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  • जशपुर के डॉ. आनंद पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को राष्ट्रीय सम्मान

    जशपुर के डॉ. आनंद पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को राष्ट्रीय सम्मान

    छत्तीसगढ़ की कला प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम, जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दोनों कलाकारों को दी बधाई, कहा : छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कलाकार प्रदेश की अमूल्य धरोहर

    रायपुर,
     छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और रंगमंचीय परंपरा के लिए यह अत्यंत गौरवशाली उपलब्धि है। प्रदेश के दो प्रतिभाशाली कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सुदूर आदिवासी अंचल जशपुर में रंगमंच की अलख जगाने वाले डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय तथा सारंगढ़ के घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन एवं छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। दोनों कलाकारों की इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ की रचनात्मक प्रतिभा, सांस्कृतिक समृद्धि और नाट्य परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

    छत्तीसगढ़ के वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले इन कलाकारों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा और सृजनशीलता किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। कला के प्रति समर्पण, निरंतर साधना और रचनात्मक प्रतिबद्धता के बल पर प्रदेश के कलाकार राष्ट्रीय सांस्कृतिक परिदृश्य में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

    जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय ने रंगमंच को दी नई पहचान

    छत्तीसगढ़ के सुदूर आदिवासी अंचल जशपुर में रंगमंच की परंपरा को आगे बढ़ाने और अभिनय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी यह उपलब्धि जशपुर सहित पूरे सरगुजा अंचल और छत्तीसगढ़ के रंगमंच से जुड़े कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है।

    डॉ. पाण्डेय की कला साधना इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहकर भी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। उनका सम्मान छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में विद्यमान रचनात्मक संभावनाओं और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को नई प्रेरणा प्रदान करने वाला है।

    सारंगढ़ के घनश्याम साहू ने नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को दिलाया गौरव

    सारंगढ़ के प्रतिभाशाली लेखक घनश्याम साहू को उनके विशिष्ट नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में उत्कृष्ट पटकथा लेखन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की साहित्यिक, नाट्य और सिनेमाई रचनात्मकता के लिए महत्वपूर्ण है।

    नाट्य लेखन और पटकथा लेखन किसी भी रंगमंचीय प्रस्तुति अथवा फिल्म की आत्मा होते हैं। प्रभावशाली कथानक, संवेदनशील संवाद और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों को रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रदान करने में लेखकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। साहू को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में कार्यरत रचनाकारों के लिए उत्साहवर्धक है।

    छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बना राष्ट्रीय सम्मान

    संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार भारतीय प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को यह सम्मान प्राप्त होना प्रदेश की जीवंत नाट्य परंपरा और रचनात्मक क्षमता का परिचायक है।

    लोककला, लोकनाट्य, संगीत, नृत्य, साहित्य और रंगमंच की समृद्ध विरासत वाला छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। यहां की लोक परंपराएं, जनजीवन, बोलियां और सामाजिक संवेदनाएं कलाकारों को सृजन की व्यापक संभावनाएं प्रदान करती हैं। ऐसे में प्रदेश के कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली पहचान नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी हार्दिक बधाई

    प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. आनन्द पाण्डेय और घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    मंत्री अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती कला, संस्कृति और सृजनशीलता की अनमोल विरासत से समृद्ध है। प्रदेश के सुदूर वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर कलाकारों का राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है।

    उन्होंने कहा कि डॉ. आनन्द पाण्डेय और घनश्याम साहू की उपलब्धि प्रदेश की युवा पीढ़ी, रंगकर्मियों, साहित्यकारों और सिनेमा से जुड़े रचनाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। दोनों कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और कला साधना से यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की अपार संभावनाएं हैं।

    मंत्री अग्रवाल ने दोनों कलाकारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश के कलाकारों की ऐसी उपलब्धियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाती हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करती हैं।

    छत्तीसगढ़ के इन दोनों कलाकारों को प्राप्त राष्ट्रीय सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश की सामूहिक सांस्कृतिक चेतना, कला साधना और रचनात्मक प्रतिभा का सम्मान है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि  है।

  • जनसेवा से विकसित भारत के संकल्प तक, नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की यात्रा पर विशेष नजर

    जनसेवा से विकसित भारत के संकल्प तक, नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की यात्रा पर विशेष नजर

    विशेष लेख

    सेवा के 25 वर्ष: जनकल्याण, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प की प्रेरक यात्रा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों का सेवाकाल राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण को समर्पित

    रायपुर 

    भारतीय संस्कृति में सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन का सर्वाेच्च संस्कार है। सेवा की यही भावना व्यक्ति को स्वयं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष इसी सेवा, समर्पण, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा के प्रतीक हैं।

    7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जनसेवा का दायित्व संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के इन 25 वर्षों में जनकल्याण और राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा विकास, दृढ़ संकल्प और जनविश्वास की मिसाल रही है। उन्होंने शासन को केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनाया है।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से करोड़ों परिवारों को पक्के घर का सहारा मिला है। उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से राहत दिलाई, आयुष्मान भारत ने जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की और स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के साथ महिलाओं के सम्मान एवं गरिमा को मजबूत किया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से नागरिकों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।

    जनधन योजना, डिजिटल इंडिया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ने सरकारी योजनाओं की पहुंच को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया है। किसान सम्मान निधि, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया और कौशल विकास जैसी पहलों ने किसानों, युवाओं और उद्यमियों को नए अवसर प्रदान किए हैं। इन प्रयासों का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के साथ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को भी नई दिशा दी है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का विकास और देश के प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुविधाओं का विस्तार भारतीय संस्कृति के गौरव को नई पहचान दे रहा है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प और आजीविका के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

    छत्तीसगढ़ भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। प्रदेश में पर्यटन स्थलों के विकास, जनजातीय संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय कलाकारों एवं शिल्पकारों को प्रोत्साहन देने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान ने जनसेवा और जनभागीदारी को नई ऊर्जा प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के अंतर्गत 12 प्रमुख पहलों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

    ‘आशीर्वाद का दीया’ ने सेवा, आभार और सकारात्मकता का संदेश दिया, वहीं ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ ने बच्चों और विद्यार्थियों को विकसित भारत की अपनी कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ और ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ जैसी पहलों ने कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचाया।

    ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहन मिला। ‘सेवा की कहानी’ ने जनकल्याणकारी योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सामने लाया। ‘सेवा संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ और ‘सेवा मेरा योगदान’ जैसी पहलों ने सामाजिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।

    इसी प्रकार ‘सेवा सेतु अभियान’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ ने नागरिकों को शासकीय सेवाओं से जोड़ने तथा प्रशासन को अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने का संदेश दिया। ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ ने युवाओं की नई सोच और नवाचार को प्रोत्साहित किया। इन गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है।

    17 अक्टूबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान का औपचारिक समापन हो रहा है। बीते एक महीने में इस अभियान ने सेवा, स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता, रचनात्मकता और जनभागीदारी की भावना को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया है। लेकिन इस अभियान की वास्तविक सार्थकता तभी होगी, जब सेवा का यह संकल्प हमारे दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार का स्थायी हिस्सा बने।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की सेवा-यात्रा हमें प्रेरित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर परिश्रम और जनभागीदारी से बड़े परिवर्तन संभव हैं। विकसित भारत का निर्माण तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपने दायित्वों को समझते हुए समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देगा।

    मैं छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, कलाकारों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने सेवा संकल्प अभियान की भावना को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। आइए, हम सब संकल्प लें कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता, बेटियों की शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक सद्भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे।

    सेवा संकल्प अभियान का समापन एक आयोजन का अंत है, सेवा भावना का नहीं। यह जनकल्याण, सुशासन और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में नए संकल्पों की शुरुआत है। सेवा को संस्कार, जनभागीदारी को शक्ति और राष्ट्र निर्माण को अपना साझा संकल्प बनाकर ही हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने को साकार कर सकेंगे।

    राजेश अग्रवाल
    कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

  • मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी झाड़ू-बेलचा, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी झाड़ू-बेलचा, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

    सेवा संकल्प अभियान

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी बेलचा और झाड़ू, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

    ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना के साथ ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार और तालाब किनारे चलाया स्वच्छता अभियान

    आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों के शासकीय कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी हुई स्वच्छता गतिविधियां

    रायपुर, 
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को साकार करते हुए सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में बुधवार को ‘स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायत तराजू में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों के साथ साप्ताहिक बाजार स्थल एवं तालाब के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश दिया।

    अभियान के दौरान अग्रवाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर सार्वजनिक स्थल की सफाई की और ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा।

    अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपने घर और परिसर के साथ ही बाजार, तालाब, सड़क तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छता का उद्देश्य वास्तविक रूप में साकार होगा। उन्होंने ओडीएफ प्लस के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी ग्रामीणों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

    ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार स्थल और तालाब किनारे आयोजित सामूहिक श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, जलस्रोतों एवं उनके आसपास गंदगी नहीं फैलाने और गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करने का संदेश दिया गया।

    सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियां केवल ग्राम तराजू तक सीमित नहीं रहीं। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। अधिकारी-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वच्छताग्राहियों ने श्रमदान करते हुए कार्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों की साफ-सफाई की। इसके माध्यम से ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को जन-जन तक पहुंचाते हुए ग्रामीणों को अपने गांव और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

    ग्राम तराजू में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, राकेश अग्रवाल, राकेश साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि राजेंद्र जायसवाल, दिनेश बारी, दिनेश साहू, जनपद सदस्य श्रीमती रजनी पैंकरा सहित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताग्राही एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल

    मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल

    खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश

    नवजात की खबर मिलते ही सीएचएमओ से फोन पर की चर्चा, स्वास्थ्य की ली जानकारी

    मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल

    रायपुर
    सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में खुले खेत में असहाय अवस्था में मिली नवजात बच्ची की खबर सामने आने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्ची के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर नवजात को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा उसकी सुरक्षित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि इतनी छोटी बच्ची के उपचार और देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्ची को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आवश्यकता के अनुसार हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उसकी सुरक्षा और आगे के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    घटना की जानकारी मिलने पर अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक नवजात बच्ची का इस तरह असहाय अवस्था में मिलना बेहद पीड़ादायक है। इस समय सबसे महत्वपूर्ण उसका जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा है। बच्ची को केवल बेहतर उपचार ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण और भविष्य के लिए आवश्यक संरक्षण भी मिलना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि बच्ची के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उसके आगे के संरक्षण और पालन-पोषण से संबंधित प्रक्रिया में भी संबंधित विभाग संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

    दरिमा क्षेत्र में खेत के पास मिली नवजात बच्ची को ग्रामीणों की मदद से उपचार के लिए पहुंचाया गया था। बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    अग्रवाल ने बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नन्ही बच्ची जल्द स्वस्थ हो और उसके जीवन में खुशियों की नई सुबह आए। इस मासूम को उपचार के साथ सुरक्षा, संरक्षण और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित वातावरण मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।

  • बीटूबी बैठकों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल, नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को मिला मंच

    बीटूबी बैठकों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल, नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को मिला मंच

    ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ में देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञों का संगम

    बीटूबी बैठकों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल, नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को मिला मंच

    पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और महिला-जनजातीय सशक्तिकरण से जोड़ने पर जोर, उत्कृष्ट पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित

    विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़- राजेश अग्रवाल

    रायपुर,
     विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने अपने समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन किया गया। आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ पड़ोसी राज्यों के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालक, पर्यटन संस्थाओं तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।

    इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ को केवल एक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबार के संभावनाशील बाजार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। बीटूबी बैठकों के माध्यम से पर्यटन कारोबारियों के बीच सीधे व्यावसायिक संवाद, नए टूर पैकेज तैयार करने, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने, निवेश की संभावनाओं को तलाशने तथा प्रदेश के पर्यटन उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे मुख्य अतिथि

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया, कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    छत्तीसगढ़ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है।

    अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण बिजनेस प्लेटफॉर्म है। इस प्रकार के आयोजन से व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने और छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

    400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ीं

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा।

    पर्यटन को स्थानीय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाने पर जोर

    पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में परिवर्तित करते हुए अन्य राज्यों एवं देशों के साथ पर्यटन साझेदारी विकसित करनी होगी। उन्होंने आयोजन में बने नए संपर्कों और साझेदारियों को वास्तविक पर्यटन विकास में परिवर्तित करने तथा डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।

    डिजिटल तकनीक और एआई से वैश्विक पर्यटन बाजार में नई पहुंच

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘डिजिटल एजेन्डा एन्ड आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स टू रिडिजाइन टूरिज्म’ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। पर्यटन संबंधी जानकारी, डिजिटल प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।

    प्रस्तुतीकरण में चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार सहित छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक, जनजातीय, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक पर्यटन स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

    चौबे ने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज एवं पर्यटक सुविधाओं सहित विभिन्न पहलें प्रगति पर हैं।

    पर्यटन उद्योग का दर्जा मिलने से विकास को नई दिशा

    छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया ने कहा कि लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद इस प्रकार का महत्वपूर्ण आयोजन पुनः होना प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पर्यटन का उद्योग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। पर्यटन के क्षेत्र में गतिशीलता, समयबद्धता और बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है तथा शासन, पर्यटन विभाग और सभी हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा।

    राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबारियों की सहभागिता से बढ़ा आयोजन का दायरा

    आयोजन स्थल पर विभिन्न टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स एवं पर्यटन संस्थाओं द्वारा प्रमोशनल स्टॉल लगाए गए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं धमतरी जिला प्रशासन ने भी अपने पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए स्टॉल लगाए। देश के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी राज्यों के पर्यटन कारोबारियों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

    बीटूबी बैठक में पर्यटन कारोबार को मिले नए अवसर

    ट्रैवल एजेंट्स एवं अन्य पर्यटन हितधारकों के बीच बीटूबी बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने तथा प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बीटूबी संवाद के माध्यम से पर्यटन कारोबारियों को सीधे एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर मिला। इससे भविष्य में छत्तीसगढ़ केंद्रित नए टूर पैकेज तैयार होने, पर्यटकों के नए समूह प्रदेश में आने, होटल-होमस्टे एवं स्थानीय पर्यटन सेवाओं की मांग बढ़ने तथा पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को गति मिलने की संभावनाएं बनी हैं।

    छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगा व्यापक बाजार, बढ़ेंगे रोजगार और स्थानीय आय के अवसर

    ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव छत्तीसगढ़ के पर्यटन उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने के रूप में देखा जा सकता है। देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स के साथ बने व्यावसायिक संपर्क भविष्य में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को उनके टूर पैकेज में शामिल करने का आधार बन सकते हैं।

    पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ होटल, होम-स्टे, स्थानीय परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य पर्यटन सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावनाएं हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं, महिला समूहों, कारीगरों, कलाकारों और ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों को मिल सकता है।

    इस आयोजन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को ‘डेस्टिनेशन’ के साथ-साथ ‘अनुभव आधारित पर्यटन उत्पाद’ के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला है। जनजातीय संस्कृति, वन्यजीवन, जलप्रपात, धार्मिक पर्यटन, पुरातात्विक विरासत, साहसिक पर्यटन और होम-स्टे को एकीकृत कर तैयार किए जाने वाले पैकेज प्रदेश में पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को व्यापक बनाने में सहायक हो सकते हैं।

    पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मान

    कार्यक्रम में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

    बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को, बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव को, बेस्ट होटल अवार्ड एम्बिशन जगदलपुर को, बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड डी. रमेश कैंप वन्स को, बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप अवार्ड हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी को, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर अवार्ड ट्रिपी हिल्स, जशपुर के सौरभ सिंह को तथा बेस्ट होम-स्टे अवार्ड धुरवा डेरा के मानसिंह को प्रदान किया गया।

    इसी क्रम में बेस्ट इन्फ्लुएंसर का पुरस्कार अनुपम सिन्हा को, बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर व स्टार परफॉर्मर सीटीबी का पुरस्कार डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम तथा बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसोर्ट सीटीबी का पुरस्कार इको हरेली रिसॉर्ट बारनवापारा के सुभाष ठाकुर एवं टीम को प्रदान किया गया। सभी पुरस्कारों के अंतर्गत ₹11,000 की राशि का चेक, मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

    जीपीएम के पुरातात्विक स्थलों पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन

    कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थल धनपुर पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘धनपुर‘ का विमोचन भी किया गया। यह प्रकाशन जिले की पुरातात्विक एवं विरासत संपदा को पर्यटन के दृष्टिकोण से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

    विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन को स्थानीय से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बिजनेस कनेक्ट के रूप में सामने आया। प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, आध्यात्मिक स्थलों और साहसिक पर्यटन की विविधता से समृद्ध छत्तीसगढ़ के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबारियों के साथ बने ये संपर्क आने वाले समय में नए पर्यटन पैकेज, पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही, निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार के अवसर तैयार कर सकते हैं।

  • छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – राजेश अग्रवाल

    छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – राजेश अग्रवाल

    विश्व पर्यटन दिवस पर ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन

    छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की पहल, देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

    बीटूबी बैठक में पर्यटन कारोबारियों के बीच व्यावसायिक साझेदारी पर जोर, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित

    छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – राजेश अग्रवाल

    रायपुर, 
    विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में किया गया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ना, पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देना तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों, विशेषकर पड़ोसी राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया, कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है।

    अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ पर्यटन कारोबारियों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

    पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने बताया आयोजन का उद्देश्य

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीटूबी बैठक के माध्यम से नए पर्यटन पैकेज तैयार करने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने के अवसर मिले हैं। उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहयोग करने का आह्वान किया।

    400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं

    नीलू शर्मा ने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा।

    डिजिटल तकनीक और एआई से पर्यटन को नई दिशा देने पर जोर

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने अपने प्रस्तुतीकरण में विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम क्पहपजंस ।हमदकं ंदक ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम जव त्मकमेपहद ज्वनतपेउ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने और नई संभावनाओं की तलाश की आवश्यकता है। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पर्यटन संबंधी जानकारी, प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है।

    प्रस्तुतीकरण में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, जलप्रपात, वन्यजीव, गुफाएं, जनजातीय संस्कृति, सामुदायिक पर्यटन, होम-स्टे, साहसिक पर्यटन और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन एवं विरासत स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

    उन्होंने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ पर्यटन विकास की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज एवं सुविधाओं सहित विभिन्न पहलें प्रगति पर हैं।

    स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कार्य

    पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में परिवर्तित करते हुए अन्य राज्यों एवं देशों के साथ पर्यटन साझेदारी विकसित करनी होगी।

    डॉ. भारतीदासन ने कहा कि आज के आयोजन का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यहां बने नए संपर्कों और साझेदारियों को वास्तविक पर्यटन विकास में परिवर्तित करना होना चाहिए। डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है।

    पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से नई दिशा

    छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया ने कहा कि लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद इस प्रकार का महत्वपूर्ण आयोजन पुनः होना प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पर्यटन का उद्योग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। पर्यटन के क्षेत्र में गतिशीलता, समयबद्धता और बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है तथा शासन, पर्यटन विभाग और सभी हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा।

    राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में दिखी पर्यटन उद्योग की सहभागिता

    आयोजन स्थल पर विभिन्न टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स एवं पर्यटन संस्थाओं द्वारा प्रमोशनल स्टॉल लगाए गए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं धमतरी जिला प्रशासन ने भी अपने पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए स्टॉल लगाए। देश के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी राज्यों के पर्यटन कारोबारियों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।

    ट्रैवल एजेंट्स एवं अन्य पर्यटन हितधारकों के बीच बीटूबी बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने तथा प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस प्रकार आयोजन ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जुड़े हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बिजनेस कनेक्ट मंच का स्वरूप लिया।

    पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

    कार्यक्रम में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को, बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव को, बेस्ट होटल अवार्ड एम्बिशन जगदलपुर को, बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड डी. रमेश कैंप वन्स को, बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप अवार्ड हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी को, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर अवार्ड ट्रिपी हिल्स, जशपुर के सौरभ सिंह को तथा बेस्ट होम-स्टे अवार्ड धुरवा डेरा के मानसिंह को प्रदान किया गया।

    इसी क्रम में बेस्ट इन्फ्लुएंसर का पुरस्कार अनुपम सिन्हा को, बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर/स्टार परफॉर्मर सीटीबी का पुरस्कार डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम तथा बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसोर्ट सीटीबी का पुरस्कार इको हरेली रिसॉर्ट, बारनवापारा के सुभाष ठाकुर एवं टीम को प्रदान किया गया। सभी पुरस्कारों के अंतर्गत ₹11,000 की राशि का चेक, मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थलों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।

  • दाऊ मंदराजी की विरासत छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर – राजेश अग्रवाल

    दाऊ मंदराजी की विरासत छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर – राजेश अग्रवाल

    दाऊ मंदराजी की विरासत छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर – राजेश अग्रवाल
     
    पुण्यतिथि पर संस्कृति मंत्री ने नाचा के पुरोधा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य ‘नाचा’ को नई पहचान और विशिष्ट स्वरूप प्रदान करने वाले महान लोक कलाकार दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की पुण्यतिथि पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दाऊ मंदराजी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और नाचा की परंपरा को समृद्ध करने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।

    संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दाऊ दुलार सिंह मंदराजी ने नाचा को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहने दिया, बल्कि उसे छत्तीसगढ़ के जनजीवन, लोकभाषा, सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक भावनाओं को अभिव्यक्त करने वाले सशक्त लोकमंच के रूप में विकसित किया। उनका पूरा जीवन लोककला और कलाकारों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कलाकारों को संगठित कर ‘रैली रिगनी साज’ नाचा दल बनाया, जो छत्तीसगढ़ की पहली नाचा पार्टी है।

    श्री अग्रवाल ने कहा कि दाऊ मंदराजी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की सहजता, हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों को नाचा के माध्यम से प्रभावी अभिव्यक्ति दी। उनके प्रयासों से नाचा को गांवों की सीमाओं से आगे व्यापक पहचान मिली और अनेक प्रतिभाशाली लोक कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का मंच प्राप्त हुआ।

    संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक परंपराओं, लोककलाओं और लोक कलाकारों से है। दाऊ मंदराजी जैसे महान कलाकारों ने अपनी साधना से इन परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का कार्य किया। उनके योगदान से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी की स्मृति में राज्य सरकार द्वारा लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में ‘दाऊ मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाना भी उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम दाऊ दुलार सिंह मंदराजी को नमन करते हुए छत्तीसगढ़ की लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी तक उसके विस्तार का संकल्प लेते हैं।

    उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का जीवन यह संदेश देता है कि अपनी मिट्टी, अपनी बोली और अपनी लोक परंपराओं से जुड़कर भी कला को व्यापक पहचान दिलाई जा सकती है। छत्तीसगढ़ी नाचा के इस महान साधक की कला-साधना और योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

  • पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से मिला ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल

    पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से मिला ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल

    छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से की सौजन्य भेंट, विश्व पर्यटन दिवस समारोह के लिए किया आमंत्रित

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया के मानचित्र पर और अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन (CTTA) के प्रतिनिधिमंडल ने आज पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने अग्रवाल को 27 सितंबर को आयोजित होने वाले विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया और कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी।

    प्रतिनिधिमंडल ने राजेश अग्रवाल के साथ छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों के लिए सुविधाओं के विस्तार, पर्यटन स्थलों के प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों की सहभागिता बढ़ाने से संबंधित विभिन्न सुझाव भी साझा किए गए।

    राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से पर्यटन क्षेत्र के विकास को लेकर विचार-विमर्श करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं, प्रभावी प्रचार-प्रसार और निजी क्षेत्र की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल भ्रमण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। पर्यटन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं, महिलाओं, कारीगरों, कलाकारों, होम-स्टे संचालकों और छोटे व्यवसायियों को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय से छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के सुझावों और अनुभवों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से प्रदेश की पर्यटन क्षमता को और अधिक प्रभावी रूप से सामने लाया जा सकता है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल की सहभागिता का आग्रह किया। अग्रवाल ने आमंत्रण सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आश्वासन दिया।

    विश्व पर्यटन दिवस के आयोजन को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह अवसर छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं, विविध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच होगा।

    प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए दिए जा रहे मार्गदर्शन एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पर्यटन विभाग, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संगठनों और स्थानीय हितधारकों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

    राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को नई पहचान दिलाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता, बेहतर सुविधाएं और प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर ‘राम-नामी’ की टीम को मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई

    राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर ‘राम-नामी’ की टीम को मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई

    ‘राम-नामी’ फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जताया हर्ष, निर्देशक भारतबाला गणपति सहित पूरी टीम को दी शुभकामनाएं

    रामनामी की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय पहचान मिलना हम सभी के लिए गौरव का विषय – राजेश अग्रवाल

    रायपुर
    रामनामी समुदाय की अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री’ का प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक भरतबाला गणपति सहित निर्माता एवं पूरी फिल्म टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। यह सम्मान केवल एक उत्कृष्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म को मिला पुरस्कार नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और पीढ़ियों से चली आ रही विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान भी है।

    उन्होंने कहा कि रामनामी समुदाय की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का विशिष्ट उदाहरण है। अपनी अनूठी आस्था, परंपराओं और जीवन मूल्यों के माध्यम से रामनामी समाज ने प्रदेश की लोक संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री ने इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा को प्रभावी ढंग से देश के व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया है।

    अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक भारतबाला गणपति और पूरी टीम के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसी लोक परंपरा को संवेदनशीलता और प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिल्म से जुड़े प्रत्येक कलाकार, तकनीकी विशेषज्ञ, निर्माता और सहयोगी इस सम्मान के सहभागी हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत व्यापक और विविधतापूर्ण है। यहां की लोककलाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, जनजातीय परंपराएं, धार्मिक आस्थाएं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। ‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान इन समृद्ध परंपराओं को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘राम-नामी’ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के अन्य लोक कलाकारों, रचनाकारों, फिल्मकारों और सांस्कृतिक कर्मियों को भी अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक विरासत को रचनात्मक माध्यमों से सामने लाने के लिए प्रेरित करेगा।

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशक भरतबाला गणपति हैं।

    संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भारतबाला गणपति एवं ‘राम-नामी’ फिल्म की पूरी टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश के राष्ट्रीय पटल पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।

  • चंपारण्य बनेगा राष्ट्रीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र, ₹73.42 करोड़ से होगा विकास

    चंपारण्य बनेगा राष्ट्रीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र, ₹73.42 करोड़ से होगा विकास

    चंपारण्य में ₹73.42 करोड़ के महाप्रभु वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स को केंद्र की मंजूरी

    राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा चंपारण्य, करीब 15 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का होगा विस्तार

    चंपारण्य को राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम – राजेश अग्रवाल

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रायपुर जिले के चंपारण्य में लगभग 73.42 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित “वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स” परियोजना को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति  CSMC ने स्वीकृति प्रदान की है। सीएसएमसी स्वदेश दर्शन 2.0 की केंद्रीय समिति है, जो मिशन निदेशालय की अनुशंसाओं के आधार पर परियोजनाओं की स्वीकृति पर विचार करती है। परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा किया जाएगा तथा इसके लिए 18 माह की प्रस्तावित कार्यान्वयन अवधि निर्धारित की गई है।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना की स्वीकृति पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यटन, विशेषकर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास को नई गति मिल रही है। चंपारण्य छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मस्थली को बेहतर पर्यटक सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी। हमारा प्रयास होगा कि महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मस्थली की गरिमा और धार्मिक स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त सुविधाएं विकसित हों। यह परियोजना चंपारण्य को देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों के बीच और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित करने में सहायक होगी।

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। चंपारण्य परियोजना की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के आध्यात्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 

    परियोजना की स्वीकृति के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय पर्यटन एवं  संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया।

    महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मस्थली चंपारण्य देशभर में वैष्णव श्रद्धालुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल है। प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य चंपारण्य को केवल तीर्थ यात्रा के एक पड़ाव तक सीमित न रखते हुए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, विरासत एवं अनुभव-आधारित पर्यटन के एक समग्र केंद्र के रूप में विकसित करना है। परियोजना के माध्यम से पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने, उनके ठहराव की अवधि बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में महाप्रभु वल्लभाचार्य जी से संबंधित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स में म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर, कथा ग्राउंड, ओपन एयर थिएटर, वेलनेस एवं मेडिटेशन सुविधाएं, श्रद्धालुओं के लिए आवास एवं डॉरमेटरी, मल्टीपर्पज हॉल, रेस्टोरेंट और वेंडर शॉप्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    परियोजना में यज्ञ कुंड एवं जल कुंड का उन्नयन, तालाब विकास, दिव्य पाथवे एवं कवर्ड पाथवे, पार्किंग, साइनेज और लैंडस्केपिंग सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं का भी विकास प्रस्तावित है। यह श्रद्धालुओं के साथ-साथ परिवारों, सांस्कृतिक पर्यटकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और वेलनेस पर्यटन से जुड़े पर्यटकों के लिए भी आकर्षक अनुभव होगा।

    परियोजना की परिकल्पना इस प्रकार की गई है कि चंपारण्य आने वाले श्रद्धालुओं को महाप्रभु वल्लभाचार्य जी के जीवन, दर्शन और विरासत से परिचित होने का अवसर मिले। सामान्य पर्यटकों के लिए आधे से पूरे दिन तक के प्रवास तथा धार्मिक आयोजनों एवं वेलनेस गतिविधियों के दौरान अधिक अवधि तक ठहरने की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है।

    परियोजना की डीपीआर एवं कार्य-सीमा तैयार है और स्वीकृति के बाद निविदा प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद चंपारण्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक, विरासत, शिक्षा और वेलनेस पर्यटन की गतिविधियों को भी विस्तार मिलेगा। इससे पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित करने की दिशा में भी मदद मिलेगी।