Tag: Kedar Kashyap

  • बस्तर ओलंपिक में युवाओं की बढ़ती भागीदारी, नारायणपुर में 63 हजार ने कराया पंजीयन

    बस्तर ओलंपिक में युवाओं की बढ़ती भागीदारी, नारायणपुर में 63 हजार ने कराया पंजीयन

    रायपुर
    बस्तर ओलंपिक के प्रति युवाओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। नारायणपुर जिले में इस वर्ष लगभग 63 हजार युवाओं ने बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 48 हजार थी। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर में जिला स्तरीय युवा उत्सव एवं विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक 2026 का शुभारंभ किया। इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के युवाओं को खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक और युवा उत्सव युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहे हैं। खेलों में हार और जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और आपसी सहयोग है। उन्होंने युवाओं से प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपनी प्रतिभा से गांव, जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में युवाओं की बढ़ती भागीदारी क्षेत्र में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

    कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन ने बताया कि इस वर्ष जिले में बस्तर ओलंपिक एवं युवा उत्सव के लिए युवाओं के पंजीयन में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, इस बार पिछली बार के मुकाबले 15 हजार अधिक प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक में 11 खेल विधाओं और जिला स्तरीय युवा उत्सव में नौ विधाओं को शामिल किया गया है।प्रतियोगिताओं की शुरुआत स्कूली छात्राओं की पारंपरिक रस्साकसी से हुई। इसके बाद 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं की 100 मीटर दौड़ आयोजित की गई। पहले दिन कबड्डी, खो-खो, दौड़, रस्साकसी, फुटबॉल और तीरंदाजी सहित विभिन्न खेलों में ग्रामीण अंचलों से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम और जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे।

     

  • छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए जवानों का बलिदान अविस्मरणीय: वन मंत्री केदार कश्यप

    छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए जवानों का बलिदान अविस्मरणीय: वन मंत्री केदार कश्यप

    छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों का बलिदान अविस्मरणीय-वन मंत्री केदार कश्यप

    पुलिस स्मृति दिवस पर अमर शहीद वाटिका में दी श्रद्धांजलि, शहीद जवानों के परिजनों से की मुलाकात

    रायपुर,
    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शांति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस के वीर जवानों का अविस्मरणीय योगदान रहा है। विषम परिस्थितियों में कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा मिलती रहेगी।

            वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य  मंत्री कश्यप ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जगदलपुर स्थित अमर शहीद वाटिका में शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके प्रति सम्मान एवं संवेदना व्यक्त की। कश्यप ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा और समाज में शांति स्थापित करने के लिए पुलिस के जवान कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए उनका सर्वाेच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

            वन मंत्री ने कहा कि किसी परिवार के लिए अपने प्रियजन को खोने की पीड़ा अपूरणीय होती है। शहीद जवानों के परिजनों का धैर्य और साहस भी प्रेरणादायी है। शहीदों की स्मृतियों को संजोना और उनके परिवारों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना है। इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर नगर पालिक निगम के महापौर संजय पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

  • बस्तर ओलंपिक 2026 में अधिकाधिक भागीदारी पर जोर, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया पंजीयन

    बस्तर ओलंपिक 2026 में अधिकाधिक भागीदारी पर जोर, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया पंजीयन

    रायपुर : बस्तर ओलंपिक 2026 वन मंत्री केदार कश्यप ने कराया पंजीयन, अधिकाधिक भागीदारी पर दिया जोर

    हर गांव की खेल प्रतिभा पहुंचे मैदान तक- वन मंत्री केदार कश्यप

    रायपुर,

    जगदलपुर के धरमपुरा स्थित खेल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर ओलंपिक 2026 के लिए स्वयं अपना पंजीयन कराया और बस्तर ओलंपिक के शुभंकर के साथ अपनी तस्वीर खिंचवाई। उन्होंने इस आयोजन को बस्तर की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बहुत बड़ा और सुनहरा मंच बताया।

    दोगुने पंजीयन का लक्ष्य

    इस अवसर पर वन मंत्री ने युवाओं, महिलाओं और सभी खेल प्रेमियों से बढ़-चढ़कर पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने इसमें पंजीयन कराया था, और इस बार इसका दोगुना पंजीयन करने का लक्ष्य रखा गया है।

    गांव-गांव की प्रतिभाओं को अवसर

    वन मंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक सुदूर अंचल की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बड़ा मंच प्रदान करने का एक बेहतरीन माध्यम है।

    नये बस्तर की पहचान

    जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को जोड़ने की अपील करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में नये बस्तर की एक नई पहचान उसके प्रतिभाशाली युवाओं के दम पर बनेगी। इस कार्यक्रम के दौरान चित्रकोट विधायक विनायक गोयल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

  • कौशल विकास से युवाओं को मिलेगी नई दिशा, केदार कश्यप बोले- हुनरमंद युवा बनाएंगे स्वर्णिम भविष्य

    कौशल विकास से युवाओं को मिलेगी नई दिशा, केदार कश्यप बोले- हुनरमंद युवा बनाएंगे स्वर्णिम भविष्य

    हुनरमंद युवा ही गढ़ेंगे स्वर्णिम भविष्य, कौशल विकास से निखरेगी नई पीढ़ी -वन मंत्री केदार कश्यप

    ​जिज्ञासा से हुनर तक, युवाओं के कौशल विकास से ही संभव है प्रगति -विश्व विजय सिंह तोमर

    विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प से जुड़ेगा युवा, नारायणपुर में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन

    ​मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों व मलखंभ विजेताओं को खेल एवं शिक्षा सम्मान से नवाजा गया

    ​रायपुर
    छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश के युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से नारायणपुर स्थित ए.जी. ऑडिटोरियम में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 16 से 24 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय- राज्य स्तरीय खिलाड़ियों, दिव्यांगजनों, कौशल विकास प्रशिक्षणार्थियों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली युवाओं की व्यापक सहभागिता रही।

    युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका

           छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ गठन के इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश की युवा शक्ति ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को साकार करेगी। बस्तर क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और कौशल विकास से जुड़ रहे युवाओं की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रगति की नई दिशा तय कर रही है। राज्य सरकार युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए हर संभव अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
           ​

    ​हुनर और जिज्ञासा से बनेगी युवाओं की पहचान- तोमर

         ​राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है; युवाओं को अपने हुनर, कौशल, जिज्ञासा और रचनात्मकता को लगातार विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और मंच देना ही श्युवा उड़ानश् का मुख्य ध्येय है, जिससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित हो सके। उन्होंने पंजीयन के लिए युवा आयोग की वेबसाइट और क्यूआर कोड/गूगल फॉर्म की जानकारी भी साझा की।

    ​विशेषज्ञों ने साझा किए राष्ट्र निर्माण के मंत्र

           ​कार्यक्रम के बौद्धिक सत्रों में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।​ युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति पर केंद्रित डॉ. मीनाक्षी ठाकुर ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला।​ डॉ. विश्वजीत ने विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय विषय के संवैधानिक व व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया तथा एक देश-एक चुनाव की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसी तरह डॉ. सतीश पाण्डेय ने प्रेरक कहानियों के माध्यम से सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की ललक बनाए रखने का आह्वान किया।

    ​प्रतिभावान विद्यार्थियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों का किया गया सम्मान

         ​शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ​शिक्षा क्षेत्र में कक्षा 10वीं में 94.33 प्रतिशत अंक लाकर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा भाविका देवांगन तथा 94ः अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कोविता कोर्राम को सम्मानित किया गया। ​खेल क्षेत्र में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के मलखंभ विजेता संताय पोटाई व मोनिका पोटाई, खेलो इंडिया फुटबॉल उपविजेता शशिकांत कुमेटी व मनीष कोवाची; ऑल इंडिया खो-खो क्वालीफायर अमृता गोटा, नेशनल स्कूल गेम्स खो-खो विजेता शामुएल कल्लो व किशोर कावड़ो तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या कांगे को खेल पुरस्कार से नवाजा गया।

         ​इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और युवा उपस्थित रहे।

  • शिक्षकों के सम्मान में सजा मंच, केदार कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को दिए सम्मान

    शिक्षकों के सम्मान में सजा मंच, केदार कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को दिए सम्मान

    मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह- वन मंत्री केदार कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को किया सम्मानित

    रायपुर
     शिक्षक दिवस के अवसर पर नारायणपुर के ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे।

    अनुशासन और संस्कारों से ही मिलती है सफलतारू केदार कश्यप

        वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने परिवार को पहली पाठशाला बताते हुए कहा कि माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना हमारी संस्कृति का मूल आधार है। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने मोबाइल फोन का उपयोग केवल पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करने तथा इसके दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली।

    पुस्तक विमोचन और शिक्षकों का सम्मान

           समारोह के दौरान लेखक श्री शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबूझमाड़ की संस्कृति पर आधारित लिखित पुस्तक ‘बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां’ का विमोचन किया गया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों (श्री सुमेर सिंह मंडावी, श्रीमती उषा किरण बैस, श्री धनसिंह बघेल आदि) को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। विकासखंड स्तर पर 6 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार और जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार से नवाजा गया।

            इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पिंकी उसेंडी, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रही।

  • कांग्रेस पर बरसे मंत्री केदार कश्यप, कहा- आदिवासी समाज को भड़काने की कोशिश होगी नाकाम

    कांग्रेस पर बरसे मंत्री केदार कश्यप, कहा- आदिवासी समाज को भड़काने की कोशिश होगी नाकाम

    रायपुर.

    यूसीसी को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के रूख पर पर मंत्री केदार कश्यप ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि जहां राष्ट्रीयता और समाजहित की बात आती है, वहां कांग्रेस विरोध करने लगती है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समाज को यूसीसी से दूर रखा जाएगा.

    आदिवासी समाज को भड़काने की जो कोशिश हो रही है, वह सफल नहीं होगी. मंत्री केदार कश्यप ने मीडिया से चर्चा में बस्तर से आदिवासियों के साथ आंदोलन करने की कांग्रेस की तैयारी पर कहा कि कांग्रेस को पहले आत्मावलोकन करना चाहिए. कांग्रेस के राजकुमार जब भी यहां आए, उन्होंने कुछ नहीं किया. राहुल गांधी ने 2008 और फिर 2019 में बड़ी-बड़ी बातें कीं, लेकिन पीएम आवास योजना छीन ली, और लोगों की छत छीनने का काम किया. हमारी सरकार की चरण पादुका योजना भी बंद कर दी गई. आज बस्तर नक्सलमुक्त हो रहा है तो कांग्रेस को यह रास नहीं आ रहा है.

    वहीं 29 सीटों पर कांग्रेस के फोकस को लेकर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता ही ऐसी है. उनकी योजनाओं और राजनीति का प्रदेश के विकास से कोई सरोकार नहीं है. आदिवासियों के मन में पीड़ा पैदा करने और उन्हें भड़काने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह सफल नहीं होगी. पहले भी पीसीसी चीफ ने आदिवासियों को बुलाया था बकरा भात खाने के लिए और सुअर भात खिलाकर उन्हें भेज दिया था. महतारी वंदन योजना में डेढ़ लाख महिलाओं के नाम कटने पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के लोग पहले 500 रुपए देने की बात करते थे, जबकि हमारी सरकार ने मातृशक्ति को राखी से पहले ही राशि दी, तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है. यह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता है. तकनीकी समस्या है तो उसे जल्द सॉल्व कर लिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस की मानसिकता नहीं सुधारी जा सकती.

    कंप्यूटर की खराबी सुधारी जा सकती है, लेकिन इनके दिमाग की खराबी का इलाज मुश्किल है.
    कर्नाटक में वंदेमातरम का दो अंतरा ही गाने की घोषणा पर केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता साफ दिखती है, उनके नेताओं ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण वंदे मातरम नहीं गाने का फैसला लिया था, और वही नीति आज भी चली आ रही है. वहीं यूथ कांग्रेस के चुनाव में खर्च को लेकर कहा कि कांग्रेस में पार्षद और विधायक के टिकट के लिए पैसों का लेन-देन होता है, उसी के आधार पर पद बांटे जाते हैं, और अब संगठन के पदों की भी बोली लग रही है. वन विभाग में वन रक्षकों की भर्ती को लेकर वन मंत्री ने कहा कि लिखित परीक्षा व्यापम के माध्यम से कराने की तैयारी चल रही है. अपडेट के अनुसार दिसंबर 2026 तक परीक्षा आयोजित होने की संभावना है, जिसमें करीब 16 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे, इसके बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

    नेपाल में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर
    नेपाल में आई बाढ़ को लेकर राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह बहुत बड़ी प्राकृतिक त्रासदी है. मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हेल्पलाइन नंबर शुरू कराया है, ताकि वहां फंसे लोगों और उनके परिवारों को संबल मिल सके.

  • तेन्दूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक मजबूती देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: वन मंत्री केदार कश्यप

    तेन्दूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक मजबूती देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: वन मंत्री केदार कश्यप

    रायपुर : तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री केदार कश्यप

    621 समितियों के 7.14 लाख से अधिक संग्राहकों को मिलेगा 162.32 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक

    11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए का संग्रहण पारिश्रमिक पहले ही मिल चुका है

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ सरकार ने 7.14 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण किया है। राज्य में वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिल रहा है।  तेन्दूपत्ता का संग्रहण दर 5,500  रुपए प्रति मानक बोरा होने से संग्राहक परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।

                 वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वनवासियों और आदिवासी परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जंगल से जुड़े प्रत्येक श्रमिक को उसके श्रम का उचित सम्मान मिले और पारिश्रमिक समय पर सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचे।

    वर्ष 2023 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक का वितरण शुरू

                वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि विगत 3 जुलाई को सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरण का शुभारंभ किया गया। इसके तहत प्रदेश की 621 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों से जुड़े 7,14,446 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है और शीघ्र पूरी कर ली जाएगी।

    संग्रहण पारिश्रमिक का समय पर ऑनलाइन भुगतान

                   वन मंत्री ने बताया कि सरकार ने संग्रहण सत्र 2026 में भी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया है। प्रदेश के लगभग 11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए की संग्रहण पारिश्रमिक राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे लाखों वनवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है।

    पारदर्शी और तकनीक आधारित भुगतान व्यवस्था

                  केदार कश्यप ने कहा कि तेन्दूपत्ता प्रदेश के लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। इसलिए राज्य सरकार संग्रहण से लेकर भुगतान तक पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बना रही है, ताकि संग्राहकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    वनवासियों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

                  वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना इसी सोच का परिणाम है। आने वाले समय में भी सरकार वनवासियों के हितों की रक्षा, उनकी आय में वृद्धि तथा वन आधारित आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

  • बाल साहित्य और नई शिक्षा नीति को मिलेगा नया आयाम, वन मंत्री केदार कश्यप का बड़ा बयान

    बाल साहित्य और नई शिक्षा नीति को मिलेगा नया आयाम, वन मंत्री केदार कश्यप का बड़ा बयान

    रायपुर : बाल साहित्य और नई शिक्षा नीति को मिलेगा नया आयाम- वन मंत्री केदार कश्यप

    साहित्य और तकनीक के अभिनव समन्वय (क्यूआर कोड) की हुई सराहना

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज राजधानी रायपुर के वृंदावन भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने साझा बाल काव्य संग्रह मोर अंगना के शोर का विमोचन किया और सभी संबंधित रचनाकारों व शिक्षकों को सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री कश्यप ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास शिक्षा, संस्कार और साहित्य के माध्यम से ही संभव है। बाल साहित्य हमारी नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का काम करता है।

    मोर अंगना के शोर साझा बाल काव्य संग्रह का हुआ विमोचन

    NEP और FLN के उद्देश्यों को मिलेगी मजबूती

            मंत्री कश्यप ने पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोर अंगना के शोर केवल कविताओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह बच्चों की कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और भाषा कौशल को विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। यह अभिनव प्रयास नई शिक्षा नीति (NEP) और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN)उद्देश्यों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

    तकनीक और साहित्य का अनूठा संगमर- क्यूआर कोड आधारित नवाचार

           इस बाल काव्य संग्रह की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल तकनीकी नवाचार है। पुस्तक में प्रत्येक कविता के साथ एक क्यूआर (QR) कोड जोड़ा गया है। इस पहल की सराहना करते हुए वन मंत्री ने कहा कि इससे बच्चे केवल कविताओं को पढ़ेंगे ही नहीं, बल्कि उन्हें सुनकर भी सीख सकेंगे। यह साहित्य और तकनीक का एक बेहतरीन समन्वय है जो शिक्षा को अधिक रोचक, सरल और समावेशी बनाएगा। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यह अनूठी पहल दिव्यांग बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, जिससे वे भी समान रूप से सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे।

    राष्ट्र निर्माण में सामूहिक प्रयासों की भूमिका

             मंत्री कश्यप ने पुस्तक के संपादक वीरेंद्र कुमार साहू, सभी लेखकों, शिक्षकों एवं सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा, साहित्य और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तब राष्ट्र निर्माण की दिशा और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्मोर अंगना के शोरश् छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में बाल साहित्य के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण बनेगी।

             इस विमोचन एवं सम्मान समारोह में स्थानीय विधायक एवं पद्मअनुज शर्मा, अमित चिमलानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में साहित्यकार, रचनाकार और शिक्षक गण उपस्थित रहे।

  • जैविक खेती बनेगी किसानों की समृद्धि का आधार, पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा: केदार कश्यप

    जैविक खेती बनेगी किसानों की समृद्धि का आधार, पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा: केदार कश्यप

    जैविक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल – वन मंत्री केदार कश्यप

    किसानों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों से जोड़ने कृषि कार्यशाला का सफल आयोजन

    दंतेवाड़ा को जैविक कृषि का मॉडल जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    रायपुर,
     किसानों और कृषि प्रेमियों को रासायनिक खादों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती करने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु आयोजित की गई है। दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया।

    जैविक खेती स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि का आधार

                   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां और किसानों की मेहनत जैविक कृषि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जैविक खेती केवल उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ी है। जैविक खेती अपनाकर किसान भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन कर सकते हैं।

    किसानों के लिए संचालित हो रही हैं अनेक योजनाएं

                   वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से खेतों की मेड़ों पर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे भूमि संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।

    जैविक खेती बनेगी दंतेवाड़ा की नई पहचान

                  क्षेत्रीय विधायक चौतराम अटामी ने कहा कि जिले के किसान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर खेती को अधिक उन्नत एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
    उन्होंने किसानों से कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।

    वैज्ञानिकों ने दी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी

                 कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा जैविक उत्पादों के विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी। किसानों की समस्याओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

    विभिन्न विभागों ने लगाए जानकारी एवं प्रदर्शनी स्टॉल

                 कार्यक्रम में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा भूमगादी संस्था द्वारा स्टॉल लगाकर किसानों को विभिन्न योजनाओं, तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों को कृषि आदान सामग्री एवं आम के पौधों का वितरण भी किया गया।

    महिला स्व-सहायता समूहों ने प्रदर्शित की नवाचार क्षमता

                  कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा रागी से तैयार केक का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि ने केक काटकर महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की और मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों को ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।  कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न गांवों से आए किसान, ग्रामीण युवा और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।