की आहट से खिल उठे कारोबार, घाटों पर चाय-समोसा और झालमुड़ी बेचने वालों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    दीपोत्सव 2026

    अयोध्या में 30 लाख दीयों की तैयारी, छोटे दुकानदारों की कमाई तीन गुना बढ़ी

    रामनगरी में दीपोत्सव की आहट से खिल उठे कारोबार, घाटों पर चाय-समोसा और झालमुड़ी बेचने वालों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    राम मंदिर और दीपोत्सव से बढ़ी पर्यटकों की आमद, घाटों पर छोटे कारोबारियों को मिल रहा सीधा लाभ

    सामान्य दिनों में 800 से 1000 रुपये कमाने वाले दुकानदार अब प्रतिदिन कमा रहे 3000 रुपये तक

    दीपोत्सव की तैयारियां देखने पहुंच रहे श्रद्धालुओं से बढ़ी चाय, समोसा और झालमुड़ी की बिक्री

    सात नवंबर को मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद

    अयोध्या, 
    रामनगरी में दीपोत्सव की रोशनी अभी पूरी तरह जगमगाने में दो दिन बाकी हैं, लेकिन इसकी चमक छोटे दुकानदारों की जेब तक पहुंचने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नव्य, भव्य और दिव्य अयोध्या में आयोजित हो रहे दीपोत्सव ने स्थानीय कारोबार को नई ऊर्जा दी है। राम मंदिर निर्माण, व्यापक विकास कार्यों और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। दीपोत्सव की तैयारियां देखने राम की पैड़ी और घाटों पर पहुंच रहे लोग चाय की चुस्की ले रहे हैं, समोसे का स्वाद चख रहे हैं और झालमुड़ी का आनंद उठा रहे हैं। इसका सीधा फायदा घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को मिल रहा है। सामान्य दिनों में 800 से 1000 रुपये प्रतिदिन कमाने वाले दुकानदारों की आमदनी इन दिनों 2800 से 3200 रुपये तक पहुंच गई है। यानी दीपोत्सव की तैयारियों ने उनकी रोजाना कमाई को करीब तीन गुना कर दिया है।

    घाटों पर बढ़ी रौनक, छोटे कारोबारियों के चेहरे खिले
    अयोध्या में इस बार 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने के लक्ष्य के साथ दीपोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। राम की पैड़ी से लेकर आसपास के घाटों तक आयोजन की भव्यता देखने के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। शाम होते ही घाटों पर बढ़ती भीड़ स्थानीय दुकानदारों के लिए कारोबार का अवसर बन रही है। परिवार के साथ घूमने आए लोग कुछ देर घाटों पर ठहरते हैं तो चाय, समोसा और झालमुड़ी की मांग भी बढ़ जाती है। दीपोत्सव के मुख्य आयोजन से पहले ही बिक्री में आए उछाल ने छोटे दुकानदारों को उत्साहित कर दिया है। सात नवंबर को श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

    समोसे की बिक्री ने गोंडा के रोहित शुक्ला की कमाई को दी नई रफ्तार
    गोंडा निवासी रोहित शुक्ला घाटों पर समोसा बेचते हैं। दीपोत्सव की तैयारियों के बीच उनके कारोबार में तेजी आई है। रोहित बताते हैं कि सामान्य दिनों में वह प्रतिदिन करीब 700 से 900 रुपये तक कमा पाते थे। पिछले एक-दो दिनों से उनकी कमाई बढ़कर 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के कारण समोसों की बिक्री में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है। रोहित के लिए दीपोत्सव केवल एक बड़ा आयोजन नहीं, बल्कि रोजाना की कमाई बढ़ाने का अवसर भी बन गया है। उन्हें उम्मीद है कि मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार और बेहतर होगा।

    झालमुड़ी की बिक्री से रविन्द्र कुमार कनौजिया को मिल रहा लाभ
    अयोध्या के रुदौली निवासी रविन्द्र कुमार कनौजिया घाटों पर झालमुड़ी बेचते हैं। दीपोत्सव की तैयारियों के बीच लोगों की बढ़ती आवाजाही से उनकी बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रविन्द्र बताते हैं कि सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों झालमुड़ी की मांग काफी बढ़ गई है। उनकी प्रतिदिन की आमदनी भी दो से तीन गुना तक बढ़ रही है। घाटों पर घूमने आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक झालमुड़ी खरीद रहे हैं। दीपोत्सव के मुख्य आयोजन में भीड़ बढ़ने के साथ कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है।

    चाय की चुस्की के साथ प्रेम कुमार भट्ट की आमदनी में भी मिठास
    अयोध्या के सिकंदरपुर चौरी निवासी प्रेम कुमार भट्ट चाय बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। दीपोत्सव की तैयारियों के बीच घाटों पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से उनके कारोबार में भी उछाल आया है। प्रेम कुमार बताते हैं कि सामान्य दिनों में वह प्रतिदिन करीब 700 से 800 रुपये कमाते थे, लेकिन इन दिनों उनकी आमदनी दो से तीन गुना तक बढ़ गई है। घाटों पर तैयारियां देखने पहुंच रहे लोगों के बीच चाय की मांग बढ़ने से उनकी बिक्री में इजाफा हुआ है। सात नवंबर को दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है।

    रामनगरी के विकास से छोटे कारोबारियों तक पहुंच रही समृद्धि
    राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार और आधारभूत सुविधाओं का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है। दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन इस बदलाव को और मजबूत कर रहे हैं। होटल, परिवहन, खानपान से लेकर घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे कारोबारियों तक पर्यटकों की बढ़ती संख्या का लाभ पहुंच रहा है।

  • अयोध्या दीपोत्सव से पहले पर्यटकों को सौगात, 6 घंटे में कर सकेंगे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन

    अयोध्या दीपोत्सव से पहले पर्यटकों को सौगात, 6 घंटे में कर सकेंगे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन

    दीपोत्सव-2026 से पहले अयोध्या में यूपीएसटीडीसी की सौगात, छह घंटे में होंगे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन

    श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या की सुगम आध्यात्मिक यात्रा कराएगी योगी सरकार, वरिष्ठ नागरिकों-दिव्यांगजनों के लिए आसान होगी यात्रा

    'अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल' से आसान होगी 14 कोसी परिक्रमा, यूपीएसटीडीसी ने लॉन्च किया एक दिवसीय टूर पैकेज

    रामायण सर्किट में अयोध्या की महत्ता और बढ़ाएगा नया टूर पैकेज- जयवीर सिंह

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या में दीपोत्सव के दशक की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए एक दिवसीय 'अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल' टूर पैकेज शुरू किया है। इसके तहत गाइड की अगुवाई में रामनगरी के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़े प्रमुख मंदिरों, घाटों और धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। यह यात्रा 1 नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए प्रतिदिन दो बैच संचालित होंगे। पहला बैच सुबह 10 से शाम 4 बजे और दूसरा दोपहर 1 से शाम 7 बजे तक चलेगा।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं में 14 कोसी परिक्रमा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु यह परिक्रमा आस्था और भक्ति की अभिव्यक्ति के रूप में पूरी करते हैं। 'अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल' के जरिये योगी सरकार इस आध्यात्मिक अनुभव को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहती है। साथ ही, रामायण सर्किट में अयोध्या की महत्ता को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

    टूर पैकेज में शामिल ये प्रमुख स्थल
    अयोध्या के लता मंगेशकर चौक से शुरू होने वाली इस यात्रा में पर्यटकों को सबसे पहले 'रामायण वैक्स म्यूजियम' ले जाया जाएगा। यहां पर्यटकों को भगवान श्रीराम, माता सीता सहित रामायण के अन्य पात्रों की मोम से बनी प्रतिमाओं के जरिये महाकाव्य के प्रसंगों को जीवंत रूप में देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद यात्रा सूर्य कुंड, गिरिजा कुंड और पंचमुखी महादेव मंदिर पहुंचेगी। पर्यटकों को गुप्तार घाट, झुनकी घाट, लक्ष्मण किला और शेषावतार मंदिर के भी दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा में स्वर्गद्वार, राम की पैड़ी और नागेश्वरनाथ मंदिर भी शामिल हैं। इस भ्रमण में पर्यटक अयोध्या की धार्मिक विरासत, पौराणिक प्रसंगों और आध्यात्मिक महत्व को करीब से देखेंगे।

    यात्रा का समापन सरयू आरती के साथ होगा। नदी तट पर दीप प्रज्ज्वलन, पूजा-अर्चना और भक्ति गीतों के बीच मां सरयू की आरती की जाएगी। इस भक्तिमय आयोजन के बाद पर्यटकों को वापस लता मंगेशकर चौक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या की छह घंटे की आध्यात्मिक यात्रा पूरी होगी।

    ऐसे करें बुकिंग 
    पैकेज के तहत पर्यटकों को सभी स्थलों तक आने-जाने के लिए एसी वाहन की सुविधा मिलेगी। साथ ही स्थानीय टूर गाइड या कोऑर्डिनेटर भी साथ रहेंगे, जो रास्ते में पड़ने वाले स्थलों के इतिहास, धार्मिक महत्व और उनसे जुड़े रोचक प्रसंगों की जानकारी देंगे। हालांकि, पैकेज में होटल में ठहरने और भोजन की व्यवस्था शामिल नहीं है। इच्छुक पर्यटक यूपीएसटीडीसी की आधिकारिक वेबसाइट upstdc.co.in पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा 8130966118 नंबर पर संपर्क कर जानकारी व बुकिंग की जा सकती है।

    वरिष्ठ नागरिकों-दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक यात्रा- अमृत अभिजात
    यूपीएसटीडीसी के अध्यक्ष अमृत अभिजात ने बताया कि 'अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल' को इस तरह तैयार किया गया है कि पर्यटक एक ही दिन में गाइड के साथ शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का सुविधाजनक भ्रमण कर सकें। यह पैकेज खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी होगा, जिन्हें लंबी धार्मिक यात्रा स्वतंत्र रूप से करने में परेशानी होती है। इस पहल का उद्देश्य आध्यात्मिक यात्राओं को अधिक सुगम और आरामदायक बनाने के साथ पर्यटकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।

  • त्रेता युग जैसा नजारा पेश करने को तैयार अयोध्या, दीपोत्सव पर रोशनी और फूलों से सजेगी रामनगरी

    त्रेता युग जैसा नजारा पेश करने को तैयार अयोध्या, दीपोत्सव पर रोशनी और फूलों से सजेगी रामनगरी

    अयोध्या

    दीपों की रोशनी, फूलों की सजावट और जगमगाते मार्गों के बीच रामनगरी अयोध्या एक बार फिर त्रेता युग जैसी भव्यता का एहसास कराने के लिए तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव-2026 को यादगार बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर निगम की ओर से घाटों, रामपथ, प्रमुख चौराहों और मेला क्षेत्रों में रोशनी, सजावट, स्वच्छता और जनसुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। सात नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    रोशनी और फूलों की सजावट से जगमगाएंगे प्रमुख मार्ग और चौराहे

    दीपोत्सव के अवसर पर नगर क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर सजावटी लाइटिंग और झालरें लगाई जा रही हैं। रामपथ पर स्थित भवनों और पोलों पर स्ट्रिप लाइटिंग की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग के नाका, देवकाली, महोबरा और बूथ नंबर चार सहित अंडरपास पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। मेला क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों और ब्लैक स्पॉट पर भी रोशनी और सजावट का काम शुरू हो गया है। रामपथ सहित प्रमुख मार्गों पर पेड़ों को भी सजाया जाएगा।

    श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गेट नंबर-11 से लता मंगेशकर चौक तक रामपथ की दोनों ओर की रेलिंग पर फूलों से सजावट की जाएगी। अयोध्या धाम के प्रमुख चौराहों और स्थानों को फूलों तथा कपड़ों से सजाने की तैयारी है, जिससे पूरी रामनगरी उत्सव के रंग में नजर आएगी। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि बस स्टेशन, धर्मशाला, रेस्तरां, होमस्टे, रेलवे स्टेशन और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उत्कृष्ट सफाई सुनिश्चित की जाएगी। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रवर्तन दल सक्रिय हैं। आवारा गोवंश और छुट्टा पशुओं की रोकथाम के लिए टीमें गठित की गई हैं, जो उन्हें पकड़कर गोशाला भेजेंगी। सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

    30 मोबाइल टॉयलेट और वाटर टैंकर से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा

    श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अयोध्या धाम के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के अलावा प्रमुख स्थलों पर केयरटेकर सहित 30 मोबाइल टॉयलेट लगाए जाएंगे। नगर निगम सीमा में 471 बायो शौचालय स्थापित हैं, जहां निःशुल्क प्रसाधन सुविधा उपलब्ध है। पेयजल व्यवस्था के तहत नगर निगम सीमा में 85 वाटर कूलर लगाए गए हैं। इनमें 48 अयोध्या धाम और 37 अयोध्या कैंट में हैं। इसके अलावा कुल 25 वाटर कियोस्क हैं, जिनमें 18 धाम क्षेत्र और सात कैंट क्षेत्र में स्थित हैं। जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थलों पर वाटर टैंकर भी लगाए जाएंगे।

    दीपोत्सव के बाद रात में ही घाटों की सफाई करेंगे 792 सफाई मित्र

    दीपोत्सव-2026 के दौरान सभी प्रस्तावित घाटों पर लगभग 33 लाख दीये जलाए जाने का अनुमान है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद घाटों को स्वच्छ बनाने के लिए रात में ही सफाई शुरू कराई जाएगी। इसके लिए करीब 792 सफाई मित्रों की व्यवस्था की जाएगी, जो दीये उठाने और घाटों की सफाई का काम करेंगे। राम की पैड़ी पर बालू का छिड़काव कर घाटों को साफ रखने की व्यवस्था की जाएगी। बेहतर सफाई के लिए प्रेशर वॉशर और स्क्रबर प्रेशर वॉशर जैसे आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि आयोजन के बाद भी घाटों की स्वच्छता बनी रहे।

    55 वाहनों से होगा कूड़ा प्रबंधन, पॉलीथीन मुक्त अभियान पर जोर

    नगर निगम सीमा में नियमित सफाई कराई जा रही है, जिसकी वरिष्ठ अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। अयोध्या धाम के सभी मेला क्षेत्रों में 24 घंटे सफाई की व्यवस्था रहेगी। दीपोत्सव के दौरान कूड़ा प्रबंधन के लिए 55 वाहनों के माध्यम से सफाई सुनिश्चित की जाएगी।पूरे नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए पॉलीथिन मुक्त अभियान भी चलाया जा रहा है। जन-जागरूकता के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीए सिस्टम) और वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम (वीएमएस) के माध्यम से स्वच्छता बनाए रखने तथा पॉलीथीन का इस्तेमाल न करने के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।

    दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में जुटी नगर निगम की टीम

    महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दीपोत्सव-2026 को ऐतिहासिक बनाने के लिए नगर निगम की टीम दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 33 लाख दीयों की रोशनी के साथ सफाई, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि अयोध्या आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का अनुभव यादगार बने।

  • अयोध्या में दीपोत्सव की भव्य तैयारी, 30 लाख दीप जलाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य

    अयोध्या में दीपोत्सव की भव्य तैयारी, 30 लाख दीप जलाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य

    अयोध्या 

    कल्पना कीजिए. सरयू का किनारा हो, राम की पैड़ी हो और दूर-दूर तक सिर्फ दीपों की रोशनी दिखाई दे. एक-दो हजार नहीं, लाखों दीप. इन्हें सजाने और जलाने के लिए हजारों हाथ एक साथ जुटें. अयोध्या इस बार कुछ ऐसी ही तस्वीर तैयार करने की कोशिश में है. रामनगरी में दसवें दीपोत्सव की तैयारियों का विधिवत शंखनाद हो गया है. सरयू तट पर भूमि पूजन के साथ आयोजन की शुरुआत हो गई. इस बार लक्ष्य है 30 लाख दीप जलाने का. इसके लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवक जुटेंगे। 

    इस बार चुनौती सिर्फ लाखों दीप जलाने की नहीं है. चुनौती अपने ही पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की भी है. पिछले दीपोत्सव में 26 लाख 17 हजार 215 से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने का रिकॉर्ड बनाया गया था. अब दसवें दीपोत्सव में इससे आगे निकलने की तैयारी है। 

    दीपोत्सव की तैयारियों की शुरुआत धार्मिक परंपरा के साथ की गई. अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और स्वयंसेवकों के साथ भूमि पूजन किया. इसके बाद मां सरयू की पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद काम शुरू होता है- लाखों दीपों को तय जगहों पर रखना, उनकी व्यवस्था करना और फिर निर्धारित समय पर उन्हें प्रज्ज्वलित करना। 

    जब लक्ष्य 30 लाख दीपों का हो, तो जरा सोचिए कि इस पूरे इंतजाम में कितनी मेहनत और तालमेल की जरूरत होगी. सरयू तट और राम की पैड़ी इस आयोजन के प्रमुख केंद्र होंगे. यहां दीपों की कतारें सजाने के लिए विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में जुटेंगे। 

    30 लाख का लक्ष्य, लेकिन पिछला रिकॉर्ड भी कम नहीं
    अब जरा पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालिए. नौवें दीपोत्सव में 26 लाख 17 हजार 215 से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे. यह अपने आप में बड़ा आंकड़ा है. इस बार लक्ष्य 30 लाख दीपों का रखा गया है. यानी पिछले रिकॉर्ड के मुकाबले करीब 3 लाख 82 हजार 785 दीप अधिक जलाने होंगे. इस आयोजन में अवध विश्वविद्यालय की भूमिका अहम है. विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवक दीपों को निर्धारित स्थानों पर सजाने और उन्हें प्रज्ज्वलित करने की तैयारियों में हिस्सा लेंगे। 

    दीपोत्सव की तस्वीरों में अक्सर लाखों दीपों की चमक दिखाई देती है. उस चमक के पीछे काम करने वाले हजारों लोगों की मेहनत भी होती है. जब लाखों दीपों को एक साथ सजाना हो, तो हर दीप के लिए जगह तय करनी पड़ती है. फिर उन्हें व्यवस्थित तरीके से रखना होता है, ताकि पूरा परिसर खूबसूरत भी दिखे और आयोजन भी तय योजना के मुताबिक आगे बढ़े. इस बार करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की टीम इसी काम में जुटेगी. इतने बड़े स्तर पर लोगों को एक साथ काम में लगाना अपने आप में एक बड़ी व्यवस्था है। 

    भूमि पूजन के साथ तैयारियों का शंखनाद हो चुका है. अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों को इस भव्य आयोजन में भूमिका निभानी है. लक्ष्य 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का है और पिछली बार के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की कोशिश की जाएगी. सरयू तट और राम की पैड़ी पर लाखों दीप सजाने की तैयारी है. अब सबकी निगाहें उस शाम पर टिकी हैं, जब अयोध्या की रोशनी इस मेहनत और तैयारी की असली तस्वीर सामने लाएगी। 

  • अयोध्या में दिखेगा रामायण का भव्य संसार, पुष्पक विमान से फ्लोटर्स तक होंगे मुख्य आकर्षण

    अयोध्या में दिखेगा रामायण का भव्य संसार, पुष्पक विमान से फ्लोटर्स तक होंगे मुख्य आकर्षण

    दीपोत्सव-2026 विशेष

    दीपोत्सव-2026 में दमकेगी रामनगरी, प्रमुख मार्गों से घाट तक दिखेगी आस्था की भव्य तस्वीर

    अयोध्या में दिखेगा रामायण का भव्य संसार, पुष्पक विमान से फ्लोटर्स तक होंगे मुख्य आकर्षण

    रामायण थीम पर सजेगी अयोध्या, 20 सेल्फी प्वाइंट और भव्य द्वारों की श्रृंखला बढ़ाएंगे आकर्षण

    अयोध्या आने वाले मुख्य मार्गों से 'धर्म पथ' तक और चौराहों से सरयू तट तक होगी थीम आधारित सजावट

    दीपोत्सव-2026 में दिखेगा अयोध्या का दिव्य और भव्य स्वरूप: पर्यटन मंत्री

    लखनऊ/ अयोध्या
    दीपों की रोशनी से निखरने वाली रामनगरी इस बार कलात्मक सजावट और रचनात्मक आकृतियों से भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रमुख चौराहों से लेकर प्रवेश मार्ग, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट तक रामायण की थीम पर भव्य सज्जा नजर आएगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। रामनगरी में सजावटी द्वार, वे-फाइंडर, सेल्फी प्वाइंट और मंच के साथ राम रथ व पुष्पक विमान की झलक भी दिखाई देगी। वहीं, सरयू की लहरों पर आकर्षक फ्लोटर्स दीपोत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएंगे। 

    दीपोत्सव-2026 के तहत अयोध्या में छह से आठ नवंबर तक विभिन्न आयोजन होंगे। 7 नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए करीब 10 प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर लगाए जाएंगे। ये प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों के आसपास होंगे। 

    राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 सेल्फी पॉइंट 
    दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। हर इंस्टॉलेशन की थीम, डिजाइन और निर्माण शैली अलग होगी। इनमें अयोध्या और दीपोत्सव की झलक कलात्मक अंदाज में नजर आएगी। त्रि-आयामी कलाकृतियां आयोजन स्थलों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ आगंतुकों के अनुभव को भी खास बनाएंगी। इन्हें इस तरह तैयार किया जाएगा कि ये दीपोत्सव-2026 की सजावट का हिस्सा बनने के साथ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनें। इसी कड़ी में लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी मार्ग तक कलात्मक स्थापनाएं (आर्ट इंस्टालेशन) तैयार की जाएंगी।

    नए कलेवर में नजर आएगा राम कथा मंच
    'दीयों के उत्सव' के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए रामकथा पार्क का स्थायी मंच नए कलेवर में नजर आएगा। यहां ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था के साथ एलईडी स्क्रीन, थीम आधारित रंगीन कपड़े आदि का इस्तेमाल होगा। दोनों ओर सीढ़ियां, पुष्प सज्जा, रंगोली, पर्दे और मंच पर बैठने की व्यवस्था भी होगी। मौजूदा ढांचे के अनुरूप ही डिजाइन तैयार किया जाएगा। वहीं, राम कथा पार्क के प्रवेश और निकास को आकर्षक बनाने के लिए सजावटी गेट का निर्माण होगा। प्रत्येक द्वार का डिजाइन भारतीय संस्कृति, पारंपरिक प्रतीकों और रामायण के प्रसंगों पर आधारित होगा। 

    अयोध्या के प्रमुख मार्गों की सजावट 
    दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रवेश मार्गों की तस्वीर इस बार नए रंग-रूप में नजर आएगी। शहर के प्रमुख हाईवे और 'धर्म पथ' पर रामायण की थीम से सजे 10 भव्य द्वार तैयार किए जाएंगे। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से अयोध्या आने वाले मार्गों के साथ धर्म पथ पर बनने वाले इन द्वारों की सजावट में हर गेट की अलग पहचान होगी। आकर्षक डिजाइन, थीम आधारित सज्जा और रोशनी से सजे ये प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचते ही दीपोत्सव की भव्यता का एहसास कराएंगे। 

    पुष्पक विमान, खींचेगा ध्यान 
    राम की पैड़ी के निकट पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड इंस्टॉलेशन आकर्षण का केंद्र बनेगा। वहीं रामायण की कथा को जीवंत करते हुए राम रथ और झांकी तैयार की जाएगी। राम की पैड़ी के पास राम दरबार की भव्य प्रस्तुति होगी, जबकि रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे विकसित किए जाएंगे। प्रमुख मार्गों पर फ्लैग पोल लगाकर आयोजन की भव्यता बढ़ाई जाएगी। वहीं सरयू और राम की पैड़ी पर आकर्षक फ्लोटर्स भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर खींचेंगे। इनके अतिरिक्त राम रथ, राम दरबार, भरत मिलाप मंच विशेष के आकर्षण होंगे।  

    अयोध्या की आभा होगी अविस्मरणीय 
    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की भव्यता के साथ उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नए रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। रामायण की थीम पर होने वाली सजावट, कलात्मक स्थापनाएं और प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं व पर्यटकों को रामनगरी के दिव्य और भव्य स्वरूप का नया अनुभव कराएंगी। हमारा प्रयास है कि दीपोत्सव की आभा अयोध्या आने वाले हर व्यक्ति के मन में अविस्मरणीय छाप छोड़े।

    आधुनिक रचनात्मकता को नया आयामः अमृत अभिजात  
    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता के साथ भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। रामायण की थीम पर तैयार सजावटी द्वार, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और मनमोहक प्रकाश सज्जा श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे रामायण के विभिन्न कांडों और प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्थापनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें लंका कांड समेत रामायण के प्रमुख प्रसंगों को बेहद सरल भाषा में एक-एक पंक्ति के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

  • अयोध्या में गैस संकट गहराया, ‘राम रसोई’ पर ताला, हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद की व्यवस्था प्रभावित

    अयोध्या में गैस संकट गहराया, ‘राम रसोई’ पर ताला, हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद की व्यवस्था प्रभावित

      अयोध्या
     

    ईरान-इजरायल युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने अयोध्या में एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित कर दी है, जिससे स्थानीय मठ-मंदिरों की सामूहिक रसोइयां और प्रसाद निर्माण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. अमावा मंदिर प्रशासन ने गैस उपलब्ध न होने के कारण प्रतिदिन 10 हजार श्रद्धालुओं को भोजन कराने वाली ‘श्रीराम रसोई’ को फिलहाल स्थगित कर दिया है. हनुमानगढ़ी के करीब 150 दुकानदारों के सामने लड्डू बनाने का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि कारखानों में उत्पादन बंद है. यह स्थिति गैस की कमी के कारण पैदा हुई है, जिससे होटल-रेस्टोरेंट कारोबार और श्रद्धालुओं की भोजन व्यवस्था चरमरा गई है। 

    राम रसोई पर लटका नोटिस
    राम मंदिर के पास स्थित अमावा मंदिर की ‘श्रीराम रसोई’ के बाहर प्रशासन ने सूचना चस्पा कर दी है. मंदिर के मैनेजर पंकज कुमार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय युद्ध के तनाव से देश में पैदा हुए गैस संकट के कारण रसोई को समय से पहले बंद करना पड़ा है. अब यह सेवा तभी दोबारा शुरू हो पाएगी जब गैस की आपूर्ति सामान्य होगी. इस फैसले से दूर-दराज से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन मिलना बंद हो गया है, जो एक गंभीर आपातकालीन स्थिति है। 

    हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद पर संकट
    संकट की आंच सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी तक भी पहुंच गई है. प्रसाद विक्रेता नंद कुमार गुप्ता ने बताया कि गैस न मिलने से लड्डू का उत्पादन लगभग ठप है और केवल पुराना स्टॉक ही बेचा जा रहा है. यहां हर दुकानदार रोजाना 30 से 40 किलो लड्डू तैयार करता है, लेकिन अब बजरंगबली के भोग की व्यवस्था प्रभावित होने का डर सता रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण यदि यही स्थिति रही, तो अयोध्या का प्रसिद्ध प्रसाद उद्योग पूरी तरह बंद हो सकता है। 

    बेपटरी होता पर्यटन और कारोबार
    गैस किल्लत का सीधा असर अयोध्या के होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर भी पड़ा है. रेस्टोरेंट संचालक अमित के मुताबिक, पिछले दो दिनों से सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है और घरेलू बुकिंग भी प्रभावित है. स्थानीय व्यापारियों और संतों का मानना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो लागत बढ़ने के साथ-साथ पर्यटकों को भोजन के लिए भटकना पड़ेगा. अंतरराष्ट्रीय तनाव की यह आंच अब आम लोगों की रसोई से लेकर अयोध्या की सेवा परंपरा तक महसूस की जा रही है।