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  • सत्यभामा पर स्टालिन की टिप्पणी को लेकर विवाद, CM विजय ने की आलोचना; TVK ने चुनाव आयोग में की शिकायत

    सत्यभामा पर स्टालिन की टिप्पणी को लेकर विवाद, CM विजय ने की आलोचना; TVK ने चुनाव आयोग में की शिकायत

    चेन्नई
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तीखा हमला बोला है। दरअसल, स्टालिन ने टीवीके उम्मीदवार सत्यभामा को निशाना साधते हुए उन्हें सोमरसॉल्ट भामा कहा था और टीवीके पर सवाल उठाए थे। इसके बाद, टीवीके ने पूर्व मुख्यमंत्री पर महिला दलित उम्मीदवार की बॉडी-शेमिंग करने का आरोप लगाया और माफी की मांग की। उन्होंने स्टालिन को लेकर कहा कि तमिलनाडु और निर्वाचन क्षेत्र की जनता से करारा जवाब मिलेगा। तमिलनाडु के लोगों ने हमेशा यह गहराई से महसूस किया है और पहचाना है कि डीएमके की जड़ों और दिमाग में अश्लीलता, वहशीपन और बदमाशी भरी हुई है।

    विजय ने स्टालिन पर हमला करते हुए उनकी टिप्पणियों को असभ्य बताया। विजय ने एक्स पर पोस्ट किया, "धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव के लिए एक प्रचार जनसभा की आड़ में, डीएमके जैसी बुरी ताकत के नेता स्टालिन ने एक बदनाम करने वाली और पूरी तरह से असभ्य सभा की है। हमारी धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवार, बहन श्रीमती सत्यभामा के बारे में उन्होंने मजाक उड़ाया है और बहुत ही अभद्र तरीके से बात की है जिससे उन्हें अजीब मजा आ रहा है।"

    महिलाओं पर कमेंट करने के मामले में DMK को बार-बार गलत बोलने वाला बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग पार्टी को नहीं भूलेंगे। विजय ने कहा, ''ये बुरी ताकतें, जो महिलाओं के बारे में गंदी बातें करने में माहिर हैं और वह भी तब जब महिलाएं उनके ठीक बगल में बैठी हों, उन्हें तमिलनाडु और धारापुरम चुनाव क्षेत्र के लोगों से करारा जवाब मिलेगा।"

    विजय ने कहा कि स्टालिन ने गर्व से कहा है और खुशी-खुशी माना है कि यह कोई और नहीं बल्कि खुद मिस्टर मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन हैं, जिन्होंने डीएमके की तरफ से गाली-गलौज, वहशीपन और बेईमानी की नदी बहाई और बनाई है। उन्होंने इस बारे में एक कबूलनामा भी दिया है। डीएमके के सदस्य डेमोक्रेसी के खिलाफ हैं।

    उन्होंने आगे कहा, 'ये बुरी ताकतें जो महिलाओं के बारे में अश्लील बातें करने में माहिर हैं और वह भी तब जब महिलाएं उनके ठीक बगल में बैठी हों, और उन्हें उनकी नफरत का एहसास भी न हो, उन्हें तमिलनाडु के लोगों और धारापुरम चुनाव क्षेत्र के लोगों से करारा जवाब मिलेगा। तमिलनाडु की महिलाओं का बेटा, भाई और छोटा भाई होने के नाते, मैं इस बुरी ताकत डीएमके की कड़ी निंदा करता हूं, जो महिलाओं के बारे में अश्लील बातें करती रहती है। स्टालिन उपचुनाव वाले धारापुरम में प्रचार कर रहे थे, जहां उन्होंने सत्ताधारी टीवीके पर हमला किया। उन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग और AIADMK में फूट डालने की साजिश बताया।

  • विजय को PM बनाने की मांग पर कांग्रेस सख्त, दोनों मंत्रियों ने दी इस्तीफे की चेतावनी

    विजय को PM बनाने की मांग पर कांग्रेस सख्त, दोनों मंत्रियों ने दी इस्तीफे की चेतावनी

     चेन्नई
     टीवीके के भीतर प्रधानमंत्री के लिए विजय की बढ़ती मांग ने गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेचैनी पैदा कर दी है। राज्य के पर्यटन मंत्री और कांग्रेस नेता राजेश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि गठबंधन 2029 में प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी का समर्थन नहीं करता है, तो विजय कैबिनेट में शामिल कांग्रेस के दोनों मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

    राजेश कुमार ने एक बयान में कहा कि मैं बिल्कुल स्पष्ट हूं। 2029 में हमारे नेता राहुल गांधी अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। अगर किसी भी कारण से टीवीके इससे सहमत नहीं होती है, तो कांग्रेस के दोनों मंत्री अपने पदों पर बने नहीं रहेंगे।

    उनका यह बयान टीवीके के कुछ नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने की नई मांगों के बीच आया है।

    टीवीके के नेता आधव अर्जुन और सरथकुमार ने खुले तौर पर शीर्ष पद के लिए विजय का समर्थन किया है, जबकि तूतीकोरिन में पीएम के लिए विजय का समर्थन करने वाले पोस्टर भी सामने आए हैं, जिससे यह विवाद और गहरा गया है।

    फैन क्लब मानसिकता पर तीखी प्रतिक्रिया
    कांग्रेस नेताओं ने अब तक इस तरह के बयानों को काफी हद तक नजरअंदाज किया था। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने पहले इस मांग को महज फैन क्लब की मानसिकता करार दिया था। लेकिन राजेश कुमार की यह चेतावनी विजय कैबिनेट के भीतर से आई एक तीखी प्रतिक्रिया है, जो राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन पर भारी दबाव बनाती है।

    मुख्य सवाल यह है कि क्या टीवीके केवल राजनीतिक माहौल भांपने की कोशिश कर रही है, या वे गंभीरता से विजय को तमिलनाडु के बाहर पेश करने पर विचार कर रहे हैं।

    यह भी स्पष्ट नहीं है कि विजय फॉर पीएम अभियान 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है, जो उन्हें सीधे राहुल गांधी की महत्वाकांक्षाओं के सामने खड़ा कर सकता है या इसका उद्देश्य भविष्य के किसी और राष्ट्रीय चुनाव के लिए है। खुद मुख्यमंत्री विजय ने इस मुद्दे पर अब तक चुप्पी साध रखी है।

    मामूली बहुमत पर टिकी है विजय सरकार
    विजय सरकार के लिए इसके राजनीतिक मायने बहुत अधिक हैं, क्योंकि उनके पास विधानसभा में केवल मामूली बहुमत है। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में साधारण बहुमत के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता है, जबकि टीवीके के पास 107 विधायक हैं, जो बहुमत के आंकड़े से 11 कम हैं।

    यह सरकार कांग्रेस सहित अन्य सहयोगियों के समर्थन से सत्ता में आई है। कांग्रेस के पास पांच विधायक हैं, जिनमें से दो को कैबिनेट में शामिल किया गया है। इसके अलावा वीसीके और आईयूएमएल के दो-दो विधायक हैं और उनका एक-एक मंत्री सरकार में है, जबकि दो-दो विधायकों वाली सीपीआई और सीपीएम सरकार को बाहर से समर्थन दे रही हैं।

    मंत्रियों पर लगाम लगाएं सीएम: एमडीएमके प्रमुख वाइको ने दी नसीहत
    इन बढ़ती अटकलों के बीच राहुल गांधी को विजय के गठबंधन सहयोगी और एमडीएमके प्रमुख वाइको का भी समर्थन मिला है। वाइको ने तर्क दिया है कि राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक के प्रमुख दल के रूप में कांग्रेस केवल राहुल गांधी को ही अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना सकती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि खुद विजय की ऐसी कोई महत्वाकांक्षा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने मंत्रियों पर लगाम लगाने का आग्रह किया। वाइको ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर इंडी गठबंधन का नेतृत्व करती है। इसलिए केवल राहुल गांधी को ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। किसी अन्य विकल्प की कोई संभावना नहीं है।

    वाइको ने आगे कहा कि गठबंधन का हिस्सा रहते हुए मंत्रियों को जो मन में आए वह नहीं बोलना चाहिए। मुख्यमंत्री को उनसे इस मुद्दे पर न बोलने के लिए कहना चाहिए।

    चुप्पी से उठ रहे कई सवाल
    इस पूरे मामले पर सत्तारूढ़ टीवीके के एक प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से बचते हुए केवल इतना कहा कि अभी के लिए इसे नजरअंदाज करते हैं। नेताओं के इन विरोधी बयानों ने अब सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए एक संभावित संवेदनशील सवाल खड़ा कर दिया है।

    क्या विजय को केवल तमिलनाडु की राजनीति के चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है, या टीवीके पहले से ही उनके लिए एक बड़ी राष्ट्रीय भूमिका पर विचार कर रही है? फिलहाल, विजय की चुप्पी ने इस सवाल को अनुत्तरित छोड़ दिया है।

  • शशि थरूर की तारीफ से सियासी घमासान: भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना

    शशि थरूर की तारीफ से सियासी घमासान: भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना

    नई दिल्ली
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा से जुड़े कांग्रेस सांसद शशि थरूर के कथित बयान का हवाला दिया है। पार्टी ने शनिवार को दावा किया कि राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के भीतर समर्थन खो रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने नाविकों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनाए गए रुख की शशि थरूर की सराहना, राहुल गांधी के रुख के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी असली नेता नहीं हैं, वह अब केवल रील नेता बनकर रह गए हैं।

    जन्मदिन पर राहुल गांधी को कोई उपहार नहीं मिलाः पूनावाला
    पूनावाला ने वीडियो जारी कर एक बयान में कहा, 'यह शर्मनाक है। कल (शुक्रवार को) राहुल गांधी का जन्मदिन था, लेकिन उन्हें कोई उपहार नहीं मिला। डॉ. शशि थरूर ने इसी मुद्दे पर राहुल गांधी के रुख का खंडन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के सामने नाविकों के मुद्दे पर भारत का पक्ष बेहद मजबूती से रखा और देश की स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।'

    भाजपा का दावा- थरूर ने पीएम मोदी का सराहा
    भाजपा नेता ने दावा किया कि थरूर ने मोदी के नेतृत्व गुणों की भी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, 'इतना ही नहीं, थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी के दृ्ष्टिकोण, अपनी बात रखने की क्षमता, ऊर्जा व वक्तृत्व शैली की भी भरपूर प्रशंसा की है। थरूर ने कहा है कि मोदी ने भारतीयों के जीवन पर अपनी छाप छोड़ी है।'

    राहुल की पीएम की दावेदारी पर कांग्रेस को घेरा
    पूनावाला ने राहुल गांधी को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा और दावा किया कि पार्टी के कुछ नेता इस विचार से सहमत नहीं हैं।

    एक तरफ कांग्रेस कहती है कूल पीएम राहुल और दावा करती है कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। लेकिन उनकी अपनी पार्टी के सांसद भी शायद इस बात पर विश्वास नहीं करते।

    राहुल गांधी ने जनता का समर्थन खो दियाः पूनावाला
    भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ने जनता का समर्थन खो दिया है और उन लोगों का साथ भी खो दिया है, जो कभी उनके करीबी माने जाते थे। पूनावाला ने कहा, ' इससे साबित होता है कि राहुल गांधी ने जनमत खो दिया है, क्योंकि वह 99 चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने उन लोगों का समर्थन भी खो दिया है, जो कभी उनके करीब थे, चाहे वह रामचंद्र गुहा हों या शशि थरूर।'

    राहुल गांधी असली नेता नहीं हैंः भाजपा
    पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ सहयोगी राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। पूनावाला ने कहा, 'अब उन्हें अपने गठबंधन के सहयोगियों का समर्थन भी हासिल नहीं है। चाहे वामपंथी दल हों या द्रमुक, वे राहुल के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करते। राहुल गांधी एक 'रील नेता' बनकर रह गए हैं। वह एक वास्तविक नेता नहीं हैं।'