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  • पंजाब के झोटा हत्याकांड में बढ़ सकती हैं कई अफसरों की मुश्किलें, हथियार लाइसेंस की भी होगी जांच

    पंजाब के झोटा हत्याकांड में बढ़ सकती हैं कई अफसरों की मुश्किलें, हथियार लाइसेंस की भी होगी जांच

     मानसा

    मानसा में एंटी ड्रग टास्क फोर्स के संचालक परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एंट्री के बाद कई अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। CBI ने 13 अक्टूबर को इस मामले में FIR दर्ज की थी।

    हत्या के आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के कथित संपर्क में रहे कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इनमें पुलिस अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, CBI हत्या की साजिश, आरोपी के संपर्कों और उसे हथियार लाइसेंस जारी किए जाने से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मानसा में जांच के लिए CBI की तीन टीमें सक्रिय बताई जा रही हैं।

    दुकानों के मालिकों से भी पूछताछ मामले की जांच के लिए CBI की तीन टीमें मानसा में अलग-अलग स्थानों पर साक्ष्य जुटा रही हैं। जांच एजेंसी की फोरेंसिक टीम ने आरोपी अश्वनी कुमार के मेडिकल स्टोर से सैंपल एकत्र किए हैं। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास स्थित दुकानों के मालिकों से भी पूछताछ की गई है। जांच टीम घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है।

    जूतों की दुकान पर भी पहुंची फोरेंसिक टीम CBI की टीम ने घटनास्थल के पास स्थित एक जूतों की दुकान का भी निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि गोली लगने के बाद परविंदर सिंह झोटा आखिरी बार इसी दुकान पर गिरे थे। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने यहां से भी सैंपल जुटाए हैं। इन साक्ष्यों की जांच से वारदात के घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।

    SSP की सिफारिश पर जारी हुआ लाइसेंस मानसा के SSP ने 9 अगस्त 2024 को पत्र संख्या 91/NAL के तहत अश्वनी कुमार को हथियार लाइसेंस देने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश में उसके खिलाफ दर्ज पांच पुलिस मामलों का भी उल्लेख था। इनमें मानसा के सिटी-2 थाने में 4 अप्रैल 2024 को दर्ज FIR नंबर 66 को उसकी सुरक्षा से जुड़े आधार के तौर पर पेश किया गया था।

    इसके बावजूद 21 अगस्त 2024 को लाइसेंस जारी कर दिया गया। इसकी वैधता 20 अगस्त 2029 तक थी। लाइसेंस के तहत अश्वनी कुमार के पास 7.62 एमएम की पिस्टल और 12 बोर की बंदूक थी। उसे एक बार में 50 और एक साल में अधिकतम 100 कारतूस खरीदने की अनुमति भी दी गई थी।

    आरोपी के पास पिस्टल और 12 बोर की बंदूक अश्वनी कुमार के पास 7.62 एमएम की एक पिस्टल और 12 बोर की एक बंदूक थी। उसके हथियार लाइसेंस की वैधता 21 अगस्त 2024 से 20 अगस्त 2029 तक बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, झोटा की हत्या में आरोपी ने लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किया था। सूत्रों का कहना है कि CBI आरोपी के हथियारों और उनसे संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

    रंजिश के एंगल से भी जांच हत्या के पीछे पुरानी रंजिश का मामला भी सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार, अश्वनी कुमार वर्ष 2023 की एक घटना के बाद से परविंदर सिंह झोटा से नाराज था।बताया गया है कि उस दौरान झोटा ने अश्वनी कुमार को जूतों की माला पहनाकर शहर में घुमाया था। इस घटना से अश्वनी खुद को अपमानित महसूस करता था। पुलिस के मुताबिक, इसी रंजिश के चलते वह लंबे समय से झोटा को नुकसान पहुंचाने की फिराक में था।

    आरोपी की पत्नी भी साजिश में नामजद पुलिस के अनुसार, अश्वनी कुमार की पत्नी नीलम रानी को अपने पति की कथित योजना की जानकारी थी। इसके बावजूद उसने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही पति को रोकने का प्रयास किया। इसी आधार पर पुलिस ने नीलम रानी को भी हत्या की साजिश में नामजद किया है। हालांकि, उसकी आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा।

    मुख्य आरोपी 5 दिन के CBI रिमांड पर परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को 5 दिन के CBI रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी को मोहाली की CBI कोर्ट में पेश किया गया था। अब जांच एजेंसी उससे हत्या की साजिश, हथियार लाइसेंस और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकेगी।

  • झोटा हत्याकांड: 13 दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं, दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक होगा प्रदर्शन

    झोटा हत्याकांड: 13 दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं, दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक होगा प्रदर्शन

    मानसा 

    एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के हत्याकांड के विरोध में एक्शन कमेटी ने आज पंजाब भर में आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह झाड़ू को जलाने का ऐलान किया है। दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक गांवों और शहरों में प्रदर्शन किया जाएगा। 

    कमेटी ने किसान-मजदूर व कर्मचारी संगठनों, दुकानदारों और आम लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। इसके अलावा मानसा और आसपास के जिलों के गांवों से लोगों को मोर्चे पर पहुंचने का आह्वान किया गया है।

    इसी बीच हत्या की जांच कर रही CBI ने शनिवार सुबह ही मानसा के कई मेडिकल स्टोरों में रेड की, जहां प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री और स्टॉक को लेकर पड़ताल की गई।

    13 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की केमिस्ट अश्विनी कुमार ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। अभी तक झोटा का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। परिवार सीएम और DGP के इस्तीफे पर अड़ा हुआ है। हालांकि SIT का कहना है कि 11 मांगें ली गई हैं।

    पिता बोले- मानसा SSP को ट्रांसफर करें झोटा के पिता भीम सिंह ने मानसा के SSP वैभव चौधरी के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि झोटा की हत्या में पुलिस की भी मिलीभगत हो सकती है। इसलिए, SSP को तुरंत यहां से ट्रांसफर किया जाए। इसके अलावा सस्पेंड किए गए DSP हरजिंदर सिंह गिल और थाना सिटी-2 की SHO बेअंत कौर को तुरंत नौकरी से डिसमिस किया जाए।

    CM-DGP के इस्तीफे पर अड़ी एक्शन कमेटी झोटा हत्याकांड को लेकर एक्शन कमेटी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना रुख स्पष्ट किया। कमेटी के सदस्य मानिक गोयल ने कहा कि परिवार की पहली दो मांगें मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी के इस्तीफे की हैं। जब तक दोनों इस्तीफा नहीं देते, तब तक सरकार के साथ बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकती।

     

  • झोटा हत्याकांड में 11 दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं, निहंगों ने पत्नी को चुनाव लड़ाने की मांग की

    झोटा हत्याकांड में 11 दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं, निहंगों ने पत्नी को चुनाव लड़ाने की मांग की

    मानसा
    मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 11 दिन बाद भी उनके शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। परिवार और एक्शन कमेटी अपनी 10 मांगों पर अड़े हैं। झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने साफ कहा है कि पंजाब सरकार जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं देती। 

    इस बीच, मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने उसका नाम पंजीकृत फार्मासिस्टों के रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया है।

    गुरुवार को धरने में निहंग बाबा राजा राज सिंह भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर झोटा आज जिंदा होते, तो हम उन्हें चुनाव मैदान में उतारते, लेकिन अफसोस कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने कहा कि अब झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को विधायक का चुनाव लड़वाया जाए, ताकि झोटा ने नशे को खत्म करने का जो सपना देखा था, उसे मनप्रीत कौर पूरा कर सकें।

    उन्होंने कहा कि अगर मनप्रीत कौर के हाथ में ताकत आती है, तो किसी भी डीएसपी या एसएचओ की हिम्मत नहीं होगी कि वह मानसा शहर में नशा बिकने दे। अगर मनप्रीत कौर को सत्ता मिलती है, तो वह मानसा जिले को नशामुक्त कर देंगी। सभी पक्षों को एक मंच पर एकजुट होकर मनप्रीत कौर को कामयाब बनाना चाहिए।

    फार्मेसी काउंसिल ने अश्वनी का रजिस्ट्रेशन रद्द किया
    पंजाब फार्मेसी काउंसिल की कार्यकारी कमेटी ने 20 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द करने का फैसला लिया। इसके बाद 22 अक्टूबर को रजिस्ट्रार ने इस संबंध में पत्र जारी किया। आदेश के तहत अश्वनी का नाम पंजीकृत फार्मासिस्टों के आधिकारिक रजिस्टर से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई फार्मेसी एक्ट, 1948 की धारा 36(1)(ii) के तहत की गई है।

    साल 2020 में जारी हुआ था रजिस्ट्रेशन
    पंजाब फार्मेसी काउंसिल के रिकॉर्ड के मुताबिक, अश्वनी कुमार पुत्र देस राज निवासी वार्ड नंबर 19, गुरुद्वारा स्ट्रीट, मोहल्ला वीर नगर, मानसा का रजिस्ट्रेशन नंबर 51464 था। यह 10 जुलाई 2020 को जारी हुआ था। काउंसिल के पत्र संख्या PPC-2026/4292 के अनुसार, रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है।

    CBI ने आरोपियों के घर खंगाले उधर, CBI ने जांच तेज कर दी है। गुरुवार को सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार और उसके साथी विपिन कुमार के घरों में 8 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। CBI ने श्मशान घाट रोड पर मौजूद मानसा मेडिकल हॉल की चेकिंग की। दुकानदारों से भी पूछताछ की गई। दूसरी ओर, अदालत ने हत्याकांड के चारों आरोपियों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

     मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआई अब नशीली दवाओं की आपूर्ति के नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, मोहाली और कुराली स्थित दो दवा फैक्ट्रियां जांच एजेंसी के रडार पर हैं। 

    मामले के आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार ने पुलिस पूछताछ में दवाओं की खेप मोहाली से मंगवाने की बात कही थी। अब इन फैक्ट्रियों में दवाओं के उत्पादन और आपूर्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।

    सूत्रों का दावा है कि इन फैक्ट्रियों से मानसा में नशीली दवाओं की आपूर्ति होती थी। सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि दवाएं किन माध्यमों से मानसा पहुंचती थीं और इस नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी। मानसा में 13 अक्तूबर को अश्वनी कुमार पर झोटा की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा था। 

    उत्पादन और बिक्री रिकॉर्ड की पड़ताल
    सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई फैक्टरी संचालकों और उनके साझेदारों से उत्पादन और बिक्री का रिकॉर्ड मांग सकती है। जांच में यह मिलान किया जाएगा कि कितनी दवाओं का उत्पादन हुआ, उनकी आपूर्ति किन वितरकों और मेडिकल स्टोरों को की गई और बिक्री के लिए कौन-से बिल जारी किए गए। इससे नियमों के उल्लंघन के जरिए दवाओं की आपूर्ति किए जाने का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

    ड्रग इंस्पेक्टर की भूमिका भी जांच के दायरे में
    मामले में ड्रग इंस्पेक्टरों और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। सूत्रों के अनुसार, निलंबित ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। अश्वनी कुमार के मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित होने के बाद कथित तौर पर कम समय में बहाल होने की परिस्थितियों की भी जांच की जा सकती है।

    13 अक्तूबर को हुई थी हत्या
    मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। झोटा की हत्या के बाद पूरे पंजाब में आक्रोश फैल गया है।   

     

  • झोटा हत्याकांड में बढ़ा विवाद, परिवार अपनी 5 मांगों पर अड़ा; अस्पताल पहुंचे SGPC अध्यक्ष

    झोटा हत्याकांड में बढ़ा विवाद, परिवार अपनी 5 मांगों पर अड़ा; अस्पताल पहुंचे SGPC अध्यक्ष

    मानसा
    मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के पाँचवे दिन भी परिवार और लोगों का धरना जारी है। परिवार सीएम भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे, सीबीआई जांच समेत 5 मांगों पर अड़ा हुआ है। प्रशासन कई बार परिवार से बातचीत कर चुका है, लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं हुआ। 

    पिता भीम सिंह का कहना है कि मांगें पूरी होने के बाद ही बेटे की डेडबॉडी लेंगे। अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं हुआ है। शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा हुआ है।

    गुरुवार में हत्या के विरोध में पंजाब बंद रहा। प्राइवेट स्कूल-कॉलेज के साथ बाजार बंद रहे। किसान संगठनों ने नेशनल हाईवे जाम किए। पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया। लुधियाना में प्रदर्शन के दौरान CM मान का होर्डिंग उतारने पोल पर चढ़े युवक की करंट लगने से मौत हो गई।

    उधर, मामला बढ़ता देख सीएम मान ने आज हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। वहीं, मानसा लक्ष्मी नारायण मंदिर में शहर के लोगों और सीनियर पुलिस अधिकारियों की भी मीटिंग तय है।

    झोटा की 13 अक्टूबर को नशा बेचने का विरोध करने पर मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस अश्विनी कुमार के साथ उसकी पत्नी नीलम रानी और मदद करने वाले को गिरफ्तार कर चुकी है। उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

    मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि अश्विनी ने वारदात के बाद अपना मोबाइल फोन फेंक दिया था। अश्विनी ने आखिरी कॉल अपने चाचा को की थी, जबकि अपने बेटे को चार कॉल की थीं।

    ड्रग इंस्पेक्टर से देर रात तक पूछताछ इस मामले में आरोपी मेडिकल संचालक अश्विनी कुमार के लाइसेंस रिन्यूअल को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर नरेश की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और मानसा के डिप्टी कमिश्नर ने मामले से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया है। वहीं, ड्रग इंस्पेक्टर से देर रात तक पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    जांच का मुख्य बिंदु यह है कि मेडिकल संचालक के खिलाफ मामले दर्ज होने और शिकायतें मिलने के बावजूद उसके मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बार-बार कैसे रिन्यू होता रहा। विभागीय अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि लाइसेंस रिन्यूअल के दौरान संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।

    मामले में अब तक क्या-क्या हुआ…
        मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या: 13 अक्टूबर मानसा में मेडिकल स्टोर पर नशे की बिक्री को लेकर परविंदर सिंह झोटा और दुकान मालिक अश्विनी कुमार के बीच विवाद हुआ। झोटा फेसबुक पर लाइव थे। इसी दौरान अश्विनी ने उन पर गोलियां चला दीं। झोटा की मौत हो गई और उनके चार साथी घायल हुए।

        मुख्य आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार: 14 अक्टूबर को पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। मामले में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति को भी आरोपी की फरारी में मदद करने के आरोप में पकड़ा।

        मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़, घर का हिस्सा गिराया: 14 अक्टूबर को हत्या के विरोध में लोगों ने आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसके घर का एक हिस्सा अवैध निर्माण का हवाला देकर गिराया।

        परिवार ने अंतिम संस्कार रोका, रखीं मांगें: झोटा के पिता भीम सिंह ने इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही। परिवार ने सीबीआई जांच, पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमॉर्टम और मुख्यमंत्री भगवंत मान व डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे समेत 5 मांगें रखीं।

        पंजाब बंद, बाजार-हाईव बंद किए: 15 अक्टूबर को पंजाब बंद रखा गया। कई जगह बाजार बंद रहे और धरने हुए। किसान संगठनों, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया। स्कूल, बाजार और हाईवे बंद किए गए। झोटा के पिता ने बंद को सफल बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद किया और अगले दिन से दुकानें खोलने की अपील की।

        पत्नी भी नामजद, थाना प्रभारी सस्पेंड: मानसा के SSP वैभव चौधरी ने बताया कि आरोपी की पत्नी नीलम रानी की भी भूमिका सामने आने के बाद उसे भी मामले में नामजद कर गिरफ्तार किया गया। थाना सिटी-2 की प्रभारी बेअंत कौर को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं DSP हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ जांच के लिए DGP ऑफिस को सिफारिश की गई है।

        हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सीबीआई जांच की मांग: हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका में पुलिस की भूमिका के साथ मेडिकल स्टोर के ड्रग लाइसेंस और आरोपी के हथियार लाइसेंस की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई।

    मामले दर्ज होने के बाद लाइसेंस जारी किया अश्विनी के खिलाफ पांच मामले दर्ज होने के बावजूद जिला प्रशासन ने 21 अगस्त 2024 को उसका हथियार लाइसेंस जारी किया था। खास बात यह है कि लाइसेंस की सिफारिश करते समय पुलिस रिकॉर्ड में इन मामलों का उल्लेख भी किया गया था।

    अश्विनी कुमार के खिलाफ वर्ष 2013 से 2026 तक कुल 6 एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से दो मामलों में उसे अदालत से बरी किया जा चुका है, जबकि तीन मामले धारा 188 के तहत दर्ज होने की बात कही गई है। छठा मामला 14 अक्टूबर 2026 को झोटा हत्याकांड के संबंध में दर्ज किया गया।

    जानकारी के अनुसार, अश्विनी के पास 7.62 एमएम की पिस्टल और 12 बोर की गन थी। लाइसेंस की वैधता 21 अगस्त 2024 से 20 अगस्त 2029 तक थी। उसे एक बार में 50 कारतूस खरीदने और सालभर में अधिकतम 100 कारतूस खरीदने की अनुमति भी दी गई थी।

     

  • SGPC का ऐलान: झोटा की फोटो सिख अजायबघर में लगेगी, घायलों को 5 लाख की मदद

    SGPC का ऐलान: झोटा की फोटो सिख अजायबघर में लगेगी, घायलों को 5 लाख की मदद

    अमृतसर 

    पंजाब की युवा पीढ़ी को नशों से बचाने के संघर्ष में जान गंवाने वाले भाई परविंदर सिंह झोटा की तस्वीर केंद्रीय सिख अजायबघर में लगेगी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने शनिवार को भाई झोटा के पिता बापू भीम सिंह से बताई। 

    धामी ने कहा कि सिख कौम भाई झोटा की कुर्बानी हमेशा याद रखेगी। नशों के खिलाफ उनके संघर्ष को आगे बढ़ाना समय की जरूरत है। एसजीपीसी परिवार के साथ है और हर संभव मदद करेगी। भाई झोटा के साथ घायल हुए युवाओं का हाल जानने के बाद धामी ने प्रत्येक घायल को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया।

    कमेटी इलाज का पूरा खर्च उठाएगी
    उन्होंने बताया कि अगर घायल चाहें तो एसजीपीसी उनका इलाज श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज अमृतसर में करवाएगी। कमेटी इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। धामी ने कहा कि अजायबघर में उनकी तस्वीर लगाने का मकसद उनके संघर्ष और युवा पीढ़ी को नशों से बचाने के संकल्प को याद रखना है।

    बच्चों के नाम 10-10 लाख की FD की पेशकश
    SGPC प्रधान ने परविंदर सिंह झोटा के दो बच्चों के नाम पर 10-10 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाने और उनकी परवरिश की जिम्मेदारी उठाने की पेशकश की। हालांकि, झोटा के पिता भईम सिंह ने अपने परिवार के लिए यह मदद लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि परमात्मा की कृपा से उनका परिवार आत्मनिर्भर है।

    संघर्ष कर रही संगत के लिए लंगर जारी रहेगा
    एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इंसाफ के लिए संघर्ष कर रही संगत के लिए लगातार लंगर सेवा जारी रखने और शौचालयों सहित अन्य जरूरी सुविधाओं का प्रबंध करने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में SGPC परिवार के साथ खड़ी है। परिवार की ओर से जो भी आदेश दिया जाएगा, उसे स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार के दुख को शब्दों में बयां करना मुश्किल है, लेकिन सिख संस्थाओं का फर्ज है कि ऐसे समय में परिवार का साथ दिया जाए और उसे अकेला महसूस न होने दिया जाए।

    ये पदाधिकारी भी रहे मौजूद
    इस मौके पर तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो के जत्थेदार सिंह साहिब बाबा टेक सिंह, SGPC की अंतरिम कमेटी के सदस्य गुरप्रीत सिंह झब्बर, सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, सतवीर सिंह और हरभजन सिंह वक्ता मौजूद रहे। इनके अलावा तख्त श्री दमदमा साहिब के मैनेजर नरेंद्रजीत सिंह, गुरुद्वारा बाबा गांधा सिंह जी के मैनेजर सुरजीत सिंह ठिकरीवाल और इंचार्ज भोला सिंह भी उपस्थित थे।

  • पंजाब में झोटा हत्याकांड पर बवाल, विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी जिला प्रधान हिरासत में

    पंजाब में झोटा हत्याकांड पर बवाल, विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी जिला प्रधान हिरासत में

    फरीदकोट/जालंधर.

    मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुधवार को भाजपा के आहवान पर राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया जा रहा है। जालंधर में जहां एक तरफ पुतला फूंका गया, वहीं फरीदकोट में प्रदर्शन कर रहे जिला प्रधान संदीप सिंह सन्नी बराड़ को हिरासत में लिया गया है।

    गौरतलब है कि कल की घटना के बाद भाजपा ने पूरे राज्य में प्रदर्शन करने का एलान किया था। फरीदकोट में घंटा घर चौक पर भाजपा नेताओं की तरफ से रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद जब प्रदर्शनकारी एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना देने पहुंचे तो पुलिस ने जिला प्रधान सन्नी बराड़ सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इससे पहले भाजपा जिला अध्यक्ष सन्नी बराड़ के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फरीदकोट के घंटाघर चौक से मिनी सचिवालय तक रोष मार्च निकाला और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

    प्रदर्शन के उपरांत भाजपा नेताओं ने डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा और एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस को ज्ञापन सौंपकर पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति और नशे के कारोबार पर चिंता जताई। भाजपा जिला अध्यक्ष सन्नी बराड़ ने कहा कि मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टरों और नशा तस्करों के हौसले बुलंद हैं तथा पुलिस प्रशासन इन पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है।

    सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी
    भाजपा नेता सन्नी बराड़ ने आरोप लगाया कि मानसा में एक केमिस्ट खुलेआम नशा बेच रहा था। जब परमिंदर सिंह झोटा जैसे नौजवानों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उनकी गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
    डीसी व एसएसपी को ज्ञापन देते भाजपा नेता।

    जिले में भी नशे की समस्या पर ठोस कदम उठाने की जरूरत: बराड़
    उन्होंने दावा किया कि फरीदकोट जिले में भी नशे की समस्या पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सन्नी बराड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा करके सत्ता में आई सरकार के कार्यकाल में राज्य के हालात बिगड़ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नशा तस्करों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

  • पंजाब में परविंदर झोटा की हत्या के बाद तनाव, अमृतपाल की पार्टी के कई कार्यकर्ता हिरासत में

    पंजाब में परविंदर झोटा की हत्या के बाद तनाव, अमृतपाल की पार्टी के कई कार्यकर्ता हिरासत में

    मानसा.

    पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद सूबे में हड़कंप मच गया है। बुधवार को गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी। वहीं, आरोपी केमिस्ट के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई है।

    उधर, खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में मानसा जाने की योजना बना रहे कई लोगों को पुलिस हिरासत में ले रही है। तरसेम सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर दुख जताया और पंजाब सरकार पर नशीली दवाओं की तस्करी रोकने में नाकाम रहने और नशीली दवाओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने का आरोप लगाया।

    आरोपी की दुकान में लगाई आग, मकान पर चला बुलडोजर
    मानसा। पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। हत्या के आरोपी अश्विनी की दुकान में भीड़ ने आग लगा दी। वहीं, आरोपी के मकान को भी गिराया जा रहा है। पुलिस मौके पर मौजूद है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। आरोपी को मंगलवार को राजस्थान के चूरू से गिरफ्तार किया गया था।

    आरोपी की दुकान में आग, मकान पर कार्रवाई
    परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में लोगों का गुस्सा सामने आया। हत्या के आरोपी अश्विनी की दुकान को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। इसके बाद आरोपी के मकान को गिराने की कार्रवाई भी शुरू हुई। मौके पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सूचना मिलने के बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी के अनुसार, अवैध निर्माण से जुड़ी जानकारी मिली थी और उसी संबंध में कार्रवाई की जा रही है।

    मनजीत कौर ने पुलिस पर लगाए आरोप
    इस बीच, 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह के सहयोगी सरदार गुरप्रीत सिंह की मददगार मनजीत कौर ने पुलिस पर उन्हें जबरन घर में रोके रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में मानसा जाने वाली थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। मनजीत कौर ने बताया कि सुबह करीब 5.30 बजे पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा जोर-जोर से खटखटाने लगे। वहां करीब 15-16 पुलिसकर्मी और एक महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और बताया कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं तथा उन्हें थाने चलना होगा। मनजीत कौर ने बताया कि उन्होंने पुलिस से कार्रवाई का कारण पूछा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने मोबाइल से घटनाक्रम रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उनका फोन छीन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी लगातार उन्हें एक सूची में नाम होने की बात कह रहे थे और धमकी भरे लहजे में बात कर रहे थे।

  • पंजाब के युवाओं में परविंदर सिंह झोटा की चर्चा, दोस्त की मौत के बाद बदली पहचान

    पंजाब के युवाओं में परविंदर सिंह झोटा की चर्चा, दोस्त की मौत के बाद बदली पहचान

    मानसा.

    नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर जान गंवाने वाले परविंदर सिंह झोटा के जीवन में भी एक ऐसा दौर भी आया था, जब वह खुद नशे की गिरफ्त में फंस गया था, लेकिन एक दोस्त की नशे के कारण हुई मौत ने उसे भीतर तक झकझोर दिया। इस घटना के बाद उसने न सिर्फ नशा छोड़ने का फैसला किया बल्कि नशे के खिलाफ जंग भी छेड़ दी।

    नशे के खिलाफ अभियान के दौरान वह इंटरनेट मीडिया के जरिए अपनी बात रखता था और नशे से जुड़े मामलों को सामने लाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन भी करता था।

    बॉक्सिंग में रहा नेशनल खिलाड़ी
    नशे के कारोबार में शामिल होने का संदेह होने पर लोगों से सीधे सवाल करना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना उसकी गतिविधियों का हिस्सा बन गया। यही नहीं विभिन्न विवादों और कानूनी मामलों के कारण भी वह चर्चा में रहा। झोटा कभी बॉक्सिंग का नेशनल खिलाड़ी रहा था। उसकी शारीरिक ताकत के कारण लोग उसे "झोटा" कहने लगे और फिर यही नाम उसकी पहचान बन गया। परविंदर सिंह झोटा के खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इनमें कुछ मामले विचाराधीन थे, जबकि कुछ में उसे राहत मिली थी। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार,झोटा को गोली मारने वाले केमिस्ट अश्विनी कुमार के खिलाफ अलग-अलग वर्षों में चार एफआइआर दर्ज हुई थीं।

    मां से कहा था रोटी बनाकर रखना, आकर खाऊंगा
    झोटा की मां अमरजीत कौर की आंखों के सामने बार-बार बेटे के घर से निकलते समय कहे गए शब्द घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कहता था कि कुछ लोग उसे मार देंगे, लेकिन फिर उसने नशे के खिलाफ अपनी आवाज बंद नहीं की। मां ने कहा कि घर से निकलते समय उसने पैर छुए और कहा कि रोटी बनाकर रखना, लौटकर खाना खाएगा।

  • ‘मैं अपने बेटे का बदला लेकर रहूंगी’, परविंदर झोटा की मां का रो-रोकर बुरा हाल

    ‘मैं अपने बेटे का बदला लेकर रहूंगी’, परविंदर झोटा की मां का रो-रोकर बुरा हाल

    मानसा.

    पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बीच पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड के मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एक्टिविस्ट के पिता और पूर्व फौजी भीम सिंह ने कहा था कि जब तक उनके बेटे का आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाता।

    वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं, परविंदर सिंह झोटा की मां ने कहा कि हम भी बदला लेंगे। उन्होंने कहा कि उनका बेटा हमेशा नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ा।

    ""मेरे बेटा हमेशा नशा विक्रेताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ा। डर के मारे उसे मार दिया गया।
    परविंदर झोटा की मां ने कहा कि उनके बेटे से नशा विक्रेताओं को डर था। इसलिए मार दिया गया। उन्होंने कहा कि मुझे भी बदला चाहिए। हम अपने बेटे का बदला लेकर छोड़ेंगे।""

    हत्या के बाद मच गया है हंगामा –
    पंजाब के मानसा में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद हंगामा मच गया है. परविंदर सिंह की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा मुझे कहता था, 'मां, ये मुझे मार देंगे.' जाने से पहले मेरे पैर छूकर बोला, 'मां, मेरा खाना तैयार रखना.' उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया. भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है.' परविंदर सिंह झोटा की हत्या का आरोप मेडिकल स्टोर चलाने वाले पर लगा है. पुलिस ने बताया कि मेडिकल स्टोर वाले ने ड्रग्स की अवैध बिक्री का खुलासा करने वाले एक एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा दवा की दुकानों पर ड्रग्स की अवैध बिक्री का पर्दाफाश करने के लिए जाने जाते थे.

    कैसे हुई झोटा की हत्या?
    पुलिस के मुताबिक, परविंदर सिंह उर्फ झोटा एक व्यक्ति को कुछ दवाएं बेचने को लेकर मेडिकल स्टोर वाले से सवाल कर रहे थे. इसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन से बहस की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे, तभी उन्हें गोली मार दी गई.
    सामने आए 5 मिनट 49 सेकंड के एक वीडियो में झोटा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मेडिकल स्टोर के मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली थी.

    झोटा स्टोर के मालिक से कहता है, 'मार, मार, हम पर गोली चला.'
    वीडियो में झोटा मेडिकल स्टोर के मालिक से कहता है कि उस बुजुर्ग आदमी ने उसकी दुकान से कुछ दवाइयां खरीदी थीं. जब दुकानदार उस बुजुर्ग आदमी से इन दावों के बारे में पूछता है, तो झोटा कहता है कि उसके पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है.
    बहस के दौरान, झोटा स्टोर के मालिक से पूछता है, 'पिस्तौल निकालने की क्या जरूरत है? क्या हमने तुमसे कुछ कहा? इस बुजुर्ग आदमी ने तुमसे यह (दवाइयां) खरीदी हैं.' वह आगे कहता है, 'हम ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाएँगे, अश्वनी (स्टोर का मालिक)। क्या हम तुमसे कुछ कह रहे हैं? तुम पिस्तौल नीचे रखो। क्या हम तुम्हें मार-पीट रहे हैं?'  झोटा कहता है, 'इसके हाथ में पिस्तौल है और यह दवाइयां बेच रहा है.'  इसके बाद मेडिकल शॉप का मालिक गोली चला देता है, जो वीडियो में रिकॉर्ड हो जाती है. इस पर झोटा और उसके साथी दुकान से बाहर भागते हैं.

    पिस्तौल लहराता हुआ बाहर निकला स्टोर का मालिक
    इस पूरी घटना का एक राहगीर ने भी वीडियो बनाया, जिसमें मेडिकल स्टोर का मालिक हथियार लहराते हुए अपनी दुकान से बाहर निकलता और झोटा का पीछा करता हुआ दिखाई देता है. झोटा अपनी जान बचाने के लिए भागता है. जब बाजार में लोग डर के मारे यह सब देख रहे होते हैं, तो एक आदमी दुकान के मालिक पर एक डिब्बा फेंकता है, जो उसके सिर पर लगता है. बिना डरे, दुकानदार अपनी दुकान में वापस चला जाता है. बाद में, वीडियो में झोटा को पास की एक दुकान में खून से लथपथ पड़ा हुआ दिखाया गया है. झोटा के साथ स्टोर पर गए चार लोगों को भी गोली लगी. मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि आरोपी को पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं.

    झोटा मानसा और आस-पास के इलाकों में ड्रग्स के इस्तेमाल और केमिस्ट की दुकानों पर नशीली दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते रहे थे. वह सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर करते थे. 2023 में, उन्होंने बैन की गई दवाएं बेचने के आरोप में एक मेडिकल स्टोर के मालिक को जूतों की माला पहनाई थी और बाजार में घुमाया था. उस समय, दुकान के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, और झोटा पर मारपीट और जबरदस्ती घुसने का मामला दर्ज किया गया था.