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  • जयपुर में लिव-इन रिलेशनशिप का मामला, शादीशुदा बॉयफ्रेंड के साथ रह रही महिला के साथ क्या हुआ?

    जयपुर में लिव-इन रिलेशनशिप का मामला, शादीशुदा बॉयफ्रेंड के साथ रह रही महिला के साथ क्या हुआ?

     जयपुर

    राजस्थान के जयपुर में एक फ्लैट के अंदर 35 साल की महिला का लहूलुहान हालत में शव मिला. महिला युवराज नाम के एक शख्स के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. युवराज शादीशुदा था और अपनी पत्नी से अलग रहकर महिला के साथ रहता था. अब पुलिस को शक है कि महिला की हत्या की गई है और वारदात के बाद से युवराज फरार है। 

    घटना की जानकारी सुबह सामने आई. पड़ोस में रहने वाले लोगों ने फ्लैट के कमरे में महिला का शव पड़ा देखा. शव खून से लथपथ था. यह देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों ने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। 

    पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि रविवार रात महिला और युवराज के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. आशंका है कि इसी दौरान महिला पर किसी भारी चीज से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. हालांकि, विवाद किस बात पर हुआ था और महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी साफ नहीं है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। 

     सुबह करीब 10 बजे पड़ोस में रहने वाले लोगों की नजर फ्लैट के कमरे में पड़े महिला के शव पर पड़ी. इसके बाद उन्होंने पुलिस को खबर दी. पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया. मामला संदिग्ध होने के चलते फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की टीम को भी बुलाया गया। 

    टीम ने घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए, जिससे पता लगाया जा सके कि फ्लैट में आखिर हुआ क्या था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। 

    शादीशुदा था युवराज, पत्नी से अलग रह रहा था
    पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, महिला युवराज के साथ फ्लैट में रह रही थी. युवराज शादीशुदा था और अपनी पत्नी से अलग रहकर महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था. रविवार रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। 

    पत्रकार कॉलोनी थाना प्रभारी कविता यादव के मुताबिक, स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी. वहां महिला का शव मिला. शुरुआती जांच में हत्या की आशंका सामने आई है. पुलिस को शक है कि महिला की मौत के बाद युवराज फ्लैट छोड़कर फरार हो गया. अब उसकी तलाश की जा रही है। 

    पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रविवार रात फ्लैट में क्या हुआ था और महिला की मौत के पीछे असल वजह क्या थी. फिलहाल, इस मामले में युवराज की गिरफ्तारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से मिलने वाले साक्ष्यों के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी. अभी पुलिस हत्या की आशंका के आधार पर मामले की जांच कर रही है। 

  • भोपाल में महिला अपराधों में तेजी, साल के पहले 9 महीनों में 26% का इजाफा

    भोपाल में महिला अपराधों में तेजी, साल के पहले 9 महीनों में 26% का इजाफा

    भोपाल
     राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। शहर के पुलिस स्टेशनों से जुटाए गए आधिकारिक डेटा के अनुसार, साल 2026 के पहले नौ महीनों यानी 1 जनवरी से 30 सितंबर के बीच में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में पिछले साल की तुलना में लगभग 26% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के शुरुआती नौ महीनों में कुल 2,801 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल (2025) इसी अवधि में यह आंकड़ा 2,216 और साल 2024 में 2,482 था। इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले इस बार 585 मामले अधिक सामने आए हैं।

    किस कैटेगरी में कितनी बढ़ी बढ़ोतरी?
    डेटा पर नजर डालें तो विभिन्न श्रेणियों के अपराधों में काफी उछाल आया है:

        अपहरण: अपहरण के मामलों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है, जो पिछले साल के 337 मामलों से बढ़कर इस साल 505 पर पहुंच गए यानी इनमें लगभग 50% की बढ़ोतरी हुई है।

        बलात्कार: रेप के मामलों में 9.1% की वृद्धि हुई है, जो 2025 में 276 से बढ़कर 2026 में 301 हो गए। साल 2026 में गैंगरेप का एक मामला दर्ज किया गया, जबकि 2025 में ऐसा कोई मामला नहीं था (2024 में 3 मामले थे)।

        छेड़छाड़: छेड़छाड़ के मामले 289 से बढ़कर 323 हो गए, जो 11.8% की बढ़ोतरी को दर्शाते हैं।

        हत्या और जानलेवा हमला: हत्या के प्रयास के मामले पिछले साल के 5 से बढ़कर इस साल 15 हो गए यानी इनकी संख्या तीन गुना हो गई है। वहीं हत्या के मामले 8 से बढ़कर 10 हो गए।

        धमकी और क्रूरता: आपराधिक धमकी के सबसे ज्यादा 796 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल के मुकाबले 38.4% अधिक हैं। इसके अलावा, बीएनएस धारा 85 के तहत क्रूरता से जुड़े मामले 437 से बढ़कर 573 हो गए।

        हालांकि, कुछ श्रेणियों में राहत भी देखने को मिली है, जैसे साधारण चोट के मामले 78 से घटकर 42 रह गए और दहेज हत्याएं 8 से घटकर 6 हो गईं।

    पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?
    इस पूरे मामले पर बात करते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के मामलों की जांच शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर की जाती है और जांच पूरी होने के बाद तुरंत अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाती है।

    पुलिस कमिश्नर ने यह भी जानकारी दी कि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा और उन्हें जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत पुलिसकर्मियों को भी संवेदनशील बनाने के लिए कोर्सेज कराए जा रहे हैं, साथ ही लड़कियों के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ाया जा सके। इसके बावजूद, बढ़ते आंकड़े शहर में महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की मांग को और तेज कर रहे हैं।

     

  • बीवी को धमकी देने के बाद कोख में बच्चा, 3 बेटियां और पत्नी की बेरहमी से हत्या

    बीवी को धमकी देने के बाद कोख में बच्चा, 3 बेटियां और पत्नी की बेरहमी से हत्या

    नई दिल्ली

    दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में गर्भवती पत्नी और तीन बेटियों का गला काट देने वाले मुनचुन केवट ने गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि किस तरह वह क्रिकेट और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी की वजह से भारी कर्ज में आ गया था। इसे चुकाने के लिए उधार लिया और उसमें से भी एक लाख सट्टेबाजी में गंवा बैठा। फिर जब वसूली के लिए एक कॉल आया तो कथित तौर पर उसे कुछ ऐसी बातें कहीं गईं जिसके बाद उसने सबको खत्म कर देने का फैसला कर लिया। इस फोन कॉल के कुछ देर बाद ही वह 90 रुपये में कटलहल काटने वाला चाकू भी खरीदकर ले आया, जिससे पूरे परिवार की गर्दन, सांस नली तक काट डाली।

    वह सिरसपुर के चंदन पार्क में किराये के एक कमरे में 3 बेटियों और पत्नी सं ग रहने वाला मुनचुन मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। वह आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने का काम करता था। वह जुए और सट्टेबाजी की लत में आ चुका था। वह क्रिकेट मैचों और अन्य खेलों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी करता था। सट्टेबाजी में उसे काफी घाटा हो चुका था जिसकी वजह से भारी भरकम कर्ज में था।
    कर्ज चुकाने के लिए उधार, उसमें भी आधा जुए में हार गया

    जांचकर्ताओं के अनुसार, मुनचुन ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिछले महीने उसने ससुरालवालों से 2 लाख रुपये उधार लिए। उसने 60 हजार रुपये मिथिलेश नाम के एक कर्जदाता को कुछ हिस्सा चुकाया और 40 हजार एक लहसन आपूर्तिकर्ता को दिए। लेकिन बाकी बचे एक लाख रुपये उसने फिर जुए में लगा दिए और हार बैठा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार बहुत ज्यादा कर्ज और आर्थिक संकट में था जिसकी वजह से घरेलू तनाव था।