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  • ’बाबा विश्वनाथ मंदिर जाते तो जालीदार टोपी वाले उन्हें दौड़ा लेते’, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

    ’बाबा विश्वनाथ मंदिर जाते तो जालीदार टोपी वाले उन्हें दौड़ा लेते’, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

    ‘बेहयाई बतिया रहे हैं अखिलेश यादव’, ओपी राजभर का सपा प्रमुख के वाराणसी दौरे पर तीखा हमला

    ’बाबा विश्वनाथ मंदिर जाते तो जालीदार टोपी वाले उन्हें दौड़ा लेते’, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना 

    जालीदार टोपी पहनकर 'अली-अली' करने वाले आज बजरंगबली का नाम ले रहे हैं: कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर

    ‘न नौ मन गेहूं होगा, न राधे गवने जायेंगी’, सपा सरकार बनने के अखिलेश के दावों पर राजभर का तंज

    ’सनातन पर ज्ञान देने वाले अखिलेश राम-कृष्ण का दर्शन करने क्यों नहीं जाते’, ओपी राजभर का अखिलेश से तीखा सवाल

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि जिनके शासनकाल में काशी की उपेक्षा हुई, वही अखिलेश आज काशी के विकास पर सवाल उठा रहे हैं। मथुरा, अयोध्या और काशी में मंदिर दर्शन नहीं करने को लेकर भी सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर उन्हें किस बात का डर है?

    काशी के विकास पर अखिलेश को घेरा

    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने कार्यकाल का काशी याद करना चाहिए, तब उन्हें समझ आएगा कि मोदी-योगी राज में काशी में कितना विकास हुआ है। अखिलेश के काशी में मेट्रो चलाने के दावे पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि बेहयाई की भी हद होती है। उन्होंने कहा कि NDA के शासन में विकास की गंगा बह रही है। सपा सरकार बनने के अखिलेश के दावों पर उन्होंने कहा कि न नौ मन गेहूं होगा, न राधे गवने जायेंगी।

    ’मंदिर जाते तो जालीदार टोपी वाले उन्हें दौड़ा लेते’

    राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते अखिलेश जालीदार टोपी पहनकर 'अली-अली' करते थे, लेकिन अब त्रिशूल और चक्र धारण कर 'बजरंगबली' का नाम लेते हैं। वो पहले बताएं कि वह मथुरा क्यों नहीं गए? वो कहते हैं कि राम ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राम हैं, तो दर्शन करने में क्या परेशानी है? अखिलेश अयोध्या जाते हैं, लेकिन हनुमानगढ़ी और भगवान राम के दर्शन नहीं करते। वाराणसी जाने के बावजूद उन्होंने बाबा भोलेनाथ के दर्शन नहीं किए। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को डर था कि अगर वो मंदिर जाते तो जालीदार टोपी वाले उन्हें दौड़ा लेते।

  • ‘संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना अखिलेश की पुरानी फितरत’, ओपी राजभर ने सपा सुप्रीमो पर बोला तीखा हमला

    ‘संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना अखिलेश की पुरानी फितरत’, ओपी राजभर ने सपा सुप्रीमो पर बोला तीखा हमला

    ‘EVM से चुनाव हो तो दिक्कत, बैलट पेपर से हो तो दिक्कत’, ओपी राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज

    'संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना अखिलेश की पुरानी फितरत', ओपी राजभर ने सपा सुप्रीमो पर बोला तीखा हमला
     
    सभी 11 एमएलसी सीटें जीतेगी भाजपा, 2027 में तीसरी बार बनेगी सरकार: दिनेश प्रताप सिंह

    अपनी हार देखकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगे अखिलेश: भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। एमएलसी चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव केवल हार का बहाना ढूंढ रहे हैं। ईवीएम से चुनाव हो तो भी आरोप लगाते हैं और बैलट पेपर से चुनाव होने पर भी सवाल उठाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करते हैं और यही उनकी फितरत है। वहीं, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि एमएलसी चुनाव में सभी 11 सीटें भाजपा के खाते में जाएंगी और 2027 में प्रचंड बहुमत से एनडीए की ही सरकार बनेगी। 

    राजभर ने कहा कि खुद रामगोपाल यादव ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और कटवाने की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं करने के लिए सपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने अखिलेश से सवाल किया कि जब दोनों के बयान अलग हैं, तो सही किसे माना जाए? ऐसे में अखिलेश यादव को पहले अपनी पार्टी के भीतर उठे सवालों का जवाब देना चाहिए। 

    ‘हर चुनाव से पहले बड़बोलापन करते हैं अखिलेश’
    एमएलसी चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव का ट्रेलर बताते हुए राजभर ने दावा किया कि भाजपा जीतने जा रही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश चुनाव से पहले बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन नतीजे आने पर उन्हें जमीनी हकीकत का एहसास होता है। इस चुनाव के परिणाम से सपा की वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा।

    ‘बैलट पेपर से भी सपा को मिलेगी हार’
    वहीं, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी सपा सुप्रीमो पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं और अब शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव बैलट पेपर से हो रहे हैं तो फिर वही पुराना राग अलाप रहे हैं। अखिलेश को परिणाम का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सभी 11 सीटें जीतेगी।

    दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि हार की आशंका में अखिलेश पहले से ही चुनाव आयोग और अन्य एजेंसियों पर सवाल उठा रहे हैं। 2017 के बाद से सपा लगातार चुनाव हार रही है और 2027 में भी प्रचंड बहुमत के साथ तीसरी बार एनडीए ही सरकार बनाएगी।

  • ‘पूरब में साइकिल की हवा निकाल रहे राजभर, निषाद और अनुप्रिया’… अखिलेश को ओपी राजभर का जवाब

    ‘पूरब में साइकिल की हवा निकाल रहे राजभर, निषाद और अनुप्रिया’… अखिलेश को ओपी राजभर का जवाब

    'पश्चिम ही नहीं, पूरे यूपी में सपा की हालत खराब'… राजभर का अखिलेश पर तीखा हमला

    'पूरब में साइकिल की हवा निकाल रहे राजभर, निषाद और अनुप्रिया'… अखिलेश को ओपी राजभर का जवाब

    'अखिलेश यादव झूठ की दुकान हैं'… गन्ना किसानों के भुगतान पर राजभर ने दिलाई सपा शासन की याद

    'सपा राज में गन्ना किसान आत्महत्या को मजबूर थे'… अखिलेश पर बरसे राजभर

    'अखिलेश ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया, दलितों पर गुंडागर्दी की'… राजभर ने पूछा- सपा के साथ क्यों जाएंगे दलित?

    '2027 में सपा का सफाया तय, हताश हो गए हैं अखिलेश'… ओम प्रकाश राजभर का तीखा प्रहार

    'सपा के फर्जी वोटरों का खेल खत्म हुआ इसलिए SIR पर झूठ फैला रहे अखिलेश', राजभर का बड़ा हमला

    लखनऊ, 

     यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गन्ना किसानों का मुद्दा उठाया था और पश्चिमी यूपी में सपा को मजबूत करने की बात कही थी। इस पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि पश्चिम ही नहीं, पूरब समेत पूरे प्रदेश में सपा की हालत खराब है। गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सपा और अखिलेश यादव के शासनकाल में किसानों के साथ जितना अन्याय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ।

    सपा राज में महीनों तक नहीं होता था गन्ना किसानों का भुगतान

    ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव झूठ की दुकान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान गन्ना किसानों के साथ जितना अन्याय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। किसानों को महीनों तक भुगतान नहीं मिलता था और वे आत्महत्या करने को मजबूर थे। राजभर ने कहा कि योगी सरकार में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान हुआ है और अब 14 दिनों के भीतर भुगतान किया जा रहा है।

    पूरे यूपी में सपा की हालत खराब: राजभर

    राजभर ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में सपा की हालत खराब है। उन्होंने कहा, 'पूरब में ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल जी साइकिल की हवा निकाल रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी यूपी में सपा का ऐसा हाल होगा, जिसकी उसने उम्मीद भी नहीं की होगी।

    दलित-पिछड़ों के सपा से जुड़ने के दावे पर उठाए सवाल

    अखिलेश यादव के दलित और पिछड़े नेताओं के समाजवादी पार्टी से जुड़ने के दावे पर राजभर ने सपा के पुराने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि दलित सपा के साथ क्यों जुड़ेंगे?

    राजभर ने कहा कि सपा सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया। सपा सरकार के दौरान दलितों के साथ तानाशाही और गुंडागर्दी हुई। बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के नाम पर बने जिलों और पार्कों के नाम बदल दिए गए। राजभर ने सवाल किया कि क्या दलित इन बातों को भूल जाएंगे?

    गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि मायावती की हत्या की योजना समाजवादी पार्टी के लोगों ने बनाई थी।

    '2027 में सपा का सफाया तय'

    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव हताश हो गए हैं और उन्हें पता है कि 2027 में सपा का सफाया तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सपा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है, जबकि उसका इतिहास फर्जी मतदान कराने का रहा है। राजभर ने कहा कि SIR से अखिलेश यादव को इसलिए दिक्कत हो रही है, क्योंकि उन्हें पता है कि अब सपा के फर्जी वोटर मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे।

  • ‘सपा में नाई, गोंड, पाल, प्रजापति और राजभर समाज की इज्जत कहां?’: राजभर

    ‘सपा में नाई, गोंड, पाल, प्रजापति और राजभर समाज की इज्जत कहां?’: राजभर

    अखिलेश पर ओपी राजभर और राकेश त्रिपाठी का हमला, PDA से लैपटॉप योजना तक उठाए सवाल

    सपा ने युवाओं को लैपटॉप के नाम पर दिया लॉलीपॉप: राकेश त्रिपाठी

    'अखिलेश के PDA में परिवारवाद, धन्ना सेठ और अपराधी की पूछ': राकेश त्रिपाठी

    लखनऊ
    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण, महिला आरक्षण, राम मंदिर और PDA की राजनीति को लेकर सपा पर निशाना साधा।

    ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की राजनीति में परिवार और दौलतमंदों को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं राकेश त्रिपाठी ने PDA को परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों को संरक्षण देने वाला बताया।

    ‘विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं’: राजभर
    ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की सरकार के दौरान लैपटॉप वितरण योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव की सरकार थी तो उस समय लैपटॉप घोटाला चर्चित रहा था। राजभर ने कहा कि मौजूदा सरकार में 62 लाख टैबलेट बांटे जा चुके हैं और दो करोड़ वितरण का लक्ष्य है। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि मौजूदा वितरण में गड़बड़ी का कोई मामला सामने लाकर दिखाएं।

    भाजपा से सपा में शामिल हुए भवानी शुक्ला को अखिलेश यादव द्वारा ब्लॉक प्रमुख संबोधित करने पर ओम प्रकाश राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ब्लॉक प्रमुख भवानी शुक्ला नहीं, बल्कि उनकी पत्नी हैं। अखिलेश यादव लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। राजभर ने इस मुद्दे को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस पर विरोध करने का आरोप लगाया।

    राजभर ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का विरोध करना महिलाओं को अधिकार और राजनीतिक भागीदारी देने से वंचित करने जैसा है। इसको लेकर राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, “विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलेगी बबुआ।”

    PDA में पिछड़ों और दलितों की पूछ कहां?: राजभर
    ओम प्रकाश राजभर ने राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर परिवार और धनवानों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने नाई, गोंड, पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, चौहान, यादव और पटेल समेत कई वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया।

    राजभर ने कहा कि इन वर्गों के लोगों ने सपा विधायकों को जिताया, लेकिन राज्यसभा में मौका देने के समय पार्टी ने दूसरे विकल्पों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में सामाजिक प्रतिनिधित्व के बजाय धनवानों की पूछ अधिक है।

    लैपटॉप की जगह लॉलीपॉप दिया: राकेश त्रिपाठी
    राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण योजना को लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा की सरकार में युवाओं को लैपटॉप देने के नाम पर लॉलीपॉप दिया गया था। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उस समय अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाभार्थियों को चुनकर लैपटॉप बांटे गए।

    भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा उस दौर को भूले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो करोड़ टैबलेट वितरण का लक्ष्य रखा है और 65 लाख से अधिक टैबलेट बांटे जा चुके हैं। उनके मुताबिक, योगी सरकार विद्यार्थियों को बिना भेदभाव तकनीकी सहायता देकर उनकी पढ़ाई में लगातार सहयोग कर रही है।

    परिवार और धन्ना सेठों तक सिमटी सपा: राकेश त्रिपाठी
    अखिलेश यादव के PDA पर निशाना साधते हुए राकेश त्रिपाठी ने इसे परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों से जोड़कर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में परिवार और धनवानों को प्राथमिकता दिए जाने से समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल खड़े हुए हैं।

  • कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा- 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं?

    कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा- 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं?

    अखिलेश बताएं, सपा जीते तो चुनाव निष्पक्ष और हारे तो बेईमानी कैसे : राजभर
     
    कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा- 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं?

     राजभर का तंज- 2024 में एक ही परिवार के पांच सांसद जीते, तब चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल क्यों नहीं उठाए?
     
    2017, 2019 और 2022 में सपा हारी तो चुनाव गलत, 2024 में 37 सांसद जीत गए तो सब 'ऑल इज वेल' हो गया

     2027 में साइकिल का टायर पंचर नहीं, फटेगा, अभी से हार के बहाने तलाश रहे अखिलेश : राजभर
     
    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजभर ने अखिलेश से पूछा कि 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को हार मिली, लेकिन 2024 में उसके 37 सांसद जीतकर दिल्ली पहुंच गए। ऐसे में चार में से तीन चुनाव गलत और एक चुनाव सही कैसे हो सकता है?
     
    राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि केंद्र में 2014 से अब तक भाजपा की ही सरकार है। फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि जिन चुनावों में सपा हारी, वे गलत हो गए और जिस चुनाव में जीत मिली, वह सही हो गया? उन्होंने सवाल किया कि 2024 में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद जीतकर दिल्ली कैसे पहुंच गए? इनमें पांच सांसद तो अखिलेश के अपने परिवार से थे। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जब सपा को उसकी हैसियत से ज्यादा सीटें मिल गईं, तब सब 'ऑल इज वेल' हो गया।
     
    कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि या तो 2024 के चुनाव में उनके वोटर फर्जी थे या फिर वह आज सरेआम अफवाहबाजी कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि एसी, पीसी और ट्विटर ने अखिलेश को बहका दिया है।
     
    2027 में साइकिल का रिम-फ्रेम भी टेढ़ा होगा
     
    राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब नवाबी के दिन हवा हो गए हैं। 2027 में सपा की साइकिल का टायर पंचर नहीं, बल्कि फटने जा रहा है। इस बार साइकिल का रिम और फ्रेम भी टेढ़ा होने वाला है।
     
    उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से अभी से भूमिका बनाने और बहाने तलाशने में जुट गए हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश यह बात अच्छी तरह समझ चुके हैं, इसलिए पहले से बहाना खोजकर रख रहे हैं ताकि बाद में अपने समर्थकों के सामने जवाब देने से बच सकें। उन्होंने पोस्ट के अंत में तंज कसते हुए लिखा, 'कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।'

  • ‘दिल्ली वाले दोस्तों ने आपकी हैसियत दिखा दी’, इंडी गठबंधन के नेताओं की तस्वीर शेयर कर राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

    ‘दिल्ली वाले दोस्तों ने आपकी हैसियत दिखा दी’, इंडी गठबंधन के नेताओं की तस्वीर शेयर कर राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

    'दिल्ली में पिछलग्गू बनकर घूमने में मजा आ रहा है?', ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तंज, बोले- सत्ताइस में सपा साफ

    'दिल्ली वाले दोस्तों ने आपकी हैसियत दिखा दी', इंडी गठबंधन के नेताओं की तस्वीर शेयर कर राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

    'दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे अखिलेश जी', राजभर का सपा पर तीखा हमला

    'कुर्सी की ख्वाहिश पाले हैं और दिल्ली में दरी बिछा रहे हैं', ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तंज

    'इंडी गठबंधन में लोडर बन गए हैं अखिलेश यादव', दिल्ली प्रदर्शन की तस्वीर शेयर कर सपा पर बरसे राजभर

    'लग रहा है बारात के ट्रैक्टर में जबरन ठूंस दिया गया हो', अखिलेश की तस्वीर शेयर कर राजभर ने कसा तंज

    'दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जैसे हो गए अखिलेश', राजभर ने उड़ाया सपा प्रमुख का मजाक

    'चुनाव यूपी में, दौड़ लगा रहे दिल्ली की', राजभर बोले- करा लिए न घनघोर बेइज्जती

    'दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा', राजभर ने अखिलेश को दी नसीहत

    लखनऊ,
     यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा पोस्ट किया है। राजभर ने दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन की एक तस्वीर शेयर करते हुए अखिलेश को 'पिछलग्गू' बताया। उन्होंने लिखा कि विपक्षी गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है। दरअसल, इंडी गठबंधन की भीड़ वाली इस तस्वीर में अखिलेश यादव सबसे पीछे नजर आ रहे हैं।

    'दिल्ली में पिछलग्गू बनकर घूमने में मजा आ रहा है?'

    ओमप्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा,'प्रिय अखिलेश यादव जी, दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं?' उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है।

    राजभर ने लिखा कि अखिलेश की स्थिति ऐसी लग रही है, जैसे उन्हें बारात वाले ट्रैक्टर में जबरन ठूंस दिया गया हो। उन्होंने आगे तंज कसा कि अखिलेश दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जैसे दिखाई दे रहे हैं।

    'अवतारी भैया जी अब भीड़ में खो जा रहे हैं'

    राजभर ने अखिलेश यादव के समर्थकों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि जो समर्थक अखिलेश को 'अवतारी भैया जी' बताते नहीं थकते थे, अब वही देख रहे होंगे कि उनके भैया जी सबके सामने 'लोडर' बनकर भीड़ में खो जा रहे हैं।

    राजभर ने अखिलेश की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर तंज कसते हुए लिखा, 'कुर्सी की ख्वाहिश पाले दरी बिछाने में लगे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन की नैया की पतवार राहुल गांधी के हाथ में चली गई है।

    'दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?'

    राजभर ने अखिलेश यादव के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाते हुए लिखा कि चुनाव उत्तर प्रदेश में होना है, लेकिन अखिलेश दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। उन्होंने तंज कसा, 'और जाइए, भाग-भाग के दिल्ली! करा लिये न घनघोर बेइज्जती?' राजभर ने आगे लिखा, 'आप भी गजब करते हैं! चुनाव यूपी में है और आप दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं…! दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?'

    'दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा'

    राजभर ने अखिलेश यादव को आगाह करते हुए लिखा कि दिल्ली के मतलबी दोस्तों से उन्हें तिरस्कार के अलावा कुछ नहीं मिलने वाला। उन्होंने कहा कि जिस तरह अखिलेश दिल्ली की भीड़ में खो गए हैं, उसी तरह इस बार उत्तर प्रदेश में भी विपक्ष की भीड़ में उनका पता नहीं चलेगा।

    'सत्ताइस में सपा साफ होने जा रही है'

    राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव की राजनीतिक गतिविधियों पर निशाना साधते हुए लिखा, आपके आजकल के लच्छनों से तो यही समझ में आ रहा है कि 'सत्ताइस में सपा साफ' होने जा रही है।

  • अयोध्या से चुनाव लड़ने की सीएम योगी की चुनौती पर राजभर ने अखिलेश को घेरा

    अयोध्या से चुनाव लड़ने की सीएम योगी की चुनौती पर राजभर ने अखिलेश को घेरा

    अयोध्या और जहूराबाद आपको पुकार रहा है', ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, बोले-उम्मीद है भगोड़े साबित नहीं होंगे
     
    लखनऊ

    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर राजभर ने सपा सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि ललकार कर भागने वाले को ‘भगोड़ा’ बोलते हैं!” उन्होंने कहा कि उम्मीद है अखिलेश भगोड़े साबित नहीं होंगे।

    ‘जिस मुद्दे पर बोलना होता है, उस पर क्यों नहीं बोलते?’
    राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि जिन मुद्दों पर बोलना चाहिए, उन पर आप चुप क्यों रहते हैं? उन्होंने कहा, “क्यों बढ़-चढ़कर और बड़ी-बड़ी करते हैं महाराज? जिस मुद्दे पर बोलना होता है, उस पर क्यों नहीं कुछ बोलते?” राजभर ने सपा प्रमुख से कांग्रेस नेताओं से जुड़े विवाद पर खुलकर अपना पक्ष रखने की चुनौती दी।

    कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, महिला नेता और इमरान मसूद से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश से पूछा कि इमरान मसूद के गिरेबान पर हाथ लगाना सही था या नहीं। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के हाथ जोड़कर माफी मांगने के मामले पर भी सवाल उठाया। राजभर ने लिखा कि अखिलेश को यह भी बताना चाहिए कि कांग्रेस नेताओं की कथित गाली-गलौज उचित थी या नहीं।

    ‘2027 में बड़बोलापन और अहंकार मटियामेट होगा’
    राजभर ने अपने पोस्ट में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख और उनके सहयोगियों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “खैर, आ रहा है 2027, इस बार आपका और आपके दोस्तों का बड़बोलापन और अहंकार दोनों मटियामेट हो जाएगा।” उन्होंने कहा, “यूपी का स्वाभिमान जीतेगा, 27 यूपी जीतेगा।”

  • पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही, सपा की बयानबाजी का चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा- राजभर

    पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही, सपा की बयानबाजी का चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा- राजभर

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव और सपा नेताओं पर तीखा हमला बोला है। ओपी राजभर ने कहा कि सपा के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक यह मान चुके हैं कि 2027 में उनकी सरकार नहीं बनने जा रही है। इसी वजह से वे अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। इसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जनता का गुस्सा सपा के खिलाफ दिन दूना, रात चौगुना बढ़ता दिखाई देगा।

    पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही: राजभर
    कैबिनेट मंत्री ने रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और पुलिस के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष ने जिस तरह पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कही, वह अनुचित है। समाजवादी पार्टी के नेता अभी सत्ता में नहीं हैं, इसके बावजूद उनका रवैया तानाशाहीपूर्ण है। इस तरह की बयानबाजी से उनकी मानसिकता का पता चलता है और प्रदेश में सपा के लोग गांवों, सड़कों और चौराहों पर अभी से बांह फटकार रहे हैं कि सरकार आने पर वे सबको सबक सिखाएंगे।

    संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का लगाया आरोप
    ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव किसी भी संवैधानिक संस्था को नहीं मानते हैं। वह चुनाव आयोग और एएसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठाते हैं। अखिलेश यादव इस बात से परेशान हैं कि किसान खुशहाल क्यों हो रहे हैं। समाजवादी पार्टी चाहती है कि लोग बदहाली में रहें, ताकि वह इसका राजनीतिक लाभ उठा सके। 

    जातिवाद फैलाने का लगाया आरोप
    ओपी राजभर ने सपा नेताओं पर जातिवाद का जहर फैलाने का आरोप लगाते हुए पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी समेत अन्य नेताओं की कथित टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, जाट, गुर्जर और राजपूत समाज को लेकर अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की ओर से सवर्णों को प्रदेश से खदेड़ने जैसी बातें भी कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताती थी, फिर इसमें आधी आबादी, अगड़ा, पंडित और अहिर जैसे अर्थ जोड़ने लगी। राजभर ने आरोप लगाया कि पार्टी का नेतृत्व और उसके नेता अपनी राजनीतिक दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं। 

    ओपी राजभर ने साधा निशाना
    ओपी राजभर ने कहा कि सपा नेताओं की बयानबाजी और धमकी भरे रवैये से जनता में नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर 2027 के चुनाव में दिखाई देगा। निषाद समाज और भगवान राम को लेकर कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के लोग अपने सांसद का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी धार्मिक आस्था के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त करेंगे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों ने सांसद से कहा कि वे उनकी इज्जत करते हैं, लेकिन धर्म के खिलाफ इस तरह की अनर्गल बयानबाजी नहीं करें।

  • पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना

    पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना

    अखिलेश ने शिवपाल से छीनी लोहिया ट्रस्ट की कमान, राजभर बोले- भरोसा नहीं; मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी उठाए सवाल

    पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना

    शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं

    लखनऊ
     सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों अब लोहिया ट्रस्ट की कमान होगी। अब तक इसकी कमान पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के हाथों थी। शिवपाल सिंह यादव से कमान लिए जाने को लेकर भाजपा ने सपा पर निशाना साधा है।

    योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर और नरेंद्र कश्यप ने इसे लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनसे ट्रस्ट की कमान ले ली गई।

    ओपी राजभर ने साधा निशाना, भरोसे पर उठाया सवाल
    योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने इस बदलाव को लेकर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है।

    राजभर ने शिवपाल के पुराने राजनीतिक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव जी पर भरोसा नहीं है। इससे पहले शिवपाल यादव अखिलेश यादव को छोड़कर चले गए थे। उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बना ली थी। उस दौरान उन्होंने सपा को क्या-क्या नहीं कहा। चोर-उचक्कों की पार्टी बताया, शराब-माफियाओं की पार्टी, जमीन हड़पने वाली पार्टी तक बताया था। ऐसे में अखिलेश यादव शिवपाल यादव पर कैसे ट्रस्ट करेंगे? इसीलिए उन्होंने शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट की कमान ले ली है।

    मंत्री नरेंद्र कश्यप बोले- सपा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं
    योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव से अखिलेश यादव के पास जाना अपने आप में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, क्योंकि कमान अब भी परिवार के ही हाथों में है।

    नरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसी संस्था की जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों के बीच ही केंद्रित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है अखिलेश यादव को आशंका रही हो कि आगे चलकर शिवपाल यादव अपनी शर्तों या अपने तरीके से ट्रस्ट चलाएं, इसलिए उन्होंने खुद इसकी जिम्मेदारी संभाल ली।

    बता दें कि शिवपाल और अखिलेश के बीच राजनीतिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास रहा है। शिवपाल सिंह यादव अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके हैं और बाद में दोबारा समाजवादी पार्टी के साथ आए। ऐसे में ट्रस्ट का जिम्मा उनके हाथों से निकलकर अखिलेश के पास जाना सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी की मौजूदा शक्ति-संरचना के बीच भरोसे को लेकर भी देखा जा रहा है।

    अखिलेश के पास अब पार्टी, लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की कमान
    शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट लिए जाने और उसकी कमान खुद के हाथों में लेने के बाद अब अखिलेश के पास सपा के साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी कमान आ गई है। बता दें कि लोहिया ट्रस्ट का गठन सपा के गठन से पहले हुआ था। इसका उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का प्रचार-प्रसार करना रहा है।

  • ‘सिर्फ यादव जी और खान साहब ही चाहिए क्या PC में?’ अखिलेश से ओपी राजभर के तीखे सवाल

    ‘सिर्फ यादव जी और खान साहब ही चाहिए क्या PC में?’ अखिलेश से ओपी राजभर के तीखे सवाल

    ‘सत्ता में तो कब्रिस्तान दिख रहा था, आज सम्राट अशोक की बात कर रहे हो’- अखिलेश पर बरसे ओपी राजभर

    ‘सिर्फ यादव जी और खान साहब ही चाहिए क्या PC में?’ अखिलेश से ओपी राजभर के तीखे सवाल

    'आपके सामने ही आजम खान ने उड़ाया था बाबा साहब का मजाक, तब किस नशे में थे?’ अखिलेश पर ओपी राजभर का हमला

    लखनऊ
    समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में अगर कोई पत्रकार तीखा सवाल कर दे तो तिलमिला जाते हैं।

    पीसी में भी सिर्फ यादव जी और ख़ान साहब ही चाहिए क्या?

    ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक पोस्ट के जरिए सवाल किया कि “क्या मित्र अखिलेश यादव जी, एसी में बैठकर अपने खासम-खास यूट्यूबर्स के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते है और गलती से कोई ढ़ंग का पत्रकार कड़ा सवाल पूछ दें तो 'मिसरा जी-मिसरा जी' करने लगते हैं। क्या पीसी में भी सिर्फ यादव जी और ख़ान साहब ही चाहिए क्या? 

    राजभर ने 8 सितंबर को हुई अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस को लेकर कहा, “आपकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी। इसमें आप बहुत लंबा चौड़ा फेंक रहे थे कि सरकार आई तो सम्राट अशोक की जयंती पर अवकाश देंगे, बौद्ध स्थल वर्ल्ड क्लास बना देंगे।”

    सत्ता में थे तो क़ब्रिस्तान पर ख़र्च कर रहे थे- राजभर

    राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अशोक-बुद्ध जी का नाम लेते हुए यह भी बता दिये होते कि जब आप सत्ता में थे तब आपको कब्रिस्तान दिख रहा था। तब तो जनता के सारे पैसे तो क़ब्रिस्तान में ख़र्च कर रहे थे। ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि जब सपा सरकार थी तब बहुजन महापुरुषों के नाम पर बने जिलों और संस्थानों का नाम मिटाए जा रहे थे।

    यूपी कैबिनेट मंत्री राजभर ने कहा कि आपकी सरकार में भीम नगर, फुले नगर, कांशीराम नगर, रमाबाई नगर, संत रविदास नगर का नाम बदला गया। आंबेडकर जी के नाम पर चलने वाली सब योजना हटा दी गई।

    राजभर ने आरोप लगाया, “आप मंच पर बैठे रहे और आपके आजम खान बाबा साहब की प्रतिमा का मजाक उड़ाते रहे, तब आप किस नशे में थे? उन्होंने कहा कि यूपी जनता आपसे सवाल पूछ रही है कि आपने सत्ता में रहते बहुजनों के लिए क्या, जवाब ज़रूर दीजिए।

    इससे पहले राजभर बोल चुके हैं अखिलेश पर हमला

    बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमला बोला है। इससे पहले उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल खड़े किए थे। राजभर ने कहा था कि आखिर अखिलेश यादव कबतक हवाबाजी करेंगे और एसी और पीसी से ही चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने तंज कसते हुए सपा प्रमुख को जमीन पर आने की बात कही थी।

    इससे पहले राजभर ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा था कि आइए जमीन पर उतरिए और दो-दो हाथ हो जाएं। एकतरफा चुनाव में मजा नहीं आता है।'