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  • जौहर यूनिवर्सिटी केस में आजम खां पर शिकंजा कसने की तैयारी, कस्टडी रिमांड पर कोर्ट में सुनवाई

    जौहर यूनिवर्सिटी केस में आजम खां पर शिकंजा कसने की तैयारी, कस्टडी रिमांड पर कोर्ट में सुनवाई

    रामपुर

    सपा नेता आजम खां की कस्टडी रिमांड पर आज रामपुर की अदालत में सुनवाई होगी। जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी के मामले में अजीमनगर थाने में आजम खां, जौहर ट्रस्ट समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। विवेचक सीओ टांडा ने 29 अक्तूबर को अदालत से रिमांड वारंट जारी करने का अनुरोध किया था। अदालत ने आजम खां को दो नवंबर को तलब किया है। गाजियाबाद जेल में बंद आजम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हो सकते हैं। उधर, जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी आजम खां की कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में है।

    आजम की बढ़ेंगी मुश्किलें
    ईडी जल्द गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में अर्जी दाखिल कर सकती है। इसके बाद आजम को लखनऊ लाकर पूछताछ किए जाने की संभावना है। प्रवर्तन निदेशालय जल्द आजम खां को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकती है। सूत्रों के अनुसार आजम को लखनऊ लाकर नए सिरे से पूछताछ की जाएगी। आपको बता दें आजम खां से जुड़े दो मामलों में रामपुर कोर्ट में सुनवाई होगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार का मामला है। 13 अक्तूबर को ईडी ने अजीमनगर थाने में आजम खां और उनके जौहर ट्रस्ट समेत पांच लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय निर्माण में सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसकी विवेचना सीओ टांडा पंकज पंत कर रहे हैं। उन्होंने 29 अक्तूबर को न्यायालय में इस प्रकरण का हवाला देते हुए आजम खां के खिलाफ रिमांड वारंट जारी करने का अनुरोध किया था।

    आजम खां पर सुनवाई आज
    न्यायालय ने 2 नवंबर सोमवार को आजम खां को तलब किया है। सोमवार को अगर न्यायालय रिमांड मंजूर कर लेगा तो आजम खां की मुश्किलें बढ़ना तय है। गवाह को धमकाने के मुकदमे में भी सोमवार को आजम खां के बयान दर्ज होने हैं, जिसके लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट ने तलब किया है। अब चूंकि, वह गाजियाबाद की जेल में बंद हैं, ऐसे में संभव है कि उन्हें वीसी के जरिए पेश किया जाए। मालूम हो कि गंज कोतवाली में आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

    गवाह को धमकाने का भी आरोप
    जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने गवाह को धमकाया है। जिसकी बाद विवेचना चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। जिसका ट्रायल एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चल रहा है। इस मामले में अभियोजन की गवाही पूरी हो चुकी है। यह पत्रावली वास्ते बयान मुल्जिमान पर लगी है। लिहाजा, अदालत ने उन्हें दो नवंबर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर बयान दर्ज कराने को कहा है।

  • दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और बेटे अब्दुल्ला को राहत, हाईकोर्ट ने मंजूर की जमानत अर्जी

    दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और बेटे अब्दुल्ला को राहत, हाईकोर्ट ने मंजूर की जमानत अर्जी

    लखनऊ
    समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली और उन्हें जमानत दे दी. हालांकि, कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की. जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने दोनों की याचिका पर यह फैसला सुनाया। 

    आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की थी. इसमें दोनों ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की थी. मामले में 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

    सजा निलंबित, दोषसिद्धि पर रोक की मांग खारिज
    हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए सजा निलंबित करने का आदेश दिया. हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग को नामंजूर कर दिया. इस तरह दोनों को जमानत के मामले में राहत मिली है, लेकिन उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की गई। 

    यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड से जुड़ा है. ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ आजम खान और उनके बेटे ने हाईकोर्ट का रुख किया था. दोनों ने अपनी याचिका में सजा पर रोक और अंतरिम जमानत देने की मांग की थी। 

    जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की कार्रवाई भी चर्चा में
    आजम खान से जुड़ा एक अन्य मामला भी हाल में चर्चा में रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी जमीन और इमारतों को अटैच किया था. यह यूनिवर्सिटी आजम खान से जुड़ी है। 

    फिलहाल, दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को जमानत मिल गई है. कोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर दी है, जबकि दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है. अब आजम खान जेल से बाहर आएंगे या नहीं, यह अन्य मामलों पर निर्भर करता है। 

  • आजम खान के खिलाफ अजीमनगर थाने में केस दर्ज, जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़ा है मामला

    आजम खान के खिलाफ अजीमनगर थाने में केस दर्ज, जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़ा है मामला

    रामपुर

      उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई है. यह एफआईआर रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज हुई है. मामले में बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं। 

    मिली जानकारी के मुताबिक, ईडी के लखनऊ कार्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस. थ्रोट ने पुलिस को शिकायत दी. इसके आधार पर अजीमनगर थाने में FIR दर्ज की गई है. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 66(2) के तहत की गई शिकायत से जुड़ी है। 

    जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में कथित आर्थिक अनियमितताओं को लेकर जांच एजेंसी ने यह कदम उठाया है. हालांकि, एफआईआर दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं. मामले की जांच के बाद ही आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी। 

    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल
    इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 316(5) और 318(4) के तहत भी FIR दर्ज की गई है. इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1) और 13(2) भी लगाई गई हैं. इन धाराओं के तहत दर्ज मामले में कथित वित्तीय गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच की जा सकती है. फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में एफआईआर में लगाए गए आरोपों का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है। 

    जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े इस मामले में अब जांच के दौरान अहम दस्तावेजों और लेन-देन की पड़ताल की जा रही है. ईडी की शिकायत के आधार पर दर्ज FIR के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों की जांच पर निर्भर करेगी. आजम खान की ओर से इस एफआईआर पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

    क्या है पूरा मामला?
    दरअसल, जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा यह मामला पैसों के लेन-देन में कथित गड़बड़ी का है. ईडी को शक है कि ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी को मिले पैसों के सोर्स और उनके इस्तेमाल में गड़बड़ी हुई है. जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि ट्रस्ट को पैसा कहां से मिला और उसे किन कामों में खर्च किया गया. इस मामले में सरकारी ठेकेदारों से जुड़े पैसों के लेन-देन की भी जांच की जा रही है. ईडी इससे पहले ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर चुकी है। 

    13 अक्टूबर को ईडी ने रामपुर जेल में आजम खान से भी करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी. अब एजेंसी की शिकायत पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. हालांकि, अभी ये आरोप हैं और जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।