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  • पंजाब में आतंकी साजिश का पर्दाफाश, ISI से जुड़े 5 आरोपी गिरफ्तार

    पंजाब में आतंकी साजिश का पर्दाफाश, ISI से जुड़े 5 आरोपी गिरफ्तार

    अमृतसर.

    अमृतसर रूरल पुलिस ने त्यौहारों के बीच पंजाब को देहलाने की कोशिश को नाकाम कर दिया है। लोपोके क्षेत्र में हथियारों और विस्फोटक सामग्री की तस्करी से जुड़े मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI का हाथ भी सामने आया है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपित कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से इंटरनेट काल के जरिये संपर्क में थे। वे ड्रोन के माध्यम से हथियार, गोला-बारूद, हथगोले और अन्य विस्फोटक सामग्री मंगवाकर पंजाब के विभिन्न गांवों, कस्बों और शहरों में आपराधिक तत्वों तक पहुंचाते थे। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने इस कार्रवाई की जानकारी अपने एक्स हैंडल पर साझा की है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे तस्करों के संपर्क में थे। ये तस्कर कथित तौर पर अवैध हथियारों की आपूर्ति करते थे, जिन्हें आगे आपराधिक तत्वों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस अब  नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

    छेहरटा और लोपोके थाने में FIR दर्ज
    इस मामले में पुलिस थाना छेहरटा और लोपोके में FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके तार कहां-कहां जुड़े हुए हैं। जांच में हथियारों और नशे की सप्लाई के स्रोतों के साथ-साथ नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है।

    नशा-हथियार तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई
    पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में नशा तस्करी, अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी तथा संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य ऐसे नेटवर्क को खत्म कर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

  • पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप, दिल्ली में पति-पत्नी साहिल और समीरा गिरफ्तार

    पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप, दिल्ली में पति-पत्नी साहिल और समीरा गिरफ्तार

    नई दिल्ली

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मियां-बीवी को गिरफ्तार कर आईएसआई समर्थित पाकिस्तान आधारित जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बताया कि मोहम्मद साहिल और उसकी पत्नी समीरा 2024 में सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में आए थे। आरोप है कि इस जोड़े ने दुबई के रास्ते पाकिस्तान को 30000 रुपए में 8 भारतीय सिम कार्ड भेजे और संवेदनशील जानकारी जुटाने में मदद की। साहिल को छावनी इलाकों की रेकी के लिए लोगों को भर्ती करने का काम भी सौंपा गया था। उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें आपत्तिजनक चैट मिली हैं।

    स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज को दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। इस जानकारी पर आगे काम करने पर पता चला कि इस मॉड्यूल ने लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के लिए दिल्ली में कुछ स्थानीय लोगों को भर्ती कर उनके जरिए भारतीय सिम कार्ड हासिल किए थे। इसके अलावा, भारतीय रक्षा से जुड़ी संवेदनशील और गुप्त जानकारी इकट्ठा करने के लिए पाकिस्तान से इन नंबरों पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल किया जा रहा था।

    टीम ने मॉड्यूल के सदस्यों की पहचान की। उसके बाद दिल्ली के सराय काले खां के रहने वाले मोहम्मद असफाक के बेटे साहिल को गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तानी एजेंटों के साथ आपत्तिजनक चैट मिलीं। पूछताछ में पता चला कि 2024 में साहिल अपनी दोस्त समीरा के जरिए इंस्टाग्राम पर एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आया था। बाद में उसने समीरा से शादी कर ली। उस पाकिस्तानी एजेंट ने साहिल और समीरा को एक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से मिलवाया। धीरे-धीरे उसने साहिल और समीरा को अपने नेटवर्क के लिए काम करने के लिए तैयार कर लिया और उन्हें इसके बदले पैसे देने का वादा किया।

    साहिल और समीरा से कहा गया कि वे दिल्ली में पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव नेटवर्क को लॉजिस्टिक्स में मदद करें। साथ ही जासूसी और फील्ड ऑपरेशन के लिए और लोगों को भर्ती करें। 2024 और 2025 में साहिल और समीरा ने दुबई के रास्ते 8 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे। इसके लिए पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उन्हें 30000 रुपए दिए। इन नंबरों पर पाकिस्तान में वाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट किए गए और पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव जानकारी जुटाने के लिए कुछ भारतीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में शामिल होने में कामयाब रहे। पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव ने इन वाट्सएप अकाउंट्स का इस्तेमाल संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने के लिए भारतीयों से संपर्क करने में किया।

    साहिल को भारत में अलग-अलग जगहों पर छावनी इलाकों की रेकी (जासूसी) करने और उन आर्मी जवानों की जानकारी देने का काम भी सौंपा गया था, जिनके कोर्ट मार्शल की कार्यवाही ट्रिब्यूनल में लंबित है। साहिल से पूछताछ के बाद उसकी पत्नी समीरा को गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तानी संस्थाओं को सिम कार्ड उपलब्ध कराने में उसकी अहम भूमिका थी। उनके मोबाइल फोन के फोरेंसिक विश्लेषण में साहिल, समीरा और पाकिस्तानी हैंडलर्स के बीच व्हाट्सएप चैट सहित कई आपत्तिजनक बातचीत मिलीं।

    उनसे पूछताछ से पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव्स के काम करने के तरीके का पता चला और इस मॉड्यूल की संरचना और कामकाज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस ऑपरेशन से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए ओवर-ग्राउंड वर्कर्स और स्लीपर सेल्स के साथ तालमेल बिठाने के उनके तरीकों के बारे में अहम जानकारी सामने आई। इस ऑपरेशन को अंजाम देकर दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव्स द्वारा की जा रही जासूसी गतिविधियों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया।

    साहिल ने इग्नो से बीए किया है
    2001 में जन्मे मोहम्मद साहिल ने इग्नो से बीए करने के बाद एलएलबी करने के लिए एक वकील के साथ काम करना शुरू किया। जून 2025 में उसने नौकरी छोड़ दी और तब से बेरोजगार है। 2022 में उनकी मुलाकात समीरा से हुई, जिससे बाद में उसने शादी कर ली। उसके पिता मोहम्मद अशफाक 1982 में अपने गृहनगर बदायूं से दिल्ली आ गए और सराय काले खां में बस गए। वे कार मैकेनिक के तौर पर काम करते हैं। साहिल की एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है।

    कॉल सेंटर में काम कर रही थी समीरा
    2005 में जन्मी समीरा ने दिल्ली से 12वीं करने के बाद कॉरेस्पोंडेंस के जरिए बीए किया। गिरफ्तारी से पहले वह नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम कर रही थी। उसके पिता नदीम 1996 में अपने गृहनगर बिजनौर से दिल्ली आए और शकूरपुर में बस गए। वे शकूरपुर के स्थानीय बाजारों में कोल्ड ड्रिंक्स और पानी की बोतलें सप्लाई करते हैं। समीरा की एक छोटी बहन भी है।

  • जासूसी का सनसनीखेज मामला: मेरठ से गिरफ्तार सबा फरहत, पिता ISI एजेंट होने की जांच

    जासूसी का सनसनीखेज मामला: मेरठ से गिरफ्तार सबा फरहत, पिता ISI एजेंट होने की जांच

     मेरठ 
     मेरठ के थाना दिल्ली गेट पुलिस ने जली कोठी निवासी पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजिया को गिरफ्तार कर लिया. सबा वर्ष 1988 में फरहत मसूद से निकाह के बाद लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थी और पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के यहां रह रही थी. 

    आरोप है कि उसने अपनी पाकिस्तान में जन्मी बेटी एनम के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट बनवाया और कई देशों की यात्राएं की. स्थानीय महिला रुखसाना की शिकायत पर हुई जांच में वोटर आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है.

    फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश यात्रा

    शिकायत के अनुसार, सबा ने 1993 में पाकिस्तान में बेटी एनम को जन्म दिया था और उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लाई थी. एनम को भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई, फिर भी फर्जी कागजात के आधार पर उसका भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया. 

    सबा ने खुद भी वोटर लिस्ट में सबा मसूद और नाजिया मसूद के नाम से दो अलग-अलग वोट बनवा रखे थे. इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे मां-बेटी ने पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है.

    जासूसी और स्लीपर सेल बनाने का आरोप
    दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट हैं. सबा और उसकी अधिवक्ता बेटी एनम पर आरोप है कि वे सैन्य इलाकों और दिल्ली स्थित विभिन्न मंत्रालयों में घूमकर गोपनीय सूचनाएं जुटाती थीं. शिकायतकर्ता ने उन पर आईएसआई के लिए जासूसी करने और भारत में स्लीपर सेल तैयार करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब इन सभी इनपुट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें.

    पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच
    मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने पुष्टि की है कि दिल्ली गेट थाने में मामला पंजीकृत होने के बाद जांच की गई. जांच में महिला द्वारा बिना अनुमति यात्रा करने और फर्जी तरीके से वोटर आईडी बनवाने के आरोप सही पाए गए हैं. इसी आधार पर सबा फरहत को गिरफ्तार किया गया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा. पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.