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    Jio IPO Listing: निवेशकों की हुई चांदी, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 21% की बढ़त के साथ किया डेब्यू

    मुंबई 
    मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का मार्केट डेब्यू हो गया है. शेयर बाजार में भूचाल के बीच भी Jio Platforms Share लिस्ट 21 फीसदी से अधिक के प्रीमियम पर लिस्ट हुए. 1119 रुपये के अपर प्राइस बैंड की तुलना में कंपनी का शेयर 1358 रुपये पर लिस्ट हुई और  बिखरे हुए बाजार में भी जियो के निवेशकों को शानदार कमाई हुई है. लिस्ट होने के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स मार्केट वैल्यू के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है. बता दें कि पहले पायदान पर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड है। 

    1358 रुपये पर हुई Jio की लिस्टिंग
    जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज में शानदार डेब्यू किया है. NSE पर Jio Platforms Share 1,358 रुपये पर लिस्ट हुआ और ये आईपीओ प्राइस 1119 रुपये की तुलना में 21.40% की बढ़त है. ग्रे-मार्केट प्रीमियम के मुताबिक ही मुकेश अंबानी के शेयरों ने शेयर बाजार में एंट्री ली है। 

    मार्केट डेब्यू के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है. इसके साथ ही मार्केट कैपिटल के लिहाज से ये देश की दूसरी बड़ी कंपनी बन गई है। 

    निवेशकों को हर शेयर पर इतनी कमाई 
    जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के तहत लॉट साइज 12 शेयरों का तय किया गया था और इस हिसाब से निवेशकों ने एक लॉट के लिए 13,428 रुपये का निवेश किया था. इसका अपर प्राइस बैंड 1119 रुपये था और लिस्टिंग प्राइस 1358 रुपये के हिसाब से देखें, तो निवेशकों को हर एक शेयर पर 239 रुपये का फायदा हुआ है। 

    हर लॉट पर कमाई का गणित समझें, तो अगर किसी निवेशक ने एक लॉट के लिए बोली लगाई होगी और 13,428 रुपये का निवेश किया होगा, तो लिस्टिंग के साथ ही उसकी रकम बढ़कर 16,296 रुपये हो गई होगी. यानी हर एक लॉट पर उसे 2868 रुपये की कमाई हुई। 

    मैक्सिमम लॉट पर कितना फायदा? 
    बता दें कि इस जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में रिटेल निवेशक अधिकतम 14 लॉट के लिए बोली लगा सकते थे और इसके लिए उन्हें 1,87,992 रुपये का निवेश करना था. ऐसे में मैक्सिमम लॉट पर कमाई का कैलकुलेशन करें, तो इतना निवेश करने वाले निवेशकों की ये रकम लिस्टिंग के साथ बढ़कर 2,28,144 रुपये हो गई होगी. यानी उन्हें एक झटके में 40,152 रुपये का फायदा हुआ होगा। 

    30218 करोड़ का था IPO 
    गौरतल है कि मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का साइज 30,218 करोड़ रुपये था और ये आंकड़ा इसे देश के इतिहास का अब तक कासबसे बड़ा IPO बनाता है. ये 21 से 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हुआ था और कंपनी ने 27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी किए थे और इनका प्राइस बैंड 1065-1119 रुपये तय किया गया था। 

    Jio Platforms IPO को निवेशकों का शानदार रिस्पांस हासिल हुआ था. रिटेल निवेशकों के लिए खोले जाने से पहले इसे एंकर निवेशकों से 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिली थी. वहीं तीन दिन में ये आईपीओ कुल मिलाकर करीब 22 गुना सब्सक्राइब्ड हुआ था. इसमें क्यूआईबी कैटेगरी को सबसे अधिक 67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, जबकि रिटेल कैटेगरी 2.76 गुना भरी थी। 

  • Jio IPO में निवेशकों की ताबड़तोड़ बोली, QIB कैटेगरी में 3.25 गुना सब्सक्रिप्शन

    Jio IPO में निवेशकों की ताबड़तोड़ बोली, QIB कैटेगरी में 3.25 गुना सब्सक्रिप्शन

    मुंबई 

    जियो प्लेटफॉर्म का आईपीओ आते ही निवेशक टूट पड़े और ताबड़तोड़ खरीदारी शुरू कर दी है. आलम ये रहा कि बाजार खुलने के महज 35 मिनट के भीतर ही पूरा आईपीओ सब्सक्राइब हो गया. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का हिस्सा भी पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. यहां तक कि इस हिस्से के लिए दोगुना आवेदन भी मिला है. जियो प्लेटफॉर्म ने अपने आईपीओ में से 50 फीसदी हिस्सा क्यूआईबी के लिए सुरक्षति रखा है, जिसमें एकर निवेशक भी शामिल हैं। 

    क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी का हिस्सा तो 3.25 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. एनएसई के प्लेटफॉर्म पर सुबह 10.35 बजे तक पूरा आईपीओ सब्सक्राइब हो चुका है. एनएसई के आंकड़े बताते हैं कि पूरा आईपीओ ही 1.01 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. कंपनी की ओर से जारी किए गए 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 20.03 करोड़ शेयरों की डिमांड आ चुकी है. इससे पहले 19 अक्टूबर को, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए थे. इन निवेशकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल शामिल हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO के लिए एंकर निवेशकों की मांग लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे यह इतनी बड़ी बोली हासिल करने वाला पहला भारतीय IPO बन गया है। 

    कब तक लगा सकते हैं पैसा
    जियो प्लेटफॉर्म का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा. इसे बाजार में 28 अक्टूबर को लिस्ट कराया जाएगा. आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से लेकर 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है. इस आईपीओ के तहत कंपनी ने करीब 27 करोड़ स्टॉक्स बाजार में उतारे हैं. फिलहाल कंपनी ने आईपीओ से पहले ही 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटा लिए थे. इसमें तमाम सरकारी पेंशन फंड ने भी पैसे लगाए हैं. इन पेंशन फंड में सिंगापुर, अबु धाबी, कतर, कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा जैसे शहर और देशों ने भी इसमें पैसे लगाए हैं। 

    कितना पहुंचा जीएमपी
    एक तरफ तो जियो के आईपीओ ने बाजार में धूम मचा रखी है, दूसरी ओर ग्रे मार्केट में भी इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है. आईपीओ का जीएमपी आज सुबह करीब 24 फीसदी बढ़ा है और अब तक 273 रुपये प्रीमियम तक जा पहुंचा है. इसका मतलब है कि लिस्टिंग के समय ही यह आईपीओ अपने निवेशकों को 24.4 फीसदी का रिटर्न दे सकता है और हर स्टॉक पर 273 रुपये का मुनाफा हो सकता है। 

     लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब की सलाह

    रेटिंग: लंबी अवधि के निवेश के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह.

    वैल्यूएशन: FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के आधार पर 11.6 गुना वैल्यूएशन.

    FY26 के वित्तीय नतीजे: कंपनी का रेवेन्यू ₹1,46,885 करोड़, EBITDA ₹76,255 करोड़ और टैक्स के बाद मुनाफा ₹30,049 करोड़ रहा। 

    कर्ज की स्थिति: FY26 में नेट लेवरेज घटकर 0.36 गुना रह गया.

    पूंजी पर रिटर्न: औसत पूंजी पर रिटर्न (ROACE) FY24 के 12.8% से घटकर FY26 में 10.7% रह गया.

    उदय कोटक ने Jio Platforms IPO को बताया ऐतिहासिक

        जियो की लिस्टिंग के बाद मार्केट कैप के लिहाज से RIL ग्रुप भारत का सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन जाएगा.
        करीब दो दशक बाद RIL ग्रुप की ओर से इतना बड़ा और ऐतिहासिक IPO आ रहा है.
        जियो प्लेटफॉर्म्स की सबसे बड़ी ताकत इसके 53 करोड़ यूजर्स और शानदार कामकाज को बताया.
        उदय कोटक के मुताबिक, जियो दुनिया की इकलौती कंपनी है, जिसके पास अपना एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी नेटवर्क है.
        जियो प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ तेज है और समय के साथ लगातार बनी हुई है.

     

  • Jio Platforms IPO: ₹1,119 तक होगा शेयर का प्राइस, 21 से 23 अक्टूबर तक लगा सकेंगे बोली

    Jio Platforms IPO: ₹1,119 तक होगा शेयर का प्राइस, 21 से 23 अक्टूबर तक लगा सकेंगे बोली

    मुंबई 

    रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा में है. कंपनी ने आईपीओ से जुड़ा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है. इसके साथ ही इश्यू का प्राइस बैंड, शेयरों की डीटेल और आईपीओ से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है. कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है। 

    जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार सिर्फ मोबाइल इंटरनेट तक सीमित नहीं है. कंपनी के तहत रिलायंस जियो का टेलीकॉम बिजनेस और कई डिजिटल सर्विसेस आती हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर आईपीओ पर रहेगी. हालांकि, निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और आईपीओ की शर्तों को समझना जरूरी है। 

    क्या है जियो आईपीओ का प्राइस बैंड?
    जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. यानी निवेशकों को इसी दायरे में शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. अंतिम कीमत तय होने के बाद शेयरों का अलॉट किया जाएगा। 

    कितने शेयर जारी करेगी कंपनी?
    इस आईपीओ में कुल 27 करोड़ शेयरों का इश्यू है. अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपये के हिसाब से कंपनी करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है. वहीं, 1,065 रुपये के निचले प्राइस बैंड पर यह रकम करीब 28,755 करोड़ रुपये होगी। 

    देश के बड़े आईपीओ के बीच कहां होगी जियो की जगह?
    जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अपर प्राइस बैंड पर करीब 30,213 करोड़ रुपये का होगा. इसके साथ यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है. इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया ने 27,870 करोड़ रुपये, एनएसई के प्रस्तावित आईपीओ का साइज करीब 22,569 करोड़ रुपये, एलआईसी ने 20,557 करोड़ रुपये और पेटीएम ने 18,300 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। 

    कब खुलेगा और कब बंद होगा आईपीओ?
    जियो आईपीओ टाइमलाइन के मुताबिक, 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के लिए अलॉट होगा. आम निवेशकों के लिए आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. निवेश करने से पहले कंपनी के डॉक्यूमेंट्स में दी गई तारीखों को जरूर चेक कर लें। 

    कर्मचारियों को कितना मिलेगा फायदा?
    कंपनी ने एलिजिबल कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे हैं. इन कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट भी मिलेगी. हालांकि, इसका फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो कंपनी की तय पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। 

    रिलायंस के शेयरधारकों के लिए क्या है खास?
    रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र मौजूदा शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं. इसमें वे पात्र व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हैं, जिनके पास 14 अक्टूबर को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर थे. यह तारीख आरएचपी दाखिल करने की तारीख है. इस कैटेगरी में आवेदन करने के लिए संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है। 

    जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार क्या है?
    जियो प्लेटफॉर्म्स के तहत रिलायंस जियो का टेलीकॉम कारोबार और डिजिटल सर्विसेस देती आती हैं. कंपनी मोबाइल कनेक्टिविटी और इंटरनेट के अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा अन्य तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में भी काम करती है. यह रिलायंस इंडस्ट्रीज की उपभोक्ता कारोबार से जुड़ी स्ट्रैटजी का अहम हिस्सा है। 

    आईपीओ से जुटाई रकम क्यों अहम है?
    आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम कंपनी के साइज और बाजार में उसकी स्थिति को लेकर निवेशकों का ध्यान खींच रही है. हालांकि, रकम का इस्तेमाल किस तरह होगा, इसकी सही जानकारी के लिए आरएचपी में दिए गए प्रस्ताव को जानना जरूरी है। 

    निवेश से पहले किन बातों को समझें?
    किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी की कमाई, कर्ज, कारोबार की वृद्धि, कॉम्टिटेविटी और भविष्य के प्लान को समझना चाहिए. जियो प्लेटफॉर्म्स के मामले में भी निवेशकों को आरएचपी में दिए गए वित्तीय आंकड़ों और कारोबार से जुड़ी जानकारियों का एनालिसिस करना चाहिए। 

    2008 के बाद रिलायंस ग्रुप का पहला IPO
    जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग रिलायंस ग्रुप के लिए भी खास होगी, क्योंकि 2008 के बाद यह ग्रुप का पहला आईपीओ होगा. साथ ही, किसी कंज्यूमर-फोकस्ड कारोबार की यह पहली बड़ी पब्लिक पेशकश होगी. जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस के डिजिटल कारोबार का प्रमुख हिस्सा है. कंपनी क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एंटरप्राइज नेटवर्क सर्विसेज जैसे सेक्टर्स में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।