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  • बिहार का स्वाद पहुंचेगा दुनिया तक, BRICS की वेलकम किट में शामिल हुए सत्तू और मखाना

    बिहार का स्वाद पहुंचेगा दुनिया तक, BRICS की वेलकम किट में शामिल हुए सत्तू और मखाना

    पटना
    भारत इस बार अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है जिसमें दुनिया के कई धुरंधर देश शामिल हो रहे हैं। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 12 और 13 सितम्बर को दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह सम्मेलन बिहार के लिए इसलिए बेहद खास है क्योंकि इसमें हमारे राज्य का सत्तू और सुपर फूड मखाना को जगह मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 25 अन्य देश शामिल हो रहे हैं।

    सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट डालकर सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री को बिहार की ओर से धन्यवाद दिया है। सीएम ने कहा है कि दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के वेलकम कीट में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने लोकल टू ग्लोबल के संकल्प को साकार किया। यह नए बिहार की नई पहचान है। बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने है।

    वेलकम कीट में क्या-क्या है
    ब्रिक्स सम्मेलन में 25 देशों के प्रतिनिधियों के अलावे दुनिया भर के पत्रकार और मेहमान आ रहे हैं जिन्हें वेलकम कीट में भारत की खासियत वाला उपहार दिया जा रहा है। इस कीट के बैग में बिहार के सत्तू और मखाना मौजूद है जिसके लिए विदेश मंत्रालय ने बिहार सरकार के साथ समन्वय बनाकर खास तौर पर तैयार करवाया है। इसमें ओडिशा की कॉफी और गुजरात का स्टॉल शामिल है। बैक में एक मेटल वाला बोतल कॉफी मग और छोटा सा बैग भी है। बैग में ब्रिक्स सम्मेलन की डायरी, पेन और स्मृति चिन्ह डाला गया है।

    सम्मेलन में इन देशों के मेहमान
    12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के अलावा 25 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देश, 10 ब्रिक्स सहयोगी देश और पांच देश विभिन्न क्षेत्रीय समूहों के अध्यक्ष होने के नाते इसमें शामिल हैं। इन प्रमुख नेताओं में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अलसीसी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद शामिल हैं। यूएई की तरफ से अबूधाबी के क्राउन प्रिंस बिन जायद अल नाहयान हिस्सा लेंगे। बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यात्रा की संभावना से इनकार किया है। सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने खतरों से निपटने के लिए आसमान से जमीन तक सुरक्षा ग्रिड तैयार की है। आसपास के दफ्तरों को बंद कर दिया गया है तो पूरे शहर के स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं।

  • दिल्ली में ट्रैफिक पाबंदियों के बीच राहत, छात्रों के लिए 1 घंटे पहले शुरू होगी मेट्रो

    दिल्ली में ट्रैफिक पाबंदियों के बीच राहत, छात्रों के लिए 1 घंटे पहले शुरू होगी मेट्रो

    नई दिल्ली
     राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है। ऐसे में दिल्ली के कई रूट पर ट्रैफिक पाबंदियों के बीच छात्रों और आम लोगों की असुविधा न हो, इसके दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो सेवाएं रविवार 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएंगी। डीएमआरसी ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि परीक्षा देने जा रहे छात्रों और आम जनता की सुचारू और समय पर आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण ट्रैफिक पाबंदियों के बीच, रविवार 13 सितंबर को सभी लाइनों पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं सुबह 06:00 बजे से शुरू होंगी।

    डीएमआरसी ने क्यों लिया ये फैसला
    डीएमआरसी ने इस फैसले को लेकर कहा कि छात्रों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। आम तौर पर दिल्ली के कई रूट जिनमें पिंक, मजेंटा और ग्रे लाइन पर रविवार को मेट्रो सेवाएं सुबह सात बजे शुरू होती हैं। हालांकि, इस रविवार मेट्रो सेवाएं सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई प्रमुख स्थान अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे, जिनमें राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान भी शामिल हैं।

    राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान रहेंगे बंद
    अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान को शुक्रवार से रविवार तक विजिटर्स के लिए बंद रखा गया है। एक अधिकारी ने बयान में कहा कि शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी भी नहीं होगी। यह कदम ब्रिक्स प्रतिनिधियों को होने वाली परेशानी को कम करने और शिखर सम्मेलन स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाकर सड़कों पर भीड़ कम करने की कोशिश का हिस्सा है।

    स्कूल, ऑफिस रहेंगे बंद, जानें ट्रैफिक एडवाइजरी
    दिल्ली सरकार ने पहले ही 11 सितंबर को अपने कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी उस दिन केंद्र सरकार के कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा करते हुए एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। इसमें बताया गया कि शिखर सम्मेलन के चलते दिल्ली के मुख्य रास्तों पर दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा और आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।

    ब्रिक्स समिट, मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह
    पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खासकर मेट्रो का इस्तेमाल करें। तय डायवर्जन रूट और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने कहा कि इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी। राजधानी में होने वाले ब्रिक्स समिट को लेकर फैली अटकलों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। डीएमआरसी ने साफ किया है कि मेट्रो सेवा सामान्य रूप से जारी रहेगी।

    डीएमआरसी ने की है खास तैयारी
    डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि सेवा से जुड़ी जानकारी यात्रियों को सूचित की जाती है कि अगले आदेश तक सभी मेट्रो स्टेशन खुले रहेंगे। जब तक कोई विशेष घोषणा न की जाए, तब तक कामकाज सामान्य रूप से चलता रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की जानकारी के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या 'दिल्ली मेट्रो सारथी' ऐप देखते रहें। यह जानकारी इस मामले पर कई सवाल मिलने के बाद जारी की जा रही है।

    क्या बंद रहेंगे मेट्रो स्टेशन? जानिए अपडेट
    दरअसल, ब्रिक्स समिट के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक पाबंदियों को लेकर लोगों में भ्रम था कि क्या मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे? इसे लेकर डीएमआरसी को यह स्पष्टीकरण देना पड़ा। इससे पहले डीएमआरसी ने एक अन्य एडवाइजरी में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम ब्रिक्स समिट के दौरान बंद रहेगा। डीएमआरसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर, 2026 (शुक्रवार से रविवार) तक बंद रहेगा। हम 15 सितंबर, 2026 (मंगलवार) को आप सभी का स्वागत करने के लिए वापस आएंगे, क्योंकि 14 सितंबर (सोमवार) को म्यूजियम की साप्ताहिक छुट्टी होती है।

    ब्रिक्स समिट को लेकर लिए गए कई अहम फैसले
    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ब्रिक्स समिट को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने जनता को अदालतों में कामकाज और मामलों की तारीखों में बदलाव के बारे में जानकारी दी है, खासकर भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट स्थल के पास स्थित अदालतों के लिए। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत अब 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। निचली अदालतों में 11 और 12 सितंबर को छुट्टी रहेगी, इसलिए इन दो तारीखों पर सूचीबद्ध मामले अब 14 सितंबर को सुने जाएंगे।

  • BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली हाई अलर्ट, 500 CCTV से निगरानी; VVIP मूवमेंट पर ट्रैफिक डायवर्जन

    BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली हाई अलर्ट, 500 CCTV से निगरानी; VVIP मूवमेंट पर ट्रैफिक डायवर्जन

    नई दिल्ली
     राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार से शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों और अर्ध सैनिक बलों की 200 कंपनी तैनात की गई हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में शनिवार से 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

    ब्रिक्स को लेकर दिल्ली में पहरा
    दिल्ली यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिखर सम्मेलन के मद्देनजर पूरी दिल्ली बंद नहीं होगी लेकिन वीवीआईपी के काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर अस्थायी रूप से ट्रैफिक को रोका जा सकता है। कुछ जगहों पर रूट डायवर्जन किया जा सकता है और कुछ रास्तों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

    VVIP मूवमेंट को लेकर खास तैयारी
    अधिकारियों के अनुसार जहां सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, वहां यातायात सामान्य रूप से जारी रहेगा। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के काफिले के गुजरने के दौरान आम वाहनों पर लगने वाली रोक की कोई निश्चित अवधि नहीं होगी। सुरक्षा स्थिति और परिस्थितियों के आधार पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि व्यवस्था इस तरह की गई है कि विदेशी मेहमानों की कड़ी से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था हो और आम जनता को कम से कम परेशानी हो।

    ट्रैफिक एडवाइजरी देखकर ही घर से निकलें
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने इसे ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं कि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। यातायात व्यवस्था को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शिखर सम्मेलन में भाग के लिए शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच गए। वहीं चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है। यह सात साल के अंतराल के बाद भारत की उनकी पहली यात्रा होगी।

    दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली में
    सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख आदि शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने आवाजाही के लिए चिह्नित मार्गों का व्यापक निरीक्षण किया है। कई सरकारी एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय संबंधी बैठकें भी की गई हैं।

    सुरक्षा ऐसी, परिंदा भी न मार सके पर
    सुरक्षा व्यवस्था हवाई अड्डे, विदेशी नेताओं को ठहराए जाने वाले होटलों, भारत मंडपम और उन अन्य स्थानों तक रहेगी जहां ये विदेशी मेहमान जाएंगे। नई दिल्ली इलाके में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के अलावा चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल हैं। इन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। सम्मेलन स्थल और विदेशी मेहमानों को ठहराए जाने वाले होटलों में प्रवेश नियंत्रण, पहचान सत्यापन, खुफिया जानकारी जुटाने, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

    इन रास्तों से बचकर
    यातायात पुलिस के अनुसार शिखर सम्मेलन के दौरान 35 से अधिक सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। इनमें प्रमुख रूप से मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड ,बाराखंभा रोड ,टॉल्स्टॉय मार्ग ,अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं। साकेत स्थित होटल से मध्य दिल्ली के बीच मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के कारण दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर खासकर व्यस्त समय में यातायात का दबाव और बढ़ सकता है।

    हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट को लेकर बड़ी तैयारी
    अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन के बड़े स्तर को देखते हुए हर दिन कई बार ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ होंगे। किसी विदेशी नेता को हवाई अड्डे से होटल, होटल से सम्मेलन स्थल और वहां से द्विपक्षीय बैठकों या अन्य कार्यक्रमों में ले जाने के दौरान एक दिन में पूरे शहर में करीब 70-80 या उससे अधिक ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हर वीवीआईपी अवागमन के लिए अलग से यातायात नियंत्रण, रास्तों पर प्रवेश प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन में समन्वय करना पड़ता है और इसी वजह से आम लोगों और यात्रियों पर इसका असर सामान्य वीआईपी दौरे की तुलना में काफी अधिक हो सकता है।

  • पुतिन-शी-पेजेशकियन की सुरक्षा पर खास फोकस, ड्रोन से लेकर पैराग्लाइडर तक पर नजर

    पुतिन-शी-पेजेशकियन की सुरक्षा पर खास फोकस, ड्रोन से लेकर पैराग्लाइडर तक पर नजर

    नई दिल्ली
     भारत मंडपम् में होने वाले 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और हाई-प्रोफाइल डेलिगेशंस पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ वीवीआईपी रूट और होटलों तक ही मुस्तैद नहीं रहेंगी, बल्कि कई टीमें इस दौरान हवाई गश्त पर भी रहेंगी। सिक्योरिटी असेसमेंट ने इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन में ड्रोन, पैराग्लाइडर और दूसरे रिमोट कंट्रोल्ड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स से जुड़े खतरे को भी प्रमुखता से शामिल किया है।

    • मौजूदा वैश्विक तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा का फोकस सबसे ज्यादा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को लेकर है।
    • वीवीआईपी नेताओं के काफिले में शामिल सभी गाड़ियों में जीपीएस डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे कंट्रोल रूम से उनकी रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सके।
    • मुख्य कार्यक्रम स्थल और होटलों में एंट्री के लिए हाईटेक फेशियल रिकग्निशन और बायोमीट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
    • एंटी-ग्राफिटी गश्त, पिकेट चेकिंग और स्टैटिक तैनाती से पूरे इलाके को कवर किया गया है।

    30 हजार जवानों के घेरे में दिल्ली, 100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात
    सेंट्रल एजेंसियों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरी दिल्ली में करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों और 100 से ज्यादा NSG कमांडो की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रोग्राम स्थल और होटलों की सुरक्षा में 7 हजार जवानों को लगाया गया है। 11 प्रमुख होटलों से भारत मंडपम् तक वीवीआईपी काफिलों के लिए अलग-अलग रूट तैयार किए गए हैं। अलग-अलग मेहमानों के लिए एंट्री गेट और ड्रॉप पॉइंट भी अलग रखे गए हैं, ताकि दो देशों के काफिले एक साथ सामने न आएं।

  • 11 सितंबर से BRICS समिट, विदेशी मेहमानों के स्वागत में सजेगा नई दिल्ली क्षेत्र; 15 हजार गमले लगेंगे

    11 सितंबर से BRICS समिट, विदेशी मेहमानों के स्वागत में सजेगा नई दिल्ली क्षेत्र; 15 हजार गमले लगेंगे

    नई दिल्ली
     भारत मंडपम् में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए एनडीएमसी ने समिट की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण हिस्से को सजाने-संवारने का काम तेज कर दिया है। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए सम्मेलन स्थल, वीआईपी रूट, प्रमुख सड़कों, बाजारों और होटल क्षेत्रों में स्वच्छता से लेकर सजावटी रोशनी और सौंदर्याकरण तक तैयारियां की जा रही है। एनडीएमसी के डिप्टी चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि सारे काम 9 सितंबर तक पूरे हो जाएंगे।

    रोशनी से जगमग होंगे नई दिल्ली क्षेत्र गोलचक्कर
    पटेल चौक, विंडसर प्लेस, मंडी हाउस, तीन मूर्ति, क्यू-पॉइंट, शांतिपथ के प्रमुख चौराहों, अशोका होटल, सम्राट होटल, मान सिंह और पीएम गोलचक्कर सहित 17 प्रमुख गोलचक्करों पर सजावटी रोशनी लगाई जाएगी। 11 प्रमुख होटल परिसरों और आसपास के पेड़ों को भी सजाया जाएगा। एनडीएमसी की 10 प्रमुख इमारतों और स्थलों पर भी सजावटी लाइटिंग होगी। विदेश मंत्रालय के डिजाइन के मुताबिक, एनडीएमसी क्षेत्र में 309 ब्रैडिंग साइट्स तैयार की गई हैं। इनमें 154 डिजिटल मीडिया स्क्रीन, S3 सीटीयू और पीटीयू फ्लेक्स साइट्स और 72 बस क्यू शेल्टर शामिल हैं।

    41 प्रमुख सड़कों पर खास निगरानी
    डेलिगेट्स और वीआईपी रूट की 41 प्रमुख सड़को की सर्कलवार निगरानी की जा रही है। सड़क, फुटपाथ और बस शेल्टर की मरम्मत पूरी हो चुकी है। 32 सड़कों की पेंटिंग पूरी हो गई है, जबकि नौ सड़कों पर काम जारी है। हरित सौदर्शीकरण के लिए 15 हजार से अधिक गमले प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगाए जाएंगे। 15 जगहों पर फूलों से तैयार किए गए बोर्ड और नौ स्थानों पर फूलों के आकार वाले फव्वारे लगाए जाएंगे।

    पांच जगह मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई
    धूल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए लोदी रोड, तिलक मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, शातिपथ और जाकिर हुसैन मार्ग पर पांच जगह मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई है। जलभराव वाले हॉटस्पॉट का 100 प्रतिशत सत्यापन और स्टॉर्म वाटर ड्रेनों की 100 प्रतिशत डीसिल्टिंग पूरी हो चुकी है। वीवीआईपी मार्गों पर अतिरिक्त पंपिंग सेट लगाए गए है।

    बरसात से निपटने के लिए अतिरिक्त पंप
    14 स्वच्छता सर्कलों को 14 निरीक्षण सर्कलों से मैप किया गया है। प्रमुख सड़कों पर 24×7 सफाई की व्यवस्था रहेगी। रात में 7 मिकैनिकल रोड स्वीपर्स लगाए जाएंगे। डीप क्लीनिंग के लिए 10 प्रेशर जेटिंग मशीनें लगेंगी। प्रमुख मार्गों की डीप वॉशिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। बरसात में प्रभावित बाबा खड़क सिंह मार्ग पर मौजूदा 80 HP पंप के अलावा एक और 80 HP पंप तथा 24 IIP क्षमता की मोबाइल पंपिंग वैन लगाई गई है।

  • 12-13 सितंबर ब्रिक्स समिट से पहले NDMC का मेगा प्लान, 41 सड़कों पर होगी खास निगरानी

    12-13 सितंबर ब्रिक्स समिट से पहले NDMC का मेगा प्लान, 41 सड़कों पर होगी खास निगरानी

    नई दिल्ली
     नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) ने 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि शहर अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स और आने वाले लोगों के सामने साफ-सुथरा, हरा-भरा और सुरक्षित रूप पेश करे। सोमवार को तैयारियों का जायजा लेने के बाद एनडीएमसी चेयरमैन मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि काउंसिल ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, बागवानी, इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, जन स्वास्थ्य, एनफोर्समेंट, पार्किंग और चौबीसों घंटे निगरानी के लिए बेहतर तालमेल वाले इंतजाम किए हैं।

    ब्रिक्स समिट को लेकर बंपर तैयारी
    समिट से जुड़े बड़े कार्यक्रमों, जैसे ब्रिक्स बाजार, ब्रिक्स रन एंड राइड, ब्रिक्स म्यूरल्स एंड पेंटिंग और ब्रिक्स फूड फेस्टिवल के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इन कार्यक्रमों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो वेन्यू पर सही इंतजाम के लिए विभागों और स्टेकहोल्डर्स के साथ तालमेल बिठाएंगे। बारिश की संभावना को देखते हुए, एनडीएमसी पानी जमा होने से रोकने, ड्रेनेज सिस्टम को ठीक रखने और सड़कों और सार्वजनिक जगहों से जमा पत्तों और दूसरे कचरे को हटाने के लिए एहतियाती कदम उठाएगी।

    सौंदर्यीकरण, लैंडस्केपिंग और लाइटिंग
    निगरानी रणनीति के तहत, 41 अहम सड़कों को 14 सर्कल में बांटा गया है और हर सर्कल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिकारी ने कहा कि अफसर अपनी फील्ड टीमों के साथ रोजाना निरीक्षण और फील्ड वॉक करेंगे ताकि तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन सुनिश्चित हो सके। शहर को और आकर्षक बनाने के लिए, फूलों वाले बोर्ड के लिए 15 जगहें, फूलों वाले फव्वारों के लिए 9 जगहें और खास सौंदर्यीकरण, लैंडस्केपिंग और लाइटिंग के लिए 17 गोल चक्कर चुने गए हैं।
    ब्रिक्स समिट को लेकर NDMC का प्लान जानिए

    • अधिकारी ने बताया कि बागवानी योजना में मौसमी फूल लगाने, लैंडस्केपिंग, खाली पड़ी जगहों पर हरियाली लाने, ग्रीन कॉरिडोर के रखरखाव, झाड़ियों की छंटाई और सजावटी प्लांटर लगाने पर ध्यान दिया जाएगा।
    • NDMC 24×7 साफ-सफाई के इंतजाम भी बनाए रखेगी, जिसके लिए 9 से 14 सितंबर तक अतिरिक्त सफाई कर्मचारी और खास नाइट-ड्यूटी टीमें तैनात की जाएंगी।
    • अस्थायी डस्टबिन और मोबाइल टॉयलेट लगाए जाएंगे। 154 डिजिटल स्क्रीन और लगभग 83 सार्वजनिक शौचालयों और कॉमन टॉयलेट सुविधाओं पर ब्रिक्स की ब्रांडिंग दिखाई जाएगी।
    • आवारा जानवरों को हटाने के लिए भी खास कदम उठाए जाएंगे।
    • अधिकारी ने कहा कि किसी भी समस्या को तुरंत हल करने के लिए बैकअप पावर का इंतजाम और क्विक रिस्पॉन्स टीमें मौजूद रहेंगी।
    • NDMC, ट्रैफिक की सुचारू आवाजाही, सुरक्षा इंतजाम और सार्वजनिक जगहों के बेहतर मैनेजमेंट को सुनिश्चित करने के लिए MEA, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार की एजेंसियों और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर काम करेगा।
    • एक खास कंट्रोल रूम और 24×7 कमांड एंड कंट्रोल सेंटर रियल-टाइम में नागरिक सेवाओं पर नजर रखेगा।
    • CCTV सर्विलांस, फील्ड रिपोर्ट और सीनियर अधिकारियों की ओर से नियमित निरीक्षण से समस्याओं की तेजी से पहचान और समाधान में मदद मिलेगी।
  • ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली चमकाने की तैयारी, 20 देशों के मेहमानों पर रहेगी नजर

    ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली चमकाने की तैयारी, 20 देशों के मेहमानों पर रहेगी नजर

    नई दिल्ली
    दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने शुरू कर दी हैं। विदेश मंत्रालय समिट के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए एनडीएमसी के सभी संबंधित विभागों के साथ मीटिंग कर उन्हें जरूरी निर्देश जारी कर चुका है। समिट शुरू होने से पहले 30 अगस्त को एनडीएमसी द्वारा ब्रिक्स रन एंड राइड का भी आयोजन किया जाएगा।

    बता दें कि समिट में लगभग 20 देशों के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रतिनिधि भाग लेंगे। समिट से जुड़े लगभग सभी कार्यक्रम भारत मंडपम् में आयोजित होंगे। इसके अलावा ज्यादातर विदेशी मेहमान NDMC के तहत आने वाले फाइव स्टार होटल्स में ठहरेंगे।

    अतिरिक्त सफाईकर्मी की तैनाती की जाएगी
    समिट को ध्यान में रखते हुए एनडीएमसी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कार्यक्रम से पहले और कार्यक्रम के बाद अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को तैनात करेगी। वर्ष 2025 में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आवारा कुत्ते ने एक विदेशी को काट लिया था। इस तरह की घटना से बचने के लिए सड़क पर घूमने वाले आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए पहले से तैयारियां शुरू करने के लिए कहा है। सूत्रों का कहना है कि आयोजन में सबसे ज्यादा भूमिका उद्यान विभाग और वर्क्स डिपार्टमेंट की रहेगी।

    उनका कहना है कि वैसे तो एनडीएमसी का पूरा इलाका हमेशा चमकता रहता है, लेकिन समिट में शामिल होने वाले 20 देशों के मेहमानों की नजर में भारत की अच्छी छवि बनाने के लिए अलग से बंदोबस्त करने के लिए कहा गया है।

    'सारी व्यवस्थाएं की जाएंगी दुरुस्त'
    जगह-जगह फूलों वाले गमले रखे जाएंगे। रेलिंग की पेंटिंग, फुटपाथ और टूटी सड़कों की मरम्मत आदि का काम शुरू हो चुका है। यही नही, सीवर और ड्रेनेज लाइन पर भी खास ध्यान देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा सड़को से अतिक्रमण हटाना और सड़को पर जहां कहीं पर भी अवैध पार्किंग बनी हुई है तो उन्हें हटाने के आदेश दिए गए है। एनडीएमसी के डिप्टी चेयरमैन कुलजीत चहल का कहना है कि समिट को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों ने काम शुरू कर दिया है। समिट से पहले सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि समिट शुरू होने से पहले 30 अगस्त की सुबह 6:30 बजे ब्रिक्स रन एंड राइट का आयोजन किया जाएगा।

     

  • Bhopal BRICS Summit: चार दिन तक सजेगा सांस्कृतिक महाकुंभ, 10 देशों के प्रतिनिधि भोपाल में जुटेंगे

    Bhopal BRICS Summit: चार दिन तक सजेगा सांस्कृतिक महाकुंभ, 10 देशों के प्रतिनिधि भोपाल में जुटेंगे

    भोपाल 
     'ब्रिक्स' देशों के सांस्कृतिक कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों का सम्मेलन बुधवार से भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगा। इसमें सदस्य देशों के बीच यूनेस्को की विश्व धरोहर के लिए संयुक्त नामांकन पर सहमति बन सकती है।अभी एक देश वर्ष में एक धरोहर के लिए नामांकन कर सकता है। भारत की आखिरी (45वीं) धरोहर सारनाथ को इसमें शामिल किया गया है।

    भारतीय विरासत की वापसी की उम्मीद
    संयुक्त नामांकन का लाभ यह होगा कि कोई भी देश अपनी संस्कृति से जुड़ी दूसरे देश में स्थित धरोहर के लिए नामांकन कर सकता है। जैसे बौद्ध संस्कृति से जुड़ी कई धरोहरें जापान और दूसरे देशों में हैं। कंबोडिया सहित कुछ देशों में मंदिर भी इसी तरह से हैं। इससे भारत के साथ सहभागी देशों को भी लाभ मिलेगा।

    इसके अतिरिक्त लूट या चोरी कर एक से दूसरे देशों में ले जाई गईं सांस्कृतिक धरोहरों (मूर्तियां, पांडुलिपियां, कलाकृतियां, आभूषण, शिलालेख आदि) को वापस लाने के लिए संयुक्त घोषणा पत्र जारी हो सकता है। बैठक में सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, संग्रहालय, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा होगी।

    संस्कृति से संबंधित विषयों पर होगी चर्चा
    इस आयोजन में पहले दो दिन यानी 5 और 6 अगस्त को ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक समूहों की बैठक होगी. इस दौरान सम्‍मेलन में संस्कृति से संबंधित कई विषयों पर चर्चा होगी. ब्रिक्स देशों के कलाकार रवींद्र भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे. सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधिमंडल जनजातीय संग्रहालय, राज्य संग्रहालय, वन विहार और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का दौरा करेंगे. इसके बाद 7 और 8 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होगी। 

    मेहमान चखेंगे मध्य प्रदेश के खास स्वाद
    सम्मेलन में आए मेहमानों को मध्य प्रदेश के कई पारंपरिक डिश परोसी जाएंगी। इनमें दाल बाफले, निमोना, गुइया की सब्जी, बड़ा, कोदो और कुटकी जैसे मिलेट्स से बने पकवान शामिल हैं। विदेशी मेहमानों की पसंद को देखते हुए पश्चिमी और दूसरे देशों के खाने की भी व्यवस्था की गई है ताकि सभी अपनी पसंद का भोजन कर सकें।

    संस्कृति और परंपरा से होंगे रूबरू
    पहले दिन मेहमान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय जाएंगे। यहां उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा। वे मिट्टी के बर्तन बनाने की कला, जनजातीय जीवन, पुराने घरों की बनावट और भारत की अलग-अलग परंपराओं को करीब से देखेंगे। शाम को कथक, लोक नृत्य और पारंपरिक कपड़ों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मिंटो हॉल में कई खास प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी जिन्हें आम लोग भी देख सकेंगे।

    6 से 8 अगस्त तक होंगे कई खास कार्यक्रम
    सम्मेलन के दौरान संस्कृति से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा होगी। अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक सहयोग, विरासत को बचाने और आपसी संबंध मजबूत करने पर बात करेंगे। 6 अगस्त से सांस्कृतिक महोत्सव भी शुरू होगा जिसमें कई देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। 7 अगस्त को म्यूजिक का बड़ा कार्यक्रम होगा, जहां भारत और दूसरे देशों के कलाकार एक साथ मंच साझा करेंगे। इसका मकसद कला के जरिए दोस्ती और एकता का संदेश देना है।

    मेहमानों के लिए विशेष कार्यक्रम
    सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भोपाल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए हेरिटेज वॉक, बर्ड वॉचिंग बड़ी झील में शिकारा राइड, मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प की शॉपिंग जैसे कई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 

    वहीं इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की एक विशेष आकर्षण विभिन्न देशों के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी. विदेशी कलाकार अपने-अपने देशों की लोक कला, संगीत, नृत्य और पारंपरिक संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे. सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए राजधानी पूरी तरह तैयार है। 

    वाग्देवी की प्रतिमा लाने के लिए हो रहा पत्राचार
    केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि ब्रिटिश म्यूजियम लंदन में रखी वाग्देवी (मां सरस्वती) की प्रतिमा को लाने का प्रयास किया जा रहा है। भारत सरकार की तरफ से ब्रिटेन सरकार और म्यूजियम को पत्र लिखा गया है।

    निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इसे लाने का प्रयास एक वर्ष से किया रहा है। तमिलनाडु की दो प्रतिमाएं लाने में हम सफल भी रहे हैं। वर्ष 2014 के बाद 650 धरोहरों को लाया गया है, जबकि इसके पहले 13 ही लाई गई थीं।

    संयुक्त घोषणा पत्र पर सहमति
    मंगलवार को भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल और मप्र के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के एसीएस शिवशेखर शुक्ला ने यह जानकारी दी। अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है।

    इसके अंतर्गत अलग-अलग कार्य समूह की बैठकें अलग-अलग स्थानों पर हो रही हैँ। संस्कृति समूह की पहली बैठक वर्चुअल, दूसरी जून में वाराणसी में और तीसरी व अंतिम बैठक भोपाल में हो रही है जिसमें संयुक्त घोषणा पत्र भी जारी किया जाएगा।

    सम्मेलन में पहले दो दिन 5 और 6 अगस्त को सदस्य और सहभागी (पार्टनर) देशों के अधिकारियों के बीच सांस्कृतिक संबंध बढ़ाने और घोषणा पत्र के संभावित बिंदुओं पर चर्चा होगी। 7 और 8 अगस्त को सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    इसमें नौ देशों के डिप्टी मिनिस्टर और भारत के संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। कुल 11 सदस्य देशों में से सऊदी अरब शामिल नहीं हो रहा है।

    कार्यक्रम स्थल पर ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 6 और 7 अगस्त को ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव भोपाल के रवींद्र भवन में होगा, जिसमें सदस्य देशों के 40 कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

    प्रतिनिधि सांची और भीमबेटका का भ्रमण करेंगे। बता दें कि इस संगठन में भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सदस्य हैं।

    इसी दिन शाम को प्रतिनिधि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का दौरा करेंगे। जहां पॉटरी (मृदा शिल्प) प्रदर्शनी में उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा और स्वदेशी शिल्प व पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के लाइव प्रदर्शन दिखाए जाएंगे।

    इसके बाद प्रतिनिधि ट्राइबल हैबिटेट में 'नागा हाउस' और 'हिमालयी गांव' का गाइडेड भ्रमण कर वहां की वास्तुकला, जीवन शैली व सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन करेंगे। प्रेक्षागृह में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

    जिसमें कथक नृत्य, पारंपरिक सामुदायिक नृत्य और भारत की विविध पारंपरिक व जनजातीय पोशाकों को प्रदर्शित करने वाला एक फैशन शो प्रस्तुत किया जाएगा।

    पहले दिन से प्रदर्शनी भी होगी

    मुख्य कार्यक्रम मिंटो हॉल में होगा। यहां 'ज्ञान भारतम', 'प्रोजेक्ट मौसम' और 'प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत' पर तीन विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। ये प्रदर्शनियां इन चारों दिन आम जनता के लिए खुली रहेंगी।

    ये प्रदर्शनियां भारत की पांडुलिपि विरासत, समुद्री सांस्कृतिक संबंधों और सभ्यतागत जुड़ाव को प्रदर्शित करने के साथ विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में भारत की पहलों को रेखांकित करेंगी।

    6 से 8 अगस्त तक ये कार्यक्रम

    6 अगस्त बैठक में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के घोषणापत्र के मसौदे और सांस्कृतिक सहयोग के अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, संग्रहालय, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और ब्रिक्स देशों के बीच लोगों से लोगों का जुड़ाव शामिल हैं।

    कार्य समूह की सिफारिशें मंत्रस्तरीय बैठक के दौरान संस्कृति मंत्रियों के विचार का आधार बनेंगी। शाम को, रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

    यह कार्यक्रम आम जनता के लिए खुला रहेगा और भाग लेने वाले देशों की समृद्ध और विविध प्रदर्शन कला परंपराओं को देखने का अवसर प्रदान करेगा। शाम का समापन संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा।

    7 अगस्त को ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे। शाम को प्रमुख 'ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026' आयोजित किया जाएगा, जो भारत और भाग लेने वाले ब्रिक्स देशों के प्रख्यात संगीतकारों और कलाकारों को एक साथ लाने वाला एक विशेष रूप से तैयार किया गया सहयोगात्मक संगीतमय कार्यक्रम है।

    कार्यक्रम की शुरुआत "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के आह्वान के साथ होगी। जिसके बाद हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय परंपराओं का उत्सव मनाता हुआ "कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक" प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "ब्रिक्स पीस सॉन्ग – पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड" होगा, जो भाग लेने वाले ब्रिक्स देशों की एक संगीतमय यात्रा प्रस्तुत करेगा।

    इसमें बेलारूस, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की संगीतमय परंपराओं का समावेश होगा। कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां "पीस टू ऑल, हार्मनी टू ऑल" और "क्रेस्केंडो ऑफ यूनिटी" भी शामिल होंगी।

    विशेष समापन सांस्कृतिक प्रस्तुति – ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’

    इसी दिन शाम को संस्कृति विभाग कार्यक्रम की अंतिम और भव्य प्रस्तुति के रूप में "अमृतस्य मध्य प्रदेश- एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा" का मंचन करेगा। विख्यात कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के कुशल निर्देशन में 125 से अधिक सिद्धहस्त कलाकारों द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य-संरचना ॐ की अनादि ध्वनि के साथ मध्य प्रदेश की जीवंत आत्मा को सजीव करेगी।

    यह महायात्रा भीमबेटका, सांची और खजुराहो के यूनेस्को वैभव से लेकर चित्रकूट के 'राम-पथ गमन' और उज्जैन के संदीपनि आश्रम की 'कृष्ण-लीला' तक का पावन सफर तय कराती है।

    इसमें ग्वालियर, ओरछा व मांडू के ऐतिहासिक किलों की गाथा, महेश्वरी-चंदेरी के वस्त्र-शिल्प का लालित्य, तथा बैगा, मटकी व बधाई जैसे समृद्ध जनजातीय लोक-नृत्यों का उल्लास समाहित है।

    भोपाल की झीलों से लेकर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, ओंकारेश्वर के अध्यात्म और मां नर्मदा की महाआरती से सराबोर यह प्रस्तुति अतिथियों को 'सिंहस्थ कुंभ 2028' का भव्य आध्यात्मिक निमंत्रण भी प्रदान करेगी। शाम का समापन मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा।

    8 अगस्त को मंत्रियों की बैठक होगी

    8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी। मंत्री ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के बीच सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालयों, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करेंगे।

    यह बैठक 'ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा' को अपनाने के साथ समाप्त होगी, जो ब्रिक्स ढांचे के भीतर बेहतर सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक साझा दृष्टिकोण और भविष्य का रोडमैप निर्धारित करेगी। इसके बाद मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दोपहर के भोजन (लंच) का कार्यक्रम होगा।

    यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 'सांची' की सांस्कृतिक यात्रा बैठक और भोजन के बाद विदेशी मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत और स्थापत्य कला के अवलोकन के लिए सांची के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रतिनिधि 'बुद्ध जंबूदीप' का भ्रमण करेंगे और तत्पश्चात विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का एक विशेष गाइडेड टूर लेंगे।

    यात्रा के दौरान प्रतिनिधि चेतियागिरी मंदिर में दर्शन के साथ-साथ योग एवं ध्यान सत्र में भाग लेंगे। शाम को बौद्ध इतिहास और कला पर आधारित एक आकर्षक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग तथा लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा।

    9 अगस्त को रवाना होंगे मेहमान

    अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए उनकी आगे की रवानगी से पहले यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रय के लिए एक वैकल्पिक भ्रमण की व्यवस्था की गई है।