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  • उत्तर प्रदेश में 52 PCS अफसरों की बल्ले-बल्ले, 2012 से 2014 बैच के अधिकारियों को मिला प्रमोशन

    उत्तर प्रदेश में 52 PCS अफसरों की बल्ले-बल्ले, 2012 से 2014 बैच के अधिकारियों को मिला प्रमोशन

    लखनऊ
    दिवाली से पहले यूपी के 52 PCS अधिकारियों को प्रमोशन का तोहफा मिला है. उत्तर प्रदेश शासन ने 7 नवंबर 2026 को 52 PCS अधिकारियों को चयन वेतनमान में प्रमोशन देने का आदेश जारी किया. इन अधिकारियों का ग्रेड पे 6600 रुपये से बढ़ाकर 7600 रुपये कर दिया गया है. यानी अब इन्हें लेवल-12 का फायदा मिलेगा। 

    इस प्रमोशन का लाभ अधिकारियों को उनके मौजूदा पद पर काम संभालने की तारीख से दिया जाएगा. प्रमोशन पाने वालों में 2012, 2013 और 2014 बैच के PCS अधिकारी शामिल हैं. 2012 बैच के सुशील प्रताप सिंह और रजनीश कुमार मिश्र को भी इसका लाभ मिला है। 

    2013 बैच में हिमांशु कुमार गुप्ता, राजेश कुमार यादव-I, जुबेर बेग, अमित कुमार भट्ट, ममता मालवीय, राहुल यादव, विनीत कुमार सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, सुखवीर सिंह, रामजी मिश्र, शिव प्रताप शुक्ला, वंदना त्रिवेदी, त्रिभुवन, सृष्टि धवन, सुरेंद्र प्रसाद यादव, पूजा मिश्रा, धीरेंद्र प्रताप, सलिल कुमार पटेल, रत्न प्रिया, मुहम्मद मोइनुल इस्लाम, अमिताभ यादव, माया शंकर यादव, गरिमा सिंह, राजेश कुमार-पंचम और अमित कुमार-II शामिल हैं। 

    वहीं 2014 बैच में अमिताभ रंजन श्रीवास्तव, दिनेश, गौरव श्रीवास्तव, सूर्य कान्त त्रिपाठी, शशि भूषण राय, दीपाली भार्गव, विनय कुमार सिंह-II, अभय कुमार पाण्डेय-II, अमित कुमार, विवेक चतुर्वेदी, सुनील कुमार यादव, ज्योत्सना यादव, शिशिर कुमार, पूर्णिमा सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह-II, वंदिता श्रीवास्तव-II, प्रतिपाल चौहान, मीनू राणा, विकास कुमार सिंह, राजेश कुमार यादव-II, महेंद्र पाल सिंह-II, प्रदीप कुमार-II, सुनीन्द्र सुधाकरन, प्रदीप वर्मा और ललित कुमार को प्रमोशन का लाभ मिला है। 

    इन पदों पर काम कर रहे हैं अधिकारी
    इन अधिकारियों की तैनाती प्रदेश के अलग-अलग जिलों और विभागों में है. इनमें अपर जिलाधिकारी, अपर आयुक्त, सचिव, उप निदेशक और अन्य पदों पर काम कर रहे अधिकारी शामिल हैं. शासन के आदेश के अनुसार, 52 अधिकारियों को 6600 रुपये ग्रेड पे वाले लेवल-11 से 7600 रुपये ग्रेड पे वाले लेवल-12 में प्रमोशन दिया गया है. संबंधित विभागों और अधिकारियों को आदेश की जानकारी भेज दी गई है। 

  • मध्यप्रदेश में 1 जनवरी से IAS अधिकारियों को पदोन्नति, 3 बनेंगे प्रमुख सचिव और 16 को मिलेगा सचिव पद

    मध्यप्रदेश में 1 जनवरी से IAS अधिकारियों को पदोन्नति, 3 बनेंगे प्रमुख सचिव और 16 को मिलेगा सचिव पद

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में आम नागरिकों को अगले दो महीने बाद नए साल से बड़ी संख्या में और अधिक सक्षम अधिकारी मिलने वाले हैं, जिसके बाद काफी हद तक अतिरिक्त प्रभार के कारण खड़ी हो रही समस्याओं से छुटकारा मिल सकेगा। आइएएस संजय गोयल, निशात वरवडे और ज्ञानेश्वर वी पाटिल प्रमुख सचिव ही जाएंगे। अभी ये सचिव है। गोयल अभी स्कूल शिक्षा, चरवड़े किसान कल्याण एवं कृषि विभाग संभाल रहे हैं तो पाटिल एसइइपीजेड मुंबई जोनके विकास आयुक्त का जिम्मा है। ये तीनों 2003 बैच के हैं। उधर ग्वालियर कलेक्टर रूचिका चौहान, मुर्खियों में रही आइएएस नेहा मारव्या सिंह, भिंड में तेज तर्रार कलेक्टरी दिखा चुके संजीव श्रीवास्तव और जल निगम के एमडी वीएस चौधरी कोलसानी समेत 2011 बैच के 16 आइएएस सचिव बन जाएंगे। जबकि अपर 2022 बैच के 8 आइएएस कलेक्टर हो जाएंगे। बता दें कि सरकार के वरिष्ट्र स्तर अधिकारियों का टोटा है. अफसरों के पास एक से लेकर पर कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। आम नागरिक कई बार अतिरिक्त प्रभार वाले अफसरों को एक से दूसरे कार्यालयों में खोजते रहते हैं।

    सुर्खियों में रही आइएएस नेहा मारव्या व तेज तर्रार कलेक्टरी दिखा चुके संजीव भी सचिव
    बता दें कि 2011 बैच के आइएएस एवं उद्यानिकी विभाग के कमिश्नर सौरव कुमार सुमन, राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की एमी नेहा मारण्या सिंह, प्रतिनियुक्ति पर बैंगलुरू में सेवाएं दे रहे विजय कुमार जी, चेाई पोर्ट अर्थारिटी में सेवाएं दे रही अनुग्रहा पी, दिल्ली में तैनात श्री विजय च विजय दा, रेशम संचालनालय के आयुक्त मोहित कुंवर, मप्र जनगणना संचालन निदेशक एवं भिंड में कलेक्टर रह चुके संजीव श्रीवास्तथ एमपी आइ‌डीसी के एमडी चंदगौली शुक्ला, एफडीए के नियंत्रक मनोज पुष्प, एग्रीकल्चर डायरेक्टर उमाशंकर भार्गव हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर गौतम सिंह इंदौर संयुक्त कमिश्नर प्रीति जैन, पन्ना में कलेक्टर रह चुकौउवापरमार, वाल्मी डायरेक्टर सरिता बाला ओम प्रजापति प्रशासन अकादमी के डायरेक्टर मुजीबुर्रहमान खान, चाय आयुक्त दिनेश जैन, आयुष विभाग के अपर सचिव संजय कुमार मिश्रा, तकनीकी शिक्का के अपर सचिव गिरीश शर्मा, भोपाल के अपर आयुक्त (राजस्व) शिवराज सिंह वर्मा, ग्वालियर के अपर आयुक्त (राजस्व) वीरेंद्र कुमार सचिव बनेंगे।

    ये बनेंगे अपर कलेक्टर
    खंडवा जिपं सीईओ ऐश्वर्य वर्मा, इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त आशीष, श्योपुर जिपं सीईओ कार्तिकेय जायसवाल, टीकमगढ़ जिपं सीईओ विशाल धाकड़, उप सचिव सोनाली देव बड़‌वानी जिपं सीईओ अर्पित गुप्ता, बालाघाट जिपं सीईओ तनुश्री मीणा, सांहवा अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला।

    सीएस का कार्यकाल 3 महीने बाकी, एसीएस राजौरा जून में होंगे रिटायर, वीएल कांताराव दिसंबर 2027 में
    राजौरा जून में सेवानिवृत्त होंगे। वे सीएस की कुर्सी तक पहुंचने ही वाले थे कि दिल्ली से उनका नाम कट गया था। एसीएस मनु श्रीवास्तव सितंबर में. एसीएस केसी अगस्त में, केंद्र में सेवाएं दे रहे चौरल कांताराय दिसंबर 2027 में तैयानिवृत्त होंगे।

    आहूजा होंगे अगले एसीएस
    अब अगले अपर मुख्य सचिव (एसीएस) डीपी आहूजा होंगे। आहूजा अभी सहकारिता विभाग संभाल रहे हैं। वे वरिष्ठता क्रम में सबसे आगे है। यह तमगा उन्हें मौजूदा एसीएस में से किसी का रिटायरमेंट होने के बाद मिलेगा।

  • स्कूल शिक्षा विभाग में प्रमोशन अटके, जनजातीय विभाग ने दिए आदेश

    स्कूल शिक्षा विभाग में प्रमोशन अटके, जनजातीय विभाग ने दिए आदेश

    भोपाल
    स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति लटकी हुई है, जबकि जनजातीय कार्य विभाग ने 264 उच्च श्रेणी शिक्षकों और प्रधान पाठकों को व्याख्याता बना दिया है। इस दोहरे रवैये से शिक्षकों में नाराजगी है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग पदोन्नति आदेश जारी नहीं कर रहा है।

    शासकीय शिक्षक संगठन का विरोध: दो साल से लंबित हैं पदोन्नतियां
    संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि दोनों विभागों में शिक्षकों की योग्यता, अर्हता और सेवा शर्तें समान हैं। जनजातीय विभाग में सहायक शिक्षक से उच्च श्रेणी शिक्षक और उच्च श्रेणी शिक्षक से व्याख्याता तक पदोन्नतियां हो चुकी हैं।

    जल्द लाभ देने की मांग
    वहीं स्कूल शिक्षा विभाग में प्राथमिक, सहायक, माध्यमिक और उच्च श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति दो साल से लंबित है। उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले उच्च पद का प्रभार लेने वाले शिक्षकों को भी अभी तक नियमित पदोन्नति नहीं मिली है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने मांग की है कि शासन समय-सीमा तय कर पात्र शिक्षकों को जल्द पदोन्नति का लाभ दे।

  • रिटायरमेंट से पहले मिलेगा प्रमोशन, 50 हजार MP कर्मचारियों को लाभ

    रिटायरमेंट से पहले मिलेगा प्रमोशन, 50 हजार MP कर्मचारियों को लाभ

    भोपाल 

    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को निर्देश दिए हैं कि जनवरी 2027 से शुरू होने वाले पदोन्नति के दूसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी की जाएं। इस चरण में मुख्य रूप से उन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके सेवानिवृत्त होने में केवल 1 से 2 साल का समय बचा है। सरकार का उद्देश्य विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के जरिए इन कर्मचारियों का प्रमोशन सुनिश्चित करना है, ताकि कानूनी विवादों के कारण कोई भी कर्मचारी अपने हक के प्रमोशन से वंचित न रह जाए।

    लंबित प्रमोशन होंगे पूरे
    नियमों के मुताबिक हर 5 साल में पदोन्नति का प्रावधान है, लेकिन 2016 से चले आ रहे कानूनी विवाद के कारण कर्मचारियों को 10 साल बाद 2026 में पहला प्रमोशन मिल सका। अब दूसरा प्रमोशन भी बकाया हो चुका है, जिसे जनवरी से डीपीसी कर नियमित किया जाएगा।

    इन पदों को मिलेगा लाभ
    प्रशासनिक कैडर में ग्रेड-2 से ग्रेड-
    1, सेक्शन ऑफिसर से अवर सचिव, अवर सचिव से डिप्टी सेक्रेटरी तथा सहायक संचालक से अतिरिक्त संचालक स्तर तक के पद शामिल हैं। वहीं इंजीनियरिंग सेक्शन में असिस्टेंट इंजीनियर से लेकर ईएनसी (Engineer-in-Chief) तक के पदों पर पदोन्नति मिलेगी। मध्य प्रदेश विधानसभा ने दूसरे चरण के प्रमोशन को लेकर अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।

    पदोन्नति के आंकड़े और शिक्षकों की स्थिति
    चालू वर्ष में जुलाई से लेकर अब तक लगभग 1 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। हालांकि अभी भी विभिन्न कारणों से करीब 50 हजार प्रमोशन अटके हुए हैं। कुल अटके मामलों में सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग की है, जहां शिक्षक पात्रता परीक्षा के कारण 30 हजार शिक्षकों के प्रमोशन रुके हुए थे। विभाग ने इसका समाधान निकाल लिया है और दिसंबर से पहले इन शिक्षकों को पदोन्नत करने की योजना है।

    सीपीसीटी में जल्द मिलने जा रही राहत
    चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन में परेशानी बनी सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता में राहत जल्द ही मिलने जा रही है. सामान्य प्रशासन विभाग इसको लेकर आदेश जारी करने जा रहा है. सीपीसीटी परीक्षा न होने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का प्रमोशन तृतीय श्रेणी में नहीं हो पा रहा था, इसको देखते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसमें राहत देने का ऐलान किया था।