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  • रेल कर्मचारियों के लिए मल्टीस्टोरी आवास का प्लान, 2BHK-3BHK फ्लैट के साथ लिफ्ट-पार्किंग और पावर बैकअप

    रेल कर्मचारियों के लिए मल्टीस्टोरी आवास का प्लान, 2BHK-3BHK फ्लैट के साथ लिफ्ट-पार्किंग और पावर बैकअप

    नई दिल्ली

    रेलवे में काम करनेवाले लाखों कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर है. खासकर उन रेलकर्मियों के लिए, जो रेलवे के बेहद पुराने मकानों में रह रहे हैं. जिन रेलवे कॉलोनी में मकान 50 साल पुराने हो गए हैं या असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं, उन कॉलोनी का कायाकल्‍प होने वाला है। दरअसल, रेलवे बोर्ड की योजना, 50 साल से ज्‍यादा पुराने और असुरक्षित रेलवे क्‍वार्टर्स को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला इमारतें तैयार करने की है. जमीन का बेहतर इस्‍तेमाल करते हुए G-4 यानी 4 मंजिली या उससे ज्‍यादा ऊंची इमारतें बनाई जाएंगी और इन भवनों में रेलकर्मियों को रहने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे। 

    दरअसल, इस संबंध में रेलवे बोर्ड का निर्देश पत्र फिर से चर्चा में है, जिसमें पुराने जर्जर मकानों को चरणबद्ध तरीके से ध्‍वस्‍त करने और उनकी जगह बहुमंजिला बिल्डिंग बनवाने के संबंध में सभी जोनल रेलवे, मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट्स और केंद्रीय संगठनों को निर्देश दिए गए थे। रेलवे बोर्ड के सूत्र ने बताया कि पूर्व में ही सभी जोन को ऐसा एक पत्र जारी किया गया था. इस पत्र में असुरक्षित रेलवे कॉलोनियों की प्राथमिकता सूची तैयार कर वर्क-प्‍लान भेजने को कहा गया है. कुछ जगहों पर काम प्रगति में होने की भी खबरें हैं। 

    बड़े फ्लैट, लिफ्ट, पार्किंग, पावर बैकअप भी
    रेलवे बोर्ड का प्‍लान जमीन पर उतारा गया तो रेलकर्मियों को पुराने ढर्रे वाली कॉलोनी के जर्जर मकानों में नहीं, बल्कि 4-5 या ज्‍यादा मंजिल वाली बिल्डिंग में बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे. जिन रेलकर्मियों को ऊंची बिल्डिंग में फ्लैट मिलेंगे, उन्‍हें बिल्डिंग में लिफ्ट की भी सुविधा मिलेगी। .

    संभव हो तो बिजली के लिए छतों पर सोलर एनर्जी प्‍लांट भी इंस्‍टॉल किए जाएंगे, ताकि पावर-कट होने पर भी बिजली मिलती रहे. यही नहीं, फ्लैट में आधुनिक रसोई की फिटिंग और वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्‍यवस्‍था देने का भी प्‍लान है।  

        ऊंची बिल्डिंग्‍स बनने पर टाइप-2 और टाइप-3 रेलवे क्वार्टरों का कवर्ड एरिया बढ़ जाएगा। 
        कम जगह होने के बावजूद ज्‍यादा से ज्‍यादा रेलकर्मियों को सुरक्षित आवास मुहैया कराया जा सकेगा। 
        रेलकर्मियों को 2BHK और 3BHK वाले आवास के स्‍टैंडर्ड  के मुताबिक डेवलप किया जाएगा। 
        कर्मचारियों को पुराने और छोटे कमरों की बजाय पहले से ज्‍यादा जगह वाले आधुनिक आवास मिलेंगे। 
        कोई बिल्डिंग अगर तीन से ज्‍यादा मंजिल वाली हुई तो उनमें लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी ही रहेगी।  
        छत पर सोलर एनर्जी सिस्‍टम, मॉड्युलर किचन फिटिंग और बिल्डिंग के नीचे अलग पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।  

    रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार इन रेलकर्मियों के लिए आवासीय बिल्डिंग के पुनर्निर्माण प्रोजेक्‍ट के लिए पैसे वर्क्स प्रोग्राम के प्लान हेड-51 यानी कर्मचारी सुविधाओं के तहत उपलब्ध कराई जाएगी. बताया ये भी जा रहा है कि जहां भी संभावना बनेगी, इन परियोजनाओं को स्टेशन पुनर्विकास और अमृत भारत योजना से भी जोड़ा जा सकेगा। 

  • 19 सितंबर से रेलवे रूट पर बड़ा असर, 42 ट्रेनें रहेंगी कैंसिल; 25 के बदले जाएंगे रास्ते

    19 सितंबर से रेलवे रूट पर बड़ा असर, 42 ट्रेनें रहेंगी कैंसिल; 25 के बदले जाएंगे रास्ते

    पुणे
    पुणे से ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है. सेंट्रल रेलवे 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पुणे इलाके में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर ब्लॉक लेने जा रहा है. इस दौरान 42 ट्रेनें रद्द रहेंगी, 25 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा, जबकि कई ट्रेनों को बीच के स्टेशनों से शुरू या खत्म किया जाएगा. इसका असर लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ पुणे की लोकल और डीईएमयू सेवाओं पर भी पड़ेगा। 

    रेलवे के मुताबिक, हडपसर और घोरपड़ी के बीच तीसरी रेल लाइन को चालू करने के लिए यह मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है. इस दौरान पुणे और हडपसर यार्ड में इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और ओवरहेड इक्विपमेंट से जुड़े काम किए जाएंगे। काम के चलते कुछ रेल लाइनें उपलब्ध नहीं रहेंगी, इसलिए कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या रीशेड्यूल किया जाएगा।

    ये 42 ट्रेनें रहेंगी रद्द

    इस मेगा ब्लॉक के दौरान 42 ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर नहीं चलेंगी. इनमें 12169 पुणे-सोलापुर और 12170 सोलापुर-पुणे ट्रेनें 19 से 23 सितंबर और 3-4 अक्टूबर को रद्द रहेंगी। 

    इसके अलावा 12116, 12115, 12114, 12113, 11041 और 11042 भी तय तारीखों पर रद्द रहेंगी. 4 अक्टूबर को 22105, 22106, 11007, 11008, 11029, 11030, 12127, 12128, 12157, 12158, 11423 और 11424 समेत कई ट्रेनें नहीं चलेंगी। 

    लोकल और DEMU पर भी असर
    मेगा ब्लॉक का असर पुणे-दौंड और पुणे-लोनावला के यात्रियों पर भी पड़ेगा. 71407 और 71408 पुणे-दौंड डीईएमयू 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी. इसके अलावा 71411, 71412, 71404, 71405, 71401, 71402, 71413, 71419 और 71420 अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी. पुणे-लोनावला की 99812, 99818, 99813, 99820 और 99821 सबअर्बन सेवाएं 4 अक्टूबर को रद्द रहेंगी. वहीं 71441 और 71442 अहमदनगर-बीड़ डीईएमयू 5 अक्टूबर को नहीं चलेंगी। 

    25 ट्रेनों का बदला जाएगा रूट
    मेगा ब्लॉक के दौरान 25 ट्रेनों को उनके सामान्य रास्ते के बजाय दूसरे रूट से चलाया जाएगा. 12221 पुणे-हावड़ा 19 सितंबर और 3 अक्टूबर को डायवर्ट रूट से चलेगी. वहीं 12222 हावड़ा-पुणे 3 अक्टूबर को मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल-कर्जत-लोनावला होते हुए पुणे पहुंचेगी. 22159 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-एमजीआर चेन्नई सेंट्रल 19 से 23 सितंबर और 4 अक्टूबर को कल्याण-इगतपुरी-मनमाड-दौंड रूट से चलेगी. 11028 सतारा-दादर 3 अक्टूबर को सतारा-जेजुरी-पुणे-लोणावला रूट से जाएगी. यह ट्रेन सतारा से रात 10.30 बजे रवाना होगी। 

    कई ट्रेनें रास्ते में होंगी टर्मिनेट
    कुछ ट्रेनों को उनके तय गंतव्य तक नहीं ले जाकर रास्ते के स्टेशनों पर ही टर्मिनेट किया जाएगा. इसी तरह कुछ ट्रेनें अपने सामान्य शुरुआती स्टेशन की जगह दूसरे स्टेशन से चलेंगी. 22944 इंदौर-दौंड 18 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खड़की में टर्मिनेट होगी, जबकि 22943 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खड़की से दोपहर 3.40 बजे चलेगी. 20495 जोधपुर-हडपसर तय तारीखों पर खड़की में खत्म होगी और 20496 खड़की से शाम 7.40 बजे रवाना होगी। 

    17014 काजीपेट-हडपसर कुछ तारीखों पर दौंड तक जाएगी, जबकि 3 अक्टूबर को इसका सफर कुर्डुवाडी तक सीमित रहेगा. इसकी वापसी ट्रेन 17013 4 अक्टूबर को कुर्डुवाडी से चलेगी। 

    इसके अलावा 12158, 11026, 22846, 22172 और 20162 जैसी कुछ ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर दौंड में ही खत्म होंगी. वहीं 12157, 11025, 22845 और 22171 दौंड से शुरू होंगी. इनमें 22845 के दौंड से चलने का समय सुबह 11.52 बजे और 22171 का शाम 4.15 बजे है। 

    कुछ अन्य सेवाएं भी अपने सामान्य स्टेशन की जगह बदले हुए स्टेशन से शुरू होंगी. इनमें 12939 खड़की से शाम 5.35 बजे, 12493 खड़की से सुबह 11.10 बजे, 11425 जेजुरी से, 20674 सतारा से और 99814 व 99824 शिवाजीनगर से शुरू होने वाली सेवाएं शामिल हैं। 

    यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस करें चेक
    अगर आप पुणे, हडपसर, दौंड, लोणावला या आसपास के इलाकों से ट्रेन पकड़ने वाले हैं, तो इस दौरान स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें. सिर्फ ट्रेन नंबर देखकर स्टेशन के लिए न निकलें, क्योंकि आपकी ट्रेन रद्द हो सकती है, उसका रूट बदला हो सकता है या वह किसी दूसरे स्टेशन से चल सकती है. रेलवे ने यात्रियों से Indian Railway Enquiry Portal या NTES ऐप पर अपनी ट्रेन का लेटेस्ट रनिंग स्टेटस और बदली हुई टाइमिंग चेक करने की सलाह दी है। 

  • रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! ऑनलाइन टिकट के बाद ये गलती पड़ी भारी, देना पड़ सकता है जुर्माना

    रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! ऑनलाइन टिकट के बाद ये गलती पड़ी भारी, देना पड़ सकता है जुर्माना

     नई दिल्‍ली

    भारतीय रेलवे ने अनरिजर्व टिकट (जनरल टिकट) को लेकर एक बड़ा कंफ्यूजन दूर कर दिया है और कहा है कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट के स्‍कीनशॉट या व्‍हाट्सऐप पर टिकट दिखाता है तो उसे भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।  

    दरअलस, वेस्‍ट रेलवे कोटा डिविजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन का कहना है कि RailOne ऐप के जरिए बुक किया गया जनरल टिकट ही मान्‍य होगा, लेकिन सिर्फ उसी स्‍पैसिफिक फोन में, जिसमें यह ऐप रजिस्‍टर्ड हो और ऐप में जाकर ही टिकट दिखाना होगा। 

    उन्‍होंने आगे कहा कि अगर किसी और फोन में किसी दूसरे व्‍यक्ति द्वारा जनरल टिकट की बुकिंग की गई है और वह टिकट व्‍हाट्सऐप या किसी अन्‍य तरह से शेयर किया गया है तो वह मान्‍य नहीं होगा. साथ ही अगर कोई उस टिकट का स्‍कीनशॉट भी दिखाता है तो भी ये वैलिड नहीं माना जाएगा।  

    रिपोर्ट में जैन ने कहा कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट पर सफर कर रहा है, तो जर्नी के दौरान उसे टिकट बुक करने वाले फोन को साथ लेकर चलना चाहिए. साथ ही रजिस्‍टर्ड नंबर से ही बुकिंग करनी चाहिए. इससे वह भारी पेनल्‍टी से बच सकता है। 

    बोर्डिंग से पहले बुक होना चाहिए टिकट
    रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि बोर्डिंग स्‍टेशन पर पहुंचने से पहले ही ट्रेन की बुकिंग हो जानी चाहिए, वरना बाद में टिकट को वैलिड नहीं माना जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि कोई भी यात्री बिना टिकट के ट्रेन में नहीं चढ़ सकता और टिकट चेकिंग स्टाफ को देखकर मोबाइल फोन से अनरिजर्व टिकट नहीं बना सकता है। 

    जैन ने कहा कि इसी तरह, किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से टिकट प्राप्त करना और उसका स्क्रीनशॉट साथ रखना निर्धारित डिजिटल टिकटिंग आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है. अधिकारी ने कहा कि डिजिटल टिकट दिखाने के लिए, मोबाइल फोन चालू होना चाहिए और उसमें पर्याप्त चार्ज होना चाहिए। 

    ये सभी बातें जान लेनी चाहिए
        यात्रा शुरू करने से पहले वैलिड टिकट लें. 
        अपने रजिस्‍टर्ड मोबाइल फोन का उपयोग करके RailOne ऐप के माध्यम से जनरल टिकट बुक कर सकते हैं. 
        टिकट उसी मोबाइल फोन पर उपलब्ध होना चाहिए जिसका उपयोग इसे बुक करने के लिए किया गया था. 
        व्हाट्सऐप के माध्यम से प्राप्त टिकट या स्क्रीनशॉट वैलिड नहीं माना जाएगा. 
        रजिस्‍टर्ड मोबाइल से बुक किया गया टिकट केवल उस मोबाइल के धारक के लिए ही मान्य है. 
        यात्रा के दौरान अपने साथ संबंधित मोबाइल फोन रखें और सुनिश्चित करें कि वह चार्ज हो. 

    रेलवे ने बढ़ाया जुर्माना
    रेलवे अधिकारी ने आगे कहा कि उचित टिकट के बिना या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 19 जून, 2026 से 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। 

  • ग्वालियर रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 7 ट्रेनों के बदले रूट; तीसरी रेल लाइन का काम शुरू

    ग्वालियर रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 7 ट्रेनों के बदले रूट; तीसरी रेल लाइन का काम शुरू

    ग्वालियर 

    आने वाले दिनों में अगर आप ट्रेन से यात्रा करने का प्लान बना रहे है तो ये खबर आपके काम की है। मध्य रेलवे के पुणे एवं हडपसर यार्ड में हडपसर-पुणे-जीसीएमसी तीसरी रेल लाइन की कमीशनिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इस कारण सितंबर और अक्टूबर में कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। इसका सीधा असर एमपी में ग्वालियर से चलने वाली ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस (22194) और दौंड-ग्वालियर एक्सप्रेस (22193) पर पड़ेगा।

    ग्वालियर होकर चलने वाली हजरत निजामुद्दीन मिरज एक्सप्रेस (12494) और वापसी में मिरज-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (12493) भी प्रभावित रहेंगी। वहीं ट्रेन संख्या 22194 ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस 19 सितंबर को पुणे के बजाय खडकी स्टेशन पर आंशिक रूप से समाप्त होगी। इसके अगले दिन ट्रेन संख्या 22193 दौड-ग्वालियर एक्सप्रेस 20 सितंबर को पुणे के बजाय खडकी स्टेशन से रात 12.30 बजे दौंड के लिए रवाना होगी।
    इन ट्रेनों के मार्ग भी बदले

    11078 जम्मू तवी-पुणे एक्सप्रेस 21 सितंबर को मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल-करजत-लोनावला होते हुए पुणे पहुंचेगी।
    12780 हजरत निजामुद्दीन-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस 22 सितंबर और 3 अक्टूबर को मनमाड-काष्टी-दौंड-कुईवाडी पंढरपुर-मिरज होकर चलेगी।
    11077 पुणे-जम्मू तवी एक्सप्रेस 20 सितंबर को पुणे-लोनावला करजत-पनवेल-कल्याण-इगतपुरी-मनमाड होकर चलेगी।
    12147 कोल्हापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 22 सितंबर को कोल्हापुर-मिरज-कुडूवाडी-दौंड-अहिल्यानगर-मनमाड होकर चलेगी।
    18519 विशाखापत्तनम–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस : 2 अक्टूबर को दौंड–अहिल्यानगर–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण होकर चलेगी
    22686 चंडीगढ़–यशवंतपुर एक्सप्रेस: 3 अक्टूबर को मनमाड–काष्टी–दौंड–कुर्डूवाडी–पंढरपुर–मिरज मार्ग से चलेगी।

    झेलम पुणे से देरी से होगी रवाना
    ट्रेन 11077 पुणे-जम्मू तवी के पुणे से रवाना होने के समय में भी कुछ तिथियों पर बदलाव किया गया है।
    19 सितंबर-शाम 5.50 बजे रवाना होगी, निर्धारित समय से 30 मिनट देरी।
    23 सितंबर-शाम 5.50 बजे रवाना होगी, 30 मिनट देरी से।
    3 अक्टूबर-शाम 6.45 बजे रवाना होगी, 1.25 घंटे देरी से।
    4 अक्टूबर-शाम 7.30 बजे रवाना होगी, 2.10 घंटे देरी से
    1 सितंबर से नहीं होगा 20 ट्रेनें का स्टॉपेज

    यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि 12138 पंजाब मेल, 20986 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-कोटा साप्ताहिक एक्सप्रेस, 11450 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस, 16032 अंडमान एक्सप्रेस और 16318 हिमसागर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 14 अक्टूबर तक फरीदाबाद नहीं रुकेंगी। वहीं 19326 अमृतसर इंदौर एक्सप्रेस, 11842 कुरुक्षेत्र-खजुराहो एक्सप्रेस, 19020 हरिद्वार-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस, 12920 मालवा एक्सप्रेस, 14622 फिरोजपुर-नांदेड एक्सप्रेस, 22918 हरिद्वार-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस और 19308 ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस का ठहराव 1 सितंबर से 15 अक्टूबर तक नहीं होगा।

  • चंडीगढ़ स्टेशन के पुनर्निर्माण से रेल यातायात प्रभावित, 12 ट्रेनें कैंसिल; कई का संचालन मोहाली से

    चंडीगढ़ स्टेशन के पुनर्निर्माण से रेल यातायात प्रभावित, 12 ट्रेनें कैंसिल; कई का संचालन मोहाली से

    चंडीगढ़
    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे ने निर्माण कार्य के लिए 36 दिन का ब्लॉक मंजूर किया है। यह काम तीन चरणों में होगा। इस दौरान स्टेशन पर पिलर मजबूत करने और फुट ओवरब्रिज पर छत डालने का काम किया जाएगा।

    निर्माण कार्य के चलते चंडीगढ़ और कालका से चलने वाली 12 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को चंडीगढ़ के बजाय अंबाला और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) से चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़-अंबाला के बीच आंशिक रूप से रद्द कर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। इसके अलावा, कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी बदले गए हैं।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निर्माण एजेंसी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स को एक महीने के भीतर दूसरी बार अंबाला मंडल से ब्लॉक की मंजूरी मिली है। इस बार 36 दिन का ब्लॉक तीन हिस्सों में लगाया जा रहा है। प्रत्येक चरण 12 दिन का होगा। रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहला ब्लॉक 10 से 21 सितंबर तक रहेगा।

    इसके बाद दूसरा चरण 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक और तीसरा चरण 4 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इन 36 दिनों के दौरान अलग-अलग चरणों में निर्माण कार्य किया जाएगा। काम की वजह से स्टेशन के प्लेटफार्म और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा।

    6 ट्रेनें अंबाला से चलेंगी
    ब्लॉक के दौरान रेलवे ने 6 ट्रेनों को अंबाला से संचालित करने का फैसला किया है। वहीं, 8 ट्रेनों को साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन से चलाया जाएगा। इससे चंडीगढ़ से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए मोहाली या अंबाला तक पहुंचना पड़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के संचालन स्टेशन और समय की जानकारी रेलवे से जरूर जांच लें।

    20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले
    ब्लॉक के दौरान चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की साफ-सफाई और धुलाई के लिए भी प्लेटफार्म में बदलाव किया गया है। 10 से 21 सितंबर तक करीब 20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले गए हैं। रेलवे के अनुसार, प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 से चलने वाली कुछ ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से रवाना किया जाएगा।

    प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी
    4 से 15 अक्टूबर तक इन ट्रेनों के लिए प्लेटफार्म नंबर 3, 4 और 6 का इस्तेमाल किया जाएगा। बदलाव के कारण यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन के प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी। ब्लॉक के अलग-अलग चरणों में अन्य ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़ की बजाय मोहाली या अंबाला से चलाया जाएगा।

    यात्रियों के लिए सितंबर-अक्टूबर रहेगा परेशानी वाला
    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम लंबे समय से चल रहा है। स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य किया जा रहा है। अब पिलर की फिलिंग और कॉनकोर्स से जुड़े फुट ओवरब्रिज पर रूफ डालने के काम के कारण रेलवे को बड़े स्तर पर परिचालन में बदलाव करना पड़ रहा है।

    36 दिन के इस ब्लॉक के कारण सितंबर से अक्टूबर के बीच चंडीगढ़ से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर स्टेशन पहुंचना होगा। जिन यात्रियों की ट्रेन मोहाली या अंबाला से चलेगी, उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए भी अतिरिक्त समय रखना पड़ेगा।

  • डोडा डैम टूटने से पटरियां बनीं दरिया, रेलकर्मी की लाल झंडी के पीछे धीरे-धीरे निकली ट्रेन

    डोडा डैम टूटने से पटरियां बनीं दरिया, रेलकर्मी की लाल झंडी के पीछे धीरे-धीरे निकली ट्रेन

    सतना

    मध्यप्रदेश के सतना-चित्रकूट इलाके में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसी बीच मानिकपुर के पास स्थित डोडा डैम के ओवरफ्लो होकर टूटने से अचानक मानिकपुर और चित्रकूट इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. इसके चलते सतना-मानिकपुर रेलखंड पर चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पूरी तरह जलमग्न हो गया। 

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें एक तरफ यात्री ट्रेन और दूसरी तरफ मालगाड़ी खड़ी नजर आ रही है. ट्रैक के आसपास घुटनों से ऊपर लगभग तीन फीट तक पानी बहता दिखाई दे रहा है. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई जगहों पर पटरियां दिखना पूरी तरह बंद हो गईं। 

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कर्मचारियों और लाइनमैन ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक की स्थिति को परखा. रेलकर्मी हाथ में लाल झंडी लेकर घुटनों से ऊपर उफनते पानी में उतरे और धीरे-धीरे आगे बढ़े. लाल झंडी दिखाते कर्मचारी के पीछे-पीछे ट्रेन पानी को चीरती हुई बेहद धीमी गति से आगे बढ़ती नजर आई। 

    रेलवे ने प्रोटोकॉल के तहत रोकी गाड़ियां, 48 ट्रेनें प्रभावित
    घटना और रेल यातायात पर पड़े असर की जानकारी देते हुए जबलपुर डिवीजन की CPRO मधु वर्मा ने बताया, पिछले 3-4 दिनों से लगातार बारिश हो रही थी और बीती रात भी काफी तेज बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर आ गईं. सुबह लगभग 6:30 बजे ट्रैक पर पानी भरने की स्थिति बनी. चितहरा और मझगवां के पास रेल ट्रैक के ऊपर पानी आ गया था. रेलवे के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए हमारी पेट्रोलिंग टीम, की-मैन और सुपरवाइजर्स ने ट्रैक की सघन जांच की. जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों को सुरक्षित रवाना किया गया। 

    CPRO ने आगे बताया कि इस चेकिंग और सुरक्षा प्रक्रिया के कारण लगभग 28 यात्री ट्रेनों और 20 मालगाड़ियों के संचालन में विलंब (डिले) हुआ है. राहत की बात यह है कि लंबी दूरी की किसी भी ट्रेन को निरस्त नहीं किया गया, केवल सतना से मानिकपुर के बीच चलने वाली मेमू (MEMU) ट्रेन को ही रद्द किया गया। 

     

  • ‘डायरेक्ट ड्राइव’ ऑटो सिग्नल सिस्टम से ट्रेनें दौड़ेंगी तेज, 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

    ‘डायरेक्ट ड्राइव’ ऑटो सिग्नल सिस्टम से ट्रेनें दौड़ेंगी तेज, 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

    भोपाल 

    पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने रेलवे सिग्नलिंग में बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। कुरवाई केथोरा-मंडी बामोरा-कालहार खंड के कुल 33.86 किमी. डबल लाइन पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को कमीशन किया है। इस सेक्शन में ट्रेन के प्रवेश करते ही सुरक्षित सिग्नल रिसीव और फॉरवर्ड होंगे। इसी के साथ जैसे-जैसे ट्रेन आगे जाएगी, वैसे सिग्नल क्लीयर होते जाएंगे।

    कुल मिलाकर एआइ सिस्टम जैसी इस तकनीक में मानवीय त्रुटि की आशंका काफी कम होगी। खास बात यह है कि यहां पहली बार डायरेक्ट ड्राइव मॉड्यूल आधारित तकनीक उपयोग की है। इस प्रणाली में ब्लॉक सेक्शन के ऑटो सिग्नलों को सीधे वे साइडकैबिनेट के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। इससे पहले की पारंपरिक व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी। इससे सिस्टम तेज, भरोसेमंद और रखरखाव में आसान बनेगा।

    दो नए ऑटो हट बनेंगे

    भोपाल मंडल के कुरवाई- कैथोरा मंडी बामोरा के बीच इस सिस्टम के लगने के बाद नए ऑटो हट बनाए जाएंगे। ऑटो हट में मॉनीटरिंग सिस्टम होगा, जो पूरा डेटा ट्रांसमिशन स्पीड और साइबर अटैक से सुरक्षा दिलाएगा।

    भोपाल-बीना-इटारसी बनेगा फ्रेट कॉरिडोर

    भोपाल रेल मंडल के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन पर चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। 237 किमी लंबी इस परियोजना पर 4,329 करोड़ खर्च होंगे, जिससे यात्री और मालगाडिय़ों के संचालन में सुधार होगा।

    यह नया रेल कॉरिडोर इटारसी से शुरू होकर भोपाल होते हुए बीना तक जाएगा। यह मार्ग नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, भोपाल, विदिशा और सागर जिलों से होकर गुजरेगा। वर्तमान में यह सेक्शन अत्यधिक व्यस्त है, जहां यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी मात्रा में मालगाडिय़ों का संचालन होता है। चौथी लाइन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ट्रेनें 220 किमी. की स्पीड से दौड़ सकेंगी।

    भोपाल मंडल में डायरेक्ट ड्राइव सिस्टम को लागू किया है। बाकी सेक्शनों में भी इस तकनीक को इंस्टाल किया जाएगा। सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम