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  • ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सरमा का राहुल गांधी को जवाब, मोदी और BJP को लेकर किया बड़ा दावा

    ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सरमा का राहुल गांधी को जवाब, मोदी और BJP को लेकर किया बड़ा दावा

    नई दिल्ली
    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के बार-बार 'वोट चोरी' वाले आरोपों का मजाक उड़ाया और साफ कहा कि जब तक देश में सनातन धर्म रहेगा, तब तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) मजबूत होती रहेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व करते रहेंगे। बिहार के पूर्णिया में पदयात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरमा ने अमेरिका के हालिया चुनाव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आज ट्रंप अमेरिका में चुनाव हार गए हैं। उन्होंने आज सुबह राहुल गांधी को फोन करके पूछा कि क्या आप मुझे बता सकते हैं कि मैं भी यहां ‘वोट चोरी’ का कैंपेन कैसे शुरू कर सकता हूं? सरमा ने आगे कहा कि राहुल गांधी अब लगातार हार से तय होने वाली राजनीति के लिए एक मॉडल बन चुके हैं।

    अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए कहा कि राहुल गांधी, ध्यान से सुनिए। जब तक सनातन धर्म रहेगा, BJP इस देश में फलती-फूलती रहेगी और प्रधानमंत्री मोदी आगे बढ़ते रहेंगे। कल सुबह राम मंदिर जाएं। कम से कम दस लाख लोग आपको वोट दे सकते हैं। सरमा ने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने देश में एक नया आरोप लगाना शुरू कर दिया है कि वोट चुराए जा रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस देश में कुछ और ही चुराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं सुन रहा हूं कि वोट चुराए जा रहे हैं, लेकिन मेरे हिसाब से इस देश में कुछ तो चुराया जा रहा है, लेकिन वह वोट नहीं है। जो हो रहा है वह 'दिल चुराना' है।

    इस दौरान उन्होंने राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर राम मंदिर की जगह पर 500 साल तक बाबरी मस्जिद खड़ी रही और उस मस्जिद को तोड़कर राम मंदिर बनाया जाता है, तो क्या यह दिल चुराना है या नहीं? उन्होंने सीमांचल, असम और बंगाल के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई बाबर और औरंगजेब का नाम हटा देता है, तो क्या इसे वोट चुराना माना जाएगा? सरमा ने साफ कहा कि मेरा पक्का मानना है कि यह सीधे शब्दों में दिल चुराना है।

    सरमा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि चिंता मत करो, राहुल गांधी। मैं, सम्राट चौधरी और शुभेंदु अधिकारी सब मिलकर तुम्हें बांग्लादेश में पैराशूट से भेज देंगे। तुम वहां जरूर चुनाव जीतोगे। इस दैरान मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल किया कि क्या राहुल गांधी अभी तक अयोध्या में राम मंदिर गए हैं। उन्होंने कहा कि क्या राहुल गांधी अभी तक राम मंदिर गए हैं? अगर वह राम मंदिर नहीं जाते हैं, तो क्या सनातनी लोग अगली बार उन्हें वोट देंगे? अगर वे उन्हें वोट नहीं देते हैं, तो उनका हारना तय है। वह पहले से ही हारने की बात कर रहे हैं। फिर भी वह दावा करते रहते हैं कि वोट चुराए जा रहे हैं।

    इस दौरान सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोगों के भरोसे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब तक मोदी जी दिल चोरी करते रहेंगे, तब तक वोट-चोरी आंदोलन का कोई मतलब नहीं होगा। बहुत ज्यादा जोश है। लोग मोदी जी के साथ खड़े हैं और उन्होंने राहुल गांधी को सौ बार और हराने की कसम खाई है।

  • मुस्लिम बहुल सीट पर भाजपा की जीत से सियासी हलचल, देवाशीष शर्मा ने बदरुद्दीन अजमल को 1.4 लाख वोटों से हराया

    मुस्लिम बहुल सीट पर भाजपा की जीत से सियासी हलचल, देवाशीष शर्मा ने बदरुद्दीन अजमल को 1.4 लाख वोटों से हराया

    नई दिल्ली
    देश में आंदोलन के जरिए विपक्ष लगातार सरकार विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक में इस बा की चर्चा हो रही है। हालांकि, जब चुनावी राजनीति की बात आती है तो यहां आज भी भाजपा का वर्चस्व दिखता है। हाल ही में संपन्न विधानसभा और लोकसभा उपचुनाव के नतीजों ने तो और चौंका दिया है। बंगाल की रेजीनगर विधानसभा और असम की नगांव विधानसभा सीट के नतीजे ने जरूर विपक्ष की चिंता बढ़ा दी होगी। इन दोनों मुस्लिम बहुत सीट पर भाजपा ने शानदार जीत हासिल की है। रेजीनगर जीतने के बाद तो पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने तो यहां तक कह दिया है कि मुस्लिम हमारे (भाजपा के) दोस्त बन गए हैं।

    रेजीनगर की चर्चा हमने पहले भी की थी। आज हम असम के नगांव लोकसभा सीट के बारे में आपको बताने वाले हैं, जहां करीब 13 मुस्लिम बताए जा रहे हैं। यहां हिंदू मतदाताओं की आबादी महज सात लाख के करीब है। विपक्ष यह मानकर चलता है कि मुस्लिम और भाजपा एक-दूसरे के लिए सियासी अछूत हैं। हालांकि इस दोनों नतीजों ने इस धारना को बदलकर रख दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि असम में भाजपा ने यह कमाल कैसे कर दिखाया।

    सरमा रहे जीत के रणनीतिकार
    असम की इस सीट पर जीत के सबसे बड़े रणनीतिकार मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को माना जा रहा है। इस उपचुनाव में भाजपा की रणनीति और प्लानिंक काफी हद तक काम की है। 2023 में सीटों के नए बंटवारे के बाद नगांव सीट साफ तौर पर मुस्लिम-बहुमत वाली लोकसभा सीट बन गई। यहां BJP की जीत मुश्किल लग रही थी। सरमा ने उम्मीदवार चयन से लेकर चुनाव प्रचार तक की रणनीति खुद संभाली। भाजपा ने यहां पूर्व IAS अधिकारी और इसी जिले में अपनी सेवा दे चुके देवाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया। उन्होंने बदरुद्दीन अजमल को करीब 1.4 लाख मतों से हरा दिया। कांग्रेस यहां पिछड़कर तीसरे नंबर पर जा पहुंची।

    मुस्लिम वोटरों का विपरीत ध्रुवीकरण रोका
    हिमंत सरमा ने उपचुनाव से काफी पहले ही देवाशीष शर्मा को नगांव का कमिश्नर नियुक्त कर दिया था। इस दौरान उन्होंने सभी समुदायों तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने की कोशिश की। इससे क्षेत्र में उनकी छवि अच्छी बन गई। जब उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान चलाए जा रहे थे तब इस बात का ध्यान रखा गया कि मुस्लिम वोटरों का विपरीत ध्रुवीकरण नहीं हो। इससे बचने के लिए प्रचार को जान-बूझकर लो प्रोफाइल रखा गया। वहीं, हिंदू वोट मजबूती से एकजुट हो गए।

    इस उपचुनाव में बदरुद्दीन अजमल देर से मैदान में उतरे। इसकी वजह से विपक्ष बंट गया और उपचुनाव होने की वजह से विचारधारा से जुड़े बड़े मुद्दों का असर भी कम रहा। वहीं, हिमंत सरमा को चुनाव मैनेजमेंट का माहिर खिलाड़ी माना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि वह पिछली हार से सीखते हैं। यही वजह है कि उन्होंने इस उपचुनाव की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी थी।