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  • MP में बस टिकट बुकिंग हुई आसान, इंदौर-भोपाल-जबलपुर की सिटी बसों के लिए ‘चलो’ ऐप की सुविधा

    MP में बस टिकट बुकिंग हुई आसान, इंदौर-भोपाल-जबलपुर की सिटी बसों के लिए ‘चलो’ ऐप की सुविधा

    बसों में शहर-गांव का सफर सुविधाजनक बना रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

    डिजिटल तकनीक से आसान हो रहा टिकिट लेने का अनुभव
    इंदौर, भोपाल, जबलपुर की सिटी बसों की टिकट बुकिंग ‘चलो’ मोबाइल ऐप से
    यात्री सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक से युक्त सीसीटीवी कैमरे
    वर्ष 2030-31 तक 15,000 से अधिक बसें चलाने का लक्ष्य

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश सरकार आम लोगों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती बस परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश परिवहन विज़न 2030-31 के तहत शहरों से लेकर गांवों तक बस सेवाओं का विस्तार करने, यात्रियों को निर्धारित समय पर बस उपलब्ध कराने, डिजिटल और मोबाइल ऐप आधारित टिकिट व्यवस्था लागू करने और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य लोगों की यात्रा को आसान बनाना और सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुविधाजनक बनाना है। यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 की अनुशंसाओं के अनुरूप प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश में 351 बसें मध्यप्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में दौड़ रही हैं। योजना अंतर्गत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में डिजिटल तकनीक से बस यात्रियों का टिकिट लेने का अनुभव आसान हो रहा है। साथ ही इंदौर, भोपाल, जबलपुर की सिटी बसों में ‘चलो’ मोबाइल ऐप से ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

    5,000 से अधिक बस मार्ग होंगे विकसित, 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को मिलेगी सुविधा

    मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड के विज़न 2030-31 के तहत प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन का व्यापक विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत 15,000 से अधिक सार्वजनिक बसों का संचालन होगा और 5,000 से अधिक बस मार्ग विकसित किए जाएंगे। विज़न के अनुसार, प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रदेश में 180 से अधिक बस डिपो एवं टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस नेटवर्क से सीधा जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, रोजगार, इलाज, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

    मोबाइल पर मिलेगी बसों की लोकेशन, डिजिटल टिकटिंग की सुविधा

    प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। इसके अंतर्गत यात्रियों को मोबाइल पर बसों की लोकेशन, उनके आने-जाने का समय और निर्धारित मार्ग की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इंदौर में सिटी बस यात्रियों के लिए बस पास की व्यवस्था भी की गई है। डिजिटल टिकट और ऑनलाइन भुगतान से यात्रियों के लिए टिकट लेना आसान हुआ है। टिकटों की डिजिटल निगरानी से किराये से होने वाली आय में पारदर्शिता आएगी और गड़बड़ी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बसों में सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य सुरक्षा प्रणालियां लगाने से यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा रहा है।

    पीपीपी मॉडल से बसों का संचालन

    प्रदेश में बस परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत निजी बस संचालकों का चयन पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है। बसों के संचालन, समय-सारणी, यात्री सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। बस संचालकों को बसों के रखरखाव, चार्जिंग और संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही चालकों, परिचालकों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और बेहतर परिवहन सेवाएं मिल सकें।

    बसों की संख्या और फेरे बढ़ने से यात्रियों को मिलेगी सुविधा

    यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप बसों के मार्गों और संचालन समय में सुधार किया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों में बस सेवाएं बढ़ाने में मदद मिलेगी, जहां यात्रियों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। सुरक्षित बस स्टैंड, स्वच्छ प्रतीक्षालय और बेहतर यात्री टर्मिनल विकसित होने से महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों सहित सभी यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए टिकट पर छूट और नियमित यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं देने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। इन प्रयासों से सार्वजनिक बस परिवहन को अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनाया जा रहा है ताकि यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक बसों का उपयोग अधिक सुविधाजनक महसूस हो।

    इलेक्ट्रिक बसों से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

    प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों और स्वच्छ ईंधन से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रतिवर्ष 70 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इसके लिए आवश्यक चार्जिंग सुविधाओं और आधुनिक बस डिपो के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य आम नागरिकों को ऐसी बस सेवा उपलब्ध कराना है, जो समय पर मिले, किराये के लिहाज से किफायती हो और यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं सुविधा का ध्यान रखे। परिवहन विभाग की इस योजना से शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवागमन आसान होगा।

     

  • इंदौर को मिलेगी नई बस सुविधा, कुमेड़ी ISBT से शुरू होगा संचालन

    इंदौर को मिलेगी नई बस सुविधा, कुमेड़ी ISBT से शुरू होगा संचालन

     इंदौर 
     लंबे इंतजार के बाद कुमेडी आइएसबीटी से बसों का संचालन 28 अक्टूबर से शुरू होगा। यहां से उज्जैन होकर राजस्थान, गुजरात और दिल्ली रूट पर जाने वाली अंतरराज्यीय बसों का संचालन होगा। आईएसबीटी पहुंचने के लिए यह बसें रिंग रोड का उपयोग नहीं कर सकेंगी।

    बसों को तीन इमली से बायपास होकर रेडिसन चौराहा होते हुए कुमेड़ी आईएसबीटी पहुंचना होगा। बस स्टैंड से सवारी बैठाने के बाद बसें अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सकेंगी। कुमेड़ी आईएसबीटी से बसों के संचालन की सहमति बनने के बाद आरटीओ कार्यालय में बस संचालकों के साथ आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बैठक की। इसमें राजस्थान, गुजरात और दिल्ली रूट के बस संचालक मौजूद रहे।

    आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि बस संचालकों के साथ बैठक कर 28 अक्टूबर से बसों का संचालन कुमेडी होकर करने को लेकर चर्चा की गई। बस संचालकों ने आश्वस्त किया है कि उज्जैन रोड होकर जाने वाली राजस्थान रूट की बसों का संचालन आईएसबीटी होकर करेंगे। यहां से बसों का संचालन शुरू होने से क्षेत्र की जनता को सुविधा होगी।

    लंबा चक्कर लगाकर पहुंचना होगा
    राजस्थान जाने वाली अंतरराज्यीय बसों को तीन इमली चौराहा से बायपास होकर रेडिसन चौराहा होते हुए जाना होगा। अभी बसें बायपास से स्टार चौराहा तक ही जाती हैं। अब राजस्थान रूट पर जाने वाली बसों को रेडिसन चौराहा तक जाने की अनुमति मिलेगी। हालांकि यहां से बसें विजय नगर होकर पहुंचेंगी या देवास नाका होकर जाना होगा, इसको लेकर संशय है। हालांकि एक दिन पहले हुई बैठक में यातायात पुलिस ने विजय नगर होकर जाने की स्वीकृति दी है।

     

  • रोडवेज हड़ताल पर पंजाब सरकार की पहल, कर्मचारी नेताओं को चंडीगढ़ बुलाया

    रोडवेज हड़ताल पर पंजाब सरकार की पहल, कर्मचारी नेताओं को चंडीगढ़ बुलाया

    चंडीगढ़.

    पंजाब में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के बाद आखिरकार राज्य सरकार हरकत में आ गई है। अपनी मांगों को लेकर बुधवार को पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों ने सभी डिपो में विरोध प्रदर्शन करते हुए बसों का चक्का जाम कर दिया।

    प्रदेश में हजारों बसों के चक्का जाम के बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। इसके बाद परिवहन मंत्री ने कर्मचारी यूनियन के नेताओं को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। फिलहाल कर्मचारी नेताओं और सरकार के बीच बैठक चल रही है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि बातचीत के दौरान उनकी लंबित मांगों पर कोई ठोस फैसला हो सकता है।

    200 रुटों पर नहीं चली बसें
    बठिंडा में पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार  हड़ताल शुरू कर दी। इसका असर बठिंडा में भी देखने को मिला। बठिंडा डिपो की करीब 200 सरकारी बसों का संचालन प्रभावित हुआ। खासकर मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाओं को दिक्कत हुई। हालांकि, निजी बसों का संचालन जारी रहने से यात्रियों को कुछ राहत मिली। हड़ताल के कारण बठिंडा बस स्टैंड से विभिन्न शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी हुई। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी बसों और अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ा।

    कर्मचारियों को प्रमुख मांगें

    • परिवहन विभाग के कार्यों को खतरनाक श्रेणी में शामिल करना
    • आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करना
    • संघर्ष के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मामले रद्द करना।जेल में बंद साथी कर्मचारियों की रिहाई
    • नौकरी से निकाले गए पनबस व पीआरटीसी कर्मचारियों की तत्काल बहाली
    • किलोमीटर स्कीम के तहत बसों के टेंडर बंद करना
    • परिवहन विभाग के निजीकरण पर रोक लगाना।
  • मां दंतेश्वरी के दर्शन होंगे आसान, बस्तर से दंतेवाड़ा तक मुफ्त बस सेवा शुरू

    मां दंतेश्वरी के दर्शन होंगे आसान, बस्तर से दंतेवाड़ा तक मुफ्त बस सेवा शुरू

    जगदलपुर.

    नगरनार स्थित एनएमडीसी के स्टील प्लांट के भीतर आग लगने की एक और घटना सामने आई है. इस बार प्लांट परिसर में टीआरएल कंपनी के स्टोर में आग लग गई. घटना के बाद मौके पर पहुंचे फायर फाइटर ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया.

    राहत की बात यह रही कि आग पर नियंत्रण कर लिया गया, लेकिन घटना के कारणों और इससे हुए नुकसान को लेकर अब तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, वहीं प्लांट प्रबंधन ने घटना को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. उल्लेखनीय है कि स्टल प्लांट परिसर के भीतर आग लगने की सूचना से कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति निर्मित हो गई. आग किस वजह से लगी, स्टोर में किस तरह की सामग्री रखी हुई थी और आग से कितना नुकसान हुआ है, इन सवालों के जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं. आग बुझाने के लिए फायर फाइटर को मौके पर पहुंचना पड़ा, उनके प्रयासों से आग पर काबू पा लिया गया. घटना को लेकर प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

    प्रबंधन के टिप्पणी करने से इनकार के कारण आग लगने की वजह, नुकसान की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है या नहीं. औद्योगिक इकाई के भीतर आग लगने की घटनाओं में समय पर आग पर नियंत्रण के साथ-साथ उनके कारणों का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रबंधन घटना को लेकर कब तक आधिकारिक जानकारी देता है, और आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा कब होता है.

    नगरनार स्टील प्लांट में इससे पहले भी आग लगने की घटना सामने आ चुकी है. ऐसे में एक बार फिर प्लांट परिसर में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पिछली और वर्तमान घटना के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बीच आग लगने के कारणों की जांच और औद्योगिक सुरक्षा उपायों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है.

  • स्कूल बस हादसे से मचा हड़कंप, लुधियाना में बिजली के पोल से टकराई बस; कई बच्चों को चोटें

    स्कूल बस हादसे से मचा हड़कंप, लुधियाना में बिजली के पोल से टकराई बस; कई बच्चों को चोटें

    लुधियाना.

    जालंधर बाइपास पर शास्त्री नगर के एक निजी स्कूल की बस अचानक बेकाबू होकर बिजली के खंभे से जा टकराई। बस में स्कूली बच्चे सवार थे। हादसे में कुछ बच्चों को मामूली चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तुरंत बच्चों को बस से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिलाया।

    बताया जा रहा है कि सड़क किनारे पड़ी रेत पर बस चढ़ने के बाद चालक नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद बस सड़क से उतरकर बिजली के खंभे से जा भिड़ी। हादसे का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बस तेज रफ्तार में आती दिखाई दे रही है।

    पेरेंट्स ग्रुप में चालक पर उठे सवाल
    हादसे की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के अभिभावकों में भी चिंता पैदा हो गई। स्कूल के छात्रों के पेरेंट्स के बनाए गए ग्रुप में हादसे को लेकर काफी चर्चा हुई। कुछ अभिभावकों ने बस चालक की लापरवाही पर सवाल उठाए। मौके पर पहुंचे लोगों ने ड्राइवर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वो बस छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    CCTV ने खोल दी लापरवाही की पोल
    घटना का जो CCTV फुटेज सामने आया है उसमें दिखाई दे रहा है कि सड़क पर रेत का ढेर लगा था। जैसे ही तेज रफ्तार बस रेत के ढेर पर चढ़ गई, उसका अचानक संतुलन बिगड़ गया और बस सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि खंभा भी टूट गया और हाई-वोल्टेज तारें बस के ऊपर गिर गईं। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इस हादसे के बाद बस में बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। बस से संबंधित स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस हादसे को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस अब इस हादसे की CCTV के आधार पर जांच कर रही है और फरार ड्राइवर की भी तलाश जारी है।

    शीशे और दरवाजे खोलकर बच्चों को बाहर निकाला
    जानकारी के मुताबिक स्थानीय लोगों ने शीशे और दरवाजे खोलकर बच्चों को बाहर निकाला। कई बच्चों को चोटें आने की बात कही जा रही है, जबकि कुछ को अंदरूनी चोटें लगने की भी जानकारी है। परिजनों ने भी पता चलने पर मौके पर पहुंचकर बच्चों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे के लिए तेज रफ्तार और ड्राइवर की लापरवाही को जिम्मेदार बताया जा रहा है। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से डर के मारे बस को छोड़ कर फरार हो गया।

    14 साल की हैंडबॉल खिलाड़ी की मौत
    वहीं, आपको बता दें कि लुधियाना में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। लुधियाना के हैबोवाल इलाके में हुए एक सड़क हादसे में 14 वर्षीय हैंडबॉल खिलाड़ी अंशिका की मौत हो गई। अंशिका राज्य स्तर की हैंडबॉल प्लेयर थी। उसे स्टेट लेवल का मैच खेलने के लिए बठिंडा जाना था। लेकिन मैच से ठीक एक दिन पहले हुए हादसे ने उसकी जान ले ली।

  • ₹200 में करें उज्जैन के बड़े मंदिरों की सैर, CM यादव ने ई-बस में किया सफर

    ₹200 में करें उज्जैन के बड़े मंदिरों की सैर, CM यादव ने ई-बस में किया सफर

    उज्जैन
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  उज्जैन के श्री महाकाल लोक अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से ‘उज्जैन दर्शन’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ की शुरूआत हरी झंडी दिखाकर की। इसके साथ ही उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने की पहल शुरू हुई।

    महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालु अब 200 रुपये के एक ही टिकट पर शहर के 17 से अधिक प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों की इलेक्ट्रिक एसी बसों में बैठकर सैर कर सकेंगे। 27 किलोमीटर लंबे रूट पर संचालित इन बसों की सबसे बड़ी सुविधा हॉप-ऑन हॉप-ऑफ है। मतलब- यात्री किसी एक मंदिर पर उतरकर दर्शन कर सकता है और उसी टिकट पर अगली उपलब्ध बस से आगे जा सकता है।

    एक ही टिकट पर सभी बसों में यात्रा
    हरी झंडी दिखाने के बाद शक्ति पथ पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ स्वयं बस में सफर कर परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया। बस संचालन पर निगरानी रखने वाली कंपनी- उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी ने बताया कि ‘उज्जैन दर्शन’ बस सेवा की सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को हर मंदिर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग वाहन की व्यवस्था नहीं करनी होगी।

    200रु में उज्जैन दर्शन, 27.01 किलोमीटर का पूरा सर्किट
    उज्जैन दर्शन सेवा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका निर्धारण धार्मिक पर्यटन सर्किट है. सेवा मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगी और महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋण मुक्तेश्वर महादेव, भर्तहरि गुफा, गढ़कालिका माता मंदिर, कालभैरव, सिद्धि वट, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामन गणेश, अष्टविनायक, शनि नवग्रह, इस्कॉन मंदिर बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेगी। 

    200 रुपये के टिकट पर यात्री निर्धारित स्टाप पर उतरकर दर्शन कर सकेंगे और फिर उसी टिकट से अगली उपलब्ध बस में बैठकर आगे की यात्रा जारी रख सकेंगे।

    ये है खास
    इस हॉप-ऑन हॉप-ऑफ व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अपनी सुविधानुसार प्रमुख स्थलों पर रुकने का अवसर मिलेगा। टिकट का भुगतान डिजिटल माध्यम और यूपीआई से किया जा सकेगा। बस में यात्रियों को गाइड की सुविधा भी मिलेगी। बसों में जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा है। डिजिटल असिस्टेंट सह गाइड यात्रियों को प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के पौराणिक महत्व की जानकारी देगा।

    27 किमी के दायरे में इन स्थलों को यात्रा के लिए जोड़ा
    27 किलोमीटर लंबे उज्जैन दर्शन मार्ग पर 17 से अधिक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ा गया है। मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होने वाली बस महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा नदी के घाट, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव, सिद्धवट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह मंदिर और इस्कान मंदिर होते हुए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके बाद बस वापस मेघदूत वन पार्किंग पर लौटेगी।

    शहर के 12 अन्य मार्ग भी सक्रिय
    उज्जैन शहर में कुल 12 मार्गों में जो शैक्षणिक, धार्मिक, आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ेंगे उसमें तपोभूमि-पानविहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन-कालियादेह महल, कानीपुरा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-तपोभूमि, देवास-ताजपुर, देवास गेट-नए आरटीओ, महाकाल चौराहा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय-नानाखेड़ा, देवास गेट-मुरलीपुरा, तपोभूमि-नजरपुर और उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं।

    इन 12 मार्गों से गुजरेगी बस
    शहर में स्थानीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए 12 बस मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। इनमें तपोभूमि से पान विहार, रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कालोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा और अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा जैसे मार्ग शामिल हैं। इनसे आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान बनाने का लक्ष्य है।

    सिंहस्थ से पहले महत्वपूर्ण कदम
    सिंहस्थ 2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यह व्यवस्था निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहर के धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम पहल है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता नियमित संचालन, बसों की उपलब्धता और यात्रियों को समय पर सुविधा मिलने पर निर्भर करेगी।

    कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेश नाथ महाराज, डा. लता वानखेड़े, महापौर मुकेश टटवाल, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

    बस सरकार की, संचालन ग्रीन सेल का
    बस सेवा की पूरी व्यवस्था कई स्तरों पर काम करेगी। राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीएल) व्यवस्था देखेगी। इसके तहत उज्जैन संभाग के लिए यूसीटीसीएल काम करेगी। यूसीटीसीएल के एमडी मनीष सिंह और कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी हैं।

    नगर निगम आयुक्त, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी व्यवस्था से जुड़े हैं। बसों का प्रत्यक्ष संचालन ग्रीन सेल कंपनी करेगी। ड्राइवर-कंडक्टर उपलब्ध कराने से लेकर बस के मेंटेनेंस तक की जिम्मेदारी ग्रीन सेल की रहेगी। इसके बदले यूसीटीसीएल द्वारा ऑपरेटर को 58 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

    ये रहेगी संचालन की व्यवस्था
    यात्रियों से किराया लेने और फेयर कलेक्शन की जिम्मेदारी ‘चलो’ कंपनी को दी गई है। टिकट से मिलने वाली पूरी आय यूसीटीसीएल के पास जाएगी। ‘चलो’ कंपनी को बस संचालन के हिसाब से 8 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

    महाकाल लोक पुलिस स्टेशन शुरू
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने श्री महाकाल लोक पुलिस स्टेशन का भी शुभारंभ किया. महाकाल क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धलुओं की संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

    14.42 किलोमीटर सड़क, आरओबी और पुल का निरीक्षण
    मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया. लोक निर्माण विभाग द्वारा सीआईआरएफ के तहत निर्मित की जा रही 42.14 किलोमीटर लंबी सड़क और आरओबी व पुल निर्माण कार्यो को देखा. मुख्यमंत्री ने कहा, ''अवंतिका प्राचीन काल से गौरवशाली नगरी है. उज्जैन के सौंदर्यीकरण में नागरिक भी अपना योगदान दे रहे हैं. उज्जैन में मेट्रो ट्रेन की सौगात जल्द मिलने वाली है.'' प्रदेश में उद्योगिक विकास और अलग अलग शहरों के विकास से जुड़े प्रयासों के बारे में बताया। 

    172.87 करोड़ की 15 विकास परियोजनाएं
    मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को 172.87 करोड़ के 15 वि
    कास कार्यों की भूमिपूजन व लोकार्पण कर सौगात दी है. जिसमें 12 कार्य भूमिपूजन व 3 लोकार्पण है. भूमिपूजन में गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग, श्री महाकाल मंदिर परिसर का विकास और क्षिप्रा नदी के घाटों का जीर्णोद्धार शामिल है. साथ ही महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केप, चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास, उन्हेल में थाना भवन, पर्यटन विभाग से सबंधित कार्य. जिनकी लागत 153.31 करोड़ है. वहीं, 19.56 करोड़ के लोकार्पण में नीलगंगा और उन्हेल में निर्मित पुलिस आवास व थाना भवन, बड़नगर में निर्मित 33/11 के.वी विद्युत उपकेंद्र शामिल हैं। 

     

  • इंदौर में तेज रफ्तार सिटी बस का कहर, 4 लोग चपेट में आए; एक की मौत

    इंदौर में तेज रफ्तार सिटी बस का कहर, 4 लोग चपेट में आए; एक की मौत

    इंदौर.

    मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के प्रसिद्ध राजबाड़ा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। रविवार को एक बेकाबू सिटी बस ने राह चलते चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी।

    इस भीषण दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस फिलहाल सभी पीड़ितों की शिनाख्त करने में जुटी हुई है।

    घायलों का उपचार जारी
    एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिसौदिया से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा सिटी बस चालक की गफलत और लापरवाही के कारण घटित हुआ। अनियंत्रित बस अचानक सड़क से गुजर रहे पैदल यात्रियों पर चढ़ गई, जिससे चारों लोग उसकी चपेट में आ गए।

  • छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा टला! ओवरफ्लो पुल पर बहने लगी बस, पुलिस ने 70 यात्रियों को बचाया

    छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा टला! ओवरफ्लो पुल पर बहने लगी बस, पुलिस ने 70 यात्रियों को बचाया

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर के पास सारागांव में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोल्हान नाले के तेज बहाव में जय अंबे की बस फंस गई. रायपुर से बलौदाबाजार जा रही बस में 70 यात्री सवार थे.

    मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात थी. बाकी वाहनों की तरह बस को भी आगे जाने से रोका गया, लेकिन चालक ने ब्रेक नहीं लगाया. जानकारी के मुताबिक, विधानसभा थाना क्षेत्र के कोल्हान नाले में पानी के तेज बहाव को देखकर बस में सवार यात्रियों ने चालक को आगे जाने से मना किया. इसके बावजूद वह बस को आगे बढ़ाता गया. आगे से आ रही ट्रकों को रास्ता देने के लिए बस को साइड देना पड़ा. तभी तेज बहाव में बस फंस गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया. कुछ  लोगों ने घबराकर खिड़की से बाहर कूदने की तैयारी कर ली थी. स्थिति को संभालते हुए पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने बस के पास पहुंचकर लोगों को बाहर निकाले की प्रक्रिया शुरू की. दाई ओर की खिड़की से यात्रियों को बाहर निकाला गया. रेस्क्यू अभियान में ग्रामीणों ने भी पुलिस की मदद की. सभी 70 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया. पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया.

    पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है. पूछताछ में चालक से पता लगाया जा रहा  कि चेतावनी के बावजूद उसने बस को आगे क्यों बढ़ाया. साथ ही बस परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई. सीएसपी विधानसभा वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि शनिवार को कोल्हान नाले में पानी का बहाव बढ़ा हुआ था. मौके पर मौजूद टीम वाहनों को आगे जाने से रोक रही थी. इसके बावजूद यात्री बस आगे बढ़ गई. ट्रकों की आवाजाही के दौरान बस को साइड करना पड़ा, जिसके बाद वह पानी के बहाव में फंस गई. पुलिस ने तत्काल यात्रियों को खिड़कियों के रास्ते बाहर निकाला. सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और बस को भी बाहर कर लिया गया. चालक को हिरासत में लिया गया है. मामले में जांच जारी है.

  • उज्जैन में सिटी बस सेवा होगी शुरू, 12 रूट पर चलेंगी AC ई-बसें

    उज्जैन में सिटी बस सेवा होगी शुरू, 12 रूट पर चलेंगी AC ई-बसें

    उज्जैन
     
    महाकाल की नगरी उज्जैन में सरकारी परिवहन सेवा का इंतजार खत्म हो गया है। दो-तीन दिनों में सिटी 2 बस सेवा फिर शुरू होने वाली है। इसके लिए शुक्रवार-शनिवार को 10 ई-बसें (Ujjain e-buses service) शहर पहुंच जाएंगी। इन बसों को सबसे पहले उज्जैन दर्शन रूट पर उतारकर सिटी बस सेवा की शुरुआत की जाएगी।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना में शुक्रवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में भोपाल से कुछ जिलों में संचालन के लिए 351 बसों को झंडी दिखाई। उज्जैन की 10 सिटी बसें भी शामिल थीं। ये बसें शुक्रवार देर रात या शनिवार सुबह तक शहर पहुंच जाएंगी। इन बसों को 27 किलोमीटर से अधिक लंबे उज्जैन दर्शनी रूट पर संचालित किया जाएगा। संभावना है कि दो-तीन दिन में बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद यात्रियों को आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस इन ई-बसों मैं सुलभ सफर की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, अभी इसका किराया घोषित नहीं किया गया है। जल्द ही किराया और फेरों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

    यूसीटीएसएल को सौंपी संचालन की कमान
    मप्र में बसों के संचालन के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड (एमपीवायपीआइएल) नाम से राज्य स्तरीय कंपनी बनाई जा रही है। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री है। परिवहन सचिव मनीष सिंह है। जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत उज्जैन में सिटी बस संचालन के लिए उज्जैन नई व्यवस्था में यूसीटीएसएल अब सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (यूसीटीएसएल) थी। एमपीवायपीआइएल के अधीन सहायक कंपनी के रूप में कार्य करेगी। इसका कार्य क्षेत्र भी बढ़ाया है। अब यूसीटीएसएल के अधीन संभाग के सभी सातों जिलों की बस सेवा रहेगी। उज्जैन से ही संभाग के जिलों की बस सेवा पर नियंत्रण रखा जाएगा। उज्जैन में संचालित ई-सिटी बसों का संचालन यूसीटीएसएल के पूर्व माध्यम से होगा। संचालन के लिए में ही निजी ऑपरेटर का चयन किया जा चुका है। शासन ने उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी को जिम्मेदारी भी सौंपी है।

    इस रूट पर चलेगी उज्जैन दर्शन सेवा
    है। उज्जैन दर्शन रूट की लंबाई 27.01 किलोमीटर है। यह सिटी बस के आंतरिक शहर के लिए निर्धारित 12 रूट में तीसरे नंबर का सबसे बड़ा रूट इसमें मेघदूत वन से बस मिलेगी। उज्जैन दर्शन रूट मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगा, जो महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर, भर्तृहरि गुफाएं, गढ़कालिका, काल भैरव, सिद्धवट मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, चिंतामन गणेश मंदिर से होते हुए पुनः मेघदूत वन पर समाप्त होगा। शुरुआत में इस रूट पर 10 बसें उतारी जाएंगी। कुछ दिनों में इस रूट पर बसों की संख्या 15 भी हो सकती है।

    तीन महीने में 12 रूट पर दौड़ेंगी 100 बसें
    शहर को सिटी बस के लिए केंद्र से कुल 100 ई-बसें आवंटित हुई है। मक्सी रोड पुराने डिपो पर ई-बस डिपो तैयार किया जा रहा है। यहां चार्जिग स्टेशन का निर्माण जारी है। एक-दो दिन में 100 में से 20 बसें उज्जैन पहुंच जाएंगी। इससे यूसीटीएसएल उज्जैन दर्शन के बाद एक-दो और रूट पर ई-बस सेवा शुरू कर देगा। संभावना है कि तीन महीने में सभी 100 बसें उज्जैन को उपलब्ध हो जाएंगी। ऐसा होने पर इस वर्ष के अंत या नए साल की शुरुआत में सभी 100 बसें निर्धारित सभी 12 रूट पर दौड़ती नजर आएंगी। ये रूट शहर के एक से दूसरे छोर को जोड़ने के साथ ही आसपास के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों को भी उज्जैन से जोड़ रहे है।

    जल्द ऑन रोड होंगी बसें
    बस सुविधा के लिए उज्जैन की बसों को भोपाल में हरी झंडी दिखाई गई है। 10 ई-बसें उज्जैन के लिए रवाना हो गई हैं। दो तीन दिन में इन्हें ऑनरोड कर दिया जाएगा। शुरुआत उज्जैन दर्शन रूट से की जा रही है। चरणबद्ध रूप से सभी 100 ई-बसें ऑनरोड हो जाएंगी।-संदीप सोनी, सीईओ, यूसीटीएसएल

    11 रूट पर मिलेंगी बसें 
    उज्जैन दर्शन के बाद चरणबद्ध रूप से शेष 11 रूट पर सिटी बस सेवा शुरू की जाएगी। बसें इलेक्ट्रिक होंगी. 7 सीसीटीवी कैमरों संग अन्य सुरक्षा से लैस होंगी।

    रूट-यू1: तपोभूमि से पान बिहार, लंबाई 33.35 किमी।

    रूट-यू2: रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, लंबाई 9.48 किमी।

    रूट-यूः कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी, लंबाई 12.94 किमी।

    रूट-यू 4: देवासगेट से तपोभूमि, लंबाई 16.78 किमी।

    रूट-यूडः देवासगेट से ताजपुर, लंबाई 16 किमी।

    रूट-यू 6: देवासगेट से सांवराखेड़ी नए आरटीओ, लंबाई 8.97 किमी।

    रूट-यू महाकाल चौराहे से अभिलाषा कॉलोनी, 11.52 किमी।

    रूट-यू४: देवासगेट से नानाखेड़ा, लंबाई 4.25 किमी।

    रूट-यू9: अवंतिका विवि जवासिया से नानाखेड़ा, लंबाई 17.84 किमी।

    रूट-यू 10: देवासगेट से मरलीपुरा, लंबाई 5.03 किमी।

    रूट-यू11: तपोभूमि से नजरपुर, लंबाई 28.44 किमी।

    रूट-यू 12: उज्जैन दर्शन, लंबाई 27.01 किमी।

    (अभी किराया दर व रूट पर बसों की संख्या घोषित नहीं की गई

  • चलती बस में धुआं-बदबू के बाद लगी आग, 9 की मौत; ड्राइवर-कंडक्टर फरार

    चलती बस में धुआं-बदबू के बाद लगी आग, 9 की मौत; ड्राइवर-कंडक्टर फरार

    ग्रेटर नोएडा
     ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक यात्री बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। यह बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। यह भीषण हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। हादसे के समय बस में करीब 35 लोग सवार थे।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
    बताया जा रहा कि रात करीब 11 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर टोल के पास शॉर्ट सर्किट के चलते बस में आग लग गई। ड्राइवर ने आग लगने के बाद बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया था। लेकिन भीषण आग के चलते बस में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय कुछ यात्री तो बस से निकलने में कामयाब हो गए। लेकिन कुछ यात्रियों की बस के अंदर जलने से मौत हो गई। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

    सीएम योगी ने हादसे का लिया संज्ञान
    ग्रेटर नोएडा में हुए सड़क हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करवाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया है। 

    आग लगने के बाद बस में भर गया था धुआं
    इस हादसे में कई बच्चों और बुजुर्गों की मौत की भी खबर है। हादसे वाली बस का नंबर BR32 PA8647 है। बस में यात्रा कर रहे एक चश्मदीद ने बताया कि जब मैं सो गया था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे। बस से निकलना आसान नहीं था। बहुत ज़्यादा धुआं था। घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी।

    सीएम योगी ने मुआवजे का किया ऐलान
    ग्रेटर नोएडा बस हादसे पर सीएम योगी ने मुआवजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए को आर्थिक मदद का सीएम ने किया ऐलान. बस हादसे में 30 लोगों को पुलिस व बचाव दल ने सुरक्षित बचाया। 

    पुलिस अधिकारी ने बस हादसे की दी जानकारी
    साथ ही सीएम योगी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे हुई, जो जेवर थाना क्षेत्र में आता है. ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बस से कूदना शुरू कर दिया. हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया। 

    अभी भी फंसे हो सकते हैं कुछ और लोग
    आग की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद फायर टीम ने आग पर काबू पा लिया. चिंता की बात यह है कि कुछ लोगों के अभी भी बस में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. फायर विभाग के मुताबिक जब तक कूलडाउन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तबतक बस के अंदर तलाशी नहीं ली जा सकेगी। 

    बस ड्राइवर से की जा रही पूछताछ
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस के सभी प्रपत्र (फिटनेस, परमिट आदि) वैध पाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थानों पर भेजा जा रहा है।